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जस्टिस यशवंत वर्मा | लालू प्रसाद यादव | प्रोफेसर ममता पाठक: कोर्ट्स टुडे- 30.07.25
सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। वहीं, लालू प्रसाद यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने "नौकरी के बदले ज़मीन" मामले में आरोप तय करने की कार्यवाही टालने से इनकार कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 17 साल की बलात्कार पीड़िता को 31 सप्ताह की गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति दी, भले ही स्वास्थ्य जोखिम था। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक सत्र न्यायालय के फैसले को बरकरार रखते हुए एक केमिस्ट्री प्रोफेसर को पति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा दी, उनके...
अस्पताल में ऑक्सीजन की कथित कमी से हुई मौतों की जांच के लिए दायर याचिका पर पंजाब सरकार से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जालंधर के सिविल अस्पताल में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से हुई तीन मरीजों की मौत की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी ने पंजाब सरकार के वकील को निर्देश प्राप्त करने और जवाब दाखिल करने को कहा।जालंधर निवासी सिमरनजीत सिंह ने हाईकोर्ट में हालिया कथित घटना का उल्लेख करते हुए याचिका दायर की, जिसमें 27 जुलाई को ऑक्सीजन की आपूर्ति में खराबी के कारण जालंधर के सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों की...
रिटायरमेंट आयु विस्तार पर विचार करने के लिए राज्य के बाहर के अनुभव को नज़रअंदाज़ करना मनमाना: सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के प्रोफ़ेसर को राहत दी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (30 जुलाई) को प्रोफ़ेसर को राहत प्रदान की, जिन्हें पश्चिम बंगाल राज्य द्वारा अपनी ही नीति की गलत व्याख्या के कारण 60 से 65 वर्ष की विस्तारित रिटायरमेंट आयु का लाभ देने से वंचित कर दिया गया था। इस नीति में राज्य के बाहर अर्जित शिक्षण अनुभव को पात्रता मानदंड से अनुचित रूप से बाहर रखा गया था।अदालत ने कहा,"सेवा विस्तार के लिए पश्चिम बंगाल राज्य के भीतर 10 वर्षों के पिछले शिक्षण अनुभव पर ज़ोर देना, खासकर जब कर्मचारी पहले ही चौदह वर्षों तक काम कर चुका हो, मनमाना और अवैध...
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट में रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों के मामलों को प्राथमिकता देने के लिए दिशानिर्देश जारी किए
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) सहित सेवारत और रिटायर रक्षा कर्मियों और उनके आश्रितों से जुड़े मामलों में त्वरित निर्णय और विशेष प्रक्रियात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए।यह कदम रक्षा समुदाय की विशिष्ट सेवा शर्तों और उनके त्याग को मान्यता देने के उद्देश्य से नीतिगत बदलाव को दर्शाता है। यह आदेश चीफ जस्टिस के निर्देश पर जारी किया गया।"जिला न्यायपालिका के अधिकारियों द्वारा रक्षा कर्मियों के मामलों की सुनवाई और निपटान के लिए दिशानिर्देश,...
आवारा कुत्तों की इच्छामृत्यु की अनुमति देने वाले सरकारी आदेश पर रोक, हाईकोर्ट ने मानवाधिकारों और पशु अधिकारों के बीच संतुलन बनाने पर दिया ज़ोर
केरल हाईकोर्ट ने पशु क्रूरता निवारण (पशुपालन पद्धति एवं प्रक्रिया) नियम, 2023 के तहत आवारा कुत्तों की इच्छामृत्यु लागू करने का राज्य सरकार का फैसला स्थगित कर दिया।केरल में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों से संबंधित कई रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सी.एस. डायस ने सामान्य आदेश जारी किया, जिसमें सरकारी आदेश के खंड 9 पर रोक लगा दी गई थी, जिसमें विशिष्ट परिस्थितियों में इच्छामृत्यु की अनुमति देने वाले 2023 के नियमों के नियम 8 का हवाला दिया गया था।नियम 8 दो परिस्थितियों में पशुओं की इच्छामृत्यु...
पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ की नई बेंज कार के लिए विशिष्ट नंबर आवंटित करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने परिवहन आयुक्त को लिखा पत्र
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने दिल्ली परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ की नई मर्सिडीज कार के लिए एक विशिष्ट पंजीकरण संख्या आवंटित करने की मांग की।रजिस्ट्रार ने परिवहन आयुक्त से आवंटन शीघ्र करने और इस घटनाक्रम से रजिस्ट्रार को अवगत कराने का भी अनुरोध किया। मीडिया के अनुसार, यह पत्र 28 जुलाई को भेजा गया था।सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ लगभग दो वर्षों के कार्यकाल के बाद 10 नवंबर, 2024 को पदमुक्त हो गए थे।
मैं लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली में विश्वास रखता हूं, नए सुप्रीम कोर्ट भवन के लिए बार से परामर्श लिया: चीफ जस्टिस बीआर गवई
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) भूषण रामकृष्ण गवई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आगामी नए भवन में न केवल वकीलों के लिए बल्कि वादियों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि भवन की योजना को बार और अन्य हितधारकों के विचारों को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया गया।चीफ जस्टिस गवई सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नए भवन की योजना बनाते समय उन्होंने जस्टिस सूर्यकांत और पूर्व सीजेआई संजीव खन्ना के साथ मिलकर बार के...
IBC | बैलेंस शीट में लेनदार का नाम दर्ज करना अनिवार्य नहीं, पावती से परिसीमा अवधि बढ़ती है: सुप्रीम कोर्ट ने IL&FS की याचिका स्वीकार की
इस बात पर ज़ोर देते हुए कि किसी कंपनी की बैलेंस शीट में प्रविष्टि लेनदार के नाम की परवाह किए बिना परिसीमा अधिनियम, 1963 की धारा 18 के तहत ऋण की वैध पावती मानी जाती है, सुप्रीम कोर्ट ने IL&FS द्वारा आधुनिक मेघालय स्टील्स के खिलाफ ₹55.45 करोड़ की चूक के लिए दायर की गई खारिज की गई दिवालियेपन याचिका को पुनर्जीवित कर दिया। इसके लिए उसने कॉर्पोरेट देनदार की बैलेंस शीट में ऋण की पावती का हवाला दिया।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें विवाद...
Nithari Killings : सुप्रीम कोर्ट ने कोली और पंढेर को बरी करने के खिलाफ CBI की अपील खारिज की, मीडिया के दबाव को झेलने के लिए हाईकोर्ट की सराहना की
सुप्रीम कोर्ट ने 2005-2006 के नोएडा सीरियल मर्डर केस, जिसे आमतौर पर निठारी हत्याकांड के नाम से जाना जाता है, उसके आरोपी सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को बरी करने का फैसला बरकरार रखा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने CBI और पीड़ित परिवारों की कुल 14 अपीलों को खारिज कर दिया, जिनमें इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उनकी दोषसिद्धि और मृत्युदंड रद्द करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट का एक तर्कसंगत आदेश जल्द ही आने की...
सुप्रीम कोर्ट ने रक्षा भूमि पर निजी अतिक्रमणों को हटाने के लिए JAG अधिकारियों की नियुक्ति का सुझाव दिया
निजी संस्थाओं द्वारा रक्षा भूमि पर अतिक्रमण और उसके अनधिकृत उपयोग का मुद्दा उठाने वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य के राजस्व अभिलेखों में रक्षा भूमि का नामांतरण एक प्रभावी कदम हो सकता है।न्यायालय ने यह भी सुझाव दिया कि राज्य के अधिकारियों पर निर्भर रहने के बजाय केंद्र सरकार रक्षा भूमि पर अनधिकृत कब्ज़ेदारों को हटाने में मदद के लिए अपने स्वयं के जज एडवोकेट जनरल (JAG) शाखा के अधिकारियों, जो कानूनी रूप से प्रशिक्षित हों, को नियुक्त कर सकती है।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या...
The Hindu Succession Act में धर्म परिवर्तन के कारण उत्तराधिकार का अधिकार नहीं रहना
किसी हिंदू व्यक्ति के उत्तराधिकार से वारिसों को बेदखल करने के कारण में एक कारण हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 26 के अंतर्गत धर्म परिवर्तन भी है। इस धारा की विशेषता यह है कि यह धर्म छोड़ने वाले उस हिंदू व्यक्ति को तो संपत्ति में अधिकार देती है जो स्वयं धर्म छोड़कर जाता है परंतु उसके बच्चों को उत्तराधिकार प्राप्त करने का अधिकार नहीं होता है।इस धारा के अनुसार एक हिंदू दूसरे धर्म को अंगीकृत करने के कारण हिंदू नहीं रह जाता है। उसके ऐसे धर्म परिवर्तन करने के पश्चात उत्पन्न हुई संतान तथा उसके वंशज...
The Hindu Succession Act में उत्तराधिकार में संपत्ति कब नहीं मिलती है?
Hindu Succession Act के अंतर्गत किसी संपत्ति में उत्तराधिकार रखने वाले वारिसों के बेदखल के संबंध में भी प्रावधान किए गए। कुछ परिस्थितियां ऐसी है जिनके आधार पर विधि वारिसों को उत्तराधिकार के हित से अयोग्य कर देती है। उत्तराधिकार के संबंध में जो योग्यता चाहिए होती है यदि उसमें कुछ कमियां रह जाती है तो ऐसी परिस्थिति में किसी संपत्ति के उत्तराधिकार का वारिस अयोग्य हो जाता है।इस अधिनियम के अंतर्गत धारा 25 और 26 में किसी हिंदू पुरुष और नारी की संपत्ति में उत्तराधिकार रखने वाले वारिसों को संपत्ति के...
सुरक्षित और वाहन-योग्य सड़कों का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा: सुप्रीम कोर्ट
यह देखते हुए कि सुरक्षित, सुव्यवस्थित और वाहन-योग्य सड़कों के अधिकार को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार के एक हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त है, सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया कि सड़क निर्माण का ठेका किसी निजी कंपनी को देने के बजाय राज्य को सीधे अपने नियंत्रण में आने वाली सड़कों के विकास और रखरखाव की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।अदालत ने कहा,“मध्य प्रदेश राजमार्ग अधिनियम, 2004... राज्य में सड़कों के विकास, निर्माण और रखरखाव में राज्य की भूमिका को दोहराता है। चूंकि देश के किसी भी...
BNSS की धारा 35 के तहत पुलिस समन इलेक्ट्रॉनिक रूप से नहीं दिए जा सकते: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35 के अनुसार पुलिस/जांच एजेंसी द्वारा किसी अभियुक्त को पेशी के लिए जारी किए गए समन इलेक्ट्रॉनिक रूप से नहीं दिए जा सकते।कोर्ट ने हरियाणा राज्य द्वारा जनवरी 2025 में जारी अपने पूर्व निर्देश में संशोधन के लिए दायर एक आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया कि CrPC की धारा 41ए/BNSS की धारा 35 के तहत पेशी के लिए समन व्हाट्सएप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से नहीं दिए जा सकते।कोर्ट ने कहा,हालांकि नए आपराधिक कानून BNSS में नोटिस की...
कुष्ठ रोग को तलाक का आधार बनाना 'शर्मनाक': सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे उन कानूनों, नियमों, विनियमों आदि के विरुद्ध तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें जो कुष्ठ रोग से प्रभावित या ठीक हो चुके व्यक्तियों के प्रति भेदभावपूर्ण और/या अपमानजनक हैं।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ 2010 में शुरू की गई जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने राज्यों को समिति गठित करने का निर्देश दिया, जो विभिन्न कानूनों आदि में उन प्रावधानों की पहचान करे, जो कुष्ठ रोग से प्रभावित...
शादी के बाद माता-पिता अजनबी नहीं, बेटी की प्रताड़ना पर दे सकते हैं गवाही: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पति को जमानत देने से इनकार कर दिया क्योंकि उसकी पत्नी ने दहेज के लिए कथित उत्पीड़न और उसके प्रति क्रूरता के कारण शादी के नौ महीने के भीतर आत्महत्या कर ली थी।जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने कहा कि मृतका की आवाज को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता और उसके माता-पिता द्वारा लाए गए सबूतों के माध्यम से सुना जा सकता है। "पीड़िता, विशेष रूप से एक युवती जो कथित तौर पर दहेज के लिए परेशान होने के दौरान मर गई, और जो तीन महीने की गर्भवती थी, के अधिकार को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए। उसकी...
'देश का सबसे अधिक आरोपियों वाला मुकदमा': सुप्रीम कोर्ट ने सेंथिल बालाजी कैश-फॉर-जॉब मामले में तमिलनाडु की अभियोजन प्रक्रिया की आलोचना की
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा है कि वह तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी से जुड़े नौकरी के बदले नकदी भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपियों और गवाहों की पूरी सूची पेश करे।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने इन मामलों में तमिलनाडु राज्य द्वारा चलाए जा रहे अभियोजन की आलोचना की। अदालत ने अभियोजन पक्ष को "पतवार रहित जहाज" के रूप में वर्णित किया, यह पूछते हुए कि मामूली या प्रमुख दोष के आधार पर अभियुक्तों को फ़िल्टर करने के सुझाव अभियोजन पक्ष से क्यों नहीं आए थे। ...
व्हाट्सएप ग्रुप पर कथित तौर पर गाय पर गोली चलाने का वीडियो फॉरवर्ड करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला खारिज
कर्नाटक हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला खारिज कर दिया, जिस पर पुलिस ने व्हाट्सएप ग्रुप पर एक वीडियो फॉरवर्ड करने का आरोप लगाया था। इसमें एक व्यक्ति कथित तौर पर गाय पर गोली चलाता हुआ दिखाई दे रहा था और जिसमें लिखा था कि उक्त गोली चलाने की घटना गलत थी।जस्टिस एस आर कृष्ण कुमार की एकल पीठ ने याचिका स्वीकार की और 29 वर्षीय विवेक करियप्पा सी के के खिलाफ दर्ज मामला रद्द कर दिया, जिन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोप लगाया गया था।उक्त धारा 153 इस...
Justice Yashwant Varma Case : सुप्रीम कोर्ट ने माना- रिलीज नहीं किए जाने थे वीडियो, साथ ही किया सवाल- इससे कार्यवाही पर क्या असर पड़ेगा?
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (30 जुलाई) को सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल की इस दलील से सहमति जताई कि जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास के बाहरी हिस्से में लगी आग में जलते हुए नोटों वाले वीडियो आंतरिक जांच के लंबित रहने के दौरान पब्लिश नहीं किए जाने चाहिए थे।साथ ही न्यायालय ने यह भी कहा कि केवल वीडियो के प्रकाशन के कारण प्रक्रिया को दूषित नहीं माना जा सकता। खंडपीठ ने कहा कि महाभियोग की कार्यवाही संसद में स्वतंत्र रूप से आंतरिक रिपोर्ट के संदर्भ के बिना आयोजित की जाएगी। न्यायालय ने यह भी पूछा कि जस्टिस...
क्या Linear Projects के लिए Environmental Clearance की छूट नागरिकों की भागीदारी और पर्यावरण सुरक्षा को नज़रअंदाज़ कर सकती है?
सुप्रीम कोर्ट ने Noble M. Paikada बनाम भारत संघ (2024) के फैसले में यह महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया कि क्या केंद्र सरकार कुछ विकास परियोजनाओं को Environmental Clearance (EC) यानी पर्यावरणीय स्वीकृति से छूट दे सकती है, वह भी बिना सार्वजनिक सूचना और पर्याप्त सुरक्षा उपायों (safeguards) के?यह मामला एक सरकारी अधिसूचना (notification) पर आधारित था जिसमें Appendix IX के Item 6 के अंतर्गत "linear projects" जैसे सड़कों (roads), पाइपलाइनों (pipelines) आदि के लिए ordinary earth (साधारण मिट्टी) की खुदाई को EC से...



















