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सुप्रीम कोर्ट गैंगरेप-हत्या के दोषियों की समय से पहले रिहाई को चुनौती देने वाली बिलकिस बानो की याचिका पर 13 दिसंबर को सुनवाई करेगा
सुप्रीम कोर्ट 2002 के गुजरात दंगों के दौरान सामूहिक बलात्कार और हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा पाए 11 दोषियों की समय से पहले रिहाई को चुनौती देने वाली बिलकिस बानो की रिट याचिका पर 13 दिसंबर, 2022 (मंगलवार) को सुनवाई करेगा।बानो ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर पुनर्विचार की भी मांग की है, जिसमें गुजरात सरकार को दोषियों की सजा पर फैसला लेने की अनुमति दी गई।छूट को चुनौती देने वाली रिट याचिका मंगलवार को सूचीबद्ध है।यह मामला जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की खंडपीठ के समक्ष आइटम...
किसी आपराधिक मुकदमे में लागू साक्ष्य के सख्त नियम, मोटर दुर्घटना मुआवजा मामलों में लागू नहीं होते हैं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि किसी आपराधिक मुकदमे में लागू साक्ष्य के सख्त नियम मोटर दुर्घटना मुआवजा मामलों में लागू नहीं होते हैं।इस मामले में, राजस्थान हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा दावेदारों को दिए गए मुआवजे को कम करते हुए, मृतक के वेतन प्रमाण पत्र और वेतन पर्ची पर केवल इस आधार पर विचार करने से इनकार कर दिया कि इन दस्तावेजों को जारी करने वाले व्यक्ति की जांच ट्रिब्यूनल के समक्ष नहीं की गई थी।दावेदारों द्वारा दायर अपील में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस...
उड़ीसा हाईकोर्ट की नई पीठ स्थापित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई पूर्ण प्रस्ताव नहीं है: कानून मंत्री किरेन रिजिजू
ओडिशा के कोरापुट से लोकसभा सांसद सप्तगिरी शंकर उलाका द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वर्तमान में उड़ीसा हाईकोर्ट की नई खंडपीठ स्थापित करने के लिए ओडिशा सरकार की ओर से कोई 'पूर्ण प्रस्ताव' केंद्र सरकार के पास लंबित नहीं है।उलाका ने नई पीठों की स्थापना के लिए ओडिशा सहित विभिन्न राज्यों से प्राप्त मांगों, अनुरोधों और प्रस्तावों का विवरण पूछा। उन्होंने विशेष रूप से पूछा कि क्या कोरापुट और पश्चिमी ओडिशा के अविभाजित जिले में...
'यह पानी में जाए बिना तैरना सीखने जैसा है': एनएमसी ने क्लिनिकल ट्रेनिंग के बिना विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट को राहत देने का विरोध किया
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) की ओर से पेश हुए एडवोकेट गौरव शर्मा ने कहा कि क्लिनिकल ट्रेनिंग नहीं लेने वाला मेडिकल स्टूडेंट किसी ऐसे व्यक्ति के समान है जिसने पानी में जाए बिना तैराकी सीखी हो। इस तरह ऐसे स्टूडेंट को किसी भी परिस्थिति में भारतीय रोगियों का इलाज करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।उन्होंने विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट द्वारा दायर याचिकाओं के बैच की सुनवाई के दौरान पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया,"ट्रेनिंग और प्रैक्टिस की कमी के कारण मेडिकल काउंसिल उन्हें भारतीय...
'धार्मिक त्योहारों को दंगों के स्रोत के रूप में क्यों चित्रित किया जाता है?': सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक रैलियों को विनियमित करने की मांग वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सिटीजन्स फॉर इंजस्टिस एंड पीस की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें धार्मिक रैलियों सहित सभी प्रकार के जुलूसों को विनियमित करने के लिए परमादेश जारी करने और ऐसे जुलूसों की अनुमति देने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी करने की मांग की गई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की खंड़पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए दर्ज किया,"संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत क्षेत्राधिकार का उपयोग करने वाले याचिकाकर्ताओं द्वारा जो राहत...
सुप्रीम कोर्ट ने प्यूबर्टी प्राप्त कर चुकीं नाबालिग लड़कियों को शादी करने की अनुमति देने वाले मुस्लिम पर्सनल लॉ को चुनौती देने वाली राष्ट्रीय महिला आयोग की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने प्यूबर्टी प्राप्त कर चुकीं नाबालिग लड़कियों को शादी करने की अनुमति देने वाले मुस्लिम पर्सनल लॉ को चुनौती देने वाली राष्ट्रीय महिला आयोग की याचिका पर नोटिस जारी किया।कोर्ट ने कहा,"4 सप्ताह में नोटिस पर जवाब दाखिल करें।"यह मामला सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध था।याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के अलावा पर्सनल लॉ के तहत 'न्यूनतम' शादी की उम्र मौजूदा दंड कानूनों के अनुरूप है। यह प्रस्तुत करता है कि मुस्लिम...
एक्टिविस्ट जॉन दयाल ने धर्म परिवर्तन जनहित याचिका में हस्तक्षेप करने की मांग की; आरोप लगाया- याचिकाकर्ता ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए
एक्टिविस्ट जॉन दयाल ने 2022 की रिट याचिका अश्विनी कुमार उपाध्याय बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया रिट याचिका (सी) संख्या 63 में एक याचिका दायर की है जिसमें आरोप लगाया गया है कि याचिकाकर्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका तुच्छ, बिना आधार, गलत, अस्पष्ट, निराधार, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक है।यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को निर्देश के लिए याचिकाकर्ता द्वारा दायर अतिरिक्त आवेदन में ईसाई और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ बयान दिए गए हैं। हस्तक्षेप आवेदन में कहा गया है कि रिट...
CLAT 2023- स्क्राइब लेने के इच्छुक विकलांग व्यक्तियों पर लगाई गई कड़ी शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर
एक वकील और विकलांगता अधिकार एक्टिविस्ट अर्नब रॉय ने आगामी कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट, 2023 (CLAT 2023) के लिए स्क्राइब लेने के इच्छुक विकलांग व्यक्तियों पर लगाई गई कड़ी शर्तों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया है।एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड एन. साई विनोद के माध्यम से दायर याचिका में शर्तों को मनमाना, अत्यधिक और अनुचित बताया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के कंसोर्टियम द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण 13 दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को स्क्राइब से वंचित कर...
'हेट स्पीच, टारगेट यौन हिंसा, आर्थिक और स्थानिक रंगभेद धार्मिक स्वतंत्रता को प्रभावित करती है': 'जबरन धर्मांतरण' मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित और भारत के योजना आयोग की पूर्व सदस्य, डॉ. सैयदा हमीद ने जबरन धर्मांतरण के खिलाफ भाजपा नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर जनहित याचिका में पक्षकार बनने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया है, जो संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन है।हमीद ने हेट स्पीच की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है।वर्तमान आवेदन में, वह दावा करती है कि अनुच्छेद 25 के तहत हेट स्पीच और धर्म की स्वतंत्रता के मुक्त अभ्यास के बीच...
अनुसूचित जनजाति की महिलाएं हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत 'उत्तरजीविता के अधिकार' की हकदार नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से उपयुक्त संशोधन लाने का आग्रह किया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जनजाति की एक महिला सदस्य हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत उत्तरजीविता के किसी भी अधिकार की हकदार नहीं है।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच ने केंद्र सरकार से इस पर विचार करने का आग्रह किया कि क्या इस संबंध में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम में उपयुक्त संशोधन लाना आवश्यक है।कोर्ट ने कहा,"आदिवासी बेटी को 70 वर्षों बाद भी समान अधिकारों से वंचित करना, जबकि भारतीय संविधान के तहत समानता की गारंटी है, ऐसा बिंदु है, जिस पर भारत सरकार विचार करे,...
विदेशी विश्वविद्यालयों में क्लीनिकल ट्रेनिंग पूरा नहीं कर पाए मेडिकल छात्रों के साथ सुप्रीम कोर्ट की सहानुभूति, केंद्र और एनएमसी से समाधान खोजने का आग्रह
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से आग्रह किया वे चीन, यूक्रेन आदि जैसे देशों में COVID और युद्ध जैसी स्थितियों के कारण अपनी क्लिनिकल ट्रेनिंग पूरी नहीं कर सके छात्रों के लिए समाधान निकालें। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे छात्रों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए उक्त टिप्पणी की।कोर्ट ने सरकार से समाधान का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि जब देश डॉक्टरों की कमी है तो ये छात्र राष्ट्रीय संपत्ति हो सकते हैं।जस्टिस बीआर गवई और...
नागालैंड डीजीपी नियुक्ति : सुप्रीम कोर्ट ने देरी के लिए यूपीएससी को फटकार लगाई, 19 दिसंबर डेडलाइन तय की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को नागालैंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति के संबंध में '19 दिसंबर, 2022 को या उससे पहले' अंतिम फैसला लेने का सख्त निर्देश दिया।सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी द्वारा अंतिम निर्णय लेने के लिए अतिरिक्त 60 दिनों की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। यूपीएससी ने डीजीपी, नागालैंड के पद पर नियुक्ति के लिए अधिकारियों का एक पैनल तैयार करने के लिए पैनल समिति की बैठक बुलाने के लिए इस आधार पर अतिरिक्त समय मांगा था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ...
"कॉलेजियम की सिफारिशों में निर्धारित वरिष्ठता का पालन किया जाना चाहिए": सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से इस मुद्दे को हल करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक नियुक्तियों को अंतिम रूप देने में देरी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ दायर अवमानना याचिका में पारित आदेश में केंद्र द्वारा कॉलेजियम की सिफारिशों को अलग करने को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने केंद्र से इस मुद्दे को हल करने के लिए कहा है, क्योंकि जब केंद्र उसी प्रस्ताव में दिये गए अन्य नामों को छोड़कर कुछ नामों को चुनने का फैसला करता है तो कॉलेजियम से सीनियरिटी बाधित होती है।जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस एएस ओक और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ द्वारा पारित आदेश इस...
आप साइनबोर्ड में मराठी भाषा के इस्तेमाल का विरोध क्यों करते हैं? बोर्ड देखकर आपके पास और अधिक लोग आएंगे: सुप्रीम कोर्ट ने खुदरा विक्रेताओं से कहा
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस के एम जोसेफ और जस्टिस बी वी नागरथना की खंडपीठ ने शुक्रवार को फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन बनाम महाराष्ट्र राज्य में दायर एसएलपी पर सुनवाई स्थगित कर दी।बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देते हुए यह विशेष अनुमति याचिका दाखिल की गई है, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम के नियम 35 की वैधता को बरकरार रखा है। इसके अनुसार, साइनबोर्ड को शीर्ष पर देवनागरी लिपि में मराठी भाषा में और अन्य भाषा समान फ़ॉन्ट साइज़ में लिखना अनिवार्य है।...
उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने के आदेश में शारजील इमाम के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणियों से इमाम का केस प्रभावित नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि दिल्ली दंगों की साजिश मामले में उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने के आदेश में शारजील इमाम के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियों से इमाम के मामले में पूर्वाग्रह नहीं होगा।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एएस ओका की पीठ इमाम की ओर से दायर एक विशेष अनुमति याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट की एक खंडपीठ द्वारा 18 अक्टूबर को उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने के आदेश में टिप्पणी को हटाने की मांग की गई थी।पीठ ने...
मुआवजे की मांग कर रहे याचिकाकर्ता ने कहा- यूट्यूब पर न्यूडिटी कंटेंट वाले विज्ञापन के चलते ध्यान भंग हुआ और परीक्षा में फेल हो गया; सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माने के साथ याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की एक खंडपीठ ने एक याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाई, जिसने गूगल इंडिया से 75 लाख रुपये का मुआवजा मांगा था। मुआवजे की मांग कर रहे याचिकाकर्ता ने कहा कि यूट्यूब पर न्यूडिटी कंटेंट वाले विज्ञापन के चलते ध्यान भंग हुआ और वह मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में फेल हो गया।संविधान के अनुच्छेद 19(2) का आह्वान करते हुए, जो बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर उचित प्रतिबंधों को रेखांकित करता है, याचिकाकर्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर न्यूडिटी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी...
केंद्र सरकार की ओर से कॉलेजियम की सिफारिशों को मंजूरी देने में देरी अच्छे वकीलों को जजशिप के लिए सहमति देने से हतोत्साहित कर रही है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा कॉलेजियम की सिफारिशों को मंजूरी देने में देरी अच्छे वकीलों को जजशिप के लिए सहमति देने से हतोत्साहित कर रही है।नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में कोर्ट द्वारा निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करने पर केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय के खिलाफ दायर एक अवमानना याचिका पर विचार करते हुए कोर्ट ने कहा कि कैसे देरी से कई वकील बेंच में शामिल होने के लिए अनिच्छुक हो रहे हैं। वे नहीं चाहते कि उनका जीवन अनिश्चितता में घसीटा जाए।"भारत के...
'कॉलेजियम पर चर्चा की जानकारी नहीं मांगी जा सकती': सुप्रीम कोर्ट ने आरटीआई के तहत दिसंबर 2018 की मीटिंग की जानकारी की मांग वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत 12 दिसंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की मीटिंग की जानकारी मांगी गई थी।कोर्ट ने कहा कि कॉलेजियम पर चर्चा की जानकारी नहीं मांगी जा सकती है। और केवल कॉलेजियम का अंतिम निर्णय वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है।कोर्ट ने कहा कि केवल अंतिम प्रस्ताव को ही निर्णय माना जा सकता है और आरटीआई अधिनियम के तहत चर्चा की जानकारी नहीं मांगी जा सकती है।याचिकाकर्ता, आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने दिसंबर 2018 की बैठक...
'कानून बनाने की संसद की शक्ति कोर्ट की जांच के अधीन है': सुप्रीम कोर्ट ने एनजेएसी के फैसले पर केंद्र के साथ मतभेद के बीच स्पष्ट किया
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कॉलेजियम की सिफारिशों पर केंद्र की शक्ति के खिलाफ एक याचिका पर आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत के संविधान की योजना ऐसी है कि यह मानता है कि कानून बनाने की शक्ति संसद के पास है, वही विषय न्यायपालिका की जांच के लिए है।कोर्ट ने कहा,"हम अंत में केवल यही कहते हैं कि संविधान की योजना न्यायालय को कानून की स्थिति पर अंतिम मध्यस्थ होने के लिए निर्धारित करती है। कानून बनाने की शक्ति संसद के पास है। हालांकि, वह शक्ति न्यायालयों की जांच के अधीन है। यह आवश्यक है कि...
कई प्रतिष्ठित वकील बेंच में शामिल होने के इच्छुक नहीं, हालांकि वे एड-हॉक जज के रूप में काम करने के लिए तैयार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सीनियर एडवोकेट अरविंद पी दातार और अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी को निर्देश दिया कि वे हाईकोर्ट में एड-हॉक जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर विचार-मंथन करने और एक कम बोझिल प्रक्रिया प्रस्तुत करें।उल्लेखनीय है कि एनजीओ लोकप्रहरी ने एक जनहित याचिका दायर की है, और हाईकोर्ट में शेष मामलों की बढ़ती समस्या के निस्तारण के लिए एड-हॉक जजों की नियुक्ति के लिए अनुच्छेद 224ए का प्रयोग करने की मांग की है। उक्त याचिका के तहत दायर दो आवेदनों पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय किशन कौल,...
















