हाईकोर्ट

मेघालय हाइकोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए मुकदमे में देरी के बावजूद POCSO Act मामले में जमानत खारिज की
मेघालय हाइकोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए मुकदमे में देरी के बावजूद POCSO Act मामले में जमानत खारिज की

मेघालय हाइकोर्ट ने कहा कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम 2012 (POCSO Act) के तहत मुकदमा शुरू होने में साल की देरी के बावजूद, जमानत पर फैसला करते समय अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखना चाहिए।अभियुक्त/याचिकाकर्ता को POCSO मामले के संबंध में गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ जून 2023 में आरोप पत्र दायर किया गया। विशेष न्यायालय के समक्ष मुकदमा अभी भी लंबित है।अभियुक्त ने तर्क दिया कि POCSO Act की धारा 35 के अनुसार, मुकदमा एक वर्ष में पूरा किया जाना चाहिए। कोई आरोप तय नहीं किया गया या अभियोजन...

मरीज की कमजोरी को यौन शोषण के हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: कर्नाटक हाइकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपी डॉक्टर को राहत देने से किया इनकार
मरीज की कमजोरी को यौन शोषण के हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: कर्नाटक हाइकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपी डॉक्टर को राहत देने से किया इनकार

कर्नाटक हाइकोर्ट ने डॉक्टर द्वारा दायर याचिका खारिज की। उक्त याचिका में मरीज द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर धारा 354-ए के तहत उसके खिलाफ दर्ज अपराध रद्द करने की मांग की गई थी।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने कहा,"डॉक्टर को यह याद रखना चाहिए कि मरीज उनकी मदद तब मांगते हैं, जब वे कमजोर स्थिति में होते हैं, जब वे बीमार होते हैं, जब उन्हें जरूरत होती है और जब उन्हें इस बात का संदेह होता है कि उन्हें क्या करना चाहिए। डॉक्टर-मरीज के रिश्ते में शक्ति का असमान वितरण यौन शोषण के अवसरों को जन्म दे सकता...

[O.22 R.10 CPC] नया ट्रस्टी कानूनी प्रतिनिधि नहीं बल्कि हित में उत्तराधिकारी: जम्मू एंड कश्मीर हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया
[O.22 R.10 CPC] नया ट्रस्टी कानूनी प्रतिनिधि नहीं बल्कि हित में उत्तराधिकारी: जम्मू एंड कश्मीर हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाइकोर्ट ने घोषित किया कि किसी ट्रस्टी की मृत्यु होने पर नव निर्वाचित या नियुक्त ट्रस्टी को मृतक ट्रस्टी का कानूनी प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। इसके बजाय ट्रस्ट की संपत्ति का हित नए ट्रस्टी को हस्तांतरित हो जाता है, जिससे आदेश 22 नियम 10 सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के प्रावधान लागू होते हैं।आदेश 22 नियम 10 CPC में निर्धारित किया गया कि यदि मुकदमे के लंबित रहने के दौरान किसी वादी या प्रतिवादी से किसी अन्य व्यक्ति को कोई हित हस्तांतरित किया जाता है तो मुकदमा उस व्यक्ति...

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने अलग रह रही पत्नी की बढ़ी हुई भरण-पोषण राशि के लिए याचिका खारिज की, कहा- यह मान लेना गलत नहीं कि वयस्क बेटे उसका भरण-पोषण करेंगे
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने अलग रह रही पत्नी की बढ़ी हुई भरण-पोषण राशि के लिए याचिका खारिज की, कहा- यह मान लेना गलत नहीं कि वयस्क बेटे उसका भरण-पोषण करेंगे

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने महिला को निचली अदालत द्वारा दी गई 7,500 रुपये मासिक भरण-पोषण राशि बढ़ाने की याचिका खारिज की, जो अपने पति से अलग रह रही है।जस्टिस निधि गुप्ता ने कहा,"याचिकाकर्ता के वकील ने यह स्वीकार किया कि पक्षकारों के दो बेटे वयस्क हो गए हैं। वर्तमान में याचिकाकर्ता के साथ रह रहे हैं। यह मान लेना गलत नहीं होगा कि याचिकाकर्ता के बेटे भी उसका भरण-पोषण करेंगे।"याचिकाकर्ता ने कहा कि उसका पति सेना में ड्राइवर के रूप में काम करता है और कम से कम 90,000 रुपये प्रति माह कमाता है। तदनुसार,...

बार-बार जबरदस्ती बलात्कार के बावजूद शिकायत दर्ज नहीं की, बल्कि आरोपी से शादी कर ली: एमपी हाईकोर्ट ने अभियोक्ता के बयान को अविश्वसनीय मानते हुए एफआईआर खारिज की
बार-बार जबरदस्ती बलात्कार के बावजूद शिकायत दर्ज नहीं की, बल्कि आरोपी से शादी कर ली: एमपी हाईकोर्ट ने अभियोक्ता के बयान को अविश्वसनीय मानते हुए एफआईआर खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में बलात्कार और आपराधिक धमकी के लिए दर्ज की गई एक एफआईआर को रद्द कर दिया है, क्योंकि अभियोक्ता का यह कथन कि उसके साथ बार-बार जबरदस्ती बलात्कार किया गया, अभियुक्त के साथ उसके विवाह के संदर्भ में विश्वास पैदा नहीं करता है। अभियोक्ता ने अभियुक्त-याचिकाकर्ता से विवाह किया, जबकि अभियुक्त ने कथित तौर पर उसके साथ कई बार बलात्कार किया था। जस्टिस विशाल धगत की एकल पीठ ने माना कि अभियोक्ता द्वारा बार-बार कथित बलात्कार के बावजूद प्राथमिकी दर्ज न करना संदिग्ध प्रतीत होता है।...

राज्य सरकार को पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर उन्हें तुरंत बर्खास्त करने से बचना चाहिए, मामले के नतीजे का इंतजार करना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
राज्य सरकार को पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर उन्हें तुरंत बर्खास्त करने से बचना चाहिए, मामले के नतीजे का इंतजार करना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर राज्य प्राधिकारियों को उन्हें बर्खास्त करने से बचना चाहिए और इसके बजाय उन्हें निलंबित किया जा सकता है। जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा, "प्रतिवादी प्राधिकारियों को एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस अधिकारी को बर्खास्त करने से बचना चाहिए। उन्हें पंजाब पुलिस नियम, 1934 के नियम 16.19 के अनुसार निलंबित किया जा सकता है। विभागीय जांच को स्थगित किया जा सकता है, लेकिन इसे यांत्रिक तरीके से समाप्त नहीं किया जाना चाहिए।"किसी...

रिकॉर्ड से पता चलता है कि उन्होंने भारत को इस्लामिक देश में बदलने की साजिश रची थी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कथित पीएफआई सदस्यों को जमानत देने से इनकार किया
रिकॉर्ड से पता चलता है कि उन्होंने भारत को इस्लामिक देश में बदलने की साजिश रची थी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कथित पीएफआई सदस्यों को जमानत देने से इनकार किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)के तीन कथित सदस्यों को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिन पर कथित तौर पर “आपराधिक बल का उपयोग करके सरकार को डराने” और “भारत को 2047 तक एक इस्लामिक देश में बदलने” की साजिश रचने का आरोप है। जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस श्याम सी चांडक की खंडपीठ ने विशेष न्यायाधीश, नासिक के आदेशों के खिलाफ तीन आरोपियों द्वारा दायर अपीलों को खारिज कर दिया, जिन्होंने पहले उनकी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था।कोर्ट ने कहा,“जांच के रिकॉर्ड से...

वक्फ संपत्ति की बिक्री से संबंधित मामलों में वक्फ के लाभार्थियों को पक्षकार बनाया जाएगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
वक्फ संपत्ति की बिक्री से संबंधित मामलों में वक्फ के लाभार्थियों को पक्षकार बनाया जाएगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि वक्फ के लाभार्थियों को वक्फ की संपत्ति की बिक्री से संबंधित मामलों में पक्षकार बनने का अधिकार है। जस्टिस जसप्रीत सिंह ने कहा कि ऐसे लाभार्थी सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 1 नियम 10(2) के तहत आवश्यक और उचित पक्षों की अवधारणा के अंतर्गत आते हैं। न्यायालय ने कहा कि “जहां कोई मुतवल्ली वक्फ के रजिस्टर से कुछ संपत्तियों को हटाने की अनुमति मांग रहा है, तो ऐसा मामला है, कम से कम उन पक्षों को पक्षकार बनाया जाना चाहिए, जो मुतवल्ली के ज्ञान में प्रत्यक्ष लाभार्थी थे और...

आईपीसी की धारा 304बी के तहत दहेज हत्या के अपराध से बरी हुए पति को तथ्यों के आधार पर धारा 498ए के तहत वैवाहिक क्रूरता का दोषी ठहराया जा सकता है: केरल हाईकोर्ट
आईपीसी की धारा 304बी के तहत दहेज हत्या के अपराध से बरी हुए पति को तथ्यों के आधार पर धारा 498ए के तहत वैवाहिक क्रूरता का दोषी ठहराया जा सकता है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने माना कि सिर्फ इसलिए कि किसी व्यक्ति पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304बी के तहत दहेज हत्या का आरोप लगाया गया और उसे बरी कर दिया गया, इसका मतलब यह नहीं है कि उसे वैवाहिक क्रूरता के लिए अधिनियम की धारा 498-ए के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस जॉनसन जॉन ने सेशन जज के निर्णय के खिलाफ आपराधिक अपील पर निर्णय लेते हुए उक्त फैसला दिया। सेशन जज ने अपने फैसले में अपीलकर्ता को आईपीसी की धारा 498ए के तहत दोषी पाया था। सेशन कोर्ट ने आरोपी को धारा 304बी के तहत दोषी नहीं पाया और...

युवा वकीलों का स्टाइपेंड: मद्रास हाईकोर्ट ने बार निकायों को जूनियर वकीलों को भुगतान करने के लिए आवश्यक आदेश में संशोधन किया
युवा वकीलों का स्टाइपेंड: मद्रास हाईकोर्ट ने बार निकायों को जूनियर वकीलों को भुगतान करने के लिए आवश्यक आदेश में संशोधन किया

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु और पुडुचेरी की बार काउंसिल के राज्य रोल में शामिल वकीलों और सीनियर वकील से कहा कि वे उनके साथ नियुक्त जूनियर वकीलों को 15,000 से 20,000 रुपये का मासिक स्टाइपेंड (Stipend) दें।जस्टिस एस.एम. सुब्रमण्यम और जस्टिस सी. कुमारप्पन की पीठ ने बुधवार (12 जून) को जारी किए गए अपने पहले के निर्देश में संशोधन किया, जिसमें राज्य के बार संघों को मासिक स्टाइपेंड देने को कहा गया था। गुरुवार को जारी अपने आदेश में न्यायालय ने वकीलों को यह राशि देने का निर्देश दिया।इस प्रकार न्यायालय ने...

सर्विस अपील में बिना किसी कारण के 7 वर्षों तक निर्णय में देरी न्याय से वंचित करने के समान: राजस्थान हाईकोर्ट
सर्विस अपील में बिना किसी कारण के 7 वर्षों तक निर्णय में देरी न्याय से वंचित करने के समान: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान सिविल सर्विस (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के तहत अपीलीय प्राधिकारी द्वारा सर्विस अपील पर निर्णय में 7 वर्षों की देरी पर नाराजगी जताई।जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने कहा,"मेरा मानना ​​है कि बिना किसी कारण के सर्विस अपील को सात वर्षों तक रोके रखना, सरासर देरी के आधार पर न्याय से वंचित करने के समान है।"न्यायालय नियमों के तहत अपीलीय आदेश के खिलाफ सरकारी शिक्षक (याचिकाकर्ता) द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रहा था। अपीलीय आदेश ने जिला शिक्षा अधिकारी...

राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धारा 39(ई) लागू होने से पहले पार्षद को जारी किया गया चुनाव-पूर्व अयोग्यता का नोटिस वैध नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धारा 39(ई) लागू होने से पहले पार्षद को जारी किया गया चुनाव-पूर्व अयोग्यता का नोटिस वैध नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 (Rajasthan Municipalities Act) की धारा 39(ई) जिसे 13 अप्रैल, 2024 को संशोधन के माध्यम से शामिल किया गया, जिससे राज्य सरकार को चुनाव-पूर्व अयोग्यता के आधार पर नगर पालिका के सदस्य को हटाने का अधिकार मिल सके, पूर्वव्यापी प्रभाव नहीं रखती।कोर्ट ने कहा,“संशोधन 13.04.2023 को किया गया और रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो दर्शाता हो या सुझाव देता हो कि यह संशोधन पूर्वव्यापी तिथि से प्रभावी हुआ है। इसलिए सभी उद्देश्यों के लिए धारा...

शादी का कोई झूठा वादा नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने शादी रद्द होने के बाद महिला द्वारा अपने मंगेतर और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दायर बलात्कार के मामले को खारिज किया
'शादी का कोई झूठा वादा नहीं': कर्नाटक हाईकोर्ट ने शादी रद्द होने के बाद महिला द्वारा अपने मंगेतर और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दायर बलात्कार के मामले को खारिज किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महिला द्वारा अपने होने वाले पति के खिलाफ दर्ज कराए गए बलात्कार के मामले को खारिज कर दिया है। महिला ने आरोप लगाया है कि शादी के वादे पर सगाई समारोह के बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया और सात महीने बाद शादी करने से इनकार कर दिया। जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने संतोष शेट्टी और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया, जिन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 471, 420, 109, 504 के तहत दंडनीय अपराधों का आरोप लगाया गया था।इसमें...

करण जौहर ने फिल्म शादी के डायरेक्टर करण और जौहर में अपने नाम के कथित अनधिकृत उपयोग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया
करण जौहर ने फिल्म 'शादी के डायरेक्टर करण और जौहर' में अपने नाम के कथित अनधिकृत उपयोग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया

बॉलीवुड फिल्म निर्माता करण जौहर ने आगामी फिल्म 'शादी के डायरेक्टर करण और जौहर' के निर्माताओं के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया। उक्त फिल्म शुक्रवार को रिलीज होने वाली है, जिसमें फिल्म के टाइटल में उनके नाम के इस्तेमाल को रोकने की मांग की गई।जौहर ने मुकदमे के लंबित रहने के दौरान फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की तत्काल राहत के लिए अंतरिम आवेदन भी दायर किया।जौहर के वकील पराग खंडार ने लाइव लॉ को बताया कि तत्काल राहत के लिए मामला जस्टिस आरआई चागला के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है।शिकायत में...

Swati Maliwal Assault Case: आरोपी बिभव कुमार ने जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
Swati Maliwal Assault Case: आरोपी बिभव कुमार ने जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी बिभव कुमार ने कथित स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में जमानत के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।कुमार को 27 मई को निचली अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। उनकी दूसरी नियमित जमानत याचिका को सेशन कोर्ट ने 07 जून को खारिज कर दिया था।जमानत याचिका वकील करण शर्मा और रजत भारद्वाज के माध्यम से दायर की गई।कुमार का कहना है कि यह आपराधिक मशीनरी के दुरुपयोग और जांच में धांधली का क्लासिक मामला है, क्योंकि उन्होंने और मालीवाल ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज...

हाईकोर्ट ने मंदिरों को RTI Act के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण नहीं घोषित करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
हाईकोर्ट ने मंदिरों को RTI Act के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण नहीं घोषित करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को जनहित याचिका खारिज की। उक्त याचिका में यह घोषित करने की मांग की गई कि कर्नाटक राज्य में मंदिर सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) की धारा 2 (एच) के अर्थ में सार्वजनिक प्राधिकरण नहीं हैं।चीफ जस्टिस एन वी अंजारिया और जस्टिस के वी अरविंद की खंडपीठ ने मेसर्स अखिला कर्नाटक हिंदू मंदिर पुजारी आगमिका और अर्चक एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका खारिज की।याचिकाकर्ता ने प्रतिवादी नंबर 2 (हिंदू धार्मिक एवं बंदोबस्ती विभाग के आयुक्त) को 16-06-2007 की अपनी अधिसूचना, साथ ही...

भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम | संपत्ति पर मालिकाना हक का सवाल प्रोबेट कार्यवाही के दौरान तय नहीं किया जा सकता, इसके लिए अलग से मुकदमा दायर करने की आवश्यकता: पटना हाईकोर्ट
भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम | संपत्ति पर मालिकाना हक का सवाल प्रोबेट कार्यवाही के दौरान तय नहीं किया जा सकता, इसके लिए अलग से मुकदमा दायर करने की आवश्यकता: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने माना कि भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 के तहत वसीयतकर्ता के स्वामित्व और हित पर निर्णय लेने के लिए प्रोबेट कार्यवाही उचित चरण नहीं है और स्वामित्व के प्रश्न पर निर्णय केवल एक अलग मुकदमा दायर करके ही किया जा सकता है। जस्टिस अरुण कुमार झा याचिकाकर्ता के मामले पर विचार कर रहे थे, जिसने जिला न्यायालय, वैशाली के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें जम्मू सिंह (प्रतिवादियों के दिवंगत पिता) को जिला न्यायालय के समक्ष प्रोबेट कार्यवाही में पक्षकार बनाया गया था। याचिकाकर्ता का दावा है कि वह...

प्रेग्नेंसी जारी रखने से प्रेग्नेंट महिला को गंभीर मानसिक क्षति होने का खतरा होने पर ही अबॉर्शन की अनुमति दी जा सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट
प्रेग्नेंसी जारी रखने से प्रेग्नेंट महिला को गंभीर मानसिक क्षति होने का खतरा होने पर ही अबॉर्शन की अनुमति दी जा सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि अबॉर्शन की अनुमति तब दी जा सकती है, जब प्रेग्नेंसी जारी रखने से प्रेग्नेंट महिला को गंभीर मानसिक क्षति हो सकती है।जस्टिस एन.आर. बोरकर और जस्टिस सोमशेखर सुदारेसन की खंडपीठ ने कहा कि इस तरह की अनुमति यौन उत्पीड़न से उत्पन्न प्रेग्नेंसी तक सीमित नहीं हो सकती।19 वर्षीय याचिकाकर्ता ने सहमति से संबंध बनाने के कारण 25 सप्ताह की अपनी प्रेग्नेंसी को टर्मिनेट करने की अनुमति मांगने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।मेडिकल बोर्ड ने रिपोर्ट दी कि भ्रूण में कोई जन्मजात असामान्यता...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल में भर्ती घोटाले की जांच के दौरान ED के अधिकारियों को लापरवाह रवैये के खिलाफ चेताया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल में भर्ती घोटाले की जांच के दौरान ED के अधिकारियों को 'लापरवाह रवैये' के खिलाफ चेताया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों को पश्चिम बंगाल में बहुस्तरीय भर्ती घोटाले की जांच के दौरान न्यायालय की निगरानी में 'लापरवाह रवैये' के खिलाफ चेताया।जस्टिस अमृता सिन्हा की एकल पीठ ने डीएसजी धीरज त्रिवेदी से कहा कि न्यायालय को जानकारी मिल रही है कि ED के अधिकारी जांच के प्रति अपने दृष्टिकोण में ढीले हो गए हैं। उन्हें अपने दृष्टिकोण में सावधानी बरतने की जरूरत है।कोर्ट ने कहा,मुझे जानकारी मिल रही है कि आपके अधिकारी (ED) ढीले हो रहे हैं। कृपया उन्हें सावधान रहने के...

गुजरात हाईकोर्ट ने पूर्व ISRO अधिकारी की दूसरी जमानत याचिका खारिज की, पाकिस्तानी महिला को अंतरिक्ष केंद्र की तस्वीरें भेजने का है आरोप
गुजरात हाईकोर्ट ने पूर्व ISRO अधिकारी की दूसरी जमानत याचिका खारिज की, पाकिस्तानी महिला को अंतरिक्ष केंद्र की तस्वीरें भेजने का है आरोप

गुजरात हाईकोर्ट ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व तकनीकी अधिकारी कल्पेश तुरी को जमानत देने से इनकार किया। तुरी पर संगठन के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र से संबंधित तस्वीरें पाकिस्तानी महिला को भेजने के आरोप में साइबर आतंकवाद का आरोप है।जस्टिस एमआर मेंगडे ने तुरी की जमानत दूसरी बार खारिज करते हुए कहा कि अपराध की सुनवाई शुरू हो चुकी है और अभियोजन पक्ष द्वारा कई गवाहों की जांच पहले ही की जा चुकी है।कोर्ट ने कहा, "इसलिए पिछली जमानत याचिका दायर करने के बाद परिस्थितियों में कोई बदलाव...