दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने उपदेशक अनिरुद्धाचार्य के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, AI डीपफेक और मीम कंटेंट पर लगाई रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने आध्यात्मिक उपदेशक अनिरुद्धाचार्य के पक्ष में एकतरफा अंतरिम रोक का आदेश दिया। यह आदेश डिजिटल प्लेटफॉर्म पर AI-जनरेटेड कंटेंट, डीपफेक और मीम-आधारित सामग्री के ज़रिए उनके व्यक्तित्व के अनाधिकृत इस्तेमाल को रोकने के लिए दिया गया।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने उपदेशक द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई करते हुए यह 'जॉन डो' आदेश पारित किया। उपदेशक ने आरोप लगाया कि विभिन्न प्रतिवादियों, जिनमें अज्ञात संस्थाएं भी शामिल हैं, द्वारा उनकी पहचान, आवाज़, रूप और शिक्षाओं का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग...
वकील ने जज के खिलाफ 'अपमानजनक' टिप्पणियों के साथ लिंक्डइन पर की थी पोस्ट, हाईकोर्ट ने तय किए आपराधिक अवमानना के आरोप
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महिला वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना के आरोप तय किए। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक न्यायिक अधिकारी के खिलाफ कोर्ट के अंदर और लिंक्डइन पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए, कथित तौर पर अपमानजनक आरोप लगाए।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की एक डिवीज़न बेंच ने यह आदेश एक 'सुओ मोटो' (स्वतः संज्ञान) अवमानना मामले में दिया, जिसे ट्रायल कोर्ट से मिले एक रेफरेंस के आधार पर शुरू किया गया।अवमानना की यह कार्यवाही तीस हज़ारी कोर्ट में लंबित दो क्रॉस FIRs (एक-दूसरे...
'दिल्ली बच्चों की तस्करी का अड्डा बन गई है': रेलवे स्टेशनों पर घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर PIL पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों से बच्चों की तस्करी की घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) से जवाब मांगा।यह याचिका 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस' की ओर से एडवोकेट प्रभसहाय कौर के ज़रिए दायर की गई।कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा,"दिल्ली अब बच्चों की तस्करी का अड्डा बन गई। इस बात का पता लगाने के लिए आपको...
जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें जनहित के दायरे में आतीं, RTI Act के तहत 'निजी जानकारी' नहीं: पत्रकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
दिल्ली हाईकोर्ट को बुधवार को बताया गया कि किसी जज के खिलाफ भ्रष्टाचार और दुराचार के आरोपों वाली शिकायतों से जुड़ी जानकारी को, सूचना का अधिकार (RTI Act), 2005 के तहत "निजी जानकारी" का हवाला देकर सार्वजनिक करने से छूट नहीं दी जा सकती।यह दलील वकील प्रशांत भूषण ने दी, जो पत्रकार और RTI एक्टिविस्ट सौरव दास द्वारा दायर एक याचिका के मामले में जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव के सामने पेश हुए।दास ने RTI के तहत यह जानकारी मांगी है कि क्या सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस टी. राजा...
AGMUT कैडर के IAS अधिकारियों पर गृह मंत्रालय को कार्रवाई का अधिकार : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसले में स्पष्ट किया कि गृह मंत्रालय AGMUT (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के IAS अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने और दंड देने के लिए विधिक रूप से सक्षम है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने कहा कि संयुक्त कैडर प्राधिकरण के प्रतिनिधि के रूप में गृह मंत्रालय द्वारा की गई कार्रवाई को कानून के अधिकार से बाहर नहीं माना जा सकता।यह फैसला उस याचिका पर आया, जिसमें केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के आदेश...
समन न मानने पर केजरीवाल की बरी पर ED की चुनौती, आबकारी नीति मामले में नोटिस जारी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन का पालन न करने के मामलों में बरी किए जाने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।यह आदेश जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने पारित किया। अदालत ने केजरीवाल से जवाब मांगा है और मामले को 29 अप्रैल को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। साथ ही, ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड (TCR) भी तलब किया गया है।मामला कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़ा है, जिसमें ED ने...
कोर्ट मार्शल प्रक्रिया में फाइनल ऑर्डर से पहले रिट याचिका स्वीकार्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि अनुशासनात्मक और कोर्ट मार्शल की कार्यवाही को चुनौती देने वाली रिट याचिका, अंतिम आदेश पारित होने से पहले स्वीकार्य नहीं है।जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की एक डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी की,“यह कानून की एक स्थापित स्थिति है कि जब तक इस तरह की कार्यवाही में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं हो जाता, तब तक हाई कोर्ट द्वारा रिट याचिका में कार्यवाही पर अंतिम निर्णय का इंतज़ार किए बिना कोई भी हस्तक्षेप अनुचित है।”इसके लिए 'यूनियन ऑफ़ इंडिया बनाम...
ड्राइविंग लाइसेंस सिर्फ इसलिए नकली नहीं माना जा सकता कि उसे स्मार्ट कार्ड में नहीं बदला गया: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि किसी ड्राइविंग लाइसेंस को सिर्फ इसलिए नकली नहीं माना जा सकता कि वह बुकलेट के रूप में था और उसे स्मार्ट कार्ड में नहीं बदला गया।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने इस तरह बीमित व्यक्ति के पक्ष में दिए गए एक फैसले के खिलाफ एक बीमा कंपनी द्वारा दायर अपील खारिज की।बेंच ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें 'द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड' को निर्देश दिया गया कि वह M/s कपूर डीजल्स गैराज प्राइवेट लिमिटेड को एक दुर्घटना में नष्ट हुए ट्रक के नुकसान की भरपाई के...
DoE की पहले से मंज़ूरी के बिना प्राइवेट स्कूल को बंद नहीं माना जा सकता, स्टाफ़ सैलरी का हकदार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया कि किसी मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल को सिर्फ़ इसलिए "कानूनी तौर पर बंद" नहीं माना जा सकता, क्योंकि उसने शिक्षा निदेशालय (DoE) से पहले से मंज़ूरी लिए बिना काम करना बंद कर दिया> इस तरह एकतरफ़ा तौर पर काम बंद कर देने से कर्मचारियों की सैलरी और सर्विस के अधिकार खत्म नहीं हो जाते।जस्टिस संजीव नरूला यहां के एक प्राइवेट, बिना सरकारी मदद वाले स्कूल - दयानंद आदर्श विद्यालय - से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे।ये याचिकाएं टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ़ ने अपनी बकाया...
COVID ड्यूटी के दौरान मौत पर मिलेगा 1 करोड़ मुआवजा, दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार का फैसला रद्द किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में COVID-19 के दौरान राहत कार्य करते हुए जान गंवाने वाले सरकारी स्कूल के उप-प्रधानाचार्य के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। अदालत ने दिल्ली सरकार द्वारा मुआवजा देने से इनकार करने का फैसला रद्द किया।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने दिवंगत डॉ. राजा राम सिंह की पत्नी की याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें दिल्ली सरकार की कोविड राहत योजना के तहत मुआवजा मिलना चाहिए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि छह सप्ताह के भीतर 1 करोड़ रुपये की राशि जारी की...
नहीं भेजा जाएगा प्राइवेट हॉस्पिटल, इलाज में कमी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने PFI नेता ई. अबूबकर को दी सीमित राहत
दिल्ली हाईकोर्ट ने PFI के पूर्व प्रमुख ई. अबूबकर को उनकी पसंद के प्राइवेट हॉस्पिटल में ट्रांसफर करने की मांग खारिज की। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उन्हें दिए जा रहे इलाज में कोई कमी या लापरवाही है।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि अबूबकर UAPA मामले में आरोपी हैं लेकिन उनकी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए उन्हें उचित मेडिकल सुविधा मिलनी चाहिए।अदालत ने हालांकि एक सीमित राहत देते हुए निर्देश दिया कि उन्हें इस सप्ताह निर्धारित तिथि पर अपोलो अस्पताल...
प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक पोस्ट के आरोप में एक्स अकाउंट ब्लॉक, दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामला
दिल्ली हाईकोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने जानकारी दी कि डॉ. निमो यादव के नाम से चल रहे पैरोडी अकाउंट को केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आदेश पर ब्लॉक किया गया।यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में की गई।कंपनी द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया कि संबंधित अकाउंट पर फोटो, वीडियो और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार सामग्री का उपयोग कर विवादित पोस्ट किए गए, जिनमें प्रधानमंत्री...
दिल्ली हाईकोर्ट ने विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए झूठी गवाही की याचिकाओं के गलत इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी, CrPC की धारा 340 के तहत अर्जी खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने झूठी गवाही (Perjury) की कार्यवाही के बढ़ते गलत इस्तेमाल के खिलाफ आगाह किया। कोर्ट ने कहा कि CrPC की धारा 340 के तहत अर्जियां अब झूठे सबूतों के असली मामलों को सुलझाने के बजाय, विरोधियों पर "दबाव बनाने" और मुकदमों में देरी करने के लिए ज़्यादा दायर की जा रही हैं।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने पारिवारिक संपत्ति विवाद में एक प्रतिवादी के खिलाफ झूठी गवाही की कार्यवाही शुरू करने की मांग वाली एक अर्जी को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।यह मामला भाई-बहनों के बीच उनके पिता की मृत्यु के बाद...
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक दशक पुराने मर्डर केस में उम्रकैद की सज़ा पाए दोषियों को बरी किया, गवाह को अविश्वसनीय बताया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2016 के मर्डर केस में दो लोगों की सज़ा और उम्रकैद रद्द की। कोर्ट ने कहा कि प्रॉसिक्यूशन का केस ऐसे अविश्वसनीय गवाह पर आधारित था, जिसकी गवाही पर भरोसा नहीं किया जा सकता।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने आरोपियों की अपील मंज़ूर की। इन आरोपियों को ट्रायल कोर्ट ने IPC की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराया था और उम्रकैद की सज़ा सुनाई।यह मामला सितंबर, 2016 में रोहिणी के मैक्सफ़ोर्ट स्कूल के पास विनय सिंह नाम के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या से जुड़ा था।...
CPC: कोर्ट में की गई साफ स्वीकारोक्ति को बाद में बदलने के लिए संशोधन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता- दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी पक्ष को अपनी दलीलों (pleadings) में की गई स्पष्ट और ठोस स्वीकारोक्ति (admission) से पीछे हटने की अनुमति नहीं दी जा सकती, खासकर जब इससे विरोधी पक्ष को महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त हो चुके हों। अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए एक सिंगल जज के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें प्रतिवादी को चार वर्ष से अधिक समय बाद अपना लिखित बयान संशोधित करने की अनुमति दी गई थी।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेणु भटनागर की डिवीजन बेंच ने कहा कि यद्यपि संशोधन की शक्ति व्यापक है और अदालतें...
“यात्रा का सबूत नहीं, तो मुआवज़ा नहीं”: दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों हाथ कटने के बावजूद रेलवे क्लेम खारिज किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलवे दुर्घटना मुआवज़े से जुड़े एक अहम मामले में कहा है कि गंभीर चोट, जैसे दोनों हाथों का कट जाना, अपने आप में “अनटुवर्ड इंसीडेंट” का प्रमाण नहीं हो सकता, जब तक कि घटना के तथ्य स्पष्ट और विश्वसनीय रूप से सिद्ध न हों।जस्टिस मनोज कुमार की पीठ ने रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें एक व्यक्ति को मुआवज़ा देने से इनकार कर दिया गया था। अपीलकर्ता ने दावा किया था कि वह Malwa Express से सोनीपत से झांसी की यात्रा कर रहा था और भारी भीड़ के कारण ट्रेन से गिर गया,...
पहले का खरीदार बाद की बिक्री रद्द करने की मांग कर सकता है, बाद के सौदे पहले के अधिकारों को खत्म नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि पहले के सौदे के तहत कोई खरीदार उसी विक्रेता द्वारा उसी प्रॉपर्टी की बाद में की गई बिक्री को चुनौती देने और उसे रद्द करवाने का हकदार है। कोर्ट ने इस बात की पुष्टि की कि ऐसे बाद के सौदे पहले के अधिकारों को खत्म नहीं कर सकते।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने अपने 86 पेज के फैसले में यह टिप्पणी की:“जहां एक ही अचल संपत्ति के दो लगातार ट्रांसफर किए गए हों, वहां कानून में उस ट्रांसफर को प्राथमिकता मिलती है, जो समय के हिसाब से पहले हुआ हो, न कि उस ट्रांसफर को जो बाद में हुआ हो। यह...
किरायेदार जिम्मेदारी से नहीं बच सकता, परिवार के रहने पर भी मानी जाएगी उसकी कब्जेदारी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि कोई भी किरायेदार यह कहकर अपनी कानूनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि वह खुद किराए के मकान में नहीं रह रहा है। अदालत ने कहा कि यदि उस मकान में उसके परिवार के सदस्य रह रहे हैं, तो उसे ही उस संपत्ति का वैधानिक कब्जाधारी माना जाएगा।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने अपने फैसले में कहा,“जब कोई किरायेदार अपने परिवार के साथ रहने के लिए मकान किराए पर लेता है तो परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा उस मकान में रहना, किरायेदार का ही वैधानिक कब्जा माना जाएगा। केवल...
बलात्कार में मदद करने पर महिला को 10 साल की जेल, दिल्ली हाईकोर्ट ने लगातार आपराधिक आचरण का दिया हवाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला को बलात्कार करने में मदद करने के लिए 10 साल की कठोर कारावास की सज़ा सुनाई। कोर्ट ने सज़ा में नरमी न बरतने के मुख्य कारण के तौर पर महिला की आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्तता पर ज़ोर दिया।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने राज्य सरकार द्वारा दायर अपील पर सज़ा का यह आदेश पारित किया। इस अपील में महिला को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दोषी महिला ने इस अपराध में "सक्रिय और जान-बूझकर भूमिका" निभाई थी।कोर्ट ने अपने अवलोकन में कहा कि महिला ने...
पासपोर्ट जब्ती जैसे मामलों में रिट याचिका सुनने से इनकार करना गलत: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने पासपोर्ट जब्त किए जाने के खिलाफ दायर रिट याचिका को सुनने से इनकार करने के एकल पीठ का आदेश रद्द किया।अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में गंभीर नागरिक परिणाम होते हैं, इसलिए याचिका पर विचार किया जाना चाहिए।चीफ जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।मामला उस आदेश से जुड़ा था जिसमें एकल जस्टिस ने याचिकाकर्ता को पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 11 के तहत वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए कहा था और रिट याचिका सुनने से मना कर दिया था।हाईकोर्ट ने कहा कि...
















