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पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए रामदेव पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट, एक्स कॉर्प ने कहा- सटायर हटाया नहीं जा सकता
योग गुरु और पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक रामदेव ने अपने पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई जस्टिस ज्योति सिंह के समक्ष हुई, जिन्होंने संक्षिप्त सुनवाई के बाद इसे कल के लिए सूचीबद्ध किया।रामदेव की ओर से सीनियर एडवोकेट राजीव नायर ने पैरवी की। वहीं सोशल मीडिया मंच एक्स कॉर्प (पूर्व में ट्विटर) की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि राजनीतिक टिप्पणी, व्यंग्य, निष्पक्ष टिप्पणी और सार्वजनिक भाषण को व्यक्तित्व अधिकारों के नाम पर हटाने का आदेश नहीं दिया जा...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का 2025 में 89.99% केस क्लियरेंस रेट, लंबित मामलों के लिए 12 शनिवार वर्किंग डे घोषित
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चीफ़ जस्टिस जी.एस. संधावालिया के नेतृत्व में वर्ष 2025 के दौरान न्यायिक दक्षता, तकनीकी सुधार और वादकारी-केंद्रित उपायों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कम न्यायिक शक्ति के बावजूद हाईकोर्ट ने 89.99% का केस क्लियरेंस रेट (CCR) हासिल किया और मामलों के त्वरित निपटान के लिए कई संरचनात्मक तथा डिजिटल सुधार लागू किए।लंबित मामले व निपटान: लगभग 90% क्लियरेंस रेट1 जनवरी 2025 तक हाईकोर्ट में 93,942 मामले लंबित थे। वर्ष 2025 में 81,092 नए मामले...
AI से तैयार फर्जी केस साइटेशन पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने आज वकीलों द्वारा AI की मदद से तैयार याचिकाओं में फर्जी केस संदर्भ (साइटेशन) शामिल किए जाने पर गंभीर चिंता जताई। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की खंडपीठ के समक्ष यह मुद्दा उठा।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कुछ वकील अब याचिकाएँ तैयार करने के लिए एआई का उपयोग कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है। जस्टिस नागरत्ना ने बताया कि हाल ही में उन्हें “Mercy v. Mankind” नामक एक ऐसे निर्णय का हवाला मिला, जो अस्तित्व में ही नहीं है। सीजेआई ने भी जस्टीस...
हेट स्पीच ऑडियो से वॉयस मिलान के लिए UP DIG को हैदराबाद फॉरेंसिक लैब में पेश होने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में तेलंगाना फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (TGFSL) को निर्देश दिया कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस के एक अधिकारी पर कथित तौर पर मुस्लिम-विरोधी टिप्पणी करने वाले ऑडियो क्लिप और उसके वॉयस सैंपल की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीआईजी संजीव त्यागी (जो संबंधित समय में बिजनौर के पुलिस अधीक्षक थे) को 9 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे हैदराबाद स्थित TGFSL के निदेशक के समक्ष उपस्थित होकर अपना वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया। साथ ही,...
राहुल गांधी का कथित बदनाम करने वाले पब्लिकेशन से कोई लेना-देना नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने BJP का मानहानि मामला खारिज किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार (17 फरवरी) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि मामला में कार्रवाई खारिज की, जिसमें राज्य BJP ने कथित बदनाम करने वाले विज्ञापन और उससे जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर केस किया था। कोर्ट ने कहा कि पार्टी पीड़ित व्यक्ति नहीं है।ऐसा करते हुए कोर्ट ने आगे कहा कि अपनी फोटो के इस्तेमाल के अलावा, गांधी का कथित बदनाम करने वाले विज्ञापन से कोई लेना-देना नहीं था।यह मामला कांग्रेस पार्टी के “करप्शन रेट कार्ड” विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें दावा किया गया कि...
2018 पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव बाद हिंसा: आत्महत्या द्वारा फांसी का क्लासिक मामला- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 2018 के पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों के बाद कथित राजनीतिक हत्याओं से जुड़ी एक रिट याचिका पर सुनवाई की।यह याचिका सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया द्वारा व्यक्तिगत रूप से दायर की गई, जिसमें राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों पर राजनीतिक हत्याओं के आरोप लगाए गए।याचिकाकर्ता ने मामले की स्वतंत्र जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने की मांग की। न्यायालय ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल करने की अनुमति दी।याचिका में लगाए गए आरोपयाचिकाकर्ता ने दावा...
चारा घोटाला मामला: लालू प्रसाद यादव की सजा निलंबन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची CBI, 22 अप्रैल को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट अप्रैल में झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर अपीलों के एक समूह पर सुनवाई करेगा, जिसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और चारा घोटाले के अन्य दोषियों की सजा निलंबित की गई थी। जस्टिस एम.एम. सुंद्रेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने मामलों को अंतिम निपटान के लिए 22 अप्रैल 2026 को सूचीबद्ध किया है।केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने दलील दी कि यह महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न से जुड़ा मामला है और हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि के बाद सजा निलंबन से...
चालाकी से ड्राफ्टिंग करके दूसरी रिवीजन पिटीशन पर रोक को टाला नहीं जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने NI Act के तहत याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने दोहराया कि दूसरी रिवीजन पिटीशन सुनवाई योग्य नहीं है। सिर्फ चालाकी से ड्राफ्टिंग या फाइल करते समय नाम बदलने से कानून को नहीं टाला जा सकता।जस्टिस फरजंद अली ने कहा,"प्रोसिजरल तरीके में बदलाव से प्रोसिडिंग्स का ज्यूरिडिकल कैरेक्टर नहीं बदल सकता। किसी प्रोसिडिंग का असली नेचर क्लेम की गई राहत के सार से तय होता है, न कि लिटिगेंट द्वारा अपनाए गए नाम के तरीके से।"संदर्भ के लिए कोर्ट एक सेशंस कोर्ट के ऑर्डर के खिलाफ एक क्रिमिनल पिटीशन पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें चेक बाउंस केस में...
भ्रष्टाचार मामले में DIC एच.एस. भुल्लर को हाईकोर्ट से नहीं मिली जमानत
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारी हरचरण सिंह भुल्लर उर्फ एच.एस. भुल्लर की नियमित जमानत याचिका खारिज की। यह मामला सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार प्रकरण से जुड़ा है।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण कानून की धारा 7 के तहत लगाया गया। आरोप विशेषकर इतने सीनियर अधिकारी के खिलाफ आपराधिक न्याय प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर प्रभाव डालता है और कानून व्यवस्था में जनता के विश्वास को कमजोर करता है। अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता और याचिकाकर्ता का पद नियमित जमानत...
बार संचालित करने का अधिकार नागरिकों के शांतिपूर्ण जीवन के अधिकार से ऊपर नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि बार या पब चलाने का अधिकार पूर्ण नहीं है और इसे नागरिकों, विशेषकर बच्चों, के शांत, शोर-मुक्त और सुव्यवस्थित वातावरण में रहने के अधिकार के साथ संतुलित किया जाना चाहिए।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें आर.के. आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन स्थित एक बार एवं लाउंज के कथित अनियंत्रित संचालन की शिकायत की गई। याचिकाकर्ता का आरोप था कि बार निर्धारित समय से अधिक देर तक, कभी-कभी तड़के सुबह तक खुला रहता है, जिससे आसपास के निवासियों और आम लोगों को...
अधिक आयु की अभ्यर्थी लंबी पार्ट-टाइम सेवा के आधार पर नियमित नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने निर्णय दिया कि जो अभ्यर्थी निर्धारित कट-ऑफ तिथि पर अधिक आयु (ओवरएज) की हो, वह केवल इस आधार पर नियमित पद पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती कि उसने लंबे समय तक पार्ट-टाइम लाइब्रेरियन के रूप में सेवा दी।जस्टिस संजीव नरूला ने दिल्ली सरकार से सहायता प्राप्त एक विद्यालय में लाइब्रेरियन पद की चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की।याचिकाकर्ता वर्ष 2002 से पार्ट-टाइम लाइब्रेरियन के रूप में कार्यरत थीं। उन्होंने वर्ष 2018 में शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित एक अन्य...
निजी परिसर में नमाज रोकने का आरोप: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने बरेली के DM और SSP को अवमानना नोटिस जारी किया
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने बरेली के जिलाधिकारी (DM) रवींद्र कुमार और सीनियर पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य को अवमानना का नोटिस जारी किया। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने याचिकाकर्ता और अन्य लोगों को निजी घर के अंदर नमाज अदा करने से रोका, जो कि हाइकोर्ट के पिछले आदेशों का सीधा उल्लंघन प्रतीत होता है।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अधिकारियों का यह कदम हाइकोर्ट द्वारा 27 जनवरी को 'मरानाथ फुल गॉस्पेल मिनिस्ट्रीज बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' मामले में...
सभी हाईकोर्ट समान, मामलों को एक ही हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की प्रथा को प्रोत्साहन नहीं दिया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मौखिक रूप से कहा कि वह विभिन्न हाईकोर्टों में लंबित याचिकाओं को एक ही हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की प्रथा को प्रोत्साहित नहीं कर सकता। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ टर्फ क्लबों द्वारा दायर ट्रांसफर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें घुड़दौड़ पर लगाए गए जीएसटी के खिलाफ विभिन्न हाईकोर्टों में लंबित याचिकाओं को किसी एक हाईकोर्ट में समेकित करने का अनुरोध किया गया था।याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट अरविंद पी....
PFI के प्रतिबंधित होने से पहले उसमें नेतृत्व पद संभालना PMLA के तहत अपराध नहीं: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा कि किसी संगठन के प्रतिबंधित होने से पहले उसमें केवल एक नेतृत्व पद (Leadership Position) पर होना स्वतः ही मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) का अपराध नहीं बन जाता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक संगठन वैध था तब तक उससे जुड़ा होना किसी व्यक्ति को अपराधी नहीं बनाता।यह टिप्पणी जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने 'सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया' (SDPI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोइद्दीन कुट्टी के. उर्फ एम.के. फैजी को जमानत देते हुए की। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फैजी पर PFI...
पारिवारिक विवाद सार्वजनिक न करें: दिल्ली हाइकोर्ट ने प्रिया कपूर और मंधिरा कपूर को मानहानिपूर्ण बयान देने से रोका
दिल्ली हाइकोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर और उनकी ननद मंधिरा कपूर स्मिथ के बीच चल रहे विवाद पर सख्त रुख अपनाया। मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट ने दोनों पक्षों को एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक या मानहानिपूर्ण बयान देने से रोक दिया।दार्शनिक और मर्यादित आचरण की सलाहमामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस मिनी पुष्करणा ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कपूर परिवार के सदस्यों को गरिमा के साथ आचरण करना चाहिए और सार्वजनिक डोमेन में एक-दूसरे को बदनाम नहीं करना चाहिए।...
NEET-PG 2025 कट-ऑफ घटने से 95,913 अतिरिक्त अभ्यर्थी हुए पात्र : NBEMS ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि NEET-PG 2025 के क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में कमी करने के निर्णय में उसकी कोई भूमिका नहीं है। कट-ऑफ घटाए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दायर अपने जवाबी हलफनामे में NBEMS ने कहा कि यह निर्णय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवाएँ (DGHS) और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अधिकार क्षेत्र में आता है।NBEMS ने स्पष्ट किया कि उसकी भूमिका केवल NEET-PG परीक्षा आयोजित करने, परिणामों का...
NEET-PG 2025: दिल्ली हाईकोर्ट ने कट-ऑफ में कमी को ठहराया वैध, कहा- नीति निर्णय में कोई मनमानी नहीं
दिल्ली हाइकोर्ट ने NEET-PG 2025 की पात्रता कट-ऑफ प्रतिशत में कमी करने का निर्णय बरकरार रखते हुए इसे चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि यह निर्णय विचार-विमर्श के बाद लिया गया और इसमें किसी प्रकार की मनमानी या दुर्भावना नहीं पाई गई।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि कार्यपालिका द्वारा लिए गए प्रशासनिक या नीतिगत निर्णयों की न्यायिक समीक्षा केवल तभी की जा सकती है, जब उनमें स्पष्ट रूप से मनमानी या विकृति हो।अदालत ने कहा,“यह स्थापित विधि है कि...
इज़राइली महिला से सामूहिक दुष्कर्म और पुरुष पर्यटक की हत्या के मामले में तीन दोषियों को मिली मौत की सज़ा
कर्नाटक कोर्ट ने सोमवार (16 फरवरी) को पिछले वर्ष इज़राइली महिला सहित दो महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म और ओडिशा के एक पुरुष पर्यटक की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए तीन व्यक्तियों को मौत की सज़ा सुनाई।तीनों दोषी मल्लेश, साई और शरणप्पा को 6 फरवरी को दोषी ठहराया गया। कोप्पल में स्थित प्रिंसिपल एडिशन जिला एवं सेशन जज की अदालत (गंगावती में बैठक) के आदेश में कहा गया:“भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 103(1) (जो भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 302 के समकक्ष है) के तहत हत्या के अपराध तथा BNS 2023 की...
देश में भाईचारा बढ़ाएं राजनीतिक नेता, आपसी सम्मान के आधार पर लड़े जाएं चुनाव : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मौखिक रूप से कहा कि देश में भाईचारे को बढ़ावा देना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है और सभी दलों को संवैधानिक मर्यादा का पालन करते हुए आपसी सम्मान के आधार पर चुनाव लड़ना चाहिए। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ नौ व्यक्तियों द्वारा दायर उस रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों द्वारा दिए जाने वाले “संवैधानिक मूल्यों के विपरीत” भाषणों को रोकने के लिए दिशानिर्देश बनाने की मांग की गई है। यह...
2007 CRPF कैंप हमला मामला : सुप्रीम कोर्ट 4 मौत की सज़ा पाए दोषियों की बरी किए जाने के खिलाफ यूपी सरकार की अपील पर करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2007 के CRPF कैंप आतंकी हमले मामले में मौत की सज़ा पाए 4 दोषियों को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर विचार करने जा रहा है। इस हमले में आठ जवानों की जान गई।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने हाल ही में राज्य सरकार द्वारा दायर चार विशेष अनुमति याचिकाओं में अनुमति प्रदान की।विवादित निर्णय के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2019 में चार व्यक्तियों मोहम्मद शरीफ, इमरान शहजाद, मोहम्मद फारूक और सबाउद्दीन को दी गई मौत की सज़ा रद्द की थी।...




















