मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
Doctors Strike: अस्पताल की विशेष चिंताओं को दूर करने के लिए उच्च स्तरीय हितधारक बैठक आयोजित करें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह राज्य में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन द्वारा उठाए गए मुद्दों को हल करने के लिए उच्च स्तरीय हितधारक बैठक आयोजित करे, जो इस महीने की शुरुआत में कोलकाता में एक डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के संबंध में एसोसिएशन द्वारा घोषित प्रस्तावित हड़ताल से संबंधित याचिका में है।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने 27 अगस्त के अपने आदेश में राज्य के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन द्वारा याचिका पर दायर जवाब पर ध्यान दिया। न्यायालय ने कहा...
पूरी तरह से क्रॉस एग्जामिनेशन किए गए गवाह को अदालत के समक्ष दी गई पूर्व गवाही से मुकरने के लिए वापस नहीं बुलाया जा सकता: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा पूरी तरह से क्रॉस एग्जामिनेशन किए गए गवाह को केवल इस आधार पर वापस नहीं बुलाया जा सकता कि ऐसा गवाह बाद में अपने बयान से मुकर गया।जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल की पीठ ने कहा,"किसी भी अभियोजन पक्ष के गवाह को केवल इसलिए जांच/क्रॉस एक्जामिनेशन के लिए नहीं बुलाया जा सकता, क्योंकि उसने ट्रायल कोर्ट के समक्ष दिए गए अपने बयान के विपरीत हलफनामा दायर किया।"इस मामले में अभियोक्ता ने अपनी FIR और CrPc की धारा 161 और 164 के तहत दर्ज बयान में अभियोजन...
नामांकन फॉर्म में मामूली अंतर या बकाया राशि का खुलासा न करना ऐसा दोष नहीं, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश की चुरहट सीट से कांग्रेस विधायक अजय अर्जुन सिंह के निर्वाचन के खिलाफ दायर दो याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने फैसले में कहा कि नामांकन फॉर्म में मामूली अंतर या बकाया राशि का खुलासा न करना चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाला "महत्वपूर्ण दोष" नहीं कहा जा सकता। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने देखा कि चुनाव याचिकाओं में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों का पालन न करने का आरोप लगाया गया है। जस्टिस मिश्रा ने कहा कि यद्यपि यह इंगित करने का प्रयास किया गया...
"आंतरिक नोट उचित आलोचना हैं": मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट पर टिप्पणी के लिए राजस्व अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर स्थित पीठ ने निचली अपीलीय अदालत की ओर से पारित निर्णय पर कथित रूप से प्रतिकूल टिप्पणी करने के लिए राजस्व अधिकारियों के खिलाफ शुरू की गई अवमानना कार्यवाही को खारिज कर दिया। यह मामला इस बात पर केंद्रित था कि अपीलीय अदालत के आदेश के संबंध में तहसीलदार और उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) की ओर से की गई टिप्पणी अदालत की अवमानना है या नहीं। न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि टिप्पणियां नौकरशाही उद्देश्यों के लिए आंतरिक टिप्पणियां थीं और अवमानना नहीं थीं।जस्टिस विवेक जैन की...
नियुक्तियों में जाति-आधारित वरीयता केवल तभी दी जा सकती है, जब न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी हो: एमपी हाईकोर्ट ने ASHA Worker की बर्खास्तगी खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में अपनी जबलपुर बेंच में मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ASHA Worker) की बर्खास्तगी खारिज की। वर्कर को अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों को उन क्षेत्रों में वरीयता देने वाली राज्य नीति के कारण बर्खास्त किया गया था, जहां उनकी आबादी 50% से अधिक है। अदालत ने माना कि इस मामले में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता के कारण इस नीति का आवेदन गलत था।जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने बर्खास्तगी को अनुचित माना और कहा कि आशा कार्यकर्ता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक...
केवल कभी-कभार होने वाला दुर्व्यवहार या उत्पीड़न आत्महत्या के लिए उकसाने के बराबर नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ग्वालियर ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत लगाए गए आरोप खारिज करते हुए कहा कि केवल कभी-कभार होने वाला उत्पीड़न या दुर्व्यवहार आत्महत्या के लिए उकसाने के बराबर नहीं है।जस्टिस संजीव एस. कलगांवकर की एकल पीठ ने कहा कि उकसाने का अपराध बनने के लिए उकसाने या उकसाने का स्पष्ट और जानबूझकर किया गया कार्य होना चाहिए।अदालत ने गंगुला मोहन रेड्डी बनाम आंध्र प्रदेश राज्य, अमलेंदु पाल @ झंटू बनाम पश्चिम बंगाल राज्य, हुकुम सिंह यादव बनाम मध्य प्रदेश राज्य सहित सुप्रीम कोर्ट के...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना अनुमोदन के चल रहे स्कूलों में "गुरुजी" शिक्षकों की बहाली से इनकार किया, हालांकि सेवा के समय के लिए मानदेय का भुगतान करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना चल रहे स्कूलों में "गुरुजी" की नियुक्ति को 'अवैध' माना। यह आदेश मध्य प्रदेश शिक्षा गारंटी योजना के तहत नियुक्त कई शिक्षकों द्वारा दायर रिट याचिका पर आया है, जिसमें सिंगरौली के कलेक्टर द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें नियुक्तियों की वैधता पर सवाल उठाया गया था और उन्हें सेवा में बने रहने से मना कर दिया गया था।कलेक्टर ने अपने आदेश में पाया कि हालांकि स्कूल बिना किसी पूर्व स्वीकृति के चल रहे थे, लेकिन याचिकाकर्ताओं...
क्या AI का उपयोग अपराध स्थल की वीडियोग्राफी का विश्लेषण करने, साइन लैग्वेज की व्याख्या के लिए किया जा सकता है? एमपी हाईकोर्ट ने पूछा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में पूछा कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनेबल्ड एप्लीकेशन्स का उपयोग विकलांग पीड़ितों/शिकायतकर्ताओं, जो एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस से संपर्क करते हैं, की साइन लेंग्वेज की व्याख्या करने के लिए किया जा सकता है। ग्वालियर स्थिति जस्टिस आनंद पाठक की पीठ ने यह भी सोचा कि क्या अपराध स्थल का वीडियोग्राफी डेटा, जिसे अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के अनुसार अनिवार्य रूप से रिकॉर्ड किया जाता है, का एआई ऐप के उपयोग से बेहतर विश्लेषण किया जा सकता...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2017 के शुल्क विनियमन नियमों का उल्लंघन करते हुए कथित रूप से अत्यधिक फीस वसूले जाने के आदेश वाले प्राइवेट स्कूलों को अंतरिम राहत प्रदान की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने हाल ही में एक निर्णय में शैक्षणिक वर्ष 2017-18 से प्राइवेट स्कूलों द्वारा एकत्रित स्कूल फीस की वापसी के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई।यह मामला सेंट एलॉयसियस सीनियर सेकेंडरी स्कूल की अपील से संबंधित है, जिसमें जिला अधिकारियों के उन आदेशों को चुनौती दी गई। इसमें उन्हें मध्य प्रदेश प्राइवेट स्कूलों (फीस तथा संबंध विषयों का विनियमन) अधिनियम, 2017 (अधिनियम) के तहत अनुमेय सीमा से अधिक वसूले गए फीस को वापस करने का निर्देश दिया गया।जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ ने...
विदेशी शराब नियमों के तहत रजिस्ट्रेशन से इनकार करने के लिए आबकारी आयुक्त के लिए केवल आपत्ति कोई आधार नहीं: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज लिमिटेड द्वारा दायर रिट याचिका खारिज की। उक्त याचिका में मध्य प्रदेश के आबकारी आयुक्त द्वारा वास्को 60000 एक्स्ट्रा स्ट्रॉन्ग बीयर लेबल के रजिस्ट्रेशन को चुनौती दी गई थी।याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रतिवादी नंबर 3 वास्को ब्रुअरीज का विवादित लेबल उसके अपने पंजीकृत लेबल माउंट 6000 सुपर स्ट्रॉन्ग बीयर से भ्रामक समानता रखता है।जस्टिस प्रणय वर्मा ने कहा कि यद्यपि मध्य प्रदेश विदेशी मदिरा नियम 1996 के नियम 9(4) में यह प्रावधान है कि यदि ऐसे...
प्रारंभिक अधिसूचना में उल्लिखित भूमि का अधिग्रहण न करना भूमि स्वामी के किसी मौलिक या वैधानिक अधिकार का उल्लंघन नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भूमि स्वामी द्वारा दायर रिट याचिका खारिज की, जिसमें कोयला धारक क्षेत्र (अधिग्रहण एवं विकास) अधिनियम 1957 के तहत शुरू की गई अधिग्रहण कार्यवाही में अपनी भूमि को शामिल करने की मांग की गई थी।याचिका मुख्य रूप से इस आधार पर थी कि उसकी भूमि को अधिग्रहण से बाहर रखने से उसके संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन होगा और उसकी संपत्ति बेकार हो जाएगी।जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया की पीठ ने याचिका में कोई योग्यता नहीं पाई। उन्होंने कहा कि भूमि का बहिष्कार वैध कानूनी और तकनीकी आधारों पर आधारित था,...
आरोपी को सुने बिना जमानत रद्द करना नैसर्गिक न्याय सिद्धांतों, मौलिक अधिकारों का उल्लंघन: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
जबलपुर में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जमानत आदेशों में एक स्वचालित रद्दीकरण खंड की वैधता को संबोधित किया है। यह मामला आवेदक की उस याचिका के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसमें पहले के आदेश को वापस लेने की मांग की गई थी, जिसने उसकी जमानत की शर्तों को संशोधित करने के उसके अनुरोध को खारिज कर दिया था।अदालत के समक्ष सवाल यह था कि क्या आरोपी को सुनवाई का अवसर दिए बिना स्वतः जमानत रद्द करने की शर्त भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। न्यायालय ने अपने पिछले आदेश दिनांक...
गैर-वाणिज्यिक मात्रा, कोई न्यूनतम सजा निर्धारित नहीं: एमपी हाईकोर्ट ने 2 साल से अधिक समय से जेल में बंद NDPS आरोपी को रिहा किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इंदौर ने आरोपी को रिहा किया, जिस पर 2016 में 6 किलोग्राम गांजा रखने का मामला दर्ज किया गया और उसे तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।अदालत ने पाया कि आरोपी ने 2 साल से अधिक कारावास की सजा काटी है। निचली अदालत द्वारा लगाए गए जुर्माने की राशि को बढ़ाते हुए उसे हिरासत से रिहा किया।जस्टिस प्रेम नारायण सिंह की पीठ ने अपीलकर्ता द्वारा दायर अपील आंशिक रूप से स्वीकार की, जिसे मूल रूप से इंदौर में विशेष न्यायाधीश (NDPS Act) द्वारा तीन साल के कठोर कारावास और 10,000 के जुर्माने...
क्रूरता के कारण 18 साल से अलग रह रही पत्नी: एमपी हाईकोर्ट ने पति की गुमशुदगी शिकायत 10 हजार रुपए जुर्माने के साथ खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया, जो अपनी लापता पत्नी और बच्चों का पता लगाने के लिए निर्देश मांग रहा था उसकी पत्नी कथित तौर पर 2006 से लापता हैं।जस्टिस विशाल धगत ने पाया कि याचिकाकर्ता को पूरी तरह से पता था कि उसकी पत्नी ने उसके अपमानजनक व्यवहार के कारण उसे छोड़ दिया था।उन्होने टिप्पणी की,"याचिकाकर्ता की पत्नी ने इस अदालत को बताया कि उसका पति उसे और उसके बेटों को बेरहमी से पीटता था, इसलिए उसने वर्ष 2006 में उसका घर छोड़ दिया। याचिकाकर्ता उक्त तथ्यों...
सामाजिक वानिकी के लिए निर्धारित भूमि पर किसी भी निर्माण या उत्खनन गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सामाजिक वानिकी के लिए कथित रूप से निर्धारित भूमि पर पत्थर काटने वाले संयंत्र के संचालन के लिए दिया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) रद्द करने को चुनौती देने वाली रिट याचिका खारिज की।जस्टिस आनंद पाठक की पीठ ने घाटीगांव के उप-विभागीय अधिकारी (SDO) वन का NOC रद्द करने का फैसला बरकरार रखा। इस बात पर जोर दिया कि विचाराधीन भूमि को वृक्षारोपण उद्देश्यों के लिए वन भूमि के रूप में नामित किया गया था।मामला ग्वालियर जिले के घाटीगांव तहसील के मोहना में 0.209 हेक्टेयर भूमि के भूखंड के...
योजनाबद्ध तरीके से जंगली जानवरों का शिकार करना प्रकृति और जंगलों के लिए खतरा: एमपी हाईकोर्ट ने बाघिन के शिकार के लिए आरोपी लोगों को जमानत देने से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिजली के तार लगाकर मादा बाघ का शिकार करने के आरोपी व्यक्तियों द्वारा दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने इस कृत्य को प्रकृति और वनों के लिए गंभीर खतरा बताया है। राज्य टाइगर स्ट्राइक फोर्स, जबलपुर द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधन) 2022 की धारा 9, 39, 44, 48(ए), 49(बी), 51, 52 और 57 के तहत उन पर आरोप लगाए गए थे।अपने फैसले में जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल ने इस बात पर जोर दिया कि बाघ जैसे अनुसूची-I के जंगली जानवर का शिकार करना मामूली अपराध नहीं माना...
इंदौर के स्कूल में नाबालिग लड़कियों के साथ कथित दुर्व्यवहार: हाईकोर्ट ने गंभीर आरोपों को चिन्हित किया, राज्य से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी
इंदौर के सरकारी स्कूल में नाबालिग लड़कियों के साथ गंभीर दुर्व्यवहार के आरोपों से जुड़े हालिया मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें शिकायत दर्ज होने और प्रवेश तथा अंतरिम राहत के सवाल पर सुनवाई के बाद की गई कार्रवाई पर तत्काल रिपोर्ट मांगी गई।यह मामला ऐसी घटना के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जिसमें शिक्षक ने कथित तौर पर नाबालिग लड़कियों को मोबाइल फोन की तलाश में अपने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया और कानूनी जांच शुरू हो गई।इंदौर के...
पुलिस कांस्टेबलों के लिए म्यूजिक बैंड की ट्रेनिंग वैकल्पिक, लिखित सहमति के बिना उन्हें बैंड अभ्यास के लिए नहीं भेजा जा सकता: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में मंडलेश्वर, मऊगंज और पंधुमा के कई पुलिस कांस्टेबलों की याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उनकी सहमति के बिना उन्हें पुलिस बैंड की डमी टीम में शामिल करने के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने कहा कि कांस्टेबलों को उनकी लिखित सहमति के बिना पुलिस बैंड टीम में भागीदारी और प्रशिक्षण के लिए नहीं भेजा जा सकता।न्यायालय ने WP नंबर 3374/2024 में राज्य के पहले के इस कथन पर गौर किया कि यदि पुलिस कर्मी अपनी सहमति देने के लिए तैयार नहीं हैं, तो वे...
क्या आप 30 रुपये भी देने की स्थिति में नहीं हैं? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 12 साल पुरानी अपील को 'निर्धन के रूप में चलाने के लिए गृहिणी की अर्जी खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अजीबोगरीब मामले में गृहिणी द्वारा रेलवे दावा ट्रिब्यूनल द्वारा 2010 में पारित आदेश के खिलाफ निर्धन व्यक्ति के रूप में अपील चलाने के लिए दायर अर्जी खारिज की। कोर्ट ने कहा कि अपील के ज्ञापन पर देय कोर्ट फीस मात्र 30 रुपये है।जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने पाया कि अपीलकर्ता-आवेदक ने हाईकोर्ट के नियमों और कोर्ट फीस एक्ट के अनुसार लागू 30 रुपये की कोर्ट फीस का भुगतान करने में भी अपनी असमर्थता प्रदर्शित नहीं की है।एकल जज पीठ ने टिप्पणी की,“कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार अपील के...
भोपाल गैस त्रासदी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पीड़ितों के उपचार के लिए केंद्र सरकार से निधि के बारे में पूछा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से भोपाल मेमोरियल अस्पताल और अनुसंधान केंद्र को निधि देने के बारे में पूछा, जिसे भोपाल गैस त्रासदी (1984) के पीड़ितों को उन्नत तृतीयक स्तर की सुपर-स्पेशलिटी देखभाल प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन और अन्य संगठनों द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें वर्ष 2012 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा...


















