हाईकोर्ट

भीमा-कोरेगांव मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट के जज ने प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
भीमा-कोरेगांव मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट के जज ने प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया

बॉम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस सारंग कोतवाल ने गुरुवार (2 जनवरी) को भीमा-कोरेगांव मामले में एक आरोपी प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे की अपील पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।जस्टिस कोतवाल, जो अब खंडपीठ का नेतृत्व कर रहे है, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने भीमा-कोरेगांव मामले में तेलतुंबडे सहित कई आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की और फैसला सुनाया।जस्टिस कोतवाल ने मामले की सुनवाई शुरू होने पर कहा,"मुझे लगता है कि न्यायिक मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए। इसलिए मुझे लगता है कि मैं इन मामलों की सुनवाई...

चाइल्ड कस्टडी मामलों में भारतीय न्याय के गलियारों में एक बच्चे की आवाज़
चाइल्ड कस्टडी मामलों में भारतीय न्याय के गलियारों में एक बच्चे की आवाज़

घरेलू अंतर-माता-पिता चाइल्ड कस्टडी विवादों के अलावा, दुनिया भर में 30 मिलियन वैश्विक भारतीयों ने भारत में और भारत से अंतर-देशीय, अंतर-माता-पिता बाल अपहरण में भारी वृद्धि की है।अंतर्राष्ट्रीय बाल अपहरण के सिविल पहलुओं पर हेग कन्वेंशन, 1980 पर हस्ताक्षरकर्ता न होने के कारण, भारत में चाइल्ड कस्टडी विवादों का निर्णय बाल कल्याण सिद्धांत के आधार पर किया जाता है। विदेशी न्यायालय के आदेश विचार का केवल एक मानदंड बनाते हैं। माता-पिता का अलगाव सिंड्रोम स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस पृष्ठभूमि में, मासूम...

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र रद्द करने पर रोक लगाई, उपायुक्त की पूर्वधारणाओं पर सवाल उठाए
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र रद्द करने पर रोक लगाई, उपायुक्त की 'पूर्वधारणाओं' पर सवाल उठाए

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने सोमवार को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाण पत्र को रद्द करने पर रोक लगा दी। कोर्ट ने निर्णय यह देखते हुए दिया कि जम्मू के उपायुक्त ने याचिकाकर्ता के खिलाफ पूर्वाग्रह के आधार पर काम किया, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया संदिग्ध हो गई। जस्टिस वसीम सादिक नरगल की पीठ ने कहा,".. एक बार जब याचिकाकर्ता को धोखाधड़ी, तथ्य छिपाने और गलत बयानी का दोषी ठहराया जा चुका है तो आदेश पारित करते समय पुनरीक्षण प्राधिकरण के रूप में शक्ति का पूरा प्रयोग महज औपचारिकता...

गोविंद पानसरे हत्याकांड मामले में ट्रायल की निगरानी नहीं करेंगे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, मामले में रोजाना सुनवाई का आदेश दिया
गोविंद पानसरे हत्याकांड मामले में ट्रायल की निगरानी नहीं करेंगे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, मामले में रोजाना सुनवाई का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जनवरी) को कहा कि वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता गोविंद पानसरे की हत्या मामले में ट्रायल की निगरानी जारी नहीं रखेगा, जिनकी अगस्त 2013 में कथित तौर पर दक्षिणपंथी चरमपंथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।जस्टिस अजय गडकरी और कमल खता की खंडपीठ ने मुख्य आरोपी वीरेंद्र तावड़े द्वारा दायर एक आवेदन का निपटारा करते हुए कहा कि आज की तारीख में जिस एकमात्र पहलू की जांच की जा रही है, उसमे फरार आरोपियों का ठिकाना है।पीठ ने अपना आदेश सुनाते हुए कहा,“इसके लिए इस अदालत...

केरल हाईकोर्ट ने मृदंग विजन के मालिक को उस कार्यक्रम के संबंध में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया, जिसमें विधायक उमा थॉमस घायल हुई थीं
केरल हाईकोर्ट ने 'मृदंग विजन' के मालिक को उस कार्यक्रम के संबंध में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया, जिसमें विधायक उमा थॉमस घायल हुई थीं

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार (31 दिसंबर) को मृदंग विजन के एकमात्र मालिक निगोशकुमार एम को 2 जनवरी (गुरुवार) को जांच अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। साथ ही थ्रिक्कारा विधायक उमा थॉमस के साथ हुई दुर्घटना के मामले में उनकी और से पेश अग्रिम जमानत याचिका का निपटारा किया। मृदंग विजन ने 'मृदंग नादम' का आयोजन किया था, जो एक साथ भरतनाट्यम करने वाले सबसे अधिक लोगों का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के इरादे से आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम 29 दिसंबर, 2024 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, कल्लूर...

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया गया
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया गया

राष्ट्रपति ने जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया।जस्टिस बराड़ ने 10 अप्रैल, 2023 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडिशनल जज के रूप में शपथ ली।श्री मुक्तसर साहिब जिले के फुलेवाला गांव से ताल्लुक रखने वाले जस्टिस बराड़ ने 2009 से 2014 तक पंजाब के एडिशनल एडवोकेट के रूप में कार्य किया।उन्होंने पंजाब शहरी नियोजन एवं विकास प्राधिकरण ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पंजाब राज्य नागरिक आपूर्ति निगम सहित विभिन्न राज्य...

मध्यस्थता से किया गया समझौता केवल न्यायालय की स्वीकृति और डिक्री जारी होने पर ही लागू होगा: जम्मू-कश्मीर  हाईकोर्ट
मध्यस्थता से किया गया समझौता केवल न्यायालय की स्वीकृति और डिक्री जारी होने पर ही लागू होगा: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर मध्यस्थता और सुलह नियम, 2019 के तहत मध्यस्थता से किए गए समझौतों की प्रवर्तनीयता को दोहराया। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि मध्यस्थता के दौरान किया गया समझौता केवल तभी कानून के तहत लागू होने योग्य डिक्री का दर्जा प्राप्त करता है, जब उसे न्यायालय की स्वीकृति प्राप्त हो और उसके अनुसार डिक्री पारित की जाए।उक्त नियमों के नियम 24 और 25 का हवाला देते हुए जस्टिस संजय धर ने स्पष्ट किया कि जब पक्षकार किसी मुकदमे या अन्य कार्यवाही के विषय के संबंध में...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब नगर निगम वार्ड में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को बरकरार रखा, कहा- इससे स्थानीय स्व-निकाय में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब नगर निगम वार्ड में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को बरकरार रखा, कहा- इससे स्थानीय स्व-निकाय में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब नगर निगम चुनाव के लिए पंजाब के संगरूर के नगर पंचायत खनौरी के एक वार्ड में किए गए आरक्षण को बरकरार रखा। कोर्ट ने निर्णय यह देखते हुए दिया कि सीटों को आरक्षित करने के लिए रोस्टर स्थानीय स्व-निकायों में पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा, "यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि उक्त आरक्षण रोस्टर, जिसमें पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को भी शामिल किया गया है, निर्णय (सुप्रा)...

दिल्ली हाईकोर्ट ने तेलुगु एक्टर मनोज मांचू को मीडिया प्रोफशनल विनय माहेश्वरी के बारे में अपमानजनक बयान देने पर अस्थायी रूप से रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने तेलुगु एक्टर मनोज मांचू को मीडिया प्रोफशनल विनय माहेश्वरी के बारे में अपमानजनक बयान देने पर अस्थायी रूप से रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में तेलुगू एक्टर मनोज मांचू और कुछ मीडिया घरानों को निर्देश दिया है कि वे विनय माहेश्वरी के खिलाफ अपमानजनक बयानों वाले ट्वीट, पोस्ट, आलेख और वीडियो हटा लें। उल्लेखनीय है कि विनय माहेश्वरी एक मीडिया प्रोफशनल हैं, जिन्होंने दैनिक भास्कर समूह, साक्षी मीडिया समूह और इंडिया टीवी जैसे संगठनों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।अदालत ने एक अंतरिम आदेश जारी कर मांचू को सोशल मीडिया और किसी भी सार्वजनिक मंच पर माहेश्वरी के ‌खिलाफ कोई भी अपमानजनक बयान देने से अस्थायी रूप से रोक...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव-इन जोड़े, जिसमें से एक विवाहित और उसके बच्चे भी, की संरक्षण याचिका खारिज की; कहा- इससे द्विविवाह को बढ़ावा मिलेगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव-इन जोड़े, जिसमें से एक विवाहित और उसके बच्चे भी, की संरक्षण याचिका खारिज की; कहा- इससे "द्विविवाह को बढ़ावा मिलेगा"

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक लिव-इन जोड़े को संरक्षण देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने पाया कि एक जोड़े में से एक पहले से ही विवाहित है और उसके बच्चे भी हैं। न्यायालय ने कहा कि इस मामले में याचिका स्वीकार करने से गलत काम करने वाले को प्रोत्साहन मिलेगा और द्विविवाह को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इससे याचिकाकर्ताओं में से एक के पति/पत्नी और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन होगा।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा, "भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को शांति, सम्मान और प्रतिष्ठा के साथ जीने...

बार काउंसिल नामांकन आवेदकों के सर्टिफिकेट के सत्यापन के लिए फीस नहीं ले सकती : केरल हाईकोर्ट
बार काउंसिल नामांकन आवेदकों के सर्टिफिकेट के सत्यापन के लिए फीस नहीं ले सकती : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि केरल बार काउंसिल यूनिवर्सिटी और परीक्षा बोर्डों से अपने सर्टिफिकेट के सत्यापन के लिए आवेदकों से पैसे नहीं ले सकती।न्यायालय ने यह भी कहा कि 28 जनवरी, 2017 को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा जारी निर्देश, जिसमें बार काउंसिल को सर्टिफिकेट के सत्यापन के लिए उम्मीदवारों से 2,500 रुपये फीस लेने का निर्देश दिया गया था, लागू नहीं किया जा सकता।जस्टिस जियाद रहमान ए. ए. और जस्टिस पी. वी. बालकृष्णन की खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के फैसले में यूनिवर्सिटी और परीक्षा...

नियोक्ता गलत वेतनमान निर्धारण के आधार पर कर्मचारी को दिए जाने वाले सेवानिवृत्ति लाभों से अतिरिक्त राशि नहीं काट सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
नियोक्ता गलत वेतनमान निर्धारण के आधार पर कर्मचारी को दिए जाने वाले सेवानिवृत्ति लाभों से अतिरिक्त राशि नहीं काट सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस प्रसेनजीत बिस्वास की खंडपीठ ने कहा कि नियोक्ता गलत तरीके से वेतनमान निर्धारित करने पर कर्मचारी को दी गई अतिरिक्त राशि को सेवानिवृत्ति लाभों से नहीं काट सकता या समायोजित नहीं कर सकता। पृष्ठभूमिमामले में प्रतिवादी कर्मचारी को 26.03.1996 को रामकृष्ण मिशन शिल्पपीठ, बेलघरिया, कोलकाता में लेक्चरर के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने 21.12.2013 से सेवानिवृत्ति प्राप्त की। कर्मचारी को 26.03.2001 से कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) लाभ और 26.03.2006 से...

धारा 138 एनआई एक्ट | शिकायतकर्ता को केवल इसलिए राहत नहीं दी जा सकती क्योंकि उसने चेक अनादर के लिए समय से पहले शिकायत दर्ज की थी: राजस्थान हाईकोर्ट
धारा 138 एनआई एक्ट | शिकायतकर्ता को केवल इसलिए राहत नहीं दी जा सकती क्योंकि उसने चेक अनादर के लिए 'समय से पहले' शिकायत दर्ज की थी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि जहां चेक बाउंसिंग की शिकायत परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत 15 दिनों की निर्धारित समय सीमा की समाप्ति से पहले दर्ज की गई थी, वहां न्यायालय ऐसी शिकायत का संज्ञान नहीं ले सकता। हालांकि, न्यायालय ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामले में, धारक पहली शिकायत में आदेश प्राप्त करने के एक महीने के भीतर उसी कारण से दूसरी शिकायत दर्ज कर सकता है, क्योंकि शिकायतकर्ता को उपचार के बिना नहीं छोड़ा जा सकता।जस्टिस अनूप...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्णय, प्रौद्योगिकी संस्थानों के एसोसिएट प्रोफेसर सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त विशेषज्ञ नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्णय, प्रौद्योगिकी संस्थानों के एसोसिएट प्रोफेसर सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त विशेषज्ञ नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश जल निगम में विभिन्न पदों पर नियुक्ति के विवाद का निपटारा करते हुए माना कि प्रौद्योगिकी संस्थानों के एसोसिएट प्रोफेसर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की जांच के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मान्यता प्राप्त विशेषज्ञ नहीं हैं।जस्टिस अजीत कुमार ने कहा,“प्रौद्योगिकी संस्थानों के एसोसिएट प्रोफेसरों से मांगी गई विशेषज्ञ राय न तो सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मान्यता प्राप्त विशेषज्ञता थीं, न ही ये राय अधिनियम, 2000 के तहत निर्धारित कानूनी ढांचे के...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी की जांच पूरी करने में देरी पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को फटकार लगाई; कहा- निवेशकों को असमंजस में रखकर जांच को सालों तक नहीं टाला जा सकता
बॉम्बे हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी की जांच पूरी करने में देरी पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को फटकार लगाई; कहा- निवेशकों को असमंजस में रखकर जांच को सालों तक नहीं टाला जा सकता

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय प्रतिष्ठानों में) अधिनियम के तहत एक "धोखाधड़ी" मामले की उचित जांच में हुए विलंब के लिए कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी आपराधिक मामले में जांच को वर्षों तक लटकाए रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती, जिससे निवेशक असमंजस में रहें। जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज के चव्हाण की खंडपीठ ने मामले के सुनवाई के दरमियान जानना चाहा कि क्या ईओडब्ल्यू उक्त मामले की जांच में...

पत्नी का स्वेच्छा से यात्रा करना या सिविल सोसाइटी के सदस्यों से मिलना क्रूरता नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
पत्नी का स्वेच्छा से यात्रा करना या सिविल सोसाइटी के सदस्यों से मिलना क्रूरता नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि स्वेच्छा से पत्नी का अकेले यात्रा करना या किसी अवैध या अनैतिक संबंध में शामिल हुए बिना सिविल सोसाइटी के सदस्यों से मिलना उसके पति के खिलाफ क्रूरता नहीं माना जा सकता।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस डोनाडी रमेश की खंडपीठ ने कहा कि पत्नी का अपने विवाह को कानूनी रूप से जीवित रखने का प्रयास करना, उस संबंध को जीवित रखने का कोई कारण नहीं होना और अपने पति के साथ रहने से इनकार करना पति के खिलाफ क्रूरता हो सकती है।इन टिप्पणियों के साथ न्यायालय ने पति की अपील को फैमिली कोर्ट...

एक ही आरोप पर कई बार जांच कराना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
एक ही आरोप पर कई बार जांच कराना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मामले में नगर परिषद खन्ना में पदस्थ जूनियर इंजीनियर को अग्रिम जमानत दी, जिस पर 3.17 लाख रुपये के गबन का आरोप है।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"एक ही आरोप पर कई बार जांच कराना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। साथ ही यह तथ्य भी है कि याचिकाकर्ता के इरादे नेक हैं। वह जांच में शामिल होने तथा उसे आगे बढ़ाने में सहयोग करने के लिए तैयार है, जिससे जांच एजेंसी निर्धारित अवधि के भीतर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर सके।"आरोप है कि...

गुजरात हाईकोर्ट ने पर्यवेक्षण गृह में लड़के की हत्या के दोषी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों को जमानत दी
गुजरात हाईकोर्ट ने पर्यवेक्षण गृह में लड़के की हत्या के दोषी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों को जमानत दी

गुजरात हाईकोर्ट ने 18 वर्षीय एक लड़के की हत्या के लिए दोषी ठहराए गए और आजीवन कारावास की सजा पाए तीन पुलिस अधिकारियों की सजा को निलंबित किया। उन्हें नियमित जमानत दी। इस मामले के बारे में कहा जाता है कि वह अनुसूचित जाति का था, जिसे 2020 में पर्यवेक्षण गृह में रखा गया था।ऐसा करते समय न्यायालय ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल अधिकारी की क्रॉस एग्जामिनेशन पर भरोसा किया, जिसमें यह स्वीकार किया गया कि बाहरी चोटें साधारण थीं और मृत्यु का कारण बनने के लिए पर्याप्त नहीं थीं।याचिकाकर्ताओं ने सेशन कोर्ट के...

घटिया और समझौतापूर्ण जांच मुकदमे के हर चरण में शह और मात के लिए बाध्य करती है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने FIR खारिज की, नए सिरे से जांच के आदेश दिए
घटिया और समझौतापूर्ण जांच मुकदमे के हर चरण में शह और मात के लिए बाध्य करती है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने FIR खारिज की, नए सिरे से जांच के आदेश दिए

समझौतापूर्ण जांच के हानिकारक प्रभाव को रेखांकित करते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामले में दोषपूर्ण और समझौतापूर्ण जांच स्वाभाविक रूप से मुकदमे के हर चरण में बाधाओं का सामना करने के लिए बाध्य है। अंततः विफल होने के लिए अभिशप्त है चाहे वह शुरुआत में हो या उसके समापन के दौरान।अदालत ने कहा,"आपराधिक मामले में घटिया और समझौतापूर्ण जांच मुकदमे के हर चरण में शह और मात के लिए बाध्य करती है। चाहे वह शुरुआत में हो या अंत में विफल होने के लिए अभिशप्त है।"जस्टिस राहुल भारती की पीठ...

उड़ीसा हाईकोर्ट ने सभी पुलिस थानों में  31 मार्च तक सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया; पुलिस को निर्देश- सेना कर्मियों के मामले में एसओपी का सख्ती से पालन करें
उड़ीसा हाईकोर्ट ने सभी पुलिस थानों में 31 मार्च तक सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया; पुलिस को निर्देश- सेना कर्मियों के मामले में एसओपी का सख्ती से पालन करें

उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार और पुलिस अधिकारियों को मार्च 2025 के अंत तक राज्य भर के सभी पुलिस स्टेशनों और पुलिस चौकियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट पर विचार करने के बाद चीफ जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह और जस्टिस सावित्री राठो की खंडपीठ ने निर्देश दिया -“ओडिशा राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों और पुलिस चौकियों को 31.03.2025 तक उचित रूप से लगाए गए और विधिवत स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों...