ताज़ा खबरें
Air India Plane Crash | 'मीडिया रिपोर्ट्स पर मत जाओ': सुप्रीम कोर्ट ने किसी खास ब्रांड के एयरक्राफ्ट के खिलाफ कमेंट्स पर रोक लगाने को कहा
एयर इंडिया प्लेन क्रैश मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज भारत सरकार से 3 हफ़्ते के अंदर इस दुखद हादसे की जांच के लिए अपनाए गए प्रोसीजरल प्रोटोकॉल पर एक रिपोर्ट फाइल करने को कहा, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई।सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने यह भी सुझाव दिया कि पार्टियां एयरक्राफ्ट में टेक्निकल गड़बड़ियों पर मीडिया रिपोर्ट्स से प्रभावित न हों। इसके अलावा, किसी खास ब्रांड के एयरक्राफ्ट पर कमेंट करने में रोक लगाएं।CJI ने अपनी राय दी,"यह बहुत ही बुरा हादसा...261 बेगुनाह जानें...
'आप सोनम वांगचुक के भाषणों में बहुत ज़्यादा मतलब निकाल रहे हैं': सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- लद्दाख हिंसा के साथ साठगांठ पर सवाल उठाए
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन को चुनौती देने वाली हेबियस कॉर्पस पिटीशन पर सुनवाई जारी रखी, बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार उनके भाषणों में "बहुत ज़्यादा मतलब निकाल रही है"।इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच कर रही है, जो गीतांजलि अंगमो की एक पिटीशन पर है, जिसमें वांगचुक की डिटेंशन को गैर-कानूनी घोषित करने की मांग की गई। कोर्ट ने हाल ही में केंद्र से वांगचुक की कथित बिगड़ती सेहत को देखते...
सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट्स को डेज़िग्नेट करने के लिए नई गाइडलाइंस नोटिफ़ाई कीं, पॉइंट सिस्टम और इंटरव्यू को हटाया गया
सुप्रीम कोर्ट ने “इंडिया के सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीनियर एडवोकेट्स को डेज़िग्नेट करने के लिए गाइडलाइंस, 2026” को नोटिफ़ाई किया, जो जितेंद्र @ कल्ला बनाम राज्य (दिल्ली NCT सरकार) और अन्य (2025 INSC 667) में कोर्ट के 13 मई, 2025 के फ़ैसले के अनुसार 2023 की गाइडलाइंस की जगह लेंगी।जितेंद्र @ कल्ला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पॉइंट-सिस्टम और इंटरव्यू के आधार पर सीनियर एडवोकेट्स को डेज़िग्नेट करने को यह कहते हुए नामंज़ूर किया कि यह काम करने लायक नहीं है। प्रैक्टिस के सालों, रिपोर्ट किए गए फ़ैसलों,...
दहेज हत्या के मामले में बिना वजह बेल देने पर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को फटकार लगाई, 'सबसे चौंकाने वाला और निराशाजनक'
सुप्रीम कोर्ट ने दहेज हत्या के एक मामले में बेल अप्लीकेशन पर फैसला करते समय ध्यान में रखने वाली बातों पर ध्यान दिए बिना बिना वजह बेल ऑर्डर पास करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी आलोचना की।हाईकोर्ट ने मृतक पीड़िता के पति को ऑर्डर शीट में सिर्फ उसकी जेल की अवधि और क्रिमिनल हिस्ट्री न होने का जिक्र करके जमानत दी थी, जिसे जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने "पिछले कुछ समय में मिले सबसे चौंकाने वाले और निराशाजनक ऑर्डर" में से एक बताया।कोर्ट ने कहा,“हम इस ऑर्डर को सीधे-सीधे...
ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम में भी आंसर की दोबारा जांच करना हाईकोर्ट के लिए सही नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि वह स्टेट सिविल जज (जूनियर डिवीज़न) एग्जाम में आए 3 सवालों के सही होने की दोबारा जांच के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाए। कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को कुछ हद तक रद्द कर दिया, जिसमें कुछ सवालों के जवाब गलत पाए गए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच झारखंड पब्लिक सर्विसेज कमीशन (JPSC) की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।JPSC ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें सिविल जज (जूनियर...
CCS नियमों के तहत आने वाले सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारी पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी एक्ट से बाहर: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (11 फरवरी) को कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ़ एटॉमिक एनर्जी (DAE) के तहत काम करने वाले तूतीकोरिन के हेवी वॉटर प्लांट (HWP) के रिटायर्ड कर्मचारी पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 (PG Act) के तहत ग्रेच्युटी के हकदार नहीं हैं, क्योंकि वे सेंट्रल सिविल सर्विस (पेंशन) रूल्स, 1972 के तहत आने वाले सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारी हैं।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की, जिसमें अपील करने वालों, हेवी वॉटर प्लांट के रिटायर्ड कर्मचारियों ने CCS (पेंशन)...
BNSS के तहत डिस्चार्ज और चार्ज तय करने पर CrPC का न्यायशास्त्र जारी है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने देखा कि क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) के तहत प्री-ट्रायल स्टेज पर डिस्चार्ज और चार्ज तय करने के लिए ज़रूरी कानूनी स्टैंडर्ड भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत वैसे ही बने हुए हैं। हालांकि, BNSS डिस्चार्ज एप्लीकेशन फाइल करने और कोर्ट द्वारा चार्ज तय करने के लिए साठ दिन की टाइमलाइन तय करके रेगुलेटरी अनुशासन लाता है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा,“BNSS उस प्रोसेस को बदल रहा है, जिसके तहत यह अधिकार इस्तेमाल किया जाता है। नया कानून डिस्चार्ज...
SC/ST Act की धारा 14A के तहत अपील में SC/ST Act के आरोपों पर हाईकोर्ट को अपने हिसाब से फैसला लेना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST Act के तहत एक मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के हैंडलिंग की आलोचना की। साथ ही कहा कि अपराध की बेसिक बातें, यानी जानबूझकर जाति के आधार पर बेइज्जती या धमकी न देने के बावजूद, हाईकोर्ट ने क्रिमिनल केस आगे बढ़ाया।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SC/ST Act की धारा 14A के तहत अपील के अधिकार का इस्तेमाल करते समय हाईकोर्ट रिविजनल या सुपरवाइजरी कोर्ट के तौर पर काम नहीं करता, बल्कि फर्स्ट अपील कोर्ट के तौर पर काम करता है। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद चीज़ों की इंडिपेंडेंट जांच के बिना...
तलाक-ए-हसन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, पति की गैर-हाजिरी और गंभीर आरोपों पर अंतरिम राहत
सुप्रीम कोर्ट ने एक मुस्लिम पति द्वारा अपनी अशिक्षित पत्नी को दिए गए तलाक-ए-हसन की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि पत्नी ने आरोप लगाया है कि उसके हस्ताक्षर खाली कागज़ पर कराए गए और नोटिस के बावजूद पति पेश नहीं हुआ।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया कि अदालत तलाक-ए-हसन को अवैध घोषित नहीं कर रही है; परंतु इस मामले में गंभीर आरोप और पति की गैर-हाजिरी को देखते हुए रोक आवश्यक है।खंडपीठ ने कहा:“चूंकि पति आरोपों का खंडन करने के...
दिल्ली दंगा 'बड़ी साजिश' मामले में आरोपी तस्लीम अहमद की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (11 फरवरी) को दिल्ली दंगों की कथित 'बड़ी साजिश' मामले के आरोपी तसलीम अहमद की जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया। अहमद ने Delhi High Court के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार किया गया था।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। विशेष अनुमति याचिका (SLP) में 2 सितंबर 2025 के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसने ट्रायल कोर्ट द्वारा तीसरी नियमित जमानत अर्जी खारिज किए जाने के फैसले को बरकरार...
सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य आधार पर रिहाई संभव नहीं: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
केंद्र सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य आधार पर निरुद्धि (डिटेंशन) से रिहा नहीं किया जा सकता।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की खंडपीठ को बताया कि अदालत के अनुरोध पर स्वास्थ्य आधार पर निरुद्धि की समीक्षा के लिए गंभीरता से विचार किया गया, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया जा सका।मेहता ने कहा कि जेल मैनुअल के अनुसार वांगचुक की 28 बार चिकित्सकीय जांच की गई है और वे “स्वस्थ, ठीक-ठाक और सामान्य” हैं।...
50 लाख से अधिक संपत्ति खरीद पर TDS कटौती के लिए सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की अस्वीकृति
सुप्रीम कोर्ट ने आज 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति खरीदते समय स्रोत पर कर कटौती (TDS) संबंधी सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।क्या था मामला?आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194IA के तहत यदि किसी अचल संपत्ति (कृषि भूमि को छोड़कर) की बिक्री कीमत 50 लाख रुपये या उससे अधिक है, तो खरीदार को विक्रेता को भुगतान की जाने वाली राशि पर 1% TDS काटना अनिवार्य है।कटे हुए कर को निर्धारित समय सीमा के भीतर...
बीमित वाहनों को दुर्घटनाओं में 'प्लांट' कर फर्जी MACT दावों पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कथित फर्जी मोटर दुर्घटना मुआवजा दावों के एक “व्यापक रैकेट” पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत के समक्ष आरोप है कि कई हितधारक मिलकर बीमित (इंश्योर्ड) वाहनों का इस्तेमाल योजनाबद्ध तरीके से दुर्घटनाएं दर्शाने और मुआवजा दावे गढ़ने के लिए कर रहे हैं।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ Oriental Insurance Company Limited द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उड़ीसा हाईकोर्ट के मुआवजा आदेश को चुनौती दी गई थी। बीमा कंपनी का दावा था कि...
जालसाजी के आरोप में बर्खास्त तेलंगाना कोर्ट कर्मचारी की बहाली, सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया बर्खास्तगी आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (11 फरवरी) को करिमनगर स्थित अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल जज की अदालत में कार्यरत एक ऑफिस सबऑर्डिनेट (अधीनस्थ कर्मचारी) को सेवा में पुनर्बहाली का आदेश दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि कर्मचारी को सभी परिणामी लाभ, बकाया वेतन और अन्य परिलाभ (emoluments) तीन सप्ताह के भीतर दिए जाएं।जस्टिस के. वी. विश्वनाथन और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ ने तेलंगाना हाईकोर्ट के 12-02-2024 के फैसले को रद्द करते हुए अपील स्वीकार कर ली। साथ ही 13-11-2018 का बर्खास्तगी आदेश और 8-1-2021 का अपीलीय...
जबरदस्ती या धोखाधड़ी के आधार वाले सिविल वाद को शुरुआती चरण में खारिज नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (10 फरवरी) को कहा कि केवल इस आधार पर कि किसी सिविल वाद में जबरदस्ती (coercion), अनुचित प्रभाव (undue influence) या मिथ्या प्रस्तुतीकरण (misrepresentation) का आरोप लगाया गया है, उसे सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश VII नियम 11 के तहत प्रारंभिक चरण में खारिज नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने मद्रास हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट के उन समवर्ती निष्कर्षों को रद्द कर दिया, जिनमें अपीलकर्ता के सिविल वाद को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया...
राज्यसभा सदस्य उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पद से हटाने की मांग, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा 2012 मर्डर केस का आरोपी
2012 में दिल्ली के व्यवसायी अरुण कुमार टिक्कू की हत्या के आरोपी विजय भिवाजीराव पालांडे ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए राज्यसभा सदस्य उज्जवल निकम को मामले में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) पद से हटाने की मांग की है।पालांडे का तर्क है कि निकम, जो राज्यसभा के मनोनीत सदस्य हैं, महाराष्ट्र सरकार की ओर से एसपीपी के रूप में कार्य जारी नहीं रख सकते, क्योंकि यह “लाभ का पद” (Office of Profit) धारण करने के समान होगा। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में निकम का एसपीपी बने रहना संविधान के अनुच्छेद 102(1) के...
'एक महिला होकर दूसरी महिला के लिए ऐसी भाषा': सुप्रीम कोर्ट ने महिला वकील को लगाई कड़ी फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक महिला वकील द्वारा बलात्कार पीड़िता के खिलाफ फेसबुक पोस्ट किए जाने पर कड़ी नाराज़गी जताई। कोर्ट ने कहा कि जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह न केवल आपत्तिजनक है बल्कि एक महिला वकील से ऐसी अपेक्षा बिल्कुल नहीं की जा सकती।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ के समक्ष यह मामला केरल की एडवोकेट दीपा जोसेफ की याचिका पर आया था। दीपा जोसेफ ने केरल पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। यह पोस्ट केरल के...
सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट से पूछा- क्या UAPA लगाने का आधार बनता है?
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कलकत्ता हाइकोर्ट से कहा कि वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) लागू किए जाने के औचित्य की जांच करे। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर 10 जनवरी को हुए हमले से जुड़ा है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने निर्देश दिया कि NIA इस मामले में अपनी जांच से संबंधित सामग्री कलकत्ता हाइकोर्ट के समक्ष सीलबंद लिफाफे में पेश करे ताकि यह तय किया जा सके कि...
रेलवे सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की सख़्त टिप्पणी, बजट आवंटन को बताया नाकाफ़ी
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में रेलवे सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय पर गंभीर सवाल उठाए । कोर्ट ने कहा कि रेलवे के लिए किए जा रहे बजटीय आवंटन आम आदमी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं और इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा,“आम आदमी की सुरक्षा और संरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण कुछ नहीं है, जो यात्री रेलवे पर भरोसा करके यात्रा करता है, उसकी जान की हिफ़ाज़त सर्वोपरि है।...
जमानत अर्ज़ियों में ज़रूरी जानकारियों का खुलासा अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट्स को दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए देशभर के हाइकोर्ट्स को निर्देश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि जमानत अर्ज़ियों में कुछ बुनियादी और आवश्यक जानकारियों का उल्लेख होना चाहिए ताकि अदालतें मामले को सही परिप्रेक्ष्य में परख सकें।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने यह निर्देश उस मामले में दिए, जिसमें एक व्यक्ति को फर्जी एलएलबी डिग्री हासिल करने और जाली डिग्रियों की आपूर्ति का रैकेट चलाने के...




















