हाईकोर्ट

राम रहीम द्वारा अस्थायी रिहाई की मांग करने वाली किसी भी याचिका पर पक्षपात या मनमानी के बिना निर्णय लिया जाना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
राम रहीम द्वारा अस्थायी रिहाई की मांग करने वाली किसी भी याचिका पर पक्षपात या मनमानी के बिना निर्णय लिया जाना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यदि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम द्वारा अस्थायी रिहाई के लिए कोई आवेदन दायर किया जाता है तो उस पर हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स (अस्थायी रिहाई) अधिनियम 2022 के प्रावधानों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा बिना किसी पक्षपात या मनमानी के निर्णय लिया जाना चाहिए।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल ने कहा,"यह न्यायालय यह देखना चाहेगा कि यदि प्रतिवादी नंबर 9 (राम रहीम) द्वारा अस्थायी रिहाई के लिए कोई आवेदन किया जाता है तो उस पर सक्षम प्राधिकारी...

जनहित याचिका पर लागू लापरवाही के आधार पर राहत से इनकार करने का सिद्धांत: बॉम्बे हाई कोर्ट
जनहित याचिका पर लागू लापरवाही के आधार पर राहत से इनकार करने का सिद्धांत: बॉम्बे हाई कोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पाया कि देरी और लापरवाही के आधार पर राहत से इनकार करने का सिद्धांत जनहित याचिका (PIL) पर लागू होता है। इसने इस बात पर जोर दिया कि याचिकाकर्ताओं की ओर से देरी के लिए स्पष्टीकरण न दिए जाने की स्थिति में न्यायालय भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपनी विवेकाधीन शक्ति का प्रयोग करने से इनकार कर सकता है।किसी भी स्पष्टीकरण के अभाव में यह न्यायालय इस बात पर विचार करने के लिए बाध्य नहीं है कि याचिकाकर्ताओं का स्पष्टीकरण वर्तमान जनहित याचिका दायर करने में हुई देरी और लापरवाही को...

महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर गलती से निर्वाचित: हाईकोर्ट ने हिसार पंचायत समिति अध्यक्ष का चुनाव रद्द करने का फैसला बरकरार रखा
'महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर गलती से निर्वाचित': हाईकोर्ट ने हिसार पंचायत समिति अध्यक्ष का चुनाव रद्द करने का फैसला बरकरार रखा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के बरवाला हिसार जिले में पंचायत समितियों के अध्यक्ष के चुनाव को "अमान्य" घोषित करने के राज्य चुनाव आयुक्त के फैसले को बरकरार रखा है।महिलाओं के लिए आरक्षित सीट के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने से पहले ही पंचायत समिति के अध्यक्ष का चुनाव हो गया। जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस करमजीत सिंह की खंडपीठ ने कहा, "याचिकाकर्ता को अध्यक्ष पद के लिए उसके चुनाव के दौरान की गई किसी भी त्रुटि या अनियमितता का लाभ लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। फिर भी, जैसा कि ऊपर देखा...

हाईकोर्ट ने पंजाब विधानसभा की कार्यवाही के पक्षपातपूर्ण टेलीकास्ट का आरोप लगाने वाली पंजाब के नेता की याचिका का निपटारा किया
हाईकोर्ट ने पंजाब विधानसभा की कार्यवाही के "पक्षपातपूर्ण टेलीकास्ट" का आरोप लगाने वाली पंजाब के नेता की याचिका का निपटारा किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आज पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दिया कि वह विधानसभा की कार्यवाही के पक्षपातपूर्ण प्रसारण का आरोप लगाने वाले विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के प्रतिनिधित्व पर फैसला करें।बाजवा ने आरोप लगाया कि विधानसभा के लाइव प्रसारण के दौरान जब विपक्षी विधायक बोल रहे होते हैं तो कैमरे पर ध्यान नहीं जाता और उनके पूरे भाषण को नहीं दिखाया जाता, जबकि जब सत्तारूढ़ दल के सदस्य बोल रहे होते हैं तो प्रसारण बहुत स्पष्ट होता है। चीफ़ जस्टिस शील नागू और जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल की खंडपीठ...

बिना मंजूरी के वन भूमि को गैर-वन गतिविधियों के लिए पुनर्निर्मित नहीं किया जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
बिना मंजूरी के वन भूमि को गैर-वन गतिविधियों के लिए पुनर्निर्मित नहीं किया जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वन संरक्षण अधिनियम, 1980 की कठोर आवश्यकताओं पर जोर देते हुए एक याचिकाकर्ता के खिलाफ बेदखली के आदेश को बरकरार रखा है। न्यायालय ने वन क्षेत्रों को अनधिकृत उपयोग से बचाने के लिये डिज़ाइन किए गए कानूनी ढाँचे को रेखांकित करते हुए कहा कि आवश्यक अनुमोदन के बिना वन भूमि को गैर-वन गतिविधियों के लिये पुनर्निर्मित नहीं किया जा सकता है।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस बिपिन चंद्र नेगी ने अपने फैसले में वन संरक्षण अधिनियम, 1980 की सख्त आवश्यकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने जोर देकर...

आचार संहिता लागू होने के बाद जाति आधारित रैली करने पर चुनाव आयोग क्या कार्रवाई करता है? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा
"आचार संहिता लागू होने के बाद जाति आधारित रैली करने पर चुनाव आयोग क्या कार्रवाई करता है?" इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को चुनाव आयोग से अपने अधिकार और जाति आधारित राजनीतिक रैलियां करके आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले राजनीतिक दल या उम्मीदवार के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई को स्पष्ट करने के लिए कहा।7 अगस्त के ऑर्डर में कोर्ट ने कहा “चुनाव आयोग की तरफ से सीनियर एडवोकेट ओ पी श्रीवास्तव अगली तारीख को अदालत को संबोधित करेंगे कि यदि कोई राजनीतिक दल या चुनाव में उम्मीदवार जाति आधारित राजनीतिक रैली आयोजित करने पर प्रतिबंध के संबंध में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है...

PGI चंडीगढ़ में आउटसोर्स कर्मचारियों के हड़ताल से मरीजों की देखभाल सेवाएं बाधित होने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
PGI चंडीगढ़ में आउटसोर्स कर्मचारियों के हड़ताल से मरीजों की देखभाल सेवाएं बाधित होने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के PGI के प्रदर्शनकारी आउटसोर्स कर्मचारियों को हड़ताल बंद करने का निर्देश दिया है।सफाई कर्मचारियों सहित आउटसोर्स कर्मचारी समान काम के लिए समान वेतन, स्वास्थ्य लाभ और अन्य भत्ते की मांग कर रहे हैं। चीफ़ जस्टिस शील नागु और जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल ने प्रदर्शनकारियों को तुरंत हड़ताल से रोकने के लिए परमादेश रिट जारी की और पीजीआई कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष को परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया। पीजीआईएमईआर द्वारा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से...

पति के स्वस्थ और सक्षम रहने पर पत्नी को CrPC की धारा 125 के तहत रखरखाव का पूर्ण अधिकार: गुजरात हाईकोर्ट
पति के स्वस्थ और सक्षम रहने पर पत्नी को CrPC की धारा 125 के तहत रखरखाव का पूर्ण अधिकार: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि एक सक्षम, सक्षम पति से CrPC की धारा 125 के तहत एक पत्नी का रखरखाव का अधिकार पूर्ण है, बशर्ते कोई अयोग्य कारक न हो।न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि बेरोजगारी, खराब व्यावसायिक परिस्थितियों, परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति जिम्मेदारियों या चिकित्सा व्यय के कारण रखरखाव का भुगतान करने में असमर्थता का पति का दावा इस अधिकार से इनकार करने के लिए अपर्याप्त है। जस्टिस दिव्येश ए जोशी ने फैसला सुनाते हुए कहा, 'कई मामलों में पति द्वारा यह दलील दी जाती है कि उसके पास...

अवैध रूप से बर्खास्त कर्मचारी को, यह मानते हुए कि बर्खास्तगी कभी हुई ही नहीं, सभी लाभ पाने का अधिकार: झारखंड हाईकोर्ट
अवैध रूप से बर्खास्त कर्मचारी को, यह मानते हुए कि बर्खास्तगी कभी हुई ही नहीं, सभी लाभ पाने का अधिकार: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन पाठक की एकल पीठ ने एक याचिका पर निर्णय देते हुए कहा कि जिस कर्मचारी को अवैध रूप से नौकरी से निकाला गया है, उसे उन लाभों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए जो उसे नौकरी से निकाले जाने पर मिलते। अदालत ने मामले में पाया कि 1992 में याचिकाकर्ता की अवैध नौकरी से निकाले जाने को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने विभिन्न दौर की मुकदमों के माध्यम से बरकरार रखा था। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की नौकरी से निकाले जाने की अवधि के लिए कोई गलती नहीं थी। इसलिए, उसे उन लाभों से...

NIA ने यासीन मलिक के लिए मौत की सजा की मांग की, उन्होंने दिल्‍ली हाईकोर्ट से कहा- अपील के खिलाफ मैं खुद बहस करूंगा
NIA ने यासीन मलिक के लिए मौत की सजा की मांग की, उन्होंने दिल्‍ली हाईकोर्ट से कहा- अपील के खिलाफ मैं खुद बहस करूंगा

कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि वह आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा उनके लिए मौत की सजा की मांग करने वाली अपील में व्यक्तिगत रूप से बहस करेंगे और अपना बचाव करेंगे। मलिक को मई 2022 में निचली अदालत ने मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उन्होंने मामले में दोषी होने की दलील दी थी और अपने खिलाफ आरोपों का विरोध नहीं किया था।मलिक, जिन्हें आज तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश किया गया, ने जस्टिस...

दिल्ली हाईकोर्ट ने निजामुद्दीन फूड आउटलेट के अंदाज-ए-निजाम ट्रेडमार्क को रद्द करने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने निजामुद्दीन फूड आउटलेट के 'अंदाज-ए-निजाम' ट्रेडमार्क को रद्द करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में शहर के निजामुद्दीन इलाके में एक फूड आउटलेट 'अंदाज-ए-निजाम' के पक्ष में पंजीकृत ट्रेडमार्क को रद्द करने का आदेश दिया।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने रजिस्ट्रार ऑफ ट्रेडमार्क को नवंबर 2021 में अपने मालिक मेहरुद्दीन अंसारी के पक्ष में पंजीकृत ट्रेडमार्क "अंदाज-ए-निजाम" को हटाने या रद्द करने का निर्देश दिया। अदालत ने निजाम के मालिक राजेश चुघ की याचिका को स्वीकार कर लिया, जिन्होंने आरोप लगाया था कि विवादित ट्रेडमार्क भ्रामक रूप से उनकी खाद्य श्रृंखला के पक्ष में पंजीकृत...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी बार काउंसिल को सभी जिला बार एसोसिएशनों में एक ही दिन चुनाव कराने पर विचार करने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी बार काउंसिल को सभी जिला बार एसोसिएशनों में एक ही दिन चुनाव कराने पर विचार करने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी बार काउंसिल को निर्देश दिया है कि वह अधिवक्ताओं के व्यापक हित में राज्य के सभी जिला बार संघों में एक ही दिन चुनाव कराने का निर्णय ले। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने राज्य बार काउंसिल को तीन महीने के भीतर मामले में निर्णय लेने का निर्देश देते हुए कहा, "...(यह) चुनाव से संबंधित कई विवादों को रोकेगा, फिर इसे सभी जिला बार संघों के लिए बाध्यकारी बनाने के लिए इस संबंध में आवश्यक आदेश/संकल्प जारी करने पर विचार करना चाहिए।"खंडपीठ ने फैजाबाद बार एसोसिएशन...

पुलिस कांस्टेबलों के लिए म्यूजिक बैंड की ट्रेनिंग वैकल्पिक, लिखित सहमति के बिना उन्हें बैंड अभ्यास के लिए नहीं भेजा जा सकता: एमपी हाईकोर्ट
पुलिस कांस्टेबलों के लिए म्यूजिक बैंड की ट्रेनिंग वैकल्पिक, लिखित सहमति के बिना उन्हें बैंड अभ्यास के लिए नहीं भेजा जा सकता: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में मंडलेश्वर, मऊगंज और पंधुमा के कई पुलिस कांस्टेबलों की याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उनकी सहमति के बिना उन्हें पुलिस बैंड की डमी टीम में शामिल करने के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने कहा कि कांस्टेबलों को उनकी लिखित सहमति के बिना पुलिस बैंड टीम में भागीदारी और प्रशिक्षण के लिए नहीं भेजा जा सकता।न्यायालय ने WP नंबर 3374/2024 में राज्य के पहले के इस कथन पर गौर किया कि यदि पुलिस कर्मी अपनी सहमति देने के लिए तैयार नहीं हैं, तो वे...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द की भूत की एफआईआर, जांच करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए जांच अधिकारी को फटकार भी लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द की 'भूत' की एफआईआर, जांच करने और आरोपपत्र दाखिल करने के लिए जांच अधिकारी को फटकार भी लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष हाल ही में धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ा एक असामान्य मामला पेश किया गया, जिसमें एक मृत व्यक्ति ने क‌थ‌ित रूप से 2014 में, अपनी मृत्यु के लगभग तीन साल बाद, एक एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले ने जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ को हैरान कर दिया। उन्होंने पाया कि पुलिस ने मृत व्यक्ति के बयान के आधार पर मामले की जांच भी की थी। इस पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए न्यायालय ने कहा, "यह बहुत ही अजीब है कि एक मृत व्यक्ति ने न केवल एफआईआर दर्ज कराई है, बल्कि जांच अधिकारी के समक्ष अपना बयान...

सिर्फ़ इसलिए कि दोषी अविवाहित है, उसे फर्लो से मना करना सही आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
सिर्फ़ इसलिए कि दोषी अविवाहित है, उसे फर्लो से मना करना सही आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने हाल ही में कहा कि जेल अधिकारी किसी दोषी को सिर्फ़ इस आधार पर फर्लो या पैरोल देने से मना नहीं कर सकते कि वह युवा है और अविवाहित है। इस तरह भाग सकता है और जेल वापस नहीं आ सकता।जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस वृषाली जोशी की खंडपीठ ने 1 अगस्त को नागपुर के विशेष महानिरीक्षक जेल को हत्या के दोषी 26 वर्षीय प्रहलाद गुप्ता द्वारा दायर आवेदन पर विचार करने का आदेश दिया, जिसने उत्तर प्रदेश में अपने परिवार से मिलने के लिए फर्लो मांगी थी। जजों ने जेल अधिकारियों के इस तर्क को...

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित तौर पर NSUI के राष्ट्रीय सचिव की हत्या से जुड़े वकीलों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित तौर पर NSUI के राष्ट्रीय सचिव की हत्या से जुड़े वकीलों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में तीन वकीलों - के.सी. कृष्ण रेड्डी, के.सी. नागार्जुन रेड्डी और के.सी. साई प्रसाद रेड्डी - द्वारा भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के राष्ट्रीय सचिव बीरू संपत कुमार की हत्या के संबंध में दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।यह मामला श्री सत्य साई जिले के धर्मावरम टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर से उत्पन्न हुआ। मृतक के पिता बीरू राजशेखर ने एफआईआर दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के अनुसार मृतक, जो प्रैक्टिसिंग एडवोकेट था, याचिकाकर्ताओं के साथ भूमि विवाद में अपने मित्र...

क्या आप 30 रुपये भी देने की स्थिति में नहीं हैं? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 12 साल पुरानी अपील को निर्धन के रूप में चलाने के लिए गृहिणी की अर्जी खारिज की
क्या आप 30 रुपये भी देने की स्थिति में नहीं हैं? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 12 साल पुरानी अपील को 'निर्धन के रूप में चलाने के लिए गृहिणी की अर्जी खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अजीबोगरीब मामले में गृहिणी द्वारा रेलवे दावा ट्रिब्यूनल द्वारा 2010 में पारित आदेश के खिलाफ निर्धन व्यक्ति के रूप में अपील चलाने के लिए दायर अर्जी खारिज की। कोर्ट ने कहा कि अपील के ज्ञापन पर देय कोर्ट फीस मात्र 30 रुपये है।जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने पाया कि अपीलकर्ता-आवेदक ने हाईकोर्ट के नियमों और कोर्ट फीस एक्ट के अनुसार लागू 30 रुपये की कोर्ट फीस का भुगतान करने में भी अपनी असमर्थता प्रदर्शित नहीं की है।एकल जज पीठ ने टिप्पणी की,“कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार अपील के...

भोपाल गैस त्रासदी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पीड़ितों के उपचार के लिए केंद्र सरकार से निधि के बारे में पूछा
भोपाल गैस त्रासदी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पीड़ितों के उपचार के लिए केंद्र सरकार से निधि के बारे में पूछा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से भोपाल मेमोरियल अस्पताल और अनुसंधान केंद्र को निधि देने के बारे में पूछा, जिसे भोपाल गैस त्रासदी (1984) के पीड़ितों को उन्नत तृतीयक स्तर की सुपर-स्पेशलिटी देखभाल प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन और अन्य संगठनों द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें वर्ष 2012 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा...

शहर या वार्ड का नाम बदलना जनहित याचिका का विषय नहीं हो सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
शहर या वार्ड का नाम बदलना जनहित याचिका का विषय नहीं हो सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को निगम वार्ड बसवनगुड़ी का नाम बदलकर डोड्डागणपति करने संबंधी सरकारी अधिसूचना पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिका खारिज की।चीफ जस्टिस एन वी अंजारिया और जस्टिस के वी अरविंद की खंडपीठ ने सत्यलक्ष्मी राव और अन्य द्वारा दायर याचिका खारिज की।उन्होंने कहा,"वार्ड या शहर का नाम बदलने का विषय जनहित याचिका में आंदोलन का हिस्सा नहीं बन सकता, याचिकाकर्ता को कोई राहत देने के लिए कोई जनहित नहीं बनता।"याचिकाकर्ता ने शहरी विकास विभाग द्वारा 25-09-2023 को जारी अधिसूचना रद्द करने की मांग...