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रेलवे दुर्घटना के दावे, उचित संदेह से परे सबूत के लिए क्रिमिनल ट्रायल नहीं; अति-तकनीकी दृष्टिकोण से बचें: सुप्रीम कोर्ट
रेलवे दुर्घटना के दावे, उचित संदेह से परे सबूत के लिए क्रिमिनल ट्रायल नहीं; अति-तकनीकी दृष्टिकोण से बचें: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने रेल यात्रा के दौरान हुई मौतों या चोटों - "अप्रिय घटनाओं" - के लिए मुआवजे की मांग करते हुए रेलवे अधिनियम की धारा 124A के तहत दावों में अति-तकनीकी दृष्टिकोण अपनाने के प्रति आगाह किया।अदालत ने कहा कि एक बार जब आधारभूत तथ्य - (i) वैध टिकट का होना या जारी होना, और (ii) ट्रेन से दुर्घटनावश गिरना - विश्वसनीय सामग्री के माध्यम से स्थापित हो जाते हैं तो यह वैधानिक रूप से मान लिया जाना चाहिए कि पीड़ित एक वास्तविक यात्री था।यह पुष्टि करते हुए कि रेलवे अधिनियम की धारा 124A के तहत कार्यवाही...

2020 Bengaluru Riots मामले में दो को जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने 5 साल से ज़्यादा की हिरासत और ट्रायल में देरी का दिया हवाला
2020 Bengaluru Riots मामले में दो को जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने 5 साल से ज़्यादा की हिरासत और ट्रायल में देरी का दिया हवाला

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 2020 के बेंगलुरु दंगों के मामले में दो आरोपियों कदीम उर्फ़ सदाम और ज़िया उर रहमा उर्फ़ ज़िया को ज़मानत दी। यह ज़मानत उन्हें पांच साल से ज़्यादा की कैद और 138 आरोपियों से जुड़े मुकदमे में 254 गवाहों की गवाही अभी बाकी होने के तथ्य को ध्यान में रखते हुए दी गई।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया था।अपीलकर्ता पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 143, 147, 148, 353,...

समझौते के बाद सलमान खान ने जेराई फिटनेस के खिलाफ ₹7.24 करोड़ की दिवालियेपन याचिका वापस ली
समझौते के बाद सलमान खान ने जेराई फिटनेस के खिलाफ ₹7.24 करोड़ की दिवालियेपन याचिका वापस ली

एक्टर सलमान खान ने दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद जेराई फिटनेस लिमिटेड के खिलाफ अपनी ₹7.24 करोड़ की दिवालियेपन याचिका वापस ली।बुधवार को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने सहमति की शर्तों को दर्ज किया और याचिका वापस लेने की अनुमति दी। पीठ में अध्यक्ष जस्टिस अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य अरुण बरोका शामिल थे।यह विवाद 2018 के व्यापार लाइसेंस समझौते के तहत बकाया राशि के भुगतान से संबंधित था, जिसके तहत जेराई फिटनेस को फिटनेस उपकरण बनाने और बेचने के लिए सलमान खान के स्वामित्व वाले...

बेटे ने की थी माँ की हत्या, सुप्रीम कोर्ट ने बरी करते हुए कहा- आत्महत्या की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता
बेटे ने की थी माँ की हत्या, सुप्रीम कोर्ट ने बरी करते हुए कहा- आत्महत्या की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (8 अक्टूबर) को एक व्यक्ति को बरी कर दिया, जिसे अपनी माँ की हत्या (मातृहत्या) के लिए दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने यह देखते हुए कि पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और अभियोजन पक्ष संदेह से परे अपराध साबित करने में विफल रहा।जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने पाया कि अपीलकर्ता-आरोपी को झूठा फंसाया गया, क्योंकि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि मृतक की मृत्यु किसी भी तरह से हत्या की प्रकृति की थी, जबकि मेडिकल साक्ष्य से पता...

क्रिमिनल कोर्ट लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने के अलावा अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
क्रिमिनल कोर्ट लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने के अलावा अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि आपराधिक क्षेत्राधिकार का प्रयोग करने वाला कोई भी हाईकोर्ट, विशुद्ध रूप से लिपिकीय या आकस्मिक त्रुटि को सुधारने के अलावा, अंतर्निहित शक्तियों की आड़ में अपना न्यायिक आदेश वापस नहीं ले सकता या उस पर पुनर्विचार नहीं कर सकता। खनन संबंधी विवाद में जांच CBI को ट्रांसफर करने का राजस्थान हाईकोर्ट का निर्देश खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि CrPC की धारा 482 (अब BNSS की धारा 528) का प्रयोग करके पूर्व के आदेश को वापस लेना क्षेत्राधिकार से बाहर है।कोर्ट ने कहा,"इस कोर्ट के कई...

घरेलू हिंसा अधिनियम (DV Act) में व्यथित महिला द्वारा मजिस्ट्रेट को आवेदन करने का तरीका
घरेलू हिंसा अधिनियम (DV Act) में व्यथित महिला द्वारा मजिस्ट्रेट को आवेदन करने का तरीका

धारा 12 के अधीन अनुतोष के लिए आवेदन की पोषणीयता यह सत्य है कि अधिनियम, भूतलक्षी नहीं है। तथापि याची अधिनियम के अधीन भविष्यलक्षी अनुतोष की वांछा कर रहा न कि भूतलक्षी परिणामतः यह नहीं कहा जा सकता है कि अधिनियम की धारा 12 के अधीन प्रत्यर्थी द्वारा दाखिल आवेदन पोषणीय नहीं है।अभिव्यक्ति "जो साझी गृहस्थी में एक साथ रहते हैं या किसी समय एक साथ रह चुके हैं" प्रदर्शित करती है कि पक्षकारगण अर्थात् व्यथित व्यक्ति एवं प्रत्यर्थी के बीच विद्यमान नातेदारी, अधिनियम की धारा 12 के अधीन अनुतोष चाहने के लिए आवेदन...

धार्मिक परिवर्तन के कथित पीड़ित भी दूसरों को धर्म बदलने पर प्रेरित करें तो होंगे अपराधी: गुजरात हाईकोर्ट
धार्मिक परिवर्तन के कथित पीड़ित भी दूसरों को धर्म बदलने पर प्रेरित करें तो होंगे अपराधी: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि जो लोग धार्मिक परिवर्तन (religious conversion) के "पीड़ित" होने का दावा करते हैं, उन्हें भी उस अपराध के लिए आरोपित किया जा सकता है यदि वे बाद में अन्य लोगों को धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करते हैं।कोर्ट ने उन कई पुरुषों की दलील खारिज कर दी, जिन्हें धार्मिक परिवर्तन के आरोप में नामजद किया गया था, कि वे स्वयं धर्म परिवर्तन के पीड़ित हैं और उनके खिलाफ FIR गलत है। कोर्ट ने कहा कि यदि ये लोग धर्म परिवर्तन करने के बाद किसी अन्य व्यक्ति को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित...

प्रथम दृष्टया यह संसद का क्षेत्राधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर महिलाओं के खिलाफ़ बलात्कार को अपराध बनाने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
प्रथम दृष्टया यह संसद का क्षेत्राधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर महिलाओं के खिलाफ़ बलात्कार को अपराध बनाने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) के तहत महिलाओं और बच्चों के खिलाफ़ यौन अपराधों से संबंधित अध्याय में ट्रांसजेंडर महिलाओं और ट्रांसजेंडर बच्चों को पीड़ितों के रूप में शामिल करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा और मामले को दिसंबर में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट एन. हरिहरन को मामले में न्याय मित्र (Amicus Curiae) के रूप में भी...

सुप्रीम कोर्ट ने मृत्युदंड वाले दोषियों की कृपा याचिकाओं पर शत्रुघन चौहान फैसले में संशोधन की केंद्र की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने मृत्युदंड वाले दोषियों की कृपा याचिकाओं पर 'शत्रुघन चौहान' फैसले में संशोधन की केंद्र की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने आज (8 अक्टूबर) केंद्र द्वारा दायर संशोधन आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें 2014 के शत्रुघन चौहान फैसले में मृत्युदंड से संबंधित दिशानिर्देशों को अधिक पीड़ित-केंद्रित बनाने का अनुरोध किया गया था।याद दिला दें कि केंद्र का यह संशोधन आवेदन 2020 में दायर किया गया था, जब 2012 के दिल्ली गैंगरेप-मर्डर मामले में चार दोषियों के मृत्यु वारंट लंबित थे। ये वारंट केवल 2020 में ही लागू किए गए, जब सुप्रीम कोर्ट ने आधी रात में विशेष बैठक में उनकी अंतिम याचिका खारिज कर दी थी। 2014 में, तीन-जजों की...

लंदन में बैठे, ब्लैकमेलर: हरीश साल्वे और प्रशांत भूषण के बीच तीखी बहस; सुप्रीम कोर्ट ने इंडियाबुल्स मामले में ED से स्थिति स्पष्ट करने को कहा
'लंदन में बैठे', 'ब्लैकमेलर': हरीश साल्वे और प्रशांत भूषण के बीच तीखी बहस; सुप्रीम कोर्ट ने इंडियाबुल्स मामले में ED से स्थिति स्पष्ट करने को कहा

नागरिक व्हिसलब्लोअर फोरम (Citizens Whistle Blower Forum) की याचिका पर सुनवाई के दौरान, जो इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (अब सम्मान कैपिटल) के खिलाफ SIT जांच की मांग करती है, सुप्रीम कोर्ट में आज सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे और एडवोकेट प्रशांत भूषण के बीच तीखी बहस हुई।भूषण ने साल्वे के उस शब्द “ब्लैकमेलर” (धमकाने वाला) के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई, जो उन्होंने याचिकाकर्ता फोरम के लिए कहा था। भूषण ने साल्वे पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने यह दावे करने की “हिम्मत” तब की जब वह लंदन में बैठे थे।...

अल्पवयस्क बड़ा होने पर अभिभावक की बिक्री अपने काम से रद्द कर सकता है, मुकदमा जरूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट
अल्पवयस्क बड़ा होने पर अभिभावक की बिक्री अपने काम से रद्द कर सकता है, मुकदमा जरूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब कोई अल्पवयस्क बड़ा हो जाता है, तो वह अपने अभिभावक द्वारा की गई बिक्री, जिसे बाद में चुनौती दी जा सकती है (voidable sale), को सिर्फ मुकदमा दायर करके ही नहीं, बल्कि अपने स्पष्ट कार्यों या व्यवहार से भी रद्द कर सकता है, जैसे कि उस संपत्ति को किसी तीसरे व्यक्ति को बेच देना।कोर्ट ने कहा, “अल्पवयस्क के अभिभावक द्वारा की गई बिक्री को अल्पवयस्क वयस्क होने पर समय रहते या तो मुकदमा दायर करके या अपने स्पष्ट व्यवहार से रद्द किया जा सकता है।” कोर्ट ने यह भी कहा, “हमेशा जरूरी नहीं...

स्थायी निष्कासन शैक्षणिक और व्यावसायिक मृत्यु समान: पटना हाईकोर्ट ने MBBS स्टूडेंट्स की सज़ा को कम किया
स्थायी निष्कासन 'शैक्षणिक और व्यावसायिक मृत्यु' समान: पटना हाईकोर्ट ने MBBS स्टूडेंट्स की सज़ा को कम किया

पटना हाईकोर्ट ने परीक्षाओं में प्रतिरूपण के कारण स्थायी निष्कासन की सज़ा झेल रहे पांच MBBS स्टूडेंट को राहत देते हुए आर्यभट्ट ज्ञान यूनिवर्सिटी की कार्रवाई को अत्यधिक कठोर और अत्यंत असंगत करार दिया।जस्टिस अनिल कुमार सिन्हा की पीठ ने कहा कि ऐसी चरम कार्रवाई युवा स्टूडेंट्स पर शैक्षणिक और व्यावसायिक मृत्यु थोपने के समान है और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्टूडेंट्स में सुधार की संभावना को नज़रअंदाज़ कर दिया।जस्टिस सिन्हा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहां शैक्षणिक अनुशासन बनाए रखना सर्वोपरि है, वहीं...

आप इस तरह के प्रतिबंध नहीं लगा सकते: दिल्ली हाईकोर्ट ने परीक्षा के बाद चर्चाओं पर प्रतिबंध के खिलाफ जनहित याचिका पर SSC से जवाब मांगा
आप इस तरह के प्रतिबंध नहीं लगा सकते: दिल्ली हाईकोर्ट ने परीक्षा के बाद चर्चाओं पर प्रतिबंध के खिलाफ जनहित याचिका पर SSC से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पहले से आयोजित SSC परीक्षा के प्रश्नपत्रों पर चर्चा विश्लेषण या प्रसार पर रोक लगाई गई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और SSC के माध्यम से भारत संघ से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई नवंबर में निर्धारित की।यह याचिका पेशे से इंजीनियर विकास कुमार मिश्रा द्वारा दायर की गई, जिनके...

समय की घोर बर्बादी: दिल्ली हाईकोर्ट ने BCCI टीम को टीम इंडिया कहने पर रोक लगाने वाली जनहित याचिका खारिज की
'समय की घोर बर्बादी': दिल्ली हाईकोर्ट ने BCCI टीम को टीम इंडिया कहने पर रोक लगाने वाली जनहित याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया, जिसमें प्रसार भारती (जो दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो का संचालन करता है) को BCCI की टीम को भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम या टीम इंडिया के रूप में पेश करने से रोकने की मांग की गई थी।एडवोकेट रीपक कंसल द्वारा दायर याचिका में तर्क दिया गया कि इस तरह का चित्रण जनता को गुमराह करता है और राष्ट्रीय प्रतीकों के उपयोग को नियंत्रित करने वाले कानूनों का उल्लंघन करता है।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने...

राहुल गांधी के वोट चोरी आरोपों की SIT जांच की मांग वाली याचिका पर 13 अक्टूबर को होगी सुनवाई
राहुल गांधी के 'वोट चोरी' आरोपों की SIT जांच की मांग वाली याचिका पर 13 अक्टूबर को होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट 13 अक्टूबर को एक सार्वजनिक हित याचिका (PIL) की सुनवाई करने वाली है, जिसमें विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की गई है, जिसे एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में बनाया जाए, ताकि 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान बेंगलुरु सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोपों की जांच की जा सके। ये आरोप नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए गए थे।इस याचिका को एडवोकेट रोहित पांडे ने दायर किया है, जिसमें यह भी अनुरोध किया गया है कि निर्वाचन आयोग को कोई भी मतदाता...

मानसिक रूप से विकलांग बेटे की देखभाल कर रहे कर्मचारी का तबादला रद्द करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासनिक संवेदनहीनता पर लगाई फटकार
मानसिक रूप से विकलांग बेटे की देखभाल कर रहे कर्मचारी का तबादला रद्द करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशासनिक संवेदनहीनता पर लगाई फटकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारी के तबादले के अनुरोध को अस्वीकार करने के लिए उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की प्रशासनिक संवेदनहीनता की कड़ी आलोचना की। यह कर्मचारी अपने बेटे की देखभाल कर रहा है, जो मानसिक मंदता से पीड़ित है और 50% स्थायी विकलांगता रखता है।जस्टिस मनीष माथुर की पीठ ने 12 सितंबर, 2025 को यह आदेश पारित किया।याचिकाकर्ता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में वरिष्ठ सहायक संतोष कुमार वर्मा ने मैनपुरी से अयोध्या या आस-पास के किसी जिले जिसमें लखनऊ भी शामिल है, में स्थानांतरण की मांग की...