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फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में नागरिकता साबित करने की पूरी जिम्मेदारी व्यक्ति की, सिर्फ मौखिक दावे पर्याप्त नहीं : गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा है कि फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के समक्ष नागरिकता साबित करने का पूरा भार संबंधित व्यक्ति (प्रोसीडी) पर होता है और इसे केवल अस्पष्ट दलीलों, विरोधाभासी वोटर लिस्ट या बिना प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर पूरा नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजय कुमार मेधी और जस्टिस प्रांजल दास की खंडपीठ डाबिर रहमान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में वर्ष 2018 में फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उसे 25 मार्च 1971 के बाद भारत आया विदेशी घोषित किया गया...
S. 307 IPC | चोट की गंभीरता ही हत्या के प्रयास के लिए दोषी ठहराने के लिए काफी नहीं, जब तक कि जान लेने के इरादे का सबूत न हो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक जान लेने का आपराधिक इरादा (mens rea) साबित नहीं हो जाता, तब तक हत्या के प्रयास के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, भले ही घायल व्यक्ति को कितनी भी गंभीर चोट क्यों न लगी हो।सुप्रीम कोर्ट ने कहा,"...चोट की गंभीरता अपने आप में IPC की धारा 307 के तहत अपराध को तय करने का आधार नहीं हो सकती, जब तक कि अभियोजन पक्ष उस धारा के तहत ज़रूरी आपराधिक इरादा (mens rea) को साबित न कर दे।" जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमीकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने यह टिप्पणी करते हुए पंजाब...
दूसरी बार ज़मानत देते समय आदेश में हालात में बदलाव या नए आधारों का ज़िक्र होना ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि पिछली ज़मानत अर्ज़ी खारिज होने के बाद अगली ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई करते समय अगर नए आधारों के होने का ज़िक्र नहीं किया जाता है तो ज़मानत का आदेश रद्द किया जा सकता है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमीकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा,"हालांकि हाईकोर्ट के पास किसी ऐसे आरोपी को ज़मानत देने पर कोई पूरी तरह से रोक नहीं है, जिसकी ज़मानत पहले इस कोर्ट ने रद्द कर दी थी, लेकिन ज़मानत देने के पीछे ऐसे कारण होने चाहिए, जो या तो हालात में बदलाव दिखाएं या फिर ऐसे नए आधारों के...
हाईकोर्ट द्वारा मेयर की शक्तियां निलंबित करने के तीन दिन बाद लखनऊ मेयर ने दिलाई एसपी पार्षद को शपथ
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) द्वारा अपने आदेश का पालन न करने पर मेयर की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां निलंबित किए जाने के तीन दिन बाद लखनऊ नगर निगम की मेयर सुषमा खड़कवाल ने रविवार को समाजवादी पार्टी (एसपी) नेता ललित किशोर तिवारी को पार्षद के तौर पर शपथ दिलाई।तिवारी अवध बार एसोसिएशन के महासचिव भी हैं। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गुहार लगाई थी कि लखनऊ की मेयर उन्हें शपथ नहीं दिला रही हैं, जबकि चुनाव ट्रिब्यूनल ने आदेश जारी कर उन्हें वार्ड नंबर 73, फैजुल्लागंज से निर्वाचित उम्मीदवार घोषित...
Twisha Sharma Dowry Death Case: सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम ज़मानत को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (25 मई) को त्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह से कथित दहेज हत्या मामले में उन्हें दी गई अग्रिम ज़मानत को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जवाब मांगा।जस्टिस देवनारायण मिश्रा की सिंगल जज बेंच ने पीड़ित के माता-पिता की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा (जिनके साथ एडवोकेट अनुराग श्रीवास्तव भी हैं) की दलीलें सुनीं। लूथरा ने याचिकाओं पर तत्काल सुनवाई की मांग की।लूथरा ने कोर्ट को बताया कि दो संबंधित मामले सूचीबद्ध हैं- एक राज्य सरकार द्वारा दायर और दूसरा पीड़ित के...
डांस बार, स्पा और सैलून में बाल श्रम पर रोक की मांग, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस
बाल श्रम पर सख्ती की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। याचिका में ऑर्केस्ट्रा, डांस बार, डांस ट्रूप, नौटंकी कार्यक्रम, मसाज पार्लर, स्पा और सैलून जैसे मनोरंजन एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठानों में बच्चों के रोजगार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है, जहां बच्चों के शोषण और तस्करी का खतरा बताया गया है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पांचोली की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। यह जनहित...
आबकारी नीति मामला: अरविंद केजरीवाल और अन्य को बरी किए जाने के खिलाफ याचिका पर 16 जुलाई तक सुनवाई स्थगित
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (25 मई) को आबकारी नीति मामले में आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती देने वाली CBI की याचिका पर सुनवाई जुलाई तक के लिए स्थगित की।कोर्ट ने ED की उस याचिका को भी लिस्ट किया, जिसमें आबकारी नीति मामले में सभी आरोपियों को बरी करते समय ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने की मांग की गई।पिछले हफ्ते कोर्ट ने कहा था कि AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और नेताओं मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने के संबंध में नए नोटिस जारी किए...
पंजाब नगर निकाय चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब नगर निकाय चुनावों में बैलेट पेपर की जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से मतदान कराने की मांग वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि चुनाव अगले दिन होने हैं और सभी व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं, इसलिए इस चरण पर हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पांचोली की खंडपीठ मामले की सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट नचिकेता जोशी ने दलील दी कि हाल के वर्षों में पहली बार बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जा...
किशोरावस्था के आपराधिक मामले नौकरी में बाधा नहीं बन सकते : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि किशोरावस्था में किए गए अपराध में दोषसिद्धि या ऐसे मामले की लंबित सुनवाई किसी व्यक्ति को वयस्क होने पर नौकरी पाने से अयोग्य नहीं ठहरा सकती। कोर्ट ने कहा कि लंबित आपराधिक मामलों के आधार पर किसी व्यक्ति को रोजगार से वंचित करना उसके जीवन और आजीविका पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।जस्टिस श्री प्रकाश सिंह ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 की धारा 19 का हवाला देते हुए कहा कि कानून का उद्देश्य यह...
जजों को निशाना बनाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट्स पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, बंगाल पुलिस से मांगी SOP की जानकारी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने न्यायाधीशों और न्यायिक कार्यवाही को निशाना बनाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट्स पर गंभीर चिंता जताते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या राज्य पुलिस के पास ऐसे आपत्तिजनक और मानहानिकारक सोशल मीडिया कंटेंट से निपटने के लिए कोई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) मौजूद है।जस्टिस जय सेनगुप्ता ने 21 मई 2026 को स्वामी प्रदीप्तानंद उर्फ कार्तिक महाराज द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के संज्ञान में कुछ यूट्यूब वीडियो...
आय से अधिक संपत्ति मामले में FIR से पहले स्पष्टीकरण मांगना जरूरी नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी लोक सेवक को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से पहले कथित आय से अधिक संपत्ति का स्पष्टीकरण देने का कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने से पहले आरोपी से जवाब मांगना कानूनन आवश्यक नहीं है।जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह टिप्पणी एक सरकारी कर्मचारी द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए की। याचिकाकर्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत एफआईआर...
'इसे लेकर इतना भावुक न हों': 'कॉकरोच जनता पार्टी' के खिलाफ याचिका पर CJI
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मुद्दे को इतना भावुक होकर न लें, जब वकील ने इस मामले से जुड़ी याचिका को तुरंत सुनवाई के लिए लिस्ट करने का मौखिक ज़िक्र किया।वकील एनके गोस्वामी ने कहा कि CJI द्वारा दी गई सफ़ाई के बावजूद, "एक तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और दुर्भावनापूर्ण नैरेटिव जारी है।"CJI सूर्यकांत ने वकील से कहा,"इसे इतना भावुक होकर न लें।" 'कॉकरोच जनता पार्टी' व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया आंदोलन है, जो सुनवाई के दौरान CJI की एक मौखिक टिप्पणी के जवाब...
NEET-UG 2026 रद्द होना दुखद, NTA ने सबक नहीं सीखा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि पेपर लीक होने की वजह से NEET-UG 2026 को रद्द करना पड़ा। कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि दो साल पहले, 2024 में पेपर लीक के संबंध में कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कोई सबक नहीं सीखा।कोर्ट ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स द्वारा NTA को बदलने की मांग वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, और NTA से उस हाई-पावर्ड कमेटी (उच्च-स्तरीय समिति) की सिफारिशों के अनुसार उठाए गए कदमों पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी। इस कमेटी का गठन...
BREAKING | सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की रेबीज़ वाले कुत्तों की 'इच्छामृत्यु' के खिलाफ NGO की याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने NGO द्वारा दायर उस याचिका को सुनने से इनकार किया, जिसमें यह स्पष्टीकरण मांगा गया था कि कोर्ट का हालिया निर्देश, जिसमें कुछ खास परिस्थितियों में कुत्तों को मारने की अनुमति दी गई, उसे आवारा कुत्तों को अंधाधुंध मारने का आदेश नहीं माना जाना चाहिए।यह याचिका NGO 'एनिमल्स आर पीपल टू' ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान दायर की है। NGO ने चिंता जताई है कि कोर्ट के निर्देश की अधिकारी गलत व्याख्या कर रहे हैं, ताकि कुत्तों को गैर-कानूनी तरीके से मारने या हटाने को सही ठहराया जा...
केंद्र सरकार के 'जगह खाली करने' के निर्देश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा जिमखाना क्लब, कल होगी सुनवाई
प्रतिष्ठित दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्यों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका में उन्होंने केंद्र सरकार के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें क्लब को लुटियंस दिल्ली में स्थित अपनी 27.3 एकड़ की जगह 5 जून तक खाली करने का निर्देश दिया गया।सोमवार (25 मई) को सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जस्टिस अवनीश झिंगन की बेंच के सामने इस मामले का ज़िक्र किया और इसकी तत्काल सुनवाई की मांग की। इस मामले की सुनवाई कल (26 मई) होगी।केंद्र सरकार ने दावा किया है कि ज़मीन का यह टुकड़ा दिल्ली के एक बेहद...
Delhi Riots Larger Conspiracy Case: कल अतहर खान की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (25 मई) को अतहर खान की ज़मानत याचिका को कल (मंगलवार) के लिए लिस्ट किया। अतहर खान पर 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की "बड़ी साज़िश" के मामले में केस दर्ज किया गया है।पिछले हफ़्ते हाईकोर्ट ने सह-आरोपी सलीम मलिक को ज़मानत दे दी थी। तब कोर्ट ने खान की याचिका को आज (सोमवार) के लिए लिस्ट किया था।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने अब इस मामले की सुनवाई कल (मंगलवार) के लिए लिस्ट की।खान ने 29 जनवरी को ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए उस आदेश को चुनौती दी,...
स्थायी रूप से दिव्यांग कर्मचारियों के परिजनों के लिए अनुकंपा नियुक्ति लागू, भले ही दुर्घटना नियमों के लागू होने से पहले हुई हो: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाई कोर्ट ने फैसला दिया कि 'राजस्थान स्थायी पूर्ण विकलांग सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों की अनुकंपा नियुक्ति नियम, 2023' के तहत अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन पर विचार करते समय दुर्घटना की तारीख का कोई महत्व नहीं है, बशर्ते नियमों के लागू होने की तारीख पर स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति मौजूद हो।जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने टिप्पणी की कि यह नियम ऐसे मामलों पर विचार करने से मना नहीं करता, जिनमें स्थायी पूर्ण विकलांगता का कारण बनी दुर्घटना, नियमों के लागू होने की तारीख से पहले हुई...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए कानपुर बम ब्लास्ट और राज नारायण-इंदिरा गांधी केस के हिंदी अनुवादित ऐतिहासिक फैसले
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी ऐतिहासिक निर्णय श्रृंखला के चौथे और पांचवें संस्करण के तहत दो महत्वपूर्ण मामलों के हिंदी अनुवाद ई-पुस्तिका स्वरूप में जारी किए हैं। इनमें स्वतंत्रता पूर्व कानपुर बम विस्फोट प्रकरण और ऐतिहासिक राज नारायण बनाम इंदिरा नेहरू गांधी मामले में पारित फैसले शामिल हैं। इन ई-पुस्तिकाओं का लोकार्पण 20 मई 2026 को ए-आई असिस्टेड लीगल एडवाइजरी, ई-एएचसीआर और आईएलआर समिति द्वारा किया गया।चौथे संस्करण में 15 मार्च 1946 को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा कानपुर बम विस्फोट मामले में दिए गए फैसले...
'पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी एक्ट' की शर्तें पूरी न होने तक कर्मचारी को नौकरी से निकालने पर ग्रेच्युटी अपने-आप ज़ब्त नहीं की जा सकती: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि सिर्फ़ नौकरी से निकाल देने भर से ग्रेच्युटी अपने-आप ज़ब्त नहीं हो जाती, जब तक कि एक्ट के तहत तय कानूनी शर्तें पूरी न हो जाएं।कोर्ट ने सेंट्रल एमपी ग्रामीण बैंक की तरफ़ से दायर अपील भी खारिज की। इस अपील में बैंक ने सिंगल जज के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें बैंक को निर्देश दिया गया कि वह एक मृत कर्मचारी की विधवा को ग्रेच्युटी का भुगतान करे। उस कर्मचारी को पैसों के गबन के आरोपों के चलते नौकरी से निकाल दिया गया।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की...
राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व विधायकों की पेंशन की संवैधानिक वैधता को सही ठहराया, 1956 के कानून को चुनौती देने वाली PIL खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान विधानसभा (अधिकारियों और सदस्यों का वेतन, भत्ते और पेंशन) अधिनियम, 1956 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। यह याचिका इस आधार पर दी गई थी कि यह अधिनियम पूर्व विधायकों ("MLAs") को पेंशन लाभ प्रदान करता है।जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी की कि संविधान में पूर्व विधायकों को पेंशन देने के खिलाफ किसी 'निहित रोक' को समझने की याचिकाकर्ता की व्याख्या सही नहीं थी। किसी भी स्पष्ट संवैधानिक सीमा के अभाव...




















