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बेअसर मामला: सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की बेंच ने विधायी विशेषाधिकार से जुड़ी याचिकाओं का निपटारा किया
सुप्रीम कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आज़ादी और विधायी विशेषाधिकारों के मुद्दे पर 7 जजों की बेंच के पास भेजा गया मामला बंद कर दिया। कोर्ट ने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा के 2003 के उस प्रस्ताव को, जिसकी वजह से यह मामला शुरू हुआ था, 2004 में ही वापस ले लिया गया था।इस मामले की सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस पीके मिश्रा, जस्टिस जॉयमाल्य बागची, जस्टिस विपुल पंचोली, जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस वी मोहना की बेंच बनाई गई थी। यह मामला लगभग दो दशकों से लंबित...

सीएम भगवंत मान से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच का आदेश, पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
पंजाब सरकार ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने और आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया।राज्य सरकार ने सोमवार को हाई कोर्ट द्वारा पारित आदेश को चुनौती देते हुए स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) दायर की।पंजाब राज्य की ओर से सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के समक्ष मामला उठाया और आज...

न्याय को समझदारी भरा बनाने के लिए कोर्टरूम के अनुभव और एकेडमिक स्कॉलरशिप दोनों की ज़रूरत': CJI सूर्यकांत
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने कहा कि न्याय को समझदारी भरा बनाने के लिए कोर्टरूम के अनुभव और एकेडमिक स्कॉलरशिप (शैक्षणिक अध्ययन) दोनों की ज़रूरत होती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि कोर्टरूम फ़ैसले तो सुनाते हैं, लेकिन वे फ़ैसले सिर्फ़ फ़ाइल तक सीमित नहीं रहते। फ़ाइल बंद होने के बाद भी वे लोगों की ज़िंदगी पर असर डालते हैं। यहीं पर एकेडमिक स्कॉलरशिप यह पता लगाती है कि क्या सच में न्याय हुआ है या नहीं।उन्होंने कहा,"कोर्टरूम केस देखता है, जबकि एकेडेमिया पैटर्न देखता है। और अगर न्याय को समझदारी...

किसी भी संशोधित फॉर्म-6 को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी नहीं दी: CJI सूर्यकांत
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे संशोधित फॉर्म-6 को अदालत ने मंजूरी नहीं दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की।मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत ने कहा, “किसी भी संशोधित फॉर्म-6 को हमने मंजूरी नहीं दी है। यह स्पष्ट है। रिकॉर्ड सामने आने पर हम देखना चाहेंगे कि इसे किसने संशोधित किया।”निर्वाचन...

CEC ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश से इनकार, ECI समेत अन्य को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर एकतरफा अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कथित तौर पर SIR (Special Intensive Revision) से जुड़े कई फैसले एकतरफा लिए जाने के आरोपों पर पहले निर्वाचन आयोग और अन्य प्रतिवादियों का जवाब लिया जाना जरूरी है।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने याचिका पर केंद्र सरकार, निर्वाचन आयोग (ECI), CEC ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर...

Great Nicobar Project | 'संस्कृति को बचाना संविधान से सुरक्षित मौलिक अधिकार': जस्टिस जॉयमाल्य बागची
केंद्र के ग्रेट निकोबार आइलैंड मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान, जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने मौखिक रूप से कहा कि संस्कृति को बचाना संविधान से सुरक्षित मौलिक अधिकार है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच केंद्र सरकार की उस चुनौती पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने उस PIL (जनहित याचिका) को सुनवाई योग्य माना था, जिसमें आरोप लगाया गया कि प्रोजेक्ट के लिए सहमति लेने में...

वोटर लिस्ट में शामिल वोटर का नाम बिना नोटिस नहीं हटाया जा सकता, सिवाय तब जब वोटर की मौत हो गई हो: जस्टिस उज्ज्वल भुइयां
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने रविवार को इस बात पर ज़ोर दिया कि वोटर लिस्ट में एक बार नाम दर्ज होने के बाद वोटर का नाम बिना नोटिस दिए और सुनवाई का मौका दिए बिना नहीं हटाया जा सकता, सिवाय उस स्थिति के जब वोटर की मौत हो गई हो।जस्टिस भुइयां ने बताया कि 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' की धारा 22 वोटर लिस्ट से किसी एंट्री को हटाने की इजाज़त तभी देती है, जब वोटर को अपनी बात रखने का उचित मौका दिया गया हो।इसके बाद उन्होंने 'लाल बाबू हुसैन बनाम इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर' मामले का ज़िक्र...

NDPS मामले में गिरफ़्तारी के कारण न बताए जाने पर ज़मानत मिल सकती है, भले ही धारा 37 की शर्तें पूरी न हों? सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया कि क्या NDPS मामले में किसी आरोपी को संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ़्तारी के कारण न बताए जाने की वजह से ज़मानत दी जा सकती है, जबकि उसने अधिनियम की धारा 37 के तहत ज़मानत के लिए ज़रूरी दो कड़ी शर्तों को पूरा नहीं किया हो।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने तमिलनाडु राज्य की उस अपील पर फ़ैसला सुरक्षित रखा, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसके तहत 50 किलो गांजा रखने के आरोप में गिरफ़्तार एक व्यक्ति...

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य मानवाधिकार आयोगों में खाली पदों को भरने के लिए दायर PIL पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने एक PIL पर नोटिस जारी किया। इस PIL में देश भर के राज्य मानवाधिकार आयोगों में खाली पदों को कोर्ट द्वारा तय समय-सीमा के भीतर भरने की मांग की गई।कोर्ट ने अधिकारियों से जवाब मांगा, क्योंकि उसे बताया गया कि ज़्यादातर राज्य मानवाधिकार आयोग या तो खाली पड़े हैं या काम नहीं कर रहे हैं।याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया, "यहां तक कि NHRC की वेबसाइट भी अपडेट नहीं है।" चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच भारत के सुप्रीम कोर्ट और हाई...

केंद्र ने जारी की जस्टिस सुनीता अग्रवाल, डीके उपाध्याय और अपारेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट जज के रूप में नियुक्ति की अधिसूचना
केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट के 3 चीफ जस्टिस - जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह - को सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट करने की जानकारी दी।28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस सुनीता अग्रवाल (गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस), जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय (दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस) और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह (तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस) को प्रमोट करने की सिफारिश की थी।जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में सिविल मामलों में प्रैक्टिस...

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा: ऐसी अथॉरिटी तय करें जो हर सड़क पर फुटपाथ पक्का करे
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह ऐसी केंद्रीय अथॉरिटी तय करे, जो यह पक्का करे कि जहां भी सड़क हो, वहां फुटपाथ भी हो। साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को ऐसे पाँच शहर चुनने का निर्देश दिया, जहां कोर्ट के निर्देशों को शुरुआती तौर पर एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा सके।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से कहा कि वे ऐसी अथॉरिटी तय करने के बारे में निर्देश लें और कोर्ट के सामने रिपोर्ट दाखिल करें। बेंच जून में दिए गए अपने उस...

'जांच अधिकारी को सबूत नहीं बनाने चाहिए': गवाहों को 'सेट अप' किए जाने का पता चलने पर सुप्रीम कोर्ट ने बरी करने का फैसला बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी का काम सबूत इकट्ठा करना है, न कि उन्हें बनाना। कोर्ट ने एक महिला को दो लोगों की हत्या के मामले में बरी किया, क्योंकि यह पाया गया कि जांच एजेंसी ने सबूत बनाने के लिए गवाहों को "सेट अप" किया था और यह नहीं बता पाई कि जांच के दौरान उनके बयान क्यों दर्ज किए गए।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष ने एक टैक्सी ड्राइवर और होटल के कर्मचारी के बयानों के आधार पर आरोपी का अपराध साबित करने की कोशिश की थी। लेकिन जांच में...

ग्रेट निकोबार परियोजना: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की चुनौती पर दखल से किया इनकार, कलकत्ता हाईकोर्ट को जल्द सुनवाई के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेट निकोबार द्वीप में प्रस्तावित मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना से जुड़े मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें परियोजना में वन अधिकार अधिनियम के कथित उल्लंघन को लेकर दायर जनहित याचिकाओं को सुनवाई योग्य माना गया था।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने कहा कि मामला पहले से ही कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित है और 25-26 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से तय तारीख पर ही...

Lakhimpur Kheri Case: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल जज पर सतर्कता रिपोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट सीजे को भेजी, राज्य ने नये अभियोजक की नियुक्ति की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्देश दिया कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में ट्रायल जज से संबंधित सतर्कता रिपोर्ट उचित निर्णय के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के समक्ष रखी जाए।यह घटनाक्रम पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा से संबंधित जमानत मामले की सुनवाई के दौरान हुआ, जो इस मामले में आरोपी हैं।बता दें, पिछली सुनवाई में वकील प्रशांत भूषण द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए पीड़ितों ने पीठासीन अधिकारी के साथ-साथ अभियोजक पर भी संदेह जताया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से पेश सीनियर...

दिल्ली में महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का पुलिस को निर्देश: महिलाओं को रात में अकेले चलने पर भी सुरक्षित महसूस होना चाहिए
नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में बढ़ते यौन अपराधों पर खुद से संज्ञान लेते हुए (Suo Motu), सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।दिल्ली में महिलाओं के सुरक्षित न होने की आम धारणा पर बात करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि मेट्रो, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसी सभी सार्वजनिक जगहों पर बीट पेट्रोलिंग यूनिट्स लगातार निगरानी रखें और दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम वैन के रुकने की जगहों को मज़बूत किया जाए। साथ ही कोर्ट ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि...

सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस के मामलों में 5 करोड़ रुपये जमा न करने पर एक्टर राजपाल यादव को फटकार लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को फटकार लगाई। उन्हें चेक बाउंस के 7 मामलों में दोषी ठहराया गया है और कोर्ट के बार-बार आदेश देने के बावजूद उन्होंने कोर्ट रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा नहीं किए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच चेक बाउंस के मामलों में सजा और दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली यादव की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।पैसे जमा करने के निर्देश का पालन न करने पर जस्टिस बागची ने कहा,"उनके अहंकार को... हम शिकायतकर्ता के लिए कुछ...

उन्हें चुनाव लड़ने दें: नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी की अंतरिम जमानत के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई स्थगित
सुप्रीम कोर्ट ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को कलकत्ता हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सुनवाई 7 अक्टूबर तक स्थगित दी।जस्टिस जॉयमाल्या बागची के मामले से अलग होने के बाद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने यह आदेश दिया। जस्टिस बागची ने हितों के टकराव का हवाला देते हुए सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। उन्होंने बताया कि वकालत के दौरान वह प्रधान से जुड़े मूल मामले में कुछ पक्षकारों की ओर से पेश हो...

शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति को लेकर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की मांग
प्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई, जिसमें दिल्ली पुलिस को राष्ट्रीय राजधानी स्थित जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने का निर्देश देने की मांग की गई है। यह याचिका दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में दायर की गई है।याचिका का उल्लेख मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि दिल्ली पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की अनुमति नहीं दे रही है।...

सेंट्रल विस्टा प्लान में 135 साल पुरानी लाइब्रेरी के लिए जगह नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से हलफनामा दाखिल करने को कहा
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह हलफनामा दाखिल करके बताए कि दिल्ली में 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरियट लाइब्रेरी (CSL) - जिसमें लगभग 8.5 लाख किताबें हैं और जिसे दूसरी जगह शिफ्ट करने का प्रस्ताव है - के लिए नए सेंट्रल विस्टा प्लान के तहत कितनी जगह दी गई।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच उस मामले की सुनवाई कर रही है, जो उन खबरों के आधार पर खुद से (Suo Motu) दर्ज किया गया, जिनमें कहा गया कि सेंट्रल विस्टा प्लान में CSL के लिए कोई जगह नहीं दी गई।बेंच ने केंद्र...

लाखों नागरिकों को वोट के अधिकार से वंचित करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ: जस्टिस उज्जल भुइयां
सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि भारतीय नागरिक का वोट देने का अधिकार संविधान की मूल संरचना का अभिन्न हिस्सा है। ऐसी कोई भी प्रक्रिया जिसके कारण लाखों नागरिक अपने मताधिकार से वंचित हो जाएं स्वभाव से ही मनमानी होगी और संविधान के अनुच्छेद 14 तथा 326 का उल्लंघन करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्राधिकरण को संविधान के तहत नागरिकों को मिले मताधिकार से इस तरह वंचित करने का अधिकार नहीं है और कोई अदालत भी ऐसी प्रक्रिया को मंजूर नहीं कर सकती।19वें नालसार-जस्टिस बीआर सावनी स्मृति मूट कोर्ट...
