हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कानून के महत्वपूर्ण सवालों से जुड़े उपभोक्ता संरक्षण कानून के प्रावधानों को चुनौती पर जारी किया नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कानून के महत्वपूर्ण सवालों' से जुड़े उपभोक्ता संरक्षण कानून के प्रावधानों को चुनौती पर जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने जनहित याचिका (PIL) पर भारत सरकार को नोटिस जारी किया। इस याचिका में उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 के प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई।यह याचिका उन प्रावधानों को चुनौती देती है, जो राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) को ऐसे बेंचों के ज़रिए "कानून के महत्वपूर्ण सवालों" पर फैसला सुनाने का अधिकार देते हैं, जिनमें तकनीकी और गैर-न्यायिक सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। बेंच ने भारत सरकार और उपभोक्ता...

रक्षा और सुरक्षा परियोजनाओं के लिए पेड़ काटने पर पूर्व अनुमति जरूरी नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
रक्षा और सुरक्षा परियोजनाओं के लिए पेड़ काटने पर पूर्व अनुमति जरूरी नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भारतीय सेना को राहत देते हुए स्पष्ट किया कि रक्षा और सुरक्षा संबंधी अधोसंरचना परियोजनाओं पर पेड़ काटने के लिए पूर्व अनुमति संबंधी उसका पुराना आदेश लागू नहीं होगा, यदि संबंधित भूमि वन संरक्षण अधिनियम की धारा 1ए के तहत छूट प्राप्त श्रेणी में आती है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम, 1980 में संशोधन के बाद सुरक्षा संबंधी परियोजनाओं को विशेष छूट दी गई। इसलिए 26 नवंबर 2025 को पारित आदेश को उसी सीमा तक लागू माना जाएगा, जहां...

427 हिरासत मौतों पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, कहा- कानून की खुली अवहेलना, न्यायिक जांच के दिए आदेश
427 हिरासत मौतों पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, कहा- कानून की खुली अवहेलना, न्यायिक जांच के दिए आदेश

झारखंड में हिरासत में हुई मौतों के मामलों पर झारखंड हाईकोर्ट ने बेहद कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य द्वारा पेश किए गए आंकड़े “शब्दों से परे झकझोर देने वाले” हैं। हाईकोर्ट ने पाया कि वर्ष 2018 से अब तक राज्य में 427 लोगों की पुलिस या न्यायिक हिरासत में मौत हुई, लेकिन बड़ी संख्या में मामलों में कानून के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद न्यायिक जांच नहीं कराई गई।चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में मांग की गई कि हिरासत में मौत, गायब होने...

PCPNDT Act में रिकॉर्ड रखने में लापरवाही गंभीर अपराध, इसे मामूली गलती नहीं माना जा सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
PCPNDT Act में रिकॉर्ड रखने में लापरवाही गंभीर अपराध, इसे मामूली गलती नहीं माना जा सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बरनाला की क्लीनिक संचालिका की सजा बरकरार रखते हुए कहा कि PCPNDT Act के तहत अनिवार्य रिकॉर्ड, विशेषकर फॉर्म एफ का सही रखरखाव नहीं करना गंभीर कानूनी उल्लंघन है और इसे केवल तकनीकी या प्रक्रियात्मक चूक नहीं माना जा सकता।जस्टिस रमेश चंदर दिमरी ने 80 वर्षीय डॉ. पुष्प लता मित्तल की याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया।डॉ. मित्तल को गर्भाधान पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 की धारा 29 के उल्लंघन का दोषी ठहराया गया, जिसके लिए धारा 23 के...

नेशनल हाईवेज़ अधिग्रहण | पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बढ़ी हुई मुआवज़े की रकम पर ज़्यादा ब्याज़ देने का फ़ैसला सुनाया
नेशनल हाईवेज़ अधिग्रहण | पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बढ़ी हुई मुआवज़े की रकम पर ज़्यादा ब्याज़ देने का फ़ैसला सुनाया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि जिन ज़मीन मालिकों की ज़मीन नेशनल हाईवेज़ एक्ट के तहत अधिग्रहित की जाती है, वे 'भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवज़े और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013' के ज़्यादा फ़ायदेमंद प्रावधानों के तहत ब्याज़ पाने के हकदार हैं, न कि सिर्फ़ 1956 के एक्ट के सीमित दायरे के तहत।ज़मीन मालिकों की तरफ़ से दायर याचिका को मंज़ूर करते हुए जस्टिस हरकेश मनुजा ने "एक आर्बिट्रल अवार्ड में बदलाव करते हुए 2013 के एक्ट की धारा 72 के मुताबिक ज़मीन पर...

बॉयकॉट की अपील के बावजूद कोर्ट में पेश होने पर बार एसोसिएशन वकीलों को सज़ा नहीं दे सकती: त्रिपुरा हाईकोर्ट
बॉयकॉट की अपील के बावजूद कोर्ट में पेश होने पर बार एसोसिएशन वकीलों को सज़ा नहीं दे सकती: त्रिपुरा हाईकोर्ट

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि किसी भी बार काउंसिल या बार एसोसिएशन का कोई भी नियम, कानून या उप-नियम कोर्ट के बॉयकॉट की इजाज़त नहीं देता, न ही वकीलों को उनके पेशेवर फ़र्ज़ निभाने के लिए उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की इजाज़त देता है।त्रिपुरा बार एसोसिएशन ने एक वकील के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू की थी, जिसने बॉयकॉट के प्रस्ताव के बावजूद कंज्यूमर कमीशन के सामने पेश होने का फ़ैसला किया था; इस कार्रवाई पर रोक लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि जो वकील एडवोकेट्स एक्ट और वकालतनामा के तहत अपने फ़र्ज़...

BREAKING| मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला स्थल को घोषित किया मंदिर, नमाज़ पढ़ने की अनुमति वाला सर्कुलर रद्द किया
BREAKING| मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला स्थल को घोषित किया मंदिर, नमाज़ पढ़ने की अनुमति वाला सर्कुलर रद्द किया

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने घोषणा की कि भोजशाला का विवादित ऐतिहासिक स्थल देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है।'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' और अन्य लोगों द्वारा दायर रिट याचिकाओं को स्वीकार करते हुए जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने कहा:"हमने इस स्थल पर हिंदू पूजा-अर्चना की निरंतरता को नोट किया। हालांकि समय के साथ इसे विनियमित किया गया... हम यह निष्कर्ष दर्ज करते हैं कि इस जगह का ऐतिहासिक साहित्य इसे राजा भोज से जुड़े संस्कृत सीखने के केंद्र के रूप में स्थापित करता है... यह धार...

सिर्फ़ शादी वाला घर बेचना IPC की धारा 498A के तहत दहेज उत्पीड़न नहीं माना जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
सिर्फ़ शादी वाला घर बेचना IPC की धारा 498A के तहत दहेज उत्पीड़न नहीं माना जा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि सिर्फ़ शादी वाला घर बेचना अपने आपमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498-A के तहत दहेज उत्पीड़न का काम नहीं माना जा सकता।जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा:"स्टेटस रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि शिकायतकर्ता का दिल्ली में स्थित शादी वाला घर याचिकाकर्ताओं ने बेच दिया था, लेकिन ऐसा कोई भी काम, अगर हुआ भी है, तो उसे दहेज मांगने का काम नहीं माना जा सकता।" मामले की पृष्ठभूमिशिकायतकर्ता अंजलि राणा ने आरोप लगाया कि उनकी शादी याचिकाकर्ता राहुल डधवाल के साथ 11 अक्टूबर,...

दिल्ली हाईकोर्ट ने PACL मामले में ED के अटैचमेंट आदेश रद्द किए, मामला जस्टिस लोढ़ा समिति को सौंपा
दिल्ली हाईकोर्ट ने PACL मामले में ED के अटैचमेंट आदेश रद्द किए, मामला जस्टिस लोढ़ा समिति को सौंपा

दिल्ली हाईकोर्ट ने PACL से जुड़ी संपत्तियों के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी किए गए अस्थायी अटैचमेंट आदेशों को रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाले उस ढांचे के तहत निपटाया जाना चाहिए, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस आर.एम. लोढ़ा समिति कर रही है।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने टिप्पणी की कि PACL की संपत्तियों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्यवाही जारी रखना, निवेशकों के हितों की सुरक्षा और उन्हें राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट...

हज किराये में अतिरिक्त 10 हजार रुपये वसूली को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, गैर-यात्री को सुनवाई का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
हज किराये में अतिरिक्त 10 हजार रुपये वसूली को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, गैर-यात्री को सुनवाई का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हज यात्रियों से बढ़े हुए हवाई ईंधन दामों के कारण अतिरिक्त 10 हजार रुपये लेने संबंधी परिपत्र को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि जिसने खुद हज यात्रा के लिए पंजीकरण नहीं कराया, उसे इस मामले में याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है।जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी की एकल पीठ ने 7 मई को यह आदेश पारित किया।अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने वर्ष 2026 की हज यात्रा के लिए अपना नाम पंजीकृत नहीं कराया और न ही हज समिति के पास कोई राशि जमा की है। ऐसे में वह संबंधित परिपत्र से...

शराब कारोबारी की आत्महत्या मामले में CBI जांच के आदेश, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने FIR में देरी पर पुलिस को फटकार
शराब कारोबारी की आत्महत्या मामले में CBI जांच के आदेश, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने FIR में देरी पर पुलिस को फटकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शराब कारोबारी की आत्महत्या मामले में बड़ा आदेश देते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी FIR दर्ज करने में जानबूझकर देरी करते दिखे और ऐसा प्रतीत होता है कि वे आबकारी अधिकारी के प्रभाव में काम कर रहे थे।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की पीठ ने कहा कि मृतक द्वारा छोड़े गए वीडियो सुसाइड नोट में जिन रकमों का उल्लेख किया गया, वे बेहद बड़ी हैं और आत्महत्या से पहले वीडियो रिकॉर्ड किया जाना मामले को...

राहुल गांधी के खिलाफ याचिकाएं दायर करने वाले BJP कार्यकर्ता की Z+ सुरक्षा मांग पर 3 हफ्ते में फैसला करे केंद्र: इलाहाबाद हाईकोर्ट
राहुल गांधी के खिलाफ याचिकाएं दायर करने वाले BJP कार्यकर्ता की Z+ सुरक्षा मांग पर 3 हफ्ते में फैसला करे केंद्र: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा मांगी गई अखिल भारतीय स्तर की Z+ सुरक्षा पर तीन सप्ताह के भीतर कारणयुक्त फैसला लिया जाए।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अभदेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश शिशिर की याचिका का निस्तारण करते हुए दिया।शिशिर ने अपनी याचिका में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाकर अखिल भारतीय स्तर पर Z+ सुरक्षा देने की मांग की थी। फिलहाल उन्हें सीएपीएफ सुरक्षा अधिकारी की चौबीसों घंटे सुरक्षा...

बुजुर्ग माता-पिता की सुरक्षा के लिए बेटे-बहू को घर से बेदखल करना सही: राजस्थान हाईकोर्ट
बुजुर्ग माता-पिता की सुरक्षा के लिए बेटे-बहू को घर से बेदखल करना सही: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने सीनियर सिटीजन्स के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि बुजुर्ग माता-पिता की गरिमा और शांतिपूर्ण जीवन की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर बेटे, बहू या अन्य रिश्तेदारों को संपत्ति से बेदखल किया जा सकता है।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने सीनियर सिटीजन दंपति और उनके बेटे-बहू द्वारा दायर याचिका खारिज की। यह याचिका 80 वर्ष से अधिक उम्र के माता-पिता द्वारा संपत्ति से बेदखली के आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई।अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि बुजुर्ग माता-पिता को...

S.480 BNSS | केवल महिला होने से हत्या जैसे गंभीर मामलों में जमानत नहीं मिल सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
S.480 BNSS | केवल महिला होने से हत्या जैसे गंभीर मामलों में जमानत नहीं मिल सकती: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के गंभीर मामले में सास की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि केवल महिला होने के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती, विशेषकर तब जब आरोप बेहद गंभीर हों।जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की पीठ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 480 के तहत महिला होने के आधार पर राहत देने की दलील अस्वीकार की।अदालत ने रेखा के.सी. बनाम ज्योतिभाई मामले का हवाला देते हुए कहा कि केवल आरोपी का महिला होना जमानत का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता, खासकर तब जब उसके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के...

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ अवमानना याचिका खारिज, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- जमानत रद्द कराने का रास्ता खुला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ अवमानना याचिका खारिज, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- जमानत रद्द कराने का रास्ता खुला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दायर अवमानना याचिका खारिज की। याचिका में आरोप लगाया गया कि उन्होंने POCSO मामले में अदालत द्वारा लगाई गई जमानत शर्तों का उल्लंघन किया।जस्टिस दिनेश पाठक की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना का मामला नहीं बनता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जमानत की शर्तों का उल्लंघन हो रहा है, तो संबंधित पक्ष जमानत निरस्तीकरण याचिका दायर कर सकता है।यह अवमानना याचिका आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दायर की थी।...

सरकारी नौकरी में अलग-अलग तैनाती को परित्याग नहीं माना जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
सरकारी नौकरी में अलग-अलग तैनाती को 'परित्याग' नहीं माना जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं में कार्यरत पति-पत्नी का अलग-अलग स्थानों पर रहना असामान्य नहीं है। केवल नौकरी की तैनाती के कारण अलग रहना अपने आप में “परित्याग” नहीं माना जा सकता और न ही इसे तलाक का आधार बनाया जा सकता है।जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने यह भी कहा कि हर झगड़ा, कटु शब्द या घरेलू विवाद “क्रूरता” की श्रेणी में नहीं आता।अदालत ने कहा कि तलाक के लिए क्रूरता इतनी गंभीर होनी चाहिए, जिससे पीड़ित पक्ष के मन में यह उचित आशंका पैदा हो कि...

जितना गंभीर अपराध, उतने मजबूत सबूत जरूरी: दुष्कर्म साजिश मामले में महिला को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने किया बरी
जितना गंभीर अपराध, उतने मजबूत सबूत जरूरी: दुष्कर्म साजिश मामले में महिला को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने किया बरी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्ष 2002 के दुष्कर्म मामले में आपराधिक साजिश के आरोप में दोषी ठहराई गई महिला को बरी करते हुए कहा कि केवल शक या सीमित भूमिका के आधार पर किसी व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120-बी के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस रूपिंदरजीत चहल ने कहा,“अपराध कितना भी गंभीर या विचलित करने वाला क्यों न हो, केवल संदेह कानूनी सबूत का स्थान नहीं ले सकता। आपराधिक न्याय व्यवस्था का स्थापित सिद्धांत है 'जितना गंभीर अपराध, उतने मजबूत सबूत।' इसलिए कानून स्पष्ट रूप से कहता है...

न्यायपालिका के खिलाफ लगातार अपमानजनक अभियान पर चुप्पी जनता का भरोसा कमजोर कर सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट
न्यायपालिका के खिलाफ लगातार अपमानजनक अभियान पर चुप्पी जनता का भरोसा कमजोर कर सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करते हुए कहा कि न्यायपालिका के खिलाफ लगातार चलाए जाने वाले अपमानजनक अभियानों के सामने अदालत की चुप्पी को आत्मसमर्पण नहीं माना जा सकता।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने 68 पन्नों के विस्तृत फैसले में कहा कि अदालत के सामने दो विकल्प थे या तो चुप रहना या अपने संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन करना। अदालत ने दूसरा रास्ता चुना, क्योंकि न्यायालय और न्यायपालिका की संस्था के खिलाफ सुनियोजित बदनाम करने का अभियान चलाया...

न्यायिक परीक्षा में तीन साल की प्रैक्टिस के नियम को पिछली तारीख से लागू करने की चुनौती पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
न्यायिक परीक्षा में तीन साल की प्रैक्टिस के नियम को पिछली तारीख से लागू करने की चुनौती पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) को रिट याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में सिविल जज जूनियर डिवीज़न और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) परीक्षा के लिए तय की गई, तीन साल की प्रैक्टिस की अनिवार्य शर्त को पिछली तारीख से लागू करने के फैसले को चुनौती दी गई।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम ए. अंखड की डिवीज़न बेंच दो लॉ ग्रेजुएट और प्रैक्टिस कर रहे वकीलों द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में MPSC द्वारा 30 अप्रैल 2026 को...