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ID Act | अगर कर्मचारियों ने पहले ही एम्प्लॉयर के सामने अपनी शिकायतें उठाईं और उनकी कॉपी सुलह अधिकारी को भेजी हैं तो उन्हें अलग से आवेदन करने की ज़रूरत नहीं: झारखंड हाईकोर्ट
ID Act | अगर कर्मचारियों ने पहले ही एम्प्लॉयर के सामने अपनी शिकायतें उठाईं और उनकी कॉपी सुलह अधिकारी को भेजी हैं तो उन्हें अलग से आवेदन करने की ज़रूरत नहीं: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट, 1947 (ID Act) की धारा 2A(2) के तहत औपचारिक आवेदन करना ज़रूरी नहीं है, अगर कर्मचारियों ने एम्प्लॉयर को भेजे गए अपने रिप्रेजेंटेशन और शिकायतों की कॉपी सुलह अधिकारी को भेजी हैं, जिससे विवाद लेबर अथॉरिटीज़ के संज्ञान में आ गया हो।दीपक रोशन की सिंगल जज बेंच लेबर कोर्ट, देवघर के आदेशों को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसने कर्मचारियों के दावों को सिर्फ़ इस आधार पर खारिज किया कि इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट की धारा...

यात्री बस संचालक को सड़क पर चलने लायक वाहन देना और सावधानी से सेवा देना ज़रूरी : ज़िला उपभोक्ता आयोग
यात्री बस संचालक को सड़क पर चलने लायक वाहन देना और सावधानी से सेवा देना ज़रूरी : ज़िला उपभोक्ता आयोग

ज़िला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, एर्नाकुलम ने हाल ही में दो उपभोक्ताओं को मुआवज़ा प्रदान किया, जिन्हें बार-बार बस खराब होने और कथित कर बकाया के कारण चेक-पोस्ट पर रोके जाने से हुई देरी के चलते परीक्षा केंद्र समय पर पहुंचने के लिए टैक्सी किराए पर लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।आयोग की पीठ—डी.बी. बीनू (अध्यक्ष), वी. रामचंद्रन और श्रीविद्या टी.एन.—ने कहा कि यात्री परिवहन संचालक का यह स्पष्ट दायित्व है कि वह सड़क-योग्य वाहन उपलब्ध कराए और उचित सावधानी व परिश्रम के साथ सेवा दे। पीठ ने टिप्पणी...

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने की इजाज़त दी
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने की इजाज़त दी

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे को हटाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग को धर्मशाला, कांगड़ा में शिफ्ट करने का अपना फैसला जारी रखने की इजाज़त दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और एन.वी. अंजारिया की बेंच हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को राज्य सरकार की चुनौती पर सुनवाई कर रही थी, जिसने राज्य सरकार के हिमाचल प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के कार्यालय को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने के फैसले पर रोक लगा दी थी।चीफ जस्टिस...

Digital Arrest Scam | संदिग्ध लेन-देन पर ग्राहकों को सतर्क करें बैंक : सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
Digital Arrest Scam | संदिग्ध लेन-देन पर ग्राहकों को सतर्क करें बैंक : सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को डिजिटल अरेस्ट घोटालों पर सुनवाई के दौरान कहा कि बैंकों की यह जिम्मेदारी है कि वे ऐसे तंत्र विकसित करें, जिनसे ग्राहकों को बड़े और संदिग्ध लेन–देन के बारे में तुरंत अलर्ट किया जा सके, खासकर तब जब ग्राहक ऐसे साइबर ठगों के झांसे में आकर लेन–देन कर रहा हो।सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि कोई पेंशनभोगी, जो आमतौर पर 10–20 हजार रुपये की निकासी करता है, अचानक 25 लाख, 50 लाख या उससे अधिक की राशि का लेन–देन करता है, तो बैंक को चेतावनी जारी करनी चाहिए।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत,...

डिजिटल अरेस्ट का कानूनी साया: BNS और IT Act में प्रक्रियात्मक कमियों का विश्लेषण
डिजिटल अरेस्ट का कानूनी साया: BNS और IT Act में प्रक्रियात्मक कमियों का विश्लेषण

जैसे-जैसे साइबर धोखाधड़ी राष्ट्रीय सुर्खियों में हावी हो रही है, एक अजीब नमूना इसके परिष्कृत विकास के रूप में सामने आता है। 'डिजिटल अरेस्ट' रचनात्मक रूप से मनोवैज्ञानिक जबरदस्ती और तकनीकी स्पूफिंग को मिलाती है, जो अपहृत दूरसंचार नोड्स, म्यूल बैंक खातों और वरिष्ठ नागरिकों की एक श्रृंखला पर निर्भर करती है। एक विशिष्ट डिजिटल अरेस्ट घोटाले में, घोटालेबाज पीड़ितों को कॉल करते हैं और एक सरकार या कानून प्रवर्तन प्राधिकरण, या एक 'वर्चुअल अदालत' के रूप में पेश करते हैं। वे आधिकारिक वर्दी में पहने हुए...

सोनम वांगचुक की सेहत ठीक, एम्स जोधपुर में मिल रहा सर्वोत्तम इलाज: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
सोनम वांगचुक की सेहत ठीक, एम्स जोधपुर में मिल रहा सर्वोत्तम इलाज: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को केंद्र सरकार ने मौखिक रूप से अवगत कराया कि लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की हिरासत की समीक्षा को लेकर अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है।केंद्र की ओर से कहा गया कि वांगचुक की सेहत पूरी तरह ठीक है और उन्हें एम्स जोधपुर में सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जो लद्दाख में संभव नहीं होता।अदालत इस उत्तर से असंतुष्ट दिखाई दी और वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर अपनी चिंता दोहराई।गौरतलब है कि अदालत सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस...

संभल हिंसा मामला: यूपी सरकार व ASP ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR के आदेश को दी हाईकोर्ट में चुनौती
संभल हिंसा मामला: यूपी सरकार व ASP ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR के आदेश को दी हाईकोर्ट में चुनौती

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार और संभल के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुज चौधरी द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई की।इन याचिकाओं में संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) द्वारा एएसपी चौधरी एवं अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश को चुनौती दी गई यह आदेश नवंबर 2024 की संभल हिंसा से संबंधित है।उक्त आदेश पिछले माह CJM विभांशु सुधीर द्वारा यामीन नामक व्यक्ति की अर्जी पर पारित किया गया। यामीन हिंसा में घायल युवक का पिता है और उसने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उसके...

विदेश यात्रा का अधिकार मौलिक अधिकार: झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक की पत्नी को इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दी
विदेश यात्रा का अधिकार मौलिक अधिकार: झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक की पत्नी को इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दी

झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व झारखंड विधायक एवं मंत्री कमलेश कुमार सिंह की पत्नी पर लगाए गए जमानत की शर्तों में संशोधन करते हुए उन्हें इलाज के लिए अमेरिका या यूनाइटेड किंगडम (UK) की यात्रा करने की अनुमति दी।कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार का हिस्सा है।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने 13 मई 2014 को पारित उस आदेश में संशोधन किया, जिसके तहत याचिकाकर्ता को अपना पासपोर्ट जमा करने और विदेश यात्रा से रोका गया।पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता जो...

सरकारी योजना के दुरुपयोग का आरोप: सुप्रीम कोर्ट ने जबरन एंजियोप्लास्टी के आरोपी कार्डियोलॉजिस्ट की जमानत रद्द करने से किया इनकार
सरकारी योजना के दुरुपयोग का आरोप: सुप्रीम कोर्ट ने जबरन एंजियोप्लास्टी के आरोपी कार्डियोलॉजिस्ट की जमानत रद्द करने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे कार्डियोलॉजिस्ट की जमानत रद्द करने से इनकार किया, जिस पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत सरकारी फंड हासिल करने के लिए स्वस्थ व्यक्तियों पर अनावश्यक और जबरन एंजियोप्लास्टी की।सुप्रीम कोर्ट ने यह भी नोट किया कि आरोपी डॉक्टर लगभग एक वर्ष की प्री-ट्रायल हिरासत पहले ही भुगत चुका है।जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने गुजरात सरकार की याचिका खारिज की, जिसमें प्रख्यात कार्डियोलॉजिस्ट प्रशांत प्रकाश वज़ीरानी को दी गई जमानत रद्द करने...

संतुलित आदेश: सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाइकोर्ट के फैसले पर लगाई मुहर, तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ियों पर मुस्लिम इबादत सीमित रहेगी
संतुलित आदेश: सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाइकोर्ट के फैसले पर लगाई मुहर, तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ियों पर मुस्लिम इबादत सीमित रहेगी

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के मदुरै ज़िले की तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ियों से जुड़े विवाद में मद्रास हाइकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार किया।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाइकोर्ट का आदेश संतुलित है और बिना पक्षकारों के अधिकारों पर कोई अंतिम राय दिए, वह आदेश बरकरार रहेगा।मामला तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित नेल्लीतोप्पू क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 33 सेंट भूमि सिकंदर बदुशा औलिया दरगाह के स्वामित्व में बताई जाती है। इसी पहाड़ी पर अरुलमिघु सुब्रमणियास्वामी थिरुकोविल मंदिर भी स्थित है। नमाज़ और पशु बलि...

उन्नाव पीड़िता के पिता की मौत मामले में कुलदीप सेंगर की अपील पर आउट-ऑफ-टर्न सुनवाई हो : सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध
उन्नाव पीड़िता के पिता की मौत मामले में कुलदीप सेंगर की अपील पर आउट-ऑफ-टर्न सुनवाई हो : सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध

सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वह पूर्व उत्तर प्रदेश विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उस अपील पर “आउट-ऑफ-टर्न” सुनवाई करे, जिसमें उन्होंने उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत से जुड़े मामले में अपनी दोषसिद्धि और 10 साल की सज़ा को चुनौती दी है। अदालत ने यह भी कहा कि अपील का निपटारा तीन महीने के भीतर किया जाए।सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि सेंगर की अपील के साथ-साथ पीड़िता द्वारा सज़ा बढ़ाने के लिए दायर अपील तथा सह-आरोपियों की अपीलों की भी एक साथ सुनवाई की जाए।चीफ़...

संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों के आरोप अहम: तेलंगाना हाइकोर्ट ने उर्दू पत्रकार का पासपोर्ट रद्द करने का फैसला बरकरार रखा
संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों के आरोप अहम: तेलंगाना हाइकोर्ट ने उर्दू पत्रकार का पासपोर्ट रद्द करने का फैसला बरकरार रखा

तेलंगाना हाइकोर्ट ने उर्दू भाषा के पत्रकार द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए उनका पासपोर्ट रद्द किए जाने के फैसले को सही ठहराया।हाइकोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट का नवीनीकरण कोई स्वचालित अधिकार नहीं है और जब किसी व्यक्ति की गतिविधियों को देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए प्रतिकूल बताया गया हो तो अदालत को अत्यंत सावधानी बरतनी होती है।जस्टिस नागेश भीमपाका ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्राकृतिक न्याय के...

विवाह या गर्भावस्था शिक्षा में बाधा नहीं बन सकती” : एमपी हाईकोर्ट ने छात्रा को उपस्थिति में छूट देने का कॉलेज को दिया निर्देश
"विवाह या गर्भावस्था शिक्षा में बाधा नहीं बन सकती” : एमपी हाईकोर्ट ने छात्रा को उपस्थिति में छूट देने का कॉलेज को दिया निर्देश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि विवाह और गर्भावस्था किसी महिला की उच्च शिक्षा में बाधा नहीं बन सकते। अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिया कि वे छात्राओं को मातृत्व/चाइल्ड केयर अवकाश, उपस्थिति में छूट और आवश्यक शैक्षणिक सहयोग प्रदान करें।मध्य प्रदेश हाईको की खंडपीठ, जिसमें जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल शामिल थे, ने कहा कि कार्यस्थलों पर उपलब्ध मातृत्व संरक्षण का लाभ शिक्षा प्राप्त कर रही महिलाओं को भी समान रूप से मिलना चाहिए।अदालत ने कहा—“पढ़ाई...

BREAKING| तीस हजारी कोर्ट में जज के सामने वकील पर हमला: CJI ने दिया कार्रवाई का भरोसा, बोले- गुंडा राज बर्दाश्त नहीं
BREAKING| तीस हजारी कोर्ट में जज के सामने वकील पर हमला: CJI ने दिया कार्रवाई का भरोसा, बोले- गुंडा राज बर्दाश्त नहीं

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के समक्ष यह आरोप लगाया कि पिछले शनिवार को कोर्ट रूम के भीतर जज की मौजूदगी में उस पर और एक आरोपी पर कथित तौर पर गुंडों ने हमला किया।वकील ने बताया कि वह एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज हरजीत सिंह पाल की अदालत में एक आरोपी की ओर से पेश हो रहा था। उसी दौरान शिकायतकर्ता के वकील के साथ कई लोग अदालत कक्ष में घुस आए और जज के सामने ही मारपीट शुरू कर दी।वकील के अनुसार हमलावरों ने कोर्ट रूम का दरवाजा...

अंतरिम भरण-पोषण से केवल तात्कालिक राहत, अधिकार तय नहीं होते: राजस्थान हाइकोर्ट ने 40 हजार की अंतरिम राशि बढ़ाने से किया इनकार
अंतरिम भरण-पोषण से केवल तात्कालिक राहत, अधिकार तय नहीं होते: राजस्थान हाइकोर्ट ने 40 हजार की अंतरिम राशि बढ़ाने से किया इनकार

राजस्थान हाइकोर्ट ने अंतरिम भरण-पोषण की राशि बढ़ाने की मांग खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अंतरिम भरण-पोषण का उद्देश्य कार्यवाही के दौरान पीड़ित पक्ष को आर्थिक तंगी से बचाना होता है न कि पत्नी के अधिकार या भरण-पोषण की अंतिम राशि का निर्धारण करना।जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने कहा कि अंतरिम भरण-पोषण एक अस्थायी और विवेकाधीन राहत है, जिसे बिना विस्तृत सुनवाई या साक्ष्य के आधार पर दिया जाता है। यह न तो पत्नी के अधिकारों का अंतिम फैसला है और न ही पति की आय में उसके किसी हिस्से को मान्यता देता है।अदालत ने...

Consumer Protection Act | RWA के खिलाफ निष्पादन कार्यवाही खारिज करने के NCDRC आदेश को चुनौती, दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
Consumer Protection Act | RWA के खिलाफ निष्पादन कार्यवाही खारिज करने के NCDRC आदेश को चुनौती, दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें एक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ दायर निष्पादन कार्यवाही यह कहते हुए खारिज कर दी गई कि वे मूल उपभोक्ता शिकायत के पक्षकार नहीं थे।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने 15.09.2025 को पारित NCDRC के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 67 के संदर्भ में उठाए गए विचारणीयता के प्रश्न को नोट...

मोटर दुर्घटना मुआवजे की गणना में फैमिली पेंशन की कटौती नहीं हो सकती: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट
मोटर दुर्घटना मुआवजे की गणना में फैमिली पेंशन की कटौती नहीं हो सकती: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि मृतक के आश्रितों को मिलने वाली फैमिली पेंशन को मोटर दुर्घटना मुआवजे की गणना के दौरान घटाया नहीं जा सकता।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि फैमिली पेंशन का दुर्घटना में हुई मृत्यु से मिलने वाले मुआवजे से कोई संबंध नहीं है और इसे निर्भरता हानि की गणना से बाहर रखा जाना चाहिए।जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के हेलेन सी. रेबेलो बनाम महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम मामले का हवाला देते हुए कहा,“फैमिली पेंशन भी कर्मचारी द्वारा अपनी सेवा शर्तों के...

“संवैधानिक रूप से अनुचित” : सुप्रीम कोर्ट में याचिका, पश्चिम बंगाल SIR मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के व्यक्तिगत रूप से बहस करने पर उठाए सवाल
“संवैधानिक रूप से अनुचित” : सुप्रीम कोर्ट में याचिका, पश्चिम बंगाल SIR मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के व्यक्तिगत रूप से बहस करने पर उठाए सवाल

सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर कर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर दलीलें देने को चुनौती दी गई है। पिछले सप्ताह ममता बनर्जी स्वयं सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित हुई थीं और उन्होंने SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली अपनी याचिका पर मौखिक दलीलें रखी थीं।यह हस्तक्षेप याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल द्वारा दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि इसका उद्देश्य अदालत की सहायता करना है,...

कम उम्र का अंतर, सहमति के संकेत और अपील में देरी: POCSO में दोषी नाबालिग की सजा पर पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट की रोक
कम उम्र का अंतर, सहमति के संकेत और अपील में देरी: POCSO में दोषी नाबालिग की सजा पर पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट की रोक

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने POCSO Act के तहत दोषी ठहराए गए नाबालिग आरोपी की सजा पर अपील लंबित रहने तक रोक लगाई।हाइकोर्ट ने यह अहम टिप्पणी की कि मामले में आरोपी और पीड़िता दोनों ही नाबालिग थे उनके बीच उम्र का अंतर बहुत अधिक नहीं था और अपील की सुनवाई निकट भविष्य में होने की संभावना नहीं है।जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर शामिल की डिवीजन बेंच ने कहा,“आरोपों के विश्लेषण से यह संकेत मिलता है कि यदि सहवास हुआ भी तो वह सहमति से था, ऐसा कोई आरोप नहीं है कि आरोपी ने क्रूरता बरती हो, पीड़िता...