हाईकोर्ट

अस्थायी निषेधाज्ञा देने या अस्वीकार करने का आदेश विवेकाधीन, विषय-वस्तु या गुण-दोष पर निर्णय नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ
अस्थायी निषेधाज्ञा देने या अस्वीकार करने का आदेश 'विवेकाधीन', विषय-वस्तु या गुण-दोष पर निर्णय नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि अस्थायी निषेधाज्ञा का आदेश मामले के विषय या गुण-दोष पर प्रथम दृष्टया निर्णय नहीं है, बल्कि न्यायालय द्वारा विवेकाधिकार का प्रयोग है। न्यायालय ने ऐसा कोलगेट पामोलिव कंपनी एवं अन्य बनाम एंकर हेल्थ एंड ब्यूटी केयर प्राइवेट लिमिटेड (2005) और पार्कसंस कार्टामुंडी प्राइवेट लिमिटेड बनाम सुरेश कुमार जसराज बुराड़ (2012) और गोल्डमाइंस टेलीफिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड एवं अन्य (2014) में हाईकोर्ट की खंडपीठों के परस्पर विरोधी निर्णयों...

महज वैवाहिक या पारिवारिक झगड़े आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
महज वैवाहिक या पारिवारिक झगड़े आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ झगड़े या लड़ाई-झगड़े वैवाहिक या पारिवारिक जीवन में आत्महत्या के लिए उकसावे (Abetment of Suicide) के अपराध के तहत नहीं आते।जस्टिस रविंदर दुजेजा ने कहा कि आत्महत्या के लिए उकसावे का अपराध तभी बनता है, जब किसी व्यक्ति को अपराध करने के लिए उकसाया जाए, या उससे साजिश रची जाए या उसे जानबूझकर मदद दी जाए।कोर्ट ने कहा कि सिर्फ मानसिक उत्पीड़न या तनाव होना काफी नहीं है बल्कि इसके लिए सक्रिय रूप से उकसाना जरूरी है।कोर्ट ने यह भी जोड़ा कि अगर कोई व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर हो...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया के प्रभावशाली लोगों, कॉमेडियन द्वारा दुरुपयोग पर जनहित याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया के प्रभावशाली लोगों, कॉमेडियन द्वारा दुरुपयोग पर जनहित याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मौजूदा विधायक किरण सामंत द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने से इनकार किया, जिसमें प्रभावशाली लोगों कंटेंट क्रिएटर्स और कॉमेडियन द्वारा सोशल मीडिया के दुरुपयोग के बारे में बताया गया।सामंत ने जनहित याचिका में कुणाल कामरा को पक्षकार बनाया। उन्होंने अपने पिछले वीडियो का हवाला दिया। कहा कि उन्होंने न्यायपालिका को बदनाम किया है। सामंत के वकील ने कहा कि कामरा को सोशल मीडिया पर हो रहे दुरुपयोग का उदाहरण देने के लिए पक्षकार बनाया गया।उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर नापाक...

माता या पिता दोनों समान, प्राकृतिक अभिभावक, उन्हें अपने ही बच्चे के अपहरण का दोषी नहीं माना जा सकता: P&H हाईकोर्ट
माता या पिता दोनों समान, प्राकृतिक अभिभावक, उन्हें अपने ही बच्चे के अपहरण का दोषी नहीं माना जा सकता: P&H हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि माता-पिता को अपने ही बच्चे के अपहरण के अपराध में नहीं फंसाया जा सकता, क्योंकि माता-पिता दोनों ही समान प्राकृतिक अभिभावक हैं। जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने कहा, "किसी घटना को अपहरण माना जाने के लिए यह आवश्यक है कि नाबालिग बच्चे को 'कानूनी अभिभावक' की कस्टडी से दूर ले जाया जाए। हालांकि, मां भी इसके दायरे में आती है, खासकर तब जब सक्षम न्यायालय द्वारा उसे इस अधिकार से वंचित करने का आदेश न दिया गया हो। इस न्यायालय का मानना ​​है कि माता-पिता को अपने ही बच्चे के...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने उस पुलिस अधिकारी को राहत देने से इनकार किया, जो वीसी पर साक्ष्य रिकॉर्ड करते समय जज पर हंसा था
बॉम्बे हाईकोर्ट ने उस पुलिस अधिकारी को राहत देने से इनकार किया, जो वीसी पर साक्ष्य रिकॉर्ड करते समय जज पर हंसा था

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में बीड जिले के एक सत्र न्यायालय द्वारा महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को जारी किए गए पत्र को रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसमें पुलिस अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा के माध्यम से साक्ष्य दर्ज करते समय अदालत में शिष्टाचार बनाए रखने के लिए 'मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के लिए कहा गया था। जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने नवी मुंबई के नेरुल पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ब्रह्मानंद नाइकवाड़ी द्वारा दायर...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने आरक्षित वन भूमि पर कथित अवैध कब्जे की जनहित याचिका की सुनवाई बंद की, कहा- जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने आरक्षित वन भूमि पर कथित अवैध कब्जे की जनहित याचिका की सुनवाई बंद की, कहा- जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली

ईटानगर स्थित गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सोमवार (28 अप्रैल) को ऩमसाई वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र में कथित अवैध भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र (Land Possession Certificates) / अनापत्ति प्रमाणपत्र (No Objection Certificates) के जारी होने के संबंध में दायर जनहित याचिका (PIL) को यह कहते हुए निस्तारित कर दिया कि सरकार द्वारा कराई गई जांच में कोई अवैधता नहीं पाई गई।चीफ जस्टिस विजय बिश्नोई और जस्टिस कार्दक एते की खंडपीठ ने कहा,“हम यह मानते हैं कि चूंकि प्रतिवादियों ने पहले ही नमसाई वन प्रभाग के आरक्षित वन...

चैट का मूल्यांकन: भारत में व्हाट्सएप साक्ष्य की कानूनी भूलभुलैया
चैट का मूल्यांकन: भारत में व्हाट्सएप साक्ष्य की कानूनी भूलभुलैया

2024 में साउथ वेस्ट टर्मिनल लिमिटेड बनाम एच्टर लैंड एंड कैटल लिमिटेड के मामले में कनाडाई अदालत ने माना कि टेक्स्ट संदेश में “अंगूठा ऊपर” वाला इमोजी अनुबंध में स्वीकृति का एक वैध रूप है। यह मामला इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की उभरती भूमिका पर प्रकाश डालता है।भारतीय अदालतें और क़ानून उन्नत हैं और डिजिटल संचार के विकास को स्वीकार करते हैं। अनौपचारिक चैट से लेकर व्यावसायिक समझौतों तक, व्हाट्सएप चैट डिजिटल युग में एक प्रभावी भूमिका निभाता है। यहां,, अदालतें एक मुश्किल सवाल से घिर...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार, हाईकोर्ट प्रशासन के वकीलों से न्यायिक रिक्तियों को तत्काल भरने के लिए जनहित याचिका पर निर्देश लेने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार, हाईकोर्ट प्रशासन के वकीलों से न्यायिक रिक्तियों को तत्काल भरने के लिए जनहित याचिका पर निर्देश लेने को कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट में सभी मौजूदा न्यायिक रिक्तियों को समयबद्ध तरीके से समय पर और तेजी से भरने के लिए निर्देश देने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आज उत्तर प्रदेश सरकार और हाईकोर्ट प्रशासन के वकीलों से इस मामले में निर्देश प्राप्त करने को कहा।जस्टिस एमसी त्रिपाठी और जस्टिस अनिल कुमार-एक्स की खंडपीठ ने अब मामले को 21 मई, 2025 को अगली सुनवाई के लिए पोस्ट किया है। इस साल मार्च में दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट "अपने इतिहास में सबसे गंभीर संकट का सामना...

वकील ने जज की पत्नी को प्रॉपर्टी डील के लिए बुलाया, दिया नकद लेन-देन पर जोर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बताया अदालत को फंसाने का प्रयास
वकील ने जज की पत्नी को प्रॉपर्टी डील के लिए बुलाया, दिया नकद लेन-देन पर जोर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बताया 'अदालत को फंसाने' का प्रयास

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को मुंबई पुलिस को एक वकील के आचरण की जांच करने का आदेश दिया। इस वकील ने एक मौजूदा जज की पत्नी को प्रॉपर्टी डील के लिए बुलाया और "नकद लेन-देन" पर जोर दिया।एकल जज जस्टिस माधव जामदार ने अपने खचाखच भरे कोर्ट हॉल में खुलासा किया कि 9 अप्रैल को वकील विजय कुर्ले के खिलाफ कोर्ट में उनके कदाचार के लिए आदेश पारित करने के बाद "अदालत को फंसाने" का प्रयास किया जा रहा है।जस्टिस जामदार ने अदालत में कहा,"मैंने मिस्टर कुर्ले के खिलाफ आदेश पारित किया और उसके बाद मिस्टर पार्थो सरकार ने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने A&C Act की धारा 37 के तहत BSNL की अपील खारिज की, 43.52 करोड़ रुपये का मध्यस्थ फैसला बरकरार रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने A&C Act की धारा 37 के तहत BSNL की अपील खारिज की, 43.52 करोड़ रुपये का मध्यस्थ फैसला बरकरार रखा

जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस तेजस करिया की दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (मध्यस्थता अधिनियम) की धारा 37 के तहत बीएसएनएल की अपील को खारिज कर दिया और कहा कि सिंगल जज ने मध्यस्थ के निष्कर्ष को सही ठहराया कि विहान नेटवर्क्स लिमिटेड ने बीएसएनएल के विशिष्ट निर्देशों पर जारी अग्रिम खरीद आदेश के तहत काम किया, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। इसलिये, प्रतिवादी को किए गए नुकसान के लिए क्वांटम मेरुइट के सिद्धांत के तहत सही मुआवजा दिया गया था। मामले की पृष्ठभूमि: वर्तमान...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला लिखे बिना आरोपियों को बरी करने के लिए सिविल जज की बर्खास्तगी को बरकरार रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला लिखे बिना आरोपियों को बरी करने के लिए सिविल जज की बर्खास्तगी को बरकरार रखा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आपराधिक मुकदमों में आरोपियों को बिना फैसला लिखे बरी करने पर एक सिविल जज की बर्खास्तगी को बरकरार रखा है। न्यायालय ने कहा कि आरोप 'गंभीर कदाचार' के हैं और इन्हें माफ नहीं किया जा सकता है।चीफ़ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने कहा, "जब हम रिकॉर्ड को देखते हैं, तो यह पाया जाता है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ सभी पांच आरोप साबित हुए थे। आरोप गंभीर कदाचार के हैं कि उन्होंने निर्णय लिखे बिना आपराधिक परीक्षणों में अभियुक्तों को बरी कर दिया, जो स्पष्ट रूप से गंभीर...

शादी से बाहर पति के रिश्ते को क्रूरता माना जाएगा, जो वैवाहिक संबंध तोड़ने के लिए पर्याप्त: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
शादी से बाहर पति के रिश्ते को क्रूरता माना जाएगा, जो वैवाहिक संबंध तोड़ने के लिए पर्याप्त: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पति का विवाहेतर संबंध है और वह उसका उचित स्पष्टीकरण नहीं देता तो इसे पत्नी के प्रति क्रूरता माना जाएगा और यह वैवाहिक जीवन में दरार डालने के लिए पर्याप्त है।जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस सुखविंदर कौर की पीठ ने कहा,“अपीलकर्ता-पति का यह कहना है कि उसके उस महिला के साथ कोई अवैध संबंध नहीं थे लेकिन हमारा मानना है कि विवाह के बाहर किसी महिला से संबंध बनाए रखना, वह भी बिना किसी उचित स्पष्टीकरण के, निश्चित रूप से क्रूरता की श्रेणी में आता है और यह तथ्य वैवाहिक...

संसद सुरक्षा में सेंधमारी मामले में आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में अगले सप्ताह होगी सुनवाई
संसद सुरक्षा में सेंधमारी मामले में आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में अगले सप्ताह होगी सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (29 अप्रैल) को 2023 संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में आरोपितों नीलम आज़ाद और मनोरंजन डी द्वारा दायर जमानत याचिकाओं को सुनवाई के लिए 7 मई को सूचीबद्ध किया।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) के प्रतिनिधि वकील द्वारा एक सप्ताह के स्थगन के अनुरोध के बाद याचिकाओं पर सुनवाई टाल दी। दिल्ली पुलिस की ओर से ASG इस मामले में पेश होंगे।नीलम आज़ाद की ओर से पेश वकील ने इस स्थगन अनुरोध का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह राज्य...

SDM ने कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए मेडिकल बोर्ड का गठन किया, P&H हाईकोर्ट ने कहा कि कार्यपालिका द्वारा उल्लंघन कानूनी व्यवस्था को ध्वस्त कर देगा
SDM ने कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए मेडिकल बोर्ड का गठन किया, P&H हाईकोर्ट ने कहा कि कार्यपालिका द्वारा उल्लंघन कानूनी व्यवस्था को ध्वस्त कर देगा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सब डिव‌ीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) की ओर से दिए गए नए मेडिकल बोर्ड के गठन के एक आदेश को खारिज कर दिया है, जिसे उन्होंने सेशंस कोर्ट की ओर से दिए गए एक आदेश को खारिज करने के बाद दिया था। सेशंस कोर्ट ने अपने आदेश में मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए ‌दिए गए आवेदन को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने आदेश में कहा था, "न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में कार्यपालिका की ओर से किया गया कोई भी अतिक्रमण न केवल संस्थागत जवाबदेही को कमजोर करेगा, बल्कि पूरी तरह से अराजकता पैदा करते हुए मौजूदा...

रेस्तरां द्वारा अनिवार्य सर्विस चार्ज वसूलने को अवैध बताने वाले एकल जज के आदेश के खिलाफ याचिकाएं दायर
रेस्तरां द्वारा अनिवार्य सर्विस चार्ज वसूलने को अवैध बताने वाले एकल जज के आदेश के खिलाफ याचिकाएं दायर

दिल्ली हाईकोर्ट में दो अपीलें दायर की गईं, जो एकल जज के उस फैसले को चुनौती देती हैं। इस आदेश में एकल जज ने कहा गया था कि सर्विस चार्ज और टिप उपभोक्ताओं द्वारा दी जाने वाली स्वैच्छिक राशि होती है और इसे रेस्तरां या होटलों द्वारा अनिवार्य रूप से वसूलना वैध नहीं है।ये अपीलें नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) और फेडरेशन ऑफ होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया (FHRAI) द्वारा दायर की गई।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की लेकिन कोर्ट...

बच्चे की कस्टडी में धर्म एक विचार हो सकता है लेकिन बच्चे का कल्याण सर्वोपरि: बॉम्बे हाईकोर्ट
बच्चे की कस्टडी में धर्म एक विचार हो सकता है लेकिन बच्चे का कल्याण सर्वोपरि: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को मशहूर फैशन उद्यमी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर्निया कुरैशी के दूसरे पति द्वारा दायर हैबियस कॉर्पस याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपनी तीन साल की बेटी की कस्टडी मांगी थी।जस्टिस सरंग कोटवाल और जस्टिस श्रीराम मोडक की खंडपीठ ने दोहराया कि भले ही बच्चे की कस्टडी के मामलों में धर्म एक विचार हो सकता है लेकिन बच्चे का कल्याण हमेशा सर्वोपरि होता है।खंडपीठ ने विभिन्न सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि सामान्यतः लगभग 7 वर्ष की उम्र की लड़की की कस्टडी मां...

किसी भी चयन प्रक्रिया में प्रक्रियागत त्रुटियों के चलते निचले पद को मजबूरी में स्वीकार करना मूल दावे को नहीं करता समाप्त : जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
किसी भी चयन प्रक्रिया में प्रक्रियागत त्रुटियों के चलते निचले पद को मजबूरी में स्वीकार करना मूल दावे को नहीं करता समाप्त : जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा सब-इंस्पेक्टर पद की मांग के बावजूद मजबूरी में कांस्टेबल पद को स्वीकार करना उसके मूल दावे को समाप्त नहीं करता, क्योंकि यह लंबे संघर्ष और दबाव की स्थिति में किया गया।याचिकाकर्ता के पिता आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान शहीद हो गए थे। उन्होंने सहानुभूति के आधार पर एसआरओ 43 के तहत सब-इंस्पेक्टर पद पर नियुक्ति की मांग की थी। उन्होंने दावा किया कि उनका मामला जनरल एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट (GAD) के पास नहीं भेजा गया, जो इस प्रकार के मामलों में निर्णय...

Hathras Gang Rape & Murder Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निलंबित SHO की संवेदनहीनता पर उठाया सवाल, कर्तव्य में लापरवाही पर राहत देने से किया इनकार
Hathras Gang Rape & Murder Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निलंबित SHO की संवेदनहीनता पर उठाया सवाल, कर्तव्य में 'लापरवाही' पर राहत देने से किया इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह निलंबित स्टेशन हाउस अधिकारी (एसएचओ) दिनेश कुमार वर्मा द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2020 के हाथरस सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के संबंध में समन आदेश सहित आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की गई थी, जिसमें उन पर आधिकारिक कर्तव्य में लापरवाही के आरोपों पर मामला दर्ज किया गया था।जस्टिस राजबीर सिंह की पीठ ने अधिकारी के आचरण की आलोचना की क्योंकि इसने प्रक्रियात्मक उल्लंघनों और 19 वर्षीय दलित महिला, सामूहिक बलात्कार से बचने वाली महिला से जुड़े...

विवाद के कारण जब्त की गई संपत्ति को मुकदमे के तार्किक निष्कर्ष के लिए आवश्यक नहीं तो सही मालिक को लौटाया जाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
विवाद के कारण जब्त की गई संपत्ति को मुकदमे के तार्किक निष्कर्ष के लिए आवश्यक नहीं तो सही मालिक को लौटाया जाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि जहां एक जांच एजेंसी द्वारा जब्त की गई संपत्ति मुकदमे/मुकदमेबाजी के तार्किक निष्कर्ष के लिए आवश्यक नहीं है, उसे सही मालिक के पक्ष में जारी किया जाना चाहिए। यह माना गया कि जब्त की गई संपत्ति का सही मालिक कौन है, संभावनाओं की प्रधानता के आधार पर तय किया जाना चाहिए।यह कहते हुए कि किसी भी व्यक्ति को कानून के अधिकार के बिना उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता है, जस्टिस संजय कुमार पचौरी ने कहा, "जब जांच एजेंसी द्वारा जब्त की गई संपत्ति को जब्त संपत्ति से संबंधित या...