हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा पुलिस आयुक्त को BNS  पर जांच अधिकारियों के लिए रिफ्रेशर कोर्स पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा पुलिस आयुक्त को BNS पर जांच अधिकारियों के लिए रिफ्रेशर कोर्स पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा संभाग के पुलिस आयुक्त को नव अधिनियमित भारतीय न्याय संहित 2023 (BNS) के संबंध में आयुक्तालय के भीतर जांच अधिकारियों को प्रदान किए गए रिफ्रेशर कोर्स का विवरण देते हुए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान और जस्टिस मोहम्मद अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने दहेज-क्रूरता और बलात्कार के मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए 7 आरोपियों द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका पर विचार करते हुए यह हलफनामा मांगा।मामला जब पीठ के समक्ष आया तो आरोपी के वकील...

मेडिकल जांच से इनकार करना बलात्कार के आरोप को खारिज करने के लिए पर्याप्त नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
मेडिकल जांच से इनकार करना बलात्कार के आरोप को खारिज करने के लिए पर्याप्त नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नाबालिग बलात्कार पीड़िता द्वारा मेडिकल जांच से इनकार करना ही उसके द्वारा लगाए गए आरोपों पर अविश्वास करने का आधार नहीं हो सकता।जस्टिस राजेंद्र प्रकाश सोनी की पीठ ने झूठे आरोप के कथित आधार पर POCSO आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया।पीठ ने कहा,“रिकॉर्ड के अवलोकन और प्रस्तुतियों पर विचार करने पर यह स्पष्ट होगा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज बयान में पीड़िता ने याचिकाकर्ता के खिलाफ बलात्कार का विशेष रूप से आरोप लगाया। इस मामले को देखते हुए यदि पीड़िता...

याचिकाओं या वादों में मानहानिकारक बयान IPC की धारा 499 के तहत प्रकाशन के बराबर: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
याचिकाओं या वादों में मानहानिकारक बयान IPC की धारा 499 के तहत प्रकाशन के बराबर: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि अदालती वादों में दिए गए मानहानिकारक बयान प्रकाशन के बराबर हैं और धारा 499 के तहत अपराध के लिए ऐसे मुवक्किल के खिलाफ मुकदमा चलाने का आधार बन सकते हैं।जस्टिस संजय धर ने मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा,"कानून में यह अच्छी तरह से स्थापित है कि जब किसी अदालत के समक्ष मानहानिकारक सामग्री वाली दलीलों पर भरोसा किया जाता है तो वह आरपीसी की धारा 499 के अर्थ में प्रकाशन के बराबर होती है। न्यायिक कार्यवाही में पक्षकारों की दलीलों, याचिकाओं, हलफनामों आदि में...

पिता के साथ नाबालिग का रहना अवैध कारावास नहीं कहा जा सकता, यह मानना ​​उचित नहीं कि बच्चे के लिए केवल मां ही महत्वपूर्ण है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
पिता के साथ नाबालिग का रहना अवैध कारावास नहीं कहा जा सकता, यह मानना ​​उचित नहीं कि बच्चे के लिए केवल मां ही महत्वपूर्ण है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

बच्चे के जीवन में माता-पिता दोनों के सर्वोपरि महत्व को रेखांकित करते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 97 के तहत नाबालिग बच्चे की कस्टडी अवैध रूप से मां को देने के लिए मजिस्ट्रेट को कड़ी फटकार लगाई।जस्टिस मोक्ष खजूरिया काज़मी की पीठ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पिता के साथ बच्चे की कस्टडी को गलत कारावास नहीं माना जा सकता।पीठ ने रेखांकित किया,"वास्तविकता यह है कि बच्चे के जीवन में पिता का प्यार, देखभाल, स्नेह और समर्थन बच्चे के विकास को बढ़ावा देने में समान रूप से महत्वपूर्ण...

सरकारी पदों के दुरुपयोग को रोकने के लिए रिट ऑफ़ क्वो वारंटो: राजस्थान हाईकोर्ट ने अयोग्य नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को हटाया
सरकारी पदों के दुरुपयोग को रोकने के लिए रिट ऑफ़ क्वो वारंटो: राजस्थान हाईकोर्ट ने अयोग्य नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को हटाया

राजस्थान हाईकोर्ट ने दोहराया कि रिट ऑफ़ क्वो वारंटो मांगने का मुख्य उद्देश्य सरकारी पदों के दुरुपयोग या हड़पने को रोकना है और यह सुनिश्चित करना है कि जो लोग ऐसे पदों पर हैं, वे वैध तरीके से और कानून के दायरे में ऐसा करें।जस्टिस समीर जैन ने जयपुर के निकट चोमू कस्बे की नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यकारी अधिकारी-III श्रेणी से संबंधित प्रतिवादी की नियुक्ति रद्द करते हुए यह टिप्पणी की।पीठ ने कहा कि राजस्थान नगर सेवा (प्रशासनिक और तकनीकी) नियम 1963 के अनुसार, केवल आयुक्त की श्रेणी से...

हाईकोर्ट ने दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में सीटें आरक्षित करने की याचिका पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा
हाईकोर्ट ने दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में सीटें आरक्षित करने की याचिका पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार ग्रुप ए, बी, सी, डी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति में आरक्षण की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल की खंडपीठ ने पंजाब सरकार को नोटिस ऑफ मोशन जारी किया।दिव्यांग कर्मचारी संघ ने जनहित याचिका दायर कर दावा किया कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016 के विभिन्न प्रावधानों को अक्षरशः लागू नहीं किया गया।याचिका में यह भी कहा गया कि 2016...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने NCLAT द्वारा दिवालियेपन के खिलाफ Byju द्वारा दायर याचिका का निपटारा किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने NCLAT द्वारा दिवालियेपन के खिलाफ Byju द्वारा दायर याचिका का निपटारा किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को बायजू रवींद्रन द्वारा दायर याचिका का निपटारा किया। उक्त याचिका में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLAT) का आदेश निलंबित करने की मांग की गई थी, जिसमें उनकी मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड (TLPL) को दिवालियापन समाधान प्रक्रिया में शामिल किया गया था।जस्टिस एस आर कृष्ण कुमार की एकल न्यायाधीश पीठ ने मामले का निपटारा किया, जब उन्हें सूचित किया गया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) द्वारा विशेष पीठ का गठन किया गया, जिसने आज मामले की सुनवाई की...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अभ्यार्थियों को अनुपयुक्त कॉलेज से अन्य सरकारी कॉलेजों में स्थानांतरित करने का मार्ग प्रशस्त किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अभ्यार्थियों को 'अनुपयुक्त' कॉलेज से अन्य सरकारी कॉलेजों में स्थानांतरित करने का मार्ग प्रशस्त किया

मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता और संबद्धता देने की वैधता को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं के एक बैच में, हाईकोर्ट ने 'अनुपयुक्त' सरकारी कॉलेज के अभ्यार्थियों को 'उपयुक्त' सरकारी कॉलेजों में प्रवेश देने की अनुमति दी है।जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल की खंडपीठ ने अपने पहले के आदेश को इस हद तक संशोधित किया कि इस 'अनुपयुक्त' सरकारी कॉलेज के छात्रों को किसी अन्य 'उपयुक्त' कॉलेजों में समायोजित किया जा सकता है। "उपरोक्त के मद्देनजर, समिति को इस सरकारी कॉलेज के...

SC/ST कानून के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए समिति के गठन को चुनौती देने वाली जिग्नेश मेवाणी की याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा
SC/ST कानून के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए समिति के गठन को चुनौती देने वाली जिग्नेश मेवाणी की याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता और वडगाम से विधायक जिग्नेश मेवाणी की उस याचिका पर राज्य सरकार का रुख पूछा जिसमें कहा गया है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय सतर्कता और निगरानी समिति का गठन तीन साल से अधिक समय से नहीं किया गया था।जस्टिस संगीता के. विशेन की सिंगल जज बेंच ने मामले में पेश सहायक सरकारी वकील से 'निर्देश' लेने को कहा और इसे एक अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दिया। कोर्ट ने कहा "कृपया निर्देश लें। यह आपका...

झारखंड हाईकोर्ट ने हत्या के आरोप की पुष्टि की, कहा, निचली अदालत ने 11 वर्षीय गवाह की योग्यता पर सवाल नहीं उठाया था, फिर भी गवाही तर्कसंगत और स्थिर
झारखंड हाईकोर्ट ने हत्या के आरोप की पुष्टि की, कहा, निचली अदालत ने 11 वर्षीय गवाह की योग्यता पर सवाल नहीं उठाया था, फिर भी गवाही तर्कसंगत और स्थिर

झारखंड हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को उसकी पत्नी की हत्या के लिए दोषी ठहराए जाने के फैसले को बरकरार रखा है, जबकि निचली अदालत ने ग्यारह वर्षीय बाल गवाह की योग्यता की पुष्टि करने में विफलता दिखाई है। जस्टिस सुभाष चंद और जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ की अध्यक्षता वाले हाईकोर्ट ने कहा कि जसमीरा खातून की गवाही तर्कसंगत और सुसंगत रही, भले ही निचली अदालत ने गवाह के रूप में उसकी उपयुक्तता का मूल्यांकन नहीं किया।अदालत ने टिप्पणी की, "हालांकि विद्वान निचली अदालत ने इस गवाह पीडब्लू2- जसमीरा खातून से गवाह के रूप...

जब तब असाधारण परिस्थितियां मौजूद न हों, बलात्कार की एफआईआर समझौते के आधार पर रूटीन तरीके से रद्द नहीं की जा सकतीः मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
जब तब 'असाधारण परिस्थितियां' मौजूद न हों, बलात्कार की एफआईआर समझौते के आधार पर 'रूटीन तरीके' से रद्द नहीं की जा सकतीः मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया कि बलात्कार के मामलों में 'रूटीन तरीके' से समझौता तब तक स्वीकार नहीं किया जा सकता जब तक कि 'असाधारण परिस्थितियां' न बन जाएं। जस्टिस प्रकाश चंद्र गुप्ता की एकल पीठ ने माना कि 20 वर्षीय पीड़िता द्वारा दर्ज बलात्कार के मामले को समझौते के बावजूद खारिज नहीं किया जा सकता, भले ही सहमति पर पहुंचने से पहले कोई दबाव या भय न हो।पीठ ने कहा, “…अभियोक्ता आवेदक के खिलाफ़ एफआईआर पर मुकदमा नहीं चलाना चाहती, लेकिन अपराध बलात्कार से संबंधित है जो गंभीर और जघन्य प्रकृति का है और...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 23 साल पुराने मामले में हत्या के 3 आरोपियों को बरी किया, कहा- पुलिस/चश्मदीदों के बयानों में विरोधाभास
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 23 साल पुराने मामले में हत्या के 3 आरोपियों को बरी किया, कहा- पुलिस/चश्मदीदों के बयानों में विरोधाभास

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के अपराध के 23 साल पुराने मामले में सोमवार को तीन व्यक्तियों को दोषसिद्धि को खारिज कर दिया और उन्हें बरी कर दिया। कोर्ट ने उक्त फैसला यह देखते हुए दिया कि प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस गवाहों के बयानों में महत्वपूर्ण विरोधाभास थे। जिन्हें बरी किया गया, उन्हें हत्या के अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जस्टिस राजीव गुप्ता और जस्टिस मोहम्मद अजहर हुसैन इदरीसी की पीठ ने तीनों दोषियों द्वारा दायर अपीलों को स्वीकार करते हुए निष्कर्ष निकाला कि “साक्ष्य और रिकॉर्ड...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- कर्मचारी विभागीय जांच में दोषमुक्त हो चुका हो, उसके बाद भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमा नहीं रुकेगा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- कर्मचारी विभागीय जांच में दोषमुक्त हो चुका हो, उसके बाद भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमा नहीं रुकेगा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना कि जब किसी सरकारी कर्मचारी पर रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के लिए आपराधिक कदाचार का आरोप लगाया जाता है, तो उसे मुकदमे में बेदाग निकलना होगा और भले ही वह विभागीय जांच में दोषमुक्त हो जाए, लेकिन यह उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमे को जारी रखने में बाधा नहीं बनेगा। जस्टिस एचपी संदेश की एकल पीठ ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किए गए टी मंजूनाथ द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया।मंजूनाथ ने 23-08-2017 को ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित आदेश को...

मुकदमे में प्रदर्श के रूप में चिह्नित करने से पहले बिक्री विलेख के निष्पादन को गवाहों या पक्षों द्वारा सिद्ध किया जाना चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट
मुकदमे में प्रदर्श के रूप में चिह्नित करने से पहले बिक्री विलेख के निष्पादन को गवाहों या पक्षों द्वारा सिद्ध किया जाना चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने माना कि सेल डीड शुरू में एक निजी दस्तावेज होता है, लेकिन रजिस्ट्रार के पास पंजीकरण के बाद यह सार्वजनिक दस्तावेज बन जाता है। हालांकि, सेल डीड को मुकदमे में प्रदर्शित के रूप में चिह्नित करने के लिए, इसके निष्पादन को गवाहों या सेल डीड में शामिल पक्षों द्वारा सिद्ध किया जाना चाहिए। मामले की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस सुभाष चंद ने कहा, "सेल डीड निजी दस्तावेज है, हालांकि रजिस्ट्रार के कार्यालय में पंजीकरण के बाद यह सार्वजनिक दस्तावेज बन जाता है। लेकिन जब तक सेल डीड के निष्पादन को सेल...

पीएंडएच हाईकोर्ट ने निकाह पर संशय जाहिर किया, कहा-ऐसे कृत्य, जिन्हें समाज स्वीकार नहीं करता है, भारतीय न्याय संहिता में वे अपराध माने गए
पीएंडएच हाईकोर्ट ने निकाह पर संशय जाहिर किया, कहा-ऐसे कृत्य, जिन्हें समाज स्वीकार नहीं करता है, भारतीय न्याय संहिता में वे अपराध माने गए

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सुरक्षा की मांग कर रहे एक जोड़े द्वारा किए गए 'निकाह' पर संदेह जताते हुए कहा कि सभी कानून जीवन शैली पर आधारित होते हैं और समाज को स्वीकार्य न होने वाले कार्यों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) द्वारा अपराध के रूप में परिभाषित किया जाता है।न्यायालय ने दलीलों की सत्यता पर संदेह जताते हुए कहा कि युगल और गवाह अलग-अलग राज्यों से हैं और रिकॉर्ड पर पेश की गई तस्वीर में, "विवाह के पक्षकार एक डबल बेड पर बैठे हैं और किसी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर रहे हैं।"जस्टिस संदीप मौदगिल...

ITC Claimed On Alleged Fake Supplies; दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंक अकाउंट अस्थायी रूप से कुर्क करने की विभाग की कार्रवाई बरकरार रखी
ITC Claimed On Alleged Fake Supplies; दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंक अकाउंट अस्थायी रूप से कुर्क करने की विभाग की कार्रवाई बरकरार रखी

दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित फर्जी आपूर्ति के संबंध में दावा किए गए इनपुट टैक्स (ITC) की राशि 26.91 लाख रुपये तक याचिकाकर्ता के बैंक अकाउंट को अस्थायी रूप से कुर्क करने की आयुक्त की कार्रवाई बरकरार रखी।जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस सचिन दत्ता की खंडपीठ ने कहा कि आयुक्त द्वारा शक्ति का प्रयोग अनुचित नहीं था। आयुक्त ने विभाग के हितों की रक्षा के लिए याचिकाकर्ता के बैंक अकाउंट को अस्थायी रूप से कुर्क करना आवश्यक पाया था।याचिकाकर्ता जीएसटी खुफिया महानिदेशालय, गुरुग्राम क्षेत्रीय इकाई के प्रधान अतिरिक्त...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने साफ किया, भरण-पोषण कार्यवाही में संपत्ति कुर्की और सशर्त गिरफ्तारी वारंट का आदेश एक साथ जारी किया जा सकता है
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने साफ किया, भरण-पोषण कार्यवाही में संपत्ति कुर्की और सशर्त गिरफ्तारी वारंट का आदेश एक साथ जारी किया जा सकता है

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि धारा 125 सीआरपीसी के तहत भरण-पोषण राशि की वसूली के लिए संपत्ति की कुर्की और गिरफ्तारी के सशर्त वारंट एक साथ जारी किया जा सकता है। नए आपराधिक कानून के तहत पत्नी, बच्चों और माता-पिता के भरण-पोषण के लिए संबंधित धारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 144 है। मौजूदा मामले में न्यायालय ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि संपत्ति की कुर्की के आदेश के बाद भरण-पोषण राशि की वसूली के लिए गिरफ्तारी के सशर्त वारंट जारी करना अवैध है।जस्टिस...

कस्टडी की लड़ाई में उलझी मां द्वारा पिता पर बच्चे का यौन शोषण करने का आरोप लगाने वाले मामलों में POCSO कोर्ट को सतर्क रहना चाहिए: केरल हाईकोर्ट
कस्टडी की लड़ाई में उलझी मां द्वारा पिता पर बच्चे का यौन शोषण करने का आरोप लगाने वाले मामलों में POCSO कोर्ट को सतर्क रहना चाहिए: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने POCSO न्यायालयों को चेतावनी दी है कि वे बच्चे के यौन शोषण के आरोपों पर विचार करते समय सतर्क रहें। खासकर तब जब उनके बीच वैवाहिक और हिरासत संबंधी विवाद चल रहे हों।इस मामले में पत्नी ने अपने पति पर अपनी 3 वर्षीय बेटी का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। दंपति बच्चे की कस्टडी पाने के लिए वैवाहिक विवाद में भी उलझे हुए हैं।जस्टिस पी.वी.कुन्हीकृष्णन ने पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ मां द्वारा की गई शिकायत झूठी और बच्चे की कस्टडी पाने के लिए थी। उन्होंने कहा कि वैवाहिक विवादों के कारण...

तेलंगाना हाईकोर्ट ने शिया महिलाओं के इबादतखाने में नमाज़ पढ़ने का अधिकार बरकरार रखा, कहा- कुरान इसे प्रतिबंधित नहीं करता
तेलंगाना हाईकोर्ट ने शिया महिलाओं के इबादतखाने में नमाज़ पढ़ने का अधिकार बरकरार रखा, कहा- कुरान इसे प्रतिबंधित नहीं करता

तेलंगाना हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले में शिया मुसलमानों के अकबरी संप्रदाय की महिलाओं को हैदराबाद के दारुलशिफा में स्थित इबादतखाने में धार्मिक गतिविधियों का संचालन करने के अधिकार की पुष्टि की। यह फैसला अंजुमने अलवी शिया इमामिया इत्ना अशरी अख़बारी रजिस्टर्ड सोसायटी द्वारा दायर रिट याचिका के जवाब में आया, जिसमें परिसर में मजलिस जश्न और अन्य धार्मिक प्रार्थनाओं के संचालन के लिए महिलाओं की पहुंच से इनकार करने को चुनौती दी गई थी। यह मामला इबादतखाने में महिलाओं की पहुंच को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद...

Delhi Coaching Centre Deaths: उच्च स्तरीय जांच समिति के लिए जनहित याचिका पर कल सुनवाई करेगा हाईकोर्ट
Delhi Coaching Centre Deaths: उच्च स्तरीय जांच समिति के लिए जनहित याचिका पर कल सुनवाई करेगा हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। उक्त याचिका में शहर के राजेंद्र नगर इलाके में हाल ही में हुए बेसमेंट हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग की गई। गौरतलब है कि हादसे में तीन सिविल सेवा उम्मीदवारों की जान चली गई।दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में राऊ के आईएएस कोचिंग सेंटर में बाढ़ के पानी से भरे बेसमेंट में तीन उम्मीदवारों की मौत हो गई।एडवोकेट रुद्र विक्रम सिंह ने एक्टिंग चीफ जस्टिस और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख किया।खंडपीठ ने कहा कि...