हाईकोर्ट
बड़ी संख्या में प्रभावित निवेशकों का होना क्रिप्टो विवाद को पब्लिक लॉ का मामला नहीं बनाता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि बड़ी संख्या में निवेशक प्रभावित हुए, क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज से जुड़े निजी विवाद को पब्लिक लॉ (सार्वजनिक कानून) का मामला नहीं माना जा सकता, जिसके लिए रिट अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाए।क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफ़ॉर्म BitBNS के यूज़र्स की अपील खारिज करते हुए कोर्ट ने एक्सचेंज में कथित साइबर घटना और फंड के गलत प्रबंधन की CBI या स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से जांच कराने का आदेश देने से इनकार कर दिया।चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस...
पुराने आदेश का 'घोर अनादर': 2024 से 'यूपी अल्पसंख्यक आयोग' में खाली पद न भरने पर हाईकोर्ट ने टॉप सेक्रेटरी को तलब किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को तलब किया। उनसे उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति न कर पाने की राज्य की लगातार विफलता के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया, जबकि उनका पिछला कार्यकाल 2024 में ही खत्म हो गया।राज्य के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की बेंच ने सरकार के इस तरीके को दूसरी बेंच (जिसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस अरुण भंसाली ने की थी) द्वारा पहले दिए गए आदेश का "घोर...
दिल्ली हाईकोर्ट ने जबरन वसूली के मामले में सुकेश चंद्रशेखर के कथित साथियों को ज़मानत दी, लंबी जेल और लंबे समय से चल रहे ट्रायल का हवाला दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 217 करोड़ रुपये के जबरन वसूली मामले में आरोपी अरुण मुथु, बी. मोहनराज, सुधीर और कमलेश कोठारी को ज़मानत दी। [2026 LiveLaw (Del) 633]जस्टिस प्रतीक जालान ने मुख्य रूप से लंबी जेल और ट्रायल के जल्द खत्म होने की संभावना न होने के आधार पर यह राहत दी।अभियोजन पक्ष का आरोप था कि मुथु, सुकेश चंद्रशेखर और लीना पॉलोस का करीबी सहयोगी था और उसने अपराध से मिली रकम को मैनेज करने में उनकी मदद की थी।चार्जशीट के अनुसार, मुथु ने लग्ज़री कारें और प्रॉपर्टी खरीदने...
भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी को अग्रिम ज़मानत नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जांच में जोखिम की ओर इशारा किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध रिश्वत मांगने के आरोपी पूर्व पुलिस अधिकारी को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार "जनता का भरोसा कम करते हैं" और गिरफ्तारी से पहले सुरक्षा देते समय अदालतों को सावधानी बरतनी चाहिए। [2025 LiveLaw (PH) 222]याचिका खारिज करते हुए जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा कि आरोपों की प्रकृति को देखते हुए इस चरण में अग्रिम ज़मानत देने से चल रही जांच में बाधा आएगी।कोर्ट ने कहा,"आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े अपराध जनता का भरोसा कम करते...
यूपी को-ऑपरेटिव सोसाइटीज़ एक्ट के तहत अवार्ड के आधार पर बेची गई गिरवी रखी प्रॉपर्टी को वापस पाने का केस धारा 111(d) के तहत वर्जित: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि गिरवी रखी प्रॉपर्टी को वापस पाने (रिडेम्पशन) के लिए किया गया सिविल केस, जिसे यूपी को-ऑपरेटिव सोसाइटीज़ एक्ट, 1965 के तहत पास हुए अवार्ड के आधार पर पहले ही बेचा जा चुका है, एक्ट की धारा 111(d) के तहत वर्जित है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अवार्ड में दखल दिए बिना यह राहत नहीं दी जा सकती।यूपी को-ऑपरेटिव सोसाइटीज़ एक्ट, 1965 की धारा 111 इस एक्ट के तहत आने वाले मामलों में सिविल और रेवेन्यू कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को रोकता है। क्लॉज़ (d) इस रोक को एक्ट के तहत दिए गए किसी भी अन्य...
भीमा कोरेगांव केस: आरोपी महेश राउत ने इलाज के लिए केरल जाने की इजाज़त के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्ज़ी दी
भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले के आरोपियों में से एक महेश राउत ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्ज़ी देकर केरल में आयुर्वेदिक इलाज के लिए जाने की इजाज़त मांगी। इससे पहले, इस साल जनवरी में एक स्पेशल NIA कोर्ट ने उनकी ऐसी ही अर्ज़ी खारिज की थी।राउत ने शहर की स्पेशल NIA कोर्ट के 21 जनवरी, 2026 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें 29 जनवरी से 7 फरवरी तक केरल के पूनथोट्टम आयुर्वेदाश्रम जाने की उनकी अर्ज़ी खारिज कर दी गई। वह अपने रूमेटाइड आर्थराइटिस और सोग्रेन सिंड्रोम के इलाज के लिए आयुर्वेदिक आश्रम जाना चाहते...
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका: बार-बार होने वाले जलभराव को रोकने के लिए कोर्ट की निगरानी में उपाय और मॉनसून की तैयारियों की जानकारी की मांग
दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई। इसमें दिल्ली सरकार और नागरिक एजेंसियों से मांग की गई कि वे राष्ट्रीय राजधानी में बार-बार होने वाले जलभराव को रोकने, मॉनसून से पहले की तैयारियों की जानकारी देने और हर मॉनसून में बार-बार बाढ़ जैसी स्थिति के लिए जवाबदेही तय करने के निर्देश दें।वकील आकांक्षा सैनी द्वारा दायर इस याचिका में संस्थागत सुधार, पारदर्शिता, जवाबदेही और अधिकारियों द्वारा कानूनी दायित्वों के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग की गई, ताकि दिल्ली के निवासियों के जीवन, स्वास्थ्य,...
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर रवि किशन के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, AI से बने अश्लील कंटेंट हटाने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर और BJP सांसद रवि किशन के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए एक अंतरिम आदेश जारी किया।जस्टिस ज्योति सिंह ने कई लोगों और ऑनलाइन संस्थाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीपफेक और दूसरी तकनीकों के ज़रिए उनके नाम, तस्वीर, शक्ल-सूरत और उनके व्यक्तित्व की दूसरी विशेषताओं का बिना इजाज़त इस्तेमाल करने से रोक दिया।कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश किशन द्वारा कई प्रतिवादियों (डिफेंडेंट्स) के खिलाफ दायर मुकदमे की सुनवाई के दौरान दिया। इन प्रतिवादियों में अज्ञात लोग (जॉन डो), डोमेन रजिस्ट्रार और...
महुआ मोइत्रा की भीड़ के हमले के आरोप वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई से हाईकोर्ट का इनकार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा की उस याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार किया, जिसमें नादिया के कालीगंज में राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान उन पर हुए कथित हमले के बाद सुरक्षा के निर्देश देने की मांग की गई।यह मामला जस्टिस सौगत भट्टाचार्य के सामने रखा गया, जिन्होंने याचिका को तुरंत सुनने से इनकार करते हुए कहा,"मेरे सामने ऐसे बहुत सारे मामले आ रहे हैं।"मोइत्रा ने 1 जुलाई को कालीगंज में राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान हमले का आरोप लगाने के बाद हाईकोर्ट का रुख...
अस्पतालों और ऑक्सीजन प्लांट को बिजली देने वाले बिजली कर्मचारी 'कोविड वॉरियर': इलाहाबाद हाईकोर्ट का ₹50 लाख की अनुग्रह राशि देने का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में फिर से कहा कि कोविड-ड्यूटी का "सीमित अर्थ" नहीं निकाला जा सकता है, जिससे इसे केवल उन लोगों तक ही सीमित कर दिया जाए, जिन्हें अस्पतालों में लोगों के इलाज के लिए विशेष रूप से ड्यूटी पर लगाया गया।इस तरह बेंच ने माना कि ज़रूरी सेवाओं से जुड़े कर्मचारी, जैसे कि बिजली विभाग के कर्मचारी जिन्होंने अस्पतालों और ऑक्सीजन प्लांट को बिना रुकावट बिजली सप्लाई सुनिश्चित की, उन्हें "कोविड वॉरियर" माना जाना चाहिए।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने यह बात तब...
ऑनलाइन पोर्टल पर ICU बेड खाली होने के बावजूद मरीज़ को नहीं मिला बेड: दिल्ली हाईकोर्ट ने 38 सरकारी अस्पतालों का ऑडिट करने का आदेश दिया
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के उन 38 अस्पतालों का अचानक ऑडिट करने का आदेश दिया, जहां NextGen e-Hospital Management Information System (HMIS) लागू किया गया। यह आदेश तब दिया गया जब ऑनलाइन पोर्टल पर ICU बेड खाली होने के बावजूद एक मरीज़ को बेड देने से मना कर दिया गया। [2026 LiveLaw (Del) 631]HMIS एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे हेल्थकेयर से जुड़े कामों को डिजिटल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया। इसके साथ ही "दिल्ली ICU बेड सारथी" एप्लीकेशन भी है, जो दिल्ली के अस्पतालों में इमरजेंसी ICU बेड की रियल-टाइम...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्रायल खत्म होने से पहले ही बरी करने का फ़ैसला तैयार करने के आरोपी जज को राहत देने से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सिविल जज के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई को रद्द करने से इनकार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने अक्टूबर 2020 में ही आरोपी को बरी करने का फ़ैसला तैयार कर लिया था, जबकि ट्रायल अभी चल ही रहा था। [2026 LiveLaw (MP) 255]आरोप है कि जज ने यह फ़ैसला आरोपी संतोष वर्मा को अनुचित लाभ पहुंचाने की साज़िश के तहत तैयार किया था। संतोष वर्मा का IAS अवार्ड एक आपराधिक केस के लंबित होने के कारण रुका हुआ था।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीज़न बेंच ने कहा कि अनुशासनात्मक अथॉरिटी...
शरिया कानून के तहत बालिग़ होने पर शादी की इजाज़त POCSO का उल्लंघन, बाल विवाह पर रोक सभी धर्मों पर लागू होती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि शरिया/मुस्लिम पर्सनल लॉ, जो लड़की की शादी के लिए बालिग़ होने (puberty) की उम्र को सही मानता है, वह 'बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006' (PCMA) और 'POCSO Act' के साफ़ तौर पर खिलाफ़ है।जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने यह भी कहा कि देश के हर नागरिक के लिए शादी की उम्र एक ही है, चाहे उनका धर्म कोई भी हो, जैसा कि PCMA में बताया गया।ये बातें 19 लोगों की एक रिट याचिका खारिज करते हुए कही गईं। इन लोगों ने अपने खिलाफ़ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की थी। FIR में उन पर...
S.14 HMA | शादी के एक साल के अंदर दायर तलाक के 'समय से पहले' केस के गुण-दोष पर फैमिली कोर्ट चर्चा नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि अगर तलाक का केस समय से पहले दायर किया गया - यानी शादी के 1 साल के अंदर, जो हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 14 के तहत मना है - तो फैमिली कोर्ट मामले के गुण-दोष पर फैसला नहीं कर सकता। वह या तो शिकायत (plaint) वापस कर सकता है या केस खारिज कर सकता है। साथ ही पार्टियों को नया केस दायर करने का अधिकार भी दे सकता है। [2026 LiveLaw (Guj) 190]पति ने फैमिली कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसमें समय-सीमा (limitation) के शुरुआती आधार पर हिंदू मैरिज एक्ट की धारा...
पुरानी दुश्मनी मात्र से अभियोजन का मामला खारिज नहीं किया जा सकता, वही घटना का कारण भी हो सकती है: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा है कि पक्षों के बीच पूर्व से चली आ रही दुश्मनी (Prior Enmity) मात्र इस आधार पर अभियोजन के मामले को अविश्वसनीय नहीं बनाया जा सकता। यदि वही दुश्मनी घटना के पीछे एक संभावित कारण (Motive) भी प्रस्तुत करती है, तो केवल इसी आधार पर अभियोजन के साक्ष्यों को खारिज नहीं किया जा सकता।जस्टिस पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 सहपठित धारा 34 के तहत दोषी ठहराया गया था। हालांकि, अदालत ने मामले के तथ्यों और...
कोर्ट कार्यवाही के अनधिकृत वीडियो की पहले से पहचान कर हटाने के लिए बाध्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट में Google और Meta
गूगल LLC और मेटा प्लेटफॉर्म्स ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे अदालत की कार्यवाही के कथित अनधिकृत वीडियो की पहले से पहचान (Proactive Identification), निगरानी और हटाने के लिए बाध्य नहीं हैं। दोनों कंपनियों ने कहा कि वे केवल मध्यस्थ (Intermediaries) हैं और उपयोगकर्ताओं द्वारा अपलोड किए गए प्रत्येक कंटेंट की वैधता का स्वतः आकलन करना उनके लिए संभव नहीं है।यह जवाब वैभव सिंह द्वारा दायर याचिका में दाखिल किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अरविंद केजरीवाल और आम...
नोटरीकृत समझौते से न तो हिंदू विवाह वैध होता है, न तलाक: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिंदू विवाह को न तो केवल नोटरीकृत समझौते के आधार पर संपन्न माना जा सकता है और न ही ऐसे समझौते के जरिए वैध रूप से समाप्त किया जा सकता है।अदालत ने कहा कि हिंदू कानून के तहत विवाह कोई अनुबंध नहीं है, इसलिए केवल नोटरीकृत विवाह समझौते से वैध विवाह नहीं माना जाएगा।यह टिप्पणी जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान की।पूरा मामलामामला सुमन बाई से जुड़ा था जो जनजातीय एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में चौकीदार के पद...
दिल्ली दंगा बड़ी साजिश मामला: अतहर खान को जमानत देने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित बड़ी साजिश मामले में आरोपी अतहर खान की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज की।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें आतहर खान को जमानत देने से इनकार किया गया था।अदालत ने कहा कि संरक्षित गवाहों के बयानों को देखते हुए यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो उसके फरार होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।इससे पहले मई में फैसला सुरक्षित रखते समय हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा था...
दिल्ली हाईकोर्ट का केंद्र के आदेश पर रोक, 'कॉकरोच जनता पार्टी' का 'एक्स' अकाउंट बहाल करने के निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के 'X' (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को बहाल करने का आदेश दिया।अदालत ने केंद्र सरकार के अकाउंट को अवरुद्ध करने के आदेश को निरस्त करते हुए खाते को फिर से चालू करने के निर्देश दिए।यह आदेश जस्टिस स्वरणा कांता शर्मा की पीठ ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके की याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया।सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार की मुख्य चिंता यह थी कि नीट परीक्षा के दौरान संबंधित खाते से किए गए...
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामला: गुजरात हाईकोर्ट ने 38 दोषियों की फांसी और 11 की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी
गुजरात हाईकोर्ट ने वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में विशेष अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए 38 दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा और 11 दोषियों को दी गई आजीवन कारावास की सजा को कायम रखा है।इस श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए।इससे पहले वर्ष 2022 में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा की पुष्टि करने का अनुरोध किया गया।विशेष अदालत ने वर्ष 2022 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम)...




















