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मल्टी-करोड़ ठगी के आरोपों में हेयरस्टाइलिस्ट जावेद हबीब व बेटे को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत
मल्टी-करोड़ ठगी के आरोपों में हेयरस्टाइलिस्ट जावेद हबीब व बेटे को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रसिद्ध हेयरस्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब को कथित मल्टी-करोड़ निवेश धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान करते हुए पुलिस को चार्जशीट दाखिल होने तक किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई न करने का निर्देश दिया।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेवा की खंडपीठ ने यह आदेश उन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पारित किया, जिनमें हबीब पिता-पुत्र ने संभल ज़िले में दर्ज हुई 32 FIR को चुनौती दी थी और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।FIR में आरोप...

दिल्ली धमाकों के अगले दिन सुप्रीम कोर्ट ने ISIS विचारधारा फैलाने के आरोपी की जमानत ठुकराई
दिल्ली धमाकों के अगले दिन सुप्रीम कोर्ट ने ISIS विचारधारा फैलाने के आरोपी की जमानत ठुकराई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ISIS विचारधारा को बढ़ावा देने और आतंकी गतिविधियों की साजिश में शामिल होने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत गिरफ्तार आरोपी को जमानत देने से इंकार कर दिया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी, जिसमें उसने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने जमानत से इंकार किया था। आरोपी पिछले दो साल से अधिक समय से जेल में बंद है। अदालत ने कहा — “हम हस्तक्षेप करने के...

सुप्रीम कोर्ट ने अकोला दंगा मामले की जांच के लिए हिंदू-मुस्लिम अधिकारियों वाली SIT बनाने के आदेश पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने अकोला दंगा मामले की जांच के लिए हिंदू-मुस्लिम अधिकारियों वाली SIT बनाने के आदेश पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने आज महाराष्ट्र के अकोला साम्प्रदायिक दंगों (2023) से जुड़े एक हमले के मामले में दिए गए उस आदेश पर स्थगन (Stay) लगा दिया, जिसमें दो-न्यायाधीशों की पीठ ने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के अधिकारियों वाली विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने का निर्देश दिया था।चीफ़ जस्टिस बी.आर. गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने यह आदेश महाराष्ट्र सरकार द्वारा दायर समीक्षा याचिका (Review Petition) पर सुनवाई करते हुए पारित किया। राज्य की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता...

सुप्रीम कोर्ट ने सांस्कृतिक भिन्नताओं के कारण लोगों को निशाना बनाए जाने पर जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने सांस्कृतिक भिन्नताओं के कारण लोगों को निशाना बनाए जाने पर जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने आज मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि यह देखकर दुख होता है कि देश में लोगों को सांस्कृतिक और नस्लीय भिन्नताओं के कारण निशाना बनाया जा रहा है। अदालत ने हाल ही में दिल्ली में एक व्यक्ति के साथ हुई उस घटना का उल्लेख किया, जिसमें उसे “लुंगी” पहनने पर मज़ाक का पात्र बनाया गया। अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार को ऐसे सांस्कृतिक और नस्लीय भेदभाव के मामलों को लेकर गंभीर होना चाहिए, विशेष रूप से जब यह पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों से संबंधित हो।यह टिप्पणी जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक...

झारखंड हाईकोर्ट में 31 जनवरी से पहले सुरक्षित 47 सिविल मामलों में अब तक निर्णय घोषित नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट जताई हैरानी
झारखंड हाईकोर्ट में 31 जनवरी से पहले सुरक्षित 47 सिविल मामलों में अब तक निर्णय घोषित नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट जताई हैरानी

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह जानकर गंभीर चिंता व्यक्त की कि झारखंड हाईकोर्ट में 31 जनवरी 2025 से पहले जिन 61 सिविल मामलों में निर्णय सुरक्षित (reserved) रखे गए थे, उनमें से 47 मामलों में अब तक निर्णय सुनाए नहीं गए हैं।यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ को झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दी गई। पीठ ने हाईकोर्ट द्वारा दाखिल हलफनामे (affidavit) का अवलोकन करने के बाद, मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई के आदेश के अधीन इस मामले को न्यायमूर्ति...

SBI की लापरवाही से एडवोकेट नहीं दे पाए A.P.O. परीक्षा; कानपुर उपभोक्ता आयोग ने बैंक को ₹7 लाख मुआवज़ा और ब्याज देने का आदेश दिया
SBI की लापरवाही से एडवोकेट नहीं दे पाए A.P.O. परीक्षा; कानपुर उपभोक्ता आयोग ने बैंक को ₹7 लाख मुआवज़ा और ब्याज देने का आदेश दिया

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, कानपुर नगर, ने राज्य बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को अपनी लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए अधिवक्ता अवनीश वर्मा को ₹7,00,000 मुआवज़ा, 7% साधारण ब्याज और ₹10,000 मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया है। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार और सदस्य नीलम यादव की पीठ ने पारित किया। मामला बैंक द्वारा शिकायतकर्ता की A.P.O. 2015 मुख्य परीक्षा की फीस जमा न करने से संबंधित था, जिसके कारण वह परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सके।पूरा मामला: शिकायतकर्ता अवनीश वर्मा, जो इलाहाबाद...

जज पर बेईमानी और प्रोबिटी की कमी के आरोप लगाने वाले वकील को हाईकोर्ट ने राहत देने से किया इनकार
जज पर बेईमानी और 'प्रोबिटी की कमी' के आरोप लगाने वाले वकील को हाईकोर्ट ने राहत देने से किया इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक वकील की अर्जी खारिज की, जिसमें उसने अदालत पर पक्षपात, बेईमानी और प्रोबिटी की कमी जैसे गंभीर आरोप लगाने के बाद शुरू की गई आपराधिक अवमानना कार्यवाही को वापस लेने और आदेश को रद्द करने की मांग की थी।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भले ही वकील की बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली गई लेकिन इससे उसकी अवमानना समाप्त नहीं होती और मामला अब भी डिवीजन बेंच के पास विचाराधीन रहेगा।जस्टिस सिद्धार्थ की एकल पीठ ने कहा कि यदि इस प्रकार के वापस बुलाने की याचिका आवेदन स्वीकार किए गए तो अत्यंत गलत परंपरा...

विकलांग कर्मचारी रोज सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर: सरकारी भवन में खराब लिफ्ट और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लिया
विकलांग कर्मचारी रोज सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर: सरकारी भवन में खराब लिफ्ट और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लिया

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्थानीय हिंदी अखबार में प्रकाशित समाचार का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के समेकित सरकारी भवन की दयनीय स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है।खबर में बताया गया था कि लगभग छह माह से भवन की लिफ्ट बंद पड़ी है, जिसके कारण रोज़ाना आने-जाने वाले करीब 500 कर्मचारी और आगंतुक जिनमें चार विकलांग कर्मचारी भी शामिल हैं, गंभीर परेशानी झेलने को मजबूर हैं। भवन में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।यह समेकित सरकारी भवन वर्ष 2023 में करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था। इसमें 22 अलग-अलग...

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पतंजलि को धोखा च्यवनप्राश विज्ञापन प्रसारित करने पर रोक, 72 घंटे में सभी प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पतंजलि को 'धोखा' च्यवनप्राश विज्ञापन प्रसारित करने पर रोक, 72 घंटे में सभी प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को उसके उस विज्ञापन के प्रसारण पर रोक लगाई, जिसमें अन्य सभी च्यवनप्राश उत्पादों को धोखा बताया गया था।अदालत ने इसे कॉमर्शियल डिस्पैरजमेंट (व्यावसायिक बदनामी) माना और अगले आदेश तक यानी 26 फरवरी 2026 तक विज्ञापन प्रसारण पर रोक जारी रखने का निर्देश दिया।जस्टिस तेजस कारिया की एकल पीठ ने 6 नवंबर, 2025 को यह आदेश दिया जब डाबर इंडिया लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई की जा रही थी।डाबर ने पतंजलि के स्पेशल च्यवनप्राश विज्ञापन को यह कहते हुए हटाने की मांग की थी कि विज्ञापन पूरे...

UAPA मामलों में 90 दिन से अधिक की हिरासत बढ़ाने का अधिकार सिर्फ स्पेशल या सेशंस कोर्ट को, मजिस्ट्रेट को नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
UAPA मामलों में 90 दिन से अधिक की हिरासत बढ़ाने का अधिकार सिर्फ स्पेशल या सेशंस कोर्ट को, मजिस्ट्रेट को नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) द्वारा UAPA आरोपी की न्यायिक हिरासत को अतिरिक्त 90 दिन बढ़ाने के आदेश को अवैध, अधिकार क्षेत्र से बाहर और विकृत मानते हुए रद्द कर दिया।अदालत ने कहा कि इस तरह की हिरासत बढ़ाने का अधिकार केवल स्पेशल कोर्ट या उसकी अनुपस्थिति में सेशंस कोर्ट के पास है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ऐसा आदेश पारित नहीं कर सकता।जस्टिस सुदेश बंसल की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि UAPA के तहत दर्ज अपराध NIA Act 2008 की अनुसूची में शामिल अपराध हैं। ऐसे मामलों...

टेंडरों में तकनीकी आधार पर दखल से राज्य को भारी नुकसान: इलाहाबाद हाईकोर्ट
टेंडरों में तकनीकी आधार पर दखल से राज्य को भारी नुकसान: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बुनियादी ढांचा विकास से जुड़े टेंडरों में केवल तकनीकी आधारों पर दखल देने से राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। ऐसे मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप केवल तभी किया जाना चाहिए जब मनमानी या गंभीर अनियमितताओं का स्पष्ट संकेत मिले।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता, जो सड़क निर्माण के व्यवसाय से जुड़ा है, टेंडर प्रक्रिया में अपनी असफलता को लेकर काल्पनिक शिकायतें और व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के आधार पर मुद्दा...

MV Act की धारा 140 के तहत चालक नहीं, वाहन मालिक अंतरिम मुआवज़े का जिम्मेदार : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
MV Act की धारा 140 के तहत चालक नहीं, वाहन मालिक अंतरिम मुआवज़े का जिम्मेदार : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 140 के तहत नो–फॉल्ट सिद्धांत के आधार पर अंतरिम मुआवज़ा देने की जिम्मेदारी केवल वाहन मालिक की होती है। चालक को मालिक के साथ संयुक्त रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस सुशील कुकेजा ने कहा कि चालक को मुआवज़े की राशि के लिए मालिक के साथ संयुक्त या पृथक रूप से उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि कानून साफ तौर पर वाहन के मालिक को ही उत्तरदायी मानता है।मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने दावा-कर्ता को...

Delhi Car Blast: सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्त किया शोक, कहा- शोक संतप्त लोगों के साथ एकजुटता में खड़े हैं
Delhi Car Blast: सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्त किया शोक, कहा- 'शोक संतप्त लोगों के साथ एकजुटता में खड़े हैं'

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने सोमवार को 10 नवंबर, 2025 की शाम को दिल्ली में हुए कार विस्फोट में हुई दुखद मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे एक "विनाशकारी त्रासदी" बताया।सुप्रीम कोर्ट और संपूर्ण न्यायिक एवं कानूनी बिरादरी की ओर से चीफ जस्टिस ने उन परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया और इस घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की।चीफ जस्टिस ने कहा:"10 नवंबर, 2025 की शाम को दिल्ली में हुए कार विस्फोट में हुई दुखद मौतों से हम सभी...

भर्ती प्रक्रिया बंद होने के लंबे समय बाद अप्रकाशित योग्यता का सहारा नहीं लिया जा सकता, भले ही रिक्तियां बची हों : राजस्थान हाईकोर्ट
भर्ती प्रक्रिया बंद होने के लंबे समय बाद अप्रकाशित योग्यता का सहारा नहीं लिया जा सकता, भले ही रिक्तियां बची हों : राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच का आदेश निरस्त करते हुए स्पष्ट किया कि कोई भी अभ्यर्थी ऐसी योग्यता के आधार पर नियुक्ति नहीं मांग सकता, जो उसने भर्ती प्रक्रिया के दौरान कभी प्रस्तुत ही नहीं की हो और जिसे वह कई वर्षों बाद केवल एक याचिका में उजागर करे।जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने यह भी कहा कि केवल इस आधार पर कि रिक्तियां बची हुई हैं, अभ्यर्थी को उन दस्तावेज़ों पर विचार करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता, जिन्हें लम्बे समय बाद प्रस्तुत किया गया हो।मामला एक अपील का...

BREAKING| Nithari Killings : सुरेंद्र कोली हुए बरी, सुप्रीम कोर्ट ने एकमात्र बची हुई दोषसिद्धि खारिज की
BREAKING| Nithari Killings : सुरेंद्र कोली हुए बरी, सुप्रीम कोर्ट ने एकमात्र बची हुई दोषसिद्धि खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निठारी हत्याकांड से जुड़े आखिरी बचे मामले में सुरेंद्र कोली की दोषसिद्धि खारिज कर दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के 2011 के फैसले के खिलाफ कोली द्वारा दायर सुधारात्मक याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें एक मामले में उसकी दोषसिद्धि की पुष्टि की गई थी। कोली ने बारह अन्य मामलों में बाद में बरी होने के आधार पर सुधारात्मक याचिका की मांग की थी।जस्टिस नाथ ने आदेश सुनाते हुए कहा कि कोली को आरोपों से बरी...