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निष्पादन न्यायालय को आदेश XXI नियम 46ए सीपीसी के तहत गार्निशी के खिलाफ कार्यवाही करने से पहले आदेश XXI नियम 46 सीपीसी के तहत कर्ज कुर्क करना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
निष्पादन न्यायालय को आदेश XXI नियम 46ए सीपीसी के तहत गार्निशी के खिलाफ कार्यवाही करने से पहले आदेश XXI नियम 46 सीपीसी के तहत कर्ज कुर्क करना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक निष्पादन न्यायालय को सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश XXI नियम 46ए के तहत गार्निशी के खिलाफ कार्यवाही करने से पहले सीपीसी के आदेश XXI नियम 46 के तहत ऋण कुर्क किया जा सकता है।इस मामले में भाग्योदय सहकारी बैंक ने एक फर्म विमल ट्रेडर्स को वित्तीय सुविधा प्रदान की। चूंकि राशि का भुगतान नहीं किया गया था, इसलिए गुजरात सहकारी समिति अधिनियम के तहत कार्यवाही शुरू की गई थी। निर्णायक प्राधिकरण ने बैंक के पक्ष में एक फैसला पारित किया। अधिनियम की धारा 103 के तहत, फैसले को उसी तरह...

सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2023 को दूसरे सप्ताह में वैवाहिक बलात्कार अपवाद की वैधता से संबंधित मामलों को सूचीबद्ध किया
सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2023 को दूसरे सप्ताह में वैवाहिक बलात्कार अपवाद की वैधता से संबंधित मामलों को सूचीबद्ध किया

सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी, 2023 को दूसरे सप्ताह में वैवाहिक बलात्कार अपवाद (Marital Rape Exception) की वैधता से संबंधित मामलों को सूचीबद्ध किया है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ के समक्ष इस मुद्दे का उल्लेख सीनियर एडवोकेट सीयू सिंह द्वारा किया गया, जिन्होंने कहा कि मामले तत्काल सूचीबद्ध करने की आवश्यकता है।सीनियर एडवोकेट सीयू सिंह ने कहा,"वैवाहिक बलात्कार के अपराधीकरण पर दिल्ली हाईकोर्ट की दो-न्यायाधीशों की पीठ द्वारा पारित खंडित फैसले के खिलाफ दायर...

लखीमपुर खीरी मामला
क्या सुप्रीम कोर्ट हर हत्या के आरोपी को एक साल की हिरासत के बाद जमानत देगा? दुष्यंत दवे ने लखीमपुर खीरी मामले में कहा

क्या सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) एक सामान्य सिद्धांत तय करेगा कि हत्या के आरोपों का सामना कर रहे हर आरोपी को एक साल की हिरासत के बाद रिहा किया जाएगा? सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे ने यह सवाल तब पूछा जब अदालत ने विचार किया कि क्या उसे लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को जमानत देनी चाहिए क्यों कि वह एक साल से अधिक समय से हिरासत में है।दवे ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस कृष्ण की पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया,"यौर लॉर्डशिप एक सामान्य सिद्धांत निर्धारित कर सकता है कि...

रितु माहेश्वरी आईएएस
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा सीईओ के खिलाफ पेशी पर गैर-जमानती वारंट जारी करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (नोएडा) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रितु माहेश्वरी आईएएस की याचिका स्वीकार कर ली। याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों को चुनौती दी गई थी, जिसमें उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग की गई थी और अवमानना मामले में पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।कोर्ट ने कहा,"हम अपील की अनुमति देते हैं और हाईकोर्ट के दिनांक 28.04.2022 और 05.05.2022 के आदेश को रद्द करते हैं।"विशेष अनुमति याचिका का निस्तारण करते हुए...

अगर मध्यस्थता अवार्ड लागू नहीं किये जाएंगे तो भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र नहीं बन सकता : सुप्रीम कोर्ट
अगर मध्यस्थता अवार्ड लागू नहीं किये जाएंगे तो भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र नहीं बन सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मौखिक रूप से कहा कि अगर मध्यस्थता अवार्ड लागू नहीं किये जाते हैं तो भारत एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र बनने की आकांक्षा नहीं रख सकता।जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) द्वारा दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ( डीएमआरसी) के खिलाफ उसके पक्ष में पारित 7200 करोड़ रुपये के अवार्ड के प्रवर्तन के संबंध में दायर याचिका पर विचार करते हुए यह अवलोकन किया।डीएएमईपीएल की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे...

सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो की पुनर्विचार याचिका को जल्दी सूचीबद्ध करने का आश्वासन दिया
सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो की पुनर्विचार याचिका को जल्दी सूचीबद्ध करने का आश्वासन दिया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को संकेत दिया कि वह बिलकिस बानो की पुनर्विचार याचिका को जल्द ही सूचीबद्ध करेगा। इस याचिका में बिलकिस बानो ने शीर्ष अदालत के उस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है, जिसमें गुजरात सरकार को बिलकिस बानो केस के दोषियों को सज़ा में छूट पर निर्णय लेने की अनुमति दी गई थी। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच को वकील, सुश्री शोभा गुप्ता, अवगत कराया कि 2002 के गुजरात दंगों के दौरान हत्या और सामूहिक बलात्कार के लिए उम्रकैद की सजा पाए 11...

वकीलों के प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ - वकीलों के साथ विनम्र बातचीत नहीं, हिरासत में लीजिए : सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को कहा
वकीलों के प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ - वकीलों के साथ विनम्र बातचीत नहीं, हिरासत में लीजिए : सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ओडिशा राज्य सरकार और राज्य पुलिस को उन वकीलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया, जो राज्य के पश्चिमी भाग, संबलपुर में उड़ीसा हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर अपनी हड़ताल के दौरान अदालत परिसर में तोड़फोड़ में शामिल थे । जस्टिस एस के कौल और जस्टिस ए एस ओक की पीठ ने राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक को संबलपुर जिले के प्रभारी पुलिस अधिकारी समेत वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परसों अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया, जिसमें बताया जाए...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
'कुछ नियुक्तियों को तुरंत मंजूर कर लिया गया, कुछ को लंबित रखा गया' : कॉलेजियम की अलग-अलग सिफारिशों को स्वीकार करने में केंद्र की ओर से लगने वाले समय पर एक नज़र

सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजियम प्रस्तावों के अनुमोदन में देरी के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ दायर एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि कुछ सिफारिशें तेजी से स्वीकृत हो जाती हैं, लेकिन कुछ को महीनों तक लंबित रखा जाता है।कॉलेजियम के प्रस्तावों पर निर्णय लेने के लिए केंद्र के लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं है, सिवाय कॉलेजियम द्वारा हाईकोर्ट के जजों के रूप में दोहराए गए नामों के संबंध में, जहां केंद्र को निश्चित न्यायिक निर्देश है कि 3-4 सप्ताह के भीतर नियुक्ति की जाए।एक निश्चित समय-सीमा की कमी के...

अल्पसंख्यक धर्मों के खिलाफ दिए गए अपमानजनक बयानों को हटाया जाए : सुप्रीम कोर्ट ने बड़े पैमाने पर धर्मांतरण पर पीआईएल याचिकाकर्ता को कहा
"अल्पसंख्यक धर्मों के खिलाफ दिए गए अपमानजनक बयानों को हटाया जाए" : सुप्रीम कोर्ट ने "बड़े पैमाने पर धर्मांतरण" पर पीआईएल याचिकाकर्ता को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय द्वारा देश भर में हो रहे "बड़े पैमाने पर धर्मांतरण" का आरोप लगाते हुए दायर जनहित याचिका में अल्पसंख्यक धर्मों के खिलाफ दिए गए कुछ अपमानजनक बयानों पर आपत्ति जताई।अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अरविंद पी दातार से यह सुनिश्चित करने को कहा कि ऐसी टिप्पणी रिकॉर्ड में न आए।इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे कुछ ईसाई संगठनों की ओर से सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे ने जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ को बताया कि...

लखीमपुर खीरी हिंसा
लखीमपुर खीरी हिंसा- 'आशीष मिश्रा को विचाराधीन कैदी के तौर पर कब तक जेल में रखा जाए?' : सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से जानकारी मांगी- इस केस का निपटारा कितने समय में हो सकेगा

लखीमपुर खीरी मामले में जमानत की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की याचिका पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को ट्रायल कोर्ट से जानकारी मांगी कि बिना किसी दूसरे मुकदमों पर असर डाले इस केस का निपटारा कितने समय में हो सकेगा।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने रजिस्ट्रार (न्यायिक) को लखीमपुर खीरी के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश से यह पता लगाने का निर्देश दिया कि सामान्य मामले में किसी अन्य लंबित या समझौता किए बिना मुकदमे को पूरा...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
'जबरदस्ती धर्मांतरण का कोई डेटा पेश नहीं किया गया, उचित रिसर्च के बिना दायर की गई जनहित याचिका: सुप्रीम कोर्ट में शिक्षाविद का हस्तक्षेप आवेदन दायर

शिक्षाविद् डॉ. सखी जॉन ने अश्विनी कुमार उपाध्याय बनाम भारत सरकार डब्ल्यू.पी. (सी) 2022 की संख्या 63 रिट याचिका में एक हस्तक्षेप आवेदन दायर किया है। इसमें कहा गया है कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और समय रहते खारिज किए जाने लायक है क्योंकि इसमें याचिकाकर्ता द्वारा की गई प्रार्थनाएं मान्य नहीं हैं क्योंकि वे अदालत से जबरन धर्मांतरण के मुद्दे पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। यह संसद का काम है।यह भी तर्क दिया गया है कि भारत में अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित याचिका के कई कथन आपत्तिजनक हैं।इसमें...

प्रमोशन देने में सेना महिला अधिकारियों के साथ उचित व्यवहार नहीं कर रही है : सुप्रीम कोर्ट
प्रमोशन देने में सेना महिला अधिकारियों के साथ उचित व्यवहार नहीं कर रही है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने महिला सेना अधिकारियों के लिए रैंक प्रमोशन की मांग वाली एक याचिका में दायर एक आवेदन में शुक्रवार को सेना के अधिकारियों (रक्षा मंत्रालय) को आगाह किया कि वह महिला सेना अधिकारियों की प्रमोशन सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी आदेश पारित करेगा। कोर्ट ने चिंता व्यक्त की कि अधिकारी, महिला अधिकारियों के साथ उचित व्यवहार नहीं कर रहे हैं। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की खंडपीठ ने इस मामले में उपस्थित एडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन को संदेश दिया कि सेना के अधिकारियों को अपने...

POCSO फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करना तब तक व्यर्थ होगा जब तक कि ज़्यादा से ज़्यादा जजों की नियुक्ति नहीं की जाती : जस्टिस बीवी नागरत्ना
POCSO फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करना तब तक व्यर्थ होगा जब तक कि ज़्यादा से ज़्यादा जजों की नियुक्ति नहीं की जाती : जस्टिस बीवी नागरत्ना

सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बी वी नागरत्ना शनिवार को किशोर न्याय पर सुप्रीम कोर्ट की समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बाल यौन शोषण के संदर्भ में बच्चों के प्रति अनुकूल न्याय करना आवश्यक है। ऐसा न्याय जो सुलभ, आयु उपयुक्त, त्वरित, अनुकूलित और बच्चे की जरूरतों और अधिकारों पर केंद्रित हो। जस्टिस नागरत्न ने आगे कहा कि POCSO अधिनियम ने बच्चों और युवा वयस्कों को यौन शोषण से उबरने में मदद करने के लिए एक दशक तक देश की सेवा की है। उन्होंने आगे...

पॉक्सो | जजों को ये याद रखना चाहिए कि बच्चे यौन उत्पीड़न के लिए अलग शब्दावली का प्रयोग कर सकते हैं : सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़
पॉक्सो | जजों को ये याद रखना चाहिए कि बच्चे यौन उत्पीड़न के लिए अलग शब्दावली का प्रयोग कर सकते हैं : सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़

भारत के मुख्य न्यायाधीश डॉ डी वाई चंद्रचूड़ ने किशोर न्याय पर सुप्रीम कोर्ट की समिति द्वारा बाल संरक्षण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श के उद्घाटन समारोह में मुख्य भाषण दिया। समारोह की अध्यक्षता जस्टिस एस रवींद्र भट ने की।भारत के मुख्य न्यायाधीश ने नेल्सन मंडेला को उद्धृत करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की कि, "किसी समाज की आत्मा का इससे बड़ा रहस्योद्घाटन नहीं हो सकता है कि वह अपने बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करता है। यदि हमें आत्मनिरीक्षण करना है तो हमारी आत्मा में बहुत कुछ...

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने संसद से पोक्सो एक्ट के तहत सहमति की उम्र पर विचार करने का आग्रह किया
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने संसद से पोक्सो एक्ट के तहत सहमति की उम्र पर विचार करने का आग्रह किया

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने सहमति से बने रोमंटिक रिश्तों के मामलों को पोक्सो एक्ट के दायरे में शामिल करने पर चिंता व्यक्त की। सीजेआई ने कहा कि विधायिका को 2012 अधिनियम के तहत तय की गई सहमति की उम्र पर विचार करना चाहिए। फिलहाल यह 18 साल है।सीजेआई ने यूनिसेफ के सहयोग से जुवेनाइल जस्टिस पर सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम, जिसका शीर्षक-पोक्सो अधिनियम पर राष्ट्रीय हितधारक परामर्श था, के उद्घाटन समारोह में मुख्य भाषण दिया।भाषण में सीजेआई ने कहा कि आयोजन कि जिन विषयों पर...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
स्थायी विकलांगता के मामलों में मोटर दुर्घटना मुआवजा देते समय दावेदारों की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि पर विचार किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिए एक फैसले में कहा कि मोटर दुर्घटनाओं के कारण स्थायी विकलांगता के मामलों में मुआवजा देते समय दावेदारों की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि पर विचार किया जाना चाहिए।जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने मोटर दुर्घटना मुआवजा बढ़ाने की मांग संबंधी अपील को स्वीकार करते हुए यह बात कही।मामले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने उन्हें 15,76,465/- रुपये का मुआवजा दिया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने मुआवजे को बढ़ाकर 16,70,932/- रुपये करने की अपील को स्वीकार कर लिया।अपील...