राज�थान हाईकोट

संविदात्मक और नियमित नियुक्तियों के लिए अलग-अलग आयु सीमा असंवैधानिक : राजस्थान हाइकोर्ट
संविदात्मक और नियमित नियुक्तियों के लिए अलग-अलग आयु सीमा असंवैधानिक : राजस्थान हाइकोर्ट

राजस्थान हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि एक ही पद के लिए संविदात्मक और नियमित नियुक्तियों में अलग-अलग न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित करना असंवैधानिक है। हाइकोर्ट ने राजस्थान संविदात्मक भर्ती से सिविल पद नियम, 2022 के नियम 6 को रद्द कर दिया, यह कहते हुए कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन करता है।डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस अनुरूप सिंघी की खंडपीठ ने पाया कि 2022 के नियमों के तहत संविदात्मक नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष तय की गई, जबकि उसी पद पर नियमित भर्ती के लिए...

शैक्षणिक सत्र के बीच शिक्षकों के सामूहिक तबादले मनमाने और शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक: राजस्थान हाइकोर्ट
शैक्षणिक सत्र के बीच शिक्षकों के सामूहिक तबादले मनमाने और शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक: राजस्थान हाइकोर्ट

राजस्थान हाइकोर्ट ने एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल के स्थानांतरण पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि शैक्षणिक सत्र के बीच में इस तरह के सामूहिक तबादले न केवल मनमाने हैं, बल्कि यह पूरी शिक्षा व्यवस्था को भी अस्त-व्यस्त कर देते हैं।जस्टिस अशोक कुमार जैन ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सितंबर के महीने में किए गए ये तबादले स्टूडेंट्स की पढ़ाई में बाधा डालते हैं और प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी को दर्शाते हैं।सुशासन के सिद्धांतों के खिलाफ है...

पिता द्वारा बलात्कार साधारण अपराध से परे, पीड़िता बेटी की गवाही ही पर्याप्त: राजस्थान हाईकोर्ट
पिता द्वारा बलात्कार 'साधारण अपराध से परे', पीड़िता बेटी की गवाही ही पर्याप्त: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने POCSO मामले में बलात्कार की सजा के खिलाफ दायर अपील खारिज करते हुए कहा कि पीड़िता स्वयं, जो कि अभियुक्त की बेटी है, घटना की सबसे विश्वसनीय और सर्वोत्तम साक्षी है, क्योंकि अपने ही पिता को झूठा फँसाने का उसके पास कोई कारण नहीं हो सकता।जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने यह भी कहा कि एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी को सामाजिक बदनामी, पारिवारिक परिस्थितियों और आरोपों की गंभीरता के मद्देनज़र संतोषजनक रूप से समझाया गया है और केवल देरी के आधार पर अभियोजन की...

गरीबी पैरोल में रुकावट नहीं बन सकती: राजस्थान हाईकोर्ट ने गरीब उम्रकैद के कैदी के लिए ज़मानत की शर्त माफ की, जारी किए दिशा-निर्देश
गरीबी पैरोल में रुकावट नहीं बन सकती: राजस्थान हाईकोर्ट ने गरीब उम्रकैद के कैदी के लिए ज़मानत की शर्त माफ की, जारी किए दिशा-निर्देश

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि किसी गरीब कैदी से पैरोल पर रिहा होने की शर्त के तौर पर ज़मानत देने पर ज़ोर देना, जो उस शर्त को पूरा नहीं कर सकता, खासकर पिछले कई न्यायिक दखल के बाद जब यह शर्त माफ कर दी गई, संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन है और नैतिक रूप से गलत है।जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस फरजंद अली की डिवीजन बेंच ने कहा कि राजस्थान कैदियों की पैरोल पर रिहाई नियम, 2021 (नियम) के नियम 4 के तहत बताए गए पर्सनल बॉन्ड और/या ज़मानत देने की शर्त निर्देश देने वाली थी, अनिवार्य या सज़ा देने वाली नहीं।...

वकीलों की हड़ताल के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने शनिवार को काम करने के फैसले की समीक्षा के लिए पांच जजों का पैनल बनाया
वकीलों की हड़ताल के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने शनिवार को काम करने के फैसले की समीक्षा के लिए पांच जजों का पैनल बनाया

राजस्थान हाईकोर्ट ने 5 (पांच) जजों की कमेटी बनाई, जो इस बात पर अपनी रिपोर्ट देगी कि क्या हर महीने दो (2) शनिवार को राजस्थान हाईकोर्ट के काम करने के बारे में फुल कोर्ट के फैसले की समीक्षा करने की ज़रूरत है:1. माननीय जस्टिस समीर जैन2. माननीय जस्टिस कुलदीप माथुर 3. माननीय जस्टिस अनिल कुमार उपमन 4. माननीय जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित 5. माननीय जस्टिस सुनील बेनीवाल कमेटी को संबंधित बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सीनियर वकीलों के साथ-साथ राजस्थान बार काउंसिल के चेयरमैन के साथ अलग-अलग मीटिंग करनी...

नाबालिगों के लिए जमानत नियम, भले ही उन पर वयस्कों की तरह मुकदमा चलाया जाए: राजस्थान हाईकोर्ट
नाबालिगों के लिए जमानत नियम, भले ही उन पर वयस्कों की तरह मुकदमा चलाया जाए: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2015 (JJ Act) के तहत कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे के लिए जमानत एक नियम है, भले ही उस नाबालिग पर चिल्ड्रन्स कोर्ट में "वयस्क आरोपी" के तौर पर मुकदमा चलाया जा रहा हो।हत्या के आरोपी नाबालिग याचिकाकर्ता की जमानत याचिका खारिज करने वाले आदेशों को रद्द करते हुए जस्टिस अनूप कुमार धंड की बेंच ने पुष्टि की कि कथित अपराध की गंभीरता या नाबालिग की उम्र एक्ट की धारा 12 के तहत जमानत देने से इनकार करने के लिए प्रासंगिक विचार नहीं थे।कोर्ट ने कहा,“यहां तक...

आपराधिक शिकायत की वापसी का विरोध करने का तीसरे पक्ष को अधिकार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
आपराधिक शिकायत की वापसी का विरोध करने का तीसरे पक्ष को अधिकार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी आपराधिक शिकायत की वापसी का विरोध करने का अधिकार किसी ऐसे तीसरे पक्ष को नहीं है, जो न तो पीड़ित हो और न ही स्वयं शिकायतकर्ता।अदालत ने कहा कि ऐसा कोई व्यक्ति आपराधिक कार्यवाही को पुनर्जीवित कराने का दावा नहीं कर सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकल पीठ ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिसमें एक निजी शिकायत को वापस लेने की अनुमति दी गई थी।अदालत ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की याचिकाओं को सहज रूप से स्वीकार किया गया तो कोई भी...

NDPS मामले में आरोपी होने पर वाहन के पंजीकृत मालिक को अंतरिम सुपुर्दगी का अधिकार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
NDPS मामले में आरोपी होने पर वाहन के पंजीकृत मालिक को अंतरिम सुपुर्दगी का अधिकार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी NDPS (मादक पदार्थ) मामले में जब्त किए गए वाहन का पंजीकृत मालिक स्वयं उसी मामले में आरोपी है तो केवल स्वामित्व के आधार पर उसे वाहन की अंतरिम सुपुर्दगी (सुपरदारी) नहीं दी जा सकती।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकल पीठ ने यह टिप्पणी याचिका खारिज करते हुए की, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा वाहन की अंतरिम रिहाई से इनकार किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई।FIR के अनुसार संबंधित वाहन से लगभग 52 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किया गया। उक्त वाहन का पंजीकृत मालिक याचिकाकर्ता...

एकल बोली के आधार पर ई-नीलामी रद्द नहीं कर सकता राजस्थान हाउसिंग बोर्ड: हाईकोर्ट
एकल बोली के आधार पर ई-नीलामी रद्द नहीं कर सकता राजस्थान हाउसिंग बोर्ड: हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि केवल इस आधार पर कि किसी ई-नीलामी में एक ही बोलीदाता शामिल हुआ राजस्थान हाउसिंग बोर्ड नीलामी को रद्द नहीं कर सकता।अदालत ने स्पष्ट किया कि जब बोलीदाता ने सभी निर्धारित शर्तों का विधिवत पालन किया हो तब प्रतिस्पर्धा की कमी या एकल बोली को नीलामी रद्द करने का आधार नहीं बनाया जा सकता।जस्टिस नूपुर भाटी एक याचिका पर सुनवाई कर रही थीं जिसमें याचिकाकर्ता ने राजस्थान हाउसिंग बोर्ड द्वारा आयोजित ई-नीलामी में एक व्यावसायिक भूखंड के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई...

विदेश यात्रा का अधिकार: जमानत शर्त का उल्लंघन होने पर पासपोर्ट ज़ब्ती का आदेश राजस्थान हाईकोर्ट ने किया रद्द
विदेश यात्रा का अधिकार: जमानत शर्त का उल्लंघन होने पर पासपोर्ट ज़ब्ती का आदेश राजस्थान हाईकोर्ट ने किया रद्द

राजस्थान हाईकोर्ट ने विदेश यात्रा की अनुमति लिए बिना देश छोड़ने के कारण बेल शर्तों के उल्लंघन पर पासपोर्ट ज़ब्त किए गए एक आरोपी को राहत दी। न्यायालय ने कहा कि ऐसे हालात में पासपोर्ट को लगातार ज़ब्त रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन होगा।जस्टिस अनूप कुमार ढांढ की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता का कृत्य अनुचित था और यह अदालत के आदेश की अवहेलना के समान है। कोर्ट ने टिप्पणी की, “अदालत के आदेशों की अवहेलना कानून के शासन की नींव पर प्रहार...

लोकतंत्र और अकादमिक अनुशासन में संतुलन ज़रूरी: छात्र संघ चुनावों पर राजस्थान हाईकोर्ट के भविष्यगत दिशा-निर्देश
लोकतंत्र और अकादमिक अनुशासन में संतुलन ज़रूरी: छात्र संघ चुनावों पर राजस्थान हाईकोर्ट के भविष्यगत दिशा-निर्देश

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनावों को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि छात्र लोकतंत्र और अकादमिक अनुशासन एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं बल्कि दोनों का संतुलन ही उच्च शिक्षा संस्थानों की मजबूती का आधार है। कोर्ट ने 2025-26 के लिए छात्र संघ चुनाव न कराए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया, लेकिन साथ ही भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।जस्टिस समीर जैन ने कहा कि याचिकाकर्ता छात्रों के पास इस मामले में लोकस स्टैंडी नहीं है...

उच्च शिक्षण संस्थान अदला-बदली योग्य नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने चुनावों में यूनिवर्सिटी के उपयोग पर ECI को जारी किए दिशा-निर्देश
उच्च शिक्षण संस्थान अदला-बदली योग्य नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने चुनावों में यूनिवर्सिटी के उपयोग पर ECI को जारी किए दिशा-निर्देश

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा प्रदान करने वाले यूनिवर्सिटी और कॉलेज फंजिबल यानी आसानी से बदले जा सकने वाले संसाधन नहीं हैं। अदालत ने निर्वाचन आयोग (ECI) को निर्देश दिए कि जहां तक व्यावहारिक रूप से संभव हो आम चुनावों के दौरान यूनिवर्सिटी और कॉलेजों का उपयोग मतदान केंद्र, मतगणना स्थल या अन्य चुनावी उद्देश्यों के लिए न किया जाए।जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की जब अदालत के समक्ष शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रसंघ चुनाव न कराए जाने के कथित राज्य...

वकालतनामा स्टांप और सदस्यता शुल्क बढ़ाने को चुनौती: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया
वकालतनामा स्टांप और सदस्यता शुल्क बढ़ाने को चुनौती: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान एडवोकेट कल्याण निधि (संशोधन) अधिनियम, 2020 को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। इस संशोधन अधिनियम के जरिए वकालतनामा पर लगने वाले कल्याण स्टांप शुल्क को चार गुना बढ़ाया गया। साथ ही राजस्थान अधिवक्ता कल्याण निधि की सदस्यता शुल्क में भी वृद्धि की गई।याचिका में कहा गया कि राजस्थान अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम 1987 का मूल उद्देश्य अधिक से अधिक अधिवक्ताओं को इसके दायरे में लाना है ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी लाभ मिल सकें। हालांकि,...

₹42 करोड़ की कथित धोखाधड़ी मामले में फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
₹42 करोड़ की कथित धोखाधड़ी मामले में फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

राजस्थान हाईकोर्ट ने फिल्म निर्माता और निर्देशक विक्रम भट्ट द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। एफआईआर में आरोप है कि फिल्म बनाने के नाम पर शिकायतकर्ता से ₹42 करोड़ की राशि ली गई और उसके साथ धोखाधड़ी की गई।यह FIR 7 दिसंबर को विक्रम भट्ट की गिरफ्तारी के बाद दर्ज की गई थी। मामले की सुनवाई जस्टिस समीर जैन कर रहे थे। याचिका विक्रम भट्ट और गंगेश्वर लाल श्रीवास्तव द्वारा दायर की गई थी।मामला दोनों याचिकाकर्ताओं और शिकायतकर्ता के बीच दो...

बंद दुकान के भीतर कथित जातिसूचक गाली सार्वजनिक दृष्टि में नहीं मानी जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट ने 31 साल पुरानी SC/ST Act के तहत सजा रद्द की
बंद दुकान के भीतर कथित जातिसूचक गाली 'सार्वजनिक दृष्टि' में नहीं मानी जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट ने 31 साल पुरानी SC/ST Act के तहत सजा रद्द की

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (SC/ST Act) के तहत वर्ष 1994 में दी गई सजा को निरस्त कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कथित जातिसूचक अपमान किसी बंद दुकान या चारदीवारी के भीतर हुआ हो, जहां आम जनता की मौजूदगी या दृश्यता न हो, तो उसे कानून की दृष्टि में “सार्वजनिक दृष्टि में” किया गया कृत्य नहीं माना जा सकता।यह फैसला जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने सुनाया। मामला एक वाहन शोरूम संचालक से जुड़ा था, जिस पर आरोप था कि उसने एक...

गैस रेगुलेटर आवश्यक वस्तु नहीं, जब तक अधिसूचित न हों: राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 साल पुरानी सजा रद्द की
गैस रेगुलेटर आवश्यक वस्तु नहीं, जब तक अधिसूचित न हों: राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 साल पुरानी सजा रद्द की

राजस्थान हाईकोर्ट ने अहम फैसले में यह स्पष्ट किया कि गैस रेगुलेटर अपने आप में आवश्यक वस्तु नहीं माने जा सकते, जब तक कि उन्हें विधि द्वारा विशेष रूप से अधिसूचित न किया गया हो। इसी आधार पर अदालत ने वर्ष 1998 में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सुनाई गई सजा को निरस्त कर दिया।यह फैसला जस्टिस फरजंद अली की सिंगल बेंच ने सुनाया। मामला उस अपील से जुड़ा था, जिसमें अपीलकर्ता को बिना वैध लाइसेंस 38 गैस रेगुलेटर रखने के आरोप में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया। इस सजा को चुनौती देते हुए अपीलकर्ता ने...

राजस्थान हाईकोर्ट ने सजा अवधि की गलती धारणा के बावजूद हत्या की दोषी महिला को दी राहत
राजस्थान हाईकोर्ट ने सजा अवधि की गलती धारणा के बावजूद हत्या की दोषी महिला को दी राहत

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महिला को जेल वापस भेजने से इनकार किया, जिसकी सज़ा 15 साल पहले डिवीज़न कोर्ट ने इस गलत धारणा के आधार पर कम कर दी थी कि उसने जेल में लगभग 8 साल बिता लिए हैं, जबकि असल में वह सिर्फ़ 2 साल ही जेल में रही है।जस्टिस फरजंद अली और जस्टिस आनंद शर्मा की डिवीज़न बेंच ने सभी परिस्थितियों पर विचार किया। इन्हें कम करने वाले कारकों के रूप में देखते हुए बेंच ने यह राय दी कि ऐसी परिस्थितियों में कानूनी रूप से अनुमत सीमा के भीतर सज़ा में बदलाव करना ज़रूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके...

राजस्थान हाईकोर्ट ने भारतीय मज़दूर के शव को वापस लाने में देरी पर सऊदी दूतावास को नोटिस जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने भारतीय मज़दूर के शव को वापस लाने में देरी पर सऊदी दूतावास को नोटिस जारी किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने नई दिल्ली में स्थित सऊदी अरब के दूतावास को याचिकाकर्ता के बेटे के शव को जल्द-से-जल्द वापस लाने के लिए नोटिस जारी किया, जो वहां काम करता था और नवंबर 2025 में उसकी मौत हो गई थी।जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की बेंच एक पिता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसका बेटा सऊदी अरब में वैलिड वर्क वीज़ा पर काम कर रहा था। 13 नवंबर, 2025 को उसकी मौत हो गई। हालांकि, आज तक वह उसके शव का इंतज़ार कर रहे हैं।कोर्ट ने राज्य के वकील की बात रिकॉर्ड की कि रियाद में कम्युनिटी वेलफेयर से मिले ईमेल के अनुसार...

जनहित से जुड़े शांतिपूर्ण आंदोलनों पर दर्ज मामलों की वापसी को मंजूरी: राजस्थान हाईकोर्ट
जनहित से जुड़े शांतिपूर्ण आंदोलनों पर दर्ज मामलों की वापसी को मंजूरी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक पूर्व विधायक एवं राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री के खिलाफ दर्ज अभियोजन को वापस लेने की अनुमति देते हुए कहा है कि एफआईआर में जिस कथित जन-अशांति का उल्लेख है, वह जनहित से जुड़े मुद्दों के कारण उत्पन्न हुई थी और इसके पीछे कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं था।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने यह पाया कि आरोप पानी की किल्लत तथा प्रशासन से न्याय की मांग जैसे विषयों पर किए गए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों से संबंधित थे, जिनसे सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने का कोई प्रयास परिलक्षित नहीं...

NDPS Act का कस्टम एरिया में भी ज़्यादा असर होता है: राजस्थान हाईकोर्ट ने ₹15.5 करोड़ के हाइड्रोपोनिक वीड ज़ब्ती मामले में ज़मानत देने से मना किया
NDPS Act का कस्टम एरिया में भी ज़्यादा असर होता है: राजस्थान हाईकोर्ट ने ₹15.5 करोड़ के हाइड्रोपोनिक वीड ज़ब्ती मामले में ज़मानत देने से मना किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में कस्टम डिपार्टमेंट के उस काम को माना और कन्फर्म किया, जिसमें बैंकॉक से एयरपोर्ट पर पकड़ी गई हाइड्रोपोनिक वीड की कथित स्मगलिंग से जुड़े मामले में कस्टम एक्ट के प्रोविज़न का इस्तेमाल नहीं किया गया। यह कन्फर्म किया कि NDPS Act एक स्पेशल कानून होने के नाते, अपनी धारा 80 की रोशनी में कस्टम एक्ट पर ज़्यादा असर डालता है।इसके अलावा, जस्टिस समीर जैन की बेंच ने इस मामले में 21 साल के आरोपी की ज़मानत अर्ज़ी खारिज की, जिसमें बरामद नारकोटिक सब्सटेंस की तेज़ी, उसकी मार्केट...