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सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेज में इंग्लिश लेक्चरर को बहाल करने के लिए अनुच्छेद 142 की शक्तियों का इस्तेमाल किया
सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई करते हुए अपीलकर्ता को अंग्रेजी लेक्चरर के पद पर बहाल करने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी अंतर्निहित शक्तियों का इस्तेमाल किया।सुप्रीम कोर्ट ने कहा,"इसलिए पर्याप्त न्याय करने के लिए यह उपयुक्त मामला है, जहां हमें पूर्णकालिक आधार पर उनकी नियुक्ति जारी रखने के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्ति का उपयोग करना चाहिए।"जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस संजय करोल बेंच में शामिल थे।मामले...
वादी वास्तविक नहीं, बल्कि दवा प्रैक्टिस करने वाले 'फर्जी डॉक्टर' के आरोपों की जांच के निर्देश जनहित में जारी: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पश्चिम बंगाल में एक फर्जी डॉक्टर की ओर से मेडिकल प्रैक्टिस करने पर लगाए गए आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि हालांकि यह सामने आया है कि याचिकाकर्ता के पास प्रामाणिकता की कमी है, लेकिन अदालत ने यह निर्देश जनहित में जारी किया है और यह कायम रहेगा।यह देखते हुए कि वादी ने याचिका में यह खुलासा नहीं किया कि वह कथित फर्जी डॉक्टर (प्रतिवादी) का भाई था और पहले ही उसके खिलाफ एक दीवानी मुकदमे में हार चुका था, चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम और जस्टिस...
अनुच्छेद 370 | 'लोकतंत्र की बहाली महत्वपूर्ण': सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा कब बहाल किया जाएगा [12वां दिन]
सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ ने अनुच्छेद 370 मामले में बारहवें दिन सुनवाई जारी रखी। आज एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए एक समय सीमा या रोडमैप प्रदान करने को कहा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल, संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ जम्मू-कश्मीर को एक राज्य से केंद्र शासित प्रदेश में बदलने के मुद्दे पर सक्रिय रूप से विचार-विमर्श कर रही है, 2019 में अनुच्छेद 370 के तहत जिसका दर्जा...
'खुदा पर विश्वास करने वाले' टिप्पणी - सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई स्थगित की, प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की विवादास्पद टिप्पणी 'खुदा में विश्वास रखने वाले अगर बीजेपी को वोट देते हैं तो 'खुदा' उन्हें माफ नहीं करेगा’ से उत्पन्न एक आपराधिक मामले में आरोपमुक्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी और उन्हें राज्य के काउंटर एफिडेविट पर प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ इलाहाबाद हाईकोर्ट के जनवरी 2023 के आदेश के खिलाफ मुख्यमंत्री...
"पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई नहीं होगी" : सुप्रीम कोर्ट ने आनुवंशिक रूप से संशोधित सरसों पर केंद्र की अर्जी पर सुनवाई टाली
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) सरसों की रिलीज पर यथास्थिति बनाए रखने का वादा करते हुए पिछले साल नवंबर में अदालत में दी गई मौखिक टिप्पणी को वापस लेने की केंद्र की याचिका पर सुनवाई को टाल दिया।यह वादा जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दिया गया था जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। केंद्र सरकार की हालिया अर्जी पर 26 सितंबर को सुनवाई होगी ।पिछले हफ्ते, केंद्र सरकार ने जीएम सरसों की रिलीज के लिए कोई भी त्वरित कदम उठाने के खिलाफ अपने वादे से मुक्त होने की...
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम | धारा 14 के तहत अधिकारों का दावा करने के लिए महिला का संपत्ति पर कब्जा आवश्यक: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि एक हिंदू महिला को हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 की धारा 14 के तहत अधिकारों का दावा करने के लिए, संपत्ति पर उसका कब्जा होना चाहिए। धारा 14 में कहा गया है कि एक हिंदू महिला की संपत्ति उसकी पूर्ण संपत्ति होगी। धारा 14(1) में कहा गया है, ''किसी महिला हिंदू के पास मौजूद कोई भी संपत्ति, चाहे वह इस अधिनियम के शुरू होने से पहले या बाद में अर्जित की गई हो, वह उसके पूर्ण मालिक के रूप में रखी जाएगी, न कि सीमित मालिक के रूप में।''वर्तमान मामला केरल में दायर एक मुकदमे से उत्पन्न...
क्या जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश के रूप में परिवर्तित करना संघीय सिद्धांत के अनुरूप है? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा [दिन 11]
सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 याचिकाओं पर संविधान पीठ की कार्यवाही के ग्यारहवें दिन (28 अगस्त) को केंद्र सरकार से पूछा कि क्या जम्मू और कश्मीर राज्य को केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अपग्रेड करने की कार्रवाई वास्तव में संघीय सिद्धांत के अनुरूप है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डॉ. डी.वाई. चंद्रचूड़ इस पीठ की अध्यक्षता कर रहे है। पीठ में जस्टिस एसके कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल हैं।सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कल की सुनवाई में सवाल उठाया था, जब भारत के...
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पावर डिस्कॉम को कामगारों को बकाया वेतन के रूप में 10 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने को कहा, 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (28 अगस्त) को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (उत्तर प्रदेश में बिजली वितरण करने वाला एक राज्य उपक्रम) पर 2 लाख का जुर्माना लगाया, जबकि एक कर्मचारी को बकाया वेतन भुगतान करने के लिए पारित श्रम न्यायालय के फैसले को दी गई चुनौती को खारिज कर दिया। न्यायालय ने निगम को निर्देश दिया कि वह कर्मचारी को 22.12.1995 से 21.09.2006 तक वेतन बकाया के रूप में 10,54,311/- रुपये का भुगतान भुगतान की तारीख तक 11% ब्याज के साथ करे। इसके अलावा, निगम को 2 लाख रुपये का जुमाना लगाने के लिए...
जब तक अत्यंत आवश्यक न हो तब तक सरकारी अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी पारित नहीं की जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक बिल्कुल जरूरी न हो तब तक सरकारी अधिकारियों के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने कहा,"अदालत की टिप्पणियां हर समय न्याय, निष्पक्ष और संयम के सिद्धांतों द्वारा शासित होनी चाहिए। साथ ही इस्तेमाल किए गए शब्दों में संयम प्रतिबिंबित होना चाहिए।"इस मामले में शिखा ट्रेडिंग कंपनी ने पंजाब के उत्पाद एवं कराधान विभाग के अधिकारियों द्वारा उसकी दुकान की अवैध सीलिंग के खिलाफ रिट याचिका दायर की। इसकी अनुमति देते हुए...
बिहार जाति सर्वेक्षण - केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर वह हलफनामा वापस लिया जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार जनगणना जैसी कोई कार्रवाई नहीं कर सकती
केंद्र सरकार ने बिहार जाति सर्वेक्षण मामले में पहले के हलफनामे को वापस लेते हुए एक नया हलफनामा दायर किया है। पहले दाखिल हलफनामे में कहा गया था कि "संविधान के तहत या अन्यथा कोई भी निकाय जनगणना या जनगणना के समान कोई कार्रवाई करने का हकदार नहीं है।" दायर दूसरे हलफनामे में केंद्र ने कहा कि उपरोक्त पैराग्राफ "अनजाने में आ गया" था।"यह प्रस्तुत किया गया है कि केंद्र सरकार ने सोमवार को सुबह एक हलफनामा दायर किया है। उक्त हलफनामे में अनजाने में पैरा 5 आ गया है, इसलिए उक्त हलफनामा वापस लिया जाता है और यह...
अनुच्छेद 370| सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अनुच्छेद 35ए ने नागरिकों के तीन मौलिक अधिकार छीने [ दिन -11 ]
संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के 11 वें दिन, सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि अनुच्छेद 35ए जो जम्मू और कश्मीर (जे एंड के) के स्थायी निवासियों को विशेष अधिकार और विशेषाधिकार प्रदान करता था, का असर ये हुआ कि भारतीय नागरिकों के तीन मौलिक अधिकारों को हटा दिया गया , अर्थात्, अनुच्छेद 16 (1) (राज्य के तहत रोजगार के अवसर की समानता), पूर्ववर्ती अनुच्छेद 19 (1) (एफ) (अचल संपत्ति अर्जित करने का अधिकार, जो अब अनुच्छेद 300 ए के तहत प्रदान किया गया...
वकीलों को अपनी व्यावसायिक क्षमता में आत्मसम्मान विवाह संपन्न कराने से बचना चाहिए, हालांकि, वे निजी क्षमता में गवाह बन सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया कि वकीलों को अदालत के अधिकारी होने के नाते, अपनी व्यावसायिक क्षमता में हिंदू विवाह अधिनियम 1955 (तमिलनाडु राज्य पर लागू) के अनुसार 'आत्मसम्मान विवाह' संपन्न कराने या स्वेच्छा से विवाह करने की अंडरटेकिंग से बचना चाहिए। हालांकि, वे मित्र या रिश्तेदार के रूप में अपनी व्यक्तिगत क्षमताओं में विवाह के गवाह के रूप में खड़े हो सकते हैं।जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने एस बालाकृष्णन पांडियन बनाम पुलिस निरीक्षक मामले में 2014 के मद्रास हाईकोर्ट...
कृष्ण जन्मभूमि के पास तोड़फोड़ - सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह मालिकाना हक तय नहीं कर सकता, याचिकाकर्ता से सिविल कोर्ट जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि के पास रेलवे अधिकारियों द्वारा हाल ही में किए गए विध्वंस अभियान के खिलाफ याचिका का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने पहले की यथास्थिति के आदेश को बढ़ाकर अंतरिम सुरक्षा देने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। जस्टिस अनिरुद्ध बोस , जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस एसवीएन भट्टी की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने निकाले जा रहे स्थानीय लोगों को विवादित भूमि का स्वामित्व अदालत से संपर्क करने की अनुमति दी, जो वर्तमान में एक मुकदमे की सुनवाई कर रही है।अदालत ने हालांकि, 16...
सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के दोषी पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को सजा पर सुनवाई के लिए वर्चुअली पेश होने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (25.08.2023) को पूर्व सांसद (एमपी) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता प्रभुनाथ सिंह को वर्चुअली पेश होने की अनुमति दी। सिंह को 1995 के दोहरे हत्याकांड में 18 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी ठहराया था।18 अगस्त के अपने फैसले में न्यायालय ने सिंह को 01.09.2023 को सचिव, गृह विभाग, बिहार राज्य और पुलिस महानिदेशक, बिहार द्वारा न्यायालय के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया। हालांकि, सिंह के आवेदन पर आदेश को संशोधित किया गया।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की...
सिर्फ पीठासीन न्यायाधीश या पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर ही सजा में छूट से इनकार नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट ने समय पूर्व रिहाई से संबंधित कारक निर्धारित किए
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक उल्लेखनीय फैसला सुनाया है जिसमें उन कारकों को समझाया गया है जिन्हें सरकार को आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 432 के अनुसार दोषियों को सजा में छूट देने का निर्णय लेते समय ध्यान में रखना चाहिए।अन्य विचारों (जैसे कि अपराध की प्रकृति, क्या इसने बड़े पैमाने पर समाज को प्रभावित किया, इसकी पुनरावृत्ति की संभावना आदि) के अलावा, सरकार को भविष्य में अपराधी द्वारा अपराध करने की क्षमता पर विचार करते समय यह भी देखना चाहिए कि क्या निरंतर कारावास का कोई सार्थक उद्देश्य शेष...
अनुशासनात्मक कार्यवाही में सबूत का भार कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोप और स्पष्टीकरण की प्रकृति पर निर्भर करता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में माना कि अनुशासनात्मक कार्यवाही में सबूत का बोझ प्रतिवादी के खिलाफ लगाए गए आरोप की विशिष्ट प्रकृति और उनके द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर निर्भर करता है।इसमें कहा गया,“यह अच्छी तरह से तय है कि अनुशासनात्मक कार्यवाही में सबूत के बोझ का सवाल आरोप की प्रकृति और प्रतिवादी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण की प्रकृति पर निर्भर करेगा। किसी दिए गए मामले में स्पष्टीकरण के आधार पर बोझ प्रतिवादी पर स्थानांतरित किया जा सकता है।न्यायालय ने विभागीय जांच कार्यवाही में न्यायिक पुनर्विचार के...
अगर नियोक्ता का सवाल अस्पष्ट है तो जानकारी के छिपाव के आधार पर नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
किसी उम्मीदवार द्वारा लंबित आपराधिक मामले के बारे में "महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाने" से संबंधित एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सत्यापन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों से जानकारी मांगते समय विशिष्टता के महत्वपूर्ण पहलू पर प्रकाश डाला।इसने अवतार सिंह बनाम भारत संघ (2016) 8 SC 471 में निर्धारित सिद्धांत को दोहराया कि- “छिपाव या गलत जानकारी का निर्धारण करने के लिए सत्यापन/सत्यापन फॉर्म विशिष्ट होना चाहिए, अस्पष्ट नहीं। केवल वही जानकारी प्रकट की जानी है जिसका विशेष रूप से उल्लेख किया जाना आवश्यक है।...
आईपीसी की धारा 307 | हत्या के प्रयास के लिए दोषसिद्धि बरकरार रखी जा सकती है, भले ही शिकायतकर्ता को चोटें बहुत साधारण प्रकृति की हों: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 के तहत किसी आरोपी की सजा बरकरार रखी जा सकती है, भले ही शिकायतकर्ता को लगी चोटें बहुत साधारण प्रकृति की हों।जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ ने कहा,जो महत्वपूर्ण है वह अपीलकर्ता/अभियुक्त द्वारा किए गए खुले कृत्य के साथ जुड़ा इरादा है।इस मामले में अपीलकर्ता-अभियुक्त को आईपीसी की धारा 307 और 332 के तहत अपराध के लिए समवर्ती रूप से दोषी ठहराया गया। उक्त अपराधों के लिए क्रमशः पांच साल और दो साल के कठोर कारावास से...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (21 अगस्त, 2023 से 25 अगस्त, 2023 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।यदि बहुमत के फैसले को खारिज कर दिया जाता है तो किसी मध्यस्थ की असहमतिपूर्ण राय को अवॉर्ड के रूप में नहीं माना जा सकता: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में माना कि यदि बहुमत के फैसले को रद्द कर दिया जाता है तो असहमतिपूर्ण राय को अवार्ड के रूप में नहीं माना जा सकता। इस मामले में तीन सदस्यीय...
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने लॉ फर्म द्वारा इंटर्न को उसकी जाति के आधार पर काम से निकालने वाली घटना याद की, कानूनी पेशे में समावेशिता का आह्वान किया
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को घटना को याद करते हुए कानूनी पेशे में समावेशिता का आह्वान किया, जहां कानून कार्यालय में इंटर्नशिप शुरू करने वाले युवा स्टूडेंट से उसके एडवाइजर ने पूछा कि वह किस जाति से है। जब उसने अपनी जाति बताई तो उसे वापस न आने के लिए कहा गया।सीजेआई ने नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) बेंगलुरु के 31वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा,"जब मैंने यह सुना तो मैं निराशा से भर गया।"उसने कहा,“वकील के रूप में हम समाज और...



![अनुच्छेद 370 | लोकतंत्र की बहाली महत्वपूर्ण: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा कब बहाल किया जाएगा [12वां दिन] अनुच्छेद 370 | लोकतंत्र की बहाली महत्वपूर्ण: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा कब बहाल किया जाएगा [12वां दिन]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2023/08/25/500x300_488653-article370casejammukashmirssupremecourt.jpg)



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