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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट दिया ने महिलाओं, दिव्यांगों, गंभीर रूप से बीमार और सीनियर सिटिज़न्स के लिए सुविधाओं के ऑडिट का निर्देश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया, जिसमें हाईकोर्ट परिसर, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और तहसील कोर्ट की बिल्डिंग में महिलाओं, दिव्यांगों, पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों और सीनियर सिटिज़न्स को उपलब्ध सुविधाओं की लिस्ट हो। यह निर्देश एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन में दिया गया, जिसमें पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की मांग की गई।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया,"हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल आज से चार हफ़्ते के अंदर...
एक्टर रणवीर सिंह ने 'कंतारा' मूवी की मिमिक्री पर FIR को हाईकोर्ट में दी चुनौती
एक्टर रणवीर सिंह ने 'कंतारा: चैप्टर 1' में कैरेक्टर की मिमिक्री करने पर अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती देते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।यह मामला सोमवार (23 फरवरी) को जस्टिस एम नागप्रसन्ना के सामने अर्जेंट लिस्टिंग के लिए मेंशन किया गया, जिसमें याचिकाकर्ता के वकील ने कहा,"याचिकाकर्ता एक बॉलीवुड एक्टर है। कंतारा चैप्टर 1 की उसकी सच्ची तारीफ...को क्रिमिनल रंग दिया गया।"उन्होंने कहा कि FIR में शिकायत करने वाला एक वकील है। जब वकील ने रिक्वेस्ट की कि मामले को सोमवार को 2:30 बजे लिस्ट किया...
भोजशाला मंदिर - कमाल मौला विवाद: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पक्षकारों से ASI सर्वे रिपोर्ट पर दो हफ़्ते में आपत्तियां दर्ज करने को कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (23 फरवरी) को सभी पार्टियों को विवादित भोजशाला मंदिर सह कमाल मौला मस्जिद परिसर में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) द्वारा किए गए साइंटिफिक सर्वे के बारे में अपनी आपत्तियां और राय जमा करने का निर्देश दिया।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीज़न बेंच ने आगे आदेश दिया कि 22 जनवरी, 2026 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार साइट की यथास्थिति बनाए रखी जाए।बेंच ने निर्देश दिया;"पक्षकारों को इस बात पर कोई विवाद नहीं है कि रिपोर्ट उन्हें पहले ही दी जा...
मृतक का भाई CrPC के तहत 'पीड़ित', मर्डर की सज़ा के खिलाफ पति की अपील में हिस्सा ले सकता है: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने माना कि किसी मृतक व्यक्ति का भाई क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 2(wa) के तहत “पीड़ित” माना जाता है और अपराध से जुड़ी क्रिमिनल कार्रवाई में उसकी सुनवाई का हक है।जस्टिस बिबेक चौधरी और जस्टिस डॉ. अंशुमान की डिवीजन बेंच एक मृतक महिला के भाई की इंटरवेंशन एप्लीकेशन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दोषी पति की सज़ा के खिलाफ दायर अपील में पार्टी रेस्पोंडेंट के तौर पर शामिल होने की मांग की गई।मृतक शादीशुदा महिला थी। उसको गोली लगी थी और बाद में उसकी मौत हो गई। शुरू में उसके पति ने शिकायत...
सिर्फ़ जुर्म की गंभीरता के आधार पर समय से पहले रिहाई से इनकार नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी उम्रकैद के दोषी को रिहा करने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने डकैती और हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सज़ा पाए बांग्लादेशी नागरिक को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि लागू पॉलिसी के तहत एलिजिबिलिटी लिमिट पार हो जाने के बाद सिर्फ़ जुर्म की गंभीरता ही समय से पहले रिहाई से इनकार करने का एकमात्र आधार नहीं हो सकती।इस तरह जस्टिस संजीव नरूला ने सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (SRB) का फैसला रद्द किया, जिसने लंबे समय तक जेल में रहने और जेल में संतोषजनक व्यवहार के बावजूद समय से पहले रिहाई की उसकी अर्जी खारिज की।बेंच ने कहा, “जुर्म की...
बिना इजाज़त स्कूल कैंपस में घुसना IPC के तहत 'घर में घुसना' माना जा सकता है: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि स्कूल कैंपस को 'प्रॉपर्टी की कस्टडी की जगह' माना जा सकता है, जहां स्कूल का फ़र्नीचर और एजुकेशनल एसेट्स रखे जाते हैं। इसलिए यह इंडियन पैनल कोड (IPC) के तहत घर में घुसने का अपराध बन सकता है।जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने IPC की धारा 452 (चोट, हमला या गलत तरीके से रोकने की तैयारी के बाद घर में घुसना); धारा 442 (घर में घुसने की परिभाषा) और धारा 441 (क्रिमिनल ट्रेसपास) और समझाया,“इन तीनों धाराओं को मिलाकर पढ़ने से यह साफ पता चलता है कि जो कोई भी किसी बिल्डिंग, टेंट या...
एयर फ़ोर्स से जम्मू-कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज़: सिविल सर्विस करियर बनाने के लिए नियम तोड़ने वाले एयरमैन को हाईकोर्ट ने दी राहत
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एयरमैन को राहत दी, जो एयर फ़ोर्स से पहले डिस्चार्ज हुए बिना जम्मू एंड कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में शामिल हो गया। कोर्ट ने कहा कि खास हालात में सर्विस नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए सही बातों का ध्यान रखना चाहिए।कोर्ट रिट याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें याचिकाकर्ता की एयर फ़ोर्स सर्विस से डिस्चार्ज की रिक्वेस्ट को खारिज करने को चुनौती दी गई और उसे जम्मू-कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में ऑफिसर के तौर पर काम करते रहने की इजाज़त देने के लिए निर्देश...
NBDSA बनाएगा 'जिहाद' शब्द के इस्तेमाल पर गाइडलाइन; 'थूक जिहाद', 'फूड जिहाद' रिपोर्ट पर चैनलों को लगाई फटकार
न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBDSA) ने ज़ी न्यूज़ नेटवर्क चैनल, टाइम्स नाउ नवभारत, न्यूज़18 और NDTV समेत कई टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों को उन ब्रॉडकास्ट को लेकर चेतावनी दी, जिनमें खाने की चीज़ों में मिलावट की कथित घटनाओं के बारे में “थूक जिहाद” और “फूड जिहाद” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। अथॉरिटी ने न्यूज़ रिपोर्टिंग में “जिहाद” शब्द के इस्तेमाल को कंट्रोल करने के लिए खास गाइडलाइन बनाने का भी फैसला किया।यह कार्रवाई उन शिकायतों पर की गई, जिनमें आरोप लगाया गया कि कुछ...
5 वर्ष से कम आयु की बालिका की प्राकृतिक संरक्षक माँ, विवादित सेपरेशन डीड से पिता को अभिरक्षा नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि हिंदू अल्पसंख्यकता एवं संरक्षकता अधिनियम, 1956 के तहत पाँच वर्ष से कम आयु की बालिका की प्राकृतिक संरक्षक उसकी माँ होती है, क्योंकि इतनी कम उम्र के बच्चे की देखभाल पिता की तुलना में माँ ही अधिक प्रभावी ढंग से कर सकती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि विवादित पृथक्करण विलेख (सेपरेशन डीड) के आधार पर पिता द्वारा अभिरक्षा का दावा करने से माँ द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका की ग्राह्यता पर कोई असर नहीं पड़ता।जस्टिस एन.एस. संजय गौड़ा और जस्टिस डी.एम....
विवाह के बाद स्थानांतरण की आशंका के आधार पर अविवाहित महिला को नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी अविवाहित महिला को इस आशंका के आधार पर सरकारी नौकरी से वंचित करना कि वह भविष्य में विवाह कर अन्य स्थान पर चली जाएगी, मनमाना और असंवैधानिक है तथा समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। जस्टिस मौलिक जे. शेलत ने नियुक्ति प्राधिकारी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा तर्क स्पष्ट पक्षपात (फेवरिटिज़्म) दर्शाता है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन करता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई आधार नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि किसी अविवाहित...
क्या कुछ आरोपियों से समझौते के आधार पर FIR आंशिक रूप से रद्द की जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने विचार हेतु एमिकस नियुक्त किया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर को एमिकस क्यूरी (न्यायालय मित्र) नियुक्त किया है, ताकि यह विचार किया जा सके कि क्या पक्षकारों के बीच समझौता होने पर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 (या BNDS की धारा 528) के तहत कई आरोपियों में से केवल एक आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला या FIR आंशिक रूप से रद्द (quash) की जा सकती है।जस्टिस एम.एम. सुंद्रेश और जस्टिस एन.के. सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश उस मामले में पारित किया, जिसमें शिकायतकर्ता और एक आरोपी के बीच समझौता हो गया था और आरोपी ने अपने...
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ POCSO की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज, स्पेशल कोर्ट के आदेश के घंटों बाद हुई कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) ने शनिवार देर रात स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और अन्य के खिलाफ POCSO Act तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की। यह कार्रवाई प्रयागराज की स्पेशल POCSO कोर्ट के आदेश के कुछ ही घंटों बाद की गई।FIR झूंसी थाने में रात 23:37 बजे दर्ज की गई। इससे पहले एडिशनल सेशन जस्टिस/स्पेशल जस्टिस (POCSO) विनोद कुमार चौरसिया ने संबंधित थाना प्रभारी को मामला तत्काल दर्ज करने का निर्देश दिया।FIR में POCSO Act की धाराएं 3, 5(एल), 4(2),...
निर्माण में देरी के लिए भू-स्वामी जिम्मेदार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर कि भू-स्वामी ने डेवलपर को फ्लैट निर्माण, अनुमतियां प्राप्त करने और बिक्री का अधिकार दिया, उन्हें निर्माण में हुई देरी के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ ने एक गृह-खरीदार की अपील खारिज करते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के उस निर्णय को बरकरार रखा, जिसमें निर्माण में देरी के लिए भू-स्वामियों को दोषमुक्त किया गया।मामला फरवरी, 2012 में भू-स्वामियों और यूनिशायर होम्स के बीच हुए संयुक्त...
NEET-PG 2025 कट-ऑफ में भारी कमी पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, गुणवत्ता पर असर की करेगा जांच
सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि वह यह जांच करेगा कि NEET-PG 2025-26 के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में भारी कटौती से स्नातकोत्तर (पोस्टग्रेजुएट) चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है या नहीं। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ इस कट-ऑफ में कमी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि यह निर्णय खाली सीटों को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि NEET-PG न्यूनतम चिकित्सकीय योग्यता प्रमाणित करने...
2जी मामला: लाइसेंस रद्द होने की तारीख से स्पेक्ट्रम शुल्क चुकाए टेलीकॉम कंपनी- सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए टेलीकॉम कंपनी सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसेज लिमिटेड को लाइसेंस रद्द होने की तारीख 2 फरवरी, 2012 से स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क चुकाने का आदेश दिया।अदालत ने दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय अधिकरण के उस निर्णय को निरस्त किया, जिसमें देनदारी 15 फरवरी, 2013 से मानी गई।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने केंद्र सरकार की अपील स्वीकार करते हुए 10 मई, 2018 के अधिकरण के आदेश को इस बिंदु पर गलत ठहराया।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया...
पसमांदा मुसलमानों को OBC आरक्षण देने की मांग पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें 'पसमांदा मुसलमानों' को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के तहत आरक्षण देने की मांग की गई है। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने सोमवार को इस याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई की। यह याचिका मोहम्मद वसीम सैफी द्वारा दायर की गई है, जिसमें रंगनाथ मिश्रा आयोग की सिफारिशों के आधार पर OBC के भीतर उप-वर्गीकरण कर पसमांदा मुसलमानों को 10% आरक्षण देने की मांग की गई है।सुनवाई के दौरान चीफ़ जस्टिस ने सवाल उठाया कि अन्य मुस्लिम OBC...
सगी बहन की हत्या में सजा निलंबित करने से इनकार, कोर्ट ने कहा- ईर्ष्या से उपजी मानसिक विकृति, राज्य बनाए मानसिक स्वास्थ्य नीति
मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने सगी बहन की कथित हत्या के मामले में दोषियों की सजा निलंबित करने से इंकार करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला भाई-बहन की ईर्ष्या से उपजी मानसिक विकृति का प्रतीत होता है।अदालत ने राज्य सरकार को व्यापक मानसिक स्वास्थ्य नीति बनाने और स्कूल–कॉलेजों व जिला अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की खंडपीठ ने आदेश में कहा कि आदेश की प्रति राज्य के मुख्य सचिव को दी जाए ताकि नागरिकों विशेषकर...
यदि यौन शोषण का इरादा होता तो माता-पिता को क्यों बुलाता”: आसाराम की राजस्थान हाइकोर्ट में दलील
कथित दुष्कर्म मामले में स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम की ओर से राजस्थान हाइकोर्ट में विस्तृत दलीलें पेश की गईं।जस्टिस सुदेश बंसल और जस्टिस अनिल कुमार उपमन की खंडपीठ के समक्ष बचाव पक्ष ने अभियोजन की कहानी को असंभाव्य, साक्ष्यहीन और गढ़ी हुई साजिश करार दिया।आसाराम की ओर से एडवोकेट ने तर्क दिया कि अभियोजन का घटनाक्रम सामान्य मानवीय व्यवहार की कसौटी पर खरा नहीं उतरता।उन्होंने कहा कि यदि किसी का उद्देश्य यौन शोषण होता तो वह कथित पीड़िता के माता-पिता को साथ आने के लिए क्यों कहता।बचाव पक्ष ने सवाल उठाया,“अगर...
पूर्णकालिक दायित्व निभाने वाले विधि अधिकारियों को केवल संविदा नहीं कहा जा सकता, वे मेडिकल लाभ व अर्जित अवकाश के हकदार: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा नियुक्त सहायक एडवोकेट जनरल (AAG) और डिप्टी एडवोकेट जनरल (DAG) को केवल संविदा नियुक्ति का नाम देकर मूल सेवा लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता।अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अधिकारियों को अवकाश यात्रा रियायत, मेडिकल प्रतिपूर्ति और अर्जित अवकाश सहित अन्य लाभ दिए जाने चाहिए।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,“याचिकाकर्ता AAG/DAG के रूप में राज्य सरकार के अन्य विधि अधिकारियों की तुलना में अधिक दायित्व और कार्यभार निभा रहे हैं। वे...
तिरुपति लड्डू घी मिलावट मामला: आंध्र प्रदेश सरकार की एक सदस्यीय जांच समिति में हस्तक्षेप से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (23 फरवरी) को आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा तिरुपति मंदिर के लड्डू में इस्तेमाल घी में कथित मिलावट से जुड़े मामले में गठित एक सदस्यीय जांच समिति की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि राज्य की समानांतर जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की आपराधिक जांच को प्रभावित करेगी।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव...




















