हाईकोर्ट

कक्षा में अनुशासन के लिए छात्रा का हाथ खींचने पर शिक्षिका के खिलाफ आपराधिक मामला रद्द: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने पांचवीं कक्षा की एक छात्रा का हाथ खींचने और उसे चोट लगने के आरोप में शिक्षिका के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि शिक्षिका का उद्देश्य छात्रा को परेशान करना या चोट पहुंचाना नहीं, बल्कि कक्षा में अनुशासन बनाए रखना था।जस्टिस जॉबिन सेबेस्टियन ने कहा कि केवल इसलिए किसी शिक्षक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता कि उसने संस्थान में अनुशासन बनाए रखने के लिए सुधारात्मक उपाय के रूप में मामूली दंड दिया।'मामूली सुधारात्मक कार्रवाई के लिए शिक्षकों पर आपराधिक...

'जम्मू-कश्मीर जैसे आतंक प्रभावित क्षेत्र में मार्च निकाल सकते हैं, तो तमिलनाडु में अनुमति क्यों नहीं?' RSS मार्च पर मद्रास हाईकोर्ट की मौखिक टिप्पणी
मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार (14 अक्टूबर) को तमिलनाडु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की रूट मार्च निकालने की अनुमति से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए सवाल किया कि जब संगठन जम्मू-कश्मीर जैसे आतंक प्रभावित क्षेत्रों में भी मार्च निकाल सकता है, तो तमिलनाडु पुलिस उसे हर साल अनुमति देने से इनकार क्यों करती है।जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा,“अगर वे (RSS) जम्मू-कश्मीर जैसे आतंक प्रभावित क्षेत्र में मार्च निकाल सकते हैं, तो तमिलनाडु पुलिस उन्हें हर साल अनुमति देने से इनकार क्यों...

दिल्ली में पनीर के नाम पर नॉन-डेयरी उत्पादों की बिक्री का आरोप, हाईकोर्ट ने केंद्र, FSSAI और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में पनीर के नाम पर डेयरी एनालॉग्स (Dairy Analogues) और नॉन-डेयरी उत्पादों की कथित बिक्री पर खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर बुधवार को नोटिस जारी किया।कार्यवाहक चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस संजय शर्मा की खंडपीठ ने केंद्र सरकार, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), दिल्ली सरकार और उसके खाद्य सुरक्षा विभाग से जवाब मांगा है।'रेस्तरां में पनीर ऑर्डर करने पर ग्राहक को असली डेयरी उत्पाद मिलने की उम्मीद होती...

राजस्थान हाईकोर्ट ने लीगल एड वकील के खिलाफ 'असंतोषजनक सेवा' संबंधी टिप्पणियां हटाईं, कहा- युवा वकील के करियर पर पड़ सकता है असर
राजस्थान हाईकोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा एक युवा लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सेवाएं समाप्त करने के आदेश में की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को हटा दिया। इन टिप्पणियों में वकील की सेवाओं को लापरवाह और असंतोषजनक बताया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना किसी जांच के की गई ऐसी टिप्पणियां युवा वकील के भविष्य और करियर को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, कोर्ट ने उनकी सेवा समाप्ति का फैसला बरकरार रखा।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता की नियुक्ति लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम...

समलैंगिक जोड़ों को गिफ्ट टैक्स छूट से बाहर रखना मनमाना, 'बुद्धिगम्य अंतर' का तर्क लागू नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील
समलैंगिक जोड़े ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील दी कि आयकर अधिनियम, 1961 (Income Tax Act) के तहत विवाहित जोड़ों को मिलने वाली गिफ्ट टैक्स छूट से समलैंगिक साथियों को बाहर रखने को संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत 'बुद्धिगम्य अंतर' के सिद्धांत से उचित नहीं ठहराया जा सकता। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यह बहिष्कार लिंग के आधार पर होता है, इसलिए संविधान के अनुच्छेद 15 में दिए गए भेदभाव-विरोधी संरक्षण का भी उल्लंघन करता है।जस्टिस बी.एम. श्याम प्रसाद के समक्ष सुनवाई के दौरान यह दलील दी गई। याचिका में समलैंगिक...

68 वर्षीय विधवा मां को छोड़ने के लिए इकलौते बेटे पर दबाव बनाना मानसिक क्रूरता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी द्वारा अपने पति पर बार-बार इस बात का दबाव बनाना कि वह अपनी 68 वर्षीय विधवा मां को छोड़कर अलग घर में रहे, मानसिक क्रूरता है। ऐसी स्थिति में पति हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 के तहत तलाक पाने का हकदार है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने कहा,“अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में पहुंच चुकी अपीलकर्ता की मां को उसके बेटे के साथ से वंचित करने का प्रयास प्रतिवादी की ओर से किया गया क्रूर कृत्य है।”मामले में पति और पत्नी का विवाह 17 फरवरी, 2000...

दिल्ली हाईकोर्ट का अधिकारियों को निर्देश: उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे को उनके खिलाफ जारी LOC के बारे में जानकारी दें
दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी को चार हफ़्ते के अंदर बताएं कि क्या उनके खिलाफ जारी कोई 'लुक आउट सर्कुलर' (LOC) अभी भी लागू है या नहीं।जस्टिस विमल कुमार यादव ने अनमोल अंबानी की याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया। अंबानी ने यह याचिका अपने खिलाफ जारी किसी भी लागू LOC की जानकारी पाने के लिए दायर की थी।कोर्ट को ब्यूरो ऑफ़ इमिग्रेशन की ओर से पेश केंद्र सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की ओर...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भोजपुरी एक्ट्रेस आकांक्षा दुबे की मौत की CBI जांच की मांग करने वाली याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 अक्टूबर को भोजपुरी एक्ट्रेस और मॉडल आकांक्षा दुबे की मां मधु दुबे की याचिका को रिकॉर्ड पर लिया। मधु दुबे ने मार्च 2023 में वाराणसी के एक होटल के कमरे में अपनी बेटी की मौत की सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से जांच कराने की मांग की थी।जस्टिस राजीव मिश्रा और जस्टिस डॉ. अजय कुमार-II की बेंच ने कहा कि यह तर्क कि एक्ट्रेस की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या थी, गलतफहमी पर आधारित है।बेंच ने आगे कहा कि मृतक का शव न होने की स्थिति में घटना के तरीके या मौत के कारण की आगे जांच...

स्ट्रक्चरल ऑडिट के बिना सिर्फ़ 'देखकर की गई जांच' के आधार पर गिराने का आदेश नहीं दिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट की धारा 348 और 349 के तहत किसी इमारत को खाली करने और गिराने का आदेश सिर्फ़ देखकर या वर्चुअल जांच के आधार पर नहीं दिया जा सकता। इसके लिए ज़रूरी तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों द्वारा स्ट्रक्चरल जांच जैसी संबंधित तकनीकी जानकारी का होना ज़रूरी है।(तत्कालीन) चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीज़न बेंच उन अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जो MCD के आदेशों के खिलाफ़ दायर की गईं। MCD ने दो इमारतों में रहने वालों को जगह खाली...

अगर विधवा बहू अपना खर्च खुद नहीं उठा सकती तो ससुर का यह 'पवित्र कर्तव्य' है कि वह उसका खर्च उठाए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई विधवा बहू अपनी कमाई, संपत्ति या अपने दिवंगत पति की संपत्ति से अपना खर्च नहीं उठा सकती तो उसके ससुर का यह "पवित्र कर्तव्य" है कि वह उसका खर्च उठाए।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 (HAMA) के तहत कानूनी व्यवस्था विधवा बहू को भरण-पोषण पाने की हकदार मानती है, जिसमें रहने की जगह और आश्रय भी शामिल है।कोर्ट एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रहा था, जिसमें एक दिवंगत व्यक्ति के कानूनी प्रतिनिधियों ने एक आदेश के खिलाफ अपील की थी। इस...

'अवध बार को लोकतांत्रिक व्यवहार में मिसाल कायम करनी चाहिए': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बार चुनाव की अपील की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि अवध बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से हों। कोर्ट ने कहा कि बार को समाज के लिए लोकतांत्रिक व्यवहार की मिसाल कायम करनी चाहिए।जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने कहा कि चुनावों में ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता और आपसी सम्मान के उच्चतम मानक दिखने चाहिए।बेंच ने कहा,"कानूनी बिरादरी से उम्मीद की जाती है कि वे समाज के लिए मार्गदर्शक बनें और दूसरों के लिए मिसाल कायम...

हालात में बदलाव के बिना सिर्फ़ 6 महीने बाद अर्ज़ी दोबारा लगाने की छूट देकर नाबालिग की ज़मानत अर्ज़ी खारिज नहीं की जा सकती: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि अगर ट्रायल पूरा नहीं हुआ तो चिल्ड्रन कोर्ट किसी नाबालिग की ज़मानत अर्ज़ी को सिर्फ़ इस आधार पर खारिज नहीं कर सकता कि उसे छह महीने बाद अर्ज़ी दोबारा लगाने की छूट दी जा रही है। कोर्ट ने माना कि जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) एक्ट, 2015 के तहत ऐसा तरीका अपनाना सही नहीं है।जस्टिस जितेंद्र कुमार की सिंगल जज बेंच नाबालिग की अपील पर सुनवाई कर रही थी। यह अपील चिल्ड्रन कोर्ट के 02.01.2026 के उस आदेश के खिलाफ है, जो J.E. ट्रायल नंबर 18/2025 (सिवान मुफस्सिल P.S. केस...

कपड़े-बर्तन धुलवाने पर बहू ने ससुराल वालों पर किया केस, हाईकोर्ट ने कहा- IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता नहीं
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक परिवार के छह सदस्यों के खिलाफ FIR रद्द करते हुए कहा कि ससुराल वालों का बहू से कपड़े और बर्तन धोने जैसे घर के काम करवाना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498-A के तहत क्रूरता नहीं माना जाएगा और इस आरोप पर उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।कोल्हापुर बेंच में बैठे जस्टिस अभय मंत्री ने शिकायतकर्ता महिला के उस आरोप पर गौर किया, जिसमें कहा गया कि उसका पति उसे कल्याण-बदलापुर में अपनी एक बहन (शिकायतकर्ता की ननद) के घर ले गया था, जहाँ उससे घर के काम करने के लिए कहा गया। जज को इन आरोपों...

धर्म की आज़ादी का मतलब यह नहीं कि ईसाई समुदाय कब्रिस्तान के लिए ज़मीन का कोई खास टुकड़ा मांग सके: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि धर्म की आज़ादी के अधिकार (जिसमें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अंतिम संस्कार करने का अधिकार भी शामिल है) के तहत किसी समुदाय को कब्रिस्तान बनाने के लिए स्थानीय निकाय की ज़मीन के किसी खास टुकड़े पर दावा करने का अधिकार नहीं मिलता।जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच ने 'क्रिश्चियन कम्युनिटी वेलफेयर सोसाइटी' की रिट याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। सोसाइटी ने गाजियाबाद में बंजर ज़मीन के एक टुकड़े को ईसाई कब्रिस्तान में बदलने की अपनी अर्जी खारिज किए जाने को...

दिल्ली हाईकोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की इजाज़त मांग वाली IYC की याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (13 अक्टूबर) को इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त मांगने वाली अर्ज़ी पर फिर से विचार करने की मांग की गई। साथ ही, यह भी जांचने को कहा गया है कि क्या सुरक्षा, ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को उचित शर्तों के साथ हल किया जा सकता है या नहीं।जस्टिस अमित महाजन ने याचिका में की गई तीन मांगों पर नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई नवंबर के लिए तय की। यह याचिका IYC के अध्यक्ष...

एक ही अपराध के लिए जब POCSO और IPC दोनों के तहत आरोप लगें तो POCSO Act के तहत सिर्फ़ ज़्यादा सज़ा दी जानी चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि जब किसी आरोपी को एक ही अपराध के लिए POCSO Act की धारा 4 और IPC की धारा 376(2)(f) दोनों के तहत दोषी ठहराया जाता है तो POCSO Act की धारा 42 के अनुसार कोर्ट को ज़्यादा सज़ा देनी चाहिए; यह दोनों अपराधों के लिए अलग-अलग सज़ाओं को एक के बाद एक (Consecutively) चलाने की इजाज़त नहीं देता है।जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की डिवीज़न बेंच सिमडेगा के एडिशनल सेशंस जज-कम-स्पेशल जज (POCSO) द्वारा स्पेशल (POCSO) केस नंबर 01/2014 में 02.07.2015 को दोषी ठहराने के फ़ैसले...

DHJS 2026: दिल्ली हाईकोर्ट ने परीक्षा के सवालों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की, कहा- गलती स्पष्ट और प्रत्यक्ष होनी चाहिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा (DHJS) प्रारंभिक परीक्षा 2026 के दो सवालों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि उत्तर कुंजी में तभी हस्तक्षेप किया जा सकता है, जब गलती इतनी स्पष्ट और प्रत्यक्ष हो कि उसे साबित करने के लिए किसी अनुमान या तर्क-वितर्क की जरूरत न पड़े।जस्टिस अवनीश झिंगन और जस्टिस अरुण भारद्वाज की खंडपीठ 26 जुलाई को आयोजित डीएचजेएस प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्र श्रृंखला 'डी' के सवाल नंबर 8 और 51 को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता...

दिल्ली हाईकोर्ट ने विरोध-प्रदर्शनों से ट्रैफिक और बिज़नेस में रुकावट रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करने वाली PILs पर केंद्र का रुख जानना चाहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दो PILs पर केंद्र का रुख जानना चाहा। ये PILs विरोध-प्रदर्शनों को रेगुलेट करने और ट्रैफिक व बिज़नेस में रुकावट रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करने की मांग को लेकर दायर की गईं।इन याचिकाओं का ज़िक्र मंगलवार सुबह एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन साम्ब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की डिवीज़न बेंच के सामने किया गया।एक याचिका एक व्यापारी ने दायर की, जबकि दूसरी वकील ऋषभ सक्सेना ने दायर की।व्यापारी की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सचिन पुरी ने कहा कि विरोध-प्रदर्शनों से बिज़नेस...

ऐसी अनुमति नहीं देंगे: मुंबई में CEC के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित अवैध हिरासत पर बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह अवैध हिरासत की अनुमति नहीं देगा। कोर्ट मुंबई में 10 और 11 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों और राहगीरों को हिरासत में लिए जाने के आरोपों वाली जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था।चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ सागर कांतिलाल देवरे की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि 10 अक्टूबर को करीब 600 लोगों और 11 अक्टूबर को 300 अन्य लोगों...

CEC के खिलाफ प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई स्थगित
दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन बंद किए जाने, रेलवे सेवाओं में व्यवधान और राजधानी आने वाले लोगों को कथित तौर पर हिरासत में लेने या रास्ते में रोकने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित की।कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं की प्रतियां पेश करने के लिए समय दिया। एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांब्रे और जस्टिस...
