ताज़ा खबरें
सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रशासकों की कमेटी को समाप्त करने के आदेश के बाद फीफा ने एआईएफएफ से प्रतिबंध हटाया
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा एआईएफएफ के मामलों को संभालने के लिए प्रशासकों की समिति को समाप्त करने के आदेश के बाद फीफा (FIFA) ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) से प्रतिबंध हटा लिया है।एआईएफएफ से प्रतिबंध हटाने के परिणामस्वरूप, 11-30 अक्टूबर 2022 को होने वाला फीफा अंडर -17 महिला विश्व कप 2022 भारत में योजना के अनुसार आयोजित किया जाएगा।फीफा मीडिया द्वारा एक प्रेस रिलीज में कहा गया,"फीफा काउंसिल के ब्यूरो ने तीसरे पक्ष के अनुचित प्रभाव के कारण अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) पर लगाए...
"आईबी रिपोर्ट की तरह गलत": सीजेआई रमना ने तेलुगु रोमांटिक उपन्यास लिखने की उनकी योजना के बारे में एसजी की टिप्पणी का हल्के अंदाज़ में जवाब दिया
भारत के निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना के लिए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विदाई में भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सीजेआई रमना के साहित्य के प्रति प्रेम के बारे में बात की। हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी अनुसार सीजेआई रमना ने रिटायरमेंट के बाद एक रोमांटिक तेलुगु उपन्यास लिखने की योजना बनाई है।एसजी ने कहा,"बहुत विश्वसनीय स्रोतों से मैंने एक जानकारी एकत्र की है जिसे मैं सार्वजनिक करने जा रहा हूं। कानून के अलावा, मी लॉर्ड का एक अलग जुनून है और वह जुनून...
न्यायपालिका एक निर्णय से परिभाषित नहीं होती, एक अनुचित निर्णय के कारण आशा न खोएं : सीजेआई रमना ने विदाई संबोधन में कहा
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित अपने विदाई समारोह में बोलते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश, एनवी रमना ने कहा कि संस्था पर लोगों की आशा इतनी कमजोर नहीं हो सकती कि यह एक कथित अनुचित निर्णय से टूट जाए। हमारी न्यायपालिका किसी एक आदेश या निर्णय से परिभाषित नहीं होती है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने हमेशा खुद को सही किया है। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत संघर्ष याद किये, जिनका उन्होंने अपने जीवन में सामना किया और कहा कि उन्होंने अपनी यात्रा एक सुदूर गांव से शुरू की। उन्होंने कहा कि-" मेरे जीवन की...
अगले सीजेआई जस्टिस ललित ने लिस्टिंग, मेंशनिंग, संविधान पीठ के संबंध में बड़े सुधार करने का ऐलान किया
भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस उदय उमेश ललित ने अगले सीजेआई के रूप में अपने 74 दिनों के कार्यकाल के दौरान सुधारों के संबंध में तीन प्रमुख घोषणाएं कीं। निवर्तमान सीजेआई एनवी रमना के लिए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विदाई समारोह में बोलते हुए जस्टिस ललित ने निम्नलिखित घोषणाएं कीं।1. लिस्टिंग सिस्टम में और पारदर्शिता लाई जाएगी।2. संबंधित पीठों के समक्ष अत्यावश्यक मामलों का स्वतंत्र रूप से उल्लेख करने के लिए एक सिस्टम होगा।3. पूरे साल एक संविधान पीठ के कामकाज के लिए प्रयास...
भले ही चेक की डिटेल किसी अन्य व्यक्ति ने भरी हो, ड्रॉअर ही उत्तरदायी होगा; हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट धारा 139 एनआई एक्ट के तहत अनुमान का खंडन नहीं कर सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भले ही चेक में विवरण ड्रॉअर द्वारा नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भरा गया हो, चेक के लिए ड्रॉअर ही उत्तरदायी है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि चेक पर हस्ताक्षर करने पर जो धारणा पैदा होती है, उसका खंडन केवल हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट से नहीं किया जा सकता है।इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में यह निर्धारित करने के लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट को नियुक्त की अनुमति दी थी कि चेक में भरे गए विवरण आरोपी के थे या नहीं।...
"आप आखिरी मिनट में क्यों आए?" सुप्रीम कोर्ट ने IIT-JEE (एडवांस्ड) 2022 के लिए एक बार छूट की मांग वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने एक IIT-JEE उम्मीदवार की रिट याचिका को खारिज करते हुए पूछा कि "आप अंतिम समय पर क्यों आ रहे हैं?" COVID-19 प्रभावित उम्मीदवारों के छूट नीति में संशोधन के कारण, उम्मीदवार ने IIT-JEE (एडवांस्ड) 2022 परीक्षा में बैठने के लिए एक बार की छूट मांगी थी।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने पूछा कि क्या याचिका अन्य मामलों के समान है, जिसमें IIT-JEE परीक्षा से संबंधित विभिन्न राहत की मांग की गई थी।बेंच ने कहा, "अगर हम पाते हैं कि यह...
यूक्रेन से लौटे छात्रों की लोकसभा समिति की सिफारिशों के आधार पर भारत में मेडिकल शिक्षा पूरी करने की मांग : सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
भारत में अपनी मेडिकल शिक्षा जारी रखने की अनुमति मांगने वाले यूक्रेन से लौटे छात्रों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद को नोटिस जारी किया है।याचिका में केंद्र, स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से लौटे करीब 20,000 भारतीय छात्रों को भारत में मेडिकल कॉलेजों में अपनी मेडिकल शिक्षा फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाए। युद्धग्रस्त यूक्रेन में हजारों भारतीय मेडिकल...
मामलों को सूचीबद्ध करने के मुद्दों पर आवश्यक ध्यान नहीं दे सका, इसके लिए खेद है: सीजेआई एनवी रमाना
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एनवी रमाना ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन आयोजित औपचारिक पीठ में अदालत को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 16 महीनों के दौरान, सीजेआई के रूप में उनके कार्यकाल में केवल 50 दिनों में पूर्ण सुनवाई संभव हुई। सीजेआई ने मामलों की लिस्टिंग और पोस्टिंग के मुद्दे पर ध्यान नहीं देने के लिए भी खेद व्यक्त किया।सीजेआई रमाना के समक्ष इस महीने की शुरुआत में जब सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के कामकाज और मामलों की सूची के साथ मुद्दा उठाया तो उन्होंने कोई भी...
IIT JEE Mains 2022 : सुप्रीम कोर्ट ने पहले और दूसरे सत्र में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अतिरिक्त प्रयास की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को पहले और दूसरे दोनों सत्र में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण आईआईटी-जेईई मेन्स परीक्षा 2022 के अतिरिक्त सत्र आयोजित करने का निर्देश देने की मांग करने वाली याचिकाओं पर विचार करने से इनकार किया।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने मामले पर विचार करने के लिए अनिच्छा व्यक्त करने के बाद याचिकाकर्ताओं ने याचिका वापस लेने का फैसला किया।पीठ ने कहा कि रविवार को होने वाली IIT-JEE (एडवांस्ड)...
अशांत समय में भी आपने सरकार को जवाब देने के लिए कहा: कपिल सिब्बल ने सीजेआई एनवी रमाना को विदाई दी
सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल (Senior Advocate Kapil Sibal) ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एनवी रमाना 9CJI NV Ramana) को विदाई देते हुए कहा कि सीजेआई ने मुश्किल समय में भी अदालत की गरिमा और अखंडता को सुनिश्चित किया और सरकार को जवाब देने के लिए कहा।इस महीने की शुरुआत में सीनियर एडवोकेट ने 6 अगस्त, 2022 को नई दिल्ली में आयोजित पीपुल्स ट्रिब्यूनल में बोलते हुए कहा था कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से "कोई उम्मीद नहीं है।"सीजेआई रमाना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सिब्बल ने कहा कि वह 50 वर्षों से सुप्रीम...
मुफ्त में चीजें बांटने का मुद्दा: सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 3 जजों की बेंच को भेजा
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राजनीतिक दलों द्वारा किए गए वादों और मुफ्त में चीजें बांटने (Freebies) से संबंधित मुद्दों को तीन-जजों की पीठ के पास भेज दिया है।सीजेआई एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा,"पक्षकारों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर व्यापक सुनवाई की आवश्यकता है। कुछ प्रारंभिक सुनवाई को निर्धारित करने की आवश्यकता है, जैसे कि न्यायिक हस्तक्षेप का दायरा क्या है, क्या अदालत द्वारा विशेषज्ञ निकाय की नियुक्ति किसी उद्देश्य की पूर्ति करती है, आदि। कई पक्षों ने सुब्रमण्यम बालाजी में यह निर्णय...
'आप आम लोगों के जज रहे': सीजेआई एनवी रमना की विदाई के दौरान सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे रो पड़े
सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे (Advocate Dushyant Dave) सीजेआई एनवी रमना (CJI NV Ramana) को विदाई देते हुए रो पड़े। सीजेआई रमना द्वारा किए गए कार्यों पर बात की और यहां तक कि उन्हें अपने "परिवार के सदस्य" के रूप में संदर्भित किया। दवे भावुक हो गए और कहा कि वे अपनी भावनाओं को नहीं रोक सकते।उन्होंने कहा,"आप आम लोगों के जज रहे। मैं आज अपनी भावनाओं को नहीं रोक सकता। आपने अपना कर्तव्य निभाया। आपने अधिकारों को बरकरार रखा। आपने संविधान को बरकरार रखा। आपने जांच और संतुलन की व्यवस्था बनाए रखी। आप जस्टिस...
इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड सीमा शुल्क अधिनियम पर हावी होगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि सीमा शुल्क अधिनियम पर दिवाला और दिवालियापन संहिता ( Insolvency and Bankruptcy Code) (IBC) लागू होगी।मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा कि सीमा शुल्क प्राधिकरण (customs authority) केवल शुल्क और उगाही निर्धारित कर सकता है लेकिन वसूली की कार्यवाही शुरू नहीं कर सकता।मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि एक बार IBC के तहत स्थगन घोषित हो जाने के बाद, सीमा शुल्क अधिकारियों के पास मात्रा का आकलन करने के लिए केवल सीमित अधिकार क्षेत्र...
सुप्रीम कोर्ट ने 2007 के हेट स्पीच मामले में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर मुकदमा चलाने की मंजूरी से इनकार के खिलाफ याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 2007 के हेट स्पीच मामले (Hate Speech) में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) पर मुकदमा चलाने की मंजूरी से इनकार के खिलाफ याचिका खारिज कर दी।भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने फैसला सुनाया।कोर्ट ने कहा, "उपरोक्त परिस्थितियों में, हमें नहीं लगता कि मंजूरी देने से संबंधित कानूनी सवालों में जाना आवश्यक है। नतीजतन, अपील खारिज की जाती है। कानून का सवाल खुला छोड़ा जाता है।" याचिकाकर्ता परवेज...
सुप्रीम कोर्ट में पहली बार लाइव-स्ट्रीमिंग; सीजेआई रमना के अंतिम कार्य दिवस पर उनकी पीठ की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग होगी
भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना (CJI Ramana) की पीठ की कार्यवाही का आज सीधा प्रसारण किया जाएगा। साल 2018 के फैसले के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट में लाइव-स्ट्रीमिंग हो रही है। उस फैसले में सैद्धांतिक रूप से सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग की मंजूरी दी गई थी।सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अपने अंतिम कार्य दिवस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की औपचारिक पीठ के समक्ष कार्यवाही इस लिंक में लाइव-स्ट्रीम की जाएगी।नियमानुसार, भारत के निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश अंतिम कार्य दिवस पर...
अधिनियम के दायरे से बाहर राहत का दावा करने वाला सिविल वाद, जो अधिकार क्षेत्र को वर्जित करता है, सुनवाई योग्य है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अधिनियम के दायरे से बाहर राहत का दावा करने वाला सिविल वाद, जो उसके अधिकार क्षेत्र को वर्जित करता है, सुनवाई योग्य है।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने कहा, यहां तक कि ऐसे मामलों में जहां सिविल अदालत का अधिकार क्षेत्र किसी क़ानून द्वारा वर्जित है, परीक्षण यह निर्धारित करने के लिए है कि क्या क़ानून के तहत गठित प्राधिकरण या ट्रिब्यूनल के पास राहत देने की शक्ति है जो सिविल अदालतें आमतौर पर उनके समक्ष दायर किए गए वाद में अनुदान देती हैं।इस मामले में,...
डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग करके निर्णयों पर हस्ताक्षर किए जाने चाहिए; मुद्रित प्रतियों के स्कैन किए गए संस्करण अपलोड करने से बचें: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्णय विकलांग व्यक्तियों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए सुलभ होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि फैसले पर डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल कर हस्ताक्षर किए जाने चाहिए।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा,"वे मुद्रित प्रतियों के स्कैन किए गए संस्करण नहीं होने चाहिए। दस्तावेजों को प्रिंट करने और स्कैन करने का अभ्यास एक व्यर्थ और समय लेने वाली प्रक्रिया है जो किसी भी उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता है। मुकदमेबाजी प्रक्रिया से प्रथा को समाप्त किया जाना चाहिए।...
संविदात्मक शर्तों का उल्लंघन वास्तव में विश्वास के आपराधिक उल्लंघन के अपराध का गठन नहीं करता, जब तक कि सौंपे जाने का स्पष्ट मामला न हो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संविदात्मक शर्तों का उल्लंघन वास्तव में विश्वास के आपराधिक उल्लंघन यानी अमानत में खयानत के अपराध का गठन नहीं करता है, जब तक कि सौंपे जाने का एक स्पष्ट मामला ना हो। इस मामले में, शिकायतकर्ता बीजीएस अपोलो अस्पताल, मैसूर मे एक सलाहकार न्यूरोसर्जन के रूप में कार्यरत था। परामर्श समझौते के संदर्भ में असंगत और असंतोषजनक व्यवहार के लिए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। उन्होंने मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें...
सीबीएसई एक वैधानिक निकाय नहीं है; निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सेवा विवाद उठाने वाली रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सेवा विवाद उठाने वाली एक रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, अगर वे वैधानिक प्रावधानों द्वारा शासित या नियंत्रित नहीं हैं।जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा, "सेवा के एक सामान्य अनुबंध की सीमाओं के भीतर पूरी तरह से किए गए कार्यों या निर्णयों को कोई वैधानिक बल या समर्थन नहीं है, उन्हें संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत चुनौती देने योग्य नहीं माना जा सकता है। सेवा शर्तों के नियंत्रित या शासित होने की अनुपस्थिति में...
गुजरात पुलिस एफआईआर- "कोर्ट इस पर विचार करेगा कि जेल में रखने की जरूरत है या नहीं": सुप्रीम कोर्ट 30 अगस्त को तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने तीस्ता सीतलवाड़ (Teesta Sitalvad) पर गुजरात एटीएस द्वारा गुजरात दंगों की साजिश के मामले में राज्य के उच्च पदाधिकारियों को फंसाने के लिए रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए दर्ज मामले में जमानत की मांग को टाल दिया है।जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस रवींद्र भट और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने मामले को अगले मंगलवार, 30 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया, जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गुजरात राज्य की ओर से याचिका के जवाब में सुधार करने के लिए समय मांगा।सुनवाई के दौरान...



















