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केवल जानबूझकर अवज्ञा करना अवमानना के बराबर है: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने IIM काशीपुर के अंतरिम अध्यक्ष और सीएओ के खिलाफ मामला बंद किया
'केवल जानबूझकर अवज्ञा करना अवमानना के बराबर है': उत्तराखंड हाईकोर्ट ने IIM काशीपुर के अंतरिम अध्यक्ष और सीएओ के खिलाफ मामला बंद किया

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने IIM काशीपुर के अंतरिम अध्यक्ष और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही को बंद कर दिया है। हाईकोर्ट ने फैसले में पिछले सप्ताह कहा कि हर अवज्ञा अवमानना नहीं होती, और न्यायालय के आदेश का उल्लंघन अवमानना के दायरे में लाने के लिए, यह 'जानबूझकर' अवज्ञा होनी चाहिए। जस्टिस रवींद्र मैठाणी की पीठ ने कहा कि न्यायालय के आदेश का पालन न करना अवमाननाकर्ता का एक सूचित निर्णय होना चाहिए, और यदि ऐसा है, तभी अवमानना का प्रावधान लागू होगा।पीठ मुख्यतः विनय शर्मा नामक व्यक्ति...

Insurance Act | सर्वेक्षक निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से काम करते हैं, उन्हें बीमा कंपनी की कठपुतली नहीं कहा जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
Insurance Act | सर्वेक्षक निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से काम करते हैं, उन्हें बीमा कंपनी की 'कठपुतली' नहीं कहा जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी दुर्घटना में हुए नुकसान का आकलन करके बीमा कंपनी द्वारा पॉलिसीधारक को देय राशि निर्धारित करने वाले व्यक्तियों को कंपनी की "कठपुतली" नहीं कहा जा सकता। जस्टिस मनोज जैन ने कहा, "वे निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और ऐसे सर्वेक्षकों और हानि-निर्धारकों को बीमा अधिनियम, 1938 के तहत बनाए गए नियमों में निर्दिष्ट अपने कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और अन्य पेशेवर आवश्यकताओं के संबंध में आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य है।"यह टिप्पणी जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा एक बीमा...

Byjus Insolvency: BCCI और रिजु रविंद्रन की NCLT द्वारा CIRP वापस लेने के लिए CoC की मंजूरी अनिवार्य करने के खिलाफ अपील खारिज
Byju's Insolvency: BCCI और रिजु रविंद्रन की NCLT द्वारा CIRP वापस लेने के लिए CoC की मंजूरी अनिवार्य करने के खिलाफ अपील खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और रिजु रविंद्रन द्वारा दायर दीवानी अपीलों को खारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड (बायजू का संचालन करने वाली कंपनी) की कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) वापस लेने के आवेदन के लिए ऋणदाताओं की समिति के 90 प्रतिशत सदस्यों की मंजूरी आवश्यक है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। थिंक...

अगर मोटरबाइक का इस्तेमाल मानव शरीर को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाए तो वह IPC की धारा 324 के तहत खतरनाक हथियार बन जाती है: केरल हाईकोर्ट
अगर मोटरबाइक का इस्तेमाल मानव शरीर को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाए तो वह IPC की धारा 324 के तहत 'खतरनाक हथियार' बन जाती है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अगर किसी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है तो उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 324 के तहत 'खतरनाक हथियार' मानी जा सकती है। जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने उस प्रावधान की व्याख्या करते हुए फैसला सुनाया जो "खतरनाक हथियारों या साधनों से जानबूझकर चोट पहुंचाने" के अपराध को दंडित करता है।याचिकाकर्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 324 के तहत दोषी पाया गया था और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उसे उक्त अपराध के लिए दोषी ठहराया था। सत्र...

सभी दुकानों के गेट पर मालिकों के नाम और कॉन्टेक्ट डिटेल्स लगाने संबंधी जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
सभी दुकानों के गेट पर मालिकों के नाम और कॉन्टेक्ट डिटेल्स लगाने संबंधी जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया, जिसमें उपभोक्ताओं द्वारा खरीदे जाने वाले उत्पादों के बारे में 'जानने के अधिकार' के तहत दुकान मालिक/विक्रेता के विवरण का अनिवार्य प्रकटीकरण करने की मांग की गई।केंद्र सरकार, सभी राज्य सरकारें और भारतीय विधि आयोग इस मामले में प्रतिवादी हैं।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से एडवोकेट एकलव्य द्विवेदी की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।जनहित याचिका में...

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी और वन भूमि पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की, अवैध रूप से उगाए गए सेब के पेड़ों और बागों को राज्य भर में हटाने का आदेश दिया
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी और वन भूमि पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की, अवैध रूप से उगाए गए सेब के पेड़ों और बागों को राज्य भर में हटाने का आदेश दिया

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी या वन भूमि पर उगाए गए अवैध सेब के पेड़ों/बागों को राज्य भर में हटाने का आदेश दिया।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने दो संबंधित जनहित याचिकाओं (CWPIL संख्या 17 2014 और CWPIL संख्या 9, 2015) की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि सेब के पेड़ों और बागों को केवल उन भूखंडों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, जहां अतिक्रमणकारी वन भूमि पर फिर से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बजाय, सरकारी या वन भूमि पर अवैध रूप से उगाए गए सभी सेब के पेड़ों और...

प्रतिकूलता का पुनरुत्थान: केरल हाईकोर्ट द्वारा सहदायिकता कानून की गलत व्याख्या
प्रतिकूलता का पुनरुत्थान: केरल हाईकोर्ट द्वारा सहदायिकता कानून की गलत व्याख्या

प्रस्तावनाहाल ही में एक फैसले में, केरल हाईकोर्ट ने केरल संयुक्त हिंदू परिवार प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1975 (इसके बाद, 1975 अधिनियम) की धारा 3 और 4 को इस आधार पर निरस्त कर दिया कि वे हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 (इसके बाद, एसएसए) की धारा 6 के प्रतिकूल थीं। हालांकि यह फैसला लैंगिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में नेकनीयत प्रतीत होता है, लेकिन इसमें गंभीर संवैधानिक और न्यायशास्त्रीय कानूनी खामियां हैं। न्यायालय ने, वास्तव में, एक ऐसी प्रतिकूलता पाई जहां कोई प्रतिकूलता मौजूद नहीं...

जम्मू कश्मीर पुलिस अधिकारी को हिरासत में दी गई यातना, सुप्रीम कोर्ट ने 50 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का दिया आदेश
जम्मू कश्मीर पुलिस अधिकारी को हिरासत में दी गई यातना, सुप्रीम कोर्ट ने 50 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का दिया आदेश

हिरासत में हिंसा के विरुद्ध संवैधानिक सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा स्थित संयुक्त पूछताछ केंद्र (JIC) में पुलिस कांस्टेबल को कथित हिरासत में यातना दिए जाने की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जाँच कराने का आदेश दिया।न्यायालय ने इस दुर्व्यवहार के लिए ज़िम्मेदार जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों को तत्काल गिरफ़्तार करने का निर्देश दिया और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को अपीलकर्ता-पीड़ित खुर्शीद अहमद चौहान को उनके मौलिक अधिकारों के घोर उल्लंघन की...

सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अपनी राजनीतिक लड़ाई कहीं और जाकर लड़ें
सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अपनी राजनीतिक लड़ाई कहीं और जाकर लड़ें

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आपराधिक अवमानना की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत के समक्ष मामलों का राजनीतिकरण न करने की चेतावनी दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन, जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई...

सुप्रीम कोर्ट ने BJP MP तेजस्वी सूर्या के खिलाफ FIR दर्ज करने की याचिका खारिज की, कहा- मामले का राजनीतिकरण न करें
सुप्रीम कोर्ट ने BJP MP तेजस्वी सूर्या के खिलाफ FIR दर्ज करने की याचिका खारिज की, कहा- मामले का राजनीतिकरण न करें

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद तेजस्वी सूर्या के खिलाफ किसान की आत्महत्या के बारे में कथित तौर पर फर्जी खबर फैलाने के आरोप में दर्ज आपराधिक मामला रद्द करने की चुनौती पर विचार करने से इनकार कर दिया।चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोदचंद्रन की खंडपीठ कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को राज्य सरकार की चुनौती पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें हावेरी जिले में एक किसान की आत्महत्या के संबंध में कथित तौर पर 'फर्जी खबर' फैलाने के आरोप में BJP MP तेजस्वी सूर्या के खिलाफ दर्ज मामला रद्द...

MUDA मामले में सुप्रीम कोर्ट का ED से सवाल- राजनीतिक लड़ाइयों के लिए आपका इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है? सीएम की पत्नी के खिलाफ याचिका खारिज
MUDA मामले में सुप्रीम कोर्ट का ED से सवाल- 'राजनीतिक लड़ाइयों के लिए आपका इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है?' सीएम की पत्नी के खिलाफ याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (21 जुलाई) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) से सवाल किया कि उसका इस्तेमाल "राजनीतिक लड़ाइयों" के लिए क्यों किया जा रहा है? इसके साथ ही कोर्ट ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) द्वारा कथित अवैध भूमि आवंटन के संबंध में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी बीएम पार्वती और राज्य मंत्री बिरथी सुरेश के खिलाफ जारी समन रद्द करने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ ED की अपील पर विचार करने से इनकार कर दिया।चीफ जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ के सामने जैसे...

अगर एग्रीमेंट में लिखा हो कि मध्यस्थता की जा सकती है, तो वह ज़रूरी नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट
अगर एग्रीमेंट में लिखा हो कि 'मध्यस्थता की जा सकती है', तो वह ज़रूरी नहीं होता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक एग्रीमेंट में एक खंड जो मध्यस्थता "मांगी जा सकती है" पार्टियों के बीच विवादों को हल करने के लिए एक बाध्यकारी मध्यस्थता समझौते का गठन नहीं करेगा।मध्यस्थता के लिए पार्टियों को संदर्भित करने के लिए हाईकोर्ट के इनकार को मंजूरी देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खंड की वाक्यांशविज्ञान ने यह संकेत नहीं दिया कि पार्टियां मध्यस्थता के लिए जाने के लिए बाध्य थीं। "खंड 13 विवादों के निपटारे के लिए पक्षकारों को मध्यस्थता का प्रयोग करने के लिए बाध्य नहीं करता है। "मांगा...

विभाजन वाद में पारित प्राथमिक डिक्री अंतरिम आदेश है या पक्षकारों के अधिकारों का अंतिम निर्णय? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामला बड़ी बेंच को भेजा
विभाजन वाद में पारित प्राथमिक डिक्री अंतरिम आदेश है या पक्षकारों के अधिकारों का अंतिम निर्णय? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामला बड़ी बेंच को भेजा

इलाहाबाद हाईकोर्ट के एकलपीठ ने यह महत्वपूर्ण प्रश्न एक बड़ी पीठ के पास भेजा कि क्या किसी विभाजन वाद में पारित प्राथमिक डिक्री (Preliminary Decree) को अंतरिम आदेश माना जाएगा या यह आदेश विवाद में पक्षकारों के हिस्से संबंधी ठोस अधिकारों का अंतिम और निर्णायक निर्णय माना जाएगा। साथ ही यह सवाल भी बड़ी बेंच को सौंपा गया कि क्या इस तरह की डिक्री के विरुद्ध उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 207 के अंतर्गत अपील की जा सकती है?विधिक पृष्ठभूमि:धारा 116 के अंतर्गत कोई भूमिधर (Co-Sharer) विभाजन...

संपत्ति विवाद मामले की सुनवाई के दौरान जज ने लिखी कविता, आरोपी को दी जमानत
संपत्ति विवाद मामले की सुनवाई के दौरान जज ने लिखी कविता, आरोपी को दी जमानत

दिल्ली कोर्ट के जज न संपत्ति विवाद मामले में आरोपी व्यक्ति को ज़मानत देते हुए "जंग-मिल्कियत" शीर्षक से अपनी कविता लिखी।रोहिणी अदालत के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट रोहित कुमार ने नितिन सोनी नामक व्यक्ति को उस मामले में ज़मानत दी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसने और उसकी पत्नी ने शिकायतकर्ता की संपत्ति का ताला तोड़कर उस पर रॉड से हमला करके उस पर अवैध कब्ज़ा कर लिया था।जमानत आदेश की शुरुआत जज द्वारा अपनी कविता लिखने से हुई, जो इस प्रकार है-“मिल्कियात की जंग में ना जाने कितने अफ़साने हुए, कुछ ही...

पति को सौंपी गई संपत्ति को वापस पाने का पत्नी का अधिकार परिसीमा से प्रभावित नहीं होता, तलाक के बाद भी बना रहता है: केरल हाईकोर्ट
पति को सौंपी गई संपत्ति को वापस पाने का पत्नी का अधिकार परिसीमा से प्रभावित नहीं होता, तलाक के बाद भी बना रहता है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक संपत्ति सौंपने से एक ट्रस्ट का निर्माण होता है, जो विवाह विच्छेद से तब तक समाप्त नहीं होता जब तक कि भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882 की धारा 77 के तहत विशिष्ट शर्तें पूरी न हों।जस्टिस सतीश निनन और जस्टिस पी. कृष्ण कुमार की पीठ एक वैवाहिक अपील पर फैसला सुना रही थी।शीला के.के. बनाम सुरेश एन.जी. [आईएलआर 2020 (4) केर 486] के मामले पर भरोसा करते हुए न्यायालय ने स्पष्ट किया कि तलाक के आदेश द्वारा विवाह विच्छेद होने पर भी इससे ट्रस्ट समाप्त नहीं होता।न्यायालय ने कहा कि जब एक...

आप उन्हें सिर्फ वर्मा कैसे कह रहे हैं? वह अब भी जस्टिस वर्मा हैं: चीफ जस्टिस ने वकील द्वारा जस्टिस वर्मा को सिर्फ वर्मा कहने पर जताई आपत्ति
'आप उन्हें सिर्फ 'वर्मा' कैसे कह रहे हैं? वह अब भी जस्टिस वर्मा हैं': चीफ जस्टिस ने वकील द्वारा जस्टिस वर्मा को सिर्फ 'वर्मा' कहने पर जताई आपत्ति

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने सोमवार को एडवोकेट मैथ्यूज जे नेदुम्परा द्वारा जस्टिस यशवंत वर्मा को केवल "वर्मा" कहने पर आपत्ति जताई। जस्टिस वर्मा अपने सरकारी आवास पर नकदी मिलने के विवाद में आरोपी हैं।यह रेखांकित करते हुए कि जस्टिस वर्मा अभी भी हाईकोर्ट जज हैं, चीफ जस्टिस गवई ने कहा कि उन्हें "जस्टिस" कहकर संबोधित किया जाना चाहिए।नेदुम्परा जस्टिस वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली अपनी रिट याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध कर रहे थे।नेदुम्परा ने कहा,"यह तीसरी रिट याचिका...

उदयपुर फाइल्स विवाद: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को लागू किया
'उदयपुर फाइल्स' विवाद: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को लागू किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा इसी तरह के एक मामले में 10 जुलाई को पारित निर्देशों को लागू करते हुए फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज़ पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका का निपटारा कर दिया। जस्टिस प्रणय वर्मा की पीठ ने दो सामाजिक कार्यकर्ताओं, विशाल और आबिद हुसैन बरकती द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिका में फिल्म की रिलीज़ पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इसमें मुस्लिम समुदाय और पैगंबर मुहम्मद के...

SEBI Act | अवैतनिक जुर्माने पर ब्याज पूर्वव्यापी रूप से लागू, देयता न्यायनिर्णयन आदेश से उत्पन्न होगी: सुप्रीम कोर्ट
SEBI Act | अवैतनिक जुर्माने पर ब्याज पूर्वव्यापी रूप से लागू, देयता न्यायनिर्णयन आदेश से उत्पन्न होगी: सुप्रीम कोर्ट

सेबी द्वारा अदा न किए गए जुर्माने पर ब्याज लगाने से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में व्यवस्था दी कि अदा न किए गए जुर्माने की राशि पर ब्याज पूर्वव्यापी रूप से लगाया जा सकता है और चूककर्ता की ब्याज भुगतान की देयता मूल्यांकन आदेश में निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति तिथि से अर्जित होगी। न्यायालय ने कहा कि मूल्यांकन आदेश में देयता स्पष्ट हो जाने के बाद, सेबी द्वारा कोई अलग से मांग नोटिस जारी करने की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा, "सेबी अधिनियम की...