हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गणेश माघी उत्सव के लिए POP की मूर्तियों की बिक्री और विसर्जन पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने आगामी गणेश माघी उत्सव के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों के निर्माण बिक्री और विसर्जन के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया।चीफ जस्टिस आलोक आराधे और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ ने मूर्ति विसर्जन पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 12 मई 2020 को जारी दिशा-निर्देशों पर ध्यान दिया, जिसमें POP की मूर्तियों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया।याचिकाकर्ता के वकील ने प्रस्तुत किया कि CPCB के दिशा-निर्देशों और POP की मूर्तियों के उपयोग पर रोक लगाने वाले हाईकोर्ट के पिछले आदेश...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पुलिस शिकायत प्राधिकरणों के कामकाज और प्रक्रियाओं के लिए डेवलप हो रही वेबसाइट की प्रोग्रेस पर हलफनामा मांगा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार, 29 जनवरी को राज्य सरकार को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें राज्य में पुलिस शिकायत प्राधिकरणों के कामकाज और प्रक्रियाओं पर प्रासंगिक जानकारी संबंधी एक वेबसाइट बनाने में हुई प्रगति की जानकारी दी गई हो। चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ ने राज्य से पुलिस शिकायत प्राधिकरणों के कामकाज के बारे में जनता के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण देने को कहा।न्यायालय एक अंतरिम आवेदन पर विचार कर रहा था, जिसमें राज्य को...
दो अभ्यर्थियों ने समान अंक पाए, आयु के आधार पर होगा चयन: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिंदर कौर की खंडपीठ ने दोहराया कि ऐसे मामलों में जहां दो उम्मीदवारों ने समान अंक प्राप्त किए हैं, उम्मीदवारों के चयन का निर्धारण आयु के आधार पर किया जाना चाहिए। खंडपीठ ने एक रिट याचिका को अनुमति दी, जिसमें याचिकाकर्ता ने पद पर नियुक्त किए गए दूसरे उम्मीदवार के समान अंक प्राप्त करने के आधार पर नियुक्ति की मांग की थी। पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में एक उप-निरीक्षक (कार्यकारी) ने CISF में सहायक कमांडेंट (कार्यकारी) के पद के लिए...
गुजरात सरकार ने पत्रकार महेश लांगा की जमानत याचिका का विरोध किया, कहा- वह एक प्रभावशाली व्यक्ति, उनके खिलाफ एक और एफआईआर
गुजरात सरकार ने कथित जीएसटी धोखाधड़ी मामले में पत्रकार महेश लांगा की नियमित जमानत का विरोध किया है। राज्य सरकार ने मंगलवार को गुजरात हाईकोर्ट को बताया कि लांगा एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उन पर अत्यधिक गोपनीय सरकारी दस्तावेजों की चोरी के लिए एक अन्य एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस एमआर मेंगडे ने मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। लांगा के खिलाफ जीएसटी धोखाधड़ी का मामला राजकोट पुलिस ने दर्ज किया है।मंगलवार को सुनवाई के दरमियान अतिरिक्त...
राजस्थान हाईकोर्ट ने 8 महीने की गर्भवती नर्सिंग अधिकारी को उसकी वर्तमान पोस्टिंग से 320 किलोमीटर दूर ट्रांसफर करने के लिए राज्य की आलोचना की, अधिकारियों को संवेदनशील बनाने का आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने 8 महीने की गर्भवती नर्सिंग अधिकारी को उसकी वर्तमान पोस्टिंग से 320 किलोमीटर दूर ट्रांसफर करने की राज्य की कार्रवाई को मानवीय गरिमा के प्रति घोर उदासीनता और घोर उपेक्षा का प्रदर्शन करार देते हुए स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिया कि वे स्थानांतरण आदेश पारित करने के लिए अधिकृत अपने अधिकारियों को संवेदनशील बनाएं।उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा,"गर्भावस्था या भ्रूण के विकास में बाधा डालने वाले कामों पर रोक लगाकर मातृ स्वास्थ्य को वैधानिक सुरक्षा दी गई और नियोक्ता गर्भवती महिला...
धारा 479 BNSS | ट्रायल कोर्ट को अधिकतम कारावास की आधी अवधि पूरी कर चुके विचाराधीन कैदियों की जमानत याचिका को यंत्रवत् स्थगित नहीं करना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि ट्रायल कोर्ट को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS) की धारा 479 के अंतर्गत आने वाले मामलों में तुरंत आदेश पारित करना चाहिए और यंत्रवत् स्थगित नहीं करना चाहिए, जहां विचाराधीन कैदी पहले ही अधिकतम कारावास की आधी अवधि काट चुके हैं।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि यदि कोई जज छुट्टी पर जाता है तो संबंधित लिंक जज के ध्यान में यह लाया जाना चाहिए कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए या तो अगली तारीख पर या कम से कम संभव तारीख पर।धारा 479 में कहा...
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोर देकर कहा, केंद्र और राज्य सरकार लिव-इन रिलेशनशिप को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाएं; जब तक ऐसा कानून न बने, लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन हो
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोर देकर कहा है कि लिव-इन रिलेशनशिप को नियंत्रित करने के लिए केंद्र ओर राज्य सरकार की ओर से कानून बनाना समय की मांग है। हाईकोर्ट ने जयपुर पीठ ने बुधवार निर्देश दिया कि जब तक ऐसा कानून नहीं बन जाता, लिव-इन-रिलेशनशिप को सरकार की ओर से स्थापित प्राधिकरण या न्यायाधिकरण को पंजीकृत करना चाहिए। जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने आदेश में कहा,"लिव-इन-रिलेशनशिप एग्रीमेंट को सक्षम प्राधिकरण/न्यायाधिकरण को पंजीकृत करना चाहिए, जिन्हें सरकार की ओर से स्थापित किया जाना आवश्यक है। सरकार की ओर से...
MCOCA, आतंकवादी गतिविधियों में शामिल कैदियों को फोन कॉल की सुविधा न देना मनमाना नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट का प्रथम दृष्टया दृष्टिकोण
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि प्रथम दृष्टया, महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MACOCA) और सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत आतंकवादी गतिविधियों और अपराधों में शामिल कैदियों को टेलीफोन कॉल की सुविधा न देना मनमाना नहीं है।एक्टिंग चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा,"प्रथम दृष्टया महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम और सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत आतंकवादी गतिविधियों और अपराधों में शामिल कैदी को पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना नियमित टेलीफोन और...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला का यौन शोषण करने के आरोपी Congress MP को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने सीतापुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद (Congress MP) राकेश राठौर द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज की। यह याचिका 35 वर्षीय महिला का यौन शोषण करने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज FIR के संबंध में दायर की गई थी।राठौर जिनके खिलाफ सोमवार को उत्तर प्रदेश कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, ने राहत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था।इससे पहले पुलिस द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद वे अदालत में पेश नहीं हुए। नोटिस में उन्हें मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए 23...
दिल्ली हाईकोर्ट ने MCOCA Case में आरोपी AAP MLA को कस्टडी पैरोल देने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (29 जनवरी) को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक (MLA) नरेश बाल्यान को कस्टडी पैरोल देने से इनकार कर दिया, जिन पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम 1999 (MCOCA Act) के तहत दर्ज मामले में मामला दर्ज किया गया, जो एक कथित संगठित अपराध से संबंधित है।बाल्यान ने इस आधार पर हिरासत पैरोल मांगी थी कि उनकी पत्नी राजनीति में किसी पूर्व अनुभव के बिना आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं।जस्टिस विकास महाजन ने बाल्यान को कस्टडी पैरोल देने से इनकार कर दिया। कहा कि उनका मामला...
सरलता को गंभीरता से लीजिए: निर्णयों में सरल लेखन के लिए एक वैकल्पिक दृष्टिकोण
2008 में 4 मार्च को, एक वकील पांचवें सर्किट के लिए अमेरिकी अपील न्यायालय में अपीलकर्ताओं के लिए पेश हुआ। नियोक्ता से अनुबंध के उल्लंघन के लिए राहत की मांग करते हुए, बेंच ने उससे नियमित प्रश्न पूछे। हालांकि, जब उससे किसी विशेष मामले के बारे में पूछा गया, तो उसने जवाब दिया, 'मैं [मामले] को नहीं जानता मॉर्गन, योर ऑनर।' जब न्यायाधीश ने उससे पूछा कि क्या उसने मामले को पढ़ने की कोशिश की, तो वकील ने जवाब दिया, 'मैं इतने सारे मामलों को पढ़ने की कोशिश नहीं करता, योर ऑनर।'जबकि वकील को अदालत के फैसले में...
नारकोटिक्स इंस्पेक्टर ने अफीम लाइसेंस देने के लिए ली थी रिश्वत, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने हाल ही में एक नारकोटिक्स इंस्पेक्टर को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया, उस पर अफीम लाइसेंस देने के लिए दूसरे व्यक्ति के माध्यम से रिश्वत लेने का आरोप है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने कहा,“…यह आवश्यक नहीं है कि किसी व्यक्ति को केवल अपने हाथों में ही राशि/अनुचित लाभ प्राप्त हो, और ऐसे उदाहरण हो सकते हैं कि वह किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से इसे प्राप्त कर सकता है, और ऐसी परिस्थितियों में, वह अपने दायित्व से बच नहीं सकता है और केवल यह कहकर बच नहीं सकता है कि उसे...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा, विशिष्ट नीति के अभाव में शहरी स्थानीय निकायों के तहत पदों पर अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी जा सकती
कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की एकल पीठ ने माना कि शहरी स्थानीय निकायों के तहत पदों पर अनुकंपा नियुक्तियों को नियंत्रित करने के लिए विशिष्ट नीति का अभाव है, इसलिए ऐसे पदों पर अनुकंपा नियुक्तियां नहीं दी जा सकती हैं। तथ्यमामले में शामिल कर्मचारी आरामबाग नगर पालिका में कार्यरत था। 4 नवंबर, 2014 को सेवा में रहते हुए उसकी मृत्यु हो गई। उसकी तलाकशुदा बेटी (याचिकाकर्ता) ने अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग की। वह मृतक की आश्रित थी। इसलिए उसने शहरी स्थानीय निकायों के...
BNSS की धारा 360 में एक अपरिहार्य पहेली [अभियोजन से वापसी]
BNSS की धारा 360 के प्रावधान के खंड (II) में सीआरपीसी की धारा 321 के प्रावधान के खंड (II) से किए गए विचलन से उत्पन्न एक अपरिहार्य पहेलीभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 360, जो “अभियोजन से वापसी” से संबंधित है, अब निरस्त दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (संक्षेप में सीआरपीसी) की धारा 321 के अनुरूप है। आइए हम दोनों प्रावधानों की तुलना करें –धारा 360 BNSSधारा 321 CrPCअभियोजन से हटना - किसी मामले का प्रभारी लोक अभियोजक या सहायक लोक अभियोजक, न्यायालय की सहमति से, निर्णय सुनाए जाने से पहले...
महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट से 'जय श्री राम' का नारा लगाने के लिए मजबूर किए गए मुस्लिम व्यक्ति की FIR दूसरे थाने ट्रांसफर करने की मांग की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार के उस बयान को स्वीकार कर लिया जिसमें उसने छात्रों के एक समूह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का तबादला कर दिया है, जिन पर एक मुस्लिम व्यक्ति पर कथित रूप से हमला करने और उसे 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया गया था।याचिका में याचिकाकर्ता आसिफ शेख ने दावा किया कि जब वह कंकावली में अपने पैतृक स्थान से मुंबई में अपने घर लौट रहे थे, छात्रों के एक समूह ने उन्हें मुस्लिम महसूस करने के बाद उनकी पिटाई की और बाद में उन्हें और उनके परिवार को जय...
गोविंद पानसरे हत्याकांड: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 6 आरोपियों को जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता गोविंद पानसरे की हत्या के आरोपी छह लोगों को बुधवार को जमानत दे दी।जस्टिस अनिल किलोर ने इस तथ्य पर विचार करते हुए जमानत दी कि छह आरोपियों- सचिन अंडुरे, वासुदेव सूर्यवंशी, गणेश मिस्किन, अमित देगवेकर, अमित बड्डी और भरत कुराने ने छह साल से अधिक समय जेल में बिताए हैं। आदेश की विस्तृत प्रति अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए आरोपियों की ओर से पेश वकील सिद्ध विद्या ने कहा, 'अदालत ने मेरे सभी मुवक्किलों को लंबी कैद के...
राज्य सरकार ने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सिर्फ़ 66% बजट का इस्तेमाल किया: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में मौतों पर स्वतःसंज्ञान जनहित याचिका में बताया
महाराष्ट्र के नांदेड़ और छत्रपति संभाजी नगर जिलों में सरकारी अस्पतालों में मौतों से संबंधित स्वप्रेरणा जनहित याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मौखिक रूप से पूछा कि वह राज्य में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए बजट का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रही है।चीफ जस्टिस आलोक अराधे ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,“आपको मुकदमेबाजी की प्रकृति के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में शिशु मर रहे हैं. हम इससे आगे कुछ नहीं कहना चाहते। आप बजट का सिर्फ़ 66% इस्तेमाल कर रहे हैं, क्यों?4...
क्या अन्य व्यक्तियों के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले विवाहित व्यक्ति सुरक्षा आदेश मांग सकते हैं? राजस्थान हाईकोर्ट ने बड़ी पीठ को भेजा मामला
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने बुधवार को यह निर्णय लेने के लिए बड़ी पीठ को भेजा कि क्या विवाहित व्यक्ति जो पहले अपनी शादी को समाप्त किए बिना अन्य व्यक्तियों के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहना चुनते हैं, वे न्यायालय से सुरक्षा आदेश मांगने के हकदार हैं।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने हाईकोर्ट के विभिन्न निर्णयों पर ध्यान देने के बाद यह आदेश पारित किया, जहां एकल पीठों द्वारा परस्पर विरोधी विचार लिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में प्रश्न को विशेष/बड़ी पीठ को भेजा जाना चाहिए ताकि विवाद को कानून के...
दिल्ली हाईकोर्ट ने विधानसभा चुनावों के दौरान मुफ्त उपहारों के बारे में AAP के स्पैम कॉल के खिलाफ जनहित याचिका बंद की
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को भारत के चुनाव आयोग (ECI) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि राजनीतिक दल और उनके उम्मीदवार चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अपमानजनक सामग्री का उपयोग न करें, जिससे माहौल खराब हो।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने जनहित याचिका का निपटारा किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि आम आदमी पार्टी (AAP) आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मुफ्त उपहारों का प्रचार करने और घृणा, पूर्वाग्रह और अपमानजनक सामग्री का प्रसार करने के लिए जनता को दैनिक...
मानवाधिकार आयोग ' बिना दांत का शेर' नहीं, उनकी सिफारिशें बाध्यकारी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि राज्य या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोगों की सिफारिशें बाध्यकारी प्रकृति की हैं और अगर उन्हें केवल अनुशंसात्मक निकाय माना गया तो मानवाधिकार अधिनियम के अधिनियमन का उद्देश्य निरर्थक हो जाएगा।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस अमित शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि यह मानना कि मानवाधिकार आयोग केवल ऐसी सिफारिशें कर सकते हैं जो बाध्यकारी नहीं हैं, उन्हें पूरी तरह से शक्तिहीन बना देगा और भारत द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अनुमोदित करने के उद्देश्य को निरर्थक...














![BNSS की धारा 360 में एक अपरिहार्य पहेली [अभियोजन से वापसी] BNSS की धारा 360 में एक अपरिहार्य पहेली [अभियोजन से वापसी]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2024/11/16/500x300_571505-justiceramkumarbnss.jpg)




