दिल्ली हाईकोर्ट ने निजामुद्दीन फूड आउटलेट के 'अंदाज-ए-निजाम' ट्रेडमार्क को रद्द करने का आदेश दिया

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने निजामुद्दीन फूड आउटलेट के अंदाज-ए-निजाम ट्रेडमार्क को रद्द करने का आदेश दिया

    दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में शहर के निजामुद्दीन इलाके में एक फूड आउटलेट 'अंदाज-ए-निजाम' के पक्ष में पंजीकृत ट्रेडमार्क को रद्द करने का आदेश दिया।

    जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने रजिस्ट्रार ऑफ ट्रेडमार्क को नवंबर 2021 में अपने मालिक मेहरुद्दीन अंसारी के पक्ष में पंजीकृत ट्रेडमार्क "अंदाज-ए-निजाम" को हटाने या रद्द करने का निर्देश दिया।

    अदालत ने निजाम के मालिक राजेश चुघ की याचिका को स्वीकार कर लिया, जिन्होंने आरोप लगाया था कि विवादित ट्रेडमार्क भ्रामक रूप से उनकी खाद्य श्रृंखला के पक्ष में पंजीकृत ट्रेडमार्क के समान था।

    नीरव ने कहा था कि वह खाने, पीने और अस्थायी आवास के लिए जनवरी 1978 से निजाम के ट्रेडमार्क का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी खाद्य श्रृंखला के ट्रेडमार्क की पहचान विशेष रूप से जनता द्वारा की जाती है जो उनके सामान और सेवाओं के साथ व्यापार करते हैं।

    अंसारी के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल का इरादा विवादित ट्रेडमार्क 'अंदाज-ए-निजाम' का इस्तेमाल करने का नहीं था और वह 'दावत-ए-निजामुद्दीन' और 'अंदाज-ए-निजामुद्दीन' नाम से अपना कारोबार चलाएगा।

    इस पर चुघ के वकील ने कहा कि अगर अंसारी अपने व्यवसाय को सुझाए गए नाम के तहत करता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है।

    अंसार के वकील ने तब कहा कि उनके मुवक्किल अपने रेस्तरां का नाम बदलकर दावत-ए-निजामुद्दीन' या 'अंदाज-ए-निजामुद्दीन' कर देंगे।

    तदनुसार, अदालत ने अंसारी को चार सप्ताह के भीतर व्यापार नाम, साझेदारी फर्म और खाद्य आउटलेट को नए नाम में बदलने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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