हाईकोर्ट

विशाखापत्तनम में गूगल-अडानी डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को हाईकोर्ट में चुनौती, राज्य का दावा- पर्यावरण सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम
विशाखापत्तनम में प्रस्तावित गूगल-अडानी डेटा सेंटर को चुनौती देते हुए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में PIL (जनहित याचिका) दायर की गई। इसमें प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण मंज़ूरी और 160 एकड़ ज़मीन के आवंटन पर सवाल उठाए गए।प्रस्तावित प्रोजेक्ट में श्री वराह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी देवस्थानम, सिम्हाचलम की 160 एकड़ मंदिर की ज़मीन शामिल है। यह ज़मीन विशाखापत्तनम ग्रामीण मंडल के अदाविवरम और मुडासरलोवा गांवों में स्थित है। इस प्रोजेक्ट का दायरा विशाखापत्तनम और अनाकापल्ली ज़िलों तक फैला हुआ।पर्यावरण कार्यकर्ता और...

पूरी तरह निष्क्रिय रवैये पर हाईकोर्ट सख्त, अवमानना मामले में दो IAS अधिकारियों के गिरफ्तारी वारंट जारी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका में न तो वकील नियुक्त करने और न ही अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने पर दो IAS अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों को कार्यवाही की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने मामले में उपस्थित होने की जरूरत तक नहीं समझी।जस्टिस विवेक जैन की पीठ ने राज्य सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार ने अवमानना याचिकाओं के मामलों में पूरी तरह निष्क्रियता अपना रखी है। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी केवल हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को पत्र भेजकर...

महो सत्र न्यायालय में अतिरिक्त लोक अभियोजक की नई नियुक्ति का रास्ता साफ, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 8 सप्ताह में प्रक्रिया शुरू करने को कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इंदौर जिले के महो स्थित एडिशनल सेशन जज की अदालत में अतिरिक्त लोक अभियोजक की नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की पीठ ने स्पष्ट किया कि विभागीय नियमावली में किसी नियुक्ति की अवधि अधिकतम तीन वर्ष बताए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हर नियुक्ति तीन साल के लिए ही होगी। इसका अर्थ केवल यह है कि नियुक्ति अधिकतम तीन साल तक की अवधि के लिए की जा सकती है।मामले में याचिकाकर्ता ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अतिरिक्त सचिव की ओर...

अनुशासनात्मक कार्रवाई ही रद्द हो गई तो प्रतिकूल सेवा टिप्पणी का आधार भी खत्म: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने अपने पूर्व रजिस्ट्रार (न्यायिक) की सेवा पुस्तिका में दर्ज प्रतिकूल टिप्पणियों के मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया।हाईकोर्ट ने कहा कि जिन गंभीर आरोपों के आधार पर अधिकारी की गोपनीय चरित्रावली में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की गई, उन आरोपों पर हुई विभागीय कार्रवाई और उसमें दी गई सजा को बाद में अदालत पहले ही रद्द कर चुकी है। ऐसे में प्रतिकूल टिप्पणी के आधार की दोबारा समीक्षा जरूरी है।जस्टिस मनाश रंजन पाठक और जस्टिस सिबो शंकर मिश्रा की खंडपीठ ने पूर्व रजिस्ट्रार (न्यायिक) ललित कुमार दास...

छात्रों से धार्मिक प्रार्थना कराने के आरोप में निलंबित शिक्षक को हाईकोर्ट से राहत, 15 दिन में जांच पूरी करने का निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूल में छात्रों से इस्लामी प्रार्थना कराने और उन्हें एक विशेष समुदाय से संबंधित दिखाने वाली वर्दी पहनाने के आरोप में निलंबित शिक्षक को राहत दी।हाईकोर्ट ने विभागीय जांच जल्द पूरी करने का निर्देश देते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक शिक्षक का निलंबन आदेश प्रभावी नहीं रहेगा। जस्टिस मंजू रानी चौहान की पीठ ने शिक्षक मोहम्मद अनजर अहमद की याचिका पर सुनवाई करते हुए विभागीय जांच को कानून के अनुसार जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि जांच को प्राथमिकता के आधार पर,...

वक्फ बोर्ड नियमों को दरकिनार कर एड हॉक समिति नहीं बना सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ पीठ ने कहा कि वक्फ बोर्ड वैधानिक प्रक्रिया को दरकिनार कर किसी वक्फ संस्था के प्रबंधन के लिए अपनी मर्जी से एड हॉक समिति नियुक्त नहीं कर सकता।हाईकोर्ट ने राज्य वक्फ बोर्ड की ओर से 11 महीने के लिए बनाई गई 11 सदस्यीय तदर्थ समिति से संबंधित कार्यालय ज्ञापन रद्द किया। जस्टिस सचिन शंकर मगदुम ने मुडलगि की बज्मे तौहीद तंजीम समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।याचिका में वक्फ संस्था के प्रबंधन और निगरानी के लिए बोर्ड द्वारा तदर्थ समिति गठित करने के फैसले को...

76 साल के बीमार आरोपी को जमानत देते हुए हाईकोर्ट बोला- न्याय के लिए जज में रीढ़ की हड्डी होनी चाहिए
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 76 वर्षीय आरोपी को खराब स्वास्थ्य और पांच साल से अधिक समय से जेल में रहने के आधार पर अंतरिम जमानत दी। हाईकोर्ट ने कहा कि 75 वर्ष से अधिक उम्र के किसी बीमार व्यक्ति की जमानत याचिका पर फैसला करते समय अदालत को उसकी उम्र और स्वास्थ्य को बेहद संवेदनशीलता के साथ देखना चाहिए। ऐसी याचिका खारिज करने से पहले जज को इसके कारण भी स्पष्ट रूप से दर्ज करने चाहिए।जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस हरमीत सिंह देओल की पीठ ने कहा कि अस्वस्थ वृद्धावस्था एक अभिशाप है।...

कोर्ट की गलती से पुलिस अधिकारी पर लगा जुर्माना, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश वापस लिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने ही पुराने आदेश में हुई तथ्यात्मक गलती को सुधारते हुए मेवात के पुलिस अधीक्षक पर लगाए गए 5 हजार रुपये के जुर्माने का आदेश वापस ले लिया। कोर्ट ने माना कि 7 सितंबर को जुर्माना लगाते समय यह तथ्य सही ढंग से दर्ज नहीं हो पाया कि राज्य सरकार की ओर से जवाब उसी दिन अदालत में पेश करने का प्रयास किया गया।जस्टिस सुमीत गोयल ने मामले में अदालत की गलती से किसी पक्ष को नुकसान न होने के सिद्धांत को लागू करते हुए कहा कि अदालत की अपनी भूल के कारण किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं...

कपिल सिब्बल ने 10वीं अनुसूची के तहत 'विलय' के मुद्दे पर फ़ैसला लेने में सुप्रीम कोर्ट की देरी पर उठाए सवाल
सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत विलय से जुड़े अपवाद (Merger Exception) पर बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच के 2022 के फ़ैसले की वैधता तय करने में सुप्रीम कोर्ट की देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मूल राजनीतिक पार्टी के विलय के बिना किसी विधायी पार्टी (legislature party) के विलय को मान्यता देने से "गड़बड़ी" (mischief) पैदा होगी।कोच्चि में 'हॉर्स ट्रेडिंग और लोकतंत्र' (Horse Trade and Democracy) पर ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन द्वारा आयोजित चर्चा में बोलते हुए सिब्बल ने...

UP Municipalities Act | निजी ज़मीन पर भी मवेशी बाज़ार के लिए लाइसेंस देने का अधिकार नगर पंचायत के पास: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि नगर पंचायत के पास उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 के तहत अपनी स्थानीय सीमा के भीतर मवेशी बाज़ारों को लाइसेंस देने और उन्हें रेगुलेट करने का अधिकार है। कोर्ट ने मवेशी बाज़ार लगाने के लिए दिए गए लाइसेंस को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए यह बात कही।जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिसंबर 2025 और मार्च 2026 के आदेशों को चुनौती दी गई। इन आदेशों में प्रतिवादी नंबर 7 को मथुरा ज़िले के महावन शहर में एक जगह...

राजस्थान हाईकोर्ट ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने के खिलाफ याचिका खारिज की, आर्टिकल 243ZG के तहत रोक का हवाला दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने नगर पालिका आम चुनाव 2026 के लिए वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाए जाने को चुनौती देने वाली व्यक्ति की याचिका खारिज की। कोर्ट ने भारत के संविधान के आर्टिकल 243-ZG के तहत लगाई गई रोक का हवाला दिया।आर्टिकल 243 ZG अदालतों को नगर पालिका चुनावों से जुड़े मामलों में दखल देने से रोकता है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने कहा कि यह मामला आने वाले नगर पालिका चुनावों में वोट डालने से जुड़ा है, जिसके लिए राजस्थान राज्य चुनाव आयोग ने पहले ही विस्तृत चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है, इसलिए चुनाव...

CPC की धारा 10 के तहत मुकदमा रोकने से 'स्मॉल कॉज़ कोर्ट' के इनकार के खिलाफ अनुच्छेद 227 के तहत याचिका स्वीकार्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'स्मॉल कॉज़ कोर्ट' (छोटी अदालतों) में लंबित मुकदमे को रोकने के लिए CPC की धारा 10 और धारा 151 के तहत दी गई अर्ज़ी को खारिज करने का आदेश, 'प्रोविंशियल स्मॉल कॉज़ कोर्ट्स एक्ट, 1887' की धारा 25 के अर्थ में "तय किया गया मामला" (केस डिसाइडेड) नहीं माना जाएगा।कोर्ट ने कहा कि चूंकि धारा 25 के तहत रिविज़न (पुनरीक्षण) का उपाय उपलब्ध नहीं था, इसलिए ऐसे आदेश के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत याचिका स्वीकार्य है।'प्रोविंशियल स्मॉल कॉज़ कोर्ट्स एक्ट, 1887' की धारा 25...

राजस्थान हाईकोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के नतीजों की घोषणा पर रोक लगाई, मामला 'आंसर की' पर आपत्तियों से जुड़ा
राजस्थान हाईकोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेज़ी) के पद पर भर्ती प्रक्रिया में चुने गए उम्मीदवारों के अंतिम नतीजों की घोषणा पर रोक लगाई।जस्टिस गणेश राम मीना की बेंच एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेज़ी) पद के लिए हुई लिखित परीक्षा की मॉडल 'आंसर की' (जो 31.12.2025 को जारी की गई) पर उठाई गई आपत्तियों पर विचार किए बिना ही राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि दिसंबर 2025 में राज्य ने भर्ती प्रक्रिया की लिखित...

बड़े पैमाने पर चलने वाले बूचड़खाने के लिए रेगुलर FSSAI लाइसेंस ज़रूरी, सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट काफ़ी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'छोटे फ़ूड बिज़नेस' (Petty Food Business) के लिए तय क्षमता से ज़्यादा क्षमता पर चलने वाले बड़े पैमाने के बूचड़खाने के लिए 'फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' (FSSAI) के तहत रेगुलर लाइसेंस की ज़रूरत होती है और सिर्फ़ रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट से ऐसी गतिविधि की इजाज़त नहीं मिल सकती।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 19(1)(g) के तहत व्यापार या कारोबार करने का मौलिक अधिकार, फ़ूड सेफ़्टी और पब्लिक हेल्थ के हित में लागू वैध...

सीनियर सिटिज़न के अपने बच्चे ज़िंदा हों तो भरण-पोषण के लिए बहू ज़िम्मेदार नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि 'माता-पिता और सीनियर सिटिज़न के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत बहू तब ज़िम्मेदार नहीं है, जब सीनियर सिटिज़न के बच्चे ज़िंदा हों। [2026 LiveLaw (Ker) 499]जस्टिस हरिशंकर वी. मेनन ने कहा कि जब सीनियर सिटिज़न के दूसरे बच्चे हों तो बहू इस अधिनियम के तहत 'बच्चे' या 'रिश्तेदार' की परिभाषा में नहीं आएगी।कोर्ट ने कहा,“अधिनियम की धारा 9 को पढ़ने से पता चलता है कि केवल “बच्चों या रिश्तेदारों” को ही सीनियर सिटिज़न को मासिक भरण-पोषण का भुगतान करने का निर्देश दिया...

S.164 Electricity Act | पावर ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के लिए ज़मीन मालिक की मंज़ूरी ज़रूरी नहीं, मुआवज़े का अधिकार बना रहेगा: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि बिजली ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के लिए ज़मीन मालिक की पहले से मंज़ूरी लेने की ज़रूरत नहीं है, अगर बिजली कंपनी को इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 164 के तहत टेलीग्राफ अथॉरिटी की शक्तियां दी गई हैं। [2026 LiveLaw (MP) 366]एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीज़न बेंच ने साफ़ किया कि एक बार ऐसी शक्तियां मिल जाने के बाद कंपनी इंडियन टेलीग्राफ एक्ट, 1885 (ITA) की धारा 10 और 16 के तहत टेलीग्राफ अथॉरिटी को मिली शक्तियों का इस्तेमाल कर सकती है।कोर्ट...

IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता का एक गंभीर कृत्य भी अपराध माना जा सकता है, कई कृत्यों की श्रृंखला ज़रूरी नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि क्रूरता का एक ही गंभीर कृत्य IPC की धारा 498A के तहत अपराध माना जा सकता है और इसके लिए कई कृत्यों की श्रृंखला ज़रूरी नहीं है।जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन ने कहा:“पति-पत्नी के बीच हर तरह की परेशानी, असहमति या बुरे बर्ताव को IPC की धारा 498A के तहत 'क्रूरता' नहीं माना जा सकता... साथ ही यह भी नहीं कहा जा सकता कि क्रूरता साबित करने के लिए हमेशा कई कृत्यों की श्रृंखला ज़रूरी है। अगर कोई एक कृत्य काफ़ी गंभीर हो और क़ानूनी परिभाषा के दायरे में आता हो, तो उसे भी क्रूरता...

सरकारी डिस्पेंसरी के रिकॉर्ड की जिम्मेदारी प्रभारी डॉक्टर की, अधीनस्थ पर नहीं डाल सकते दोष: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी के प्रभारी डॉक्टर को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की सजा बरकरार रखते हुए कहा कि डिस्पेंसरी के रिकॉर्ड और उसमें होने वाली प्रविष्टियों की जिम्मेदारी प्रभारी अधिकारी की होती है। अधीनस्थ कर्मचारी ने अपना काम ठीक से नहीं किया तो इससे प्रभारी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाता।जस्टिस आनंद शर्मा ने सरकारी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी, किशनपुर, बेराठ के प्रभारी रहे डॉक्टर की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।बता दें, डॉक्टर को एक अन्य सरकारी...

गैर-वाणिज्यिक मुकदमों में लिखित बयान की देरी माफ करने का कोई तय फार्मूला नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि गैर-वाणिज्यिक दीवानी मुकदमों में लिखित बयान दाखिल करने की समय-सीमा को लेकर कोई कठोर या तय फार्मूला नहीं अपनाया जा सकता। हर मामले में देरी के कारणों को उसके तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर परखा जाना चाहिए।जस्टिस सुदेश बंसल ने कहा कि दीवानी प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 8 नियम 1 के तहत लिखित बयान दाखिल करने की समय-सीमा अनिवार्य नहीं, बल्कि निर्देशात्मक है। हालांकि निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद लिखित बयान दाखिल करने की अनुमति मांगने वाले पक्ष को देरी के लिए पर्याप्त...

लखनऊ जिला कोर्ट के आसपास बचे अवैध कब्जे भी हटेंगे, हाईकोर्ट ने पांच हफ्ते में कार्रवाई के दिए निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ जिला एवं सेशन कोर्ट के आसपास बचे सभी अवैध कब्जे हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने बताया कि उसके पहले के आदेशों के अनुपालन में 57 और अवैध कब्जे हटाए जा चुके हैं। इससे पहले 14 अवैध निर्माण हटाए गए।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस राजीव भारती की पीठ ने लखनऊ में जिला एवं सेशन कोर्ट परिसर तथा आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों में कथित अवैध कब्जों से संबंधित दो याचिकाओं की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।लखनऊ नगर निगम के जोन-1 के जोनल अधिकारी ने 8 सितंबर 2026 के निर्देशों के साथ हटाए...
