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सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए कोर्ट/ट्रिब्यूनल और बार निकायों में कमेटियों के गठन पर मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अलग-अलग हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से स्टेटस रिपोर्ट मांगी कि क्या महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने के लिए हाई कोर्ट, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और बार एसोसिएशन में जेंडर सेंसिटाइजेशन कमेटियां और इंटरनल कंप्लेंट कमेटियां (ICC) बनाई गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत (CJI) और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच देश भर के हाईकोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में इंटरनल कंप्लेंट कमेटियां बनाने सहित विशाखा गाइडलाइंस को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश...
अगर नियमों में साफ़ तौर पर इजाज़त न हो तो पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज रिटायर्ड कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (6 जनवरी) को फैसला सुनाया कि एक पब्लिक-सेक्टर कॉर्पोरेशन अपने सर्विस रेगुलेशन में साफ़ तौर पर इजाज़त देने वाले प्रावधान के अभाव में रिटायरमेंट के बाद किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं रख सकता।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने महाराष्ट्र स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के पूर्व कर्मचारी के रिटायरमेंट के लगभग ग्यारह महीने बाद उसके खिलाफ की गई रिटायरमेंट के बाद की अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द कर दी।यह देखते हुए कि महाराष्ट्र...
प्रीलिम्स में छूट का फायदा उठाने वाला आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार फाइनल रैंक के आधार पर अनारक्षित सीट का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (6 जनवरी) को इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के अनारक्षित कैडर में अनुसूचित जाति श्रेणी के उम्मीदवार की नियुक्ति पर विचार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि उम्मीदवार ने प्रारंभिक परीक्षा के चरण में छूट का फायदा उठाया था।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा,"एक बार जब आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार ने छूट ले ली है तो उसे अनारक्षित रिक्तियों के लिए नहीं माना जा सकता है।"यह फैसला यूनियन ऑफ इंडिया की उस याचिका को स्वीकार करते हुए दिया गया, जो कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले...
वायु प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट ने CAQM की ढीली कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताई, कारणों और दीर्घकालिक समाधानों पर रिपोर्ट तलब
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में लगातार बने हुए वायु प्रदूषण संकट को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के रवैए को “गैर-गंभीर” करार देते हुए कड़ी आलोचना की और आयोग को निर्देश दिया कि वह तुरंत डोमेन विशेषज्ञों की एक समन्वित बैठक बुलाए तथा व्यापक रिपोर्ट अदालत के समक्ष और सार्वजनिक डोमेन में प्रस्तुत करे।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि विभिन्न विशेषज्ञ संस्थाएँ प्रदूषण के स्रोतों और उनके योगदान के प्रतिशत को लेकर आपस में भिन्न-भिन्न...
प्री-2009 स्पेशल फ्रंटियर फोर्स कर्मियों को सेना के समान 100 प्रतिशत पेंशन समानता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (SFF) के वे कर्मी जो 1 जनवरी, 2009 से पहले रिटायर हुए हैं, वे भारतीय सेना के समकक्ष रैंकों के समान 100 प्रतिशत पेंशन की मांग के हकदार नहीं हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे कर्मी केवल पेंशन के कम्यूटेड मूल्य के 45 प्रतिशत की बहाली का ही दावा कर सकते हैं, जैसा कि पूर्व में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों में निर्धारित किया गया।चीफ जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने पूर्व सैनिक कल्याण संघ द्वारा दायर रिट याचिका खारिज करते हुए...
सुप्रीम कोर्ट ने अमीर आरोपियों द्वारा ट्रायल से बचने के लिए संवैधानिक चुनौतियों का सहारा लेने की प्रथा पर नाराज़गी जताई
सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील की उस याचिका पर नाराज़गी जताई, जिसमें PMLA की धारा 44(1)(c) को चुनौती दी गई और इसे अगस्तावेस्टलैंड घोटाले से जुड़े ट्रायल का सामना कर रहे 'अमीर लोगों' द्वारा 'सिस्टम को बाईपास करने' की कोशिश बताया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच वकील गौतम खैतान द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें PMLA की धारा 44(1)(c) की वैधता को चुनौती दी गई।PMLA की धारा 44(1)(c) में यह अनिवार्य है कि जब मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध किसी शेड्यूल अपराध से...
पश्चिम बंगाल SIR की समयसीमा बढ़ाने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने पश्चिम बंगाल में हो रही विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रियाओं को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर किया है।याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्वाचन आयोग बूथ स्तर अधिकारियों (BLOs) और अन्य कर्मियों को औपचारिक चैनलों के बजाय अनौपचारिक माध्यमों जैसे व्हाट्सऐप के जरिए निर्देश जारी कर रहा है, जिससे पूरे प्रक्रिया का ऑडिट ट्रेल असंभव हो जाता है और लोकतांत्रिक अधिकारों...
दिल्ली हाईकोर्ट ने रितेश देशमुख स्टारर 'मस्ती 4' के खिलाफ कॉपीराइट केस में नोटिस जारी किया
रेडियो जॉकी और पॉपुलर कंटेंट क्रिएटर आशीष शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने हिंदी फिल्म मस्ती 4 के मेकर्स पर बिना इजाज़त के उनके पॉपुलर इंस्टाग्राम स्किट का सीन कॉपी करने का आरोप लगाया।शर्मा ने परमानेंट रोक, हर्जाना और हिसाब-किताब की मांग की। उनका दावा है कि फिल्म का एक सीन उनके ऑडियो-विजुअल स्किट शक करने का नतीजा से काफी मिलता-जुलता है, जिसे उन्होंने जनवरी, 2024 में इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था।जस्टिस तुषार राव गेडेला की सिंगल-जज बेंच ने 6 जनवरी, 2026 को शर्मा की...
सरकारी वकीलों की नियुक्ति को लेकर सुनवाई में अन्य वकीलों को बुलाने पर हाईकोर्ट ने लगाई पेश वकील को फटकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार के पैनल वकीलों की नियुक्ति में कथित मनमानी को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान एक वकील को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने सुनवाई में शामिल होने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य वकीलों से सार्वजनिक अपील करने को न्यायिक मर्यादा और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का उल्लंघन बताया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने प्रथम पीढ़ी वकील संघ (फर्स्ट जनरेशन लॉयर्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष एवं याचिकाकर्ता वकील रुद्र विक्रम सिंह को आड़े...
साइबर धोखाधड़ी के लिए न्यायिक प्रतिक्रिया में एक सैद्धांतिक बदलाव
साइबर अपराध के प्रकारधोखाधड़ी वाले डोमेन नाम पंजीकरण पर डाबर इंडिया लिमिटेड बनाम अशोक कुमार में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को डिजिटल धोखाधड़ी की बदलती शरीर रचना के लिए न्यायिक प्रतिक्रिया के रूप में सबसे अच्छी तरह से समझा जाता है। अदालत को एक ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र का सामना करना पड़ा जिसमें प्रतिरूपण वेबसाइटें, नकली निवेश पोर्टल और क्लोन ब्रांड पहचान बड़े पैमाने पर फैलती हैं, अक्सर गायब हो जाती हैं और पारंपरिक कानूनी उपचारों की तुलना में तेजी से फिर से दिखाई देती हैं। इस वास्तविकता के खिलाफ,...
डेपुटेशन अनुभव के आधार पर बराबर पद के दावे को नहीं रोकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि मूल विभाग में मिले अनुभव को उधार लेने वाले संगठन में बराबर पद तय करते समय नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।जस्टिस जावेद इकबाल वानी की बेंच ने कहा कि यह बात कि डेपुटेशन पर आया व्यक्ति उधार लेने वाले विभाग में बराबर पद नहीं मांग सकता, गलतफहमी वाली, साफ तौर पर गलत, अनुचित, तर्कहीन और भेदभावपूर्ण है।याचिकाकर्ता प्रतिवादी नंबर 7 का स्थायी कर्मचारी है। वह असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (डिग्री धारक) के रूप में काम कर रहा था। अक्टूबर, 2016 में उसे CVPPL में डेपुटेशन पर भेजा...
अगर आरोपी 'घोषित अपराधी' है, तब भी अग्रिम ज़मानत देने पर कोई पूरी रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि किसी आरोपी के खिलाफ क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 82 के तहत उद्घोषणा जारी करने से उसकी अग्रिम ज़मानत की अर्जी पर विचार करने पर पूरी तरह से रोक नहीं लगती है।सुप्रीम कोर्ट के 2024 के आशा दुबे बनाम मध्य प्रदेश राज्य 2024 LiveLaw (SC) 889 मामले में दिए गए फैसले पर भरोसा करते हुए जस्टिस गौतम चौधरी की बेंच ने पेशे से नर्स मोनिका द्वारा दायर अग्रिम ज़मानत की अर्जी मंजूर कर ली।कोर्ट ने कहा कि अर्जी देने वाली महिला "गर्भवती" थी और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट...
बेंच बदलने से कानून नहीं बदल सकता कोऑर्डिनेट बेंच का फैसला बाध्यकारी : सुप्रीम कोर्ट
गुजरात SEZ से बिजली पर अडानी पावर को कस्टम ड्यूटी में छूट देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट को स्टेयर डेसिसिस के सिद्धांत का उल्लंघन करने के लिए यह कहते हुए गलत ठहराया कि उसने गलत तरीके से एक बाध्यकारी कोऑर्डिनेट बेंच के फैसले को नज़रअंदाज़ किया और दोहराया कि बेंच बदलने से कानून नहीं बदल सकता।कहा गया,“मिसाल का अनुशासन व्यक्तिगत पसंद का मामला नहीं है; यह एक संस्थागत ज़रूरत है। स्टेयर डेसिसिस एट नॉन क्विएटा मूवेरे जिसका मतलब है कि जो तय हो गया, उस पर कायम रहना और जो तय हो गया, उसे परेशान न...
दिल्ली हाईकोर्ट ने इज़राइली कंपनी के साथ पेटेंट विवाद में भारतीय फर्म द्वारा बनाए गए सिंचाई वाल्व के खिलाफ आदेश पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक आदेश पर रोक लगाई, जिसमें एक भारतीय सिंचाई उपकरण निर्माता को अपना "हाइड्रोमैट वाल्व" बेचने से रोका गया, जिसे पहले इज़राइल स्थित कंपनी के पेटेंट का उल्लंघन करने वाला माना गया।जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीजन बेंच ने 5 जनवरी, 2026 को यह फैसला सुनाया, जबकि ऑटोमैट इरिगेशन द्वारा दायर अपील पर फैसला किया जा रहा था।एक्वेस्टिया लिमिटेड द्वारा दायर अंतरिम याचिका पर 1 अगस्त, 2025 के पिछले आदेश पर रोक लगाते हुए बेंच ने कहा कि इसमें दावा निर्माण और...
गिनती में छोटी-मोटी गड़बड़ियां जाली करेंसी की ज़ब्ती को गलत साबित नहीं कर सकतीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI की अपील मंज़ूर की, बरी करने का फैसला पलटा
दिल्ली हाईकोर्ट ने जाली करेंसी के मामले में आरोपी को बरी करने का फैसला रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जाली करेंसी नोटों की गिनती में छोटी-मोटी गड़बड़ियां अभियोजन पक्ष के मामले को गलत साबित करने के लिए काफी नहीं हैं, जब बरामदगी और कब्ज़ा उचित संदेह से परे साबित हो चुके हों।CBI की अपील को मंज़ूर करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें आरोपी को जाली करेंसी नोट रखने से जुड़े IPC की धारा 489C के तहत दंडनीय अपराध से बरी कर दिया गया।बेंच ने कहा,“जाली भारतीय...
चार्ज फ्रेम होने के बाद CrPC की धारा 173(8) के तहत आगे की जांच का आदेश रूटीन तौर पर नहीं दिया जा सकता, इसके पीछे ठोस कारण होने चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि हालांकि क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 173(8) के तहत आगे की जांच के लिए आवेदन चार्ज फ्रेम होने के बाद भी किया जा सकता है, लेकिन इस शक्ति का इस्तेमाल मशीनी या रूटीन तरीके से नहीं किया जा सकता, और इसके पीछे मजबूत और सही कारण होने चाहिए, जो जांच में गंभीर कमियों को दिखाते हों। कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष जांच का मतलब है जांच करने का पर्याप्त मौका, और कोई भी जांच को तब तक चुनौती नहीं दे सकता, जब तक कि जांच पर शक करने का कोई सही आधार न हो।जस्टिस एस. एम. मोदक आपराधिक आवेदन...
'रोजी-रोटी कमाने का उसका अधिकार कम नहीं किया जा सकता': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी के रेप केस में सरकारी कर्मचारी की सज़ा और उम्रकैद पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक सरकारी कर्मचारी (लेखपाल) की सज़ा और उम्रकैद पर रोक लगाई, जिस पर अपनी 16 साल की बेटी का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इस मामले में शामिल होने की वजह से उसकी ज़िंदगी जीने के लिए रोजी-रोटी कमाने के अधिकार को कम नहीं किया जा सकता।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस प्रशांत मिश्रा-I की बेंच ने यह भी कहा कि यह अपील 2024 की है और केसों के भारी बैकलॉग के कारण निकट भविष्य में इसकी सुनवाई की बहुत कम संभावना है।ट्रायल कोर्ट ने पिछले साल मई में पिता-आरोपी...
मेडिकल रिव्यू के कारण हुई देरी BSF उम्मीदवारों की पिछली तारीख से सीनियरिटी को सही नहीं ठहरा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की फुल बेंच ने फैसला सुनाया कि मेडिकल री-एग्जामिनेशन के कारण हुई देरी के बाद बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में नियुक्त उम्मीदवार उन बैचमेट्स से सीनियरिटी का दावा नहीं कर सकते, जिन्होंने पहले सर्विस जॉइन की थी, भले ही देरी उनकी गलती से न हुई हो।जस्टिस सी. हरि शंकर, जस्टिस ज्योति सिंह और जस्टिस अजय डिगपाल की तीन-जजों की बेंच ने इस तरह उन डायरेक्ट रिक्रूट्स की सीनियरिटी के मुद्दे पर कोर्ट की अलग-अलग डिवीजन बेंचों द्वारा लिए गए विरोधाभासी विचारों को सुलझाया, जिनकी नियुक्तियां मेडिकल...
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामलों में समन के लिए ई-मेल और WhatsApp सर्विस की इजाज़त दी
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामलों में समन को इलेक्ट्रॉनिक तरीकों, जिसमें ई-मेल और WhatsApp शामिल हैं, के ज़रिए भेजने की इजाज़त दी।5 जनवरी, 2026 को जारी एक सर्कुलर में कोर्ट ने राज्य भर की क्रिमिनल अदालतों को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (NI Act) के तहत मामलों को संभालते समय इन इलेक्ट्रॉनिक तरीकों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया।ये निर्देश चेक बाउंस मामलों में देरी को कम करने के लिए भारत के सुप्रीम कोर्ट के हालिया दिशानिर्देशों के अनुसार जारी किए गए।सर्कुलर में कहा गया कि ट्रायल...
कोर्ट परिसर में कुत्ते ने वकील को काटा, GHCAA ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र
गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (GHCAA) ने 5 जनवरी (सोमवार) को हुई एक घटना के बाद हाईकोर्ट परिसर में आवारा कुत्तों के खतरे पर गंभीर चिंता जताई, जिसमें बताया गया कि एक वकील को कोर्ट परिसर के अंदर कुत्ते ने काट लिया था।इस घटना के बाद GHCAA के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट यतिन एन ओझा ने मंगलवार (6 जनवरी) को हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल को एक रिप्रेजेंटेशन लिखा, जिसमें ऐसी घटनाओं में बढ़ोतरी पर प्रकाश डाला गया, जिसमें अकेले दिसंबर 2025 में आवारा कुत्तों के ऐसे चार से पांच मामलों की रिपोर्ट की...



















