दिल्ली हाईकोर्ट
Civil Service Rules | आरोपी की गैरमौजूदगी में यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाले की जांच करना, ICC रिपोर्ट के बिना अनुशासनात्मक कार्रवाई को अमान्य करता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सेंट्रल सिविल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स 1965 के नियम 14(2) के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही, जो इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) की जांच पर आधारित है, तब अमान्य हो जाती है जब शिकायतकर्ताओं की जांच दोषी कर्मचारी की गैरमौजूदगी में की जाती है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की डिवीजन बेंच ने इस तरह केंद्र की अपील खारिज की और CAT के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें IIHT गुवाहाटी में एक प्रोबेशनर की बर्खास्तगी रद्द कर दी गई, जिस पर यौन उत्पीड़न का आरोप...
आम बिजनेस में पेमेंट का डायरेक्टर का आश्वासन अपने आप धोखाधड़ी का आरोप नहीं बन सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कमर्शियल लेनदेन के सामान्य कोर्स में डायरेक्टर द्वारा दिया गया पेमेंट का आश्वासन अपने आप में धोखाधड़ी वाला लालच नहीं माना जा सकता, जिससे IPC की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का अपराध लगे।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने यह टिप्पणी मैनेजिंग डायरेक्टर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करते हुए की, जिस पर धोखाधड़ी का आरोप था। आरोप था कि उनकी कंपनी को पेमेंट के आश्वासन पर माल सप्लाई किया गया, जिसे बाद में पूरा नहीं किया गया।बेंच ने कहा,“आरोपों में बताए गए पेमेंट का “आश्वासन” बिजनेस...
पुलिस-रिपोर्ट वाले मामलों में सिर्फ़ राज्य या आरोपी ही जल्द सुनवाई के लिए निर्देश मांग सकते हैं, पीड़ित नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस रिपोर्ट से जुड़े मामलों में, सिर्फ़ राज्य या आरोपी ही ट्रायल को जल्दी निपटाने के लिए निर्देश मांग सकते हैं।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने साफ़ किया कि असल शिकायतकर्ता या पीड़ित ऐसी याचिका दायर नहीं कर सकता।बेंच ने कहा,“क्योंकि यह मामला राज्य का है, इसलिए असल शिकायतकर्ता की भूमिका सिर्फ़ गवाह तक सीमित है। इसलिए सिर्फ़ राज्य या आरोपी ही ऐसी याचिका दायर कर सकते हैं।”इस तरह कोर्ट ने शिकायतकर्ता द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें ट्रायल कोर्ट से IPC की धारा 420 के तहत दर्ज...
पुलिस रिपोर्ट से दर्ज मामलों में बरी किए जाने के खिलाफ अपील का अधिकार केवल राज्य को, तीसरे पक्ष को नहीं: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन आपराधिक मामलों की शुरुआत पुलिस रिपोर्ट के आधार पर होती है, उनमें अभियुक्त के बरी होने के खिलाफ अपील दायर करने का अधिकार केवल राज्य सरकार को प्राप्त है। ऐसे मामलों में कोई तीसरा पक्ष दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 372 के प्रावधान का सहारा लेकर अपील नहीं कर सकता, जब तक वह विधि में परिभाषित “पीड़ित” की श्रेणी में न आता हो।जस्टिस अमित महाजन ने यह निर्णय एक महिला द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए दिया।याचिका में महिला ने एक संपत्ति से जुड़े...
बच्ची की मौत के बाद ई-रिक्शा नियमों के सख्त पालन की मांग पर दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
दिल्ली हाइकोर्ट ने राजधानी में ई-रिक्शा के संचालन से जुड़े कानूनों और नियमों के सख्त पालन की मांग वाली जनहित याचिका पर बुधवार को नोटिस जारी किया।न्यायालय ने इस मामले में दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, दिल्ली यातायात पुलिस और नगर निगम दिल्ली से जवाब मांगा है।मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष यह जनहित याचिका मनीष पराशर द्वारा दायर की गई।याचिकाकर्ता की आठ वर्षीय पुत्री की अगस्त माह में जाफराबाद क्षेत्र में उस समय मृत्यु हो गई थी,...
अंतरिम भरण-पोषण के स्तर पर पत्नी की कमाई मानकर नहीं चला जा सकता: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति द्वारा पत्नी को अंतरिम भरण-पोषण दिए जाने के प्रश्न पर यह पूर्वधारणा नहीं बनाई जा सकती कि पत्नी स्वयं कमाने में सक्षम है या वह आय अर्जित कर रही है।न्यायालय ने कहा कि केवल पति का यह कहना कि पत्नी काम करती है और कमाती है, बिना किसी प्राथमिक साक्ष्य के, अंतरिम स्तर पर स्वीकार्य नहीं हो सकता।जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें पत्नी ने परिवार न्यायालय द्वारा उसे मात्र ढाई हजार रुपये प्रतिमाह अंतरिम भरण-पोषण दिए जाने के...
कंडोम के प्रयोग और समयांतराल से दुष्कर्म मामलों में DNA असंगति की हो सकती है व्याख्या: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दुष्कर्म के मामलों में यदि DNA का मिलान नहीं होता है तो मात्र इसी आधार पर अभियोजन का मामला कमजोर नहीं माना जा सकता बशर्ते परिस्थितियाँ उस असंगति की उचित व्याख्या करती हों।हाइकोर्ट ने कहा कि अभियुक्त द्वारा कंडोम के प्रयोग और मेडिकल जांच में हुए विलंब जैसे कारण DNA न मिलने की स्थिति को समझा सकते हैं।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने नाबालिग से बार-बार दुष्कर्म के दोषी ठहराए गए व्यक्ति की आपराधिक अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।हाइकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि न्याय...
लोन डिफॉल्ट पर सिक्योरिटी चेक पेश करना क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि लोन चुकाने में डिफॉल्ट होने पर बैंक द्वारा सिक्योरिटी चेक पेश करना, IPC की धारा 409 के तहत क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट का अपराध नहीं है।चाइना ट्रस्ट कमर्शियल बैंक (CTBC) और उसके अधिकारियों द्वारा दायर याचिकाओं को मंज़ूर करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने एक कर्जदार के पूर्व डायरेक्टर द्वारा शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द की।उक्त कार्यवाही रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा,“शिकायतकर्ता ने याचिकाकर्ताओं (CTBC) को कोई प्रॉपर्टी सौंपी नहीं थी; बल्कि यह एक सिक्योरिटी चेक था जो लोन...
सिंडिकेट सदस्यों पर MCOCA बिना किसी पिछली FIR के भी लगाया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के प्रावधानों को किसी ऐसे आरोपी के खिलाफ भी लगाया जा सकता है, जिस पर किसी ऑर्गनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट का सदस्य होने का आरोप है, भले ही उस आरोपी के खिलाफ उसकी व्यक्तिगत क्षमता में कोई पिछली FIR या चार्जशीट न हो।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,"पिछले दस सालों में 'एक से ज़्यादा चार्जशीट' की कानूनी ज़रूरत... ऑर्गनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट पर लागू होती है, न कि हर उस व्यक्ति पर जिस पर सदस्य होने का आरोप है।"बेंच ने यह बात एक महिला...
NDPS Act के आरोपी को प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर नहीं किया जा सकता, सिर्फ प्रोक्लेम्ड पर्सन' घोषित होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के तहत गिरफ्तार किए गए आरोपी को CrPC की धारा 82 के तहत भगोड़ा अपराधी घोषित नहीं किया जा सकता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने तर्क दिया कि किसी व्यक्ति को भगोड़ा अपराधी केवल उन्हीं अपराधों के संबंध में घोषित किया जा सकता है, जो विशेष रूप से CrPC की धारा 82(4) के तहत दिए गए हैं। अन्य सभी अपराधों के लिए व्यक्ति को केवल भगोड़ा व्यक्ति घोषित किया जा सकता है।चूंकि NDPS Act के तहत अपराध CrPC की धारा 82(4) के तहत परिभाषित...
S.311A CrPC | औपचारिक गिरफ्तारी न होने पर भी हैंडराइटिंग सैंपल देने का निर्देश दिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि औपचारिक गिरफ्तारी न होने पर भी मजिस्ट्रेट किसी व्यक्ति को CrPC की धारा 311A के तहत हैंडराइटिंग या सिग्नेचर के सैंपल देने का निर्देश दे सकता है।बता दें, CrPC की धारा 311A मजिस्ट्रेट को किसी भी जांच या कार्यवाही के लिए व्यक्तियों को नमूना हस्ताक्षर या हैंडराइटिंग देने का आदेश देने का अधिकार देता है। इसमें एक शर्त जोड़ी गई कि कोई भी आदेश तब तक नहीं दिया जाएगा, जब तक कि उस व्यक्ति को ऐसी जांच या कार्यवाही के संबंध में कभी गिरफ्तार न किया गया हो।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की...
प्री-2009 स्पेशल फ्रंटियर फोर्स कर्मियों को सेना के समान 100 प्रतिशत पेंशन समानता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (SFF) के वे कर्मी जो 1 जनवरी, 2009 से पहले रिटायर हुए हैं, वे भारतीय सेना के समकक्ष रैंकों के समान 100 प्रतिशत पेंशन की मांग के हकदार नहीं हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे कर्मी केवल पेंशन के कम्यूटेड मूल्य के 45 प्रतिशत की बहाली का ही दावा कर सकते हैं, जैसा कि पूर्व में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों में निर्धारित किया गया।चीफ जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने पूर्व सैनिक कल्याण संघ द्वारा दायर रिट याचिका खारिज करते हुए...
दिल्ली हाईकोर्ट ने रितेश देशमुख स्टारर 'मस्ती 4' के खिलाफ कॉपीराइट केस में नोटिस जारी किया
रेडियो जॉकी और पॉपुलर कंटेंट क्रिएटर आशीष शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने हिंदी फिल्म मस्ती 4 के मेकर्स पर बिना इजाज़त के उनके पॉपुलर इंस्टाग्राम स्किट का सीन कॉपी करने का आरोप लगाया।शर्मा ने परमानेंट रोक, हर्जाना और हिसाब-किताब की मांग की। उनका दावा है कि फिल्म का एक सीन उनके ऑडियो-विजुअल स्किट शक करने का नतीजा से काफी मिलता-जुलता है, जिसे उन्होंने जनवरी, 2024 में इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था।जस्टिस तुषार राव गेडेला की सिंगल-जज बेंच ने 6 जनवरी, 2026 को शर्मा की...
दिल्ली हाईकोर्ट ने इज़राइली कंपनी के साथ पेटेंट विवाद में भारतीय फर्म द्वारा बनाए गए सिंचाई वाल्व के खिलाफ आदेश पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक आदेश पर रोक लगाई, जिसमें एक भारतीय सिंचाई उपकरण निर्माता को अपना "हाइड्रोमैट वाल्व" बेचने से रोका गया, जिसे पहले इज़राइल स्थित कंपनी के पेटेंट का उल्लंघन करने वाला माना गया।जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीजन बेंच ने 5 जनवरी, 2026 को यह फैसला सुनाया, जबकि ऑटोमैट इरिगेशन द्वारा दायर अपील पर फैसला किया जा रहा था।एक्वेस्टिया लिमिटेड द्वारा दायर अंतरिम याचिका पर 1 अगस्त, 2025 के पिछले आदेश पर रोक लगाते हुए बेंच ने कहा कि इसमें दावा निर्माण और...
गिनती में छोटी-मोटी गड़बड़ियां जाली करेंसी की ज़ब्ती को गलत साबित नहीं कर सकतीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI की अपील मंज़ूर की, बरी करने का फैसला पलटा
दिल्ली हाईकोर्ट ने जाली करेंसी के मामले में आरोपी को बरी करने का फैसला रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जाली करेंसी नोटों की गिनती में छोटी-मोटी गड़बड़ियां अभियोजन पक्ष के मामले को गलत साबित करने के लिए काफी नहीं हैं, जब बरामदगी और कब्ज़ा उचित संदेह से परे साबित हो चुके हों।CBI की अपील को मंज़ूर करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें आरोपी को जाली करेंसी नोट रखने से जुड़े IPC की धारा 489C के तहत दंडनीय अपराध से बरी कर दिया गया।बेंच ने कहा,“जाली भारतीय...
मेडिकल रिव्यू के कारण हुई देरी BSF उम्मीदवारों की पिछली तारीख से सीनियरिटी को सही नहीं ठहरा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की फुल बेंच ने फैसला सुनाया कि मेडिकल री-एग्जामिनेशन के कारण हुई देरी के बाद बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में नियुक्त उम्मीदवार उन बैचमेट्स से सीनियरिटी का दावा नहीं कर सकते, जिन्होंने पहले सर्विस जॉइन की थी, भले ही देरी उनकी गलती से न हुई हो।जस्टिस सी. हरि शंकर, जस्टिस ज्योति सिंह और जस्टिस अजय डिगपाल की तीन-जजों की बेंच ने इस तरह उन डायरेक्ट रिक्रूट्स की सीनियरिटी के मुद्दे पर कोर्ट की अलग-अलग डिवीजन बेंचों द्वारा लिए गए विरोधाभासी विचारों को सुलझाया, जिनकी नियुक्तियां मेडिकल...
IRCTC Scam: दिल्ली हाईकोर्ट ने तेजस्वी यादव की चार्ज फ्रेमिंग के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को RJD नेता तेजस्वी यादव की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने कथित IRCTC घोटाले मामले में अपने खिलाफ आरोप तय किए जाने को चुनौती दी।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने CBI से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख तय की, जब लालू प्रसाद यादव की इसी तरह की एक और याचिका पर भी सुनवाई होनी है।यादव की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल पेश हुए। CBI की तरफ से सीनियर एडवोकेट और SPP डीपी सिंह पेश हुए।13 अक्टूबर, 2025 को दिए गए आदेश में ट्रायल कोर्ट ने यादव,...
POCSO Act के तहत यौन इरादे से नाबालिग के प्राइवेट पार्ट को छूना गंभीर यौन हमला: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यौन इरादे से किसी नाबालिग बच्चे के प्राइवेट पार्ट को छूना POCSO Act की धारा 10 के तहत गंभीर यौन हमला माना जाएगा।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने 3 साल 11 महीने की नाबालिग लड़की पर गंभीर यौन हमला करने के लिए एक आदमी की सज़ा और सात साल की जेल की सज़ा बरकरार रखी।हालांकि, कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता, 1860 (IPC) की धारा 354 (गरिमा को ठेस पहुंचाना), 354A (यौन उत्पीड़न) और 354B (किसी महिला पर हमला करना या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना) के तहत उसके अपराधों की सज़ा को रद्द कर...
IRCTC घोटाला: दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की चार्ज फ्रेमिंग के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कथित IRCTC घोटाले मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने को चुनौती दी गई।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने CBI से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख तय की।यादव की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल पेश हुए। CBI की तरफ से सीनियर एडवोकेट और SPP डीपी सिंह पेश हुए।13 अक्टूबर, 2025 को पारित आदेश में ट्रायल कोर्ट ने यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित हेरफेर के मामले में JEE स्टूडेंट्स की याचिका खारिज की, एक माह की सामुदायिक सेवा करने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने JEE (मेन) 2025 परीक्षा में उत्तर पत्रक में कथित हेरफेर को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के निष्कर्षों को चुनौती देने वाले दो स्टूडेंट्स की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने उन पर लगाए गए 30,000- 30,000 के जुर्माने को हटाते हुए केवल फटकार लगाई और एक माह की सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने सिंगल जज के 22 सितंबर, 2025 के आदेश को बरकरार रखा, लेकिन दंड को सीमित करते हुए स्टूडेंट्स को क्रमशः वृद्धाश्रम और...


















