संपादकीय
रणजीत सिंह हत्याकांड: डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और चार अन्य को सीबीआई कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई
पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और चार अन्य को रणजीत सिंह हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई।विशेष सीबीआई जज सुशील गर्ग ने 8 अक्टूबर को उन्हें आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया था। मामले में जिन अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई, उनमें अवतार सिंह, कृष्ण लाल, जसबीर सिंह और सबदिल सिंह शामिल हैं। एक आरोपी इंदर सेन की 2020 में मौत हो गई थी।उल्लेखनीय है कि रणजीत सिंह डेर प्रबंधक थे और गुरमीत राम रहीम के...
LIVE प्रैक्टिशनर सीरीज : सीआरपीसी की धारा 167(2) के तहत 'निरोध' की अवधारणा भाग 3
लाइवलॉ अपनी "लाइव लॉ प्रैक्टिशनर सीरीज" के तहत एक वेबिनार का आयोजन कर रहा है।न्यायमूर्ति वी रामकुमार (पूर्व न्यायाधीश, केरल उच्च न्यायालय) सीआरपीसी की धारा 167(2) के तहत 'निरोध' की अवधारणा, दायरा और वैधता' भाग-3 पर विचार व्यक्त कर रहे हैं।जुड़िए लाइव
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (SC ST Act) भाग :3 एकपक्षीय अभिकथन, अपराध का संज्ञान लेने की अधिकारिकता और अश्लील कृत्य (धारा-3)
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (Scheduled Caste and Scheduled Tribe (Prevention of Atrocities) Act, 1989) के अंतर्गत इससे पूर्व के भाग में धारा तीन से संबंधित कुछ विशेष बातों को उल्लेखित किया गया था तथा धारा 3 का मूल स्वरूप प्रस्तुत किया गया था। इस आलेख के अंतर्गत अन्य विशेष बातें को भी प्रस्तुत किया जा रहा है जो इस धारा से संबंधित है।न्यूनतम दण्डादेश पर विधि अधिनियम की धारा 3 (1) ऐसी अवधि के लिए दण्ड का प्रावधान करती है, जो 6 मास से कम की नहीं होगी, परन्तु जो...
"सिविल विवाद को आपराधिक मामले का रंग दिया गया" : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आपराधिक कार्यवाही उत्पीड़न के हथियार के रूप में इस्तेमाल न हो
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने एक संपत्ति खरीददार के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि एक सिविल प्रकृति के विवाद को आपराधिक अपराध का रंग दिया गया है।जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ ने आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग वाली एक याचिका पर विचार करते हुए कहा कि हाईकोर्ट को इस बात की जांच करनी चाहिए कि शिकायत आपराधिक तत्व का खुलासा करती है या नहीं, यह आरोप की प्रकृति पर निर्भर करता है और क्या आपराधिक प्रकृति के अपराध के आवश्यक तत्व मौजूद हैं या...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देशभर के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (11 अक्टूबर, 2021 से 14 अक्टूबर, 2021 तक) क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप।पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूजा पंडाल में कथित रूप से जूते दिखाकर देवी दुर्गा के अपमान का आरोप लगाने वाली याचिका पर राहत देने से इनकार कियाकलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को कोलकाता के दमदम इलाके में एक दुर्गा पूजा पंडाल में जूतों (तलवों) के कथित प्रदर्शन के खिलाफ दायर एक याचिका पर राहत देने से इनकार कर...
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (SC ST Act) भाग :2 अधिनियम की धारा 3 से संबंधित प्रमुख बातें
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (Scheduled Caste and Scheduled Tribe (Prevention of Atrocities) Act, 1989) के अंतर्गत धारा 3 सर्वाधिक महत्वपूर्ण धारा है। यह धारा एक प्रकार से एक सहिंता के समान है। इस एक धारा में ही समस्त अधिनियम को समाहित तो नहीं किया गया है परंतु यह कहा जा सकता है कि इस एक धारा में 50 फ़ीसदी अधिनियम को समाहित कर दिया गया है। इस धारा के अंतर्गत उन सभी अपराधों का उल्लेख किया गया है जो अत्याचार से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत इस धारा को उसके मूल...
कॉलेजियम के प्रस्तावों को विभाजित करता केंद्र: मानक बनता अपवाद?
हाईकोर्ट में जजों की बढ़ती वैकेंसी, जो कि स्वीकृत पदों का लगभग 50% हो चुकी है, को भरने के लिए एक मजबूत इरादे का संकेत देते हुए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाल ही में लगातार कई सिफारिशें की हैं।हाल ही में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना ने कहा कि कॉलेजियम मई से अब तक हाईकोर्ट के जजों लिए लगभग 106 सिफारिशें कर चुकी है। इनमें से 68 नामों को कॉलेजियम ने अगस्त-सितंबर में हुई बैठकोंमें अंतिम रूप दिया था ।पिछले कुछ दिनों में केंद्र सरकार ने उन सिफारिशों में से कुछ को मंजूरी देने के लिए अधिसूचना जारी की...
एक्सप्लेनर: सीमावर्ती राज्यों में सीमा सुरक्षा बल की बढ़ी हुई शक्तियों पर कानून
गृह मंत्रालय ने हाल ही में पश्चिम बंगाल, असम और पंजाब में सीमा सुरक्षा बल (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स, बीएसएफ) के अधिकार क्षेत्र का विस्तार किया। मंत्रालय के फैसले ने संघीय ढांचे के उल्लंघन और राज्य पुलिस के अधिकारों के हनन के कारण पंजाब और पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचनाओं को न्योता दिया।राज्यों ने तर्क दिया कि चूंकि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है, इसलिए बीएसएफ अधिकार क्षेत्र में बढ़ोतरी राज्य सरकार की शक्तियों का उल्लंघन है। मौजूदा आलेख में चर्चा की गई है कि गृह मंत्रालय की शक्तियों का स्रोत...
सिंघू लिंचिंग: सुप्रीम कोर्ट में किसान प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग करने वाली याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए आवेदन दायर
सिंघू सीमा पर किसान विरोध स्थल पर एक दलित व्यक्ति की निर्मम हत्या की घटना के मद्देनजर, सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक आवेदन दायर किया गया। इसमें उनकी रिट याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की गई, जिसमें कृषि कानून के प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग की गई।स्वाति गोयल और संजीव नेवार द्वारा दायर याचिका में केंद्र द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने राज्यों में सभी प्रकार के विरोध प्रदर्शनों को रोकने और महामारी खत्म होने तक उन्हें अनुमति नहीं देने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (11 अक्टूबर, 2021 से 14 अक्टूबर 2021) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं, सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप।पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।आयकर अधिनियम - धारा 263(2) के तहत लिमिटेशन की गणना के लिए आदेश प्राप्ति की तारीख अप्रासंगिक : सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने माना है कि आयकर अधिनियम की धारा 263 के तहत प्रधान आयुक्त द्वारा संशोधन के लिए सीमा अवधि (लिमिटेशन) की गणना में असेसमेंट ऑर्डर की प्राप्ति की तारीख की कोई प्रासंगिकता नहीं...
'अनुष्ठानों में कोई अनियमितता नहीं': तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने सुप्रीम कोर्ट में भक्त की याचिका का जवाब दिया
प्रतिष्ठित तिरुपति मंदिर में अनुष्ठानों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एक भक्त की विशेष अनुमति याचिका के जवाब में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि परम पावन पेद्दा जीयंगर स्वामी की देखरेख में और चिन्नयजीयांगर वैखानस आगम के अनुसार अर्चक द्वारा भगवान वेंकटेश्वर की सेवा की जाती है।हलफनामे में कहा गया है, "मंदिर में सेवा/उत्सव करने की व्यवस्था वैखानस आगम के अनुसार परम पावन श्री रामानुजाचार्य द्वारा 10 वीं शताब्दी में शुरू की गई थी। सेवा/उत्सव अर्चकों द्वारा किए जाते हैं...
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और भारतीय सेना को 72 महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के मुद्दे को सुलझाने के लिए 22 अक्टूबर तक का समय दिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और भारतीय सेना को उन महिला शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के मुद्दे को सुलझाने के लिए 22 अक्टूबर तक का समय दिया, जिनके खिलाफ अनुशासनात्मक या सतर्कता मंजूरी की कोई समस्या नहीं है।कोर्ट ने मामले को 22 अक्टूबर के लिए पोस्ट करते हुए केंद्र के लिए एएसजी संजय जैन और भारतीय सेना के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता आर बालासुब्रमण्यम को मार्च के फैसले के मद्देनजर व्यक्तिगत मामलों को व्यक्तिगत रूप से देखने की आवश्यकता है कि महिला अधिकारी 60% अंकों की कट-ऑफ और...
आयकर अधिनियम - धारा 263(2) के तहत लिमिटेशन की गणना के लिए आदेश प्राप्ति की तारीख अप्रासंगिक : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि आयकर अधिनियम की धारा 263 के तहत प्रधान आयुक्त द्वारा संशोधन के लिए सीमा अवधि (लिमिटेशन) की गणना में असेसमेंट ऑर्डर की प्राप्ति की तारीख की कोई प्रासंगिकता नहीं है।न्यायमूर्ति एम.आर.शाह और न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना की पीठ ने आयकर अधिनियम की धारा 263 के तहत लिमिटेशन अवधि की गणना से संबंधित एक मामले- 'आयकर आयुक्त, चेन्नई बनाम मोहम्मद मीरान शाहुल हमीद'- में उपरोक्त टिप्पणी की।संक्षिप्त तथ्यात्मक पृष्ठभूमिप्रतिवादी-निर्धारिती (असेसी) को 2010 में आयकर अधिनियम की धारा 143 के...
'आर्यन खान ड्रग्स के नियमित उपभोक्ता' : एनसीबी का तर्क; कोर्ट ने 20 अक्टूबर तक जमानत पर आदेश सुरक्षित रखा
मुंबई में विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा द्वारा दायर जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इन तीनों को तीन अक्टूबर को क्रूज शिप ड्रग मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार किया गया है।विशेष न्यायाधीश वीवी पाटिल ने आज (गुरुवार) एनसीबी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह को सुनने के बाद कहा कि वह 20 अक्टूबर को आदेश सुनाएंगे। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने संकेत दिया कि वह खान की कथित रूप से आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट देखेंगे।एनसीबी ने...
फर्जी दुर्घटना दावा करने वाली याचिकाएं: सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई को दोषी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (5 अक्टूबर, 2021) को मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण और कामगार मुआवजा अधिनियम के तहत फर्जी दुर्घटना दावा करने वाली याचिका दायर करने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहने के लिए बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की आलोचना की।जस्टिस एमआर शाह और एएस बोपन्ना की पीठ ने आदेश में कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह के एक गंभीर मामले में, जहां आरोप फर्जी दावा याचिका दायर करने के हैं, जिसमें अधिवक्ताओं के भी शामिल होने का आरोप है, बार काउंसिल ऑफ यूपी उनके वकील को...
निर्णय-देनदार किश्तों में आपत्ति नहीं उठा सकता; निष्पादन कार्यवाही पर भी लागू पूर्वन्याय का सिद्धांत: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पूर्वन्याय (रेस जुडिकाटा) का सिद्धांत निष्पादन की कार्यवाही पर भी लागू होगा। कोर्ट ने आगे कहा कि एक निर्णय देनदार किश्तों में निष्पादन पर आपत्ति नहीं उठा सकता है।न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति वी रमासुब्रमण्यम की पीठ ने पांचवें दौर में नीलामी-बिक्री की कार्यवाही के खिलाफ एक निर्णय-देनदार द्वारा उठाई गई एक नई आपत्ति को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।3000 रुपये की वसूली के लिए दायर एक मनी-सूट में 1974 में पारित डिक्री के निष्पादन को रोकने के लिए, मुकदमेबाजी के...
आरटीआई कानून को कमजोर करने पर जस्टिस लोकुर ने चिंता व्यक्त की, कहा- "हम नहीं जानते पीएम केयर्स में जमा पैसा कहां जा रहा है"
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन बी लोकुर ने सूचना के अधिकार कानून को कमजोर होने के उदाहरण के रूप में पीएम केयर्स फंड के बारे में सूचना के अभाव को पेश किया है।उन्होंने कहा है कि हमें नहीं पता कि पीएम केयर्स फंड में जमा पैसा कहां जा रहा है। जस्टिस लोकुर ने कहा है, "सामान्य नागरिकों और बड़े व्यवसायों के दान किए गए करोड़ों रुपए कैसे खर्च किए जा रहे हैं, इस बारे में सार्वजनिक स्तर पर कोई जानकारी नहीं है।"उन्होंने कहा, "एक और उदाहरण लेते हैं, पीएम केयर्स फंड। इसमें भी करोड़ों रुपये हैं। हम जानते...
केवल पुनर्विचार आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका सुनवाई योग्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि केवल हाईकोर्ट द्वारा पारित एक पुनर्विचार आदेश के खिलाफ एक विशेष अनुमति याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पारित मूल आदेश के खिलाफ एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट ने 18.12.2020 को हाईकोर्ट के समक्ष पुनर्विचार आवेदन दायर करने के लिए कोई विशेष स्वतंत्रता प्रदान किए बिना खारिज कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने एक पुनर्विचार याचिका दायर की, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की बेंच ने कहा कि केवल...
कुछ लोग मानवाधिकारों के नाम पर देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं: पीएम नरेंद्र मोदी
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग(NHRC) के 28वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि कुछ चुनिंदा लोग अपने रवैये से मानवाधिकार के नाम पर देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।पीएम मोदी ने कहा, "हाल ही में कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए मानवाधिकारों की व्याख्या अपने दृष्टिकोण से करना शुरू कर दिया है। उल्लंघन को एक स्थिति में देखने की प्रवृत्ति ने समान स्थिति में नहीं बल्कि मानवाधिकारों को काफी हद तक नुकसान पहुंचाया है। सबसे बड़ा मानवाधिकारों का उल्लंघन तब होता है जब उन्हें...
भारत पर बाहरी ताकतों के इशारे पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाने का नया नियम बन गया है: जस्टिस अरुण मिश्रा
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने कहा कि भारत पर बाहरी ताकतों के इशारे पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाने का एक नया नियम बन गया है। आगे कहा कि भारत सर्व धर्म सम भव में विश्वास रखता है [सभी धर्म समान हैं या सभी रास्ते एक ही गंतव्य की ओर ले जाते हैं।] जस्टिस मिश्रा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 28 वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा,"सामाजिक सक्रियता संस्थानों और मानवाधिकार रक्षकों को आतंकवाद और राजनीतिक हिंसा की कड़ी निंदा करनी...



















