हाईकोर्ट

इंस्टाग्राम एन्क्रिप्शन विवाद: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड जाने को कहा
इंस्टाग्राम एन्क्रिप्शन विवाद: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड जाने को कहा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंस्टाग्राम पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन खत्म करने के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को पहले डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ इंडिया के पास जाने का निर्देश दिया।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता सात दिनों के भीतर बोर्ड के समक्ष अपना पक्ष रखे। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि बोर्ड याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर देते हुए 15 दिनों के भीतर तर्कसंगत और स्पष्ट आदेश पारित करे।यह जनहित याचिका वकील पार्थ शर्मा...

जॉब्लेस पति और हैंडसम सैलरी वाली पत्नी: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मेंटेनेंस बढ़ाने से किया इनकार
'जॉब्लेस' पति और 'हैंडसम सैलरी' वाली पत्नी: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मेंटेनेंस बढ़ाने से किया इनकार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पत्नी को दी गई भरण-पोषण राशि बढ़ाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि पत्नी अच्छी आय अर्जित कर रही है, जबकि पति ने स्वयं को बेरोजगार बताया है, ऐसे में भरण-पोषण बढ़ाने का कोई आधार नहीं बनता।जस्टिस वी श्रीसनंदा की एकल पीठ ने साथ ही पति की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उसने 2015 के पारिवारिक न्यायालय के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। इस आदेश के तहत पति को पत्नी को ₹9,000 प्रतिमाह (₹5,000 किराया और ₹4,000...

मतदाता सूची पर बड़ा फैसला: गुजरात हाईकोर्ट ने कहा— राज्य निर्वाचन आयोग नाम जोड़ने-हटाने का स्वतंत्र अधिकार नहीं रखता
मतदाता सूची पर बड़ा फैसला: गुजरात हाईकोर्ट ने कहा— राज्य निर्वाचन आयोग नाम जोड़ने-हटाने का स्वतंत्र अधिकार नहीं रखता

गुजरात हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का स्वतंत्र अधिकार नहीं है। आयोग केवल विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची को ही अपनाने (प्रतिरूपित करने) का काम करता है।अदालत ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें एक महिला ने अहमदाबाद नगर निगम चुनाव में भाग लेने के लिए अपनी नामावली में नाम शामिल करने की मांग की थी।बता दें, महिला का नाम पहले प्रारंभिक सूची में शामिल नहीं किया गया, जबकि बाद में उसका आवेदन स्वीकार कर...

पोंडा उपचुनाव पर रोक: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- एक वर्ष से कम शेष कार्यकाल होने पर चुनाव नहीं
पोंडा उपचुनाव पर रोक: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- एक वर्ष से कम शेष कार्यकाल होने पर चुनाव नहीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोवा के पोंडा विधानसभा क्षेत्र के प्रस्तावित उपचुनाव रद्द करते हुए महत्वपूर्ण फैसला दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के बाद निर्वाचित प्रतिनिधि के पास एक वर्ष से कम कार्यकाल बचता है तो ऐसा उपचुनाव नहीं कराया जा सकता।यह मामला भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा 16 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना को चुनौती देने से जुड़ा था, जिसमें पोंडा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की गई।जस्टिस वाल्मीकि मेनेज़ेस और जस्टिस अमित एस. जामसांडेकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान...

संयुक्त परिवार के अस्तित्व की धारणा के आधार पर सह-काश्तकारी की अनुमति नहीं दी जा सकती, यह साबित करना होगा कि प्लॉट पैतृक है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
संयुक्त परिवार के अस्तित्व की धारणा के आधार पर सह-काश्तकारी की अनुमति नहीं दी जा सकती, यह साबित करना होगा कि प्लॉट पैतृक है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि संयुक्त परिवार के अस्तित्व की धारणा के आधार पर सह-काश्तकारी (Co-Tenancy) की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि संबंधित पक्ष को यह साबित करना होगा कि प्लॉट पैतृक है। साथ ही प्लॉट की पहचान और रिकॉर्ड में उसकी निरंतरता भी साबित करनी होगी।जस्टिस चंद्र कुमार राय ने फैसला सुनाते हुए कहा,“विचाराधीन प्लॉट का पैतृक होना साबित नहीं हो सका, और न ही प्लॉट की पहचान व रिकॉर्ड में उसकी निरंतरता स्थापित हो पाई। ऐसे में केवल इस आधार पर सह-काश्तकारी की अनुमति नहीं दी जा...

हाईकोर्ट ने पत्रकार के Facebook Page को हटाने को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और पंजाब सरकार से मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने पत्रकार के Facebook Page को हटाने को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और पंजाब सरकार से मांगा जवाब

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्रकार के Facebook पेज को हटाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर भारत सरकार, Facebook और पंजाब सरकार से जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों को इस मामले में निर्देश लेने के लिए समय चाहिए।जस्टिस जगमोहन बंसल संविधान के अनुच्छेद 226/227 के तहत दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता के Facebook पेज "मनिंदरजीत सिद्धू" को प्रतिवादी नंबर 1 के प्लेटफॉर्म से हटाने के फैसले को रद्द करने की मांग की गई।याचिकाकर्ता 'लोक आवाज़ TV' से जुड़ा एक पत्रकार है।...

रिटायर्ड प्रिंसिपल से ₹3 करोड़ की ठगी का आरोप: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट मामले में आरोपी को दी ज़मानत
रिटायर्ड प्रिंसिपल से ₹3 करोड़ की ठगी का आरोप: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 'डिजिटल अरेस्ट' मामले में आरोपी को दी ज़मानत

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी के कथित मामले में आरोपी को ज़मानत दी। इस मामले में रिटायर्ड प्रिंसिपल से "डिजिटल अरेस्ट" के तरीके से ₹3 करोड़ से ज़्यादा की ठगी की गई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता की कथित भूमिका, हिरासत की अवधि और इस तथ्य को देखते हुए कि ट्रायल में अभी समय लगेगा, याचिकाकर्ता ज़मानत का हकदार है।जस्टिस मनीषा बत्रा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 483 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थीं। इस याचिका में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी...

JJB, चाइल्ड कोर्ट को ज़मानत नामंज़ूर करने के कारण बताने होंगे: गुजरात हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में गिरफ्तार किशोर को रिहा करने का निर्देश दिया
JJB, चाइल्ड कोर्ट को ज़मानत नामंज़ूर करने के कारण बताने होंगे: गुजरात हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में गिरफ्तार किशोर को रिहा करने का निर्देश दिया

गुजरात हाईकोर्ट ने कानून के साथ संघर्षरत बच्चे (CCL) को ज़मानत दी, जिसे दूसरे नाबालिग लड़के की हत्या के मामले में अन्य CCLs के साथ गिफ्तार किया गया था। कोर्ट ने पाया कि किशोर न्याय बोर्ड (JJB) और अपीलीय अदालत/बच्चों की अदालत दोनों ने ही ज़मानत याचिका खारिज करने के कोई कारण नहीं बताए।कोर्ट ने आगे यह भी पाया कि JJB और अपीलीय अदालत, दोनों ने ही CCL की ज़मानत याचिका पर किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) की धारा 12 के तहत नहीं, बल्कि CrPC के तहत विचार किया था।जस्टिस गीता गोपी ने अपने आदेश में कहा:"JJB और...

पति से ज़बरदस्ती पैसे ऐंठने की कोशिश: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ₹1.25 लाख महीना कमाने वाली पत्नी को अंतरिम गुज़ारा भत्ता देने से इनकार किया
'पति से ज़बरदस्ती पैसे ऐंठने की कोशिश': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ₹1.25 लाख महीना कमाने वाली पत्नी को अंतरिम गुज़ारा भत्ता देने से इनकार किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पत्नी को राहत देने से इनकार किया। इस पत्नी ने फ़ैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत उसकी अंतरिम गुज़ारा भत्ते की अर्ज़ी को खारिज कर दिया गया।फ़ैमिली कोर्ट का आदेश सही ठहराते हुए जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने टिप्पणी की कि पत्नी की यह मांग "पति से ज़बरदस्ती पैसे ऐंठने की कोशिश" के अलावा और कुछ नहीं थी, जिसकी इजाज़त नहीं दी जा सकती।कोर्ट ने यह आदेश देते हुए कहा कि पत्नी पर किसी बच्चे की परवरिश की ज़िम्मेदारी नहीं है...

6 मामलों में गंभीर आरोप: राजस्थान के ज्यूडिशियल ऑफिसर सस्पेंशन ऑर्डर के खिलाफ पहुंचे हाईकोर्ट
6 मामलों में 'गंभीर आरोप': राजस्थान के ज्यूडिशियल ऑफिसर सस्पेंशन ऑर्डर के खिलाफ पहुंचे हाईकोर्ट

एक ज्यूडिशियल ऑफिसर ने अपने हालिया सस्पेंशन को चुनौती देने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जो उनके खिलाफ छह अलग-अलग मामलों में "गंभीर आरोपों" की शुरुआती जांच के बाद शुरू किया गया।ज्यूडिशियल ऑफिसर राजेंद्र साहू जालोर जिले के भीनमाल में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज (ADJ) के तौर पर काम कर रहे थे। उनको पिछले महीने हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के आदेश पर सस्पेंड कर दिया गया।ऑफिशियल ऑर्डर के मुताबिक, यह एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन फेयर जांच सुनिश्चित करने और ऑफिसर को चल...

तलवारें, सितारे और समानता: महिला अधिकारियों पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णायक फैसला और संवैधानिक न्याय का लंबा सफर
तलवारें, सितारे और समानता: महिला अधिकारियों पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णायक फैसला और संवैधानिक न्याय का लंबा सफर

"यह गर्व से कहना पर्याप्त नहीं है कि महिला अधिकारियों को सशस्त्र बलों में राष्ट्र की सेवा करने की अनुमति है जब उनकी सेवा स्थितियों की सच्ची तस्वीर एक अलग कहानी बताती है। लेफ्टिनेंट कर्नल नितिशा बनाम भारत संघ (2021) में सुप्रीम कोर्ट द्वारा व्यक्त ये शब्द लंबे समय से भारतीय सेना की संस्थागत आत्मा के दर्पण के रूप में काम करते रहे हैं। 24 मार्च, 2026 को, उस दर्पण ने अंततः न्याय के एक समाप्त चित्र को प्रतिबिंबित किया। तेईस साल की संवैधानिक तीर्थयात्रा को समाप्त करने वाले एक ऐतिहासिक फैसले में, मुख्य...

राजस्थान हाईकोर्ट ने कथित भ्रामक विज्ञापन को लेकर एक्टर सलमान खान के खिलाफ कार्यवाही पर लगाई रोक
राजस्थान हाईकोर्ट ने कथित भ्रामक विज्ञापन को लेकर एक्टर सलमान खान के खिलाफ कार्यवाही पर लगाई रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक्टर सलमान खान के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, जयपुर II में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाई। यह मामला राजश्री पान मसाला के कथित भ्रामक विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें एक्टर ने अभिनय किया था।ऐसा करते हुए हाईकोर्ट ने DCDRC के 6 जनवरी के अंतरिम आदेश पर भी रोक लगाई। इस आदेश में उत्पाद बेचने वाली कंपनी और एक्टर को किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार में शामिल होने से रोका गया था।कोर्ट ने राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (SCDRC) के 16 मार्च के आदेश पर भी रोक लगाई। इस आदेश में राज्य...

क्रूरता/उत्पीड़न से कोई सीधा संबंध न होने तक दहेज हत्या का अपराध सिर्फ़ कीमती चीज़ों की मांग करने पर लागू नहीं होता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
क्रूरता/उत्पीड़न से कोई सीधा संबंध न होने तक 'दहेज हत्या' का अपराध सिर्फ़ कीमती चीज़ों की मांग करने पर लागू नहीं होता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि IPC की धारा 304-B ​​(दहेज हत्या) के तहत अपराध साबित करने के लिए पीड़िता की मौत और दहेज से जुड़े उत्पीड़न या क्रूरता के बीच 'स्पष्ट संबंध' होना ज़रूरी है।जस्टिस मनीष माथुर की बेंच ने आगे कहा कि जहाँ सिर्फ़ चीज़ों या कीमती सामान की मांग का किसी ऐसे उत्पीड़न या क्रूरता से कोई संबंध न हो, जिसके कारण मौत हुई हो, वहां IPC की धारा 304-B ​​और धारा 498-A (साक्ष्य अधिनियम की धारा 113-B के साथ पढ़ी जाने पर) के प्रावधान लागू नहीं होंगे।इस तरह बेंच ने मेवा लाल और पीड़िता...

साइबर ठगी में फंसे कारोबारी को राहत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने HDFC बैंक को ₹38.04 लाख लौटाने का दिया आदेश
साइबर ठगी में फंसे कारोबारी को राहत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने HDFC बैंक को ₹38.04 लाख लौटाने का दिया आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए HDFC बैंक को निर्देश दिया कि वह पुणे के कारोबारी को 38.04 लाख रुपये वापस करे। अदालत ने कहा कि ग्राहक की कोई गलती नहीं पाई गई और वह “शून्य देयता” के सिद्धांत का लाभ पाने का हकदार है।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने यह आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि धोखाधड़ी सिम स्वैपिंग/क्लोनिंग के जरिए की गई, जिसमें ग्राहक की कोई भूमिका नहीं थी।मामले के अनुसार, 14 सितंबर 2021 को कारोबारी के खाते में तीन अज्ञात लोगों को...

प्रेम संबंध में विवाह कर संतान होने पर किशोरों को परेशान नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO FIR रद्द की
प्रेम संबंध में विवाह कर संतान होने पर किशोरों को परेशान नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO FIR रद्द की

बॉम्बे हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि प्रेम संबंध में जुड़े दो किशोर यदि विवाह कर लेते हैं और उनके संबंध से संतान जन्म लेती है तो ऐसे मामलों में पोक्सो कानून और बाल विवाह निषेध कानून के तहत उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।औरंगाबाद पीठ में जस्टिस संतोष चपलगांवकर ने राहुल सुरुषे के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। यह FIR लड़की के पिता की शिकायत पर दर्ज की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि युवक ने उनकी नाबालिग बेटी से संबंध बनाकर विवाह किया।अदालत ने पाया कि घटना के...

पीड़िता की गवाही पर भरोसा कायम, मां का बयान न होना घातक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1984 दुष्कर्म मामले में सजा बरकरार रखी
पीड़िता की गवाही पर भरोसा कायम, मां का बयान न होना घातक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1984 दुष्कर्म मामले में सजा बरकरार रखी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 1984 के दुष्कर्म मामले में आरोपी की सजा बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया कि यदि पीड़िता की गवाही विश्वसनीय और अटूट है, तो अन्य गवाहों के बयान न होने से अभियोजन का मामला कमजोर नहीं होता।जस्टिस मनोज बजाज की पीठ ने आजमगढ़ के एडिशनल सेशन कोर्ट के वर्ष 1986 के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपी की अपील खारिज की। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के तहत दोषी मानते हुए 7 साल की कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।मामले के अनुसार, 7 अक्टूबर 1984 को 15 वर्ष से...