हाईकोर्ट
सुरक्षा के तौर पर दिए गए पोस्ट डेटेड चेक भी बन सकते हैं देयता का हिस्सा, बाउंस होने पर लगेगी NI Act की धारा 138: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा वित्तीय देनदारी के लिए सुरक्षा के रूप में पोस्ट डेटेड चेक दिया गया और बाद में वह देनदारी वास्तविक रूप से कानूनी रूप से देय बन जाती है तो ऐसे चेक के बाउंस होने पर परिवर्तनीय लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 लागू होगी।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की एकल पीठ ने कहा कि सुरक्षा के तौर पर दिए गए चेक का उद्देश्य यह होता है कि यदि किसी अनुबंध या ऋण के तहत देनदारी उत्पन्न होती है और भुगतान नहीं किया जाता तो उस...
विवाहेतर संबंध अपराध नहीं, जोसेफ शाइन फैसला पूर्व प्रभाव से लागू: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम निर्णय में कहा कि विवाहेतर संबंध (Adultery) को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाला सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला जोसेफ शाइन बनाम भारत संघ केवल भविष्य के मामलों पर ही नहीं बल्कि पहले से लंबित सभी मामलों पर भी लागू होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 497 को असंवैधानिक घोषित कर दिया गया तो वह प्रारंभ से ही (void ab initio) अमान्य हो गई और उस पर आधारित कोई भी अभियोजन अब जारी नहीं रह सकता।जस्टिस आनंद शर्मा की सिंगल ने कहा,“सुप्रीम कोर्ट द्वारा...
सरकार को दिव्यांग व्यक्तियों के मुख्य आयुक्त की सिफारिशें न मानने पर कारण बताना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों के मुख्य आयुक्त (Chief Commissioner for Persons with Disabilities CCPwD) की सिफारिशों को सामान्य रूप से सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को मानना चाहिए। हालांकि यदि कोई वैध कारण हो तो संबंधित प्राधिकारी इन सिफारिशों को न मानने का निर्णय ले सकता है परंतु ऐसे में उसे अपनी अस्वीकृति का कारण स्पष्ट रूप से बताना अनिवार्य होगा।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने कहा,“यदि कोई प्राधिकारी मुख्य आयुक्त की सिफारिश नहीं मानता तो...
सतेंद्र कुमार अंतिल फैसले की गलत व्याख्या से जमानत में भ्रम: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जताई चिंता
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि ज़िला कोर्ट और एडवोकेट कभी-कभी सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध निर्णय सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (2021) की गलत व्याख्या कर देते हैं जिससे जमानत संबंधी कार्यवाही में भ्रम पैदा होता है।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की सिंगल बेंच ने स्पष्ट किया कि सतेंद्र कुमार अंतिल मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश केवल उन परिस्थितियों में लागू होते हैं, जब पुलिस द्वारा आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया जा चुका हो। अदालत ने कहा कि यह आदेश उन...
पीएम मोदी की डिग्री विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने DU से अपील दाखिल में देरी पर आपत्तियां दाखिल करने को कहा, फिलहाल नोटिस जारी नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक डिग्री से संबंधित सूचना के खुलासे को लेकर दायर अपीलों के मामले में दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) को अपील दाखिल में हुई देरी पर अपनी आपत्तियां दर्ज करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने हालांकि फिलहाल मामले में नोटिस जारी नहीं किया।अदालत ने आदेश दिया,“SGA तुषार मेहता प्रतिवादी की ओर से उपस्थित हैं। देरी माफ करने के आवेदन पर आपत्ति तीन सप्ताह में दाखिल की जाए। याचिकाकर्ता दो सप्ताह...
2024 के लोकसभा चुनावों के CCTV फुटेज अब जिला चुनाव अधिकारियों के पास नहीं हैं, नष्ट कर दिए गए: ECI ने हाईकोर्ट को बताया
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि 2024 के लोकसभा चुनावों के CCTV फुटेज अब राष्ट्रीय राजधानी के सात जिला चुनाव अधिकारियों (DEO) के पास नहीं हैं क्योंकि वे नष्ट कर दिए गए।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने पिछले साल एडवोकेट महमूद प्राचा द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह बयान रिकॉर्ड में लिया, जिसमें वीडियो फुटेज को संरक्षित करने की मांग की गई।यह आवेदन 2024 के चुनावों के संबंध में पूरे भारत में मतदान केंद्रों के अंदर वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी डेटा की मांग करते हुए...
बीमार माता-पिता को सांत्वना देने की इच्छा आपातकालीन पैरोल का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA के तहत आरोपी को राहत देने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी विचाराधीन कैदी की बीमार माता-पिता को सांत्वना देने की इच्छा अपने आप में दिल्ली कारागार नियमों के तहत आपातकालीन पैरोल का आधार नहीं है।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने UAPA के तहत एक आरोपी द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उसने दो सप्ताह के लिए हिरासत पैरोल की मांग करने वाली अपनी याचिका खारिज करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।22 सितंबर, 2022 से जेल में बंद मोहम्मद अली जिन्ना ने अपने बीमार माता-पिता और भाई से मिलने और उन्हें सांत्वना देने के लिए कस्टडी पैरोल की...
'IOs को समय पर विसरा रिपोर्ट मिलनी चाहिए': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने FSL से समय पर संवाद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) से जांच एजेंसियों को विसरा रिपोर्ट भेजने में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस चूक को 'चिंताजनक' बताया।जस्टिस समित गोपाल की पीठ ने मुख्य सचिव, मेडिकल स्वास्थ्य महानिदेशक और पुलिस महानिदेशक को स्थिति की जांच करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि विसरा रिपोर्ट बिना किसी समय की बर्बादी के शीघ्रता से प्रेषित की जाए ताकि जांच के दौरान पूर्ण, उचित और प्रभावी मूल्यांकन संभव हो सके।कोर्ट की यह टिप्पणी दहेज हत्या के एक आरोपी की...
कर्मचारी की सेवा से बर्खास्तगी के बाद कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार नियोक्ता और कर्मचारी का संबंध बर्खास्तगी के माध्यम से निर्णायक रूप से टूट जाने पर नियोक्ता पदेन हो जाता है। बर्खास्त कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने या जारी रखने का अधिकार खो देता है।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा,"अनुशासनात्मक अधिकार क्षेत्र को नियंत्रित करने वाला मूलभूत सिद्धांत स्वामी और सेवक, या नियोक्ता और कर्मचारी के बीच विद्यमान न्यायिक संबंध की अनिवार्य आवश्यकता है। यह अधिकार क्षेत्र संगठन के भीतर कर्मचारी की सक्रिय...
पंजाब यूनिवर्सिटी को 2012 से कार्यरत संविदा सहायक प्राध्यापकों को नियमित करने का हाईकोर्ट का आदेश
लंबे समय से कार्यरत संविदा शिक्षकों को एक बड़ी राहत देते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ को दो सहायक प्राध्यापकों की सेवाओं को नियमित करने का निर्देश दिया, जो 2012 से स्वीकृत पदों पर लगातार कार्यरत हैं।कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता "पिछले दरवाजे से भर्ती" नहीं हुए और विज्ञापित, स्वीकृत रिक्तियों के विरुद्ध उचित चयन प्रक्रिया के बाद उनकी नियुक्ति हुई।जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा,"इस न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार, तदर्थ, अस्थायी, अंशकालिक, दैनिक वेतनभोगी या...
अवैध गिरफ्तारी के बाद दोबारा गिरफ्तारी: पुलिस को दूसरा मौका नहीं मिलना चाहिए
प्रबीर पुरकायस्थ बनाम भारत संघ और पंकज बंसल बनाम भारत संघ मामलों में सुप्रीम कोर्ट के 2024 के फैसलों ने इस बात में कोई अस्पष्टता नहीं छोड़ी है कि गिरफ्तारी या हिरासत के आधारों की सूचना देना कोई प्रक्रियागत शिष्टता नहीं, बल्कि एक संवैधानिक आवश्यकता है। न्यायालय ने ज़ोर देकर कहा कि बिना सूचना के गिरफ्तारी कानून की नज़र में अवैध है।इसी आधार पर विहान कुमार बनाम हरियाणा राज्य (2025) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक कदम आगे बढ़कर मजिस्ट्रेटों को उनके कर्तव्य की याद दिलाई कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी...
क्या सरकारी कर्मचारी की SC/ST समुदाय की स्थिति रिटायरमेंट के बाद सत्यापित की जा सकती है? मद्रास हाईकोर्ट ने मामला बड़ी बेंच को भेजा
मद्रास हाईकोर्ट ने इस प्रश्न को बड़ी बेंच को भेज दिया कि क्या किसी कर्मचारी के समुदाय प्रमाण पत्र का रिटायरमेंट के बाद सत्यापन किया जा सकता है।चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने न्यायालय की समन्वय पीठों द्वारा लिए गए परस्पर विरोधी विचारों को देखते हुए इस मुद्दे को बड़ी बेंच को भेजना उचित समझा।अतः, न्यायालय ने रजिस्ट्रार (न्यायिक) को निर्देश दिया कि वह प्रशासनिक पक्ष के चीफ जस्टिस के समक्ष मामला प्रस्तुत करें ताकि निम्नलिखित मुद्दों पर विचार करने के लिए एक...
हरियाणा में अवैध प्ले स्कूल में बच्चे की मौत, हाईकोर्ट ने सुरक्षा मानकों पर राज्य से रिपोर्ट व ज़िम्मेदार अधिकारी का नाम मांगा
हरियाणा के एक अवैध (अनरजिस्टर्ड) प्ले स्कूल में बच्चे की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से ऐसे संस्थानों के लिए लागू सुरक्षा मानकों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी।अदालत ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह उस अधिकारी का नाम और पद बताएं, जो प्ले स्कूलों की निगरानी और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए ज़िम्मेदार है।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार द्वारा दायर जवाबी हलफनामा पढ़ते हुए टिप्पणी की कि उसमें उस...
रिलायंस पर ONGC के गैस कुओं से 1.55 अरब डॉलर की चोरी के आरोपों की CBI जांच की मांग पर बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और उसके निदेशक मुकेश धीरूभाई अंबानी के खिलाफ कथित रूप से ONGC के पड़ोसी गैस कुओं से 1.55 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की प्राकृतिक गैस चोरी के आरोपों की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।बता दें, यह कथित गैस चोरी कृष्णा-गोदावरी बेसिन में आंध्र प्रदेश तट के पास स्थित गहरे समुद्री कुओं से होने का आरोप है।यह याचिका भारतीय नागरिक जितेंद्र पी. मरू द्वारा दायर की गई, जिसमें उन्होंने अदालत से CBI और केंद्र सरकार को कार्रवाई का निर्देश देने की...
न्यायिक कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग अन्य अदालतों में साक्ष्य के रूप में प्रयोग नहीं की जा सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट, MERC सुनवाई रिकॉर्ड करने वाली PIL खारिज
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र विद्युत विनियामक आयोग (MERC) की कार्यवाही की अनिवार्य ऑडियो–वीडियो रिकॉर्डिंग कराने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि न्यायिक अथवा अर्ध-न्यायिक कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग को किसी अन्य अदालत में 'साक्ष्य' के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंक्हड़ की खंडपीठ ने यह भी रेखांकित किया कि अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग पर पहले से ही स्पष्ट प्रतिबंध मौजूद है।खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम...
कम मात्रा में लेकिन ज़्यादा असर वाला गांजा मिलने पर जमानत नहीं मिलेगी: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने 18.5 किलो हाइड्रोपोनिक वीड (Hydroponic Weed) के साथ पकड़े गए 27 वर्षीय आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मादक पदार्थ कथित तौर पर 18 करोड़ रुपये मूल्य का था। अदालत ने कहा कि भले ही जब्त की गई मात्रा वाणिज्यिक सीमा (commercial quantity) से कम हो, लेकिन ड्रग की अत्यधिक शक्ति (potency), उसका विशेष आयात तरीका (sophisticated import method) और उसकी भारी कीमत को देखते हुए आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की एकल पीठ ने कहा कि मामले के तथ्यों से यह स्पष्ट है...
जज पर बेईमानी और 'प्रोबिटी की कमी' के आरोप लगाने वाले वकील को हाईकोर्ट ने राहत देने से किया इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक वकील की अर्जी खारिज की, जिसमें उसने अदालत पर पक्षपात, बेईमानी और प्रोबिटी की कमी जैसे गंभीर आरोप लगाने के बाद शुरू की गई आपराधिक अवमानना कार्यवाही को वापस लेने और आदेश को रद्द करने की मांग की थी।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भले ही वकील की बिना शर्त माफी स्वीकार कर ली गई लेकिन इससे उसकी अवमानना समाप्त नहीं होती और मामला अब भी डिवीजन बेंच के पास विचाराधीन रहेगा।जस्टिस सिद्धार्थ की एकल पीठ ने कहा कि यदि इस प्रकार के वापस बुलाने की याचिका आवेदन स्वीकार किए गए तो अत्यंत गलत परंपरा...
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पतंजलि को 'धोखा' च्यवनप्राश विज्ञापन प्रसारित करने पर रोक, 72 घंटे में सभी प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को उसके उस विज्ञापन के प्रसारण पर रोक लगाई, जिसमें अन्य सभी च्यवनप्राश उत्पादों को धोखा बताया गया था।अदालत ने इसे कॉमर्शियल डिस्पैरजमेंट (व्यावसायिक बदनामी) माना और अगले आदेश तक यानी 26 फरवरी 2026 तक विज्ञापन प्रसारण पर रोक जारी रखने का निर्देश दिया।जस्टिस तेजस कारिया की एकल पीठ ने 6 नवंबर, 2025 को यह आदेश दिया जब डाबर इंडिया लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई की जा रही थी।डाबर ने पतंजलि के स्पेशल च्यवनप्राश विज्ञापन को यह कहते हुए हटाने की मांग की थी कि विज्ञापन पूरे...
UAPA मामलों में 90 दिन से अधिक की हिरासत बढ़ाने का अधिकार सिर्फ स्पेशल या सेशंस कोर्ट को, मजिस्ट्रेट को नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) द्वारा UAPA आरोपी की न्यायिक हिरासत को अतिरिक्त 90 दिन बढ़ाने के आदेश को अवैध, अधिकार क्षेत्र से बाहर और विकृत मानते हुए रद्द कर दिया।अदालत ने कहा कि इस तरह की हिरासत बढ़ाने का अधिकार केवल स्पेशल कोर्ट या उसकी अनुपस्थिति में सेशंस कोर्ट के पास है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ऐसा आदेश पारित नहीं कर सकता।जस्टिस सुदेश बंसल की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि UAPA के तहत दर्ज अपराध NIA Act 2008 की अनुसूची में शामिल अपराध हैं। ऐसे मामलों...
टेंडरों में तकनीकी आधार पर दखल से राज्य को भारी नुकसान: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बुनियादी ढांचा विकास से जुड़े टेंडरों में केवल तकनीकी आधारों पर दखल देने से राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। ऐसे मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप केवल तभी किया जाना चाहिए जब मनमानी या गंभीर अनियमितताओं का स्पष्ट संकेत मिले।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता, जो सड़क निर्माण के व्यवसाय से जुड़ा है, टेंडर प्रक्रिया में अपनी असफलता को लेकर काल्पनिक शिकायतें और व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के आधार पर मुद्दा...




















