हाईकोर्ट

जमानत अर्जी पर फैसला देने के बाद कोर्ट पुलिसवालों के खिलाफ जांच का आदेश नहीं दे सकता, न ही उसकी निगरानी कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
जमानत अर्जी पर फैसला देने के बाद कोर्ट पुलिसवालों के खिलाफ जांच का आदेश नहीं दे सकता, न ही उसकी निगरानी कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार जब ट्रायल कोर्ट बेल अर्जी पर फैसला दे देता है तो उसका काम खत्म हो जाता है (Functus Officio) और वह जांच में कथित देरी को लेकर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच का निर्देश देकर या उनके खिलाफ कड़ी टिप्पणियां करके मामले की निगरानी जारी नहीं रख सकता।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह टिप्पणी पुलिस इंस्पेक्टर और अन्य पुलिस अधिकारी द्वारा दायर याचिकाओं को स्वीकार करते हुए की। इन याचिकाओं में एक POCSO मामले में एडिशनल सेशंस जज (ASJ) द्वारा जारी निर्देशों को चुनौती दी गई।यह...

झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: हाईकोर्ट में लॉ क्लर्क बनने से वकालत नामांकन का अधिकार खत्म नहीं होता
झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: हाईकोर्ट में लॉ क्लर्क बनने से वकालत नामांकन का अधिकार खत्म नहीं होता

झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि हाईकोर्ट में लॉ रिसर्चर या रिसर्च एसोसिएट के रूप में कार्यरत लॉ ग्रेजुएट को वकील के रूप में नामांकन से वंचित नहीं किया जा सकता।हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी नियुक्ति के दौरान उसका वकालत लाइसेंस निलंबित माना जाएगा। जस्टिस आनंद सेन की एकलपीठ ऋचा प्रिया की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में झारखंड राज्य बार काउंसिल को निर्देश देने की मांग की गई कि उसे उसी तारीख से एडवोकेट के रूप में नामांकित किया जाए, जिस दिन उसके साथ आवेदन करने...

अनुकंपा नियुक्ति सार्वजनिक रोज़गार का वैकल्पिक तरीका नहीं बन सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
अनुकंपा नियुक्ति सार्वजनिक रोज़गार का वैकल्पिक तरीका नहीं बन सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिर दोहराया कि अनुकंपा नियुक्ति को सार्वजनिक रोज़गार के वैकल्पिक तरीके या किसी मृत कर्मचारी के परिवार के लंबे समय तक चलने वाले आर्थिक पुनर्वास के साधन के तौर पर नहीं देखा जा सकता।जस्टिस शैल जैन ने यह टिप्पणी BSES यमुना पावर लिमिटेड की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए की। इस याचिका में कंपनी ने इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल के उस फ़ैसले को चुनौती दी थी, जिसमें कंपनी को एक मृत कर्मचारी के बेटे को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने पर विचार करने का निर्देश दिया गया।कोर्ट ने ट्रिब्यूनल के 2014 का...

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से खतरे का दावा; पटना हाईकोर्ट ने पप्पू यादव की Y+ सुरक्षा बहाल की
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से खतरे का दावा; पटना हाईकोर्ट ने पप्पू यादव की 'Y+' सुरक्षा बहाल की

पटना हाईकोर्ट ने पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की सुरक्षा 'Y+' से घटाकर 'Y' करने के बिहार सरकार के फैसले को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि यह निर्णय मनमाना था और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए बिना लिया गया।जस्टिस जितेंद्र कुमार की पीठ ने कहा कि सुरक्षा कम करने से पहले न तो पप्पू यादव से कोई इनपुट लिया गया और न ही आदेश उन्हें बताया गया। कोर्ट ने पाया कि सरकार के पास ऐसा कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं था जिससे साबित हो कि उन्हें मिलने वाला खतरा कम हो गया था।पप्पू यादव ने लॉरेंस...

3 साल की प्रैक्टिस अनिवार्यता से छूट नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने न्यायिक कर्मचारियों को सिविल जज परीक्षा में बैठने की अनुमति पर रोक लगाई
3 साल की प्रैक्टिस अनिवार्यता से छूट नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने न्यायिक कर्मचारियों को सिविल जज परीक्षा में बैठने की अनुमति पर रोक लगाई

कर्नाटक हाईकोर्ट ने उस अंतरिम आदेश पर रोक लगाई, जिसमें न्यायिक सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को तीन वर्ष की अनिवार्य वकालत की शर्त पूरी किए बिना सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।जस्टिस सचिन शंकर मगदुम और जस्टिस राजेश राय के की खंडपीठ ने 7 मई को यह अंतरिम रोक लगाई। बाद में जस्टिस एच. पी. संदेश और जस्टिस पी. श्री सुधा की अवकाशकालीन पीठ ने 12 मई को इस रोक को हटाने से इनकार किया।खंडपीठ ने कहा कि भर्ती नियमों में किया गया संशोधन सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के...

ट्विशा शर्मा दहेज मृत्यु मामला: सास को मिली अग्रिम जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचे मृतका के पिता
ट्विशा शर्मा दहेज मृत्यु मामला: सास को मिली अग्रिम जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचे मृतका के पिता

ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े दहेज उत्पीड़न मामले में उसके पिता नवनीधि शर्मा ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मृतका की सास गिरीबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती दी।33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के तहत दहेज मृत्यु, धारा 85 के तहत क्रूरता और धारा 3(5) के तहत समान आशय के आरोपों में FIR दर्ज की गई। इसके अलावा दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं 3 और 4 के तहत भी मामला दर्ज किया गया।ट्विशा के...

ट्विशा शर्मा दहेज मृत्यु मामला: आरोपी वकील-पति समार्थ सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए किया मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख
ट्विशा शर्मा दहेज मृत्यु मामला: आरोपी वकील-पति समार्थ सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए किया मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख

ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े दहेज उत्पीड़न मामले में आरोपी वकील समार्थ सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। समार्थ सिंह के खिलाफ पत्नी को प्रताड़ित करने और दहेज उत्पीड़न के आरोपों में FIR दर्ज की गई।यह याचिका ऐसे समय दायर की गई जब भोपाल की सेशन कोर्ट ने सोमवार को उनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की थी। अदालत ने कहा था कि FIR और व्हाट्सऐप चैट्स के अवलोकन से प्रथम दृष्टया मुख्य आरोप समार्थ सिंह के खिलाफ दिखाई देते हैं।हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार,...

जुर्माना न भरने पर जेल की सज़ा, बकाया रकम के अनुपात में होनी चाहिए: NI Act मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
जुर्माना न भरने पर जेल की सज़ा, बकाया रकम के अनुपात में होनी चाहिए: NI Act मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में दोषी की सज़ा घटाकर उतनी की, जितनी वह पहले ही काट चुका है, जबकि शिकायतकर्ता को दी जाने वाली मुआवज़े की रकम बढ़ा दी। कोर्ट ने इस सिद्धांत पर ज़ोर दिया कि जब पैसे के बकाया का भुगतान न करने पर जेल की सज़ा दी जाती है तो "आज़ादी की कीमत भी अनुपात में होनी चाहिए।"जस्टिस अनूप चितकारा ने कहा,"आपराधिक न्यायशास्त्र में एक मुख्य सैद्धांतिक चिंता के तौर पर जो मूल सिद्धांत उभरा है, वह यह है कि जुर्माना/मुआवज़े की रकम न भरने के कारण जेल में बंद होने से अपनी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन अधिनियम के तहत शिकायत में रिलायंस बायो एनर्जी को दी अंतरिम राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन अधिनियम के तहत शिकायत में रिलायंस बायो एनर्जी को दी अंतरिम राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021' के तहत दायर एक शिकायत मामले में रिलायंस बायो एनर्जी को अंतरिम राहत दी।रिलायंस बायो एनर्जी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है, जो कृषि अपशिष्ट (पराली) का उपयोग करके पूरे भारत में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया में है।एक फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा निरीक्षण किए जाने के बाद रामपुर, जिला-हापुड़ के चिताउली गांव में स्थित एक यूनिट के संबंध में अधिनियम की धारा...

देश का पेट भरने वाले किसान को आपदा में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता: पटना हाईकोर्ट
देश का पेट भरने वाले किसान को आपदा में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से फसल बर्बाद होने वाले किसानों को केवल प्रक्रियात्मक कारणों के आधार पर मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता।अदालत ने टिप्पणी की कि देश का पेट भरने वाले किसान को संकट के समय अपने हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता। चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस हरीश कुमार की खंडपीठ फसल क्षति से जुड़े मुआवजे के मामले पर सुनवाई कर रही थी।सुनवाई के दौरान बिहार कृषि विभाग के निदेशक, मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी और साहेबगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी वीडियो...

राजनीतिक आलोचना पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने राघव चड्ढा की याचिका पर सुरक्षित रखा फैसला
राजनीतिक आलोचना पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने राघव चड्ढा की याचिका पर सुरक्षित रखा फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद राघव चड्ढा की उस याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने की मांग की थी।चड्ढा का आरोप है कि कुछ पोस्टों में यह दिखाने की कोशिश की गई कि उन्होंने पैसों के लिए खुद को बेच दिया। जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद ने सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का नहीं बल्कि एक राजनीतिक निर्णय की आलोचना का प्रतीत होता है।अदालत ने कहा,“दूसरे मामलों से अलग यहां...

पुस्तकालयाध्यक्षों के खाली पद शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर संकट: पटना हाईकोर्ट
पुस्तकालयाध्यक्षों के खाली पद शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर संकट: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने बिहार के विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरियन, डिप्टी लाइब्रेरियन और असिस्टेंट लाइब्रेरियन के बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों पर गंभीर चिंता जताई है।अदालत ने कहा कि पुस्तकालयाध्यक्षों की अनुपस्थिति से विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और पुस्तकालयों का संचालन लगभग ठप हो चुका है। चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस हरीश कुमार की खंडपीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही थी।अदालत ने शुरुआत में ही कहा कि पुस्तकालय किसी भी शैक्षणिक संस्थान का जीवंत और केंद्रीय...

द्वितीय अपील में हाईकोर्ट तीसरी तथ्य जांच अदालत नहीं बन सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
द्वितीय अपील में हाईकोर्ट 'तीसरी तथ्य जांच अदालत' नहीं बन सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि दीवानी प्रक्रिया संहिता की धारा 100 के तहत द्वितीय अपील की सुनवाई करते समय हाइकोर्ट तथ्यों की तीसरी अदालत की तरह काम नहीं कर सकता। केवल इस आधार पर कि रिकॉर्ड से कोई दूसरा दृष्टिकोण संभव है, अदालत दोबारा साक्ष्यों का मूल्यांकन या तथ्यों की नई जांच नहीं कर सकती।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने कहा कि निचली अदालतों द्वारा दिए गए तथ्यात्मक निष्कर्षों को सही मानने की कानूनी मान्यता होती है। इनमें हस्तक्षेप केवल तभी किया जा सकता है जब वे स्पष्ट रूप से मनमाने, कानून के विपरीत या...

“कोई खुद को भगवान न बताए” बयान पर FIR; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतम खट्टर को दी राहत
“कोई खुद को भगवान न बताए” बयान पर FIR; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतम खट्टर को दी राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूट्यूबर गौतम खट्टर को राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा को 14 जुलाई तक बढ़ा दिया है। गौतम खट्टर पर 'श्री करौली शंकर महादेव बाबा' उर्फ 'करौली सरकार' के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। अब मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।दरअसल, गौतम खट्टर ने कानपुर निवासी...

लंबित आपराधिक मामले के आरोपों के आधार पर मुआवजा नहीं दिया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
लंबित आपराधिक मामले के आरोपों के आधार पर मुआवजा नहीं दिया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि जब क्रूरता और उत्पीड़न के आरोप किसी अलग आपराधिक मामले में विचाराधीन हों तब घरेलू हिंसा अधिनियम (DV Act) के तहत सुनवाई कर रही अदालत उन विवादित आरोपों के आधार पर मुआवजा नहीं दे सकती।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए निचली अदालतों द्वारा पत्नी को मानसिक प्रताड़ना के आरोपों पर दिए गए 2 लाख रुपये के मुआवजे के आदेश को रद्द कर दिया।अदालत ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत अदालत का अधिकार क्षेत्र राहत और संरक्षण देने तक सीमित है। इसे आपराधिक मुकदमे...

बहू को स्थायी वैकल्पिक आवास का अधिकार नहीं, कानून केवल साझा घर में रहने का हक देता है: दिल्ली हाईकोर्ट
बहू को स्थायी वैकल्पिक आवास का अधिकार नहीं, कानून केवल साझा घर में रहने का हक देता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 और माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम, 2007 में बहू को स्थायी वैकल्पिक आवास देने का कोई प्रावधान नहीं है। कानून केवल साझा घर में रहने के अधिकार को मान्यता देता है।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने यह टिप्पणी एक बुजुर्ग दंपति की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। 76 और 73 वर्षीय दंपति ने उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें अपीलीय प्राधिकारी ने उन्हें अपनी बहू और पोते-पोतियों के लिए स्थायी वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने का...