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सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए जजमेंट के खिलाफ कीर्ति चिंदबरम की पुनर्विचार याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए जजमेंट के खिलाफ कीर्ति चिंदबरम की पुनर्विचार याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें विजय मदनलाल चौधरी बनाम भारत संघ में 27 जुलाई के अपने फैसले की समीक्षा की मांग की गई थी, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत दी गई गिरफ्तारी, कुर्की और तलाशी और जब्ती की शक्ति को बरकरार रखा गया था।सीजेआई एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के प्रावधानों को कायम रखने वाले फैसले के दो...

बिलकिस बानो मामला- सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार द्वारा 11 दोषियों को छूट देने के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
बिलकिस बानो मामला- सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार द्वारा 11 दोषियों को छूट देने के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिलकिस बानो मामले में गैंगरेप और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए 11 दोषियों को समय से पहले रिहा करने की गुजरात सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एनवी रमना, जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने हालांकि दोषियों को छूट देने पर कानूनी रोक के संबंध में एक प्रश्न रखा।जस्टिस रस्तोगी ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल से पूछा,"सिर्फ इसलिए कि कृत्य भयानक था, क्या यह कहना पर्याप्त...

जब कानून में कोई अवधि निर्दिष्ट न हो तो भी उचित अवधि के भीतर कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
जब कानून में कोई अवधि निर्दिष्ट न हो तो भी उचित अवधि के भीतर कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब कानून में किसी कार्यवाही के लिए कोई अवधि का जिक्र नहीं होता है, तो अधिकारियों को उचित अवधि के भीतर कार्यवाही शुरू करने की आवश्यकता होती है।जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने वर्ष 1992-1993 के कुछ लेनदेन की व्याख्या करने के लिए कुछ बैंकों के खिलाफ वर्ष 2002 में जारी 'कारण बताओ नोटिस' रद्द कर दिया।इस मामले में सिटी बैंक, बैंक ऑफ अमेरिका और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के खिलाफ फेरा के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी रिट याचिकाओं को...

पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला: सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कमेटी ने फिरोजपुर के एसएसपी को जिम्मेदार ठहराया
पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला: सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त कमेटी ने फिरोजपुर के एसएसपी को जिम्मेदार ठहराया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति के अनुसार, पंजाब के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस, जनवरी 2022 में पंजाब की अपनी यात्रा के दौरान प्रधान मंत्री की सुरक्षा (PM Modi Security Lapse) सुनिश्चित करने में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे।जनवरी 2022 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा चूक की जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई भारत के चीफ जस्टिस एन.वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने की।इससे पहले कोर्ट ने मामले की जांच के...

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने 29 फोन में से 5 में मैलवेयर पाया, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह पेगासस है या नहीं; कोर्ट ने कहा- केंद्र ने सहयोग नहीं किया
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने 29 फोन में से 5 में मैलवेयर पाया, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह पेगासस है या नहीं; कोर्ट ने कहा- केंद्र ने सहयोग नहीं किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को पेगासस स्पाइवेयर (Pegasus) का उपयोग करके अवैध निगरानी के आरोपों की जांच कर रही स्वतंत्र कमेटी द्वारा प्रस्तुत सीलबंद कवर रिपोर्ट को रिकॉर्ड में ले लिया।भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि भारत सरकार ने कमेटी के साथ सहयोग नहीं किया और यह खुलासा नहीं करने के अपने पिछले रुख को दोहराया कि क्या उसने नागरिकों पर जासूसी करने के लिए स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया है।पीठ ने यह भी कहा कि कमटी को 29 में से 5 उपकरणों...

प्ली बारगेनिंग : आरोपी के दोष स्वीकार ना करके कम सजा के लिए सहमति के विकल्प तलाश रहा है सुप्रीम कोर्ट
प्ली बारगेनिंग : आरोपी के दोष स्वीकार ना करके कम सजा के लिए सहमति के विकल्प तलाश रहा है सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट "प्ली बारगेनिंग" (अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के बीच एक समझौता जिसमें बचाव पक्ष अपराध स्वीकार करता है और अभियोजन पक्ष सज़ा कम करने का प्रयास करता है) की अवधारणा को लोकप्रिय बनाने के विकल्प तलाश रहा है।हालांकि, कोर्ट ने कहा कि अपराध के दाग को झेलने के डर से आरोपी व्यक्तियों द्वारा "प्ली बारगेनिंग" विकल्प का लाभ उठाने के लिए अनिच्छा सबसे बड़ी बाधा है। कई बार अभियुक्तों को किसी विशेष अपराध के तहत अपनी दोषसिद्धि को स्वीकार करने में हिचकिचाहट होती है जिसके कारण अन्य सिविल परिणाम हो सकते...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
राज्य पर वित्तीय बोझ पेंशन के संशोधन के भुगतान के लिए कट ऑफ डेट तय करने का वैध आधार हो सकता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा राज्य सिविल सेवा (संशोधित पेंशन) नियमों के नियम 3 (3) को बरकरार रखते हुए कहा कि राज्य पर वित्तीय बोझ पेंशन के संशोधन के भुगतान के लिए कट ऑफ डेट तय करने का एक वैध आधार हो सकता है।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने त्रिपुरा हाईकोर्ट के उस फैसले को निरस्त कर दिया, जिसमें नियम 3(3) को रद्द कर दिया गया था।हाईकोर्ट ने कहा था कि नियम मनमाना है और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है और इसके परिणामस्वरूप राज्य को मूल रिट याचिकाकर्ता को 1 01.03.2007 से...

सीजेआई रमना रिटायरमेंट से एक दिन पहले पेगासस, बिलकिस बानो, पीएमएलए जैसे महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करेंगे
सीजेआई रमना रिटायरमेंट से एक दिन पहले पेगासस, बिलकिस बानो, पीएमएलए जैसे महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करेंगे

भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना (CJI Ramana) सुप्रीम के जज के रूप में रिटायरमेंट से एक दिन पहले (25 अगस्त) महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करेंगे।गुरुवार को सीजेआई रमना छह अलग-अलग बेंच कॉम्बिनेशन में बैठे हैं और पेगासस, बिलकिस बानो रिमिशन, पीएमएलए जैसे महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करेंगे।10.30 बजे, सीजेआई दीवानी अपीलों के एक बैच में फैसला सुनाने के लिए जस्टिस कृष्णा मुरारी और जस्टिस हेमा कोहली के साथ बैठेंगे।फैसले के बाद, सीजेआई रमना पेगासस मामले की सुनवाई के लिए जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस हेमा कोहली...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने 2007 में हेट स्पीच का आरोप लगाते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर 2007 में हेट स्पीच का आरोप लगाने के एक मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी से इनकार करने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस सीटी रवि कुमार की पीठ ने की।याचिकाकर्ता परवेज परवाज ने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ ने 27 जनवरी, 2007 को गोरखपुर में आयोजित एक बैठक में "हिंदू युवा वाहिनी" कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुस्लिम विरोधी अभद्र टिप्पणी की...

सुप्रीम कोर्ट ने BCCI मामले को जस्टिस चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच को भेजा
सुप्रीम कोर्ट ने BCCI मामले को जस्टिस चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच को भेजा

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से संबंधित मामलों की सुनवाई करेगी।बीसीसीआई ने अब अपने संविधान में संशोधन की अनुमति के लिए आवेदन दिया है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने जब मामला बुधवार को आया तो सीजेआई एनवी रमना ने बताया कि BCCI मामले में पिछला आदेश अगस्त, 2018 में तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस एएम खानविलकर की पीठ द्वारा पारित किया गया था।पिछली बेंच के सदस्यों में से सुप्रीम कोर्ट में...

मुफ्त में चीजें बांटने का मुद्दा: केंद्र सरकार चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुला रही है? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा
मुफ्त में चीजें बांटने का मुद्दा: केंद्र सरकार चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुला रही है? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि वह चुनावी फ्रीबीज से संबंधित मुद्दों को निर्धारित करने के लिए "सर्वदलीय बैठक" क्यों नहीं बुली रही है।अपनी पिछली सुनवाई में, अदालत ने इस मुद्दे की जटिल प्रकृति को स्वीकार करते हुए कहा था कि अदालत का इरादा इस मुद्दे पर व्यापक सार्वजनिक बहस शुरू करना है और इसी उद्देश्य के लिए एक विशेषज्ञ निकाय का गठन किया गया।आज कोर्ट में क्या हुआ?शुरू में याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा कि उनके अनुसार उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जैसे...

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को आरे में कोई पेड़ नहीं काटने के अंडरटेंकिग पर बाध्य रहने का निर्देश दिया, अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी
सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को आरे में कोई पेड़ नहीं काटने के अंडरटेंकिग पर बाध्य रहने का निर्देश दिया, अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को दोहराया कि मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (MMRCL) अपने पहले के हलफनामे से बाध्य होगा जिसमें कहा गया था कि 7 अक्टूबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आरे फॉरेस्ट (Aarey Forest) में कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा।पिछली सुनवाई के दौरान एमएमआरसीएल ने कोर्ट को बताया था कि आरे जंगल में पेड़ों की कोई कटाई नहीं की गई है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि केवल कुछ शाखाओं की ट्रिमिंग की गई है और कोई पेड़ नहीं काटा गया है।तदनुसार, जस्टिस यूयू ललित,...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
एमएसीपी योजना एक सितंबर 2008 से लागू, वित्तीय उन्नयन का अधिकार निकटमत अगले ग्रेड वेतन के लिए है न कि अगले पदोन्नति पद के लिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति योजना (MACP) 01.09.2008 से लागू है न कि 01.01.2006 से, जिस तारीख से छठे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें प्रभावी हैं। कोर्ट ने कहा कि एमएसीपी के तहत निकटतम अगले ग्रेड पे के बराबर वित्तीय उन्नयन का अधिकार है और न कि निकतटम अगले पदोन्नति पद के लिए।यूनियन ऑफ इंडिया (यूनियन ऑफ इंडिया बनाम एक्स एचसी/जीडी वीरेंद्र सिंह और संबंधित मामलों) की ओर से दायर अपीलों के एक बैच पर फैसला करते हुए जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने...

सुप्रीम कोर्ट आईआईटी-जेईई (मेन्स) में तकनीकी गड़बड़ियों के मुद्दे को उठाने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा
सुप्रीम कोर्ट आईआईटी-जेईई (मेन्स) में तकनीकी गड़बड़ियों के मुद्दे को उठाने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) आईआईटी-जेईई (मेन्स) परीक्षा 2022 में तकनीकी गड़बड़ियों के मुद्दे को उठाने वाली एक रिट याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए सहमत हो गया।एक वकील ने जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया और 28 अगस्त को होने वाली IIT-JEE (एडवांस्ड) परीक्षा से पहले तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया।वकील ने उल्लेख किया कि भारत के चीफ जस्टिस ने मामले को "उपयुक्त पीठ" के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है, लेकिन मामले को अब तक सूचीबद्ध नहीं किया गया...

हाथरस मामले में जमानत देने से इनकार करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सिद्दीकी कप्पन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा
हाथरस मामले में जमानत देने से इनकार करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सिद्दीकी कप्पन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) हाथरस मामले (Hathras Case) में जमानत देने से इनकार करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सिद्दीकी कप्पन (Siddique Kappan) की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के लिए सहमत हो गया है।एडवोकेट हारिस बीरन द्वारा तत्काल उल्लेख के बाद सीजेआई एनवी रमना मामले की सुनवाई के लिए सहमत हुए।एडवोकेट पल्लवी प्रताप के माध्यम से दायर विशेष अनुमति याचिका में, कप्पन ने कहा कि उनकी यात्रा का इरादा हाथरस बलात्कार / हत्या के कुख्यात मामले पर रिपोर्टिंग के अपने पेशेवर कर्तव्य का निर्वहन...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
धारा 96-100 सीपीसी - कोई व्यक्ति जो किसी निर्णय/ डिक्री से प्रभावित है लेकिन वाद का पक्षकार नहीं है, अदालत की अनुमति से अपील कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक व्यक्ति जो किसी फैसले से प्रभावित है, लेकिन वादका पक्ष नहीं है, वह अदालत की अनुमति से अपील कर सकता है।सीजेआई एनवी रमना, जस्टिस कृष्णा मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि तीसरे पक्ष द्वारा अपील दायर करने के लिए अनिवार्य शर्त यह है कि वह फैसले और डिक्री के कारण प्रभावित हुआ हो, जिसे लागू करने की मांग की गई है।इस मामले में वर्ष 1953 में वाद दायर करने वाले वादी ने 'असमान जाही पैगाह' नाम की नवाब की संपत्तियों के बंटवारे की मांग की थी। यह मुकदमा अंततः आंध्र...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को झारखंड मवेशी व्यापारी लिंचिंग मामले में सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को झारखंड के पशु व्यापारियों की लिंचिंग मामले में सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया। उक्त मामले में दो व्यक्ति (मजलूम अंसारी और इम्तियाज खान) मारे गए थे।जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस पी. नरसिम्हा ने कहा कि वे मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीशों से अनुरोध किया गया कि वे अपील पर शीघ्रता से और किसी भी मामले में एक वर्ष की अवधि के भीतर निर्णय लें।झारखंड हाईकोर्ट के फैसले और...

धारा 151 सीपीसी के तहत अंतर्निहित शक्ति केवल उन परिस्थितियों में लागू की जा सकती है जहां वैकल्पिक उपाय मौजूद नहीं हैं : सुप्रीम कोर्ट
धारा 151 सीपीसी के तहत अंतर्निहित शक्ति केवल उन परिस्थितियों में लागू की जा सकती है जहां वैकल्पिक उपाय मौजूद नहीं हैं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत अंतर्निहित शक्ति केवल उन परिस्थितियों में लागू की जा सकती है जहां वैकल्पिक उपाय मौजूद नहीं हैं।सीजेआई एनवी रमना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली पीठ ने कहा, "इस तरह की अंतर्निहित शक्ति वैधानिक प्रतिबंधों को खत्म नहीं कर सकती है या ऐसे उपाय नहीं कर सकती है, जिन पर संहिता के तहत विचार नहीं किया गया है। धारा 151 को नए वाद, अपील, संशोधन या पुनर्विचार दाखिल करने के विकल्प के रूप में लागू नहीं किया जा सकता है।"इस मामले में...

गर्भपात कराने के लिए एमटीपी नियमों के लाभ को अविवाहित महिलाओं तक पहुंचाने के तरीके तलाश रहा है सुप्रीम कोर्ट, फैसला सुरक्षित
गर्भपात कराने के लिए एमटीपी नियमों के लाभ को अविवाहित महिलाओं तक पहुंचाने के तरीके तलाश रहा है सुप्रीम कोर्ट, फैसला सुरक्षित

सुप्रीम कोर्ट मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 (अधिनियम) की धारा 3 (2) (बी) के लाभ को अविवाहित महिलाओं तक पहुंचाने के तरीके तलाश रहा है, ताकि वे भी गर्भपात की मांग कर सकें जो कि गर्भावस्था की 20 सप्ताह की अवधि से अधिक है लेकिन 24 सप्ताह से कम हैं।अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, ऐश्वर्या भाटी ने मंगलवार को अधिनियम के बजाय मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी नियमों में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। उनका विचार था कि नियमों की व्याख्या करना अधिक प्रभावी हो सकता है क्योंकि विवाहित और अविवाहित महिलाओं...