हाईकोर्ट
पुजारी ने मंदिर की पवित्रता और लोगों के विश्वास को तार-तार किया: दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि बरकरार रखी
दिल्ली हाईकोर्ट ने बौद्धिक रूप से दिव्यांग महिला से दुष्कर्म के मामले में मंदिर के पुजारी की दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए उसके कृत्य को शैतानी और अपवित्र बताया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने न केवल पीड़िता की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि मंदिर की पवित्रता, धार्मिक आस्था और पुजारी पर लोगों के विश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाया।जस्टिस विमल कुमार यादव ने दोषी की अपील खारिज करते हुए कहा कि शुरुआत में पीड़िता के परिवार ने अपनी धार्मिक आस्था और आरोपी के मंदिर छोड़ने के वादे पर भरोसा करते हुए मामले को दबाने की...
COVID-19 के दौरान खत्म हुई भवन अनुमति पर राहत, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बोला- वित्तीय हित किसी व्यक्ति के जीवन से ऊपर नहीं हो सकते
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने COVID-19 महामारी के दौरान समाप्त हुई भवन निर्माण अनुमति के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन से बढ़कर वित्तीय हित नहीं हो सकते। कोर्ट ने नगर निगम द्वारा आवेदक पर नई भवन अनुमति लेने और इसके लिए दोबारा शुल्क जमा करने का दबाव बनाने के रवैये पर कड़ी टिप्पणी की।जस्टिस जी. एस. अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने नगर निगम की अपील खारिज करते हुए सिंगल बेंच का आदेश बरकरार रखा, जिसमें निगम को भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 23(3) के तहत भवन...
तलाक के फैसले के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान पत्नी अंतरिम गुजारा भत्ता पाने की हकदार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत तलाक के फैसले के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान पत्नी अंतरिम गुजारा भत्ता पाने की हकदार है। कोर्ट ने माना कि अपील असल में वैवाहिक कार्यवाही का ही आगे का हिस्सा है।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की बेंच ने आर्मी ऑफिसर को निर्देश दिया कि वह अपनी पत्नी को अंतरिम गुजारा भत्ता देना जारी रखे। यह भत्ता उसकी ग्रॉस सैलरी (कुल वेतन) का 30% होगा (कानूनी कटौती के बाद) और यह भुगतान तब तक जारी रहेगा जब तक कि शादी खत्म करने के फैसले को चुनौती...
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने और ज़बरदस्ती खाना खिलाने की मांग
दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई, जिसमें क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के लिए तुरंत मेडिकल मदद की मांग की गई है। वांगचुक जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।यह याचिका वकील राकेश कुमार सैनी ने दायर की।सैनी ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से तुरंत निर्देश देने की मांग की है कि वांगचुक को अस्पताल ले जाया जाए और उन्हें ज़रूरी मेडिकल इलाज दिया जाए, जिसमें ज़बरदस्ती खाना खिलाना भी शामिल है।सरकार से वांगचुक की जान और सेहत की सुरक्षा के लिए भी निर्देश देने की मांग की...
हाईकोर्ट ने अब तक की सबसे ज़्यादा मौत की सज़ाओं पर मुहर लगाई: 2008 अहमदाबाद धमाकों के फ़ैसले में जानिए कारण
गुजरात हाईकोर्ट ने 2008 के अहमदाबाद सीरियल धमाकों के मामले में 38 दोषियों को सुनाई गई मौत की सज़ा पर मुहर लगाई। यह किसी एक फ़ैसले में हाई कोर्ट द्वारा मंज़ूर की गई मौत की सज़ाओं की सबसे बड़ी संख्या है। कोर्ट ने कहा कि दोषियों ने अपने कामों के लिए "कोई पछतावा नहीं" दिखाया और "कानून के शासन के प्रति बहुत कम सम्मान" दिखाया।26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में कई जगहों पर बम धमाके हुए थे। इनमें राज्य सरकार द्वारा संचालित सिविल अस्पताल, अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित एलजी अस्पताल, बसें, खड़ी...
राजस्थान हाईकोर्ट ने ऊंटों की आबादी में भारी गिरावट पर चिंता जताई, पशुपालन विभाग के डायरेक्टर को तलब किया
राजस्थान में ऊंटों की आबादी में आई भारी गिरावट—लगभग 15 लाख से घटकर 1.5 लाख रह जाने—पर चिंता जताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने पशुपालन विभाग के डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने और राज्य के इस पशु के संरक्षण, प्रजनन और स्वास्थ्य देखभाल के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताने का आदेश दिया।राजस्थान हाईकोर्ट की एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा कि पारंपरिक रूप से ऊंट पालने वाले समुदायों के धीरे-धीरे दूसरे कामों की ओर बढ़ने से बढ़ती...
सीनियर सिटिज़न एक्ट के तहत संयुक्त परिवार की संपत्ति का बंटवारा 'ट्रांसफर' नहीं, माता-पिता की देखभाल न करने पर इसे रद्द नहीं किया जा सकता: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत संयुक्त परिवार की संपत्ति का बंटवारा "संपत्ति का ट्रांसफर" नहीं माना जाता है। इसलिए वरिष्ठ नागरिक माता-पिता की देखभाल न करने के आधार पर, इस अधिनियम की धारा 23 का इस्तेमाल करके ऐसे रजिस्टर्ड बंटवारे के दस्तावेज़ (partition deed) रद्द नहीं की जा सकती। [2026 LiveLaw (AP) 123]ऐसा करते हुए कोर्ट ने कहा कि जहां 'ट्रांसफर' का मतलब संपत्ति में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को अधिकार या हित सौंपना है,...
'दुर्लभ और असाधारण' मामला होने पर ही 'घोषित अपराधी' को अग्रिम ज़मानत मिल सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को फिर कहा कि जिस आरोपी को जानबूझकर कोर्ट और जांच से बचने के बाद 'घोषित अपराधी' (Proclaimed Offender) करार दिया गया, उसे आम तौर पर अग्रिम ज़मानत (Anticipatory Bail) जैसी असाधारण राहत नहीं मिल सकती।जस्टिस विवेक कुमार सिंह की बेंच ने कहा,"...कानून यह स्पष्ट करता है कि सामान्य नियम के अनुसार, ऐसे आरोपी को अग्रिम ज़मानत नहीं दी जा सकती, जो कोर्ट की प्रक्रिया से बचने के लिए फरार है या छिप रहा है, बिना किसी कानूनी या ठोस वजह के, और जिसके कारण उसे 'घोषित अपराधी' करार दिया...
विज्ञापन जारी होने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाती है, बाद में लागू कानून उस पर लागू नहीं होगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत नियुक्ति की मंजूरी से नहीं, बल्कि विज्ञापन जारी होने की तारीख से मानी जाएगी। अदालत ने कहा कि यदि भर्ती का विज्ञापन किसी नए कानून के लागू होने से पहले जारी हो चुका है, तो बाद में लागू हुआ कानून उस भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेगा।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने सुप्रीम कोर्ट के तेज प्रकाश पाठक बनाम राजस्थान हाईकोर्ट फैसले का हवाला देते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया विज्ञापन जारी होने से शुरू होकर अधिसूचित रिक्तियों को भरने तक चलती...
Vivo मनी लॉन्ड्रिंग केस: पिता की गंभीर बीमारी के बावजूद चीनी अधिकारी को चीन जाने की अनुमति नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट ने वीवो मोबाइल कम्युनिकेशन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी चीनी नागरिक गुआंगवेन कुआंग उर्फ एंड्रयू को अपने गंभीर रूप से बीमार पिता से मिलने के लिए चीन जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि मानवीय आधार महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे ऐसे मामले में आरोपी की न्यायिक प्रक्रिया में उपस्थिति सुनिश्चित करने की आवश्यकता से ऊपर नहीं हो सकते, जहां कथित अपराध से अर्जित धनराशि ₹2 लाख करोड़ से अधिक हो।जस्टिस मधु जैन ने कहा कि भारत और चीन के बीच प्रत्यर्पण संधि (Extradition...
बच्चे से मिले बिना उसकी इच्छा दर्ज कर कस्टडी देना अवैध, तेलंगाना हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया
तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक फैमिली कोर्ट का अंतरिम कस्टडी आदेश रद्द करते हुए कहा कि किसी बच्चे की इच्छा, पसंद और भावनाओं पर आधारित निष्कर्ष तब तक दर्ज नहीं किए जा सकते, जब तक अदालत ने वास्तव में उससे व्यक्तिगत बातचीत न की हो।जस्टिस वाकिटी रामकृष्ण रेड्डी ने कहा कि न्यायिक आदेश की वैधता केवल उसके निष्कर्ष पर नहीं, बल्कि उस निष्कर्ष तक पहुंचने की प्रक्रिया पर भी निर्भर करती है। यदि अदालत यह दर्ज करती है कि उसने बच्चे से बातचीत की है, तो ऐसी बातचीत वास्तव में हुई होनी चाहिए।मामला 11 वर्षीय बच्चे की...
प्रैक्टिसिंग वकील न होने की स्वीकारोक्ति के बाद रेप FIR रद्द, एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई दुष्कर्म की एफआईआर को रद्द करते हुए कहा कि जब शिकायतकर्ता ने अदालत के समक्ष स्वयं स्वीकार कर लिया कि वह प्रैक्टिसिंग वकील नहीं है, तब आरोपी से उसकी मुलाकात का आधार ही संदेहास्पद हो गया। अदालत ने माना कि इस महत्वपूर्ण विरोधाभास ने अभियोजन के पूरे मामले की बुनियाद को कमजोर कर दिया है।जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने कहा कि महिला ने अपनी लिखित शिकायत और धारा 164 सीआरपीसी के बयान में खुद को कोटा में प्रैक्टिस करने वाली अधिवक्ता बताया था और दावा...
सलवार उतारने की कोशिश और छेड़छाड़ मात्र से दुष्कर्म के प्रयास का अपराध नहीं बनता: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला की सलवार उतारने की कोशिश करना और उसका सीना दबाकर छेड़छाड़ करना, जब तक दुष्कर्म के प्रयास को स्पष्ट रूप से साबित करने वाला कोई ठोस कृत्य या प्रवेश (penetration) का साक्ष्य न हो, तब तक उसे दुष्कर्म के प्रयास (Attempt to Rape) का अपराध नहीं माना जा सकता।जस्टिस पूर्णेंदु सिंह ने एक सत्र न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए आरोपी की धारा 376 सहपठित धारा 511 आईपीसी के तहत हुई दोषसिद्धि और तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा को रद्द कर दिया।...
फरार घोषित आरोपी को सामान्यतः अग्रिम जमानत नहीं मिल सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया है कि जो आरोपी अदालत की कार्यवाही और जांच से जानबूझकर बचता है तथा घोषित फरार (Proclaimed Offender) घोषित हो चुका हो, उसे सामान्यतः अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) जैसी असाधारण राहत नहीं दी जा सकती।जस्टिस विवेक कुमार सिंह की पीठ ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि बिना किसी वैध या संतोषजनक कारण के अदालत की प्रक्रिया से बचने वाले और फरार घोषित किए गए आरोपी को अग्रिम जमानत देने का सामान्य नियम नहीं है।मामले में...
'राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला': राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाक सीमा पर मस्जिदों और दरगाहों को जारी बेदखली नोटिस के खिलाफ याचिकाएं खारिज कीं
राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाकिस्तान सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों को जारी 'कारण बताओ' (show-cause) और बेदखली नोटिस को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इसमें धार्मिक भेदभाव का कोई पहलू नहीं है। [2026 LiveLaw (Raj) 279]कोर्ट कई मदरसों, मस्जिदों और दरगाहों की उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें राज्य अधिकारियों द्वारा जारी बेदखली/खाली करने और 'कारण बताओ' नोटिस की वैधता को चुनौती दी गई। ये...
HAMA | अगर बालिग़ अविवाहित बेटी अपनी कमाई से अपना गुज़ारा नहीं कर सकती तो उसे गुज़ारा-भत्ता पाने के लिए कोई दिव्यांगता दिखाने की ज़रूरत नहीं: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बालिग़ अविवाहित बेटी को ₹2,000 का अंतरिम गुज़ारा-भत्ता (Pendente Lite Maintenance) देने के फ़ैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम (HAM Act) की धारा 20(3) साफ़ तौर पर कहती है कि बेटी को बस यह दिखाना होगा कि वह अपनी कमाई या किसी और संपत्ति से अपना गुज़ारा करने में असमर्थ है; उसे किसी विकलांगता को साबित करने की ज़रूरत नहीं है। [2026 LiveLaw (MP) 270]जस्टिस द्वारकाधीश बंसल की बेंच ने कहा;"ऊपर बताई गई बातों को देखते हुए यह साफ़ है...
अगर ट्रायल के दौरान पीड़ित पक्ष बदल ले तो सिर्फ़ CrPC की धारा 164 के तहत दिए गए बयान के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने कहा कि अगर ट्रायल के दौरान पीड़ित और अभियोजन पक्ष के अन्य गवाह अपनी बात से मुकर जाते हैं (होस्टाइल हो जाते हैं) तो आरोपी को सिर्फ़ CrPC की धारा 164 के तहत दर्ज बयान के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता।अपहरण के मामले में 2011 में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सज़ा रद्द करते हुए जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने कहा कि चूंकि CrPC की धारा 164 के तहत बयान आरोपी की मौजूदगी में दर्ज नहीं किया जाता है, इसलिए उसे गवाह से जिरह (क्रॉस-एग्जामिनेशन) करने का मौका नहीं मिलता...
कोर्ट स्कूल रिकॉर्ड में जन्म तिथि बदलने के लिए एजुकेशन बोर्ड को निर्देश नहीं दे सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट एजुकेशन बोर्ड को स्कूल सर्टिफिकेट में दर्ज जन्म तिथि बदलने का निर्देश नहीं दे सकता; कोर्ट ने माना कि ऐसी रिक्वेस्ट पर सबसे पहले संबंधित बोर्ड को ही विचार करना चाहिए। [2026 LiveLaw (Raj) 278]राजस्थान बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन को एक छात्रा की 10वीं क्लास की मार्कशीट में उसकी जन्म तिथि बदलने का निर्देश देने वाले सिंगल जज का आदेश रद्द करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की डिवीज़न बेंच ने साफ़ किया कि अगर कोई व्यक्ति बोर्ड के फ़ैसले...
माइनिंग लीज़ होल्डर्स को अपने अलॉटेड एरिया में अवैध माइनिंग रोकनी होगी, उल्लंघन पर लीज़ रद्द हो सकती है: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि माइनिंग लीज़ होल्डर्स की यह ज़िम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि उन्हें अलॉट किए गए एरिया में अवैध माइनिंग न हो। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर लीज़ होल्डर्स अनधिकृत माइनिंग में शामिल पाए जाते हैं, तो उनकी लीज़ रद्द की जा सकती है। [2026 LiveLaw (Raj) 279]एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की डिवीज़न बेंच ने आगे स्पष्ट किया कि ऐसे उल्लंघन सामने आने पर माइनिंग इंजीनियर नियमों का उल्लंघन करने वाले माइनिंग ऑपरेटर्स की लीज़ रद्द कर सकते हैं।बता दें,...
हाईकोर्ट का यूपी कोर्ट्स को निर्देश: अगर 'दहेज हत्या' का मामला हत्या जैसा लगे तो मुख्य आरोप हत्या का और वैकल्पिक आरोप दहेज हत्या का तय करें
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की सभी निचली अदालतों (ट्रायल कोर्ट) को एक ज़रूरी निर्देश जारी किया। निर्देश के मुताबिक, अगर जांच के दौरान मिले सबूतों से पता चलता है कि ससुराल में हुई मौत 'हत्या' (homicidal) थी, तो मुख्य आरोप IPC की धारा 302 (हत्या) के तहत और वैकल्पिक आरोप IPC की धारा 304-B (दहेज हत्या) के तहत तय किया जाना चाहिए।जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस डॉ. अजय कुमार-II की बेंच ने यह निर्देश ऐसे मामले पर नाराज़गी जताते हुए जारी किया, जिसमें जांच अधिकारी और ट्रायल कोर्ट के जज दोनों ने...




















