हाईकोर्ट

सैकड़ों घर खरीदारों को हुआ नुकसान: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को धोखाधड़ी मामले में रियल एस्टेट एजेंट के खिलाफ 4 महीने के भीतर मुकदमा पूरा करने का निर्देश दिया
सैकड़ों घर खरीदारों को हुआ नुकसान: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को धोखाधड़ी मामले में रियल एस्टेट एजेंट के खिलाफ 4 महीने के भीतर मुकदमा पूरा करने का निर्देश दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि न्यायालय का दायित्व है कि वह यह सुनिश्चित करे कि 'न्याय न केवल किया जाना चाहिए, बल्कि ऐसा दिखना भी चाहिए कि न्याय हुआ है'। न्यायालय ने पंजाब के रियल एस्टेट कारोबारी जरनैल सिंह बाजवा द्वारा घर खरीदने वालों के साथ कथित रूप से की गई धोखाधड़ी से संबंधित शिकायत में सुनवाई अदालत को चार महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा, "शीघ्र सुनवाई से अभियुक्त के अधिकार सुरक्षित होते हैं, लेकिन इससे सार्वजनिक न्याय के अधिकार बाधित नहीं...

अवमानना ​​न्यायालय के आदेश के खिलाफ विशेष अपील तभी स्वीकार्य होगी जब मूल विवाद के गुण-दोष पर आधारित निष्कर्ष वापस किया जाएगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अवमानना ​​न्यायालय के आदेश के खिलाफ विशेष अपील तभी स्वीकार्य होगी जब मूल विवाद के गुण-दोष पर आधारित निष्कर्ष वापस किया जाएगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि इलाहाबाद हाईकोर्ट नियम, 1952 के अध्याय VIII नियम 5 के तहत अवमानना ​​क्षेत्राधिकार में एकल न्यायाधीश के आदेश के विरुद्ध विशेष अपील तभी स्वीकार्य है, जब अवमानना ​​न्यायालय अपने क्षेत्राधिकार का अतिक्रमण करता है और पक्षों के बीच मूल विवाद के गुण-दोष में प्रवेश करता है। लखनऊ ‌स्थ‌ित चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस जसप्रीत सिंह की पीठ ने कहा, “अवमानना ​​मामलों में विशेष अपील तभी उचित है, जब अवमानना ​​न्यायालय मूल विवाद के गुण-दोष को संबोधित करते हुए अपने क्षेत्राधिकार...

मेडिकल साक्ष्य का अभाव अभियोजन पक्ष के लिए घातक नहीं, पीड़िता ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अपनी गवाही की पुष्टि की: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने POCSO दोषसिद्धि को बरकरार रखा
मेडिकल साक्ष्य का अभाव अभियोजन पक्ष के लिए घातक नहीं, पीड़िता ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अपनी गवाही की पुष्टि की: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने POCSO दोषसिद्धि को बरकरार रखा

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने मंगलवार को POCSO अधिनियम की धारा 6 के तहत एक व्यक्ति की सजा को इस आधार पर बरकरार रखा कि ट्रायल कोर्ट के समक्ष पीड़ित लड़की की गवाही सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज उसके बयान से पुष्ट होती है और इसलिए, उचित मेडिकल रिपोर्ट के अभाव में उसे विश्वसनीय पाया गया। हालांकि, जस्टिस माइकल जोथानखुमा और जस्टिस मिताली ठाकुरिया की खंडपीठ ने दोषी की उम्र को देखते हुए आजीवन कारावास की सजा को घटाकर 20 साल के कठोर कारावास में बदल दिया।अभियोजन पक्ष का मामला यह था कि सूचनाकर्ता (पीड़िता की...

अग्रिम जमा राशि का भुगतान न करने पर अपील खारिज; राजस्व विभाग जमा राशि स्वीकार करने के बाद बहाली को चुनौती नहीं दे सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
अग्रिम जमा राशि का भुगतान न करने पर अपील खारिज; राजस्व विभाग जमा राशि स्वीकार करने के बाद बहाली को चुनौती नहीं दे सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यदि करदाता की अपील को पूर्व-जमा राशि का भुगतान न करने के कारण पहले खारिज कर दिया गया था, और उन्होंने वह भुगतान कर दिया है, जिसे राजस्व द्वारा स्वीकार कर लिया गया है, तो राजस्व बाद में अपील की बहाली को चुनौती नहीं दे सकता। जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजय वशिष्ठ की खंडपीठ ने कहा कि "अधिकरण को तभी पदेन कार्यदायी कहा जा सकता है, जब वह किसी अपील का गुण-दोष के आधार पर निर्णय कर दे। यदि अपील को केवल दोषपूर्ण होने के कारण, अर्थात पूर्व-जमा राशि के अभाव के...

संशोधन समिति ने निर्माताओं को कुछ और कट्स का सुझाव दिया: CBFC ने इमरजेंसी की रिलीज पर बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
संशोधन समिति ने निर्माताओं को कुछ और कट्स का सुझाव दिया: CBFC ने इमरजेंसी की रिलीज पर बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि उसकी संशोधन समिति ने विवादास्पद फिल्म इमरजेंसी के निर्माताओं को कुछ कट्स का सुझाव दिया है। उसके बाद ही BJP सांसद कंगना रनौत की फिल्म रिलीज की जा सकती है।फिल्म के सह-निर्माता जी स्टूडियोज ने जस्टिस बर्गेस कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौस पूनीवाला की खंडपीठ से सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया, क्योंकि वह इस बारे में निर्देश लेना चाहेगा कि कट्स किए जा सकते हैं या नहीं।मामले की सुनवाई शुरू हुई तो जस्टिस कोलाबावाला ने शुरू में...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना पर सामूहिक बलात्कार संबंधी टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना पर सामूहिक बलात्कार संबंधी टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ सार्वजनिक भाषण के दौरान कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए दायर जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया, जिसमें कहा गया था कि हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना ने सामूहिक बलात्कार किया है।चीफ जस्टिस एन वी अंजारिया और जस्टिस के वी अरविंद की खंडपीठ ने अखिल भारतीय दलित एक्शन कमेटी द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी करने से इनकार किया।उन्होंने कहा,"कोई तात्कालिकता नहीं, प्रतिवादियों को कोई नोटिस जारी नहीं किया जाना चाहिए। मामले को...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य के अधिकारियों के लिए माननीय शीर्षक का उपयोग करने के प्रोटोकॉल पर यूपी सरकार से सवाल पूछे
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य के अधिकारियों के लिए 'माननीय' शीर्षक का उपयोग करने के प्रोटोकॉल पर यूपी सरकार से सवाल पूछे

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि वह न्यायालय को बताए कि क्या राज्य के उन अधिकारियों के बारे में कोई प्रोटोकॉल है, जो अपने पदनाम या नाम के साथ "माननीय" शब्द लगाने के हकदार हैं या लगवाते हैं।जस्टिस जेजे मुनीर की पीठ ने उत्तर प्रदेश, लखनऊ के राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव से हलफनामा मांगा।पीठ ने कृष्ण गोपाल राठौर द्वारा दायर रिट याचिका पर विचार करते हुए उपरोक्त हलफनामा मांगा, जिसमें उसने उल्लेख किया कि इटावा के कलेक्टर ने आधिकारिक पत्र में कानपुर के संभागीय आयुक्त को "माननीय आयुक्त"...

राहुल गांधी की नागरिकता विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष लंबित कार्यवाही की स्थिति मांगी
राहुल गांधी की नागरिकता विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष लंबित कार्यवाही की स्थिति मांगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के लिए 09 अक्टूबर की तारीख तय की।चीफ जस्टिस मनोनीत मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के वकील से इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष इस मुद्दे पर लंबित याचिका की प्रति प्राप्त करने को कहा।अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि मामले में आगे बढ़ने से पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित याचिका के बारे में स्थिति जानना न्याय के हित...

घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत आवेदन केवल क्षेत्राधिकार वाले मजिस्ट्रेट के समक्ष ही दायर किया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत आवेदन केवल क्षेत्राधिकार वाले मजिस्ट्रेट के समक्ष ही दायर किया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत आवेदन केवल क्षेत्राधिकार वाले मजिस्ट्रेट के समक्ष ही दायर किया जा सकता है।धारा 12 में कहा गया है कि एक "पीड़ित व्यक्ति" या एक संरक्षण अधिकारी या पीड़ित व्यक्ति की ओर से कोई अन्य व्यक्ति घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत एक या अधिक राहत की मांग करते हुए मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा विनीत गणेश बनाम प्रियंका वासन मामले में केरल हाईकोर्ट के फैसले से सहमत थे, जिसमें कहा गया था कि प्रथम श्रेणी...

राजस्थान हाईकोर्ट ने गैर-इरादतन हत्या के लिए 33 साल पुराना आदेश बरकरार रखा, दोषियों को उनकी लंबी यातना का हवाला देते हुए रिहा करने का आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने गैर-इरादतन हत्या के लिए 33 साल पुराना आदेश बरकरार रखा, दोषियों को उनकी लंबी यातना का हवाला देते हुए रिहा करने का आदेश दिया

चार लोगों को गैर-इरादतन हत्या के लिए दोषी ठहराने वाले 33 साल पुराना आदेश बरकरार रखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने उनकी सात साल की सजा घटाकर जेल में पहले से ही काटी गई अवधि में बदल दिया। कोर्ट ने उक्त आदेश यह देखते हुए दिया कि उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से लंबे समय तक यातना से गुजरना पड़ा।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकल पीठ ने 19 सितंबर को अपने फैसले में कहा,"अपीलकर्ताओं ने जांच और सुनवाई के दौरान 03.10.1990 से 15.06.1991 तक कारावास की सजा काटी और दोषसिद्धि के बाद 07.12.1991 से 18.01.1992...

भारत में इस्लामोफोबिया बढ़ रहा है: हाईकोर्ट में सीएम एकनाथ शिंदे और BJP MLA नितेश राणे के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर याचिका
भारत में इस्लामोफोबिया बढ़ रहा है: हाईकोर्ट में सीएम एकनाथ शिंदे और BJP MLA नितेश राणे के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर याचिका

बांद्रा के निवासी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर महाराष्ट्र पुलिस को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और बीजेपी विधायक नितेश राणे के खिलाफ कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और उन लोगों का समर्थन करने या उन्हें बचाने के लिए आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की, जो पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं।याचिकाकर्ता - मोहम्मद वसी सईद ने स्वयंभू संत महंत रामगिरी महाराज द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर आपत्ति जताई।...

AgustaWestland Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI मामले में क्रिश्चियन मिशेल को जमानत देने से किया इनकार
AgustaWestland Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI मामले में क्रिश्चियन मिशेल को जमानत देने से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज मामले में ब्रिटिश हथियार सलाहकार क्रिश्चियन जेम्स मिशेल की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी।जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने सीबीआई के मामले में मिशेल की जमानत याचिका खारिज कर दी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज धनशोधन मामले में उसकी जमानत याचिका को 18 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। मिशेल को 2022 में एक समन्वय पीठ द्वारा कथित घोटाले के संबंध में सीबीआई और ईडी मामलों में जमानत देने...

Delhi University
'युवाओं का पूर्ण भ्रष्टाचार': दिल्ली हाईकोर्ट ने डूसू चुनावों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ 'कड़ी कार्रवाई' का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय से कहा कि वह छात्र संघ चुनाव के दौरान तोड़फोड़ और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। न्यायालय ने स्थिति को "आम चुनावों से भी बदतर" बताया। चीफ जस्टिस मनोनीत न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने पाया कि प्रथम दृष्टया, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों द्वारा करोड़ों में खर्च किया गया है। न्यायालय ने कहा कि छात्र संघ चुनाव में इतनी बड़ी राशि का उपयोग छात्रों को "शुरुआत से ही भ्रष्ट" बना...

अदालत के जरिए सांप्रदायिक राजनीति खेली जा रही है: शाही ईदगाह पार्क के अंदर झांसी रानी की प्रतिमा की स्थापना के खिलाफ अपील पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फटकार लगाई
'अदालत के जरिए सांप्रदायिक राजनीति खेली जा रही है': शाही ईदगाह पार्क के अंदर 'झांसी रानी' की प्रतिमा की स्थापना के खिलाफ अपील पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फटकार लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को शाही ईदगाह प्रबंध समिति को शहर के सदर बाजार क्षेत्र में स्थित शाही ईदगाह पार्क के अंदर “झांसी की महारानी” की प्रतिमा की स्थापना के खिलाफ उनकी याचिका को खारिज करने वाले एकल न्यायाधीश के खिलाफ अपनी अपील में “निंदनीय दलीलें” देने के लिए फटकार लगाई। चीफ जस्टिस मनोनीत न्याायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि अपील “विभाजनकारी” है और प्रबंध समिति सांप्रदायिक राजनीति कर रही थी और इस प्रक्रिया में अदालत का इस्तेमाल किया जा रहा है।अपील में एकल...

सरकारी गोपनीयता कानून के तहत टॉप सीक्रेट के रूप में वर्गीकृत दस्तावेज को आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल पेश करने का निर्देश नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
सरकारी गोपनीयता कानून के तहत 'टॉप सीक्रेट' के रूप में वर्गीकृत दस्तावेज को आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल पेश करने का निर्देश नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

सरकारी गोपनीयता कानून के तहत 'टॉप सीक्रेट' के रूप में वर्गीकृत दस्तावेज को आर्बिट्रल ट्रिब्यूनलद्वारा पेश करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 के तहत "टॉप सीक्रेट" और "संरक्षित" वर्गीकृत दस्तावेज को एक आर्बिट्रल ट्रिब्यूनलद्वारा पेश करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता है। जस्टिस मनोज जैन ने केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की परियोजना वर्षा के महानिदेशक द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल को एक सीलबंद...

महाराष्ट्र में ऑनलाइन रम्मी गेम पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर
महाराष्ट्र में ऑनलाइन 'रम्मी' गेम पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर

याचिका की सुनवाई कराते हुये बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा की हलफनामा दायर करें जिसमें बताया गया हो कि कैसे ऑनलाइन रम्मी 'कौशल का खेल' है और 'जुआ' नहीं है।याचिकाकर्ता इस आधार पर रम्मी पर प्रतिबंध लगाने की मांग की कि यह 'मौका' का खेल है, जो 'जुआ' के बराबर है। याचिका में कहा गया है कि जंगली रम्मी और रम्मी सर्कल जैसे ऐप 'ऑनलाइन जुआ' हैं, जो सार्वजनिक जुआ अधिनियम, 1867, बॉम्बे जुआ रोकथाम अधिनियम, 1887 और बॉम्बे वेगर अधिनियम के तहत प्रतिबंधित अपराध है।याचिकाकर्ता ने मांग की है कि राज्य को ऑनलाइन गेम पर...

सजा में तब तक हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता जब तक कि इससे अंतरात्मा को झटका न लगे: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने 2 साल की अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए बीएसएफ कर्मी की बर्खास्तगी को बरकरार रखा
सजा में तब तक हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता जब तक कि इससे अंतरात्मा को झटका न लगे: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने 2 साल की अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए बीएसएफ कर्मी की बर्खास्तगी को बरकरार रखा

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने छुट्टी से करीब दो साल अधिक समय तक रहने के कारण बीएसएफ कांस्टेबल की बर्खास्तगी को बरकरार रखते हुए इस सिद्धांत को मजबूत किया है कि जब तक सजा अदालत की अंतरात्मा को झकझोर न दे, तब तक सजा की आनुपातिकता में हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। उसकी बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस वसीम सादिक नरगल ने कहा,“इस मामले में, याचिकाकर्ता ने बीएसएफ के अनुशासनात्मक बल से दो साल से अधिक समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की बात स्वीकार की है।...