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हाईकोर्ट ने जम्मू शहर में अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए, अतिक्रमण विरोधी अभियान के दरमियान सुरक्षा कवर का निर्देश दिया
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों को बहाल करने और पैदल यात्रियों और वाहनों के आवागमन को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लंबे समय से लंबित जनहित याचिका का निपटारा करते हुए दुकानदारों, विक्रेताओं और खाद्य पदार्थों की दुकानों द्वारा अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए हैं। चीफ जस्टिस अरुण पल्ली और जस्टिस राजेश ओसवाल की पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने और शहरी व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक मार्ग,...
क्या PMLA मामले में ED गिरफ्तारी के बाद CrPC को दरकिनार कर पुलिस कस्टडी मांग सकती है?
PMLA और CrPC के तहत गिरफ्तारी का दायरा (Scope of Arrest under PMLA and CrPC)सुप्रीम कोर्ट ने वी. सेंथिल बालाजी बनाम राज्य (2023) में यह तय किया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (Prevention of Money Laundering Act – PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) गिरफ्तारी कर सकता है और अपराध प्रक्रिया संहिता 1973 (Code of Criminal Procedure – CrPC) की धारा 167 के तहत कस्टडी (Custody) की मांग भी कर सकता है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि ED के अधिकारी पारंपरिक अर्थों में...
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 87: नियम बनाने की केंद्र सरकार की शक्ति
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 का उद्देश्य डिजिटल युग में साइबर अपराधों को नियंत्रित करना, डिजिटल दस्तावेजों की वैधता को सुनिश्चित करना और ऑनलाइन लेन-देन को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है। इस अधिनियम में केंद्र सरकार को विभिन्न धाराओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियम (Rules) बनाने का अधिकार भी दिया गया है। यह अधिकार विशेष रूप से अधिनियम की धारा 87 में बताया गया है। इस लेख में हम धारा 87 को विस्तार से समझेंगे, साथ ही इसमें उल्लिखित अन्य धाराओं का संक्षेप में उल्लेख करते हुए यह जानेंगे कि ये...
भूमि विवादों में केवल सीमांकन मुद्दे पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए यदि रिपोर्ट अनियमित तो पूरे मुकदमे को वापस लेने की आवश्यकता नहीं: HP हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि यदि स्थानीय आयुक्त की सीमांकन रिपोर्ट अनियमित पाई जाती है, तो केवल रिपोर्ट को नए सिरे से सीमांकन के लिए वापस भेजा जाना चाहिए। पूरे मुकदमे को पुनर्विचार के लिए वापस भेजने की आवश्यकता नहीं है। जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर ने कहा,"यदि स्थानीय आयुक्त की रिपोर्ट में कोई अनियमितता थी, यानि लागू निर्देशों का पालन नहीं किया गया था, तो हाईकोर्ट के लिए उचित तरीका या तो एक नया आयोग जारी करना था या मामले को पुनर्विचार के लिए वापस भेजना था, लेकिन स्थानीय आयुक्त की ओर से किसी भी...
मूल्यांकन पर बिक्री का समझौता : Sales of Goods Act, 1930 की धारा 9 और 10
कीमत का निर्धारण (Ascertainment of Price)माल विक्रय अधिनियम (Sales of Goods Act), 1930 का अध्याय II अनुबंध की एक और आवश्यक शर्त (Essential Condition) - कीमत (Price) - के निर्धारण से संबंधित है। धारा 9 यह बताती है कि किसी बिक्री अनुबंध में कीमत कैसे निर्धारित की जा सकती है। धारा 9(1) के अनुसार, बिक्री अनुबंध में कीमत निम्नलिखित तीन तरीकों से तय की जा सकती है: 1. अनुबंध द्वारा निश्चित (Fixed by the Contract): यह सबसे सीधा तरीका है जहाँ खरीदार और विक्रेता स्पष्ट रूप से अनुबंध में कीमत तय करते...
राजस्थान भू राजस्व अधिनियम, 1956 की धाराएं 230–233: चल व अचल संपत्ति की जब्ती और जब्ती के बाद बिक्री का न्यायसंगत ढांचा
राजस्थान भू राजस्व अधिनियम में धाराएं 230 से 233 तक की व्यवस्थाएँ राजस्व वसूली की अंतर्निहित प्रक्रिया को गहरी, न्यायसंगत और स्पष्ट बनाती हैं। इन धाराओं के उद्देश्य डिफॉल्टर की संपत्ति को जब्त करना है लेकिन सरकारी वसूली करते समय इनकी रक्षा करना भी है कि धार्मिक या सामाजिक उपयोग में रखी गई संपत्ति को अतिक्रमण नहीं हो। आइए इसे सरल हिंदी में, उदाहरणों के साथ समझते हैं।धारा 230 – चल संपत्ति की जब्ती और बिक्री (Attachment and Sale of Movable Property)इस धारा के अनुसार, जब कोई व्यक्ति राजस्व या किराया...
पट्टेदार अधिभोगी की परिभाषा में शामिल, वह ईपीएफ अंशदान जमा करने के लिए बाध्य: HP हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि एक पट्टेदार (Lessee) जिसका फैक्ट्री के संचालन पर नियंत्रण था, कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत "अधिभोगी" (Occupier) की परिभाषा के अंतर्गत आता है और इसलिए वह कर्मचारी भविष्य निधि अंशदान को वैधानिक निधि में काटने और जमा करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। जस्टिस राकेश कैंथला ने कहा,"इसलिए, याचिकाकर्ता अधिभोगी की परिभाषा के अंतर्गत आएगा, और वह, एक अधिभोगी होने के नाते, अंशदान को काटने और उसे वैधानिक निधि में जमा करने के लिए बाध्य था।...
जब राज्य नीति के तहत दावा स्वीकार्य है तो चिकित्सा प्रतिपूर्ति को कमजोर आधार पर अस्वीकार नहीं किया जा सकता: HP हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावे को तुच्छ या अप्रासंगिक आधार पर अस्वीकार नहीं किया जा सकता है, जबकि यह राज्य सरकार की लाभकारी नीति के तहत स्वीकार्य था। जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रंजन शर्मा की खंडपीठ ने माना,"एक बार जब चिकित्सा दावा राज्य की लाभकारी नीति के संदर्भ में स्वीकार्य हो जाता है, तो उसे तुच्छ आधार या अप्रासंगिक कारकों के आधार पर अस्वीकार नहीं किया जाना चाहिए"।क्या है मामला?याचिकाकर्ता ईश्वर दास एक सेवानिवृत्त सरकारी स्कूल शिक्षक हैं। सितंबर 2016 में...
बीपीएल अंक देने के लिए वैध बीपीएल प्रमाण पत्र ही पर्याप्त; अलग से आय प्रमाण पत्र अनिवार्य नहीं : HP हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की एक खंडपीठ, जिसमें जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रंजन शर्मा शामिल थे, उन्होंने माना कि भर्ती में बीपीएल अंक देने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध बीपीएल प्रमाण पत्र पर्याप्त है; अलग से आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता अनुचित है। मामले की पृष्ठभूमिहिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड ( HPSEBL) ने जूनियर टी-मेट/जूनियर हेल्पर (सब-स्टेशन/पावर हाउस) के पद के लिए विज्ञापन संख्या 1/2018 जारी किया। याचिकाकर्ता ने सामान्य (बीपीएल) श्रेणी के तहत आवेदन किया था। उन्होंने...
सुप्रीम कोर्ट ने शर्मिष्ठा पनोली के मामले में शिकायतकर्ता वजाहत खान की गिरफ्तारी पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (23 जून) को वजाहत खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। वजाहत खान की शिकायत के बाद शर्मिष्ठा पनोली को पश्चिम बंगाल के अलावा अन्य राज्यों में दर्ज FIR में गिरफ्तार किया गया था। इन FIR में कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट शामिल हैं।जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस एन कोटिस्वर सिंह की खंडपीठ ने खान की रिट याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया।याचिका में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर असम, महाराष्ट्र, दिल्ली और हरियाणा में दर्ज FIR एक...
सुप्रीम कोर्ट ने धन जमा करने की पेशकश करके तथा बाद में शर्त को चुनौती देकर जमानत प्राप्त करने की रणनीति को बताया बोझिल
सुप्रीम कोर्ट ने पक्षकारों द्वारा स्वेच्छा से पर्याप्त राशि जमा करने की पेशकश करने के पश्चात न्यायालयों से अग्रिम/नियमित जमानत आदेश प्राप्त करने की प्रथा की कड़ी निंदा की, लेकिन बाद में अपने बयानों से मुकर गए तथा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दावा किया कि जमानत प्रदान करते समय लगाई गई शर्त बोझिल है या संबंधित वकील के पास बयान देने का अधिकार नहीं है।जस्टिस केवी विश्वनाथन तथा जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने कहा,"हम इस प्रथा की कड़ी निंदा करते हैं...हमें न्यायिक प्रक्रिया की पवित्रता के प्रति...
चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ के मामले में स्वतःसंज्ञान मामले में में एमिक्स क्यूरी नियुक्त
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (23 जून) को सीनियर एडवोकेट एस सुशीला को एमिक्स क्यूरी नियुक्त किया, जो IPL 2025 फाइनल में रॉयल चैलेंजर बैंगलोर (RCB) की जीत का जश्न मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम से पहले चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ के संबंध में दायर स्वतःसंज्ञान से दायर याचिका में न्यायालय की सहायता करेंगी।एक्टिंग चीफ जस्टिस वी एम कामेश्वर राव और जस्टिस सी एम जोशी की खंडपीठ ने अपना आदेश सुनाते हुए कहा,"पिछले आदेश के अनुसार, केएससीए और डीएनए के सीनियर वकील उपस्थित हैं, वे याचिका पर अपना जवाब...
झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो स्टील प्लांट के सीनियर अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शनकारी की मौत मामले में FIR की जांच पर लगाई रोक
झारखंड हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए बोकारो स्टील प्लांट के सीनियर अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की जांच पर रोक लगा दी। यह FIR प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और उसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत के सिलसिले में दर्ज की गई थी।यह FIR बोकारो स्टील प्लांट के डायरेक्टर इन-चार्ज और कार्यपालक निदेशक (P&A) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 117(2) (गंभीर चोट पहुंचाना), 109 (हत्या का...
PPL Copyright Issue | एज़्योर के पक्ष में स्टे के कारण तीसरे पक्षकार को PPL को लाइसेंस शुल्क का भुगतान करने से छूट नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि फोनोग्राफिक परफॉरमेंस लिमिटेड (PPL) और एज़्योर हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के बीच विवाद में 21 अप्रैल, 2025 को दिया गया उसका अंतरिम स्थगन आदेश केवल दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित मुकदमे के पक्षों के बीच ही लागू होगा, तीसरे पक्षकार पर नहीं।सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल, 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट के उस निर्देश पर रोक लगा दी थी, जिसमें एज़्योर को रिकॉर्डेड म्यूजिक परफॉरमेंस लिमिटेड (RMPL) के टैरिफ के अनुसार गणना की गई अपनी कॉपीराइट की गई वॉइस रिकॉर्डिंग को चलाने...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 411 करोड़ रुपए के मेडिकल खरीद घोटाले में आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने "हमार-लैब" योजना के तहत चिकित्सा उपकरणों और रिएजेंट्स की धोखाधड़ी से खरीद में जुड़े मामलों में बड़े पैमाने पर आपराधिक साजिश रचने के आरोपी शशांक चोपड़ा को जमानत देने से इनकार कर दिया है। राज्य को योजना में हुई धांधलियों से 411 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। इस बात पर गौर करते हुए कि इस तरह के आर्थिक अपराध देश की वित्तीय सेहत के लिए खतरा पैदा करते हैं, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा,"वर्तमान मामला एक ऐसा मामला है जिसमें आर्थिक अपराध शामिल है और जिसे पारंपरिक अपराधों से...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रतियोगी परीक्षाओं के उत्तरों को चुनौती देने वाली आधारहीन याचिकाओं के खिलाफ दी चेतावनी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रतियोगी परीक्षाओं के उत्तरों या मूल्यांकन विधियों को चुनौती देने वाली योग्यताहीन याचिकाएं दायर करने के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की।यह घटनाक्रम हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जूनियर इंजीनियर (सिविल) के पद के लिए जारी उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान हुआ।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज ने कहा कि याचिकाकर्ता ने सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत प्राप्त प्रतिक्रियाओं पर भरोसा करके और स्कॉलर्स के रिसर्च पेपर की सामग्री का गलत इस्तेमाल करके...
बूढ़े मां-बाप को उनकी इच्छा के विरुद्ध बेटे और बहू को अपने घर में रहने की अनुमति देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकताः बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने हाल ही में कहा कि अगर बेटे और बहू को माता-पिता अपने घर में रहने की अनुमति देते हैं तो इससे उन दोनों के पक्ष में किसी अधिकार का निर्माण नहीं। इस प्रकार बेटा और बहू अपने माता-पिता को उनकी इच्छा के विरुद्ध उन्हें उक्त घर में रहने की अनुमति देने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। सिंगल जज जस्टिस प्रफुल्ल खुबलकर ने कहा कि अगर बेटे और बहू के बीच कुछ शत्रुतापूर्ण संबंध हैं, तो बहू उस घर में, जिसका स्वामित्व सास-ससुर के पास है, रहने का कोई अधिकार नहीं मांग सकती।जज ने 18 जून...
नई OBC सूची पर रोक के बावजूद भर्ती जारी रखने को लेकर अवमानना याचिका पर तत्काल सुनवाई से कलकत्ता हाईकोर्ट का इनकार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर तत्काळ सुनवाई से इनकार कर दिया। यह याचिका राज्य सरकार द्वारा OBC-A और OBC-B श्रेणियों में भर्ती प्रक्रिया जारी रखने को लेकर दाखिल की गई, जबकि अदालत पहले ही सरकार की उन अधिसूचनाओं पर रोक लगा चुकी है, जिनके आधार पर नई OBC श्रेणियों की पहचान की जा रही थी।सीनियर एडवोकेट बांसुरी स्वराज ने मामले का उल्लेख करते हुए अदालत से निवेदन किया कि इसे इस सप्ताह ही सुना जाए, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से अदालत के आदेश की अवहेलना करते...
विदेशी न्यायाधिकरण में केस रिकॉर्ड रखने की अव्यवस्थित प्रणाली पर असम सरकार को फटकार: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करने का निर्देश दिया
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह विदेशी न्यायाधिकरणों (Foreigners Tribunals) के सदस्यों और अधीक्षकों के लिए केस रिकॉर्ड के समुचित रख-रखाव पर ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करने पर विचार करे।यह आदेश जस्टिस कल्याण राय सुराणा और जस्टिस मालस्री नंदी की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया, जिसमें नागांव स्थित विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा याचिकाकर्ता को विदेशी घोषित किए जाने की राय को चुनौती दी गई थी।कोर्ट ने कहा,"केस नंबर FT 2451/2011 की फाइलें जिस अव्यवस्थित ढंग से रखी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के 'सरासर दुरुपयोग' के लिए पुलिस अधिकारियों को पेश होने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक क्रियाकलाप (रोकथाम) अधिनियम, 1986 को व्यक्ति के खिलाफ बार-बार और मनमाने ढंग से लागू करने पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसका कथित तौर पर उसे जेल में रखने के लिए इस्तेमाल किया गया था।गैंगस्टर एक्ट को 'कानून का सरासर दुरुपयोग' करार देते हुए जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने संबंधित जिला मजिस्ट्रेट, सीनियर पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को उनके 'कदाचार और लापरवाही' के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का...



















