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मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हाशिए के तबके से आया एक व्यक्ति भारत का चीफ जस्टिस है: सीजेआई बीआर गवई
मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हाशिए के तबके से आया एक व्यक्ति भारत का चीफ जस्टिस है: सीजेआई बीआर गवई

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर को दूरदर्शी नींव रखने का श्रेय दिया, जिसने हाशिए पर पड़े समुदायों के व्यक्तियों के लिए उच्च संवैधानिक पदों तक पहुंचना संभव बनाया। उन्होंने यह कहते हुए गर्व महसूस किया कि भारत में अब एक ऐसा चीफ जस्टिस है, जो हाशिए पर पड़े तबके से आया है।सीजेआई गवई ने कहा,"यह केवल डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा निर्धारित दूरदर्शी ढांचे के कारण ही है कि मेरे जैसे व्यक्ति, जो साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं, जिन्होंने नगरपालिका स्कूल में पढ़ाई की है। ऐसे परिवार में...

अपमानजनक भाषा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कायर-पीएम मोदी और नरेंद्र-सरेंडर टिप्पणी मामले में आरोपी को राहत देने से किया इनकार
'अपमानजनक भाषा': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'कायर-पीएम मोदी' और 'नरेंद्र-सरेंडर' टिप्पणी मामले में आरोपी को राहत देने से किया इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को 24 वर्षीय व्यक्ति द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित सोशल मीडिया पोस्ट के लिए उसके खिलाफ दर्ज FIR के खिलाफ दायर याचिका खारिज किया। यह पोस्ट चार दिनों तक चले सैन्य टकराव के बाद 10 मई, 2025 को भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम समझौते के बाद की गई थी।हालांकि याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि कथित पोस्ट भावनाओं में बहकर की गई, लेकिन जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस अनिल कुमार-एक्स की खंडपीठ ने इस दलील को खारिज करते हुए इस प्रकार टिप्पणी की:"याचिकाकर्ता द्वारा प्रधानमंत्री...

महाकुंभ भगदड़ मामला | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुआवजे में देरी पर यूपी सरकार की उदासीनता को लेकर फटकार लगाई, मृतकों का ब्यौरा मांगा
महाकुंभ भगदड़ मामला | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुआवजे में देरी पर यूपी सरकार की उदासीनता को लेकर फटकार लगाई, मृतकों का ब्यौरा मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट की अवकाश खंडपीठ ने कड़े शब्दों में आदेश देते हुए प्रयागराज में कुंभ मेले में मौनी अमावस्या के शाही स्नान की रात (29 जनवरी) को मारे गए लोगों के परिवारों को अनुग्रह राशि वितरित करने में देरी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई।राज्य के आचरण को 'अस्थिर' और 'नागरिकों की दुर्दशा के प्रति उदासीनता' को दर्शाते हुए न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि एक बार जब सरकार ने मुआवजे की घोषणा कर दी तो समय पर और सम्मानजनक भुगतान सुनिश्चित करना उसका 'बाध्य कर्तव्य' है।अदालत ने कुंभ मेले...

CLAT PG परीक्षा के दो प्रश्नों में पाई गईं त्रुटियां, हाईकोर्ट ने NLU संघ से अंकों में संशोधन करने को कहा
CLAT PG परीक्षा के दो प्रश्नों में पाई गईं त्रुटियां, हाईकोर्ट ने NLU संघ से अंकों में संशोधन करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) के संघ से कहा कि वह भविष्य की परीक्षाओं के लिए प्रश्नों पर आपत्ति उठाने के लिए “अत्यधिक” शुल्क वसूलने से बचने के लिए कदम उठाए।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने पिछले साल 01 दिसंबर को आयोजित कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) PG, 2025 के परिणामों को चुनौती देने वाली याचिकाओं का निपटारा किया।ये याचिकाएं अनम खान, नितिका और आयुष अग्रवाल द्वारा दायर की गई थीं।याचिकाओं का निपटारा करते हुए न्यायालय ने दो प्रश्नों को...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वयस्क विवाहित जोड़े को दी सुरक्षा, कहा- अगर कोई नुकसान हुआ तो एसएसपी जवाबदेह होंगे
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वयस्क विवाहित जोड़े को दी सुरक्षा, कहा- अगर कोई नुकसान हुआ तो एसएसपी जवाबदेह होंगे

व्यक्तिगत स्वायत्तता और संवैधानिक स्वतंत्रता को मजबूत करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को 23 वर्षीय महिला के परिवार के सदस्यों को उसे और उसके वयस्क पति को परेशान करने से रोक दिया, जिसके साथ उसने आर्य समाज मंदिर में स्वेच्छा से विवाह किया था।महिला ने अपने पति के साथ कोर्ट में सुरक्षा की मांग की थी, क्योंकि महिला के पिता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87 बीएनएस [अपहरण, अपहरण या महिला को शादी के लिए मजबूर करना, आदि] के तहत पति के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी।ऑनर किलिंग की धमकी सहित गंभीर हिंसा...

राजस्थान हाईकोर्ट ने जवाई बांध वितरण मुद्दे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ FIR रद्द की, कहा- पानी उनके लिए जीवन का सवाल
राजस्थान हाईकोर्ट ने जवाई बांध वितरण मुद्दे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ FIR रद्द की, कहा- पानी उनके लिए जीवन का सवाल

जवाई बांध जल वितरण मुद्दे पर "शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन" करने वाले 50 से अधिक किसानों के खिलाफ दर्ज FIR को खारिज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि जब किसी व्यक्ति के हित प्रभावित होते हैं तो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का यह मतलब नहीं है कि उसने आईपीसी और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत कथित अपराध किया है। न्यायालय उन रिट याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 117 (आम जनता या दस से अधिक व्यक्तियों द्वारा...

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 501 से 503: आपराधिक मामलों में आपत्तिजनक वस्तुओं के विनाश, अचल संपत्ति की पुनः प्राप्ति और पुलिस द्वारा जब्त संपत्ति के निपटान की प्रक्रिया
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 501 से 503: आपराधिक मामलों में आपत्तिजनक वस्तुओं के विनाश, अचल संपत्ति की पुनः प्राप्ति और पुलिस द्वारा जब्त संपत्ति के निपटान की प्रक्रिया

आपराधिक न्याय प्रणाली केवल अपराधी को दंडित करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि अपराध से जुड़ी हुई वस्तुओं, संपत्तियों और पीड़ितों के अधिकारों की भी रक्षा करती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bhartiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) में धाराएं 501 से 503 तक शामिल की गई हैं।ये धाराएं विशेष रूप से न्यायालय द्वारा आपत्तिजनक सामग्री के नष्ट करने, अचल संपत्ति के कब्जे की पुनः प्राप्ति और पुलिस द्वारा जब्त की गई संपत्ति के सुरक्षित निपटान से संबंधित हैं। नीचे हम इन...

क्या राज्य पारंपरिक पशु खेलों जैसे जल्लीकट्टू को संवैधानिक अधिकारों और पशु कल्याण कानूनों का उल्लंघन किए बिना वैध बना सकते हैं?
क्या राज्य पारंपरिक पशु खेलों जैसे जल्लीकट्टू को संवैधानिक अधिकारों और पशु कल्याण कानूनों का उल्लंघन किए बिना वैध बना सकते हैं?

मूल संवैधानिक और कानूनी प्रश्न (Core Constitutional and Legal Question)सुप्रीम कोर्ट ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2023) के ऐतिहासिक निर्णय में यह तय किया कि क्या तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्य पारंपरिक पशु खेलों—जैसे जल्लीकट्टू, कम्बाला और बैलगाड़ी दौड़—को वैध कर सकते हैं, जबकि ए. नागराजा (2014) निर्णय में इन्हें अमानवीय (Cruel) और अवैध घोषित किया गया था। इस निर्णय में अदालत ने यह स्पष्ट किया कि क्या इन खेलों को सांस्कृतिक विरासत (Cultural Heritage) कहकर...

बेंगलुरु भगदड़ मामला: RCB मार्केटिंग हेड निखिल सोसले को हाईकोर्ट से नहीं मिली अंतरिम राहत
बेंगलुरु भगदड़ मामला: RCB मार्केटिंग हेड निखिल सोसले को हाईकोर्ट से नहीं मिली अंतरिम राहत

कर्नाटक हाईकोर्ट ने RCB के मार्केटिंग और राजस्व प्रमुख निखिल सोसले द्वारा दायर याचिका को स्थगित किया, जिसमें उन्होंने शुक्रवार (6 जून) की सुबह बेंगलुरु पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी।हालांकि न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना कि गिरफ्तारी के लिए FIR ही पर्याप्त है, लेकिन यह देखते हुए कि मामला किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा है, न्यायालय ने मामले को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया।सोसले ने तर्क दिया था कि गिरफ्तारी मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई और उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं...

घरेलू हिंसा: पति के परिवार को करोड़पति मानते हुए मुंबई कोर्ट ने मुआवज़ा 5 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ किया
घरेलू हिंसा: पति के परिवार को 'करोड़पति' मानते हुए मुंबई कोर्ट ने मुआवज़ा 5 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ किया

पति और उसके परिवार के 'करोड़पति' होने का उल्लेख करते हुए मुंबई की एक सत्र अदालत ने हाल ही में एक महिला को मुआवजा राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी। महिला को 20 साल तक प्रताड़ित, अपमानित और घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर अंसारी ने कहा कि मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा दी गई 5 लाख रुपये की मुआवजा राशि 'बहुत कम' है।जज अंसारी ने 5 मई को पारित आदेश में कहा, "यह स्पष्ट है कि पति यह साबित नहीं कर पाया है कि वह आर्थिक रूप से बहुत मुश्किल में है। दूसरी ओर, रिकॉर्ड...

संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम | मुकदमे के लंबित रहने के दौरान खरीदार विशिष्ट प्रदर्शन के आदेश से बंधे हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट
संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम | मुकदमे के लंबित रहने के दौरान खरीदार विशिष्ट प्रदर्शन के आदेश से बंधे हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने कहा कि मुकदमे के लंबित रहने के दौरान क्रेता विशिष्ट निष्पादन के आदेश से बंधे होते हैं। जस्टिस माधव जे जामदार की पीठ ने कहा,"लिस पेंडेंस का सिद्धांत दर्शाता है कि इसकी आवश्यकता न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र की प्रकृति और मुकदमे के विषय पर उनके नियंत्रण से उत्पन्न होती है, ताकि इसके समक्ष मुकदमा करने वाले पक्ष न्यायालय की शक्ति से बाहर विषय वस्तु के किसी भी हिस्से को न हटा सकें और इस प्रकार कार्यवाही को निष्फल बना सकें।" इस मामले में, मूल वादी यानी प्रतिवादी संख्या 1 द्वारा...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में नमाज अदा करने की अनुमति देने संबंधी याचिका पर निर्णय लेने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में नमाज अदा करने की अनुमति देने संबंधी याचिका पर निर्णय लेने को कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (6 जून) को महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय के सचिव को आदेश दिया कि वह शहर के अगस्त क्रांति मैदान में नमाज अदा करने के लिए आवेदन पर आज ही निर्णय लें।जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की अवकाशकालीन अदालत की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता उमर अब्दुल जब्बार गोपालानी ने अपनी याचिका में केवल मुंबई पुलिस के गामदेवी पुलिस स्टेशन द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी, जिसने अगस्त क्रांति मैदान में सामूहिक नमाज अदा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया...

दोनों पक्षों के बीच कोई वैध विवाह नही: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने IPC की धारा 498ए के तहत व्यक्ति की दोषसिद्धि खारिज की
दोनों पक्षों के बीच कोई वैध विवाह नही: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने IPC की धारा 498ए के तहत व्यक्ति की दोषसिद्धि खारिज की

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने मंगलवार (3 जून) को ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित उस निर्णय और आदेश को खारिज कर दिया, जिसके तहत उसने भारतीय दंड संहितता (IPC) की धारा 498ए के तहत आरोपी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई इस आधार पर कि कोई वैध विवाह नहीं है, जो पीड़िता को IPC की धारा 498ए लागू करने के लिए आवश्यक पत्नी का दर्जा प्रदान कर सके।जस्टिस मिताली ठाकुरिया की एकल पीठ ने इस प्रकार टिप्पणी की,“अपीलीय न्यायालय द्वारा पारित दिनांक 20.12.2012 के निर्णय और आदेश की जांच करने पर ऐसा प्रतीत होता है कि IPC की धारा 498ए की...

NEET UG 2025 | मद्रास हाईकोर्ट ने दोबारा परीक्षा कराने की मांग खारिज की, कहा- इससे 20 लाख से अधिक छात्रों के लिए समान अवसर प्रभावित होंगे
NEET UG 2025 | मद्रास हाईकोर्ट ने दोबारा परीक्षा कराने की मांग खारिज की, कहा- इससे 20 लाख से अधिक छात्रों के लिए समान अवसर प्रभावित होंगे

मद्रास हाईकोर्ट ने NEET UG परीक्षाओं को दोबारा कराने की मांग करने वाले छात्रों की याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस सी कुमारप्पन ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा दायर रिपोर्ट पर ध्यान देने के बाद याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि जब तक NTA की रिपोर्ट में दुर्भावना नहीं दिखाई जाती, तब तक पुनः परीक्षा की याचिका को अनुमति देने से पूरे भारत में परीक्षा देने वाले लगभग 2 मिलियन छात्रों के समान अवसर प्रभावित होंगे।कोर्ट ने कहा,“इस मामले में, मुझे प्रतिवादियों की ओर से कोई दुर्भावना नहीं...

यौन उत्पीड़न मामले में विभागाध्यक्ष के निलंबन से कर्मचारियों में विश्वास पैदा होता है, शक्ति का दुरुपयोग रुकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
यौन उत्पीड़न मामले में विभागाध्यक्ष के निलंबन से कर्मचारियों में विश्वास पैदा होता है, शक्ति का दुरुपयोग रुकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि यौन उत्पीड़न के आरोपी विभागाध्यक्ष के निलंबन से उनके विभाग की महिला कर्मचारियों में विश्वास पैदा होता है और आरोपी द्वारा शक्ति का दुरुपयोग रुकता है।जस्टिस अजीत कुमार ने कहा,"स्वाभाविक रूप से यदि कर्मचारी नियमित रूप से विभाग में अपने पद पर कार्यरत है और यौन उत्पीड़न की शिकायत के मामलों में जहां प्राधिकरण द्वारा अंतिम रूप से निर्णय लिया जाना बाकी है तो प्राधिकरण उक्त कर्मचारी को निलंबित कर सकता है, सबसे पहले विभाग में कार्यरत महिलाओं के बीच विश्वास निर्माण के उपाय के...

S.187 BNSS | अस्पताल में भर्ती गिरफ्तार व्यक्ति की स्थिति अज्ञात नहीं रह सकती, मजिस्ट्रेट को विजिट या वीसी के माध्यम से सत्यापन करना होगा: गुवाहाटी हाईकोर्ट
S.187 BNSS | अस्पताल में भर्ती गिरफ्तार व्यक्ति की स्थिति अज्ञात नहीं रह सकती, मजिस्ट्रेट को विजिट या वीसी के माध्यम से सत्यापन करना होगा: गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 2 जून को दिए गए आदेश में इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मामलों में जहां गिरफ्तार व्यक्ति को चिकित्सा संबंधी अत्यावश्यकता के कारण गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया जाता है, मजिस्ट्रेट को ऐसे गिरफ्तार व्यक्ति की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। न्यायालय ने टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में भी मजिस्ट्रेट को व्यक्तिगत मुलाकात या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायिक या पुलिस हिरासत में रिमांड आदेश पारित करके गिरफ्तार व्यक्ति की स्थिति की पुष्टि करनी होती...

बेंगलुरु भगदड़ मामला: गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे RCB मार्केटिंग हेड निखिल सोसले
बेंगलुरु भगदड़ मामला: गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे RCB मार्केटिंग हेड निखिल सोसले

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के मार्केटिंग और रेवेन्यू हेड निखिल सोसले ने RCB की जीत के जश्न से पहले चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुई भगदड़ के सिलसिले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सोसले को बेंगलुरु पुलिस ने 6 जून (शुक्रवार) की सुबह गिरफ्तार किया था।उन्होंने तर्क दिया कि गिरफ्तारी अवैध, मनमानी और कानून के अनुसार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें बिना किसी सामग्री के और पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच किए जाने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। इस प्रकार...