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सुप्रीम कोर्ट ने हॉकी इंडिया की सदस्यता रद्द करने के लिए विदर्भ हॉकी संघ की चुनौती खारिज की; एक राज्य-एक इकाई सिद्धांत को दोहराया
सुप्रीम कोर्ट ने हॉकी इंडिया की सदस्यता रद्द करने के लिए विदर्भ हॉकी संघ की चुनौती खारिज की; 'एक राज्य-एक इकाई' सिद्धांत को दोहराया

"हॉकी एक ओलंपिक खेल है और भारतीय ओलंपिक संघ के नियमों के अनुसार, एक राज्य से केवल एक ही संघ हो सकता है," सुप्रीम कोर्ट ने हॉकी इंडिया और भारतीय ओलंपिक संघ के सहयोगी सदस्य के रूप में मान्यता के लिए विदर्भ हॉकी संघ की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और याचिकाकर्ता को संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद मामला वापस लेने की अनुमति दी।याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के रिट क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए हॉकी इंडिया और भारतीय...

डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने पर केंद्र से फैसला मांगा
डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने पर केंद्र से फैसला मांगा

पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की कि वह राम सेतु पुल को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने और राम सेतु को राष्ट्रीय महत्व के प्राचीन स्मारक के रूप में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सर्वेक्षण कराने के लिए उनके आवेदन पर समय पर निर्णय ले।जनहित में दायर की गई डॉ. स्वामी की याचिका में कहा गया कि केंद्र सरकार राम सेतु को किसी भी तरह के दुरुपयोग, प्रदूषण या अपवित्रता से बचाने के लिए बाध्य...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बलात्का के मामले में आरोपी 10 लोगों को जमानत रद्द करने की याचिका पर स्वत: संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया क्योंकि पीड़िता की बात नहीं सुनी गई
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बलात्का के मामले में आरोपी 10 लोगों को जमानत रद्द करने की याचिका पर स्वत: संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया क्योंकि पीड़िता की बात नहीं सुनी गई

इटानगर स्थित गुवाहाटी हाईकोर्ट ने बलात्कार और तस्करी के एक मामले में दस आरोपियों की जमानत रद्द करने की याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस याचिका में पीड़िता या ‌शिकायतकर्ता को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था और निचली अदालत ने पीड़िता/‌शिकायतकर्ता की सुनवाई किए बिना ही जमानत दे दी थी। जस्टिस संजय कुमार मेधी प्रथम एपीपी बटालियन के निलंबित सहायक कमांडेंट (याचिकाकर्ता) के खिलाफ स्वप्रेरणा से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिन्हें 14 मई, 2024 को आईपीसी की धारा 373 (वेश्यावृत्ति आदि के लिए नाबालिग...

NEET PG 2025| डबल शिफ्ट परीक्षा के खिलाफ याचिका का फिर उल्लेख, सुप्रीम कोर्ट ने 2 जून से पहले सूचीबद्ध करने को कहा
NEET PG 2025| डबल शिफ्ट परीक्षा के खिलाफ याचिका का फिर उल्लेख, सुप्रीम कोर्ट ने 2 जून से पहले सूचीबद्ध करने को कहा

NEET-PG 2025 के उम्मीदवारों ने दो शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने के राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट से मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया।याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ के समक्ष याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया, क्योंकि परीक्षा के एडमिट कार्ड 2 जून को जारी किए जाएंगे।उन्होंने कहा,"माई लॉर्ड्स ने कहा था कि वे इस सप्ताह मामले को सूचीबद्ध करेंगे.. यह सूची में नहीं आया।...

वारंट पर गिरफ्तारी की जाती है तो गिरफ्तारी का कोई अलग आधार बताने की जरूरत नहीं : सुप्रीम कोर्ट
वारंट पर गिरफ्तारी की जाती है तो गिरफ्तारी का कोई अलग आधार बताने की जरूरत नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब किसी व्यक्ति को वारंट के तहत गिरफ्तार किया जाता है तो संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तारी के आधारों को अलग से बताने की बाध्यता उत्पन्न नहीं होती है, क्योंकि वारंट ही गिरफ्तारी के लिए आधार बनाता है, जिसे अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को दिया जाना है।कोर्ट ने कहा,“यदि किसी व्यक्ति को वारंट पर गिरफ्तार किया जाता है तो गिरफ्तारी के कारणों का आधार वारंट ही होता है; यदि वारंट उसे पढ़कर सुनाया जाता है तो यह इस आवश्यकता का पर्याप्त अनुपालन है कि उसे उसकी...

NIA Act पर प्रभावी JJ Act, UAPA के तहत गिरफ्तार किशोर पर बाल न्यायालय में चलेगा मुकदमा: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
NIA Act पर प्रभावी JJ Act, UAPA के तहत गिरफ्तार किशोर पर बाल न्यायालय में चलेगा मुकदमा: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूएपीए के तहत अपराधों के आरोपी किशोर से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि किशोर न्याय अधिनियम, 2015 का गैर-बाधा खंड राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 को अधिरोहित करेगा। गैर-बाधा खंड के प्रभाव पर विचार करते हुए, न्यायालय ने माना कि कानून के साथ संघर्ष करने वाले किशोर पर बाल न्यायालय द्वारा मुकदमा चलाया जाएगा, न कि एनआईए अधिनियम के तहत विशेष न्यायाधीश द्वारा। जस्टिस संजय द्विवेदी ने कहा,"उपर्युक्त चर्चा के साथ-साथ कानूनी स्थिति, विशेष...

कर्नाटक सरकार ने बैंगलोर पैलेस अधिग्रहण पर शाही परिवार के उत्तराधिकारियों को TDR जारी करने के निर्देश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
कर्नाटक सरकार ने बैंगलोर पैलेस अधिग्रहण पर शाही परिवार के उत्तराधिकारियों को TDR जारी करने के निर्देश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कर्नाटक सरकार को 15 एकड़ बंगलौर पैलेस ग्राउंड के अधिग्रहण के संबंध में पूर्ववर्ती मैसूर राजपरिवार के कानूनी उत्तराधिकारियों को हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) प्रमाण-पत्र जारी करने का निर्देश दिए जाने के कुछ दिनों बाद, राज्य सरकार ने टीडीआर प्रमाण-पत्र जारी करने के खिलाफ आवेदन दायर किया। टीडीआर प्रमाण-पत्र जारी करने का निर्देश जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने 22 मई को अवमानना ​​याचिकाओं के एक समूह में पारित किया था। अब, राज्य ने एक संबंधित अपील में ऐसे...

केवल अभद्र भाषा का प्रयोग अपने आप में IPC की धारा 504 के तहत जानबूझकर अपमान नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
केवल अभद्र भाषा का प्रयोग अपने आप में IPC की धारा 504 के तहत जानबूझकर अपमान नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में मामला खारिज कर दिया, जिसमें आरोपी पर पुलिस को अपशब्द कहने और हमला करने की कोशिश करने का आरोप था। यह घटना उस समय हुई थी, जब पुलिस आरोपी को एक अन्य मामले में गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी। आरोप था कि आरोपी ने पुलिस के कार्य में बाधा उत्पन्न की।जस्टिस मोहम्मद नवाज की एकल पीठ ने अनुमंडला राजेश रेड्डी द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 353 (लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना) और धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर...

दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिजीत अय्यर मित्रा को भेजा समन, न्यूज़लॉन्ड्री द्वारा पश्चाताप की पूर्ण कमी के आधार पर मानहानि मामले को जारी रखने की मांग
दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिजीत अय्यर मित्रा को भेजा समन, न्यूज़लॉन्ड्री द्वारा पश्चाताप की पूर्ण कमी के आधार पर मानहानि मामले को जारी रखने की मांग

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार 26 मई को राजनैतिक विश्लेषक अभिजीत अय्यर मित्रा को मानहानि मामले में समन जारी किया। यह मामला डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री की नौ महिला पत्रकारों द्वारा दाखिल किया गया। मित्रा पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर उक्त महिला पत्रकारों को 'वेश्या' कहकर संबोधित किया।इन महिला पत्रकारों में मनीषा पांडे, इशिता प्रदीप, सुहासिनी विश्वास, सुमेधा मित्तल, तीस्ता रॉय चौधरी, तसनीम फातिमा, प्रिया जैन, जयश्री अरुणाचलम और प्रियाली ढींगरा शामिल...

जिला जजों की रिटायरमेंट आयु 61 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से कहा
जिला जजों की रिटायरमेंट आयु 61 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिला जजों की रिटायरमेंट आयु 61 वर्ष तक बढ़ाने में कोई बाधा नहीं है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से 3 महीने के भीतर रिटायरमेंट आयु बढ़ाने पर प्रशासनिक निर्णय लेने को कहा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ मध्य प्रदेश जज संघ की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मध्य प्रदेश में जिला जजों की रिटायरमेंट आयु 62 वर्ष करने की मांग की गई।याचिकाकर्ताओं ने 2018 में इस तरह की वृद्धि पर विचार करने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष अभ्यावेदन दिया था। हाईकोर्ट...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने प्रथागत न्यायालयों के गठन के लिए नागालैंड सरकार को छह सप्ताह का समय दिया
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने प्रथागत न्यायालयों के गठन के लिए नागालैंड सरकार को छह सप्ताह का समय दिया

कोहिमा स्थित गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में नागालैंड सरकार को नागालैंड में न्याय और पुलिस प्रशासन के नियम (पांचवां संशोधन) अधिनियम 2025 के अनुसार प्रथागत न्यायालयों और अधीनस्थ जिला प्रथागत न्यायालयों का गठन करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया।जस्टिस काखेतो सेमा और जस्टिस मिताली ठाकुरिया की खंडपीठ दीमापुर के प्रधान जिला और सेशन जज के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने यह कहते हुए अपील खारिज कर दी थी कि नियमों के तहत ग्राम प्राधिकरण द्वारा पारित निर्णय के...

Order 39 Rule I & II Of CPC के तहत अंतरिम निर्देश गैर-पक्षकारों के खिलाफ पारित नहीं किए जा सकते: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
Order 39 Rule I & II Of CPC के तहत अंतरिम निर्देश गैर-पक्षकारों के खिलाफ पारित नहीं किए जा सकते: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट दीवानी मुकदमों में प्रक्रियागत कठोरता को मजबूत करते हुए फैसला सुनाया कि सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के आदेश 39 नियम 1 और 2 के तहत अंतरिम निर्देश ऐसे व्यक्ति के खिलाफ पारित नहीं किए जा सकते जो मुकदमे या अपील में पक्षकार नहीं है। जस्टिस संजय धर ने कहा".. किसी ऐसे दावे के संबंध में अंतरिम निषेधाज्ञा देने का कोई औचित्य नहीं हो सकता है जो किसी विशेष कार्यवाही में अदालत के समक्ष किसी व्यक्ति द्वारा पेश भी नहीं किया गया हो। किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ अंतरिम...

वृद्धावस्था भत्ता पाने के लिए पंचायत कार्यालय तक रेंगते हुए पहुंचा वृद्ध : ओडिशा हाईकोर्ट जज के हस्तक्षेप पर जिला प्रशासन ने की मदद
वृद्धावस्था भत्ता पाने के लिए पंचायत कार्यालय तक रेंगते हुए पहुंचा वृद्ध : ओडिशा हाईकोर्ट जज के हस्तक्षेप पर जिला प्रशासन ने की मदद

ओडिशा हाईकोर्ट के सीनियर जज एवं ओडिशा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (OSLSA) के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस संगम कुमार साहू ने केंद्रापड़ा जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वग एक बुजुर्ग व्यक्ति को उनके घर पर वृद्धावस्था भत्ता प्रदान करें और उन्हें सरकारी योजना के तहत पक्का मकान भी उपलब्ध कराएं। यह बुजुर्ग व्यक्ति एक जर्जर झोपड़ी में बिजली के बिना रह रहे थे।जस्टिस साहू ने स्थानीय ओड़िया समाचार पत्रों में प्रकाशित कुछ रिपोर्टों को पढ़ा, जिनमें केंद्रापड़ा जिले के कोरा गांव निवासी श्रीधर साहू की कहानी...

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने पशुधन निकाय के मनोनीत सदस्य को हटाने के आदेश को खारिज किया, कहा- कलेक्टर के पास कोई स्पष्ट शक्ति नहीं थी
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने पशुधन निकाय के मनोनीत सदस्य को हटाने के आदेश को खारिज किया, कहा- कलेक्टर के पास कोई स्पष्ट शक्ति नहीं थी

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश को खारिज कर दिया है, जिसमें जिला पशुधन विकास संघ, ओंगोल की आम सभा से एक मनोनीत सदस्य को हटाने के लिए आनंद के सिद्धांत का इस्तेमाल किया गया था। मामले के तथ्यों का हवाला देते हुए चीफ जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और जस्टिस रवि चीमालापति की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा,“…जबकि उपनियमों में सोसायटी की आम सभा में कलेक्टर द्वारा मनोनयन की परिकल्पना की गई थी, लेकिन उपनियमों के अनुसार ऐसी कोई विशेष शक्ति नहीं थी, जो कलेक्टर को ऐसे मनोनीत सदस्यों के कार्यकाल को...

क्या लोकायुक्त प्रशासनिक न्यायाधिकरण द्वारा दंड रद्द करने को चुनौती दे सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी प्रश्न खुला छोड़ा
क्या लोकायुक्त प्रशासनिक न्यायाधिकरण द्वारा दंड रद्द करने को चुनौती दे सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी प्रश्न खुला छोड़ा

सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी प्रश्न को खुला छोड़ दिया कि क्या लोकायुक्त के पास प्रशासनिक न्यायाधिकरण (Administrative Tribunal) के उस निर्णय को चुनौती देने का अधिकार है, जिसमें कथित भ्रष्टाचार के लिए किसी व्यक्ति पर लगाए गए अनिवार्य रिटायरमेंट का दंड रद्द कर दिया गया था।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध लोकायुक्त की याचिका पर विचार कर रही थी, जिसने प्रतिवादी के विरुद्ध पारित अनिवार्य रिटायरमेंट (दंड के रूप में) का आदेश रद्द करने के कर्नाटक राज्य...

आतंकी मुठभेड़ में BSF कांस्टेबल की बाईं आंख चली गई; दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के विरोध को खारिज किया, एकमुश्त मुआवजा दिया
आतंकी मुठभेड़ में BSF कांस्टेबल की बाईं आंख चली गई; दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के विरोध को खारिज किया, एकमुश्त मुआवजा दिया

दिल्ली हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने एक रिटायर्ड बीएसएफ अधिकारी की रिट याचिका को स्वीकार किया और यूनियन ऑफ इंडिया को उन्हें ड्यूटी के दरमियान हुई विकलांगता के लिए एकमुश्त मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिंदर कौर की खंडपीठ ने माना कि वह केंद्रीय सिविल सेवा (असाधारण पेंशन) नियम, 1972 के नियम 9(3) के तहत मुआवजे का हकदार है, क्योंकि उसकी विकलांगता उसकी सेवा के कारण थी। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि विकलांग व्यक्ति द्वारा न्यायालय में जाने में की गई कोई भी देरी...

बच्चे की देखभाल के लिए नौकरानी रखने वाली माँ को बच्चे की कस्टडी से इनकार करने का आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बच्चे की देखभाल के लिए नौकरानी रखने वाली माँ को बच्चे की कस्टडी से इनकार करने का आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि बच्चे की देखभाल के लिए नौकरानी रखने वाली माँ को बच्चे की कस्टडी से इनकार करने का आधार नहीं है।एकल जज जस्टिस आरएम जोशी ने कहा कि बच्चों की देखभाल के लिए नौकरानी रखना कोई असामान्य प्रथा नहीं है।जस्टिस जोशी ने आदेश में कहा,"पिछले करीब 8 महीने से बच्चा मां के पास है। ऐसा कोई भी तथ्य रिकॉर्ड में नहीं लाया गया, जिससे यह संकेत मिले कि बच्चे की मां के पास हिरासत में रहना उसके हित में नहीं है। याचिकाकर्ता (पिता) की ओर से यह तर्क दिया गया कि प्रतिवादी (मां) व्यक्तिगत...

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल बलात्कार के आरोपी के बेटे के संबंध में स्थानांतरण आदेश में की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल बलात्कार के आरोपी के बेटे के संबंध में स्थानांतरण आदेश में की गई 'प्रतिकूल' टिप्पणियों को हटाया

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह पीडब्ल्यूडी उत्तराखंड में ए़डिशनल असिस्टेंट इंजीनियर रिजवान खान जो नैनीताल बलात्कार के आरोपी का बेटा है, उसके ट्रांसफर आदेश में की गई 'प्रतिकूल' टिप्पणियों को हटा दिया।जस्टिस मनोज कुमार तिवारी और जस्टिस आशीष नैथानी की पीठ ने खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया, जिसमें पीडब्ल्यूडी, उत्तराखंड के प्रमुख इंजीनियर और विभागाध्यक्ष द्वारा पारित आदेश के खिलाफ उन्हें 'प्रशासनिक' आधार पर निर्माण प्रभाग, पीडब्ल्यूडी, खटीमा से अस्थायी प्रभाग, पीडब्ल्यूडी,...