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निजी धोखाधड़ी के मामलों में सिर्फ इस आधार पर ज़मानत न दें कि आरोपी ने रुपए जमा करने का वादा किया है : सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों से कहा
निजी धोखाधड़ी के मामलों में सिर्फ इस आधार पर ज़मानत न दें कि आरोपी ने रुपए जमा करने का वादा किया है : सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी के अपराध के लिए अग्रिम जमानत देने की शर्त के रूप में राशि जमा करने का निर्देश देने की अदालतों द्वारा अपनाई गई प्रथा को अस्वीकार कर दिया। जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस दीपांकर दत्त की पीठ ने इसे एक "अशांत करने वाली प्रवृत्ति" करार दिया, जिसके परिणामस्वरूप धोखाधड़ी के मामलों को अनजाने में धन की वसूली की प्रक्रिया में बदल दिया जाता है ( रमेश कुमार बनाम राज्य एनसीटी दिल्ली )।शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालयों और सत्र न्यायालयों को याद...

सुप्रीम कोर्ट ने अजनबी व्यक्ति से प्रायोजित विदेश यात्रा का लाभ लेने के लिए न्यायिक अधिकारी को बर्खास्त करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश की पुष्टि की
सुप्रीम कोर्ट ने अजनबी व्यक्ति से प्रायोजित विदेश यात्रा का लाभ लेने के लिए न्यायिक अधिकारी को बर्खास्त करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश की पुष्टि की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें कथित तौर पर एक "अजनबी" से "एहसान" लेने के लिए एक न्यायिक अधिकारी की सेवा से बर्खास्तगी को बरकरार रखा गया था। न्यायिक अधिकारी के खिलाफ आरोप यह था कि एक "अजनबी" ने 2016 में उनके परिवार की विदेश यात्रा को "प्रायोजित" किया था। जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस पंकज मित्तल की खंडपीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं पाते हुए न्यायिक अधिकारी द्वारा दायर अपील को खारिज कर...

सुप्रीम कोर्ट ने जातियों के दोबारा वर्गीकरण और आरक्षण को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की मांग करने वाली जनहित याचिकाएं खारिज कीं
सुप्रीम कोर्ट ने जातियों के दोबारा वर्गीकरण और आरक्षण को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की मांग करने वाली जनहित याचिकाएं खारिज कीं

सुप्रीम कोर्ट ने जातियों के दोबारा वर्गीकरण और आरक्षण को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की मांग करने वाली जनहित याचिकाएं खारिज कीं।सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने आज दो जनहित याचिकाओं (पीआईएल) को खारिज कर दिया, जिसमें क्रमशः "जातियों के दोबारा वर्गीकरण" और "वैकल्पिक आरक्षण नीति बनाने के लिए आरक्षण को धीरे-धीरे समाप्त करने" की मांग की गई थी।अदालत ने जनहित याचिकाओं को खारिज कर दिया। साथ ही योग्यता की कमी और न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया। इसके अतिरिक्त,...

ऐसी जनहित याचिकाएं लेकर आने के बजाय आपने लॉ स्कूल में पढ़ाई क्यों नहीं की?: सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक प्रावधानों में ‘पुरुष’ सर्वनाम को खत्म करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
"ऐसी जनहित याचिकाएं लेकर आने के बजाय आपने लॉ स्कूल में पढ़ाई क्यों नहीं की?": सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक प्रावधानों में ‘पुरुष’ सर्वनाम को खत्म करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने तुच्छ जनहित याचिकाओं (PIL) दायर कर "प्रक्रिया के दुरुपयोग" की तीखी निंदा की। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने संवैधानिक प्रावधानों में "पुरुष" सर्वनाम को खत्म करने की मांग करने वाले एक याचिकाकर्ता की आलोचना की।याचिकाकर्ता लॉ स्टूडेंट है। वो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुआ था। उन्होंने तर्क दिया कि संवैधानिक प्रावधानों में "पुरुष" सर्वनामों का इस्तेमाल लैंगिक भेदभाव है और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। हालांकि, CJI चंद्रचूड़ ने अपनी अस्वीकृति व्यक्त करने में...

इसके बजाय आपने लॉ स्कूल में पढ़ाई क्यों नहीं की? : सुप्रीम कोर्ट ने संविधान में पुरुष सर्वनाम को खत्म करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
"इसके बजाय आपने लॉ स्कूल में पढ़ाई क्यों नहीं की?" : सुप्रीम कोर्ट ने संविधान में "पुरुष" सर्वनाम को खत्म करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तुच्छ जनहित याचिकाओं (पीआईएल) के माध्यम से "प्रक्रिया के दुरुपयोग" की तीखी निंदा की।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की खंडपीठ ने संवैधानिक प्रावधानों में "पुरुष" सर्वनाम को खत्म करने की मांग करने वाले याचिकाकर्ता की आलोचना की।विचाराधीन याचिकाकर्ता लॉ स्टूडेंट है, जो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुआ। उसने तर्क दिया कि संवैधानिक प्रावधानों में "पुरुष" सर्वनामों का उपयोग लैंगिक भेदभाव है और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।हालांकि, सीजेआई...

श्रमिकों को दो दशकों तक सेवाओं की अनुमति देने के बाद प्रबंधन अवार्ड को चुनौती नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट ने एफसीआई कर्मियों की अपील मंज़ूर की
श्रमिकों को दो दशकों तक सेवाओं की अनुमति देने के बाद प्रबंधन अवार्ड को चुनौती नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट ने एफसीआई कर्मियों की अपील मंज़ूर की

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ के फैसले के खिलाफ श्रमिकों के कार्यकारी संघ और एफसीआई प्रबंधन दोनों की अपीलों पर फैसला सुनाया, जिसमें श्रमिकों को सेवाओं के नियमितीकरण से इनकार कर दिया गया था, लेकिन साथ ही निर्देश दिया कि 75% मज़दूरी का भुगतान किया जाए।जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस संजय कुमार की खंडपीठ ने कहा कि श्रमिकों को अपने लाभ के लिए 2 दशकों तक सेवाएं प्रदान करने की अनुमति देने के बाद, प्रबंधन अब अवार्ड को चुनौती देने के अधिकार का दावा नहीं कर सकता है। श्रमिकों ने...

दिल्ली सरकार बनाम एलजी: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एलजी की ओर से डीईआरसी चेयरपर्सन के लिए ‌नामित व्यक्ति का शपथ ग्रहण टाला, नियुक्ति के खिलाफ दिल्ली सरकार की या‌चिका पर सुनवाई होगी
दिल्ली सरकार बनाम एलजी: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एलजी की ओर से डीईआरसी चेयरपर्सन के लिए ‌नामित व्यक्ति का शपथ ग्रहण टाला, नियुक्ति के खिलाफ दिल्ली सरकार की या‌चिका पर सुनवाई होगी

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के कारण मंगलवार को दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष के रूप में इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस उमेश कुमार के शपथ ग्रहण को स्थगित कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कुमार के नियुक्त‌ि के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) ने एक याचिका दायर की है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। दिल्ली सरकार ने इस आधार पर नियुक्ति को चुनौती दी कि एलजी ने यह नियुक्त‌ि उसकी सहमति के बिना एकतरफा तौर पर की है।चीफ जस्टिस ऑफ...

सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई के लिए नई संविधान पीठ का गठन किया,11 जुलाई को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई के लिए नई संविधान पीठ का गठन किया,11 जुलाई को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ 11 जुलाई, 2023 को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने के लिए तैयार है। इस मामले की सुनवाई करने वाली पीठ में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसके कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत शामिल हैं। याचिकाएं 2 मार्च, 2020 के बाद पहली बार सूचीबद्ध की जा रही हैं। अनुच्छेद 370 मामलों पर सुनवाई अगस्त 2019 में केंद्र द्वारा जारी अधिसूचनाओं के लगभग 4 महीने बाद दिसंबर 2019 में 5-न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष शुरू हुई।मामले...

द वायर के खिलाफ मानहानि का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जेएनयू से यह सत्यापित करने को कहा कि क्या प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय को संगठित सेक्स रैकेट का अड्डा बताने वाला डोजियर सौंपा था?
'द वायर' के खिलाफ मानहानि का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जेएनयू से यह सत्यापित करने को कहा कि क्या प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय को 'संगठित सेक्स रैकेट का अड्डा' बताने वाला डोजियर सौंपा था?

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश, जिसमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की पूर्व प्रोफेसर अमिता सिंह की ओर से दायर आपराधिक मानहानि मामले में द वायर के संपादक और उप संपादक के खिलाफ 2017 में एक ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी समन आदेश को रद्द कर दिया था, के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। सिंह ने 2016 में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने अप्रैल 2016 में वायर के उप संपादक अजॉय आशीर्वाद महाप्रस्थ द्वारा लिखे गए एक लेख का उल्लेख किया था, जिसका शीर्षक था "डोजियर कॉल जेएनयू...

पति द्वारा बढ़ती आत्महत्या  पर याचिका : क्या आप जानते हैं कि शादी के तीन साल के भीतर कितनी युवा महिलाएं मर जाती हैं ? सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा
"पति द्वारा बढ़ती आत्महत्या " पर याचिका : क्या आप जानते हैं कि शादी के तीन साल के भीतर कितनी युवा महिलाएं मर जाती हैं ? सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें घरेलू हिंसा के शिकार विवाहित पुरुषों में बढ़ती आत्महत्या की दर से निपटने के लिए दिशानिर्देश और ऐसी शिकायतों से निपटने के लिए 'राष्ट्रीय पुरुष आयोग' की स्थापना की मांग की गई थी। जैसे ही पीठ ने मामले पर विचार करने में अनिच्छा व्यक्त की, याचिकाकर्ता ने याचिका वापस लेने का फैसला किया।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी।अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा, "अगर आप हमसे यह उम्मीद करते...

आपके पास विज्ञापनों के लिए फंड है, लेकिन RRTS प्रोजेक्ट के लिए नहीं? : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पिछले तीन सालों में विज्ञापन के लिए इस्तेमाल किए गए फंड का ब्योरा मांगा
'आपके पास विज्ञापनों के लिए फंड है, लेकिन RRTS प्रोजेक्ट के लिए नहीं?' : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पिछले तीन सालों में विज्ञापन के लिए इस्तेमाल किए गए फंड का ब्योरा मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को पिछले तीन वित्तीय वर्षों में विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल किए गए फंड का ब्योरा देने को कहा। कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।जस्टिस एसके कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की डिवीजन बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी।दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बजटीय बाधाओं की वजह से वो रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम यानी RRTS प्रोजेक्ट के लिए फंड देने में सक्षम नहीं है। इसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि हमें 2 हफ्ते की भीतर बताइए...

सुप्रीम कोर्ट ने आप विधायक अमानतुल्ला खान की अपील पर नोटिस जारी किया, दिल्ली पुलिस ने हिस्ट्रीशीट में उन्हें खराब चरित्र घोषित किया है
सुप्रीम कोर्ट ने आप विधायक अमानतुल्ला खान की अपील पर नोटिस जारी किया, दिल्ली पुलिस ने हिस्ट्रीशीट में उन्हें 'खराब चरित्र' घोषित किया है

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान की उस अपील पर दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने पिछले साल मार्च में दिल्ली पुलिस द्वारा उनके खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोलने को चुनौती देते हुए उन्हें 'बुरा चरित्र' घोषित किया था। मामला जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ के समक्ष था। याचिका में खान ने बताया कि वह न तो दोषी हैं और न ही घोषित अपराधी। याचिका में कहा गया है कि हालांकि, एक निर्वाचित प्रतिनिधि और एक जन नेता के रूप में, जो वंचितों के...

छुट्टियों के बाद सुप्रीम कोर्ट के दोबारा खुलने पर वकीलों का पेपरलेस कोर्ट रूम, डिजिटल स्क्रीन और मुफ्त वाईफाई के साथ स्वागत हुआ
छुट्टियों के बाद सुप्रीम कोर्ट के दोबारा खुलने पर वकीलों का पेपरलेस कोर्ट रूम, डिजिटल स्क्रीन और मुफ्त वाईफाई के साथ स्वागत हुआ

सुप्रीम कोर्ट जैसे ही फिर से खुला तो वकीलों और वादकारियों का पेपरलेस और डिजिटलीकृत कोर्ट रूम्स के ताज़गी भरे दृश्य के साथ स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में लॉ रिपोर्टें हटा दी गईं, जो सीजेआई के कोर्ट रूम की दीवारों और पीठ के नीचे कागजी फाइलों के ढेर के साथ लगी रहती थीं। कोर्ट रूम में कई डिजिटल स्क्रीन और एडवांस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं देखी गईं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद वकीलों का स्वागत करते हुए कहा,"मुझे उम्मीद है कि सभी किताबों के हटने के...

मणिपुर हिंसा: सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य स्थिति के संबंध में राज्य और ट्राइबल फोरम के विपरीत दावों के बाद अपडेट स्टेटस रिपोर्ट मांगी
मणिपुर हिंसा: सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य स्थिति के संबंध में राज्य और ट्राइबल फोरम के विपरीत दावों के बाद अपडेट स्टेटस रिपोर्ट मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर राज्य से इस साल मार्च के आखिरी सप्ताह में राज्य में समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों की वर्तमान स्थिति के संबंध में अपडेट स्टेटस रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने राज्य को पुनर्वास शिविरों, हथियारों की बरामदगी और कानून व्यवस्था के संबंध में स्थिति अद्यतन करने का निर्देश दिया।इस मामले पर अगले सोमवार को विचार किया जाएगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस मनोज मिश्रा की खंडपीठ दो याचिकाओं पर विचार कर रही थी- एक, मणिपुर ट्राइबल...

उन सुरक्षा चूकों की जांच की जा रही है जिनके कारण अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या हुई: सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने बताया
उन सुरक्षा चूकों की जांच की जा रही है जिनके कारण अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या हुई: सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने बताया

सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुलिस हिरासत में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्याओं की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका के जवाब में पारित आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से विशेष सचिव, गृह विभाग द्वारा हलफनामा दायर किया गया।सुप्रीम कोर्ट ने अपने उक्त आदेश में 28 अप्रैल, 2023 को अदालत ने गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई की मौत के साथ-साथ पूर्व घटना, जिसमें उसके बेटों की पुलिस की जवाबी गोलीबारी में मौत हो गई थी, की जांच के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने के लिए कहा था। इसने यह...

एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड को अंतरिम संरक्षण देने पर सुप्रीम कोर्ट के जजों में मतभेद, मामला बड़ी बेंच के सामने रखा जाएगा
एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड को अंतरिम संरक्षण देने पर सुप्रीम कोर्ट के जजों में मतभेद, मामला बड़ी बेंच के सामने रखा जाएगा

सुप्रीम कोर्ट में शनिवार शाम आयोजित एक विशेष सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस पीके मिश्रा ने 2002 के गुजरात दंगों के संबंध में कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड के खिलाफ दर्ज गुजरात पुलिस की एफआईआर के संबंध में तीस्ता को अंतरिम सुरक्षा देने पर असहमति जताई। जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने कहा, '' अंतरिम संरक्षण देने के सवाल पर हमारे बीच असहमति है, इसलिए हम मुख्य न्यायाधीश से इस मामले को एक बड़ी पीठ को सौंपने का अनुरोध करते हैं।''पीठ गुजरात...