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सोशल मीडिया के लत लगाने वाले फीचर्स पर नीति बनाएगी सरकार? दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से पूछा कि क्या वह सोशल मीडिया मंचों के ऐसे डिजाइन और फीचर्स को लेकर कोई नीति बनाने पर विचार कर रही है, जो यूजर्स का ध्यान लंबे समय तक बनाए रखने और उन्हें बार-बार मंच पर लौटने के लिए प्रेरित करते हैं।चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांब्रे और जस्टिस अमित शर्मा की पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा से इस संबंध में निर्देश प्राप्त करने को कहा। कोर्ट ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह के लिए टाल दी।यह जनहित याचिका कानून के प्रोफेसर डॉ....

लाठीचार्ज के दावों की जांच वाली जनहित याचिका खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- इसमें कोई जनहित नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के कथित दावों की तथ्यात्मक जांच की मांग वाली जनहित याचिका बुधवार को खारिज की। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में कोई जनहित नहीं है।यह मामला जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। याचिकाकर्ता नितिन नरेश ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की खबरें सामने आई थीं, जबकि दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज के दावे से इनकार किया। याचिका में इन दोनों दावों के बीच...

फर्जी मेडिकल डिग्री पर दाखिल याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, जज बोले- हर हफ्ते एक PIL दाखिल कर रहे हैं
सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी और जाली मेडिकल डिग्रियों के मुद्दे पर एक अधिवक्ता द्वारा दाखिल जनहित याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता ने खुद अदालत में पेश होकर मेडिकल नियमों के ऑडिट और इस मुद्दे की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की थी।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने याचिकाकर्ता को इस तरह की याचिकाएं नियमित रूप से दाखिल करने से बचने की सलाह दी।सुनवाई के दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि याचिकाकर्ता हर सप्ताह एक जनहित याचिका दाखिल कर रहे हैं और सवाल किया कि क्या याचिकाएं...

क्वीयर पार्टनर को मेडिकल फैसलों के लिए नामित करने की अनुमति संभव: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा है कि किसी सक्षम वयस्क व्यक्ति को अपने पार्टनर, जिसमें क्वीयर या गैर-विषमलैंगिक पार्टनर भी शामिल है, को भविष्य में असमर्थ होने की स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी फैसले लेने के लिए नामित करने की अनुमति दी जा सकती है।केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने कहा कि यह व्यवस्था मौजूदा कानूनी और नैतिक ढांचे में उचित सुरक्षा उपायों और लागू कानून के अधीन अपनाई जा सकती है।यह दलील अर्शिया टक्कर की याचिका पर एनएमसी द्वारा...

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा आयकर कानून की धारा 147A का मामला, केंद्र ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
केंद्र सरकार ने आयकर अधिनियम की धारा 147A को असंवैधानिक घोषित करने वाले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। केंद्र ने इस मामले में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर तत्काल सुनवाई की मांग की।केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एन. वेंकटरमण ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जल्द सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले से आयकर कानून में एक बड़ा कानूनी शून्य पैदा हो गया है। मुख्य न्यायाधीश ने मामले को शीघ्र सूचीबद्ध करने पर सहमति...

वक्फ संपत्ति की धार्मिक पहचान तय करने की जांच पर पूजा स्थल कानून की रोक नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल की मूल प्रकृति और धार्मिक पहचान का पता लगाने के लिए वक्फ बोर्ड की ओर से की गई जांच, पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 की धारा 3 के तहत प्रतिबंधित नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी मौजूदा पूजा स्थल को एक धर्म या संप्रदाय से दूसरे में परिवर्तित करने और किसी संपत्ति की मूल प्रकृति व धार्मिक पहचान निर्धारित करने के बीच अंतर है।जस्टिस जे. सी. दोशी ने गुजरात वक्फ बोर्ड और वक्फ न्यायाधिकरण के उन आदेशों को बरकरार रखा, जिनके तहत पाटन स्थित ऐतिहासिक...

रिजर्व सूची में पहला स्थान पदोन्नति का अधिकार नहीं, रिक्तियां होने पर भी बैंक पर सूची लागू करने की बाध्यता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति की रिजर्व सूची में पहले स्थान पर होना अपने आप में कर्मचारी को पदोन्नति का कानूनी अधिकार नहीं देता। केवल सूची की वैधता अवधि के दौरान रिक्तियां पैदा होने से संबंधित कर्मचारी पदोन्नति का दावा नहीं कर सकता।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि रिजर्व सूची में कर्मचारी का पहला स्थान तभी उसे प्राथमिकता देता है, जब बैंक उस सूची को लागू करने का निर्णय ले। हालांकि, बैंक के लिए रिजर्व सूची को लागू करना अनिवार्य नहीं है।कोर्ट बैंक ऑफ बड़ौदा के एक पूर्व उप-महाप्रबंधक की...

निजी जमीन पर घर तोड़ने पर गुवाहाटी हाईकोर्ट सख्त, कहा- आपदा प्रबंधन कानून के दुरुपयोग की प्रथमदृष्टया आशंका
गोलपाड़ा में निजी जमीन पर बने लोगों के मकान गिराने की कार्रवाई पर गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए । कोर्ट ने कहा कि राज्य की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों से प्रथमदृष्टया ऐसा नहीं लगता कि मकान गिराने के लिए कोई आसन्न खतरा मौजूद था। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 का दुरुपयोग किया गया।मामला गोलपाड़ा जिले के माटिया अंचल कार्यालय की ओर से जारी नोटिस से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें अपने ही कृषि भूखंडों पर बने मकानों को 24 घंटे...

पत्रकार सत्यम वर्मा की NSA हिरासत को चुनौती, हाईकोर्ट का केंद्र-यूपी सरकार और नोएडा DM को नोटिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्रकार सत्यम वर्मा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया है। वर्मा ने अप्रैल 2026 के नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट के संबंध में National Security Act, 1980 (NSA) के तहत अपनी निवारक हिरासत को चुनौती दी है।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने जवाब मांगा और मामले को 7 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।वर्मा ने 12 मई 2026 के जिलाधिकारी के हिरासत आदेश के साथ राज्य सरकार के 20 मई के...

राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: केयर लीवर्स को सरकारी शिक्षा और नौकरियों में मिलेगा 1% क्षैतिज आरक्षण
राजस्थान हाईकोर्ट ने बाल देखरेख संस्थानों में पले-बढ़े और 18 वर्ष की उम्र के बाद वहां से बाहर आने वाले युवाओं यानी केयर लीवर्स के पुनर्वास और उनके अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम निर्देश जारी किए।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने केंद्र और राज्य सरकार को केयर लीवर्स के लिए सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सभी श्रेणियों की सरकारी सेवाओं में 1 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की व्यापक नीति 12 सप्ताह में अधिसूचित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि बाल देखरेख संस्थानों से निकलने वाले अनेक...

राजस्थान हाईकोर्ट ने CLAT कैंडिडेट की रिज़र्वेशन कैटेगरी बदलने की याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने CLAT-कंसोर्टियम द्वारा पहली प्रोविज़नल लिस्ट जारी होने के बाद CLAT-2026 की एक कैंडिडेट की याचिका खारिज कर दी। कैंडिडेट अपनी रिज़र्वेशन कैटेगरी को 'अनरिज़र्व्ड जनरल-महिला' से बदलकर 'जनरल-राजस्थान डोमिसाइल' (राजस्थान का मूल निवासी) करवाना चाहती थी।जस्टिस मनीष शर्मा की बेंच ने कहा कि कट-ऑफ तारीख खत्म होने के बाद एप्लीकेशन फ़ॉर्म में देर से सुधार या बदलाव करना, खासकर रिज़र्वेशन कैटेगरी बदलना, एडमिशन प्रोसेस की पवित्रता को खत्म कर देगा, इसलिए इसकी इजाज़त नहीं दी जा सकती।कोर्ट ने...

जबरदस्ती वसूली मामले में TMC सांसद कीर्ति आज़ाद को अंतरिम राहत
कलकत्ता हाईकोर्ट ने जबरन वसूली के मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आज़ाद को सख़्त कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी। कोर्ट ने पाया कि आज़ाद के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों में कोर्ट में सुनाई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर, पहली नज़र में कोई दम नहीं दिखता।जस्टिस कौशिक चंदा ने अंतरिम सुरक्षा देते हुए आज़ाद को निर्देश दिया कि वह पश्चिम बंगाल CID की जांच में सहयोग करें।कोर्ट ने आज़ाद को 22 सितंबर को दोपहर में भवानी भवन में CID के सामने पेश होने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि अगर जांच...

'गुंडा एक्ट' का इस्तेमाल 'दमन के हथियार' के तौर पर कर रहे हैं यूपी अधिकारी, इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट के लगातार फैसलों के बावजूद, उत्तर प्रदेश के अधिकारी और राज्य सरकार 'UP गुंडा एक्ट' का इस्तेमाल दमन के हथियार के तौर पर कर रहे हैं।जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने कहा कि नौकरशाही को गैर-कानूनी और मनमाने आदेश जारी करना बंद करना होगा, वरना उन्हें हर्जाना भरना पड़ सकता है।बेंच ने कहा,"अब तक यह कोर्ट उन अधिकारियों पर हर्जाना लगाने से बचता रहा है, जो 1970 के एक्ट के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लगातार मनमाने आदेश जारी कर रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया कि नौकरशाही...

अदालतों को आंसर की को सही मानना चाहिए, दखल तभी दें जब गलती 'साफ़ और स्पष्ट' हो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि परीक्षा लेने वाली संस्था द्वारा चुनी गई आंसर की की सटीकता को चुनौती तभी दी जा सकती है, जब गलती इतनी साफ़ और स्पष्ट हो कि उसे बिना किसी अनुमान या तर्क-वितर्क के पहचाना जा सके। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में एक उम्मीदवार को विवादित अंक दिया गया।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने आयोग की उस अपील को मंज़ूरी दी, जो...

ट्रस्ट कोई 'कानूनी व्यक्ति' नहीं, इसलिए उसे आरोपी नहीं बनाया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि 'ट्रस्ट' कोई कानूनी व्यक्ति (Juristic Person) नहीं है और न तो वह किसी पर मुकदमा कर सकता है और न ही उस पर मुकदमा किया जा सकता है। कोर्ट ने कर्नाटक में वित्तीय अनियमितता के एक मामले में आरोपी बनाए गए एक ट्रस्ट के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने 'प्रतिभा प्रतिष्ठान बनाम मैनेजर, केनरा बैंक (2017)' मामले में दिए गए फैसले का समर्थन करते हुए कहा,"...ट्रस्ट का अपना कोई अलग कानूनी अस्तित्व नहीं होता है, जिससे वह...

सुप्रीम कोर्ट ने छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की जांच करने वाली कमेटी को फिर से बनाने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के आरोपों की जांच के लिए बनाई गई हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) को फिर से बनाने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि कमेटी के सदस्यों पर लगाए गए आरोप जांच शुरू होने से पहले ही "अटकलों और पहले से बनी धारणाओं" पर आधारित हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कुछ याचिकाकर्ताओं की उन अर्जियों पर विचार करने से इनकार किया, जिनमें कमेटी के सदस्यों को लेकर सवाल उठाए गए।10 सितंबर को हुई सुनवाई...

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को 'प्रिवेंटिव जस्टिस' की ज़रूरत है ताकि वे कानूनी विवादों में न फंसें: CJI सूर्य कांत
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने सोमवार को इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में रुकावट डालने वाले विवादों को सुलझाने के लिए "रेट्रोस्पेक्टिव जस्टिस" (घटना के बाद मिलने वाला न्याय) से हटकर "प्रिवेंटिव जस्टिस" (विवादों को पहले ही रोकने वाला न्याय) की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स आर्बिट्रेशन या अपील की लंबी प्रक्रियाओं का इंतज़ार नहीं कर सकते।उन्होंने कहा,"इसलिए हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को 'रेट्रोस्पेक्टिव जस्टिस' से 'प्रिवेंटिव जस्टिस' की ओर बढ़ने की ज़रूरत...

'दिव्यांगता सर्विस की वजह से नहीं थी, यह साबित करने की ज़िम्मेदारी सेना की': सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगता पेंशन के ख़िलाफ़ अपीलें खारिज कीं
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (15 सितंबर) को केंद्र सरकार की उन 271 अपीलों को खारिज किया, जो रिटायरमेंट के 15 साल के भीतर पूर्व सैनिकों को दी गई दिव्यांगता पेंशन के ख़िलाफ़ दायर की गईं। कोर्ट ने कहा कि भले ही 2008 के नियमों ने इस धारणा को हटा दिया हो कि सैनिक भर्ती के समय फिट था, लेकिन इससे नियोक्ता (सेना) को कोई फ़ायदा नहीं मिलता। भारत सरकार को अभी भी यह साबित करना होगा कि दिव्यांगता न तो सैन्य सेवा के कारण हुई थी और न ही सैन्य सेवा से बढ़ी (NANA) है।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक...

क्या PMLA एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी सिंगल बेंच हो सकती है? क्या ज्यूडिशियल मेंबर ज़रूरी है? सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कई याचिकाओं पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। इन याचिकाओं में यह सवाल उठाया गया कि क्या 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) की धारा 6 के तहत बनी एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी (जो एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट के अटैचमेंट ऑर्डर की पुष्टि करती है) में ज्यूडिशियल मेंबर का होना ज़रूरी है और क्या यह सिंगल-मेंबर बेंच के तौर पर काम कर सकती है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच उन मामलों की सुनवाई कर रही थी, जो (a) PMLA की धारा 5 के दूसरे...

EPF Act | क्या प्रोविडेंट फंड जमा करने में देरी पर पेनल्टी लगाना ज़रूरी है? सुप्रीम कोर्ट ने मामला बड़ी बेंच को भेजा
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 'हॉर्टिकल्चर एक्सपेरिमेंट स्टेशन गोनिकोप्पल, कूर्ग बनाम रीजनल प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (2022)' मामले में अपने पहले के फैसले की सही होने पर सवाल उठाया है। उस फैसले में कहा गया कि 'एम्प्लॉईज़ प्रोविडेंट फंड्स एंड मिसलेनियस एक्ट, 1952' (EPF & MP Act) की धारा 14B के तहत देर से पेमेंट करने पर हर्जाना (डैमेज) लगाना अपने आप (ऑटोमैटिक) और ज़रूरी (मैंडेटरी) है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने इस सवाल को बड़ी बेंच के पास भेजा कि क्या धारा 14B...
