हाईकोर्ट

OMR शीट में गलती पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहत देने से किया इनकार, कहा- परीक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन जरूरी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने OMR शीट भरने में परीक्षा निर्देशों का पालन नहीं करने वाली अभ्यर्थी को राहत देने से इनकार किया। हाईकोर्ट ने कहा कि OMR शीट भरने के संबंध में जारी निर्देश अनिवार्य हैं और उनमें गलती होने पर बाद में हाथ से शीट की जांच कराने की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस सिद्धार्थ नंदन ने कहा कि यदि इस तरह की रियायत बाद में दी जाती है तो इससे परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए OMR शीट का हाथ से मूल्यांकन कराने की अनुमति नहीं दी जा सकती।मामले में...

व्हाट्सऐप पर आपत्तिजनक तस्वीरें फैलाना 'सार्वजनिक दृश्य' में माना जा सकता है, SC/ST Act लागू होगा: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने कहा कि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित महिला के आपत्तिजनक वीडियो या तस्वीरें व्हाट्सऐप जैसे सामाजिक माध्यम के जरिए प्रसारित करना 'सार्वजनिक दृश्य' में किया गया कृत्य माना जा सकता है और ऐसी स्थिति में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) के प्रावधान लागू हो सकते हैं।जस्टिस यंशिवराज खोबरागड़े ने यह टिप्पणी निखिल थेपाले की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए की। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 77 और 78 तथा...

पत्नी के पिता के पैसों से खरीदी गई संयुक्त संपत्ति पर केवल उसका ही अधिकार: केरल हाईकोर्ट का फैसला
केरल हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर खरीदी गई संपत्ति की पूरी रकम पत्नी के पिता ने उसकी भलाई के लिए दी थी और पति अपने योगदान का प्रमाण पेश नहीं कर पाया तो परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पत्नी को संपत्ति का विशेष स्वामित्व दिया जा सकता है। कोर्ट ने महिला को 2.8 एर भूमि और उस पर बने मकान का विशेष मालिक घोषित करते हुए पति को तीन महीने के भीतर संपत्ति खाली करने का निर्देश दिया।जस्टिस सतीश निनान और जस्टिस पी. कृष्ण कुमार की डिवीजन बेंच ने यह फैसला...

'आरोपी पर दबाव बनाने के लिए भाई को थाने में रखा': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ₹40,000 मुआवजा देने का आदेश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पुलिस किसी आरोपी पर दबाव बनाने या उसे सरेंडर करने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से उसके परिवार के किसी निर्दोष सदस्य को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं रख सकती। ऐसा करना व्यक्ति की स्वतंत्रता से गैरकानूनी वंचना है और इसके लिए पीड़ित व्यक्ति मुआवजे का हकदार है।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने यह टिप्पणी अरविंद कुमार यादव की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका पर सुनवाई करते हुए की। याचिका में प्रयागराज के जॉर्ज टाउन...

इलाहाबाद हाईकोर्ट में 'फुल कोर्ट मीटिंग्स' पर विवाद: हाईकोर्ट ने जजों के बीच चर्चा की कमी पर उठाए सवाल, कहा- जजों की राय रिकॉर्ड नहीं की जाती
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी 'फुल कोर्ट मीटिंग्स' (सभी जजों की बैठक) में चर्चा की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। कोर्ट ने देखा कि इन बैठकों की कार्यवाही में अलग-अलग जजों की सहमति या असहमति को रिकॉर्ड नहीं किया जाता है।कोर्ट ने यह भी महसूस किया कि पिछली दो फुल कोर्ट मीटिंग्स "सरकार द्वारा विश्वास मत के दौरान अपने सदस्यों को व्हिप जारी करके नियंत्रित करने" के तरीके से "पहले से तय (स्टेज-मैनेज्ड)" लग रही हैं।जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने 4 मामलों से जुड़े एक फैसले में यह बात कही। इन मामलों में निचली अदालतों...

'जज का फ़ैसला कौन करता है?': चीफ जस्टिस-केंद्रित मॉडल में बदलाव की आवश्यकता- इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट प्रशासन के चीफ जस्टिस-केंद्रित मॉडल में 'बदलाव' (Recalibration) की ज़रूरत बताई। कोर्ट ने ज़्यादा सोच-समझकर लिए गए फ़ैसलों, संस्थागत रूप से संतुलित और सबकी भागीदारी वाले नज़रिए के साथ-साथ मज़बूत संस्थागत जवाबदेही पर ज़ोर दिया।जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने चार मामलों से जुड़े एक फ़ैसले में यह बात कही। इन मामलों में निचली अदालतों में देरी, ज़मानत से जुड़े निर्देशों का पालन न होने और न्यायिक अनुशासन से जुड़े बड़े सवालों जैसे मुद्दों को उठाया गया।इन मुद्दों पर विचार...

महाकुंभ से चर्चा में आईं महिला को राहत: एमपी हाई कोर्ट ने जन्म प्रमाण पत्र में सुधार का आदेश रद्द किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2025 के महाकुंभ के दौरान चर्चा में आईं एक युवती को राहत दी। कोर्ट ने वह आदेश रद्द किया, जिसके तहत अधिकारियों ने उसका पुराना जन्म प्रमाण पत्र रद्द किया और उसकी जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 से बदलकर 30 दिसंबर 2009 कर दी थी। [2026 LiveLaw (MP) 398]याचिकाकर्ता को अपनी बात रखने का उचित मौका देने के बाद उसके पिता की जन्म रिकॉर्ड में सुधार की अर्जी पर फिर से विचार करने का निर्देश देते हुए जस्टिस गजेंद्र सिंह की बेंच ने कहा:"याचिकाकर्ता नंबर 1 को जन्म तिथि में सुधार के लिए प्रतिवादी...

CAPF अवमानना मामला दूसरी बेंच को सौंपने से 'मास्टर ऑफ़ रोस्टर' की शक्तियों पर सवाल उठे हैं? दुष्यंत दवे
'मास्टर ऑफ़ रोस्टर' यानी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने फिर से ऐसा कदम उठाया है, जो उनकी तय शक्तियों से परे है और जिससे न्याय में बाधा पड़ने का संकेत मिलता है।CJI ने कथित तौर पर 29 सितंबर को एक प्रशासनिक आदेश जारी किया, जिसमें जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की विशेष बेंच बनाई गई। इस बेंच को 30 सितंबर को CA 13106/2024 में अवमानना याचिका 37/2026 पर सुनवाई करनी है।ऐसा करके CJI ने सीधे तौर पर जस्टिस भुइयां और जस्टिस चंदुरकर की बेंच द्वारा 29 सितंबर को ही पारित न्यायिक आदेश में दखल...

पीड़ित की सहमति और शादी के आधार पर खास मामलों में POCSO केस रद्द किया जा सकता है: मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय हाईकोर्ट ने कहा कि सहमति के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत POCSO केस रद्द किया जा सकता है, भले ही 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012' (POCSO Act) एक विशेष कानून हो।हालांकि, कोर्ट ने साफ़ किया कि ऐसी शक्ति का इस्तेमाल खास मामलों में पूरी सावधानी और सोच-समझकर किया जाना चाहिए। इसके लिए हर मामले के तथ्यों और हालात पर ध्यान देना होगा, जैसे कि पक्षों की उम्र, क्या पीड़ित की सहमति जानकारी के साथ और बिना किसी दबाव के दी गई, और क्या पीड़ित और आरोपी की...

दिल्ली हाईकोर्ट ने DDA को फ्रीहोल्ड कन्वर्ज़न के पेंडिंग आवेदनों पर दो महीने में कार्रवाई करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) को निर्देश दिया कि वह राजधानी के निवासियों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए प्रॉपर्टी को लीज़होल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलने के सभी पेंडिंग आवेदनों पर दो महीने के अंदर कार्रवाई करे।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की डिवीज़न बेंच ने निर्देश दिया कि सभी पेंडिंग आवेदनों पर उसी पॉलिसी के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए जो आवेदन दाखिल करने की तारीख पर लागू थी।कोर्ट ने हाउसिंग और अर्बन अफेयर्स मिनिस्ट्री (MoHUA) और DDA को नए आवेदनों पर कार्रवाई...

कोविड वैक्सीन के साइड-इफेक्ट्स का मामला: X को हाईकोर्ट का अदार पूनावाला के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट हटाने आदेश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (29 सितंबर) को X Corp (पहले ट्विटर) को निर्देश दिया कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर कुछ लोगों द्वारा कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) और उसके CEO अदार पूनावाला के खिलाफ पोस्ट किए गए आपत्तिजनक कंटेंट को हटाए।कोविड-19 वैक्सीन के कथित बुरे असर से कुछ लोगों की मौत के बाद इन पोस्ट्स में उन्हें 'सामूहिक हत्यारा' (Mass Murderer) कहा गया।सिंगल-जज जस्टिस गौरी गोडसे ने कहा कि 5 जून, 2023 को एक विस्तृत आदेश जारी किया गया, जिसमें प्रतिवादियों - योहान...

ISIS से जुड़े टेरर मॉड्यूल को हथियार सप्लाई के आरोपी को 7.5 साल जेल में रहने के बाद मिली ज़मानत
दिल्ली हाईकोर्ट ने ISIS से जुड़े कथित टेरर मॉड्यूल को हथियार हासिल करने में मदद करने के आरोपी व्यक्ति को ज़मानत दी। कोर्ट ने यह देखते हुए ज़मानत दी कि वह साढ़े सात साल से ज़्यादा समय से हिरासत में है और निकट भविष्य में ट्रायल पूरा होने की कोई संभावना नहीं है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच ने नईम नाम के व्यक्ति की याचिका को मंज़ूरी दी। नईम ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उसकी ज़मानत याचिका खारिज की गई। यह मामला नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने...

आरोपी के एक्साइज़ अधिकारी होने मात्र से CBI जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) खारिज करते हुए कहा कि सिर्फ़ इस आधार पर कि आरोपी एक्साइज़ विभाग का अधिकारी है, जांच को CBI को सौंपना सही नहीं ठहराया जा सकता। [2026 LiveLaw (MP) 396]जस्टिस संदीप एन भट्ट और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की डिवीजन बेंच ने कहा,"जांच CBI को सौंपने का आदेश उचित नहीं है, क्योंकि पुलिस अधिकारियों को मामले की जांच के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला और यह नहीं कहा जा सकता कि सिर्फ़ इसलिए कि आरोपी एक्साइज़ अधिकारी है, जांच CBI को सौंपी जानी चाहिए।"यह मामला...

LPG सिलेंडर के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने को चुनौती, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
घरेलू LPG सिलेंडर रिफिल बुक करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका में दावा किया गया है कि 1 अक्टूबर से विनियमित कीमत पर घरेलू LPG रिफिल लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने के फैसले से करीब 3.16 करोड़ उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं, जिन्होंने अब तक प्रमाणीकरण पूरा नहीं किया।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार का पक्ष...

मूल विभाग में वापसी के बाद कर्मचारी पर कार्रवाई का अधिकार उधार लेने वाले विभाग को नहीं, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपपत्र रद्द किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिनियुक्ति पर गए किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ उधार लेने वाला विभाग तभी तक अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है, जब तक उस विभाग और कर्मचारी के बीच नियोक्ता-कर्मचारी का संबंध कायम रहता है। कर्मचारी के अपने मूल विभाग में वापस भेजे जाने के बाद उधार लेने वाला विभाग उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं कर सकता।जस्टिस आनंद सिंह बहारवत की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कर्मचारी के खिलाफ जारी आरोपपत्र और विभागीय जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त करने का आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा...

बजट की कमी बताकर ठेकेदार का बकाया अनिश्चितकाल तक नहीं रोका जा सकता, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 5 लाख रुपये देने का आदेश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि किसी ठेकेदार द्वारा पूरा किया गया काम का बकाया भुगतान केवल इस आधार पर अनिश्चितकाल तक नहीं रोका जा सकता कि विभाग के पास उसके लिए बजट का प्रावधान नहीं है। कोर्ट ने राज्य सरकार को ठेकेदार को 5 लाख रुपये की बकाया राशि 6 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ चार सप्ताह के भीतर जारी करने का निर्देश दिया।जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के ने ठेकेदार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने उसे सौंपा गया काम पूरा कर दिया, उसे केवल विभाग द्वारा आवश्यक बजट प्रावधान नहीं किए जाने के...

बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी सिर्फ पिता की नहीं, मां को भी अपनी आय के अनुसार योगदान देना होगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि नाबालिग बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी केवल पिता पर नहीं डाली जा सकती। सामान्यतः माता-पिता दोनों को अपनी-अपनी आय और आर्थिक क्षमता के अनुसार बच्चे के पालन-पोषण और अन्य खर्चों में योगदान करना होता है।जस्टिस लक्ष्मी कांत शुक्ला की पीठ ने यह टिप्पणी एक महिला और उसके दो नाबालिग बच्चों द्वारा दाखिल आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज करते हुए की। याचिका में परिवार न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें दोनों बच्चों के लिए ₹1,500-₹1,500 प्रतिमाह भरण-पोषण देने का...

दिल्ली में छात्रों की सुरक्षा का मामला: निजी PG, किराए के फ्लैट और हॉस्टल की निगरानी के लिए कमेटियां बनाने की मांग, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने छात्रों के लिए निजी पेइंग गेस्ट (PG), किराए के फ्लैट और हॉस्टल में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कॉलेज, विश्वविद्यालय और जिला स्तर पर Student Accommodation Advisory and Monitoring Committees गठित करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर बुधवार को नोटिस जारी किया।यह याचिका सत्य निकेतन PG भवन हादसे के बाद दाखिल की गई है। इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच छात्र शामिल थे।चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, MCD,...

त्विशा शर्मा हत्या मामला: दहेज हत्या की धारा हटने पर रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को जमानत अर्जी में संशोधन का निर्देश, 8 अक्टूबर को सुनवाई
भोपाल में बहू त्विशा शर्मा की असामान्य मौत से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रिटायर जज गिरिबाला सिंह को अपनी नियमित जमानत अर्जी में संशोधन करने का निर्देश दिया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सिंह के खिलाफ दहेज हत्या की धारा हटाई और इसके स्थान पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत लगाया। हाईकोर्ट ने कहा कि बदली हुई धारा के मद्देनजर पहले जमानत अर्जी में संशोधन किया जाए और उसके बाद उस पर दलीलें रखी जाएं। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को...

रामलीला के अस्थायी आयोजन से ज्यादा जरूरी पार्क को हरित और मनोरंजन स्थल बनाए रखना, दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि स्थानीय निवासियों के कल्याण के लिए किसी पार्क को हरित और मनोरंजन स्थल के रूप में बनाए रखने की जरूरत, वहां कुछ समय के लिए रामलीला आयोजित करने की जरूरत से अधिक महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने नारायणा विहार स्थित चिंटू पार्क में रामलीला आयोजित करने के लिए की गई बुकिंग रद्द किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।जस्टिस जस्मीत सिंह ने श्री सनातन धर्म रामलीला समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी DDA का फैसला बरकरार रखा, जिसके तहत...
