बॉम्बे हाईकोर्ट

सम्मान से अंतिम संस्कार का अधिकार: हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त को मुंबई में अपर्याप्त कब्रिस्तानों के मुद्दे को व्यक्तिगत रूप से संबोधित करने का निर्देश दिया
"सम्मान से अंतिम संस्कार का अधिकार": हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त को मुंबई में अपर्याप्त कब्रिस्तानों के मुद्दे को व्यक्तिगत रूप से संबोधित करने का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को ग्रेटर मुंबई नगर निगम (एमसीजीएम) के आयुक्त को निर्देश दिया कि वे मुंबई में अपर्याप्त कब्रिस्तानों के मुद्दे पर व्यक्तिगत रूप से विचार करें और नए कब्रिस्तानों की पहचान करने और उन्हें अधिग्रहित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। कोर्ट ने कहा,"...हम निर्देश देते हैं कि नगर निगम के आयुक्त के अलावा कोई भी व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से मामले को नहीं देखेगा और तदनुसार निर्देश जारी करेगा जो (ए) रफी नगर से तीन किलोमीटर के आसपास के क्षेत्र में कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल की जाने...

मामले में मुख्य पक्षकार नहीं हैं सलमान खान, CBI जांच की मांग वाली याचिका से उनका नाम हटाया जाए: बॉम्बे हाईकोर्ट
मामले में मुख्य पक्षकार नहीं हैं सलमान खान, CBI जांच की मांग वाली याचिका से उनका नाम हटाया जाए: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का नाम उस याचिका से हटाने का निर्देश दिया, जिसमें खान के आवास के बाहर फायरिंग के मामले में आरोपी अनुज थापन की हिरासत में मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच की मांग की गई।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस श्याम चांडक की खंडपीठ ने इस बात पर जोर दिया कि याचिका में खान के खिलाफ कोई आरोप या राहत नहीं मांगी गई। इसलिए उनकी संलिप्तता अनावश्यक है।अनुज थापन 1 मई, 2024 को मुंबई पुलिस लॉक-अप के अंदर मृत पाए गए थे। पुलिस के अनुसार, थापन ने...

लंबे समय तक नौकरी जारी रखने से नियमितीकरण का कोई अंतर्निहित अधिकार नहीं बनता: ​​बॉम्बे हाईकोर्ट
लंबे समय तक नौकरी जारी रखने से नियमितीकरण का कोई अंतर्निहित अधिकार नहीं बनता: ​​बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप वी. मार्ने की एकल पीठ ने मुख्य अधिकारी, पेन नगर परिषद एवं अन्य बनाम शेखर बी. अभंग एवं अन्य के मामले में रिट याचिका पर निर्णय लेते हुए कहा कि केवल लंबे समय तक नौकरी जारी रखने के आधार पर सेवाओं के नियमितीकरण का दावा नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे नियमितीकरण का कोई अंतर्निहित अधिकार नहीं बनता।मामले की पृष्ठभूमिमहाराष्ट्र नगर परिषदों, नगर पंचायतों और औद्योगिक टाउनशिप अधिनियम, 1965 के तहत स्थापित पेन नगर परिषद (याचिकाकर्ता) ने सेवा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के...

वेतन या पारिश्रमिक रोकना धोखाधड़ी के अपराध के दायरे में नहीं आता: बॉम्बे हाईकोर्ट
वेतन या पारिश्रमिक रोकना धोखाधड़ी के अपराध के दायरे में नहीं आता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एन. जे. जमादार की एकल पीठ ने राजीव बंसल और अन्य बनाम महाराष्ट्र राज्य और अन्य के मामले में माना कि वेतन या पारिश्रमिक रोकना धोखाधड़ी के अपराध के दायरे में नहीं आता।मामले की पृष्ठभूमिराजीव बंसल (याचिकाकर्ता) एयर इंडिया लिमिटेड (एआईएल) के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे। अन्य याचिकाकर्ता एआईएल के वर्तमान और पूर्व निदेशक/प्रबंधक थे। के.वी. जगन्नाथराव (प्रतिवादी) 1987 में सहायक फ्लाइट पर्सुअर के रूप में AIL में शामिल हुए। 2013 में AIL ने अपनी खराब वित्तीय स्थिति के कारण...

फिल्म हमारे बारह से हटाये गए विवादास्पद डायलॉग, हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज की अनुमति दी
फिल्म 'हमारे बारह' से हटाये गए विवादास्पद डायलॉग, हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज की अनुमति दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फिल्म 'हमारे बारह' के निर्माताओं द्वारा कुछ विवादास्पद डायलॉग को हटाने पर सहमति जताने के बाद फिल्म की रिलीज की अनुमति दी।जस्टिस कमल खता और जस्टिस राजेश एस पाटिल की अवकाश पीठ केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के खिलाफ रिट याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें फिल्म को दिए गए प्रमाणन रद्द करने और इस तरह इसे रिलीज होने से रोकने की मांग की गई।अदालत ने कहा,"हमारा मानना ​​है कि अगर इस याचिका में शामिल किसी व्यक्ति को CBFC द्वारा विधिवत प्रमाणित फिल्मों की रिलीज को रोकने की...

कंपनी समापन में कोई अपरिवर्तनीय कार्रवाई नहीं, कंपनी अदालत कार्यवाही को एनसीएलटी को स्थानांतरित कर सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट
कंपनी समापन में कोई अपरिवर्तनीय कार्रवाई नहीं, कंपनी अदालत कार्यवाही को एनसीएलटी को स्थानांतरित कर सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की एक पीठ ने कहा कि जब तक कोई अपरिवर्तनीय कार्यवाही, जैसे कि अचल या चल संपत्तियों की वास्तविक बिक्री, नहीं हुई है, तब तक कंपनी न्यायालय के पास कार्यवाही को एनसीएलटी में स्थानांतरित करने का विवेकाधिकार है। पीठ में जस्टिस अभय आहूजा शामिल थे। पीठ ने कहा कि केवल तभी जब समापन कार्यवाही उस चरण में पहुंच गई हो जहां यह अपरिवर्तनीय हो, जिससे समय को पीछे ले जाना असंभव हो जाए, कंपनी न्यायालय को कार्यवाही को एनसीएलटी में स्थानांतरित करने के बजाय समापन के साथ आगे बढ़ना चाहिए।मामले में...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कथित तौर पर इस्लामिक आस्था के लिए अपमानजनक फिल्म हमारे बारह की रिलीज पर 14 जून तक रोक लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कथित तौर पर इस्लामिक आस्था के लिए अपमानजनक फिल्म हमारे बारह की रिलीज पर 14 जून तक रोक लगाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में 14 जून, 2024 तक किसी भी सार्वजनिक मंच पर फिल्म हमारे बारह की रिलीज पर रोक लगा दी।जस्टिस एनआर बोरकर और जस्टिस कमल खता की खंडपीठ केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के खिलाफ रिट याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें फिल्म को दिए गए प्रमाणन को रद्द करने और इस तरह इसे रिलीज होने से रोकने की मांग की गई।अदालत ने निर्देश दिया कि प्रतिवादी नंबर 1 से 6 को 14 जून 2024 तक प्रतिवादी नंबर 10 से 12 के मंचों सहित किसी भी सार्वजनिक मंच/मंच पर प्रश्नगत फिल्म अर्थात् "हमारे बारह" को किसी...

सर्विस में आने से पहले पहले बच्चे का जन्म होना AAI विनियमों के तहत सर्विस में आने के बाद मातृत्व अवकाश लेने में बाधा नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
सर्विस में आने से पहले पहले बच्चे का जन्म होना AAI विनियमों के तहत सर्विस में आने के बाद मातृत्व अवकाश लेने में बाधा नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस ए.एस. चंदुरकर और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण श्रमिक संघ एवं अन्य बनाम श्रम मंत्रालय के अवर सचिव एवं अन्य के मामले में माना है कि सेवा में आने से पहले पहले बच्चे का जन्म होना सेवा में आने के बाद मातृत्व अवकाश लेने पर विचार करने के लिए प्रासंगिक नहीं है। AAI विनियमों के तहत मातृत्व लाभ विनियमन का उद्देश्य जनसंख्या पर अंकुश लगाना नहीं है, बल्कि सेवा अवधि के दौरान केवल दो अवसरों पर ऐसा लाभ देना है।मामले की पृष्ठभूमिकनकावली राजा अर्मुगम...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने लॉ एंट्रेस टेस्ट के लिए आजीवन कारावास के दोषी को अस्थायी जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने लॉ एंट्रेस टेस्ट के लिए आजीवन कारावास के दोषी को अस्थायी जमानत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी सोहेल सलीम अंसारी को अस्थायी जमानत दी। कोर्ट ने दोषी को उक्त जमानत इसलिए दी, जिससे वह पांच साल के लॉ कोर्स में एडमिशन के लिए 30 मई, 2024 को निर्धारित महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (एमएच-सीईटी) में शामिल हो सके।जस्टिस एनआर बोरकर और जस्टिस सोमशेखर सुंदरेसन की अवकाश पीठ ने कहा,“ऐसा प्रतीत होता है कि आवेदक लगभग नौ साल से जेल में है। ऐसा प्रतीत होता है कि मुकदमे के दौरान वह कुछ अवधि के लिए जमानत पर था और उसने उसे दी गई स्वतंत्रता का...

NCLT के आदेश के बाद दाखिल संशोधित ITR दाखिल करने में देरी को माफ करने से CBDT का इनकार अनुचित: बॉम्बे हाईकोर्ट
NCLT के आदेश के बाद दाखिल संशोधित ITR दाखिल करने में देरी को माफ करने से CBDT का इनकार अनुचित: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड द्वारा दाखिल आवेदन खारिज करने वाले CBDT का आदेश खारिज कर दिया। उक्त आवेदन में NCLT के आदेश के अनुसार अकाउंट्स के पुनर्गठन के आधार पर आयकर रिटर्न दाखिल करने में देरी को माफ करने की मांग की गई थी।हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि धारा 143(3) या 144सी के तहत पारित कोई भी मूल्यांकन आदेश और साथ ही ऐसे वित्तीय वर्ष के लिए परिणामी नोटिस या आदेश, जिनके लिए पुनर्गठित अकाउंट दाखिल किए गए हैं कायम नहीं रहेंगे।जस्टिस के.आर. श्रीराम और जस्टिस डॉ. नीला...

सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी की हिरासत में मौत की जांच पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी
सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी की हिरासत में मौत की जांच पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को मुंबई पुलिस को एक्टर सलमान खान के घर के पास गोलीबारी से संबंधित मामले में आरोपी अनुज थापन की मौत की शुरू की गई जांच पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसकी पुलिस हिरासत के दौरान मौत हो गई थी।जस्टिस संदीप वी. मार्ने और जस्टिस नीला केदार गोखले की अवकाश पीठ थापन की मां द्वारा मामले की CBI जांच की मांग को लेकर दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने थापन के शव का नए सिरे से पोस्टमार्टम करने के निर्देश भी मांगे हैं।खान के घर के बाहर गोलीबारी के सिलसिले...

किसी भी कैलेंडर वर्ष में 240 दिन की सेवा पूरी करने का भार याचिकाकर्ता पर: बॉम्बे हाईकोर्ट
किसी भी कैलेंडर वर्ष में 240 दिन की सेवा पूरी करने का भार याचिकाकर्ता पर: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस संदीप वी. मार्ने की एकल पीठ ने प्रकाश एस. हांडे बनाम हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड के मामले में रिट याचिका पर फैसला सुनाते हुए दोहराया कि किसी भी कैलेंडर वर्ष में 240 दिन की सेवा पूरी करने का भार याचिकाकर्ता पर है।मामले की पृष्ठभूमिप्रकाश एस. हांडे (याचिकाकर्ता) ने दावा किया कि वह 1 जून 1987 से 21 जनवरी 1998 तक हिंदुस्तान लेवल लिमिटेड (प्रतिवादी) में मुख्य रूप से अंधेरी में मुख्यालय और अनुसंधान केंद्र में क्लर्क/स्टेनो-टाइपिस्ट के रूप में कार्यरत था। उन्होंने आरोप लगाया कि...

विश्वविद्यालय को पिछले संशोधित वेतन आयोग के तहत पेंशन लाभ जारी करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों से धन जुटाना होगा: बॉम्बे हाईकोर्ट
विश्वविद्यालय को पिछले संशोधित वेतन आयोग के तहत पेंशन लाभ जारी करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों से धन जुटाना होगा: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की एक पीठ ने हाल ही में कहा कि सातवें वेतन आयोग के लागू होने पर श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसे महिला विश्वविद्यालय का यह कर्तव्य है कि वो धन जुटाने और एक कोष स्थापित करने के लिए उपाय करें। पीठ में जस्टिस नितिन जामदार और जस्टिस एमएम साथये शामिल थे। कोर्ट ने कहा कि अनुदान की अनुप‌स्थिति के बावजूद, संस्थान पर संशोधित वेतन आयोग के तहत भुगतान से संबंधित अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए धन जुटाने के लिए अभिनव रास्ते तलाशने की जिम्मेदारी होती है। हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के कल्याण को...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ जेल कर्मियों पर हमला करने के आरोप में मामला रद्द करने से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ जेल कर्मियों पर हमला करने के आरोप में मामला रद्द करने से इनकार किया

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने हाल ही में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) नेता नक्का आनंद बाबू के खिलाफ आपराधिक मामले को रद्द करने से इनकार किया।मामला 2010 का है, जब दोनों पर अन्य मामले में गिरफ्तारी के बाद औरंगाबाद सेंट्रल जेल में स्थानांतरण के दौरान जेल कर्मियों पर हमला करने का आरोप लगाया गया था।जस्टिस मंगेश पाटिल और जस्टिस शैलेश पी ब्रह्मे की खंडपीठ ने कहा कि कथित अपराध में नायडू और बाबू दोनों की संलिप्तता का संकेत देने वाले पर्याप्त सबूत...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने डॉक्टर को गलत OBC सर्टिफिकेट पर लिया गया MBBS एडमिशन बरकरार रखने की अनुमति दी, कहा- इससे राष्ट्रीय क्षति होगी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने डॉक्टर को गलत OBC सर्टिफिकेट पर लिया गया MBBS एडमिशन बरकरार रखने की अनुमति दी, कहा- इससे राष्ट्रीय क्षति होगी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में डॉक्टर के MBBS रद्द करने से इनकार किया। हालांकि यह गलत जानकारी के आधार पर OBC-नॉन-क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट के तहत प्राप्त किया गया। कोर्ट ने कहा कि जब याचिकाकर्ता ने डॉक्टर के रूप में अर्हता प्राप्त कर ली है तो उसका एडमिशन रद्द करने से देश को नुकसान होगा।अदालत नेक हा,“याचिकाकर्ता ने MBBS का कोर्स पूरा कर लिया है। इसलिए, इस स्तर पर याचिकाकर्ता द्वारा प्राप्त योग्यता को वापस लेना उचित नहीं होगा, जब याचिकाकर्ता ने डॉक्टर के रूप में अर्हता प्राप्त कर ली है। हमारे देश में,...

प्रथम दृष्टया देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे के लिए हानिकारक: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मालाबार गोल्ड के खिलाफ बहिष्कार का आह्वान करने वाले अपमानजनक पोस्ट को हटाने का आदेश दिया
प्रथम दृष्टया देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे के लिए हानिकारक: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मालाबार गोल्ड के खिलाफ बहिष्कार का आह्वान करने वाले अपमानजनक पोस्ट को हटाने का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को मालाबार गोल्ड लिमिटेड को अंतरिम राहत दी और कंपनी की CSR पहलों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने वाले प्रथम दृष्टया अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया, जिसमें बहिष्कार का आह्वान किया गया।जस्टिस भारती डांगरे ने प्रतिवादी की आलोचना की कि उसने मुस्लिम समुदाय की लड़कियों को दिए जाने वाले स्कॉलरशिप प्रोग्राम को चुनिंदा रूप से एक तस्वीर के रूप में चुना, जबकि शिक्षा के माध्यम से लड़कियों को सशक्त बनाने की व्यापक पहल को नजरअंदाज किया।अदालत ने टिप्पणी की कि...

नियोक्ताओं को प्रसव के दौरान महिलाओं के सामने आने वाली कठिनाइयों का एहसास होना चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट ने AAI को तीसरे बच्चे के जन्म के लिए मैटरनिटी लाभ देने का निर्देश दिया
नियोक्ताओं को प्रसव के दौरान महिलाओं के सामने आने वाली कठिनाइयों का एहसास होना चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट ने AAI को तीसरे बच्चे के जन्म के लिए मैटरनिटी लाभ देने का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि नियोक्ताओं को गर्भावस्था के दौरान और अपने बच्चों की देखभाल करते समय कामकाजी महिलाओं के सामने आने वाली शारीरिक चुनौतियों को समझना चाहिए और उन्हें वे सभी लाभ प्रदान करने चाहिए, जिनकी वे हकदार हैं।अदालत ने कहा,“उनके कर्तव्यों उनके व्यवसाय और उनके कार्यस्थल की प्रकृति चाहे जो भी हो, उन्हें वे सभी सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए, जिनकी वे हकदार हैं। माँ बनना एक महिला के जीवन में सबसे स्वाभाविक घटना है। सेवारत महिला के लिए बच्चे के जन्म को सुविधाजनक बनाने के लिए जो...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 7 वर्षीय बच्ची को पिता की कस्टडी में अमेरिका भेजने का आदेश दिया, कहा- मां ने अपने स्वार्थ के लिए बच्ची का अपहरण किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 7 वर्षीय बच्ची को पिता की कस्टडी में अमेरिका भेजने का आदेश दिया, कहा- मां ने अपने स्वार्थ के लिए बच्ची का अपहरण किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में सात वर्षीय बच्ची को अमेरिका में उसके पिता की कस्टडी में वापस भेजने का आदेश दिया, जिसे अमेरिका की अदालत ने एकमात्र कस्टडी प्रदान की थी।जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस श्याम सी चांडक की खंडपीठ ने अमेरिका में लंबित कानूनी कार्यवाही के बावजूद बेटी को एकतरफा भारत ट्रांसफर करने के मां के कृत्य की आलोचना की और कहा कि उसने बच्ची का अपहरण किया।अदालत ने कहा,“पत्नी द्वारा मिस 'आर' का अपहरण करके भारत लौटने की, जो कहानी बुनी गई और योजना बनाई गई, वह स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि इसमें...

अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का दावा केवल मौजूदा नीति के अनुसार किया जा सकता है, अधिकार के रूप में नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का दावा केवल मौजूदा नीति के अनुसार किया जा सकता है, अधिकार के रूप में नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट जस्टिस अविनाश जी. घरोटे और जस्टिस एम. एस. जावलकर की खंडपीठ ने एक रिट याचिका पर फैसला सुनाया। आशा डब्ल्यूडी/ओ हरिदास कटवाले और अन्य बनाम प्रबंधक (खान), मैसर्स वेस्टर कोलफील्ड्स लि भद्रावती एवं अन्य मामले में हाईकोर्ट ने निर्णय दिया है कि अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति का दावा केवल विद्यमान नीति के अनुसार ही किया जा सकता है न कि अधिकार के रूप मेंमामले की पृष्ठभूमि: याचिकाकर्ता आशा के पति श्री हरिदास कटवले, मैसर्स वेस्टर कोलफील्ड्स लिमिटेड (प्रतिवादी) के साथ एक पंप ऑपरेटर के रूप में...

महाराष्ट्र में जेल के कैदियों के लिए ई-मुलाकात सिस्टम लागू करने के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा
महाराष्ट्र में जेल के कैदियों के लिए ई-मुलाकात सिस्टम लागू करने के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह जेलों में ई-मुलाकात सिस्टम के कार्यान्वयन का समर्थन करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की उपलब्धता सुनिश्चित करें, जिससे वकील और परिवार के सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग करके कैदियों के साथ वर्चुअल तरीके से बात कर सकें।चीफ जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय और जस्टिस आरिफ डॉक्टर की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा राज्य भर में कैदियों के लिए ई-मुलाकात और स्मार्ट कार्ड कॉलिंग सुविधाओं के लिए सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी करने के बाद पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल...