हाईकोर्ट
BCI के नियम वकील-आरोपी को सह-आरोपी का प्रतिनिधित्व करने से नहीं रोकते: एमपी हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी का मामला रद्द किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक वकील के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द की। इस वकील ने एक आपराधिक मामले में अपने बेटे की ओर से पेश होकर उसका प्रतिनिधित्व किया, जबकि उस मामले में वे दोनों ही आरोपी थे। कोर्ट ने यह फैसला देते हुए कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम किसी सह-आरोपी वकील को किसी अन्य आरोपी का प्रतिनिधित्व करने से नहीं रोकते हैं।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की:"ऊपर जिस बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम 13 का ज़िक्र किया गया, वह 'मुवक्किल के प्रति...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जनगणना ड्यूटी के लिए प्राइवेट, गैर-सरकारी मदद वाले और अल्पसंख्यक स्कूलों के शिक्षकों की तैनाती पर लगाई रोक
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (22 मई) को महाराष्ट्र भर में हर दस साल में होने वाली जनगणना के काम के लिए प्राइवेट, गैर-सरकारी मदद वाले और प्राइवेट अल्पसंख्यक स्कूलों के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ की तैनाती पर अंतरिम रोक लगाई।जस्टिस गौतम अंखड और जस्टिस संदेश पाटिल की डिवीज़न बेंच वाली वेकेशन कोर्ट ने महाराष्ट्र भर में 500 से ज़्यादा प्राइवेट, बिना सरकारी मदद वाले और प्राइवेट अल्पसंख्यक स्कूलों में काम कर रहे हज़ारों स्टाफ सदस्यों को अंतरिम राहत देते हुए पहली नज़र में यह माना कि ऐसे स्कूलों के स्टाफ को...
कुछ दिव्यांग कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का फ़ायदा हटाना उचित: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के उस फ़ैसले को सही ठहराया, जिसमें उसने अपने सर्विस नियमों में बदलाव करके कुछ खास कैटेगरी के दिव्यांग कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का फ़ायदा वापस ले लिया था। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों की अलग-अलग कैटेगरी के लिए रिटायरमेंट की अलग-अलग उम्र तय करना कोई गैर-कानूनी भेदभाव नहीं है।जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर ने कहा,"यह बात पूरी तरह से तय है कि एम्प्लॉयर (नियोक्ता) के पास यह पूरा अधिकार है कि वह काम की प्रकृति और जनसेवा की...
'हस्तक्षेप करने वाले द्वारा उठाई गई आपत्तियां, डिक्री धारक के निष्पादन कार्यवाही वापस लेने के अधिकार को खत्म नहीं कर सकतीं': उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि किसी हस्तक्षेप करने वाले (Intervener) द्वारा उठाई गई आपत्तियां, डिक्री धारक के निष्पादन कार्यवाही वापस लेने के अधिकार को खत्म नहीं कर सकतीं; खासकर तब, जब मूल कार्यवाही में हस्तक्षेप करने वाले के खिलाफ कोई ठोस फैसला (Substantive Adjudication) कभी नहीं दिया गया हो। कोर्ट ने टिप्पणी की कि निष्पादन कार्यवाही को किसी तीसरे पक्ष के अधिकारों पर फैसला देने के लिए एक स्वतंत्र मंच में नहीं बदला जा सकता, जो मूल मामले में कभी पक्षकार नहीं था।जस्टिस आलोक मेहरा 'घरेलू हिंसा...
त्विशा शर्मा दहेज हत्या मामला: पति समर्थ सिंह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका वापस ली
त्विशा शर्मा दहेज मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह की पीठ ने की।अदालत ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता समर्थ सिंह की ओर से पेश वकील ने अग्रिम जमानत याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी और कहा कि वह ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि आरोपी चाहे तो जांच अधिकारी या ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर सकता है।अदालत ने कहा,“यदि...
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश: आग में जले दस्तावेज दोबारा तैयार कराने के लिए उम्रकैद कैदी को पैरोल
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्रकैद कैदी को आग की घटना में नष्ट हुए जरूरी दस्तावेज दोबारा तैयार कराने के लिए 8 सप्ताह की पैरोल देने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि केवल शांति भंग होने की आशंका के आधार पर पैरोल से इनकार करना कानूनन सही नहीं माना जा सकता।जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने कहा,“मामले के तथ्यों से स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता की समाज में गहरी जड़ें हैं और अपने भाई से मिलने तथा आग में जल चुके दस्तावेज दोबारा तैयार कराने के लिए पैरोल मांगने का उसका कारण उचित...
POSH शिकायतों की जांच ICC/LCC तंत्र के बाहर किसी समानांतर जांच प्राधिकरण द्वारा नहीं की जा सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम (POSH Act), 2013 के तहत शिकायतों की जांच या उनका निपटारा आंतरिक शिकायत समिति (ICC) या स्थानीय शिकायत समिति (LCC) के ढांचे के बाहर किसी भी समानांतर प्राधिकरण द्वारा नहीं किया जा सकता।जस्टिस आशीष श्रोती की पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे किसी समानांतर प्राधिकरण को अनुमति देने से POSH Act का उद्देश्य ही कमजोर हो जाएगा।पीठ ने कहा:"यदि किसी नियोक्ता को कार्यस्थल पर किसी महिला द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए...
पंजाब निकाय चुनावों में बैलेट पेपर से मतदान कराने के फैसले को चुनौती खारिज
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज की।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने नगर निकाय आम चुनाव 2026 से पहले यह फैसला सुनाया।पंजाब में स्थानीय निकाय चुनाव 26 मई को होने हैं जबकि मतगणना 29 मई को की जाएगी।याचिका में कहा गया कि राज्य चुनाव आयोग ने बिना किसी वैधानिक संशोधन, विधायी मंजूरी या सार्वजनिक परामर्श के अचानक EVM-वीवीपैट प्रणाली छोड़कर...
ट्विशा शर्मा दहेज मौत मामला: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एम्स दिल्ली की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने के दिए निर्देश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा दहेज मौत मामले में बड़ा आदेश देते हुए मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी। अदालत ने निर्देश दिया कि दूसरा पोस्टमार्टम एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम द्वारा भोपाल में किया जाए।जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह ने शुक्रवार को ट्विशा शर्मा के पिता की याचिका पर यह आदेश पारित किया।सुनवाई के दौरान पति पक्ष के वकील ने दोबारा पोस्टमार्टम का विरोध करते हुए कहा कि इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का अपमान होगा। उन्होंने दलील दी कि पहले पोस्टमार्टम पर संदेह जताने के...
नेताओं पर अवमानना कार्रवाई पार्टी की मान्यता खत्म करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने AAP के खिलाफ याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी राजनेता के आचरण से अदालत की गरिमा, अधिकार या प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है तो उसके लिए अवमानना कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है लेकिन केवल इसी आधार पर किसी राजनीतिक दल की मान्यता समाप्त नहीं की जा सकती।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने आम आदमी पार्टी (AAP) की मान्यता रद्द करने और उसके नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज करते हुए यह...
टूटे बिजली तार से लगी आग में सामान बचाने गया व्यक्ति लापरवाह नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने मुआवजा बढ़ाया
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि टूटे हुए बिजली के तार से लगी आग में अपना सामान बचाने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को लापरवाह नहीं कहा जा सकता। अदालत ने इसे आपात स्थिति में स्वाभाविक मानवीय प्रतिक्रिया बताया।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने करंट लगने से हुई मौत के मामले में मुआवजा राशि 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये की। अदालत ने कहा कि कानून किसी व्यक्ति से यह उम्मीद नहीं करता कि उसका घर जल रहा हो और वह मूक दर्शक बना रहे।अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मुआवजा केवल औपचारिक या प्रतीकात्मक...
केजरीवाल समेत AAP नेताओं के खिलाफ अवमानना मामले में हाईकोर्ट ने राजदीपा बेहरा को बनाया एमिक्स क्यूरी
दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेताओं के खिलाफ चल रही स्वत: संज्ञान आपराधिक अवमानना कार्यवाही में सीनियर एडवोकेट राजदीपा बेहरा को एमिक्स क्यूरी नियुक्त किया। यह मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो साझा करने से जुड़ा है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने मंगलवार को मामले में नोटिस जारी किया।अदालत ने सभी कथित अवमाननाकारियों को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए कहा, “अदालत की सहायता के लिए सीनियर...
बरगी डैम नाव हादसे पर गठित न्यायिक जांच आयोग के बाद MP हाईकोर्ट ने PILs का किया निपटारा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के बरगी डैम नाव हादसे को लेकर दायर जनहित याचिकाओं (PILs) के एक समूह का निपटारा कर दिया है। अदालत ने यह फैसला राज्य सरकार की उस जानकारी के बाद दिया, जिसमें बताया गया कि हादसे की जांच के लिए एक पूर्व हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग गठित किया जा चुका है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ के समक्ष अतिरिक्त महाधिवक्ता एचएस रूपराह ने बताया कि आयोग ने आम जनता से सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि 1 मई 2026 के आदेश के तहत...
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट्स पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, पत्रकार सौरव दास और AAP नेता गोपाल राय को नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पत्रकार सौरव दास और AAP नेता गोपाल राय को नोटिस जारी किया। यह नोटिस उस याचिका पर जारी हुआ है जिसमें जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अवमाननापूर्ण पोस्ट साझा करने का आरोप लगाया गया है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंद्र दुडेजा की खंडपीठ ने मामले को पहले से लंबित स्वतः संज्ञान आपराधिक अवमानना मामले के साथ जोड़ते हुए 4 अगस्त को सुनवाई तय की है। अदालत ने रजिस्ट्री को याचिका में शामिल सोशल मीडिया सामग्री सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया।याचिका में...
सिर्फ मुंबई ऑफिस का पता लिख देने से नहीं बदलेगा कोर्ट का अधिकार क्षेत्र, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- जहां विवाद का हिस्सा पैदा हुआ, वहीं चलेगा मुकदमा
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल चालान (Invoices) और एयरवे बिल पर मुंबई स्थित प्रशासनिक कार्यालय का पता दर्ज होने मात्र से दिल्ली की अदालतों का क्षेत्राधिकार समाप्त नहीं हो जाता, खासकर तब जब प्रतिवादी कंपनी का पंजीकृत कार्यालय दिल्ली में स्थित हो और विवाद से जुड़ा कुछ कारण दिल्ली में उत्पन्न हुआ हो।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने यह फैसला GAC लॉजिस्टिक्स द्वारा दायर अपील को स्वीकार करते हुए सुनाया। कंपनी ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें क्षेत्राधिकार...
गंगा इफ्तार | हिंदू समुदाय से माफ़ी मांगने और 'माँ गंगा' का जीवन भर सम्मान करने के वादा पर मिली आरोपियों को जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को 3 मुस्लिम पुरुषों को ज़मानत दी। इन पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने, गंगा नदी (वाराणसी में) में एक नाव पर मांसाहारी भोजन करने और बचा हुआ कचरा नदी में फेंकने का आरोप है।जस्टिस राजीव लोचन की बेंच ने कहा कि आरोपियों ने कोर्ट में बिना शर्त माफ़ी मांगकर "सच्चा पछतावा" दिखाया। इसी बेंच ने पहले एक अलग आदेश के ज़रिए 5 अन्य सह-आरोपियों को भी राहत दी थी।उनके सप्लीमेंट्री हलफ़नामे पर भरोसा करते हुए कोर्ट ने कहा कि आवेदकों ने 'हाथ जोड़कर' हिंदू समुदाय से माफ़ी मांगी और पूरी...
हाईकोर्ट ने जोधपुर में गंभीर जल संकट का स्वतः संज्ञान लिया; अंतरिम निर्देश जारी किए
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर में गंभीर जल संकट का स्वतः संज्ञान लिया। इसमें प्राचीन जल निकायों और पारंपरिक जल संचयन प्रणालियों की उपेक्षित स्थिति; वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण से संबंधित वैधानिक प्रावधानों का अप्रभावी कार्यान्वयन और जलाशयों, बांधों तथा शहरी जल संरक्षण की चिंताजनक स्थिति शामिल है।डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी की खंडपीठ ने स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल के अधिकार पर प्रकाश डाला, जिसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मान्यता प्राप्त है। साथ ही संविधान के...
बिना किसी विरोध के आदमी ने पिया कीचड़: गर्मियों में झारखंड
झारखड़ के झुलसे हुए गांवों में पानी एक अफवाह बन गया है और गर्मी आपको इसे भूलने नहीं देगी।एक तस्वीर है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। एक आदमी, चेहरा फटी हुई धरती में दबा हुआ था, जो कुछ भी थोड़ा सा पानी खोखले में इकट्ठा हुआ है उसे पी रहा था। यह एक आपदा फिल्म के एक स्थिर की तरह दिखता है। ये इतना ही नहीं है। यह झारखंड में लिया गया था, विशेष रूप से पलामू जिले में, जो एक सूखाग्रस्त राज्य के सबसे गरीब और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में से एक है, जिस पर देश के अधिकांश हिस्सों ने केवल आधा ध्यान दिया।आइए हम...
From Deference To Scrutiny: देखभाल के मानक, सूचित सहमति और स्टेम सेल थेरैपी का विनियामक वर्गीकरण
भारतीय चिकित्सा कानून लंबे समय से न्यायिक सम्मान के ढांचे के भीतर काम करता रहा है। लगभग सात दशकों तक, एक परीक्षण ने सामान्य कानून क्षेत्राधिकारों में चिकित्सा लापरवाही मानक को परिभाषित किया है, जिसे मैकनेयर जे द्वारा बोलम बनाम फ्रिर्न अस्पताल प्रबंधन समिति [1957] 1 WLR 582 में बताया गया है, एक डॉक्टर लापरवाह नहीं है यदि वह उस विशेष कला में कुशल चिकित्सा पुरुषों के एक जिम्मेदार निकाय द्वारा उचित रूप से स्वीकार किए गए अभ्यास के अनुसार कार्य करती है।तर्क डिजाइन द्वारा स्थगित था। अदालतें चिकित्सा...
अटेंडेंट इन लॉ एजुकेशन: परीक्षाओं से परे एक बहस
कानूनी शिक्षा में उपस्थिति के बारे में हालिया बहस ने परिसरों, सोशल मीडिया और कानूनी हलकों में कड़ी प्रतिक्रियाएं शुरू कर दी हैं। दुर्भाग्य से, अधिकांश बातचीत भावनात्मक कहानियों और चयनात्मक व्याख्याओं से प्रेरित हुई है, बजाय इसके कि कानूनी शिक्षा वास्तव में क्या हासिल करने के लिए है। कई मामलों में, बातचीत वास्तव में यह समझने की तुलना में पक्ष लेने के बारे में अधिक हो गई है कि पेशेवर कानूनी शिक्षा कैसे काम करती है।ऐसे समय में जब कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता पहले से ही जांच के दायरे में है, इस बातचीत...



















