हाईकोर्ट
अपनी खुद की शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत घोषणा करना RP Act की धारा 123(4) के तहत 'भ्रष्ट आचरण' नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि नामांकन हलफनामे में अपनी खुद की शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत घोषणा करना, Representation of the People Act, 1951 की धारा 123(4) के तहत "भ्रष्ट आचरण" नहीं माना जाएगा।जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनोद कुमार की एक डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वे 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में करोल बाग विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार के चुनाव को चुनौती देने वाली एक चुनाव याचिका से जुड़े एक संदर्भ का जवाब दे रहे थे।चुनाव याचिकाकर्ता ने चुने गए उम्मीदवार के चुनाव को इस...
क्या दलबदल विरोधी कानून के तहत राघव चड्ढा का BJP में विलय एक वैध बचाव है?
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार दोपहर एक राजनीतिक बम गिराकर घोषणा की कि उनका और आप के 6 अन्य आरएस सांसदों का भाजपा में विलय हो गया है। यह कहते हुए कि राज्यसभा में आप के दो तिहाई सदस्यों का भाजपा में विलय हो गया है, चड्ढा ने सुझाव दिया कि यह अधिनियम दलबदल के बराबर नहीं होगा क्योंकि यह संविधान की 10वीं अनुसूची में अपवाद को आकर्षित करेगा।जबकि चड्ढा के इस कदम के व्यापक राजनीतिक प्रभाव हैं, आप और पंजाब दोनों के लिए जो अगले साल चुनाव की ओर बढ़ रहा है, यह कुछ जटिल कानूनी...
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बिना क्रॉस-अपील के मोटर दुर्घटना मुआवज़ा बढ़ाया, CPC के आदेश 41 नियम 33 का हवाला दिया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए CPC के आदेश 41 नियम 33 का हवाला देकर मोटर दुर्घटना मुआवज़ा बढ़ाया जा सकता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अपीलीय अदालत ऐसी शक्ति का प्रयोग तब कर सकती है, जब अवार्ड को न्यायसंगत और पूर्ण बनाना आवश्यक हो।जस्टिस रविंद्र मैथानी ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा दायर अपील की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal) द्वारा 16.12.2022 को पारित अवार्ड को चुनौती दी गई। इस अवार्ड के तहत,...
अटल सेतु आत्महत्या: विधवा ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया, मृत्यु प्रमाण पत्र की मांग
एक विधवा ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया और अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है कि वे उसके पति का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करें। उसके पति ने प्रसिद्ध 'अटल सेतु' पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी; यह पुल दक्षिण बॉम्बे को नवी मुंबई से जोड़ता है। विधवा ने यह कदम तब उठाया, जब तीन नगर निगमों ने 'अधिकार क्षेत्र की कमी' का हवाला देते हुए उसे राहत देने से इनकार किया।अपनी याचिका में विधवा सुनैना कारुतुरी ने बताया कि उसके पति - श्रीनिवास, 23 जुलाई, 2024 को अपने डोंबिवली स्थित घर से एक मीटिंग के...
नाबालिग सौतेली बेटियों से दुष्कर्म मामले में दोषी की सजा बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी
दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग सौतेली बेटियों से दुष्कर्म के मामले में व्यक्ति की दोषसिद्धि और 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा बरकरार रखी। अदालत ने कहा कि पीड़िताओं के बयानों में मामूली विरोधाभास अभियोजन के मामले को कमजोर नहीं करते।जस्टिस विमल कुमार यादव ने सुनवाई के दौरान पीड़िताओं की मां के आचरण पर भी गंभीर टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि मां ने बच्चियों के साथ हो रहे अत्याचार की जानकारी होने के बावजूद आवश्यक कदम नहीं उठाए।अदालत ने कहा,“प्रतीत होता है कि वह अत्यंत कठिन परिस्थिति में थी। उसने अपने पहले...
कांतारा मिमिक्री विवाद: रणवीर सिंह ने हाईकोर्ट में बिना शर्त मांगी माफी, मामला निपटाने के संकेत
कर्नाटक हाईकोर्ट में एक्टर रणवीर सिंह ने 'कांतारा: चैप्टर 1 से जुड़े मिमिक्री विवाद में संशोधित हलफनामा दाखिल कर बिना शर्त माफी मांगी। अदालत ने इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेते हुए संकेत दिया कि मामले का निपटारा किया जाएगा।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की अदालत एक्टर की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की गई। यह FIR पिछले वर्ष आयोजित कार्यक्रम में अभिनेता द्वारा फिल्म के एक पात्र की मिमिक्री करने और एक मंदिर की देवी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद दर्ज...
ब्लैकलिस्टिंग के 'कारण बताओ नोटिस' के खिलाफ कोई रिट याचिका दायर नहीं की जा सकती': पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि ब्लैकलिस्टिंग की कार्यवाही शुरू करने वाले 'कारण बताओ नोटिस' को आम तौर पर अनुच्छेद 226 के तहत चुनौती नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने इस बात को दोहराया कि जिस अधिकारी के पास अंतिम फैसला लेने की शक्ति है, वह प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी उतना ही सक्षम है।जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस शैलेंद्र सिंह की एक डिवीज़न बेंच रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में 17.03.2026 को इंजीनियर-इन-चीफ-सह-रजिस्टरिंग अथॉरिटी द्वारा जारी किए गए एक 'कारण बताओ नोटिस' को चुनौती दी गई थी। इस...
'इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में थे, जिहादी सामग्री फैलाई': दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA आरोपी को 12 साल हिरासत में रहने के बावजूद ज़मानत देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को UAPA मामले में आरोपी दो लोगों को ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि ये लोग न सिर्फ़ भारत में, बल्कि पाकिस्तान में भी इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में थे और जिहादी सामग्री फैलाते थे।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने कहा कि लगभग 12 साल से हिरासत में होने के बावजूद, उन्हें रिहा करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि यह लगातार खतरा बना हुआ है कि अगर उन्हें ज़मानत दी गई तो वे फिर से ऐसी ही गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।कोर्ट ने कहा,"अपील...
शादियों की जांच और युवा जोड़ों का पीछा कर रही UP Police: हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, कहा- परेशान करने वाला चलन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की कि पुलिस उन युवा जोड़ों के खिलाफ FIR दर्ज करके और उनका पीछा करके बहुत बड़ी गलती कर रही है, जिन्होंने अपनी मर्ज़ी से शादी की है।पुलिस द्वारा अन्य अपराधों की जांच करने के बजाय आपसी सहमति से हुई शादियों की जांच करने और FIR दर्ज करने के 'परेशान करने वाले चलन' पर चिंता जताते हुए जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की बेंच ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को ऐसे मामलों में सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।इस निर्देश के साथ बेंच ने...
बलात्कार की कोशिश के बीच हुई हत्या: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सजा बदली, उम्रकैद हटाकर दी राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसले में चार आरोपियों की सजा में बदलाव करते हुए हत्या के अपराध को कम गंभीर अपराध में बदल दिया। अदालत ने कहा कि घटना अचानक हुई थी और पूर्व नियोजित नहीं थी, इसलिए इसे हत्या नहीं बल्कि गैर इरादतन हत्या माना जाएगा।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने पाया कि मृतक द्वारा आरोपियों की बेटी/बहन के साथ बलात्कार का प्रयास किए जाने के दौरान यह घटना हुई थी। इस आधार पर अदालत ने उम्रकैद की सजा को घटाकर उतनी अवधि तक सीमित कर दिया जितनी सजा आरोपी पहले ही काट...
समझौते के बाद अतिरिक्त मांग नहीं कर सकते पक्षकार: उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा है कि जब पक्षकार आपसी सहमति से समझौता कर लेते हैं और उस पर अमल भी हो जाता है तो बाद में तय शर्तों से बाहर जाकर कोई अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता।जस्टिस आलोक मेहरा आपराधिक मामले को निरस्त करने की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस मामले में दोनों पक्षकारों के बीच पहले ही समझौता हो चुका था, जिसे अदालत ने 20 जुलाई, 2024 को दर्ज किया था। समझौते के तहत याचिकाकर्ताओं को प्रतिवादी को 38,61,795 रुपये का भुगतान करना था जो बाद में पूरा कर दिया गया।अदालत के...
लॉरेंस ऑफ पंजाब सीरीज पर विवाद तेज, केंद्र की रोक सलाह के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी ZEE5
आगामी वेब सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। OTT मंच ZEE 5 ने केंद्र सरकार की उस सलाह को चुनौती देने का फैसला किया, जिसमें उसे इस सीरीज को जारी न करने को कहा गया है। कंपनी अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करेगी।यह जानकारी सीनियर एडवोकेट राजीव नायर ने जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव के समक्ष दी। अदालत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कुख्यात गैंगस्टर द्वारा अपने जीवन पर आधारित इस वेब सीरीज के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई।सुनवाई के दौरान बताया गया कि सूचना...
कार्यस्थल विवाद में गाली देना यौन उत्पीड़न नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द की FIR
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि कार्यस्थल पर विवाद के दौरान “फ*** ऑफ” जैसे अपशब्द का प्रयोग, भले ही अनुचित हो, लेकिन यदि उसमें यौन आशय या संकेत न हो तो इसे यौन उत्पीड़न नहीं माना जा सकता।जस्टिस कीर्ति सिंह ने कहा कि किसी एक बार की अभद्र टिप्पणी, जिसमें यौन तत्व या लगातार ऐसा व्यवहार न हो उसे दंडनीय यौन उत्पीड़न की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।अदालत ने कहा, “सिर्फ एक अपमानजनक टिप्पणी, जिसमें यौन आशय न हो, कानून के उस स्तर को पूरा नहीं करती जो लैंगिक उत्पीड़न के लिए...
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आदेश के खिलाफ हेबियस कॉर्पस याचिका नहीं चलेगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के आदेश के तहत रखा गया तो उसके खिलाफ हेबियस कॉर्पस याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में विधि के तहत अलग से अपील और पुनरीक्षण का प्रावधान मौजूद है।जस्टिस संदीप जैन ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब किसी व्यक्ति की हिरासत किसी सक्षम प्राधिकरण या चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के वैध आदेश के आधार पर होती है तो उसे हेबियस कॉर्पस याचिका के माध्यम से चुनौती नहीं दी जा सकती।अदालत ने अपने फैसले में कहा,“यदि किसी...
बिना टिकट 59 यात्रियों को ले जाना भारी पड़ा, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बस कंडक्टर की बर्खास्तगी बरकरार रखी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बस कंडक्टर की बर्खास्तगी को सही ठहराते हुए कहा है कि बिना टिकट यात्रियों को ले जाना गंभीर कदाचार है और ऐसे कर्मचारी को सेवा में बनाए रखना उचित नहीं है।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि कंडक्टर के खिलाफ विभागीय कार्यवाही पूरी प्रक्रिया के अनुसार की गई और उसे अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया। इसलिए अदालत हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं देखती।मामले के अनुसार याचिकाकर्ता फैजाबाद से अकबरपुर के बीच चलने वाली बस में कंडक्टर था। निरीक्षण के दौरान पाया...
बिना जांच बर्खास्तगी पर उत्तराखंड हाईकोर्ट सख्त, कहा- बड़ी सजा देने से पहले विभागीय जांच जरूरी
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि किसी कर्मचारी पर बड़ी सजा थोपने के लिए विभागीय जांच को सामान्य रूप से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच से छूट देने की शक्ति केवल असाधारण परिस्थितियों में और ठोस कारणों के आधार पर ही प्रयोग की जा सकती है।जस्टिस मनोज कुमार तिवारी पुलिस कांस्टेबल की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसे वर्ष 2020 में कथित दुर्व्यवहार के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। आरोप है कि लॉकडाउन के दौरान क्वारंटीन केंद्र में उसने एक महिला के...
निर्दोष महिला को विवाद में घसीटा, राजनीतिक लाभ के लिए किया इस्तेमाल: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत से इनकार करते हुए कहा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक लाभ पाने के लिए निर्दोष महिला को विवाद में घसीटा है और मामले में हिरासत में पूछताछ जरूरी है।जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की पीठ ने कहा कि यह मामला केवल मानहानि का नहीं है बल्कि इसमें गंभीर आरोप शामिल हैं, जिनकी जांच के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने कहा कि यह जानना जरूरी है कि खेड़ा को दस्तावेज किसने उपलब्ध कराए और इस पूरे प्रकरण में और कौन...
48 साल पुरानी अपील खारिज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- बिना महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न के साक्ष्य दोबारा नहीं परखे जा सकते
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 48 वर्ष पुरानी दूसरी अपील खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में कोई महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न नहीं उठता तो अदालत साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन नहीं कर सकती।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने अपने फैसले में कहा कि दूसरी अपील केवल उन्हीं मामलों में स्वीकार की जा सकती है जहां कोई ठोस विधिक प्रश्न मौजूद हो।अदालत ने कहा,“जब इस न्यायालय को यह स्पष्ट हो गया कि इस अपील में कोई महत्वपूर्ण विधिक प्रश्न नहीं है तब साक्ष्यों का दोबारा परीक्षण करने का कोई औचित्य नहीं बनता।”यह अपील वर्ष...
स्कूल बस परमिट पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त: केवल अभिभावकों से समझौता नहीं, स्कूल से अनुबंध जरूरी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूल बसों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों के परिवहन के लिए निजी बस संचालकों को स्कूल से औपचारिक समझौता करना अनिवार्य है। केवल अभिभावकों के साथ किया गया समझौता परमिट पाने के लिए पर्याप्त नहीं माना जाएगा।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है।अदालत ने कहा,“बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसे ध्यान में रखते हुए बनाए...
गुजरात की न्यायिक अधिकारी की बहाली का आदेश; पहली जांच रिपोर्ट के बाद डी नोवो जांच रद्द: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात की एक न्यायिक अधिकारी को बड़ी राहत देते हुए उनके पुनर्बहाली (reinstatement) का आदेश दिया है और कहा है कि विभागीय कार्यवाही में उनके खिलाफ डी नोवो (नई) जांच कराना नियमों के विरुद्ध था। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें न्यायिक अधिकारी के खिलाफ नई जांच को रोकने से इनकार किया गया था, जबकि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में अधिकांश आरोपों को खारिज कर दिया गया था।मामले में अपीलकर्ता, जो गुजरात राज्य न्यायिक सेवा...




















