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वक्फ संस्थानों को राज्य ट्रिब्यूनल के सामने विवाद उठाने के लिए कोर्ट फीस से छूट नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
वक्फ संस्थानों को राज्य ट्रिब्यूनल के सामने विवाद उठाने के लिए कोर्ट फीस से छूट नहीं: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार (17 दिसंबर) को अलग-अलग वक्फ संस्थानों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच को खारिज कर दिया। इन याचिकाओं में गुजरात राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल द्वारा पारित उन आदेशों को चुनौती दी गई थी, जिनमें वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों पर वक्फ अधिनियम के तहत आवेदनों को अपर्याप्त कोर्ट फीस का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया।ऐसा करते हुए कोर्ट ने कहा कि राज्य में वक्फ अधिनियम की धारा 83(3) के तहत आवेदन दाखिल करने के लिए वक्फ संस्थानों को कोर्ट फीस देने से "कोई पूरी छूट" या माफी नहीं दी...

यूपी बार काउंसिल ने द्विविवाह के आरोपी वकील को 10 साल के लिए किया था सस्पेंड, हाईकोर्ट ने रद्द किया आदेश
यूपी बार काउंसिल ने द्विविवाह के आरोपी वकील को 10 साल के लिए किया था सस्पेंड, हाईकोर्ट ने रद्द किया आदेश

हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश स्टेट बार काउंसिल द्वारा वकील पर लगाए गए 10 साल के सस्पेंशन को इस आधार पर रद्द कर दिया कि उसे सुनवाई का कोई मौका नहीं दिया गया। वकील पर कथित द्विविवाह के लिए नैतिक पतन का आरोप है।जस्टिस शेखर बी सर्राफ और जस्टिस मनजीव शुक्ला की बेंच ने यह टिप्पणी की:"कारण बताओ नोटिस 17 फरवरी, 2025 को 10 मार्च, 2025 को पेश होने के लिए जारी किया गया और विवादित आदेश 23 फरवरी, 2025 को पारित किया गया, जिससे यह साफ है कि विवादित आदेश बिना सुनवाई का कोई मौका दिए एकतरफ़ा पारित...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विदेश में गारंटर और संपत्ति वाली विदेशी फर्मों को दिए गए लोन के लिए RBI गाइडलाइंस की डिटेल्स मांगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विदेश में गारंटर और संपत्ति वाली विदेशी फर्मों को दिए गए लोन के लिए RBI गाइडलाइंस की डिटेल्स मांगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में भारत सरकार से रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की उन गाइडलाइंस के बारे में खास निर्देश मांगे, जो विदेशी धरती पर विदेशी कंपनियों को दिए गए लोन से संबंधित हैं, जहाँ कोलैटरल सिक्योरिटी किसी विदेशी व्यक्ति की है।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता की बेंच मोहम्मद फारूक नाम के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में स्थित एक फर्म से जुड़े बैंक ऑफ़ बड़ौदा के साथ लोन विवाद के संबंध में हाईकोर्ट का...

2017 के दंगा मामले में नगीना सांसद चंद्रशेखऱ रावण को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार
2017 के दंगा मामले में नगीना सांसद चंद्रशेखऱ रावण को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से मौजूदा सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण की दायर याचिकाओं के एक बैच को खारिज कर दिया। इन याचिकाओं में 2017 के सहारनपुर दंगों से जुड़े उनके खिलाफ दर्ज 4 FIR की कार्यवाही को रद्द करने की मांग की गई थी।जस्टिस समीर जैन की बेंच ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि घटनाएं एक ही दिन हुईं, बाद की FIR रद्द नहीं की जा सकती अगर उनका "दायरा अलग" है और अपराध अलग-अलग जगहों और समय पर किए गए।कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में जहां "बड़ी साज़िश" से इनकार नहीं...

अफसरों के नाम के आगे माननीय लगाने का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- अदालतों का दर्जा कम करने का सूक्ष्म तरीका
अफसरों के नाम के आगे 'माननीय' लगाने का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- अदालतों का दर्जा कम करने का 'सूक्ष्म' तरीका

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में नौकरशाहों और प्रशासनिक अधिकारियों के नामों के आगे 'माननीय' टाइटल लगाने की प्रथा पर कड़ी आपत्ति जताई।जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने इस 'ट्रेंड' को "संवैधानिक अधिकारियों और अदालतों का दर्जा कम करने का एक सूक्ष्म लेकिन पक्का तरीका" बताया।संक्षेप में मामलाहाईकोर्ट क्रिमिनल रिट याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें एडिशनल कमिश्नर अपील के डेजिग्नेशन के बारे में मुद्दा उठा था। बेंच ने देखा कि अधिकारी को "माननीय एडिशनल कमिश्नर, अपील" कहा गया था।इस...

ज़रूरी तथ्य छिपाने या फिर कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश करने वाला मुकदमेबाज़ मेरिट के आधार पर सुनवाई का अधिकार खो देता है: जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट
ज़रूरी तथ्य छिपाने या फिर कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश करने वाला मुकदमेबाज़ मेरिट के आधार पर सुनवाई का अधिकार खो देता है: जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने सोमवार (15 दिसंबर) को कहा कि जो मुक़दमेबाज़ कोर्ट में आते समय ज़रूरी तथ्यों को छिपाता है या दबाता है, वह मेरिट के आधार पर सुनवाई का अधिकार खो देता है। साथ ही संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत कोई भी न्यायसंगत या विवेकाधीन राहत नहीं मांग सकता।जस्टिस वसीम सादिक नरगल की सिंगल जज बेंच ने दो संबंधित रिट याचिकाओं को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की, जिनमें श्रीनगर के शेख बाग में नज़ूल ज़मीन पर मालिकाना हक देने और पब्लिक प्रेमिसेस एक्ट के तहत शुरू की गई बेदखली की कार्यवाही...

वकील पर हमला करने वाले हरियाणा पुलिसकर्मियों के नाम FIR में शामिल करने की मांग की, PHCB की हड़ताल जारी
वकील पर हमला करने वाले हरियाणा पुलिसकर्मियों के नाम FIR में शामिल करने की मांग की, PHCB की हड़ताल जारी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (HCBA) ने पंजाब और हरियाणा की ज़िला अदालतों में काम बंद रखने का आह्वान किया। बता दें, एक वकील पर कथित तौर पर हमला करने वाले हरियाणा पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपनी मांग दोहराई।पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट के सामने बताया कि एक ऐसे मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, जिसमें हरियाणा पुलिस ने कथित तौर पर पंजाब में एक वकील पर हमला किया।एसोसिएशन के सचिव गगनदीप जम्मू द्वारा जारी नोटिस में बताया गया कि...

लिव-इन रिलेशनशिप गैर-कानूनी नहीं, राज्य जोड़ों की रक्षा करने के लिए बाध्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट
'लिव-इन रिलेशनशिप गैर-कानूनी नहीं, राज्य जोड़ों की रक्षा करने के लिए बाध्य': इलाहाबाद हाईकोर्ट

एक महत्वपूर्ण आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट (सिंगल जज) ने बुधवार को कहा कि हालांकि लिव-इन रिलेशनशिप का कॉन्सेप्ट सभी को स्वीकार्य नहीं हो सकता है, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि ऐसा रिश्ता 'गैर-कानूनी' है या शादी की पवित्रता के बिना साथ रहना कोई अपराध है।इसमें यह भी कहा गया कि इंसान के जीवन का अधिकार "बहुत ऊंचे दर्जे" पर है, भले ही कोई जोड़ा शादीशुदा हो या शादी की पवित्रता के बिना साथ रह रहा हो।कोर्ट ने टिप्पणी की,"एक बार जब कोई बालिग व्यक्ति अपना पार्टनर चुन लेता है तो किसी अन्य व्यक्ति, चाहे वह...

आत्मनिर्भर बनने के लिए पत्नी को भरण-पोषण का 10% कौशल विकास पर खर्च करना होगा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
आत्मनिर्भर बनने के लिए पत्नी को भरण-पोषण का 10% कौशल विकास पर खर्च करना होगा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्नी को दिए गए भरण-पोषण की राशि बढ़ाने से इनकार करते हुए निर्देश दिया है कि वह प्राप्त हो रही भरण-पोषण राशि का कम से कम 10 प्रतिशत अपने कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) के लिए उपयोग करे। अदालत ने कहा कि भरण-पोषण का उद्देश्य केवल जीवन-यापन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद दीर्घकालिक गरिमा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना भी है।जस्टिस आलोक जैन ने कहा,“याचिकाकर्ता को अपनी क्षमताओं और जीवन स्तर को बेहतर बनाने की आवश्यकता है ताकि वह आत्मनिर्भर बन सके। तभी यह कहा जा सकेगा कि...

आपसी सहमति से तलाक की पहली अर्जी के लिए एक वर्ष की अलगाव अवधि अनिवार्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
आपसी सहमति से तलाक की पहली अर्जी के लिए एक वर्ष की अलगाव अवधि अनिवार्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा है कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13B(1) के तहत आपसी सहमति से तलाक की पहली अर्जी दाखिल करने से पहले आवश्यक एक वर्ष की अलगाव अवधि अनिवार्य नहीं है और इसे माफ (वेवर) किया जा सकता है।जस्टिस नवीन चावला, जस्टिस अनुप जयराम भंभानी और जस्टिस रेणु भटनागर की पूर्ण खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि इस अवधि को अधिनियम की धारा 14(1) के प्रावधान (प्रोवाइजो) को लागू करते हुए माफ किया जा सकता है।अदालत ने यह भी कहा कि एक वर्ष की अलगाव अवधि की माफी से धारा 13B(2) के तहत दूसरी...

NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त,दिल्ली सीमाओं पर स्थित 9 टोल प्लाजा को बंद या स्थानांतरित करने पर विचार करने को NHAI और MCD से कहा
NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त,दिल्ली सीमाओं पर स्थित 9 टोल प्लाजा को बंद या स्थानांतरित करने पर विचार करने को NHAI और MCD से कहा

दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ते वायु प्रदूषण स्तर को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और नगर निगम दिल्ली (MCD) को कई अहम निर्देश जारी किए। अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर स्थित टोल प्लाजा के कारण उत्पन्न हो रही भीषण यातायात भीड़ को कम करने के लिए उन्हें अस्थायी रूप से बंद करने या अन्यत्र स्थानांतरित करने की संभावना पर तत्काल विचार करने को कहा।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ को...

दिल्ली-NCR में BS-IV से नीचे के 10 साल पुराने डीज़ल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी
दिल्ली-NCR में BS-IV से नीचे के 10 साल पुराने डीज़ल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (17 दिसंबर) को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीज़ल वाहनों और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने वाले अपने 12 अगस्त के आदेश में आंशिक संशोधन किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिनका उत्सर्जन मानक बीएस-IV से नीचे का है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ ने यह आदेश दिल्ली सरकार के अनुरोध पर पारित...

दमन एवं दीव घूमने गए लड़कों को मुंबई पुलिस ने ज़बरदस्ती हिरासत में लेकर वसूल की फिरौती, हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार
दमन एवं दीव घूमने गए लड़कों को मुंबई पुलिस ने ज़बरदस्ती हिरासत में लेकर वसूल की फिरौती, हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

यह देखते हुए कि कानून लागू करने वालों द्वारा किए गए अपराध पूरे न्याय सिस्टम की ईमानदारी को कमजोर करते हैं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को दमन और दीव केंद्र शासित प्रदेश के पांच पुलिसकर्मियों को जमानत देने से इनकार किया, जिन पर सूरत के युवा लड़कों को अवैध रूप से हिरासत में लेने, उनके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार करने और उन्हें छोड़ने के लिए 'फिरौती' के तौर पर 25 लाख रुपये मांगने और पीड़ितों के परिवार से 5 लाख रुपये मिलने के बाद उन्हें छोड़ने का आरोप है।सिंगल-जज जस्टिस डॉ. नीला गोखले ने कहा कि इस मामले...

सुप्रीम कोर्ट ने RG Kar मेडिकल कॉलेज मामले में स्वतः संज्ञान याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट को सौंपी
सुप्रीम कोर्ट ने RG Kar मेडिकल कॉलेज मामले में स्वतः संज्ञान याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट को सौंपी

सुप्रीम कोर्ट ने आज आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुई बलात्कार और हत्या की घटना से जुड़े उस स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) मामले को कलकत्ता उच्च न्यायालय को स्थानांतरित कर दिया, जिसे उसने स्वयं शुरू किया था। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन की निगरानी कलकत्ता हाईकोर्ट करेगा।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि यह मामला कलकत्ता हाईकोर्ट की एक डिवीजन बेंच के समक्ष रखा जाए, जिसके लिए मुख्य न्यायाधीश...

राष्ट्रपति के आदेश के बाद 19 दिसंबर को केरल हाईकोर्ट में शामिल होंगी जस्टिस निशा बानू
राष्ट्रपति के आदेश के बाद 19 दिसंबर को केरल हाईकोर्ट में शामिल होंगी जस्टिस निशा बानू

जस्टिस निशा बानू 19 दिसंबर को केरल हाईकोर्ट में शामिल होंगी। बता दें, जस्टिस बानू को अक्टूबर में मद्रास हाईकोर्ट से केरल हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया गया था।केरल हाईकोर्ट ने जज के शपथ ग्रहण समारोह की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए एक यूट्यूब लिंक जारी किया, जिससे इस बात की पुष्टि होती है।वह 19 दिसंबर को केरल हाई कोर्ट में जज के तौर पर शपथ लेंगी।हालांकि, केंद्र सरकार ने 14 अक्टूबर, 2025 को मद्रास हाईकोर्ट से केरल हाईकोर्ट में उनके ट्रांसफर की सूचना दी थी, लेकिन उन्होंने ट्रांसफर आदेश का पालन नहीं किया था।...

फैमिली कोर्ट काउंसलर्स के लिए जेंडर संवेदीकरण पर एक दिवसीय वर्कशॉप आयोजित
फैमिली कोर्ट काउंसलर्स के लिए जेंडर संवेदीकरण पर एक दिवसीय वर्कशॉप आयोजित

न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, उत्तर प्रदेश (JTRI), लखनऊ में 14 दिसंबर 2025 को “लिंग संवेदीकरण” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इलाहाबाद उच्च न्यायालय की पारिवारिक न्यायालय मामलों की संवेदनशीलता समिति के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए पारिवारिक न्यायालय परामर्शदाताओं ने भाग लियाकार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को लिंग को एक सामाजिक संरचना के रूप में समझने, प्रचलित लैंगिक रूढ़ियों की पहचान करने तथा यह समझ विकसित...

अस्थायी कर्मचारियों को दिए गए टेक्निकल ब्रेक मातृत्व अवकाश लाभ से इनकार करने का आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
अस्थायी कर्मचारियों को दिए गए टेक्निकल ब्रेक मातृत्व अवकाश लाभ से इनकार करने का आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (16 दिसंबर) को फैसला सुनाया कि दैनिक वेतन पर अस्थायी आधार पर काम करने वाली महिला मातृत्व अवकाश के लाभों की हकदार है। उसे इस आधार पर इससे वंचित नहीं किया जा सकता कि उसे साल में 120 दिन पूरे करने के बाद 1 या 2 दिन का टेक्निकल ब्रेक दिया जाता है।कोल्हापुर में सर्किट बेंच में बैठे जस्टिस मकरंद कर्णिक और अजीत कडेथंकर की डिवीजन बेंच ने डॉ. वृषाली यादव द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया, जो सितंबर 2018 से राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रसूति एवं...