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सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक अधिकारियों को प्रॉसिक्यूशन निदेशालय का प्रमुख बनने की अनुमति देने वाले BNSS के प्रावधानों को चुनौती
सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक अधिकारियों को प्रॉसिक्यूशन निदेशालय का प्रमुख बनने की अनुमति देने वाले BNSS के प्रावधानों को चुनौती

प्रैक्टिसिंग वकील ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की, जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 20(2)(a) और 20(2)(b) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई, जो न्यायिक अधिकारियों को प्रॉसिक्यूशन निदेशक, उप निदेशक या सहायक निदेशक के रूप में नियुक्त करने की अनुमति देती है।याचिका में कहा गया कि ये प्रावधान न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच संवैधानिक रूप से अनिवार्य अलगाव को धुंधला करते हैं, और प्रॉसिक्यूशन की स्वायत्तता को कमजोर करते हैं।याचिका में आगे कहा गया,"सेवारत या रिटायर...

क्या आरोपी के बरी होने पर न्यूज़ रिपोर्ट डिलीट कर देनी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट करेगा राइट टू बी फॉरगॉटन के दायरे की जांच
क्या आरोपी के बरी होने पर न्यूज़ रिपोर्ट डिलीट कर देनी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट करेगा 'राइट टू बी फॉरगॉटन' के दायरे की जांच

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि इंडियन एक्सप्रेस के डिजिटल प्लेटफॉर्म को मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व बैंकर की गिरफ्तारी से जुड़ी कुछ न्यूज़ रिपोर्ट हटाने का दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश दूसरे मामलों में मिसाल के तौर पर लागू नहीं होगा।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच IE ऑनलाइन मीडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें बैंकर के अपराध से बरी होने के बाद कुछ आर्टिकल हटाने और डी-इंडेक्स करने का...

सुप्रीम कोर्ट ने कंटेम्प्ट सज़ा के खिलाफ़ इंट्रा-कोर्ट अपील की मांग वाली वकील की रिट पिटीशन खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने कंटेम्प्ट सज़ा के खिलाफ़ इंट्रा-कोर्ट अपील की मांग वाली वकील की रिट पिटीशन खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने वकील मैथ्यू जे नेदुम्परा की रिट पिटीशन पर सुनवाई करने से मना किया, जिसमें उन्होंने 2019 में एक क्रिमिनल कंटेम्प्ट केस में उनकी सज़ा के खिलाफ़ इंट्रा-कोर्ट अपील की इजाज़त देने के लिए निर्देश मांगे थे। कोर्ट ने कहा कि कोऑर्डिनेट बेंच के फैसले को चुनौती देने के लिए रिट पिटीशन मेंटेनेबल नहीं हो सकती।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच आर्टिकल 32 के तहत एक रिट पिटीशन पर सुनवाई कर रही थी।खास बात यह है कि 2019 में जस्टिस आरएफ नरीमन की अगुवाई वाली बेंच...

सिंगल जज ने स्टूडेंट को लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करूंगा का पोस्टर दिखाने का दिया आदेश, हाईकोर्ट ने किया रद्द
सिंगल जज ने स्टूडेंट को 'लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करूंगा' का पोस्टर दिखाने का दिया आदेश, हाईकोर्ट ने किया रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को एक सिंगल जज का निर्देश रद्द किया, जिसमें यूनिवर्सिटी से निकाले गए एक स्टूडेंट को 30 मिनट (30 दिनों के लिए) यूनिवर्सिटी गेट पर एक पोस्टर लेकर खड़े होने के लिए कहा गया, जिस पर लिखा था कि वह "कभी किसी लड़की के साथ दुर्व्यवहार नहीं करेगा"।इस निर्देश को अनुचित और अपमानजनक बताते हुए चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की बेंच ने कहा कि ऐसी सज़ा छात्र के चरित्र पर "स्थायी दाग" छोड़ देगी।संक्षेप में मामलाबेंच स्टूडेंट द्वारा दायर रिट याचिका में अक्टूबर में...

हाईकोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जाम 2023 के फाइनल रिजल्ट में बदलाव करने से इनकार किया, कहा- दखल देने से आ सकती है मामलों की बाढ़
हाईकोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जाम 2023 के फाइनल रिजल्ट में बदलाव करने से इनकार किया, कहा- दखल देने से आ सकती है मामलों की बाढ़

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जामिनेशन, 2023 के फाइनल रिजल्ट में बदलाव की मांग वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि न्यायिक दखल से बाढ़ आ सकती है, जिससे कई तरह के नतीजे हो सकते हैं और यह प्रक्रिया बेकार हो जाएगी।जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीजन बेंच ने कहा कि अदालतों को संयम बरतना चाहिए और शैक्षणिक और मूल्यांकन मामलों के रेगुलेशन में जांच अधिकारियों को उचित छूट देनी चाहिए।कोर्ट ने कहा कि भले ही व्यक्तिगत शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन समाधान करते समय चयन...

चाइल्ड कस्टडी दिशानिर्देश | दिल्ली हाईकोर्ट ने पेरेंटिंग प्लान के लिए PIL को प्रशासनिक पक्ष को भेजा, समिति नीति पर फैसला करेगी
चाइल्ड कस्टडी दिशानिर्देश | दिल्ली हाईकोर्ट ने 'पेरेंटिंग प्लान' के लिए PIL को प्रशासनिक पक्ष को भेजा, समिति नीति पर फैसला करेगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक PIL याचिकाकर्ता से, जिसने संरचित 'बाल पहुंच और कस्टडी दिशानिर्देश' और 'पेरेंटिंग प्लान' बनाने की मांग की, इस मुद्दे पर नीति बनाने के लिए हाईकोर्ट के प्रशासनिक पक्ष से संपर्क करने को कहा।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने इस तरह आयुष्मान इनिशिएटिव फॉर चाइल्ड राइट्स और एकम न्याय फाउंडेशन द्वारा दायर PIL याचिका का निपटारा यह देखते हुए किया कि इस मामले पर हाई कोर्ट की उचित समिति द्वारा विचार किया जाना था।कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को दो...

दिल्ली हाईकोर्ट ने NCRB पोर्टल पर नॉन-FIR शिकायत डेटा, पेंडिंग और तय कोर्ट केस के इंटीग्रेशन की मांग की
दिल्ली हाईकोर्ट ने NCRB पोर्टल पर नॉन-FIR शिकायत डेटा, पेंडिंग और तय कोर्ट केस के इंटीग्रेशन की मांग की

दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) पोर्टल पर उन शिकायत मामलों के डेटा को इंटीग्रेट करने की मांग की, जिनमें FIR दर्ज नहीं होती, साथ ही उन मामलों को भी जो सक्षम अदालतों में पेंडिंग हैं या तय हो चुके हैं।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीजन बेंच ने NCRB के डायरेक्टर और नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के DDG से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा कि क्या NCRB पोर्टल पर उक्त डेटा को इंटीग्रेट करने के लिए कोई कदम उठाए गए।इस डेटा में जेल में बंद कैदियों के खिलाफ पेंडिंग...

नोएडा टेक्नीशियन की मौत का मामले में विज़टाउन प्लानर्स के निदेशक की तत्काल रिहाई का आदेश
नोएडा टेक्नीशियन की मौत का मामले में विज़टाउन प्लानर्स के निदेशक की तत्काल रिहाई का आदेश

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने गुरुवार को नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़े मामले में बड़ा आदेश देते हुए एमज़ेड विज़टाउन प्लानर्स के निदेशक अभय कुमार को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि अभय कुमार की गिरफ्तारी हाईकोर्ट के हालिया फैसले और निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए की गई।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने पाया कि अभय कुमार की गिरफ्तारी उमंग रस्तोगी एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में दिए गए निर्णय के विपरीत की गई। विशेष रूप...

S.53A CrPC | पटना हाईकोर्ट ने यौन अपराध के मामलों में आरोपी का मेडिकल जांच करने के लिए पुलिस को संवेदनशील बनाने को कहा
S.53A CrPC | पटना हाईकोर्ट ने यौन अपराध के मामलों में आरोपी का मेडिकल जांच करने के लिए पुलिस को संवेदनशील बनाने को कहा

पटना हाइकोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 53ए को भूला हुआ प्रावधान बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि पुलिस को संवेदनशील बनाया जाए ताकि यौन अपराध के मामलों में आरोपी की गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसका मेडिकल टेस्ट कराया जाए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर जांच में गंभीर और अपूरणीय खामियां रह जाती हैं।जस्टिस बिबेक चौधरी और जस्टिस अंसुल की खंडपीठ IPC की धारा 376 और POCSO Act की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास से दंडित आरोपी की आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रही थी।अभियोजन के अनुसार वर्ष 2016...

हर चुनावी चूक भ्रष्ट आचरण नहीं होती: झारखंड हाईकोर्ट ने सिंदरी से चंद्रदेव महतो का चुनाव बरकरार रखा
हर चुनावी चूक 'भ्रष्ट आचरण' नहीं होती: झारखंड हाईकोर्ट ने सिंदरी से चंद्रदेव महतो का चुनाव बरकरार रखा

झारखंड हाईकोर्ट ने 3 फरवरी 2026 को सिंदरी विधानसभा क्षेत्र (38) से निर्वाचित चन्द्रदेव महतो चुनाव को बरकरार रखते हुए कहा कि चुनावी अभियान में हर तरह की विसंगति मात्र से 'भ्रष्ट आचरण' सिद्ध नहीं होता, जब तक यह साबित न किया जाए कि वह मतदाताओं को गुमराह कर अन्य प्रत्याशियों की संभावनाओं को वास्तविक रूप से प्रभावित करने के लिए की गई हो।एकल पीठ में जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने यह फैसला जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत दायर चुनाव याचिका पर सुनाते हुए दिया। याचिका में अक्टूबर–नवंबर 2024 के झारखंड...

सहकारी हाउसिंग सोसायटी द्वारा निर्णय में अनुचित देरी होने पर वैधानिक प्राधिकरण हस्तक्षेप कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सहकारी हाउसिंग सोसायटी द्वारा निर्णय में अनुचित देरी होने पर वैधानिक प्राधिकरण हस्तक्षेप कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई सहकारी हाउसिंग सोसायटी किसी मामले पर निर्णय लेने से इनकार करती है या उसे लंबे समय तक लंबित रखती है, तो ऐसे में वैधानिक प्राधिकरण सोसायटी के मामलों में हस्तक्षेप कर सकते हैं ताकि न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह टिप्पणी मुंबई स्थित मालबोरो हाउस को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड से जुड़े एक मामले में की। यह मामला उन फ्लैट मालिकों से संबंधित था, जो कई वर्षों से अपने-अपने फ्लैटों में शांतिपूर्वक रह रहे...

पश्चिम बंगाल SIR मामला: सीएम के भड़काऊ भाषण, चुनाव अधिकारियों को धमकियां: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जताई गंभीर चिंता
पश्चिम बंगाल SIR मामला: सीएम के भड़काऊ भाषण, चुनाव अधिकारियों को धमकियां: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जताई गंभीर चिंता

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान कथित हिंसा, धमकी और चुनाव अधिकारियों के काम में बाधा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल किया।हलफनामे में आयोग ने कहा कि राज्य में चुनाव ड्यूटी कर रहे अधिकारियों को डराया जा रहा है और कई मामलों में उनकी शिकायतों पर FIR तक दर्ज नहीं की जा रही है।चुनाव आयोग का आरोप है कि राज्य प्रशासन की ओर से बूथ लेवल अधिकारियों और अन्य चुनावकर्मियों को मिल रही धमकियों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।आयोग ने यह भी कहा कि...

सोशल मीडिया पर प्रसारित भाषण का मामला: RSS नेता प्रभाकर भट्ट के खिलाफ दर्ज FIR पर हाइकोर्ट की रोक
सोशल मीडिया पर प्रसारित भाषण का मामला: RSS नेता प्रभाकर भट्ट के खिलाफ दर्ज FIR पर हाइकोर्ट की रोक

कर्नाटक हाइकोर्ट ने शुक्रवार को RSS नेता प्रभाकर भट्ट के खिलाफ दर्ज FIR की जांच पर अंतरिम रोक लगाई। यह FIR पुत्तूर के एक कॉलेज में दिए गए उनके भाषण से जुड़ी है जिसे बाद में एक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया गया।हाइकोर्ट ने यह राहत सुप्रीम कोर्ट के हालिया उस फैसले का हवाला देते हुए दी, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मामलों में FIR दर्ज करने को लेकर जारी दिशा-निर्देशों को बरकरार रखा गया।प्रभाकर भट्ट ने पुत्तूर टाउन थाने में उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग करते हुए हाइकोर्ट का रुख किया।...

आवेदन संख्या और उपस्थिति का उल्लेख अनिवार्य: दिल्ली हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट्स को जारी किए दिशा-निर्देश
आवेदन संख्या और उपस्थिति का उल्लेख अनिवार्य: दिल्ली हाइकोर्ट ने जिला कोर्ट्स को जारी किए दिशा-निर्देश

दिल्ली हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी की सभी जिला कोर्ट्स को विस्तृत प्रैक्टिस दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक न्यायिक आदेश में यह स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए कि किन आवेदन पर फैसला किया गया और पक्षकार या उनके वकील पेश हुए थे या नहीं।कोर्ट ने जिला कोर्ट्स के कई आदेशों में बुनियादी विवरणों की कमी पर गंभीर चिंता जताई।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि उनके समक्ष बार-बार ऐसे मामले आ रहे हैं, जिनमें लंबित कार्यवाहियों के दौरान दायर अंतरिम और अन्य आवेदनों पर...

तेलंगाना स्पीकर को सुप्रीम कोर्ट की एक और अंतिम चेतावनी: 3 हफ्तों में शेष अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करें, नहीं तो अवमानना
तेलंगाना स्पीकर को सुप्रीम कोर्ट की एक और 'अंतिम चेतावनी': 3 हफ्तों में शेष अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करें, नहीं तो अवमानना

सुप्रीम कोर्ट ने आज (6 फरवरी) तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर को एक और अंतिम चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि वे तीन सप्ताह के भीतर 'निश्चित रूप से' शेष अयोग्यता (डिस्क्वालिफिकेशन) याचिकाओं पर निर्णय लें। ये याचिकाएँ BRS से कांग्रेस में गए 10 विधायकों के कथित दलबदल से जुड़ी हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि इस बार भी निर्णय नहीं हुआ, तो वह अवमानना की कार्यवाही शुरू करने को मजबूर होगी। आदेश सुनाए जाने के बाद कोर्ट ने मौखिक रूप से याचिकाकर्ता से कहा कि “इस मामले पर रील्स न बनाएं”।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस...

जस्टिस निशा बानू को शामिल न करने से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार
जस्टिस निशा बानू को शामिल न करने से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मद्रास हाइकोर्ट कॉलेजियम के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला न्यायिक हस्तक्षेप के दायरे में नहीं आता और इसे न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।यह रिट याचिका ए. प्रेम कुमार द्वारा दाखिल की गई थी।याचिकाकर्ता का कहना था कि नवंबर, 2025 में मद्रास हाइकोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिश शून्य है, क्योंकि उस बैठक में हाइकोर्ट की तत्कालीन दूसरी सबसे सीनियर जज जस्टिस निशा बानू को शामिल नहीं किया गया था।गौरतलब है कि...

अध-कचरी याचिका: दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की, लगाया 25,000 का जुर्माना
अध-कचरी याचिका: दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की, लगाया 25,000 का जुर्माना

दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने इसे अध-कचरी याचिका करार दिया।कोर्ट ने कहा कि यह याचिका तीन साल की अत्यधिक देरी से दाखिल की गई और इसमें पूरा रिकॉर्ड तक संलग्न नहीं किया गया। हाइकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए 25,000 का जुर्माना भी लगाया।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने आदेश दिया कि यह राशि नई दिल्ली स्थित एम्स के पुअर पेशेंट्स फंड में जमा कराई जाए।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह लागत उस अधिकारी से वसूली जाएगी,...

नर्मदा प्रदूषण पर जनहित याचिका: जबलपुर में बिना शोधन का सीवेज नदी में गिराने के आरोपों पर हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
नर्मदा प्रदूषण पर जनहित याचिका: जबलपुर में बिना शोधन का सीवेज नदी में गिराने के आरोपों पर हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नर्मदा नदी में हो रहे गंभीर प्रदूषण को लेकर नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि जबलपुर शहर में बड़ी मात्रा में बिना शोधन का सीवेज सीधे नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का पानी खतरनाक स्तर तक प्रदूषित हो चुका है।याचिका के अनुसार प्रतिदिन लगभग 98 मिलियन लीटर बिना उपचारित सीवेज जल नर्मदा नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इसके कारण नदी के पानी में हानिकारक बैक्टीरिया विशेष रूप से मानव और पशु मल से उत्पन्न फीकल कोलीफॉर्म की...