ताज़ा खबरे
आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों को मिली राहत के खिलाफ CBI की याचिका पर कल सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज जैन मंगलवार को कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में CBI की उस याचिका पर सुनवाई करेंगे, जिसमें आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई राहत को चुनौती दी गई।यह मामला पहले जस्टिस स्वराना कांत शर्मा के समक्ष सूचीबद्ध था, लेकिन रोस्टर के अनुसार इसे अब दूसरी पीठ को सौंप दिया गया। यह बदलाव उस समय हुआ जब जस्टिस शर्मा ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, विनय मिश्रा, दुर्गेश पाठक और...
फाल्टा पुनर्मतदान से पहले तृणमूल प्रत्याशी जहांगीर खान पहुंचे हाईकोर्ट, दर्ज मामलों की जानकारी और संरक्षण की मांग
पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से पहले तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज सभी FIR की जानकारी देने और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी कठोर कार्रवाई से संरक्षण देने की मांग की।पूर्व एडवोकेट जनरल और सीनियर एडवोकेट किशोर दत्ता ने अदालत में मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान उनके मुवक्किल को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और हर दिन उनके खिलाफ नए आपराधिक मामले दर्ज...
सुप्रीम कोर्ट ने ₹2500 की बिलिंग गलती को लेकर अस्पताल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने नारायण हेल्थ, कोलकाता में उसके अस्पताल और सीनियर अधिकारियों के खिलाफ ₹2,500 की बिलिंग में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने माना कि शिकायत में कोई आपराधिक अपराध सामने नहीं आया और यह मूल रूप से सेवा से जुड़ी एक शिकायत थी, जिसका समाधान दीवानी या वैधानिक उपायों के ज़रिए बेहतर ढंग से किया जा सकता था।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने यह फैसला सुनाया। खंडपीठ ने अस्पताल और उसके कर्मचारियों की अपील स्वीकार की, जो कलकत्ता...
दिल्ली न्यायिक सेवा संघ ने कार्यवाही की 'चोरी-छिपे रिकॉर्डिंग' की निंदा की, वायरल रोहिणी कोर्ट वीडियो को हटाने की मांग की
दिल्ली न्यायिक सेवा संघ (DJSA) ने रोहिणी कोर्ट जज से जुड़ी अदालत की कार्यवाही के वीडियो क्लिप की कथित अवैध रिकॉर्डिंग और उसे सर्कुलेट करने की कड़ी निंदा की। संघ ने इसे न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया।यह निंदा तब सामने आई, जब रोहिणी कोर्ट के उत्तर-पश्चिमी जिले के जिला जज-04 श्री राकेश कुमार-V और एक वकील के बीच तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया और वकीलों के एक वर्ग ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।शनिवार को जारी एक बयान...
Order XV Rule 5 CPC | किराया जमा करने में चूक जानबूझकर थी या नहीं, इसकी जांच किए बिना किरायेदार का बचाव खारिज नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के आदेश XV नियम 5 के तहत "सुनवाई की पहली तारीख" तय किए बिना और किरायेदार को उचित नोटिस मिला या नहीं और उसे सुनवाई का मौका दिया गया या नहीं, इन मुद्दों पर विचार किए बिना, शुरू में ही किरायेदार के बचाव को खारिज करना गलत है। ऐसा इसलिए ज़रूरी है ताकि यह जांचा जा सके कि किराये में चूक जानबूझकर की गई थी या अनजाने में।जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने कहा,"आदेश XV नियम 5 CPC के तहत बचाव को खारिज करने की शक्ति, भले ही...
'सरकारी कर्मचारी से सरकार के खिलाफ रुख अपनाने की उम्मीद नहीं की जा सकती': आदेश का पालन करने वाले अधिकारी पर लगा 25 लाख का जुर्माना रद्द
यह देखते हुए कि किसी सरकारी कर्मचारी पर सिर्फ इसलिए निजी जवाबदेही नहीं थोपी जा सकती कि उसने उस समय लागू सरकारी आदेश के अनुसार काम किया, सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की इस बात पर हैरानी जताई है कि उसने अपने कर्मचारी पर राज्य सरकार के आदेश को लागू करने के लिए लगाए गए जुर्माने पर चुप्पी क्यों साधे रखी।जस्टिस अहसानुद्दीन अमनुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच तमिलनाडु के पूर्व कॉलेज शिक्षा निदेशक द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी। यह अपील हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ थी, जिसमें कुल 50 लाख...
ग्रीन पार्क एक्सटेंशन इलाके में जलभराव से निपटने के लिए AIIMS के परिसर से होकर नई सीवर लाइन बिछाने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द
यह देखते हुए कि संवैधानिक अदालतें अधिकारियों की प्रशासनिक भूमिकाएं नहीं निभा सकतीं, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया। इस आदेश में राष्ट्रीय राजधानी के ग्रीन पार्क एक्सटेंशन और आस-पास के इलाकों में जलभराव को नियंत्रित करने के लिए AIIMS परिसर से होकर एक नई सीवर लाइन बिछाने के निर्देश दिए गए।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने यह आदेश पारित करते हुए कहा:"रिट याचिका अभी भी हाई कोर्ट में लंबित है, लेकिन हमारी राय है कि हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों की...
सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन का कोई सबूत न होने पर निवारक हिरासत बेवजह: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में MPDA Act 1981 के तहत जारी निवारक हिरासत आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि जब किसी व्यक्ति पर सामान्य कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती हो और सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन को दिखाने वाला कोई ठोस सबूत न हो, तो निवारक हिरासत कानून का इस्तेमाल करना बेवजह है।कोर्ट ने कहा,"हमारी राय में हिरासत में लेने वाले अधिकारी की यह संतुष्टि कि अपीलकर्ता की गतिविधियां सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए हानिकारक थीं, उसका कोई वास्तविक आधार नहीं है। इसके अलावा, जहां किसी व्यक्ति पर देश के...
MPID Act के तहत 'लोन' भी 'डिपॉजिट' माना जा सकता है; कोई प्राइवेट पर्सन भी 'फाइनेंशियल एस्टैब्लिशमेंट' हो सकता है: सुप्रीम कोर्ट
एक अहम घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई) को कहा कि महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ़ इंटरेस्ट ऑफ़ डिपॉजिटर्स एक्ट (MPID Act) के तहत प्राइवेट व्यक्तियों को भी 'फाइनेंशियल एस्टैब्लिशमेंट' की श्रेणी में रखा जा सकता है। इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति किसी देनदार को इस वादे के साथ पैसे देता है कि वह उसे ब्याज के साथ लौटाएगा, तो ऐसे पैसे को कानूनी तौर पर "डिपॉजिट" माना जा सकता है, भले ही दोनों पक्ष उसे "लोन" कहते हों।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट की...
Hindu Succession Act | 2005 का संशोधन बेटियों के पहले से मौजूद विरासत के अधिकारों को सीमित नहीं करता: सुप्रीम कोर्ट
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम पर एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई) को कहा कि 2005 का संशोधन, जो बेटियों को जन्म से ही सह-दायिक (coparcenary) अधिकार देता है, उनके मृत पिता की संपत्ति में 'प्रथम श्रेणी के वारिस' (Class I heirs) के तौर पर विरासत पाने के स्वतंत्र अधिकार को न तो छीनता है और न ही सीमित करता है - खासकर तब, जब पिता की मृत्यु बिना वसीयत किए हुई हो। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल बेटों के बीच किया गया संपत्ति का बंटवारा, पिता के हिस्से की संपत्ति में बेटियों के...
'आज तक' की रिपोर्टर होने का झूठा दावा करने वाली महिला को मिली गिरफ़्तारी से अंतरिम सुरक्षा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पत्रकार को गिरफ़्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी। इस पत्रकार पर आरोप है कि उसने खुद को 'आज तक' न्यूज़ चैनल की रिपोर्टर के तौर पर झूठा पेश किया और यूपी के मुख्यमंत्री तथा अन्य जानी-मानी हस्तियों के साथ अपनी तस्वीरों में चैनल के लोगो का गलत इस्तेमाल किया।यह देखते हुए कि इस मामले पर विचार-विमर्श की ज़रूरत है, जस्टिस राजीव मिश्रा और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा की बेंच ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता मनीषा ठाकुर को संबंधित FIR के सिलसिले में अगले आदेश तक गिरफ़्तार नहीं किया...
'आटा-साटा' शादियां नैतिक और कानूनी रूप से दिवालिया हैं, बच्ची को सौदेबाजी का ज़रिया बनाया जाता है: राजस्थान हाईकोर्ट
तलाक की खारिज अर्जी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने "आटा-साटा" शादी की प्रचलित प्रथा के बारे में कुछ टिप्पणियां करते हुए राय दीं कि एक संवैधानिक लोकतंत्र में ऐसी प्रथाएं स्पष्ट सामाजिक और कानूनी अस्वीकृति की हकदार हैं।जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस सुनील बेनीवाल की डिवीज़न बेंच ने माना कि नाबालिग से जुड़ा आटा-साटा कोई हानिरहित सांस्कृतिक प्रथा नहीं है, बल्कि यह बच्चों को वस्तु बना देती है, उनकी सहमति को दबा देती है, पितृसत्ता को मज़बूत करती है और भविष्य के टकरावों का...
वाराणसी इफ्तार विवाद | 'गंगा में मांसाहारी भोजन के अवशेष फेंकने से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं': इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते 8 मुस्लिम पुरुषों की ज़मानत अर्ज़ियां मंज़ूर कीं। इन पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने, गंगा नदी (वाराणसी में) में नाव पर मांसाहारी भोजन करने और बचा हुआ कचरा नदी में फेंकने का आरोप है।उसी दिन (15 मई) जारी अलग-अलग आदेशों में जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला ने 5 आरोपियों को ज़मानत दी, जबकि जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने 3 आरोपियों को ज़मानत दी। इसके साथ ही इस मामले में कुल 14 आरोपियों में से 8 को अब ज़मानत मिल चुकी है।उल्लेखनीय है कि इस मामले में 14 आरोपियों में से 8 को अब...
वकील के साथ तीखी बहस का वीडियो वायरल होने के बाद जज का तबादला
दिल्ली हाईकोर्ट ने रविवार को डिस्ट्रिक्ट जज राकेश कुमार को दिल्ली ज्यूडिशियल एकेडमी में अटैच करने का आदेश दिया। यह आदेश तब आया जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर उन्हें एक वकील के साथ तीखी बहस करते हुए दिखाया गया था।हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह फैसला चीफ जस्टिस और हाईकोर्ट के जजों ने लिया। इसके तहत राकेश कुमार, जो अभी डिस्ट्रिक्ट जज-04, नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट, रोहिणी के तौर पर काम कर रहे थे, उन्हें दिल्ली ज्यूडिशियल एकेडमी में एक अलग भूमिका में...
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद 'अवैध' एडवोकेट चैंबर्स गिराने को लेकर लखनऊ में वकीलों और पुलिस में झड़प
रविवार को लखनऊ ज़िला कोर्ट परिसर के बाहर वकीलों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया और झड़प हो गई। यह घटना तब हुई, जब स्थानीय अधिकारियों ने कैसरबाग इलाके में 200 से ज़्यादा 'अवैध' वकील चैंबर और दुकानों को गिराने की कार्रवाई शुरू की।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जब वकीलों ने इस तोड़फोड़ अभियान का विरोध किया तो पुलिस को लाठीचार्ज और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।गौरतलब है कि अधिकारियों द्वारा यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के हालिया आदेश के बाद की जा रही है। इस आदेश में लखनऊ में ज़िला और सेशन कोर्ट...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कानून के महत्वपूर्ण सवालों' से जुड़े उपभोक्ता संरक्षण कानून के प्रावधानों को चुनौती पर जारी किया नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने जनहित याचिका (PIL) पर भारत सरकार को नोटिस जारी किया। इस याचिका में उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 के प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई।यह याचिका उन प्रावधानों को चुनौती देती है, जो राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) को ऐसे बेंचों के ज़रिए "कानून के महत्वपूर्ण सवालों" पर फैसला सुनाने का अधिकार देते हैं, जिनमें तकनीकी और गैर-न्यायिक सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। बेंच ने भारत सरकार और उपभोक्ता...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (11 मई, 2026 से 05 मई, 2026 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।मोटर दुर्घटना मुआवज़े से मेडिक्लेम रीइम्बर्समेंट नहीं काटा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट एक अहम फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी दुर्घटना पीड़ित को मेडिक्लेम या मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत मिली रकम को मोटर वाहन अधिनियम के तहत दिए गए मुआवज़े से नहीं काटा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ये दोनों फ़ायदे...
मुकदमेबाज़ों के 'फ़ाइल कहां है' पूछने से लेकर 'लिंक भेज दीजिए' तक: न्यायपालिका के डिजिटल बदलाव पर CJI सूर्यकांत
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने हाल ही में याद किया कि एक समय था जब कोई मुकदमेबाज़ वकील के चैंबर में घुसते ही पूछता था, 'फ़ाइल कहां है?', लेकिन अब यह बदलकर 'लिंक भेज दीजिए' (मुझे लिंक भेज दीजिए) हो गया।उन्होंने कहा कि भाषा में इस छोटे से बदलाव के पीछे न्याय-वितरण प्रणाली का एक संस्थागत बदलाव छिपा है, जो कभी लाल कपड़े में बंधी फ़ाइलों के ऊंचे ढेर, कागज़ों से भरी ट्रॉलियाँ ढोते वकीलों और रिकॉर्ड से भरे कोर्टरूम से झलकता था।'डिजिटल बदलाव: कागज़-रहित कानूनी प्रणाली को आगे बढ़ाना' विषय पर...
वकीलों को अपने मामले के समर्थन में न होने वाले फैसले भी अदालत के संज्ञान में लाने होंगे: सुप्रीम कोर्ट
पेशेवर नैतिकता और न्यायिक अनुशासन पर महत्वपूर्ण टिप्पणी में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वकीलों का यह कर्तव्य है कि वे अदालत के संज्ञान में न केवल अपने मामले के समर्थन में आने वाले फैसले लाएं, बल्कि उनके खिलाफ जाने वाले फैसले भी लाएं। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि न्याय व्यवस्था में एकरूपता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी बार एसोसिएशन और बेंच दोनों की है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने यह टिप्पणी मोटर वाहन अधिनियम के तहत दिए गए मुआवजे से मेडिक्लेम प्रतिपूर्ति की कटौती...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (11 मई, 2026 से 15 मई, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।रक्षा और सुरक्षा परियोजनाओं के लिए पेड़ काटने पर पूर्व अनुमति जरूरी नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भारतीय सेना को राहत देते हुए स्पष्ट किया कि रक्षा और सुरक्षा संबंधी अधोसंरचना परियोजनाओं पर पेड़ काटने के लिए पूर्व अनुमति संबंधी उसका पुराना आदेश लागू नहीं होगा, यदि संबंधित भूमि वन...




















