हाईकोर्ट

NCR के पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे ज़रूरी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिटेलर्स पर खर्च का बोझ डालने के राज्य सरकार के अधिकार पर सवाल उठाए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते सवाल उठाया कि क्या नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में पेट्रोल और डीज़ल रिटेल आउटलेट मालिकों को 'एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन' (CAQM) के निर्देशों के तहत राज्य सरकार के आदेश के अनुसार 'ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन' (ANPR) कैमरे लगाने का खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जा सकता है।जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की बेंच ने कहा कि 'गंभीर' मुद्दा यह है कि क्या राज्य सरकार का 4 जून, 2026 का पत्र, जिसमें पेट्रोल और डीज़ल रिटेल आउटलेट्स को 30 सितंबर, 2026 तक ANPR...

सिंहस्थ कुंभ से पहले सड़क चौड़ीकरण: MP हाईकोर्ट ने नगर निगम अधिनियम की धारा 305 को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
सिंहस्थ कुंभ से पहले उज्जैन में चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान के बीच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1956 की धारा 305 की संवैधानिक वैधता (vires) को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की डिवीजन बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही Ravindra Ramchandra Waghmare v. Indore Municipal Corporation मामले में धारा 305 को बरकरार रख चुका है। हालांकि, मौजूदा मामले के तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने...

सबूत पेश करने का काम पूरा होने के बाद बचाव पक्ष को बेहतर बनाने या फिर से तैयार करने के लिए गवाह को वापस बुलाने की शक्ति का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि BNSS की धारा 348 (पहले CrPC की धारा 311) के तहत गवाहों को वापस बुलाने और सबूत मांगने की शक्ति भले ही व्यापक हो, लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ़ इसलिए नहीं किया जा सकता कि कोई आरोपी अपने सबूत पेश करने का काम पूरा होने के बाद अपना बचाव पक्ष मज़बूत करना चाहता है।चेक बाउंस होने के मामले में आरोपी की याचिका खारिज करते हुए जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा कि इस शक्ति का इस्तेमाल तब किया जाना चाहिए जब मामले के सही फ़ैसले के लिए ज़रूरी सबूत की मांग की गई हो, "न कि सिर्फ़ इसलिए कि...

निर्माण श्रमिकों के लिए जमा ₹3,000 करोड़ का सेस अब तक अप्रयुक्त, दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगा एक्शन प्लान
निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए एकत्र किए गए करीब ₹3,000 करोड़ के सेस के अब तक इस्तेमाल नहीं होने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार के श्रम विभाग और संबंधित कल्याण बोर्ड से जवाब मांगा है।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने अधिकारियों से पूछा कि क्या इस राशि का इस्तेमाल कर निर्माण एवं अन्य श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कोई एक्शन प्लान तैयार किया गया है।कोर्ट के समक्ष दलील दी गई कि सेस के रूप में बड़ी राशि जमा होने के...

पति की सहमति के बिना भी मुस्लिम पत्नी ले सकती है 'खुला': केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मुस्लिम पत्नी द्वारा विवाह-विच्छेद के लिए 'खुला (Khula)' का सहारा लेने पर पति की सहमति या स्वीकृति आवश्यक नहीं है। कोर्ट ने कहा कि खुला मुस्लिम पत्नी को प्राप्त विवाह-विच्छेद का स्वतंत्र अधिकार है और इसकी वैधता पति की सहमति पर निर्भर नहीं करती।जस्टिस जे. निशा बानू और जस्टिस शोबा अन्नम्मा ईपेन की डिवीजन बेंच ने कहा कि 'खुला' पत्नी को उसी प्रकार प्राप्त तलाक का अधिकार है, जिस प्रकार 'तलाक' पति को प्राप्त है।कोर्ट ने कहा, “खुला की वैधता पति की स्वीकृति या सहमति पर...

'काला हिरण' फ़िल्म के प्रोड्यूसर ने सलमान खान के केस पर रोक लगाने की मांग की, कहा - विवाद पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा है
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रस्तावित फ़िल्म "काला हिरण: द बैटल फ़ॉर लिगेसी" के मेकर्स की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में बॉलीवुड एक्टर सलमान खान द्वारा फ़िल्म की रिलीज़ के ख़िलाफ़ दायर केस पर रोक लगाने की मांग की गई।जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने उस एक्टर से जवाब मांगा है जो फ़िल्म की रिलीज़ पर रोक लगवाना चाहते हैं।बताया जा रहा है कि यह प्रस्तावित फ़िल्म खान के 1998 के काले हिरण (ब्लैकबक) के शिकार मामले से प्रेरित है।प्रोड्यूसर ने अर्ज़ी दायर कर तर्क दिया कि खान द्वारा पहले दायर किए गए...

सोशल मीडिया पर यूनिवर्सिटी में कथित गड़बड़ियों के बारे में किया पोस्ट: पटना हाईकोर्ट ने स्टूडेंट का अनिश्चितकालीन निष्कासन रद्द किया
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि यूनिवर्सिटी किसी स्टूडेंट को जांच रिपोर्ट दिए बिना और प्रस्तावित सज़ा पर जवाब देने का खास मौका दिए बिना उसे अनिश्चित काल के लिए निष्कासित नहीं कर सकती। कोर्ट ने माना कि ऐसी कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।जस्टिस हरीश कुमार की सिंगल जज बेंच ने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी, पूर्वी चंपारण के मीडिया स्टडीज़ विभाग के पहले सेमेस्टर के पोस्ट-ग्रेजुएट स्टूडेंट की याचिका पर सुनवाई की। छात्र ने यूनिवर्सिटी से अपने सस्पेंशन और उसके बाद हुए निष्कासन को...

मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला का 2 साल से ज़्यादा समय तक पता नहीं लगा पाई UP Police, हाईकोर्ट ने CBI को जांच सौंपी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 42 साल की एक महिला के लापता होने की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप दी, क्योंकि उत्तर प्रदेश पुलिस दो साल से ज़्यादा समय तक उसका पता नहीं लगा पाई।जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने यह निर्देश तब दिया, जब उन्होंने पाया कि पुलिसकर्मियों की तमाम कोशिशों के बावजूद, सुदामा देवी नाम की उस महिला का पता नहीं चल सका और न ही उसे बरामद किया जा सका।कोर्ट ने गौर किया कि महिला 8 सितंबर, 2024 से लापता है और पुलिस ने 9 सितंबर, 2024 को महाराजगंज ज़िले के पुरंदरपुर पुलिस स्टेशन...

अगर शोर से जुड़े नियमों का पालन किया जाए तो सहारनपुर मस्जिद में 5 बार अज़ान में दखल न दें: इलाहाबाद हाईकोर्ट का पुलिस को निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर पुलिस और ज़िला प्रशासन को निर्देश दिया कि वे शहर की आयशा मस्जिद में याचिकाकर्ताओं के पांच बार अज़ान पढ़ने के अधिकार में दखल न दें। यह निर्देश इस शर्त पर दिया गया कि वे 'ध्वनि प्रदूषण (नियमन और नियंत्रण) नियम, 2000' और अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर हाईकोर्ट के 2020 के फ़ैसले का सख्ती से पालन करेंगे।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत शहनवाज़ खान और पांच अन्य लोगों की याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश जारी...

न्यूज़ वीडियो की पूरी तरह से नकल करना 'फेयर डीलिंग' नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने RSY न्यूज़ के खिलाफ कॉपीराइट मामले में ANI को राहत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि मौजूदा घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए कॉपीराइट वाले न्यूज़ वीडियो की पूरी तरह से नकल करना 'फेयर डीलिंग' नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने RSY न्यूज़ के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में न्यूज़ एजेंसी एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल (ANI) के पक्ष में फैसला सुनाया।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने ANI मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में समरी जजमेंट (संक्षिप्त फैसला) सुनाया। यह मामला RSY न्यूज़ द्वारा चार YouTube चैनलों पर न्यूज़ एजेंसी के वीडियो कंटेंट की बिना इजाज़त नकल करने से जुड़ा...

'अगर नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं तो SIR का क्या मकसद?' ECI से बॉम्बे हाईकोर्ट का सवाल
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने सोमवार (5 अक्टूबर) को उस तरीके पर सवाल उठाए, जिससे चुनाव अधिकारी चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के तहत नागरिकों के नाम हटा रहे हैं।भारत के चुनाव आयोग (ECI) को सुप्रीम कोर्ट की उन बातों की याद दिलाते हुए कि आयोग की यह ज़िम्मेदारी है कि वह पक्का करे कि सभी भारतीय नागरिक फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल हों, जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जामसांडेकर की डिवीजन बेंच ने ECI से कहा:"फैसला पढ़िए, उसमें कहा गया कि ECI की यह ज़िम्मेदारी है कि वह पक्का करे कि सभी...

जब शादी का रिश्ता काफ़ी हद तक टूट चुका हो तो उसे सिर्फ़ कानूनी तौर पर बचाए रखने से शादी की पवित्रता बनी नहीं रहती: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा कि जब पति-पत्नी के बीच वैवाहिक रिश्ता काफ़ी हद तक टूट चुका हो तो शादी को सिर्फ़ कानूनी रूप से बचाए रखना बेमतलब है और इससे शादी की पवित्रता भी बनी नहीं रहती। [2026 LiveLaw (Ori) 115]एक जोड़े को तलाक देने के फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए चीफ जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस चित्तरंजन डैश की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की,“निस्संदेह शादी की एक पवित्रता होती है, जिसे कोर्ट को आम तौर पर बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन जब रिश्ते की मुख्य नींव ही काफ़ी हद तक टूट चुकी हो, तो...

दिल्ली दंगों की जांच में सीनियर पुलिस अधिकारियों के समझौते का कोई ठोस सबूत नहीं: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने या विशेष जांच दल (SIT) गठित करने से इनकार करते हुए कहा कि ऐसा कोई ठोस और विशिष्ट मटेरियल रिकॉर्ड पर नहीं है, जिससे यह साबित हो कि किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी या निगरानी स्तर के अधिकारी ने जांच से समझौता किया, उसे प्रभावित किया या उसमें हस्तक्षेप किया।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की डिवीजन बेंच ने कहा कि दंगों के दौरान तैनात कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कदाचार के आरोप लगाए गए, लेकिन ऐसा कोई विशिष्ट...

महाराष्ट्र में SIR के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने पर रोक से बॉम्बे हाईकोर्ट का इनकार, कहा- सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान किसी भी नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाने पर रोक लगाने का मौखिक अनुरोध सोमवार को खारिज किया। हाईकोर्ट ने कहा कि SIR से जुड़े मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहले से विचार कर रहा है और न्यायिक मर्यादा का पालन करते हुए हाईकोर्ट समानांतर कार्यवाही नहीं करेगा।चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले साल नवंबर में सभी हाईकोर्ट को SIR की वैधता या इस प्रक्रिया...

दिल्ली दंगों में नेताओं के कथित भड़काऊ भाषणों पर FIR की मांग में राजनीतिक चयनात्मकता: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान कथित भड़काऊ भाषणों को लेकर विभिन्न नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि इनमें राजनीतिक चयनात्मकता” का तत्व दिखाई देता है।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने कुछ खास व्यक्तियों और कुछ विशेष भाषणों को कार्रवाई के लिए निशाना बनाया, जबकि उसके समक्ष ऐसा कोई असाधारण आधार नहीं है, जिसके चलते आपराधिक मामले दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी...

बच्चों के अधिकार और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का हिंदी ई-बुकलेट जारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी ऐतिहासिक निर्णय ई-बुकलेट श्रृंखला का छठा संस्करण जारी किया। इसमें बच्चों के अधिकार और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन अलायंस बनाम एस. हरिश का हिंदी अनुवाद शामिल किया गया।यह ई-बुकलेट 30 सितंबर 2026 को AI आधारित कानूनी अनुवाद सलाहकार, E-AHCR और ILR समिति द्वारा जारी किया गया। ई-बुकलेट में शामिल सुप्रीम कोर्ट का फैसला 23 सितंबर 2024 का है, जो आपराधिक अपील संख्या 2161-2162/2024 में सुनाया गया। इस फैसले में बच्चों से संबंधित...

जामिया हिंसा: शांतिपूर्ण प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए कैंपस में नहीं घुसी थी पुलिस, हिंसा बढ़ने पर किया हस्तक्षेप: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिसंबर 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा से जुड़ी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए शुरुआत में नहीं घुसी थी। पुलिस का परिसर में प्रवेश उस समय हुआ, जब विश्वविद्यालय के बाहर हालात बिगड़ चुके थे और प्रदर्शनकारी कैंपस के भीतर चले आए थे। हालांकि कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई के तरीके में कुछ कमियों की ओर भी इशारा किया और कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने विश्वविद्यालय की...

आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए MCD -NDMC के कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण, लखनऊ नगर निगम लगाएगा शिविर: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद को राजधानी में पशु चिकित्सा, सहायक पशु चिकित्सा सेवाओं और आवारा कुत्तों को पकड़ने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि इसके लिए लखनऊ नगर निगम के साथ समन्वय किया जाए और जल्द से जल्द शिविर आयोजित किया जाए। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस अदिति चौधरी की खंडपीठ ने कहा,“NDMC और MCD को लखनऊ नगर निगम के साथ समन्वय कर उपरोक्त उद्देश्यों के लिए प्रशिक्षण शिविर जल्द से जल्द आयोजित करने...

ट्रायल शुरू होने से पहले PMLA मामले में आगे की जांच के लिए ED को कोर्ट की अनुमति जरूरी नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल किए जाने के बाद भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) आगे की जांच कर सकता है। इसके लिए ट्रायल कोर्ट की पूर्व अनुमति जरूरी नहीं है, बशर्ते मुकदमा अभी शुरू न हुआ हो।जस्टिस कृष्ण राव ने महेश कुमार केजरीवाल की ओर से दायर याचिका खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिका में केजरीवाल और उनकी पत्नी को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 50 के तहत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी नोटिस को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता ने ईडी को आगे की जांच करने...

60 साल की उम्र में रिटायरमेंट का विकल्प न चुनने पर मदरसा शिक्षिका की ग्रेच्युटी नहीं रोकी जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी मदरसा शिक्षिका को केवल इस आधार पर ग्रेच्युटी से वंचित नहीं किया जा सकता कि उसने 60 वर्ष की उम्र में रिटायर होने का विकल्प नहीं चुना और 62 वर्ष की उम्र तक सेवा जारी रखी। कोर्ट ने कहा कि जब संबंधित अधिकारियों ने शिक्षिका को निर्धारित आयु के बाद भी सेवा जारी रखने की अनुमति दी तो उसी अवधि तक सेवा करने को ग्रेच्युटी रोकने का आधार नहीं बनाया जा सकता।जस्टिस इरशाद अली ने कहा,“जिस परिस्थिति को ग्रेच्युटी से वंचित करने का आधार बनाया गया वही परिस्थिति वास्तव में याचिकाकर्ता...
