हाईकोर्ट ने जमशेदपुर में अवैध ढांचों को एक महीने के अंदर गिराने का आदेश दिया, कहा- अब कोई रहम नहीं दिखाया जाएगा

Shahadat

17 Jan 2026 9:44 AM IST

  • हाईकोर्ट ने जमशेदपुर में अवैध ढांचों को एक महीने के अंदर गिराने का आदेश दिया, कहा- अब कोई रहम नहीं दिखाया जाएगा

    जमशेदपुर में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के मकसद से एक अहम आदेश में झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड नोटिफाइड एरिया कमेटी (JNAC), जमशेदपुर को प्राइवेट प्रतिवादियों द्वारा बनाए गए अवैध ढांचों को एक महीने के अंदर गिराने का निर्देश दिया।

    चीफ जस्टिस एम.एस. सोनाक और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की डिवीजन बेंच JNAC के अधिकार क्षेत्र में अवैध निर्माणों से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

    इससे पहले कोर्ट ने संबंधित ढांचों का निरीक्षण करने के लिए वकीलों की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। कमेटी ने रिपोर्ट दी कि प्राइवेट प्रतिवादियों द्वारा किए गए निर्माण कानून के मुताबिक नहीं थे। कमेटी ने आगे कहा कि बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन और तय सीमा से ज़्यादा निर्माण के बावजूद, इलाके में एक या दो पुराने घर (शायद कानून मानने वाले लोगों के) अभी भी मौजूद थे। इसने यह भी पाया कि नियमों का पालन न करना और अधिकारियों द्वारा प्रभावी निगरानी की कमी ही इस स्थिति के मुख्य कारण थे, जिससे ईमानदार और कानून मानने वाले निवासियों को परेशानी हुई।

    अवैध निर्माणों की गंभीरता पर ज़ोर देते हुए कोर्ट ने कहा:

    “माननीय सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार कहा कि अब समय आ गया है कि अवैध निर्माणों पर कोई रहम न दिखाया जाए। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि यह मानना ​​मुश्किल है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण बिना किसी मिलीभगत और सरकारी अधिकारियों की घोर लापरवाही के संभव हैं। इसलिए कुछ फैसलों में कहा गया कि नगर निगम या अन्य अधिकारियों के खिलाफ आदेश जारी किए जाने चाहिए, जिन्हें ऐसे अवैध निर्माणों को रोकने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई। लेकिन इस याचिका में ऐसा कोई आदेश देने से पहले अब जब JNAC ने एक वादा किया तो हम देखना चाहते हैं कि JNAC ईमानदारी से इस वादे का पालन करता है या नहीं।”

    कोर्ट ने राज्य प्रशासन को JNAC को पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरा सहयोग देने का निर्देश दिया। इसने आगे झारखंड सरकार के शहरी विकास सचिव, उपायुक्त, जमशेदपुर और SSP, जमशेदपुर को JNAC को सहयोग देने में किसी भी कमी के लिए व्यक्तिगत रूप से ज़िम्मेदार ठहराया।

    कोर्ट ने यह भी कहा कि JNAC के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर कोर्ट के सामने दिए गए वादे का पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से ज़िम्मेदार होंगे।

    इस मामले को आगे की सुनवाई के लिए 09 मार्च, 2026 को लिस्ट किया गया।

    Title: Rakesh Kumar Jha v. The State of Jharkhand and Ors.

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