हाईकोर्ट

गिरफ्तारी के आधार न बताने की चुनौती धारा 167 के चरण तक ही, आरोप तय होने के बाद नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तारी के आधार की जानकारी नहीं दिए जाने से जुड़ी प्रारंभिक गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती केवल दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 167 के तहत चलने वाले चरण के दौरान ही दी जा सकती है। आरोप तय होने और मुकदमे की कार्यवाही शुरू हो जाने के बाद इस आधार पर प्रारंभिक गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती नहीं दी जा सकती।जस्टिस मनीष माथुर ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें ऐसे आरोपी की औपचारिक गिरफ्तारी और उसके बाद दिए गए रिमांड...

बुजुर्ग पुरुष परिजन पारिवारिक मुकदमे के लिए छोटी उम्र की महिला सदस्य पर निर्भर हो सकते हैं, ऐसी धारणा लैंगिक पूर्वाग्रहपूर्ण: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि परिवार के बुजुर्ग पुरुष सदस्य पारिवारिक मुकदमे में जरूरी कानूनी कदम उठाने के लिए परिवार की अपेक्षाकृत कम उम्र की महिला सदस्य पर निर्भर हो सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि इसके विपरीत कोई भी धारणा स्वाभाविक रूप से लैंगिक पूर्वाग्रह से ग्रस्त और “विशिष्ट रूप से स्त्री-विरोधी” होगी।जस्टिस अनुराधा शुक्ला ने मामले में प्रथम अपीलीय अदालत के उस तर्क को खारिज किया, जिसमें यह माना गया कि चूंकि अन्य अपीलकर्ता मोहर बाई से उम्र में बड़े हैं, इसलिए यह नहीं माना जा सकता कि मुकदमे की...

तेलंगाना में SIR प्रक्रिया पर सवाल, बिना नोटिस मतदाता का नाम हटाने पर हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

तेलंगाना हाईकोर्ट ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता का नाम बिना नोटिस दिए मतदाता सूची से हटाए जाने के मामले में चुनाव आयोग से जवाब मांगा। कोर्ट ने यह भी पूछा कि दूसरे याचिकाकर्ता को जारी नोटिस का जवाब देने के बाद उसके मामले में क्या कार्रवाई की गई।जस्टिस पी. सैम कोशी और जस्टिस नरसिंह राव नंदिकोंडा की खंडपीठ उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें मतदाताओं के गणना प्रपत्रों में कथित मामूली विसंगतियों के आधार पर उन्हें नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई।...

लखनऊ चिड़ियाघर में वन्यजीवों के भोजन की आपूर्ति के टेंडर को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- अंतिम फैसला चिड़ियाघर प्रबंधन का

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान में वन्यजीवों के लिए खाद्य सामग्री की आपूर्ति के टेंडर को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि टेंडर में सबसे योग्य बोलीदाता का चयन करते समय संबंधित संस्थान की वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अंतिम निर्णय संबंधित मालिक या प्राधिकरण को आवश्यक लचीलापन और व्यावहारिकता के साथ लेने का अधिकार है।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अब्धेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि जब किसी टेंडर को चुनौती दी जाती है तो अक्सर पूरा...

CBI को हाईकोर्ट का निर्देश: सीएम भगवंत मान के करीबी सहयोगी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया जाए

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिस से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने कहा,"पंजाब राज्य और पंजाब पुलिस निष्पक्ष जांच करने में CBI को पूरी मदद करेंगे।"कोर्ट वकील निखिल सराफ द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रहा है।यह बताया गया कि पंजाब पुलिस मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल...

बेटे की सर्जरी के लिए आरोपी माता-पिता को विदेश जाने की अनुमति, राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- बच्चे की देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती होना जरूरी नहीं

राजस्थान हाईकोर्ट ने आपराधिक मामले में आरोपी दंपती को अपने बेटे की सर्जरी के लिए चार महीने के लिए अमेरिका जाने की अनुमति दी। बेटे की सर्जरी अमेरिका में होनी है। हाईकोर्ट ने कहा कि बीमार बच्चे के साथ रहने और उसकी देखभाल करने के लिए उसका अस्पताल में भर्ती होना जरूरी शर्त नहीं हो सकती।जस्टिस फरजंद अली ने कहा कि माता-पिता की अपने बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर चिंता और भावनात्मक जुड़ाव को केवल इस आधार पर नहीं आंका जा सकता कि डॉक्टर की सलाह अस्पताल में भर्ती कराने की है या नहीं। अदालत ने कहा कि बच्चे की...

समझौते के बाद हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की FIR रद्द, चार आरोपियों को पर्यावरण संगठन को एक-एक लाख रुपये देने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने पक्षकारों के बीच आपसी समझौता होने के बाद हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में दर्ज FIR और उससे जुड़ी सभी आपराधिक कार्यवाही रद्द की। हालांकि, FIR रद्द करने की शर्त के तौर पर कोर्ट ने चारों आरोपियों को चिंतन एनवायरनमेंटल रिसर्च एंड एक्शन ग्रुप को 25-25 हजार रुपये देने का निर्देश दिया। यानी कुल एक लाख रुपये पर्यावरण संगठन को देने होंगे।जस्टिस अमित बंसल ने कहा कि शिकायतकर्ता को लगी चोट की प्रकृति सामान्य थी पक्षकारों ने स्वेच्छा से विवाद सुलझा लिया और समझौता...

दिल्ली दंगों और जामिया हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग खारिज, राजनेताओं के खिलाफ FIR से भी हाईकोर्ट का इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों और 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं को सोमवार को खारिज किया। अदालत ने कथित भड़काऊ भाषणों को लेकर कई राजनीतिक नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने और कथित तौर पर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी स्वीकार नहीं की।चीफ जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने मामले में फैसला सुनाते हुए कहा,“फैसलों में बताए गए कारणों के आधार पर दोनों याचिकाएं खारिज की जाती...

सहकारी समिति के चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक सिर्फ जिलाधिकारी बुला सकते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सहकारी समिति के चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलाने का अधिकार केवल जिलाधिकारी के पास है। उत्तर प्रदेश सहकारी समिति नियमावली, 1968 के नियम 465 के तहत जिलाधिकारी ही निर्धारित प्राधिकारी हैं और यह अधिकार किसी दूसरे अधिकारी को सौंपा या आगे हस्तांतरित नहीं किया जा सकता।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि यदि किसी अन्य अधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक की तारीख, समय और स्थान तय किया है तो वह कानूनन सक्षम प्राधिकारी के अधिकार...

नोटिस की तामील और 15 दिन की भुगतान अवधि पूरी होने से पहले चेक बाउंस की शिकायत दाखिल करना जल्दबाजी: हिमाचल हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 (NI Act) की धारा 138 के तहत चेक बाउंस की शिकायत तब तक दाखिल नहीं की जा सकती, जब तक चेक जारी करने वाले व्यक्ति को कानूनी नोटिस की तामील नहीं हो जाती और नोटिस मिलने के बाद भुगतान के लिए निर्धारित 15 दिन की अवधि समाप्त नहीं हो जाती। इससे पहले दाखिल की गई शिकायत समय से पहले मानी जाएगी और उसके आधार पर मजिस्ट्रेट अपराध का संज्ञान नहीं ले सकता।जस्टिस राकेश कैन्थला ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि शिकायत उस समय दाखिल की गई, जब नोटिस की...

कन्हैया लाल हत्याकांड: पांच आरोपियों को जमानत नहीं, राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- आतंक राष्ट्र की मनोवैज्ञानिक संप्रभुता पर करता है प्रहार

राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल की 2022 में हुई निर्मम हत्या के मामले में पांच आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया। चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने विशेष NIA अदालत के उन आदेशों को बरकरार रखा जिनमें आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की गईं।हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में पैदा किया गया आतंक केवल किसी व्यक्ति के शरीर पर हमला नहीं था बल्कि उसने देश की मनोवैज्ञानिक संप्रभुता पर प्रहार किया। अदालत के मुताबिक, अपराध का उद्देश्य महज हत्या करना नहीं था बल्कि...

हर पुलिस जिले में POCSO जांच के लिए अलग टीम बनाने के प्रस्ताव पर विचार करे दिल्ली पुलिस: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि राजधानी के प्रत्येक पुलिस जिले में POCSO मामलों की जांच के लिए अलग टीम गठित करने के प्रस्ताव पर उचित कदम उठाएं। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रस्ताव में दिए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में फैसला लिया जाए।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने POCSO Act के तहत दर्ज मामलों की जांच में देरी से जुड़ी जनहित याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया। याचिका में POCSO मामलों की जांच समयसीमा के भीतर पूरी नहीं...

जजों के बच्चों को सरकार या सरकारी एजेंसियों के वकील के तौर पर नियुक्त नहीं होना चाहिए: जस्टिस ओक

मौजूदा जजों के बच्चों की सरकारी वकील के तौर पर नियुक्ति को लेकर हालिया विवादों ने न्यायिक मर्यादा और हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ़ इंटरेस्ट) के मुद्दे को चर्चा में ला दिया। यह बात सामने आने पर सवाल उठे कि जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा के बेटे को भारत के चुनाव आयोग के वकील के तौर पर पैनल में शामिल किया गया; क्योंकि यह तथ्य तब सामने आया जब जज ने 'मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त अधिनियम' की वैधता से जुड़े मामलों और मुख्य चुनाव आयुक्त की बेटी मेधा रूपम से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर ली थी।इससे पहले,...

याचिका दायर करने के बाद याचिकाकर्ता के ठिकाने के लिए वकील ज़िम्मेदार नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की डिवीज़न बेंच ने कहा कि वकील रिट याचिका दायर करने के बाद याचिकाकर्ता के असल ठिकाने के लिए ज़िम्मेदार नहीं हो सकते। हालांकि, वकालतनामा स्वीकार करते समय उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए और मुवक्किल की असलियत के बारे में खुद को संतुष्ट करना चाहिए।पृष्ठभूमि की जानकारीअपीलकर्ता गुवाहाटी हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील है। वह एक मामले में पेश होने के लिए उनसे एक साथी वकील ने संपर्क किया। यह याचिका पूर्व डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़...

सिर्फ़ इसलिए ज़मानत अर्ज़ी को बार-बार टालना सही नहीं कि ट्रांसफर याचिका लंबित है और कोई स्टे नहीं मिला: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि अगर हाई कोर्ट ने कोई स्टे (रोक) नहीं दिया तो ट्रायल कोर्ट की यह ज़िम्मेदारी है कि वह लंबित ज़मानत अर्ज़ी पर फ़ैसला करे। वह सिर्फ़ इसलिए सुनवाई टालती नहीं रह सकती कि किसी संबंधित ट्रांसफर याचिका का नतीजा क्या होगा।भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत याचिका मंज़ूरी करते हुए जस्टिस रमेश कुमारी ने कहा कि किसी अंतरिम स्टे के अभाव में ट्रायल कोर्ट "ज़मानत अर्ज़ी पर फ़ैसला करने के लिए बाध्य है।" कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस रवैये की कड़ी आलोचना की,...

शिक्षा मित्र प्री-TET इन-सर्विस शिक्षकों के बराबर होने का अधिकार नहीं, उन्हें बाहर रखना अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि इन-सर्विस शिक्षकों (सेवा में पहले से मौजूद शिक्षकों) के लिए आयोजित 'स्पेशल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट' (Special TET) से शिक्षा मित्रों को बाहर रखना भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन नहीं है।कोर्ट ने कहा कि जब 'टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट' (TET) अनिवार्य किया गया, तब जो शिक्षक पहले से सेवा में थे, वे एक अलग श्रेणी (class) में आते हैं। 'स्पेशल TET' अंतरिम उपाय है, जो उस श्रेणी के शिक्षकों को वह योग्यता हासिल करने में मदद करता है, जो सेवा में आने के बाद उन पर लागू...

S. 16(1) UP Gangsters Act: अटैच की गई प्रॉपर्टी रिलीज़ करने की अर्ज़ी खारिज करने के बाद मामला कोर्ट भेजेगा डीएम: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ़ किया कि 'गैंगस्टर्स एक्ट' के तहत अटैच की गई प्रॉपर्टी को रिलीज़ करने की अर्ज़ी खारिज करने के बाद डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) को 'उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1986' की धारा 16(1) के तहत मामला सक्षम कोर्ट को भेजना होगा।जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की बेंच ने फ़िरोज़ाबाद के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का वह आदेश रद्द करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें अटैच की गई प्रॉपर्टी को रिलीज़ करने की अर्ज़ी खारिज की गई थी।कोर्ट ने गौर किया कि धारा...

Factory Blast | पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने धारूहेड़ा फैक्ट्री आग मामले में गैर-इरादतन हत्या के आरोप खारिज किए

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने धारूहेड़ा में 2024 में हुई फैक्ट्री आग की घटना, जिसमें कई मजदूरों की मौत हो गई थी, उसके आरोपी पर लगाए गए 'गैर-इरादतन हत्या' (जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) और 'गैर-इरादतन हत्या की कोशिश' के आरोपों को रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से प्रथम दृष्टया गंभीर अपराधों के लिए जरूरी इरादा या जानकारी का पता नहीं चलता।जस्टिस वीरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने नेशनल सेफ्टी काउंसिल की एक्सपर्ट रिपोर्ट और CCTV फुटेज पर विचार करने से इनकार करके गलती...

जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की इजाज़त न मिलने पर हाईकोर्ट पहुंची इंडियन यूथ कांग्रेस

इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त न मिलने के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की।यह याचिका IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दायर की। उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें 1 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन करने की अर्ज़ी को खारिज कर दिया गया।याचिका में तर्क दिया गया कि पुलिस शांतिपूर्ण सभा को नियंत्रित करने की अपनी शक्ति का इस्तेमाल उसे पूरी तरह रोकने के लिए नहीं कर...

रेप सिर्फ़ शारीरिक शोषण नहीं, यह पीड़ित की आत्मा का भी उल्लंघन हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि रेप सिर्फ़ शारीरिक शोषण नहीं है, बल्कि यह पीड़ित की "आत्मा" का भी उल्लंघन हो सकता है, क्योंकि इसका सदमा शारीरिक सीमाओं से आगे बढ़कर मनोवैज्ञानिक और मानसिक स्तर तक पहुंच जाता है।जस्टिस विमल कुमार यादव ने यह टिप्पणी 2006 में एक महिला के साथ रेप के आरोपी व्यक्ति को बरी किए जाने के खिलाफ़ राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए की।कोर्ट ने कहा कि रेप सर्वाइवर्स को सामाजिक बदनामी और बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि समाज कभी-कभी सहानुभूति, समर्थन और संवेदना दिखाने...