हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने पूर्व ISRO अधिकारी की दूसरी जमानत याचिका खारिज की, पाकिस्तानी महिला को अंतरिक्ष केंद्र की तस्वीरें भेजने का है आरोप
गुजरात हाईकोर्ट ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व तकनीकी अधिकारी कल्पेश तुरी को जमानत देने से इनकार किया। तुरी पर संगठन के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र से संबंधित तस्वीरें पाकिस्तानी महिला को भेजने के आरोप में साइबर आतंकवाद का आरोप है।जस्टिस एमआर मेंगडे ने तुरी की जमानत दूसरी बार खारिज करते हुए कहा कि अपराध की सुनवाई शुरू हो चुकी है और अभियोजन पक्ष द्वारा कई गवाहों की जांच पहले ही की जा चुकी है।कोर्ट ने कहा, "इसलिए पिछली जमानत याचिका दायर करने के बाद परिस्थितियों में कोई बदलाव...
अनुकंपा नियुक्ति चाहने वाले व्यक्ति को एक बार असफल होने के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण करने का दूसरा मौका नहीं दिया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test) उत्तीर्ण करने के लिए अनुकंपा नियुक्ति चाहने वाले व्यक्ति को पहले प्रयास में असफल होने पर दूसरा मौका नहीं दिया जा सकता।जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने माना कि अनुकंपा नियुक्ति भर्ती का वैकल्पिक स्रोत नहीं है।खंडपीठ ने कहा,“यह अनिवार्य रूप से शोक संतप्त परिवार को तत्काल सहायता पहुँचाने के लिए है। दूसरे शब्दों में, किसी सरकारी कर्मचारी के अचानक निधन से वित्तीय शून्यता पैदा होती है। यह...
राज्य मशीनरी को ब्लैकमेलिंग और असामाजिक कृत्यों में शामिल पत्रकारों का लाइसेंस रद्द करना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि राज्य मशीनरी को उन पत्रकारों के लाइसेंस रद्द कर देने चाहिए जो अपने लाइसेंस की आड़ में आम आदमी को ब्लैकमेल करने जैसी असामाजिक गतिविधियों में शामिल हैं। जस्टिस शमीम अहमद की पीठ ने दो व्यक्तियों, एक पत्रकार और एक समाचार पत्र वितरक के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की, जो धारा 384/352/504/505 आईपीसी, 3(2)(वीए), और 3(1)(एस) एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामले का सामना कर रहे हैं।यह आरोप लगाया गया था कि आवेदक निर्दोष व्यक्तियों के...
NEET-UG 2024: दिल्ली हाईकोर्ट ने ग्रेस मार्क्स दिए जाने और कथित पेपर लीक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को 05 मई को आयोजित NEET-UG 2024 परीक्षा से संबंधित ग्रेस मार्क्स दिए जाने और कथित पेपर लीक को चुनौती देने वाली चार नई याचिकाओं पर नोटिस जारी किया।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की वेकेशन बेंच ने चार अभ्यर्थियों आदर्श राज गुप्ता, केया आजाद, मोहम्मद फ्लोरेज और अनावद्या वी. द्वारा दायर याचिकाओं पर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NEET) से जवाब मांगा।शुरुआत में सॉलिसिटर जनरल (SGI) तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि परीक्षा से संबंधित विभिन्न रिट याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट सहित देश की विभिन्न...
एससी/एसटी अधिनियम की धारा 14ए के तहत अपील योग्य आदेशों को सीआरपीसी की धारा 482 के तहत याचिका दायर करके चुनौती नहीं दी जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया है कि ऐसे मामलों में जहां किसी आदेश के खिलाफ अपील एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 14ए के तहत की जा सकती है, पीड़ित व्यक्ति उस आदेश को चुनौती देने के लिए धारा 482 सीआरपीसी के तहत हाईकोर्ट के अंतर्निहित अधिकार क्षेत्र का आह्वान नहीं कर सकता है। अधिनियम की धारा 14-ए के अधिदेश पर विचार करते हुए, जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने पाया कि प्रावधान "दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) में निहित किसी भी बात के बावजूद" शब्दों से शुरू होता है और...
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने व्हाट्सएप मैसेज में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोपी वकील पर 50 हजार का जुर्माना लगाया, बार काउंसिल से उसके आचरण पर नजर रखने को कहा
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल को निर्देश दिया है कि वह एक वकील के कार्य एवं आचरण पर नजर रखना सुनिश्चित करें जिस पर एक व्हाट्सएप ग्रुप पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक मैसेज पोस्ट करने का आरोप है।समझौता विलेख के आधार पर एफआईआर को रद्द करते हुए जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा,"इस आदेश की एक कॉपी पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के अध्यक्ष को भी भेजी जाए साथ ही निर्देश दिया जाए कि इसे आरोपी की व्यक्तिगत फाइल में रखा जाए। पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के अध्यक्ष...
उड़ीसा हाइकोर्ट ने EVM तोड़फोड़ मामले में BJP विधायक प्रशांत जगदेव को जमानत दी
उड़ीसा हाइकोर्ट ने बुधवार को खुर्दा निर्वाचन क्षेत्र से नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक प्रशांत जगदेव को जमानत दे दी, जिन्हें पिछले महीने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में तोड़फोड़ करने और मतदान अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।विधायक को राहत देते हुए जस्टिस शशिकांत मिश्रा की अवकाश पीठ ने कहा,"एफआईआर पर गौर करने के बाद इस न्यायालय को लगता है कि आरोप कमोबेश सर्वव्यापी प्रकृति के हैं। याचिकाकर्ता ने वास्तव में क्या किया, यह निर्दिष्ट नहीं किया...
यदि रोजगार आउटसोर्सिंग अनुबंधों पर आधारित था, जिसका उद्देश्य स्थायी रोजगार सृजित करना नहीं था तो कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा सकता: कर्नाटक हाइकोर्ट
कर्नाटक हाइकोर्ट के जस्टिस एन एस संजय गौड़ा की एकल पीठ ने उमशा टी एन और अन्य बनाम कर्नाटक राज्य के मामले में रिट याचिका पर निर्णय लेते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों का रोजगार आउटसोर्सिंग अनुबंधों के माध्यम से था, जिसका उद्देश्य स्थायी पद स्थापित करना नहीं था तो उन्हें स्थायी दर्जा नहीं दिया जा सकता।मामले की पृष्ठभूमिकर्मचारी 27 श्रमिकों का समूह है, जो वर्ष 2000 से तुमकुर में सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में बाइंडर और बाद में प्रिंटर के रूप में कार्यरत थे। वर्ष 2016 में तुमकुर में प्रिंटिंग प्रेस को बंद...
[S.216 CrPC] आरोप में परिवर्तन न्यायालय का निहित अधिकार, जो उसके अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि पक्षकारों का: केरल हाइकोर्ट
केरल हाइकोर्ट ने दोहराया कि सीआरपीसी की धारा 216 के तहत आरोपों में परिवर्तन करने की शक्ति न्यायालय की निहित शक्ति है और निर्णय सुनाए जाने से पहले किसी भी समय इसका प्रयोग किया जा सकता है।न्यायालय ने कहा कि पक्षों के पास ऐसा कोई निहित अधिकार नहीं है, लेकिन वे आरोपों में परिवर्तन की मांग करते हुए आवेदन कर सकते हैं, जिस पर न्यायालय निर्णय करेगा।जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने इस प्रकार टिप्पणी की:“उपर्युक्त चर्चा बिना किसी संदेह के कानूनी स्थिति को स्पष्ट करती है कि आरोप में परिवर्तन करना न्यायालय की निहित...
बलात्कार के लिए कंप्लीट पेनेट्रेशन के साथ वीर्य स्खलन और हाइमन का टूटना आवश्यक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि बलात्कार का अपराध बनने के लिए कंप्लीट पेनेट्रेशन के साथ वीर्य का निकलना और हाइमन का फटना आवश्यक नहीं है। इस प्रकार टिप्पणी करते हुए जस्टिस राजेश सिंह चौहान की पीठ ने 10 वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार और ओरल सेक्स करने के आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज कर दी।अभियोजन पक्ष के मामले के अनुसार, आरोपी पीड़िता को अपने साथ ले गया और बाद में दोनों को एक कमरे में बिना कपड़ों के पाया गया। बालिका को बचाया गया और उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ ओरल...
जूनियर वकीलों से बिना वेतन के काम करने की उम्मीद नहीं की जा सकती: मद्रास हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन को 15-20 रुपये मासिक स्टाइपेंड देने का निर्देश दिया
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु और पुडुचेरी की बार काउंसिल को सभी बार एसोसिएशनों को सर्कुलर जारी करने का निर्देश दिया। उक्त सर्कुलर में उनसे राज्य में प्रैक्टिस करने वाले सभी जूनियर वकीलों को न्यूनतम 15,000 रुपये से 20,000 रुपये का स्टाइपेंड (Stipend) देने के लिए कहा गया।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस सी कुमारप्पन की खंडपीठ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि युवा वकीलों को पिछली पीढ़ियों के संघर्षों से गुजरने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए और युवा वकीलों के लिए मजबूत जगह बनाने के लिए सभी को आगे आना...
गलत सहानुभूति समाज को न्याय से वंचित करती है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फिरौती के लिए नाबालिग का कथित रूप से अपहरण और हत्या करने के मामले में किशोर की जमानत याचिका खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक निर्णय में कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे को उसके द्वारा किए गए अपराध के बावजूद जमानत नहीं दी जानी चाहिए। न्यायालय एक किशोर के मामले की सुनवाई कर रहा था, जिसने 16 वर्षीय किशोर का अपहरण किया था और फिर फिरौती न मिलने पर उसकी हत्या कर दी थी। जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल की एकल पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की व्याख्या जमानत के मामलों में अनुचित लाभ देने के लिए नहीं की जा सकती, खासकर तब जब किशोर द्वारा जघन्य अपराध किए...
महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाना सिर्फ़ बाजीगरी है, वकालत नहीं': जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट ने न्यायालय से महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने के लिए पूर्व कांस्टेबल की बहाली का आदेश रद्द किया
कानूनी कार्यवाही में पारदर्शिता की महत्ता को रेखांकित करते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाइकोर्ट ने पुलिस बल में बहाली की मांग करने वाले पूर्व कांस्टेबल की याचिका खारिज की।जस्टिस ताशी रबस्तान और जस्टिस एम.ए. चौधरी द्वारा पारित निर्णय में कहा गया,"महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाना वकालत नहीं है। यह बाजीगरी, हेरफेर, पैंतरेबाज़ी या गलत बयानी है, जिसका न्यायसंगत और विशेषाधिकार क्षेत्राधिकार में कोई स्थान नहीं है।"यह मामला मसरत जान से जुड़ा है, जिसे 1999 में जम्मू-कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल के रूप में...
भले ही भ्रष्टाचार के मामलों में स्वतः संज्ञान संशोधन अंततः हटा दिया जाए, तो भी यह संदेश जाना चाहिए कि किसी को भी अदालतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए: मद्रास हाइकोर्ट
मद्रास हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद वेंकटेश ने मंगलवार को टिप्पणी की कि भले ही भ्रष्टाचार के मामलों में मंत्रियों को बरी किए जाने के खिलाफ स्वतः संज्ञान संशोधन अंततः हटा दिया जाए लेकिन जनता को यह संदेश जाना चाहिए कि किसी को भी अदालतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।अदालत राजस्व मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन, वित्त मंत्री थंगम थेनारासु और पूर्व टीएन सीएम ओ पन्नीरसेल्वम को बरी किए जाने के खिलाफ स्वतः संज्ञान संशोधन पर सुनवाई कर रही थी। टीएन के एडवोकेट जनरल पीएस रमन ने आज अपनी दलीलें पूरी कर लीं और मामले को...
आरोपी के गवाह को बुलाने का आवेदन खारिज करने वाला ट्रायल कोर्ट का आदेश अंतरिम नहीं, आरोपी को पुनर्विचार याचिका दायर करने का अधिकार: त्रिपुरा हाइकोर्ट
त्रिपुरा हाइकोर्ट ने माना कि गवाहों को बुलाने का आरोपी का आवेदन खारिज करने वाला ट्रायल कोर्ट का आदेश अंतिम आदेश है, न कि मध्यवर्ती आदेश', जो आरोपी को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (सीआरपीसी) की धारा 397 के तहत पुनर्विचार याचिका दायर करने का अधिकार देता है।आरोपी/याचिकाकर्ता ने 07.03.2024 को दो गवाहों को समन जारी करने के लिए ट्रायल कोर्ट के समक्ष याचिका दायर की थी। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया, क्योंकि 24.01.2024 को गवाहों की सूची दाखिल करने के समय बचाव पक्ष ने दो गवाहों के नाम प्रस्तुत...
निर्दोषों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई को रोकने के लिए जिम्मेदार न्यायालयों को दुर्भावनापूर्ण अभियोजन के आरोप में सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने दुर्भावनापूर्ण रूप से दायर किए गए मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि जब कोई मामला दुर्भावनापूर्ण इरादे से दायर किया जाता है और बाद में हाईकोर्ट में चुनौती दी जाती है तो निर्दोष व्यक्ति के गलत अभियोजन को रोकने के लिए मामले की सावधानीपूर्वक जांच करने की अधिक जिम्मेदारी होती है।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने टिप्पणी की,"इसमें कोई संदेह नहीं है कि यदि कोई मामला बनता है तो हाईकोर्ट को कार्यवाही रद्द करने के लिए सावधानी के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता...
न्याय बिकाऊ नहीं है, समान स्थिति वाले व्यक्तियों को न्याय का लाभ न देना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की, "न्याय बिकाने वाली चीज़ नहीं है। सभी पीड़ित व्यक्तियों को राज्य प्राधिकारियों द्वारा न्यायालय में जाने तथा समान स्थिति वाले व्यक्तियों के पक्ष में पारित समान आदेश प्राप्त करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए, जिन्होंने पहले न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।"परिवहन विभाग द्वारा खनन विभाग के अनुरोध पर उनके वाहनों को काली सूची में डालने को चुनौती देने वाली कई रिट याचिकाओं का निपटारा करते समय यह टिप्पणी की गई।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि इसी तरह...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने BJP नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ जांच पर रोक बढ़ाई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ जांच पर रोक बढ़ा दी है। आरोप है कि 2024 के आम चुनावों से पहले उनके आवास से नकदी और हथियार बरामद हुए थे।जस्टिस अमृता सिन्हा की एकल पीठ ने पहले जांच पर रोक लगाई और वर्तमान सुनवाई में 28 जून 2024 तक रोक बढ़ा दी।पिछली सुनवाई में अधिकारी के वकील ने दलील दी थी कि पुलिस द्वारा देर रात अधिकारी के आवास पर छापेमारी की कार्रवाई जानबूझकर लोकसभा चुनावों के बीच विपक्ष के नेता को परेशान करने के लिए की गई।यह भी तर्क दिया गया कि हालांकि...
पुलिस ने BJP नेता के घर बाहर लगाए CCTV कैमरे, हाईकोर्ट ने CISF को निजता के उल्लंघन की जांच करने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी नेता अर्जुन सिंह को सौंपे गए CISF कर्मियों को निर्देश दिया कि वे जांच करें कि पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा सिंह के आवास के बाहर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे उनकी निजता का उल्लंघन तो नहीं कर रहे हैं।जस्टिस अमृता सिन्हा की एकल पीठ ने CISF को निर्देश दिया कि वह शिकायत का पता लगाने के लिए राज्य पुलिस से संपर्क करे और सिंह के घर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरों तक पहुंच की मांग करे। पीठ ने अगली सुनवाई से पहले CISF से इस पर रिपोर्ट भी मांगी है।न्यायालय ने कहा कि...
'राज्य की हर कार्रवाई को मुख्यमंत्री से नहीं जोड़ा जा सकता': तेलंगाना हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी हॉस्टल बंद करने के मामले में रेवंत रेड्डी के खिलाफ याचिका खारिज की
तेलंगाना हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी हॉस्टल बंद करने के मामले में कथित रूप से मनगढ़ंत ट्वीट से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ अपराध दर्ज करने के लिए उस्मानिया यूनिवर्सिटी क्षेत्र के स्टेशन हाउस ऑफिसर को निर्देश देने की मांग वाली रिट याचिका खारिज कर दी है।जस्टिस बी. विजयसेन रेड्डी की पीठ ने आज प्रवेश के चरण में मामले की सुनवाई की और उसका निपटारा किया।याचिकाकर्ता यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट हैं। उसने दावा किया कि 27 अप्रैल को यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी के...








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