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CrPC की धारा 197 के तहत मंजूरी का मुद्दा कार्यवाही के किसी भी चरण में निचली अदालत में उठाया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
CrPC की धारा 197 के तहत मंजूरी का मुद्दा कार्यवाही के किसी भी चरण में निचली अदालत में उठाया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में किसी लोक सेवक के विरुद्ध निचली अदालत द्वारा आरोप तय करने में हस्तक्षेप करने से इनकार किया और कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 197 के तहत मंजूरी के प्रश्न पर कार्यवाही के किसी भी चरण में विचार किया जा सकता है, क्योंकि यह मुद्दा प्रस्तुत साक्ष्य की प्रकृति पर निर्भर करता है कि क्या कृत्य आधिकारिक कर्तव्य के निर्वहन में किए गए।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें याचिकाकर्ता-लोक सेवक पर IPC की धारा...

सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार-हत्या मामले में मौत की सज़ा पाए व्यक्ति को बरी किया, कहा- सबूत गढ़ने का मज़बूत अनुमान
सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार-हत्या मामले में मौत की सज़ा पाए व्यक्ति को बरी किया, कहा- 'सबूत गढ़ने का मज़बूत अनुमान'

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 2014 में सात साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी मौत के मामले में दोषी ठहराए गए अख्तर अली की मौत की सज़ा रद्द की। अदालत ने सह-आरोपी प्रेम पाल वर्मा को भी बरी कर दिया, जिसे अपराधी को शरण देने का दोषी ठहराया गया था।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के 18 अक्टूबर, 2019 के फैसले के खिलाफ दोनों आरोपियों द्वारा दायर आपराधिक अपीलों को स्वीकार कर लिया, जिसमें दोषसिद्धि और मौत की सज़ा बरकरार रखी गई थी।अदालत ने कहा,"कानून में...

राज्यपाल को विधेयकों को अंतहीन काल तक अपने पास रखने का अधिकार नहीं है, लेकिन समय-सीमा तय नहीं की जा सकती: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
राज्यपाल को विधेयकों को अंतहीन काल तक अपने पास रखने का अधिकार नहीं है, लेकिन समय-सीमा तय नहीं की जा सकती: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

राष्ट्रपति संदर्भ की सुनवाई के आखिरी दिन सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्यपाल विधेयकों पर अंतहीन रूप से नहीं बैठ सकते।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि चूंकि अनुच्छेद 200 में "जितनी जल्दी हो सके" शब्द का प्रयोग किया गया, इसलिए राज्यपाल विधेयकों पर "सदाबहार या तीन या चार साल तक" नहीं बैठ सकते। साथ ही सॉलिसिटर जनरल ने न्यायालय द्वारा "सीधे-सादे फॉर्मूले" के रूप में निश्चित समय-सीमा निर्धारित करने का विरोध किया।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पांच जजों की पीठ के समक्ष कहा,"यद्यपि...

पेंशन स्थायी आय नहीं, मकान मालिक के परिवार की परिसर की वास्तविक आवश्यकता को दरकिनार नहीं कर सकती: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
पेंशन स्थायी आय नहीं, मकान मालिक के परिवार की परिसर की वास्तविक आवश्यकता को दरकिनार नहीं कर सकती: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि पेंशन आय मकान मालिक द्वारा अपने बेटे को व्यवसाय में स्थापित करने के लिए परिसर की वास्तविक आवश्यकता का स्थान नहीं ले सकती।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर ने टिप्पणी की,"पेंशन की आय भी एक स्थायी आय नहीं है। मकान मालिक की मृत्यु के बाद उसके छोटे बेटे सहित उसके परिवार के सदस्य किसी भी पेंशन के हकदार नहीं होंगे।"मकान मालिक ने हिमाचल प्रदेश शहरी किराया नियंत्रण अधिनियम, 1987 की धारा 14(3)(बी)(i) के तहत बेदखली याचिका इस आधार पर दायर की कि उसे अपने छोटे बेटे, जो उसकी और उसकी...

स्टूडेंट आत्महत्याएं अधिक हो रही हैं, एक एक्टिव एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन अत्यंत आवश्यक: दिल्ली हाईकोर्ट
स्टूडेंट आत्महत्याएं अधिक हो रही हैं, एक एक्टिव एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन अत्यंत आवश्यक: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि स्टूडेंट्स की आत्महत्याएं लगातार बढ़ रही हैं। इसे रोकने के लिए एक उचित, एक्टिव और प्रभावी एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन की तत्काल आवश्यकता है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस अनीश दयाल की खंडपीठ ने कहा कि इस प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होनी चाहिए ताकि हम इस खतरे से और अधिक युवा जीवन न खो दें।अदालत ने कहा कि वह स्टूडेंट आत्महत्याओं के मुद्दे को लेकर बहुत चिंतित है, जो कि बार-बार हो रही हैं। यह मुद्दा पहले ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अमित कुमार और अन्य बनाम भारत संघ मामले में...

पुलिस को हर तरह के पूर्वाग्रह से ऊपर उठना चाहिए: अकोला दंगों में हमले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दू और मुस्लिम अफसरों वाली SIT गठित की
पुलिस को हर तरह के पूर्वाग्रह से ऊपर उठना चाहिए: अकोला दंगों में हमले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दू और मुस्लिम अफसरों वाली SIT गठित की

सुप्रीम कोर्ट ने 2023 के अकोला दंगों के दौरान हुए हमले की निष्पक्ष जांच न करने के लिए महाराष्ट्र पुलिस की कड़ी आलोचना की। साथ ही विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि SIT में सीनियर अधिकारी होंगे, जिनमें हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के अधिकारी शामिल किए जाएंगे।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश उस याचिका पर सुनाया, जिसे एक व्यक्ति ने दायर किया था। उसने दावा किया कि वह दंगों के दौरान हुई हत्या का प्रत्यक्षदर्शी है। याचिकाकर्ता का...

खराब कार के प्रचार मामले में शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण को राहत, हाईकोर्ट ने FIR की जांच पर लगाई रोक
'खराब' कार के प्रचार मामले में शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण को राहत, हाईकोर्ट ने FIR की जांच पर लगाई रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार (10 सितंबर) को बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान और एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के खिलाफ 'खराब' हुंडई कार का प्रचार करने के आरोप में दर्ज धोखाधड़ी की FIR की जांच पर रोक लगा दी।बता दें, शाहरुख और दीपिका दोनों ही इस कार ब्रांड के ब्रांड एंबेसडर हैं। FIR भारतीय दंड संहिता (IPC)की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दर्ज की गई। शिकायतकर्ता द्वारा अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के बाद FIR दर्ज की गई, जिन्होंने...

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वकील पर जज को रिश्वत देने के आरोप की CBI जांच का आदेश दिया
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वकील पर जज को रिश्वत देने के आरोप की CBI जांच का आदेश दिया

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गंभीर आरोपों को देखते हुए एक वकील के खिलाफ CBI जांच कराने का आदेश दिया है। आरोप है कि उक्त एडवोकेट ने एक मुकदमेबाज़ से 5 लाख रुपये यह कहकर लिए कि वह रकम एक न्यायिक अधिकारी और सरकारी वकील को रिश्वत के रूप में दी जाएगी।जस्टिस संदीप मौदगिल ने आदेश देते हुए कहा कि मामले की संवेदनशीलता और जटिलता को देखते हुए स्वतंत्र एजेंसी की जांच आवश्यक है।कोर्ट ने कहा की, "यह मामला केवल याचिकाकर्ता के जीवन पर खतरे या एडवोकेट के आचरण से जुड़े आरोपों तक सीमित नहीं है बल्कि लोकतंत्र के...

सुप्रीम कोर्ट ने भारत-पाक एशिया कप मैच रद्द करने से किया इनकार, कहा- मैच जारी रहने दें
सुप्रीम कोर्ट ने भारत-पाक एशिया कप मैच रद्द करने से किया इनकार, कहा- मैच जारी रहने दें

सुप्रीम कोर्ट ने एशिया कप टी20 टूर्नामेंट के तहत 14 सितंबर को होने वाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को रद्द करने की मांग वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया।यह मामला जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया।जस्टिस माहेश्वरी ने उस वकील की बात सुनते हुए टिप्पणी की,"इसमें इतनी जल्दी क्या है? यह एक मैच है, इसे जारी रहने दें।"वकील ने मामले को कल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था।वकील ने जब बताया कि मैच रविवार (14 सितंबर) को है। अगर मामला गुरुवार को...

पुलिस को FIR दर्ज करने के लिए सूचना की सत्यता की जांच करने की आवश्यकता नहीं: सुप्रीम कोर्ट
पुलिस को FIR दर्ज करने के लिए सूचना की सत्यता की जांच करने की आवश्यकता नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि पुलिस को FIR दर्ज करते समय शिकायत की सत्यता या विश्वसनीयता की जांच करने की आवश्यकता नहीं है; यदि शिकायत में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का पता चलता है तो पुलिस FIR दर्ज करने के लिए बाध्य है।अदालत ने कहा,"यदि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है तो FIR दर्ज करना पुलिस का कर्तव्य है, पुलिस को उक्त सूचना की सत्यता और विश्वसनीयता की जांच करने की आवश्यकता नहीं है।"अदालत ने कहा कि रमेश कुमारी बनाम राज्य (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली) (2006) 2 एससीसी 677 में यह निर्धारित...

कर्मचारी अंशदान का भुगतान आयकर अधिनियम के बजाय ESE/EPF Act के तहत नियत तिथि तक किया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
कर्मचारी अंशदान का भुगतान आयकर अधिनियम के बजाय ESE/EPF Act के तहत नियत तिथि तक किया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कोई नियोक्ता अपने ट्रस्ट में रखे गए भविष्य निधि या नियोक्ता राज्य बीमा निधि में कर्मचारियों के अंशदान पर कटौती का दावा तभी कर सकता है, जब वह संबंधित श्रम कानून के तहत निर्धारित वैधानिक नियत तिथि पर या उससे पहले यह राशि जमा कर दे।आयकर अधिनियम, 196 की धारा 36(1)(va) कर्मचारियों के अंशदान से संबंधित है। यह प्रावधान करता है कि करदाता द्वारा अपने किसी भी कर्मचारी से प्राप्त किसी भी राशि पर कटौती की अनुमति तभी दी जाएगी, जब वह राशि करदाता द्वारा संबंधित निधि या निधियों में...

भले ही कामगार के लिखित बयान का खंडन न किया गया हो, श्रम न्यायालय को निर्णय देने से पहले साक्ष्य पर विचार करना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
भले ही कामगार के लिखित बयान का खंडन न किया गया हो, श्रम न्यायालय को निर्णय देने से पहले साक्ष्य पर विचार करना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही कामगार के लिखित बयान का खंडन न किया गया हो, श्रम न्यायालय को साक्ष्यों पर विचार करना चाहिए और आदेश पारित करते समय अपनी न्यायिक बुद्धि का प्रयोग करना चाहिए।न्यायालय ने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद नियम, 1957 के नियम 12 (9) के आधार पर साक्ष्यों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। केवल कामगार द्वारा दिए गए कथनों के आधार पर निर्णय नहीं दिया जा सकता।जस्टिस प्रकाश पाडिया ने कहा,“यद्यपि उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद नियम, 1957 के नियम 12 (9) में यह प्रावधान है...

उच्च शिक्षित और नौकरीपेशा होने के बावजूद पत्नी को भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
उच्च शिक्षित और नौकरीपेशा होने के बावजूद पत्नी को भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल इस आधार पर कि पत्नी उच्च शिक्षित है और नौकरी कर रही है, उसे हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 24 के तहत भरण-पोषण (Maintenance) से वंचित नहीं किया जा सकता।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रेनू भटनागर की खंडपीठ ने कहा कि इस प्रावधान का उद्देश्य पति-पत्नी के जीवन स्तर में समानता सुनिश्चित करना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर जीवनसाथी दूसरे के आर्थिक लाभ से प्रभावित न हो। इसी सिद्धांत को मानते हुए कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक (Assistant...

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सहायता के लिए सीएम राहत कोष में ₹54.40 लाख दान किए
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सहायता के लिए सीएम राहत कोष में ₹54.40 लाख दान किए

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में आई विनाशकारी बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के मद्देनजर, जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने क्षेत्र में हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और कल्याणकारी प्रयासों में सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) में 54,40,500 रुपये का योगदान दिया।यह योगदान चीफ जस्टिस द्वारा की गई अपील के अनुसरण में श्रीनगर स्थित महापंजीयक कार्यालय द्वारा 29 अगस्त, 2025 को जारी आदेश के अनुसार किया गया। इस आदेश में जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख के जजों, न्यायिक अधिकारियों और...

फेसबुक पर राष्ट्रीय ध्वज पर बैठे कुत्ते की तस्वीर शेयर करने वाले व्यक्ति की ज़मानत खारिज
फेसबुक पर राष्ट्रीय ध्वज पर बैठे कुत्ते की तस्वीर शेयर करने वाले व्यक्ति की ज़मानत खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति की ज़मानत याचिका खारिज की, जिस पर अपने फेसबुक अकाउंट पर कुत्ते को बैठाकर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वाली तस्वीर अपलोड करने और कथित तौर पर 'पाकिस्तान समर्थक' सामग्री पोस्ट करने का आरोप है।जस्टिस संजय कुमार सिंह की पीठ ने कहा कि इस तरह के पोस्ट 'भड़काऊ', 'आपत्तिजनक' और 'सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने वाले' हैं। साथ ही राष्ट्रीय ध्वज को बदनाम करने वाले व्यक्ति 'किसी भी सहानुभूतिपूर्ण विचार के लिए उत्तरदायी नहीं हैं'।संक्षेप में मामला16 मई, 2025 को एक FIR दर्ज...

सुप्रीम कोर्ट ने 2021 बंगाल चुनाव बाद हिंसा मामले में दुष्कर्म पीड़िता की गवाही में देरी पर ट्रायल कोर्ट से सवाल किए
सुप्रीम कोर्ट ने 2021 बंगाल चुनाव बाद हिंसा मामले में दुष्कर्म पीड़िता की गवाही में देरी पर ट्रायल कोर्ट से सवाल किए

सुप्रीम कोर्ट ने 8 सितंबर को टिप्पणी की कि पश्चिम बंगाल की एक ट्रायल कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता की गवाही को अधूरा (टुकड़ों में) दर्ज करके अप्रत्यक्ष रूप से आरोपी को सबूतों से छेड़छाड़ करने का अवसर दिया है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट और लोक अभियोजक से यह स्पष्टीकरण मांगा कि जब आरोपी को एक साल पहले ही जमानत मिल चुकी थी, तो अब तक पीड़िता की गवाही पूरी क्यों नहीं हुई।यह मामला 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़ा है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने आदेश...

साइबर कमांड सेंटरों को मज़बूती से सुदृढ़ किया जाना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रभावी संचालन के लिए सुझाव दिए
साइबर कमांड सेंटरों को मज़बूती से सुदृढ़ किया जाना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रभावी संचालन के लिए सुझाव दिए

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार (10 सितंबर) को कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए अदालती आदेश के तहत स्थापित साइबर कमांड सेंटरों (CCC) को मज़बूती से सुदृढ़ किया जाना चाहिए और उन्हें सिर्फ़ कागज़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने इस वर्ष 25 अप्रैल को अपने आदेश में राज्य सरकार से कहा कि वह ऐसे केंद्रों पर उपयुक्त अधिकारियों की नियुक्ति करके साइबर कमांड सेंटरों को क्रियाशील बनाए।इसके बाद सरकार ने 8 सितंबर को एक सरकारी आदेश पारित किया, जिस...