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[2002 गुजरात दंगा मामला] हाईकोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका खारिज की, तुरंत आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया
गुजरात हाईकोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों के संबंध में उच्च सरकारी अधिकारियों को फंसाने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए उनके खिलाफ दर्ज राज्य पुलिस की एफआईआर के संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड द्वारा दायर नियमित जमानत याचिका को आज खारिज कर दिया। जस्टिस निर्जर एस.देसाई की बेंच ने आज फैसला सुनाते हुए उन्हें तुरंत सरेंडर करने का निर्देश दिया। अब तक वह सितंबर 2022 के सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम जमानत आदेश के संचालन के कारण दंडात्मक कार्रवाइयों से सुरक्षित थी।न्यायालय ने...
‘सुनिश्चित करें कि बकरीद पर हाउसिंग सोसाइटी में कोई अवैध पशु वध न हो’: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई सिविक बॉडी को निर्देश दिया
देर शाम की सुनवाई में बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई नागरिक निकाय (बीएमसी) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कल बकरी ईद के अवसर पर मुंबई सेंट्रल की नैथानी हाइट्स सोसायटी में कोई अवैध बकरे की बलि न हो।जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने कहा,“अगर नगर निगम ने उक्त स्थान पर जानवरों का वध करने के लिए लाइसेंस जारी नहीं किया है, तो नगर निगम के अधिकारी पुलिस कर्मियों की सहायता से प्रस्तावित जानवरों के वध को रोकने के लिए कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करेंगे।"अदालत ने यह आदेश नैथानी...
सुप्रीम कोर्ट में 3 जुलाई से नया रोस्टर प्रभावी; प्रथम तीन खंडपीठों के समक्ष जनहित याचिकाएं
सुप्रीम कोर्ट ने काम का नया रोस्टर प्रकाशित किया है, जो 3 जुलाई से प्रभावी होगा। इस सब्जेक्टवार रोस्टर के अनुसार मामलों का आवंटन पंद्रह अलग-अलग खंडपीठों को आवंटित किया जाएगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पहली पीठ में अप्रत्यक्ष कर, सर्विस मामले, आपराधिक अपील, चुनाव याचिका, कंपनी कानून, बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले और मध्यस्थता से लेकर मामलों के अधिकतम विषय शामिल हैं। संवैधानिक प्राधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति, सशस्त्र बलों, शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश...
"वाल्मिकी रामायण की 'मूल संरचना' विकृत की गई, संवादों की भाषा केवल 'गली बॉय' द्वारा उपयोग की जाती है" : सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका, 'आदिपुरुष' पर प्रतिबंध लगाने की मांग
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका (पीआईएल) याचिका दायर की गई है, जिसमें हिंदू महाकाव्य रामायण पर आधारित ओम राउत की 'आदिपुरुष' फिल्म पर कथित तौर पर हिंदुओं और चित्रित विभिन्न देवताओं के भक्तों की भावनाओं को आहत करने के लिए प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। फिल्म में "उनके मौलिक मूल्यों और चरित्रों को नष्ट करके" और वाल्मिकी रामायण की 'बुनियादी संरचना' को संशोधित किया गया है। याचिकाकर्ता ने फिल्म के कुछ संवादों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि केवल 'गली बॉय' ही ऐसी 'अपमानजनक'...
'खेल के नियम' बदलना, अयोग्य व्यक्ति द्वारा मध्यस्थ की नियुक्ति, एलएमवी लाइसेंस का दायरा: सुप्रीम कोर्ट की नई संविधान पीठ के समक्ष मामला
12 जुलाई से शुरू होने वाले चार मामलों की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक नई संविधान पीठ का गठन किया गया है। पीठ का नेतृत्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ करेंगे और इसमें जस्टिस हृषिकेश रॉय, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल होंगे। बेंच निम्नलिखित मामलों की सुनवाई करेगी:1. तेज प्रकाश पाठक और अन्य बनाम राजस्थान हाईकोर्ट और अन्यइस मामले में मुद्दा यह है कि क्या पदों के लिए चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद "खेल के नियम" बदले जा सकते हैं। तेज प्रकाश मामले में,...
भाइयों की 'राज्य प्रायोजित हत्या' की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर अतीक अहमद की बहन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद और अशरफ अहमद की राज्य प्रायोजित हत्या की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर अतीक की बहन ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया। याचिका में रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच की मांग की गई है। साथ ही अतीक के बेटे और उसके भतीजे का पुलिस एनकाउंटर की भी जांच की मांग की गई है। आपको बता दें, 15 अप्रैल को अतीक और अशरफ की यूपी में पुलिस हिरासत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।एक दूसरी जनहित याचिका वकील विशाल तिवारी की सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसमें अतीक-अशरफ की हत्या की स्वतंत्र जांच की...
वैवाहिक घर में महिला का सुसाइड करना अपने आप में ससुराल वालों को उकसाने के लिए जिम्मेदार 'नहीं' बनाता: हाईकोर्ट (वीडियो)
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा एक केस आय़ा। कोर्ट ने मामले में आरोपियों को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा। और कहा कि वैवाहिक घर में एक महिला का सुसाइड करना अपने आप में उसके ससुराल वालों और पति को उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए उत्तरदायी नहीं बनाता है।पूरी वीडियो यहां देखें:
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र (वीडियो)
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (03 अप्रैल, 2023 से 07 अप्रैल, 2023 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र। पूरी वीडियो यहां देखें:
वकीलों को आर्थिक कारणों से न्यायाधीश पद से इनकार नहीं करना चाहिए, देश के प्रति अपने कर्तव्य पर विचार करना चाहिए : जस्टिस दीपांकर दत्ता
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपांकर दत्ता ने शनिवार को कहा कि जो वकील कम भुगतान होने के कारण पीठ में पदोन्नति से इनकार कर देते हैं, उन्हें राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य समझना चाहिए। जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा,“ मैं मुख्य न्यायाधीश के बेंच में आने के आह्वान का सम्मान नहीं करने वाले कुछ प्रतिष्ठित वकीलों की अनिच्छा पर बात करना चाहता हूं। कुछ को वास्तविक कठिनाइयां हो सकती हैं...लेकिन जो लोग आर्थिक कारणों से इनकार करते हैं, उन्हें देश के लोगों के प्रति अपने कर्तव्य पर विचार करने और जजशिप पर...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (19 जून, 2023 से 23 जून, 2023 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।कंपनी अधिनियम - अतिरिक्त शेयर आवंटित करने का निर्णय केवल इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता क्योंकि प्रमोटरों को भी लाभ हुआ है: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के शेयरधारकों के एक समूह के पक्ष में राइट्स शेयर के बड़े पैमाने पर अनुपातहीन आवंटन को बरकरार रखा है, जिससे कंपनी में...
‘पूरी सजा काटने के 14 साल बाद उसी अपराध में व्यक्ति को जेल भेजा गया’: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिहाई का आदेश दिया (वीडियो)
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। दरअसल, उस व्यक्ति को दिसंबर में उसी अपराध के सिलसिले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जिसके लिए वो 14 साल पहले ही 7 साल की सजा काट चुका था।पूरी वीडियो यहां देखें:
कंपनी अधिनियम - अतिरिक्त शेयर आवंटित करने का निर्णय केवल इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता क्योंकि प्रमोटरों को भी लाभ हुआ है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के शेयरधारकों के एक समूह के पक्ष में राइट्स शेयर के बड़े पैमाने पर अनुपातहीन आवंटन को बरकरार रखा है, जिससे कंपनी में शेयरधारकों के अन्य समूह की तुलना में इसकी शेयरधारिता प्रतिशत में काफी वृद्धि हुई है। जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने पाया कि अपीलकर्ता- एचएम पटेल समूह की निजी कंपनी की पेड-अप शेयर पूंजी में हिस्सेदारी 30.80% से बढ़कर 63.58% हो गई, जो अन्य शेयरधारक-समूह द्वारा अवसर दिए जाने के बावजूद अतिरिक्त शेयरों के लिए आवेदन करने...
सुप्रीम कोर्ट ने 27 साल पुराने हत्या मामले में पिता-पुत्र को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया
सुप्रीम कोर्ट ने 27 साल पुराने हत्या के मामले में पिता-पुत्र को बरी कर दिया है, जिन्हें सत्र न्यायालय और हाईकोर्ट ने दोषी ठहराया था और हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। संदेह के लाभ और अभियोजन की यह साबित करने में विफलता के आधार पर दोषमुक्ति दी गई है कि अपीलकर्ताओं ने किसी भी उचित संदेह से परे अपराध किया है।जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन और जस्टिस पंकज मिथल की पीठ ने मोहम्मद मुस्लिम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (अब उत्तराखंड) मामले में दायर एक अपील पर फैसला सुनाते हुए कहा, "इस प्रकार, घटना के...
कॉलेजियम सिस्टम में खामियां हैं, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में यह सबसे अच्छा उपलब्ध विकल्प है: जस्टिस नरीमन
जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने कहा कि कॉलेजियम सिस्टम में खामियां हैं, लेकिन आज की राजनीति को देखते हुए यह सबसे अच्छा विकल्प है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज यूनाइटेड किंगडम के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के कमेटी चैंबर में 'संसद की उत्पत्ति और विकास' विषय पर भाषण देने के बाद सवालों के जवाब दे रहे थे।भारतीय संवैधानिक अदालतों के उन न्यायाधीशों के समूह में शामिल होते हुए, जो अतीत में कॉलेजियम सिस्टम के बचाव में सामने आए हैं, जस्टिस नरीमन ने कहा:“सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने पाया कि जब आप स्वतंत्र न्यायपालिका की...
सुप्रीम कोर्ट ने सेंथिल बालाजी मामले में ईडी की याचिका पर सुनवाई स्थगित की; मद्रास हाईकोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित कर दी और उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में ट्रांसफर करने की अनुमति दी।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एमएम सुंदरेश की अवकाश खंडपीठ ने इस तथ्य के मद्देनजर याचिकाओं की सुनवाई स्थगित कर दी कि मद्रास हाईकोर्ट मामले की सुनवाई करने के लिए तैयार है। भारत के सॉलिसिटर जनरल द्वारा...
पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश की पुष्टि की; राज्य सरकार, एसईसी की चुनौतियों को खारिज किया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश की पुष्टि की, जिसमें पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग (डब्ल्यूबीएसईसी) को 2023 के पंचायत चुनावों के लिए पश्चिम बंगाल के सभी जिलों के लिए केंद्रीय बलों की मांग करने का निर्देश दिया गया था। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस मनोज मिश्रा की एक अवकाशकालीन पीठ ने विपक्ष के नेता सुवेंधु अधिकारी द्वारा दायर जनहित याचिका में हाईकोर्ट द्वारा पारित निर्देशों को चुनौती देने वाली पश्चिम बंगाल राज्य और डब्ल्यूबीएसईसी द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया।पीठ...
परिस्थितिजन्य साक्ष्य के मामले में सभी सिरों से श्रृंखला पूरी होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यह दोहराते हुए कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य के मामले में "सभी सिरों से श्रृंखला पूरी होनी चाहिए, जिससे अभियुक्त के अपराध को इंगित किया जा सके और अपराध के किसी अन्य सिद्धांत को भी बाहर रखा जा सके," दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा रद्द कर दी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2010 में हत्या के मामले में अभियुक्तों को उक्त सजा दी थी।अदालत परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट अपराध के...
मणिपुर हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने आदिवासियों की रक्षा के लिए निर्देश मांगने वाली ट्राइबल फोरम की याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया; 3 जुलाई को सूचीबद्ध करने के लिए कहा
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एमएम सुंदरेश की अवकाश पीठ ने छुट्टियों में मणिपुर जनजातीय फोरम द्वारा दायर इंटरलोक्यूटरी एप्लिकेशन (आईए) को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। पीठ ने मामले की सुनवाई कल या परसों करने की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी और इसे तीन जुलाई के लिए सूचीबद्ध करने के लिए कहा।मामले का उल्लेख सीनियर एडवोकेट कॉलिन गोंजाल्विस ने किया, जिन्होंने मामले की तात्कालिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंसा रोकने के लिए सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद 70...
बंटवारे के साधारण वाद में स्वामित्व संबंधित निष्कर्ष तीसरे पक्ष को बाध्य नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में तेलंगाना हाईकोर्ट के एक फैसले को बरकरार रखा, जिसमें कोर्ट ने हैदरनगर की "पैगाह भूमि" पर रैयत किसानों के उत्तराधिकारियों के स्वामित्व को बरकरार रखा।जस्टिस वी. रामासुब्रमण्यन और जस्टिस पंकज मित्तल की पीठ ने मैसर्स ट्रिनिटी इन्फ्रावेंचर्स लिमिटेड सहित प्रतिद्वंद्वी दावेदारों/अपीलकर्ताओं की ओर से स्वामित्व के दावे को इस आधार पर खारिज कर दिया कि भूमि दिवंगत नवाब खुर्शीद जाह की मातृका संपत्ति थी, जिसे हैदराबाद के निज़ाम द्वारा एक पैगाह के रूप में उन्हें प्रदान किया गया...
' हज यात्रियों को बिना मनोवैज्ञानिक दबाव के जाने दें': सुप्रीम कोर्ट ने हज ग्रुप आयोजकों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने पर लगी रोक के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें कुछ प्रायवेट हज ग्रुप आयोजकों के रजिस्ट्रेशन को रद्द करने पर लगी रोक के खिलाफ अपील की गई थी। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एमएम सुंदरेश की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष यह मामला उठा। संघ की ओर से उपस्थित एएसजी संजय जैन ने तर्क दिया कि यदि निजी हज ऑपरेटरों, जिन्हें उन्होंने "अपराधी" के रूप में वर्णित किया है, उन्हें हज यात्राओं पर ले जाने की अनुमति दी गई तो हज यात्री अंततः पीड़ित...

![[2002 गुजरात दंगा मामला] हाईकोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका खारिज की, तुरंत आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया [2002 गुजरात दंगा मामला] हाईकोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका खारिज की, तुरंत आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2023/07/01/500x300_479053-gujarat-high-court-teesta-setalvad.jpg)
















