राज�थान हाईकोट

पत्नी की सरपंची के बकाये के लिए पति जिम्मेदार नहीं, संलिप्तता साबित हुए बिना वसूली नहीं हो सकती: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति-पत्नी अलग-अलग कानूनी इकाइयां हैं और किसी सार्वजनिक पद पर रहते हुए एक के कथित कदाचार या गलत कार्य के लिए दूसरे को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, जब तक यह साबित न हो कि वह भी उस कृत्य में शामिल था।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल से जुड़े बकाये की वसूली उसके पति या परिवार के किसी अन्य सदस्य से केवल इस आधार पर नहीं की जा सकती कि वह उसका पति है। सार्वजनिक प्रतिनिधि द्वारा किए गए कदाचार या गलत कार्य की जिम्मेदारी उसी की होती है और...

आगे की जांच का आदेश देते समय बताई गई वजहों को पॉइंट-वाइज़ जांच का निर्देश नहीं माना जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि हालांकि यह सच है कि कोर्ट पुलिस को किसी खास तरीके से जांच करने का निर्देश नहीं दे सकता, लेकिन आगे की जांच का आदेश देते समय कोर्ट द्वारा बताई गई वजहों को खुद 'पॉइंट-वाइज़' (बिंदुवार) जांच का निर्देश नहीं माना जाना चाहिए।जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की बेंच उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द करने की मांग की गई, जिसमें याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज मामले में आगे की जांच का निर्देश दिया गया।बेंच ने कहा,"इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने आगे की जांच की मांग...

बिना वारंट रात में NDPS की तलाशी वैध, आपात स्थिति में धारा 42 की कार्रवाई बाद में हो सकती है: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने मादक पदार्थ मामले में जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि यदि पुलिस को गश्त के दौरान ऐसी सूचना मिलती है, जिस पर तत्काल कार्रवाई जरूरी हो तो रात में बिना वारंट तलाशी लेने की स्थिति में NDPS Act की धारा 42 के तहत आवश्यक कार्रवाई को उचित समय तक टाला जा सकता है। हालांकि प्रावधानों का पूरी तरह पालन न करना स्वीकार्य नहीं है।जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने कहा कि आपात स्थिति में धारा 42 के तहत अनुपालन को उचित अवधि के लिए स्थगित किया जा सकता है लेकिन प्राप्त सूचना और बिना वारंट तलाशी...

वकील ने मुवक्किल के लिए अंतरिम राहत मांगी तो CAT ने माना दुर्व्यवहार, राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश पर लगाई रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT ) जयपुर के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें मुवक्किल की ओर से अंतरिम राहत मांगने वाली वकील के खिलाफ दुर्व्यवहार की टिप्पणी करते हुए उन पर 7,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने नवोदय विद्यालय समिति के खिलाफ दायर वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया और चुनौती दिए गए आदेश के संचालन पर रोक लगाई।मामला एक ऐसे कर्मचारी के स्थानांतरण से जुड़ा है, जो नवोदय विद्यालय समिति में...

देरी माफ किए बिना समय-बाधित अपील में अंतरिम रोक केवल असाधारण मामलों में: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि समय-सीमा के बाद दायर अपील में देरी माफ किए बिना अंतरिम रोक का आदेश केवल अत्यंत असाधारण परिस्थितियों में ही दिया जा सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक अपील दायर करने में हुई देरी को कानून के अनुसार माफ नहीं किया जाता, तब तक अपीलीय प्राधिकारी ऐसी अपील पर सुनवाई करने का अधिकार नहीं रखता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने राजस्व अपीलीय प्राधिकरण द्वारा समय-सीमा से बाहर दायर अपील में पारित अंतरिम रोक का आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामले में ऐसे कोई विशेष या असाधारण...

बकाया भुगतान के नोटिस देना ब्लैकलिस्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं, चेतावनी और सुनवाई जरूरी: राजस्थान हाईकोर्ट ने 3 साल की रोक हटाई

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि ठेकेदार को बकाया राशि जमा करने के लिए बार-बार नोटिस देना उसे भविष्य की निविदाओं से बाहर करने या ब्लैकलिस्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यदि विभाग ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट या भविष्य की निविदाओं से वंचित करने की कार्रवाई करना चाहता है तो उसे पहले स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि भुगतान न करने पर ऐसी कार्रवाई की जा सकती है और संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर भी देना होगा।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने एक ठेकेदार के खिलाफ पारित वह आदेश रद्द किया, जिसके तहत उसे विभाग...

अवैध खनन में जब्त वाहन की रिहाई के लिए देनी होगी तय राशि, लंबित आपराधिक मुकदमे का नहीं पड़ेगा असर: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने अवैध खनन और अवैध रूप से खनिजों के परिवहन में इस्तेमाल वाहनों की जब्ती को लेकर अहम फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राजस्थान लघु खनिज रियायत नियम 2017 के तहत जब्ती की कार्यवाही और आपराधिक मुकदमा अलग-अलग और स्वतंत्र रूप से चलते हैं। आपराधिक मुकदमा लंबित होने के आधार पर जब्त वाहन की रिहाई की कार्यवाही को रोका नहीं जा सकता।जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की पीठ ने कहा कि जब जब्ती की कार्यवाही शुरू हो चुकी हो और वाहन से संबंधित वैधानिक देयता निर्धारित कर दी गई हो तो वाहन को केवल...

गैर-कानूनी हिरासत और ड्यूटी से हटकर मारपीट के मामले में पुलिस कॉन्स्टेबल पर केस चलाने के लिए मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं:  राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और रिविज़नल कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि अपील करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए CrPC की धारा 197 के तहत मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं थी। उस अधिकारी पर आरोप था कि उसने प्रतिवादी (Respondent) को तब बुरी तरह पीटा था जब वह कथित तौर पर गैर-कानूनी हिरासत में था।जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने माना कि याचिकाकर्ता का काम उसकी आधिकारिक ड्यूटी का हिस्सा नहीं कहा जा सकता, बल्कि उसने अपनी ड्यूटी की सीमा से बाहर जाकर काम किया।बता दें, प्रतिवादी एक...

राजस्थान हाईकोर्ट ने UGC को सस्पेंडेड डिग्री वाले छात्रों के लिए नई परीक्षा के निर्देश लागू न करने पर अवमानना ​​की चेतावनी दी

राजस्थान हाईकोर्ट ने UGC अधिकारियों को अवमानना ​​की चेतावनी जारी की। यह चेतावनी उन छात्रों के लिए नई परीक्षा आयोजित करने के निर्देशों का पालन न करने पर दी गई, जिनके डिप्लोमा/डिग्री/योग्यताएं (जो डीम्ड यूनिवर्सिटी के विभिन्न डिस्टेंस एजुकेशन सेंटरों से प्राप्त की गईं) कोर्ट के 1 जनवरी, 2024 के आदेश से रद्द कर दी गईं।डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की डिवीजन बेंच कई स्पेशल अपीलों पर सुनवाई कर रही थी। इनमें से एक अपीलकर्ता असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए भर्ती प्रक्रिया से गुजर...

वाहन मालिक होने भर से NDPS मामले में दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जानकारी साबित करना जरूरी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने मादक पदार्थों से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि केवल किसी वाहन का मालिक होने के आधार पर उसके मालिक को NDPS Act के तहत आरोपी नहीं बनाया जा सकता। अभियोजन को यह साबित करना होगा कि वाहन मालिक को इस बात की जानकारी थी या उसने जानबूझकर अपने वाहन का इस्तेमाल मादक पदार्थों को रखने, छिपाने या ले जाने के लिए करने की अनुमति दी थी।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की पीठ ने निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें आरोपी को बरी किया गया। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील खारिज...

S.311 CrPC | सबूत बंद होने के बाद भी गवाह को दोबारा बुला सकती है अदालत, धारा 362 की रोक लागू नहीं होगी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि आपराधिक अदालतें दोनों पक्षों की गवाही पूरी होने के बाद भी दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 311 के तहत किसी महत्वपूर्ण गवाह को दोबारा बुलाकर उसकी गवाही करा सकती हैं।अदालत ने स्पष्ट किया कि इस शक्ति का इस्तेमाल करने के लिए यह देखना जरूरी नहीं है कि सबूत बंद हो चुके हैं या नहीं, बल्कि मुख्य सवाल यह है कि संबंधित गवाह की गवाही मामले में न्यायपूर्ण फैसला देने के लिए जरूरी है या नहीं।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि CrPC की धारा 362,...

पत्रकार जनता की आंख-कान, अतिक्रमण की जानकारी कलेक्टर को दे सकते हैं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने नदियों, झीलों और जलस्रोतों के संरक्षण से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कहा कि मीडिया और पत्रकार जनता की आंख और कान हैं। वे जलस्रोतों के आसपास होने वाले अतिक्रमण की जानकारी जिला कलेक्टर को दे सकते हैं और अतिक्रमण रोकने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने जयपुर जिला कलेक्टर की ओर से दाखिल हलफनामे का संज्ञान लिया। हलफनामे में रामगढ़ बांध की ओर पानी के बहाव वाले क्षेत्र में आने वाली नदियों और छोटे नालों...

राजस्थान हाईकोर्ट में वकीलों की हड़ताल, एक्टिंग चीफ जस्टिस एसपी शर्मा पर अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर पीठ में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों ने कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ हड़ताल शुरू की। वकीलों ने उन पर प्रशासनिक अधिकारों के कथित दुरुपयोग और मामलों की सूची प्रभावित करने के आरोप लगाएं।सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में हाईकोर्ट के गलियारों में बड़ी संख्या में वकील बैठे और नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह विरोध कार्यवाहक चीफ जस्टिस के खिलाफ लगाए गए हालिया आरोपों के बाद शुरू हुआ।मामला तब और गंभीर हो गया, जब सुप्रीम कोर्ट के...

नगर निकाय चुनाव आरक्षण पर याचिका खारिज, राजस्थान हाईकोर्ट ने माना अनुच्छेद 243-Z का प्रतिबंध

राजस्थान हाईकोर्ट ने आगामी नगर निकाय चुनावों में सीटों के आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कीं। हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। ऐसे में संविधान के अनुच्छेद 243-Z के तहत अदालत के चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप पर रोक है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के 19 अगस्त 2026 के आदेश से नगर निकाय चुनाव की तारीखें घोषित करने के साथ चुनाव कार्यक्रम भी अधिसूचित किया जा चुका था। इसलिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो...

राजस्थान हाईकोर्ट ने कर्मचारी की मौत के 21 साल बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का निर्देश दिया, कहा- आर्थिक संकट खत्म नहीं हुआ

राजस्थान हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एक व्यक्ति की अनुकंपा के आधार पर नौकरी (Compassionate Appointment) की अर्ज़ी पर विचार करें। यह अर्ज़ी उसके पिता की मौत के 21 साल बाद दी गई। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि परिवार इतने सालों से गुज़ारा कर रहा है, इसे इस बात का सबूत नहीं माना जा सकता कि उसका आर्थिक संकट खत्म हो गया।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश कुमार और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की बेंच ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी के दावे पर विचार करते समय परिवार की आर्थिक स्थिति का आकलन...

राजस्थान हाईकोर्ट ने सभी अदालतों को अपनी बिल्डिंग में खामियों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सुरक्षा देने से रोका

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की सभी अदालतों को जोधपुर में अपनी बिल्डिंग में स्ट्रक्चरल खामियों (बनावट में कमी) के लिए कथित तौर पर ज़िम्मेदार किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को सुरक्षा देने से रोक दिया।जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोराना की डिवीज़न बेंच ने कहा कि अगर सुरक्षा देने का कोई आदेश दिया जाता है तो उसे तब तक बेअसर माना जाएगा जब तक कि उसे कोर्ट की डिवीज़न बेंच या सुप्रीम कोर्ट ने पास न किया हो।आगे कहा गया,"सुरक्षा के मकसद से पास किया गया कोई भी आदेश, या ऐसा कोई आदेश जिससे ज़िम्मेदार...

सरिस्का के 1 किमी दायरे में पब्लिक यूटिलिटी के नाम पर जमीन अधिग्रहण रद्द, राजस्थान HC का फैसला

राजस्थान हाईकोर्ट ने अलवर के शाहपुरा में सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक किलोमीटर के भीतर आने वाली जमीन के उस हिस्से का अधिग्रहण रद्द कर दिया, जिसे NHAI ने 'पब्लिक यूटिलिटी एरिया' के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव रखा था।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने कहा कि 'पब्लिक यूटिलिटी' शब्द सभी वैधानिक प्रतिबंधों को खत्म नहीं कर सकता। सार्वजनिक उद्देश्य भूमि अधिग्रहण का आधार हो सकता है, लेकिन इससे वन, वन्यजीव, पर्यावरण और भूमि उपयोग से जुड़े कानूनों के पालन से छूट नहीं मिलती।क्या है मामला?NH-248A के निर्माण और...

राजस्थान हाईकोर्ट ने पेपर लीक से निपटने के लिए प्लान मांगा: Gen Z, Gen Alpha और Gen Beta की भलाई के लिए खुद शुरू की PIL

राजस्थान हाईकोर्ट ने Gen Z, Gen Alpha और Gen Beta की भलाई के मामले में खुद से संज्ञान लिया। कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकारों को निर्देश दिया कि वे पेपर लीक, शिक्षा से रोज़गार के बीच अंतर, मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल बर्नआउट, AI के असर जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सिस्टम बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों पर स्टेटस रिपोर्ट और एक्शन प्लान दाखिल करें।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने नई पीढ़ियों की बढ़ती शैक्षिक ज़रूरतों पर ध्यान दिया।यह देखते हुए कि ये पीढ़ियां 2047 में भारत का नेतृत्व करेंगी,...