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अदाणी-LIC निवेश पर लेख से जुड़े FIR के खिलाफ रवि नायर ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका, आरोपपत्र के बाद फिर उठाएंगे सभी मुद्दे
पत्रकार रवि नायर ने अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड की शिकायत पर गुजरात में दर्ज जालसाजी के मामले को रद्द करने से गुजरात हाईकोर्ट के इनकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका बुधवार को वापस ली।सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें उचित चरण पर उचित मंच के समक्ष अपनी सभी आपत्तियां उठाने की छूट देते हुए याचिका वापस लेने की अनुमति दी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि आरोपपत्र दाखिल होने के बाद नायर मामले से जुड़े सभी कानूनी और तथ्यात्मक मुद्दे...

छात्र प्रदर्शनकारी को नोटिस पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, पूछा- 'हमारे आदेश के बावजूद मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी करने की हिम्मत कैसे की?
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट द्वारा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित छात्र विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कथित तौर पर प्रचार करने वाले एक छात्र के खिलाफ 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 130 के तहत जारी नोटिस पर सवाल उठाए।कोर्ट ने पूछा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने छात्र विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी FIR रद्द कर दी हैं और CJP विरोध प्रदर्शनों को लेकर किसी भी छात्र के खिलाफ भविष्य में कोई भी जबरदस्ती वाली कार्रवाई करने पर रोक लगाई है तो...

'ऊंची-नीची जाति' की सोच और शादी के रिश्ते से जोड़ना अपमान की मंशा का प्रथमदृष्टया संकेत: कोर्ट का अजीत भारती को अग्रिम जमानत देने से इनकार
यूट्यूबर और सोशल मीडिया टिप्पणीकार अजीत भारती को दिल्ली कोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिली है। अदालत ने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े एक मौजूदा सांसद की जाति और विवाह को लेकर भारती की कथित टिप्पणियां प्रथमदृष्टया अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की धारा 3(1)(r) के तहत अपराध का संकेत देती हैं।पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशन जज सौरभ प्रताप सिंह ललर ने एससी/एसटी अधिनियम के मामले में भारती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।मामला भारती के...

अवैध खनन में जब्त वाहन आपराधिक मामला खत्म होने पर अपने आप नहीं छूटेगा: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि अवैध खनन के मामले में जब्त वाहन को केवल आपराधिक कार्यवाही खत्म होने के आधार पर अपने आप रिहा नहीं किया जा सकता। खनन विभाग की ओर से शुरू की गई जब्ती की कार्यवाही और मोटर वाहन अधिनियम के तहत चलने वाली आपराधिक कार्यवाही अलग-अलग हैं। वाहन की रिहाई का फैसला खनन विभाग की कार्यवाही को ध्यान में रखने के बाद ही किया जा सकता है।मामले में याचिकाकर्ता का वाहन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज शिकायत में जब्त किया गया। वाहन चालक ने अपना अपराध स्वीकार किया था।...

कॉपीराइट शिकायतों पर हटाई गईं पुलकित मणि की इंस्टाग्राम रील्स बहाल, मेटा समेत प्रतिवादियों को समन
स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि की ओर से कॉपीराइट शिकायतों के आधार पर इंस्टाग्राम से हटाई गईं दो रील्स बहाल कर दी गईं। मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि दोनों रील्स के संबंधित लिंक बहाल कर दिए गए।इसके बाद जस्टिस ज्योति सिंह ने मामले में सभी प्रतिवादियों को समन जारी किया और अंतरिम राहत की मांग वाली अर्जी पर नोटिस जारी किया। पुलकित मणि ने अपनी मूल रचनाओं के खिलाफ अज्ञात लोगों की ओर से की गई कॉपीराइट शिकायतों और उन पर मेटा द्वारा की गई कार्रवाई को चुनौती देते हुए मुकदमा...

दुष्कर्म और 'बीफ खिलाने' का आरोप: पत्रकार उमर राशिद के मानहानि मामले में हाईकोर्ट ने जारी किया समन
दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार उमर राशिद की ओर से दायर मानहानि के मुकदमे में सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाने वाली दो अज्ञात महिला वकीलों के खिलाफ समन जारी किया। सोशल मीडिया पोस्ट में उमर राशिद पर दुष्कर्म और कथित तौर पर जबरन बीफ खिलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।जस्टिस सचिन दत्ता ने मामले में अंतरिम रोक की मांग वाली अर्जी पर भी नोटिस जारी किया। याचिका में मामले की तात्कालिकता को देखते हुए अदालत से तत्काल राहत की मांग की गई। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। पत्रकार उमर राशिद की ओर से...

'यारियां 2' में गैर-अमृतधारी कृपाण पहनने पर FIR रद्द, हाईकोर्ट ने कहा- जानबूझकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का इरादा नहीं
फिल्म यारियां 2 के एक गाने में गैर-अमृतधारी एक्टर को कृपाण पहने दिखाने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्देशक, निर्माता और एक्टर के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी फिल्म में धार्मिक प्रतीक का अनजाने में किया गया कलात्मक चित्रण, जब उसके पीछे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण मंशा न हो, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295-ए के तहत अपराध नहीं बनता।जस्टिस शालिनी नागपाल ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि किसी गाने में गैर-अमृतधारी सिख को श्री...

पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट के बावजूद केस डायरी में प्रथमदृष्टया अपराध हो तो आरोपी को समन कर सकता है मजिस्ट्रेट: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि पुलिस जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट यानी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करती है, लेकिन केस डायरी में प्रथमदृष्टया अपराध किए जाने का पर्याप्त आधार मौजूद है तो मजिस्ट्रेट पुलिस की रिपोर्ट को अस्वीकार कर आरोपी के खिलाफ संज्ञान लेते हुए उसे समन कर सकता है। इसके लिए मजिस्ट्रेट को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 200 और 202 के तहत शिकायत मामले की प्रक्रिया अपनाना जरूरी नहीं है।जस्टिस संदीप जैन ने सुप्रीम कोर्ट के राकेश बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, विष्णु कुमार तिवारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य,...

रिटायरमेंट के बाद गवर्नर की मंजूरी के बिना विभागीय कार्रवाई जारी नहीं रह सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ उसकी रिटायरमेंट से पहले शुरू की गई विभागीय कार्रवाई रिटायरमेंट के बाद अपने आप जारी नहीं रह सकती। सिविल सर्विस रेगुलेशंस के रेगुलेशन 351-ए के तहत रिटायरमेंट के बाद ऐसी कार्रवाई जारी रखने और उसके आधार पर कोई सजा देने के लिए गवर्नर की मंजूरी जरूरी है।जस्टिस अनिल कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के स्टेट ऑफ यूपी बनाम श्री कृष्ण पांडे और भागीरथी जेना बनाम बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के फैसलों के साथ-साथ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले हरिहर भोले नाथ...

चार्ज-शीट में शामिल गवाहों से पूछताछ आरोपी कर्मचारी की मौजूदगी में होनी चाहिए, ऐसा न करना प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यूपी सरकारी कर्मचारी (अनुशासन और अपील) नियम, 1999 के नियम 7(vii) के तहत जांच अधिकारी के लिए यह ज़रूरी है कि वह चार्ज-शीट में बताए गए गवाहों के मौखिक बयान आरोपी सरकारी कर्मचारी की मौजूदगी में दर्ज करे। ऐसा न करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।कोर्ट ने कहा कि आरोपी कर्मचारी द्वारा खास तौर पर मांग न किए जाने पर भी उसे जिरह (cross-examination) का मौका दिया जाना चाहिए।जस्टिस सिद्धार्थ नंदन ने कहा,“इस बात के अलावा कि आरोप स्पष्ट होने चाहिए, जिन दस्तावेजों या...

रिविज़नल अथॉरिटी किसी अलग रिविज़न में समान अधिकार वाली दूसरी रिविज़नल अथॉरिटी का अंतिम आदेश रद्द नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यूपी लैंड रेवेन्यू एक्ट, 1901 की धारा 219 के तहत रिविज़न पर फैसला करने वाली रिविज़नल अथॉरिटी के पास उसी अपीलीय आदेश से जुड़े किसी अलग रिविज़न में समान अधिकार वाली दूसरी रिविज़नल अथॉरिटी द्वारा पहले ही दिए गए अंतिम फैसले को रद्द करने का अधिकार नहीं है।एक्ट की धारा 219(1) तय रेवेन्यू अधिकारियों को किसी ऐसे मामले का रिकॉर्ड मंगाने की इजाज़त देती है, जिसका फैसला किसी अधीनस्थ रेवेन्यू कोर्ट ने किया हो और जिसमें कोई अपील न हो सकती हो, या अपील हो सकती हो लेकिन न की गई हो, और पारित...

लंबे समय तक पति-पत्नी के तौर पर साथ रहने से कानूनी अनुमान उनकी शादी के वैध होने के पक्ष में होगा, न कि अवैध होने के: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि जब कोई पुरुष और महिला लंबे समय तक पति-पत्नी के तौर पर साथ रहते हैं, तो कानूनी अनुमान उनकी शादी के वैध होने के पक्ष में होगा, न कि अवैध होने के। [2026 LiveLaw (MP) 353]जस्टिस प्रणय वर्मा की बेंच ने कहा:"गाँव में प्रतिवादी नंबर 2 के अलावा कोई भी ऐसा नहीं है, जो प्रतिवादी नंबर 1 और 3 को पति-पत्नी न मानता हो। अनुमान हमेशा शादी के वैध होने के पक्ष में होगा, न कि अवैध होने के। पिछले मुक़दमे में, प्रतिवादी नंबर 2 ने प्रतिवादी नंबर 3 को प्रतिवादी नंबर 1 की अवैध पत्नी कहा...

'प्रथम दृष्टया आत्महत्या' से मामला खत्म नहीं होता, पुलिस को आत्महत्या के लिए उकसाने के सबूतों की जांच करनी चाहिए: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि आत्महत्या के मामले को सिर्फ़ इस शुरुआती आकलन के आधार पर बंद नहीं किया जा सकता कि मरने वाले ने आत्महत्या की थी। कोर्ट ने कहा कि जांच पूरी करने से पहले पुलिस को उन सबूतों की जांच करनी चाहिए जिनसे आत्महत्या के लिए उकसाने की संभावना का पता चलता हो।जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने कहा:"सिर्फ़ इस बात से कि मौत प्रथम दृष्टया फांसी लगाने से हुई आत्महत्या का मामला है, मामला खत्म नहीं हो जाता। जब पुलिस के सामने ऐसे सबूत आते हैं, जिनसे पता चलता है कि मरने वाले के साथ ऐसा...

Sagar Bar Election: हाईकोर्ट ने चुने गए प्रेसिडेंट की बात सुने बिना वोट दोबारा गिनने का आदेश रद्द किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल की स्पेशल कमेटी का वह आदेश रद्द किया, जिसमें सागर के डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पद के लिए वोटों की दोबारा गिनती का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि यह आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। [2026 LiveLaw (MP) 356]मामले को स्पेशल कमेटी के पास वापस भेजते हुए जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने कमेटी को निर्देश दिया कि वह संबंधित पक्षों की बात सुने और कानून के अनुसार तर्कपूर्ण आदेश पारित...

Delhi Riots: मेडिकल आधार पर ताहिर हुसैन को मिली जेल में इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी का तख्त इस्तेमाल करने की इजाज़त
दिल्ली कोर्ट ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को जेल के अंदर इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी का तख्त इस्तेमाल करने की इजाज़त दी।एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी ने UAPA मामले में हुसैन की अर्ज़ी को मंज़ूरी दी। यह मामला 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के पीछे एक बड़ी साज़िश से जुड़ा है।हुसैन के वकील ने कहा कि वह कई बीमारियों से जूझ रहे हैं और जेल में आसानी से रहने के लिए उन्हें नियमित रूप से गर्म पानी की ज़रूरत होती है, जिसके लिए उन्हें इलेक्ट्रिक केतली और लकड़ी के तख्त की...

NH Act के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए 2015 से पहले के अवॉर्ड्स पर ब्याज की गणना 1894 के एक्ट के अनुसार होगी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (08.09.2026) को कहा कि जब नेशनल हाईवे एक्ट, 1956 (NH Act) के तहत सक्षम अधिकारी 01.01.2015 से पहले मुआवज़ा तय करते हैं तो ज़मीन मालिक को दिए जाने वाले सोलेशियम, ब्याज और सोलेशियम पर ब्याज की गणना 'ज़मीन अधिग्रहण एक्ट, 1894' के तहत की जानी चाहिए, न कि 'ज़मीन अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवज़ा और पारदर्शिता का अधिकार एक्ट, 2013' के तहत। बता दें, 01.01.2015 वह तारीख है, जब NH Act के तहत किए गए अधिग्रहण के लिए 2013 का एक्ट लागू किया गया।जस्टिस जेबी पारदीवाला...

पेंशन के फ़ायदों के लिए रेगुलर होने से पहले की सर्विस को भी गिना जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रेगुलर होने से पहले कॉन्ट्रैक्ट, एड-हॉक, डेली-वेज़ या वर्क-चार्ज के आधार पर कर्मचारियों द्वारा की गई सर्विस को रिटायरमेंट और पेंशन के फ़ायदों के लिए 'क्वालिफ़ाइंग सर्विस' (पात्र सेवा) के तौर पर गिना जाना चाहिए। ऐसा तब और भी ज़रूरी है जब सर्विस में आया गैप सिर्फ़ कागज़ी या बनावटी हो, या प्रशासनिक हालात या कोर्ट के आदेशों की वजह से हुआ हो।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) की अपील खारिज करते हुए पंजाब एंड हरियाणा...

सुप्रीम कोर्ट ने PhD पर शक के बावजूद असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति सही ठहराई, यूनिवर्सिटी को जांच का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति रद्द करने से इनकार किया, भले ही शुरुआती सबूतों से संकेत मिलता है कि उनकी PhD डिग्री नकली हो सकती है। कोर्ट ने माना कि विवादित डॉक्टरेट डिग्री इस पद के लिए ज़रूरी योग्यता नहीं है, क्योंकि उन्होंने UGC-NET परीक्षा पास करने की अनिवार्य शर्त को अलग से पूरा किया। साथ ही कोर्ट ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी को PhD डिग्री की असलियत की नई जांच करने का निर्देश दिया।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने यह आदेश तब दिया, जब वह रोहतक के सत जिंदा...

Freebies To Doctors | सुप्रीम कोर्ट ने फार्मास्युटिकल मार्केटिंग के तरीकों को रेगुलेट करने की मांग वाली याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट ने फार्मास्युटिकल मार्केटिंग के तरीकों को कानूनी रूप से रेगुलेट करने की मांग वाली याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार एक तीन-सदस्यीय कमेटी बनाएगी जो यह जांच करेगी कि क्या फार्मास्युटिकल कंपनियों के अनैतिक तरीकों को रेगुलेट करने के लिए किसी कानूनी ढांचे की ज़रूरत है।मेहता ने कोर्ट से कहा,"हालांकि, यह पक्का करने के लिए सिस्टम को मज़बूत करने की ज़रूरत है कि फार्मास्युटिकल कंपनियां किसी भी तरह के अनैतिक तरीकों में शामिल न हों।...

पति की मौत की तारीख से ही विधवा को मिलनी चाहिए फ़ैमिली पेंशन: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि विधवा को फ़ैमिली पेंशन पाने का अधिकार उसके पति की मौत की तारीख से ही शुरू हो जाता है। इसे उस तारीख तक सीमित नहीं किया जा सकता जब उसने पहली बार सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) में अपील की थी, खासकर तब जब फ़ायदा पाने में हुई देरी उसकी अपनी गलती की वजह से न हो।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच एक रेलवे कर्मचारी की विधवा की अपील पर सुनवाई कर रही थी। कर्मचारी की मौत 2000 में नौकरी के दौरान हुई थी। विधवा ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस...
