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एयर प्यूरीफायर पर GST रेट तय करना संवैधानिक ढांचे को बिगाड़ देगा: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) का विरोध किया, जिसमें एयर प्यूरीफायर को "मेडिकल डिवाइस" घोषित करने और उन पर 18% GST हटाने की मांग की गई।अपने हलफनामे में सरकार ने कहा कि GST काउंसिल ही एकमात्र संवैधानिक रूप से नामित संस्था है, जो GST से जुड़े मामलों पर सिफारिशें करती है। ऐसे मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप संवैधानिक रूप से अनिवार्य प्रक्रिया को दरकिनार कर देगा।हलफनामे में कहा गया कि ऐसा हस्तक्षेप भारत के संविधान के अनुच्छेद 279A द्वारा संरक्षित संघीय संतुलन को भी...
डिजिटल मार्केट दुरुपयोग मामले में सुंदर पिचाई, Apple और Amazon को राहत, CCI ने बंद की शिकायत
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने सुंदर पिचाई, Apple LLC, Amazon Seller Services Pvt. Ltd., Flipkart Internet Pvt. Ltd. सहित कई व्यक्तियों और ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों द्वारा भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में बड़े पैमाने पर प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवहार और प्रभुत्व के दुरुपयोग के आरोपों वाली शिकायत को बंद कर दिया।प्रतिस्पर्धा नियामक ने कहा कि प्रतिस्पर्धा कानून के तहत प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता है।चेयरपर्सन रवनीत कौर की अध्यक्षता और अनिल अग्रवाल, श्वेता कक्कड़ और दीपक अनुराग वाली पीठ ने 5 जनवरी...
उमर खालिद मेरे मेंटर नहीं, हिंसा के लिए उनसे कोई तालमेल नहीं था: शरजील इमाम ने दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश मामले में कोर्ट में कहा
शरजील इमाम ने गुरुवार को दिल्ली कोर्ट में इस आरोप से इनकार किया कि उमर खालिद उनके मेंटर थे। साथ ही उन्होंने कहा कि 2020 के उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा के लिए दोनों के बीच कोई तालमेल नहीं था।वकील तालिब मुस्तफा ने कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी के सामने इमाम की ओर से यह बात कही, जबकि दंगों में बड़ी साजिश के आरोप वाले UAPA मामले में अपने क्लाइंट के खिलाफ आरोप तय करने का विरोध किया।मुस्तफा ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में इमाम के पांच साल के दौरान उन्होंने...
POCSO पीड़िता की उम्र तय करने के लिए केवल किशोर न्याय कानून ही एकमात्र आधार नहीं, मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्य भी मान्य: केरल हाइकोर्ट
केरल हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के मामलों में पीड़िता की उम्र निर्धारित करने के लिए किशोर न्याय अधिनियम अथवा उसके नियम ही एकमात्र तरीका नहीं हैं।अदालत ने कहा कि पीड़िता की आयु तय करने के लिए मौखिक साक्ष्य और दस्तावेजी साक्ष्य पर भी भरोसा किया जा सकता है।जस्टिस बेच्चू कुरियन थॉमस ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम की धारा 34 तथा पूर्व के खंडपीठ के निर्णयों का परीक्षण करते हुए यह टिप्पणी की।अदालत ने कहा कि यह...
उडीसा हाईकोर्ट को मिली बम की धमकी, हाईकोर्ट और ज़िला कोर्ट कैंपस खाली कराए गए
बम की धमकी मिलने के बाद गुरुवार (8 जनवरी) को ओडिशा हाईकोर्ट और कटक ज़िला और सेशन कोर्ट कैंपस खाली करा लिए गए।मेल मिलने के बाद रजिस्ट्री ने कोर्ट को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद न्यायिक काम रोक दिए गए। वकीलों और स्टाफ को कोर्ट से बाहर भागते देखा गया।कैंपस में लोगों को निकालने का काम चल रहा है। पुलिस और एंटी-बम स्क्वाड कोर्ट परिसर में पहुंच गए हैं। धमकी भरे मेल का सोर्स अभी पता नहीं चला है।
सुलभ न्याय की मांग वाली जनहित याचिका में दिव्यांग व्यक्ति को हस्तक्षेप की अनुमति, राज्य सरकार और हाइकोर्ट प्रशासन से जवाब तलब
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने दिव्यांगजनों, दीर्घकालिक रोगों से पीड़ित व्यक्तियों, महिलाओं और सीनियर सिटीजन के लिए न्यायालय परिसरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और हाइकोर्ट प्रशासन को जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया। साथ ही अदालत ने एक दिव्यांग व्यक्ति को इस याचिका में हस्तक्षेप करने की अनुमति भी दी।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने दिव्यांग नरेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा दायर हस्तक्षेप आवेदन स्वीकार करते...
दिल्ली किराया नियंत्रण अधिनियम के तहत पुनरीक्षण अधिकार सीमित, तथ्यात्मक निष्कर्षों में दखल नहीं दे सकता: हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि दिल्ली किराया नियंत्रण अधिनियम की धारा 25बी की उपधारा (8) के तहत उसका पुनरीक्षण अधिकार केवल पर्यवेक्षणात्मक प्रकृति का है। इसके अंतर्गत न तो साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन किया जा सकता है और न ही किराया नियंत्रक द्वारा दर्ज किए गए तथ्यात्मक निष्कर्षों पर दोबारा विचार किया जा सकता है।जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने यह टिप्पणी एक किरायेदार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए की, जिसमें मकान मालिक की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर पारित बेदखली आदेश को...
जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, लोकसभा जांच समिति के गठन को दी है चुनौती
सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा द्वारा दायर उस रिट याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने Judges (Inquiry) Act, 1968 के तहत उनके खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव के संबंध में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा जांच समिति के गठन को चुनौती दी।इस मामले की सुनवाई जस्टिस दिपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने की।एक दिन पहले, अदालत ने मौखिक रूप से कहा था कि जांच समिति के गठन में “कुछ खामी” प्रतीत होती है और यह विचार किया जाएगा कि क्या यह खामी इतनी...
ग्वालियर में अंबेडकर प्रतिमा स्थापना के विरोध से जुड़े मामले में पूर्व बार अध्यक्ष को जमानत, गिरफ्तारी अवैध: हाइकोर्ट
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने बुधवार को हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के विरोध में हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा को जमानत दी। अदालत ने पुलिस की कार्रवाई को अवैध ठहराते हुए कहा कि गिरफ्तारी के दौरान कानून द्वारा अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस आशीष श्रोती की खंडपीठ ने कहा कि पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47 के तहत गिरफ्तारी के...
दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश का मामला: सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद शादाब अहमद के लिए रिहाई का आदेश जारी
दिल्ली कोर्ट ने गुरुवार को शादाब अहमद की रिहाई का रास्ता साफ कर दिया, जो 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत पाने वाले पांचवें आरोपी हैं।कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी ने अहमद के ज़मानत बॉन्ड स्वीकार करने के बाद उनके लिए रिहाई का आदेश जारी किया।यह तब हुआ जब दिल्ली पुलिस ने अहमद द्वारा जमा किए गए दस्तावेज़ों और ज़मानतदारों के बारे में वेरिफिकेशन रिपोर्ट सौंपी।कोर्ट ने बुधवार सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत पाने वाले चार अन्य आरोपियों,...
सही तरीके से हुई नीलामी को बाद में ज़्यादा बोली पाने के लिए रद्द नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक बार जब किसी व्यक्ति को प्लॉट की नीलामी में सबसे ज़्यादा बोली लगाने वाला घोषित कर दिया जाता है तो यह पार्टियों के बीच भविष्य के अधिकारों और जिम्मेदारियों को पक्का कर देता है।इसके बाद बोली लगाने वाली अथॉरिटी की यह ड्यूटी है कि वह अलॉटमेंट लेटर जारी करे और बाद की नीलामी में ज़्यादा बोली मिलने की उम्मीद कानून के अनुसार हुई नीलामी रद्द करने का कारण नहीं हो सकती, क्योंकि यह गैर-ज़रूरी बातों के आधार पर नीलामी को रद्द करने जैसा होगा। इसलिए मनमाना, सनकी और तर्कहीन...
'भावनाओं के साथ खिलवाड़': हाईकोर्ट ने गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों को लेकर SGPC कर्मचारियों के रिटायरमेंट बेनिफिट्स रोकने के फैसले को सही ठहराया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पूर्व कर्मचारियों द्वारा रिटायरमेंट बेनिफिट्स जारी करने की मांग वाली रिट याचिकाओं के एक बैच को खारिज कर दिया, जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों के लापता होने से संबंधित है।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि हालांकि SGPC के खिलाफ रिट याचिकाएं सुनवाई योग्य हैं, लेकिन याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं मिल सकती, क्योंकि उनका सस्पेंशन/टर्मिनेशन SGPC सेवा नियमों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए विधिवत...
69.21% उम्मीदवार ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन-XX में पास हुए, AIBE-XXI 7 जून को होगा
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने बुधवार (7 जनवरी) को जारी प्रेस रिलीज़ में बताया कि 30 जून, 2025 को हुए ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन-XX में 69.21% उम्मीदवार पास हुए।प्रेस रिलीज़ में कहा गया कि नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। इसमें बताया गया है कि यह परीक्षा देश के 56 अलग-अलग शहरों में 399 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई।रिलीज़ में आगे कहा गया कि परीक्षा में शामिल हुई 86,336 महिला उम्मीदवारों में से 61,310 पास हुईं, जबकि 1,65,613 पुरुष उम्मीदवारों में से 61,310 पुरुष उम्मीदवार पास हुए। इसके अलावा, परीक्षा...
नागरिकता विवाद | 'पहले ED से मंज़ूरी लें': लखनऊ कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR की याचिका में सीलबंद लिफाफा लौटाया
लखनऊ स्पेशल MP/MLA कोर्ट ने BJP सदस्य एस विग्नेश शिशिर द्वारा बिना उचित मंज़ूरी (प्रवर्तन निदेशालय से) और इस संबंध में उनके हलफनामे/अंडरटेकिंग के बिना सीलबंद लिफाफे में दाखिल किए जाने वाले कुछ 'गोपनीय' दस्तावेज़ों को स्वीकार करने या खोलने से इनकार कर दिया।अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा (ACJM-3, MP-MLA कोर्ट, लखनऊ) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ ब्रिटिश नागरिकता के आरोपों पर FIR दर्ज करने की शिशिर की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।यह मामला पिछले महीने इलाहाबाद हाई कोर्ट...
गरीबी पैरोल में रुकावट नहीं बन सकती: राजस्थान हाईकोर्ट ने गरीब उम्रकैद के कैदी के लिए ज़मानत की शर्त माफ की, जारी किए दिशा-निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि किसी गरीब कैदी से पैरोल पर रिहा होने की शर्त के तौर पर ज़मानत देने पर ज़ोर देना, जो उस शर्त को पूरा नहीं कर सकता, खासकर पिछले कई न्यायिक दखल के बाद जब यह शर्त माफ कर दी गई, संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन है और नैतिक रूप से गलत है।जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस फरजंद अली की डिवीजन बेंच ने कहा कि राजस्थान कैदियों की पैरोल पर रिहाई नियम, 2021 (नियम) के नियम 4 के तहत बताए गए पर्सनल बॉन्ड और/या ज़मानत देने की शर्त निर्देश देने वाली थी, अनिवार्य या सज़ा देने वाली नहीं।...
Civil Service Rules | आरोपी की गैरमौजूदगी में यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाले की जांच करना, ICC रिपोर्ट के बिना अनुशासनात्मक कार्रवाई को अमान्य करता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सेंट्रल सिविल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स 1965 के नियम 14(2) के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही, जो इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) की जांच पर आधारित है, तब अमान्य हो जाती है जब शिकायतकर्ताओं की जांच दोषी कर्मचारी की गैरमौजूदगी में की जाती है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की डिवीजन बेंच ने इस तरह केंद्र की अपील खारिज की और CAT के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें IIHT गुवाहाटी में एक प्रोबेशनर की बर्खास्तगी रद्द कर दी गई, जिस पर यौन उत्पीड़न का आरोप...
आम बिजनेस में पेमेंट का डायरेक्टर का आश्वासन अपने आप धोखाधड़ी का आरोप नहीं बन सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कमर्शियल लेनदेन के सामान्य कोर्स में डायरेक्टर द्वारा दिया गया पेमेंट का आश्वासन अपने आप में धोखाधड़ी वाला लालच नहीं माना जा सकता, जिससे IPC की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का अपराध लगे।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने यह टिप्पणी मैनेजिंग डायरेक्टर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करते हुए की, जिस पर धोखाधड़ी का आरोप था। आरोप था कि उनकी कंपनी को पेमेंट के आश्वासन पर माल सप्लाई किया गया, जिसे बाद में पूरा नहीं किया गया।बेंच ने कहा,“आरोपों में बताए गए पेमेंट का “आश्वासन” बिजनेस...
वकीलों की हड़ताल के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने शनिवार को काम करने के फैसले की समीक्षा के लिए पांच जजों का पैनल बनाया
राजस्थान हाईकोर्ट ने 5 (पांच) जजों की कमेटी बनाई, जो इस बात पर अपनी रिपोर्ट देगी कि क्या हर महीने दो (2) शनिवार को राजस्थान हाईकोर्ट के काम करने के बारे में फुल कोर्ट के फैसले की समीक्षा करने की ज़रूरत है:1. माननीय जस्टिस समीर जैन2. माननीय जस्टिस कुलदीप माथुर 3. माननीय जस्टिस अनिल कुमार उपमन 4. माननीय जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित 5. माननीय जस्टिस सुनील बेनीवाल कमेटी को संबंधित बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सीनियर वकीलों के साथ-साथ राजस्थान बार काउंसिल के चेयरमैन के साथ अलग-अलग मीटिंग करनी...
हाईकोर्ट ने स्पेशल कमेटी को BCD चुनावों के लिए इलेक्टोरल रोल में वकीलों के नाम शामिल करने की याचिका पर फैसला करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) की स्पेशल कमेटी को तीन वकीलों द्वारा दायर रिप्रेजेंटेशन पर फैसला करने का निर्देश दिया, जिसमें आने वाले चुनावों के लिए इलेक्टोरल रोल में उनके नाम जोड़ने की मांग की गई।जस्टिस अमित बंसल ने वकीलों को 8 जनवरी तक स्पेशल कमेटी के सामने रिप्रेजेंटेशन फाइल करने का निर्देश दिया, जिस पर 12 जनवरी या उससे पहले विचार करके फैसला किया जाएगा।यह तब हुआ, जब जज ने देखा कि आने वाले BCD चुनावों के लिए फाइनल इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन 17 जनवरी या उससे पहले किया जाना है।ये...
झारखंड हाईकोर्ट ने पांच साल की बच्ची के रेप और मर्डर के दोषी व्यक्ति की मौत की सज़ा उम्रकैद में बदली
झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में पांच साल की बच्ची के रेप और मर्डर के दोषी एक आरोपी की मौत की सज़ा को उम्रकैद में यह मानते हुए बदल दिया कि आरोपी के सुधार और पुनर्वास की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अरुण कुमार राय की डिवीजन बेंच एक मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपी इंदर उरांव को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धारा 6 के तहत अपराधों के लिए दोषी पाया गया। उसे IPC की धारा 302 के तहत मौत की सज़ा और...




















