दिल्ली हाईकोर्ट

PMLA के तहत ED की ECIR, तलाशी या ज़ब्ती को चुनौती देने वाली सिविल रिट पर हाईकोर्ट सुनवाई कर सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत सिविल रिट याचिका पर सुनवाई की जा सकती है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 (PMLA) की धारा 17(1) के तहत तलाशी और ज़ब्ती सहित उससे जुड़ी कार्यवाही को चुनौती दी गई हो।जस्टिस अनीश दयाल ने कहा कि ECIR, ED का आंतरिक प्रशासनिक दस्तावेज़ होने के बावजूद, हाई कोर्ट द्वारा न्यायिक समीक्षा के दायरे में आता है।कोर्ट ने कहा,"इस कोर्ट को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा शुरू की...

बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाना पॉलिसी से जुड़ा फ़ैसला, कोर्ट इस पर निर्देश नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार किया। इस याचिका में 13 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से रोकने और 13 से 16 साल के बच्चों के लिए कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए गाइडलाइंस बनाने या कानून लाने की मांग की गई।जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने कहा कि बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने का मामला केंद्र सरकार का पॉलिसी से जुड़ा फ़ैसला है और कोर्ट ऐसा कोई निर्देश नहीं दे सकता।कोर्ट ने...

पति का दावा- शादी के समय वह नशे में था: दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की तलाक की अर्ज़ी
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति की शादी खत्म करने की अपील खारिज की। व्यक्ति का दावा था कि उसकी शादी अमान्य है, क्योंकि 2008 में शादी की रस्में निभाते समय वह किसी नशीली दवा (सेडेटिव) के असर में था।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीजन बेंच ने कहा कि पति का दावा ज़्यादा से ज़्यादा हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 12(1)(c) के तहत आ सकता है। यह धारा कहती है कि अगर शादी के लिए सहमति ज़बरदस्ती या धोखाधड़ी से ली गई हो, तो शादी को 'वॉयडएबल' (रद्द करने योग्य) माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में धोखाधड़ी...

Electronic Evidence | दिल्ली हाईकोर्ट ने कानूनी सहायता पाने वालों के लिए मुफ़्त फ़ोरेंसिक मदद की मांग वाली PIL पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक PIL पर नोटिस जारी किया। इस PIL में कानूनी सहायता पाने के हकदार लोगों को मुफ़्त फ़ोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद देने के लिए एक सिस्टम बनाने की मांग की गई, ताकि वे 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023' (BSA) की धारा 63 के तहत इलेक्ट्रॉनिक-सबूत सर्टिफ़िकेशन की ज़रूरतों को पूरा कर सकें।चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने नेशनल लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी (NALSA) और केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय से जवाब मांगा।ज़ीशान अख़लाक और अमन भिड़े द्वारा...

POCSO Act बच्चे से क्रॉस एग्जामिनेशन पर रोक नहीं लगाता, लेकिन आक्रामक सवालों और चरित्र हनन से सुरक्षा जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि POCSO Act के तहत बाल गवाह से जिरह करने पर बचाव पक्ष को रोक नहीं है लेकिन मुकदमे के दौरान बच्चे को आक्रामक सवालों और चरित्र हनन से सुरक्षा देना जरूरी है।अदालत ने स्पष्ट किया कि बच्चे की गरिमा की रक्षा का मतलब यह नहीं है कि बचाव पक्ष को उससे सवाल पूछने या अपने बचाव में जरूरी सुझाव देने से पूरी तरह रोक दिया जाए। जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने दुष्कर्म और POCSO Act के तहत दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा...

हम कैसे निगरानी करेंगे? बेघर और तोड़फोड़ से विस्थापित लोगों को SIR में शामिल करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बेघर लोगों और तोड़फोड़ अभियान के कारण विस्थापित हुए लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने की मांग वाली जनहित याचिका पर बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया।अदालत ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि हर जिम्मेदारी अदालत पर नहीं डाली जा सकती और वह नीति के क्रियान्वयन की निगरानी नहीं करेगी।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि संबंधित संवैधानिक संस्थाओं को अपने संवैधानिक दायरे में इस समस्या का समाधान करने के लिए...

पत्नी का लगातार झगड़ना, पति के माता-पिता का विरोध और शारीरिक संबंध से इनकार 'क्रूरता': दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि पत्नी का लगातार झगड़ना, पति द्वारा अपने माता-पिता की मदद का विरोध, अलग रहने के बावजूद विवाद जारी रखना और शारीरिक संबंधों से इनकार करना, परिस्थितियों के आधार पर वैवाहिक क्रूरता माना जा सकता है।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस विनोद कुमार की खंडपीठ ने पत्नी की अपील खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट द्वारा पति को दिए गए तलाक को बरकरार रखा। तलाक हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(ia) के तहत क्रूरता के आधार पर दिया गया था।पति ने आरोप लगाया था कि शादी की शुरुआत से ही पत्नी उससे और...

शादी के झूठे वादे पर सहमति से बने संबंध तभी अपराध, जब सहमति झूठे वादे से प्रभावित हो: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि शादी का झूठा वादा कर किसी महिला को यौन संबंध के लिए राजी करना अपराध हो सकता है लेकिन हर सहमति से बने संबंध को बाद में शादी के वादे के आरोप के आधार पर आपराधिक रंग नहीं दिया जा सकता।अदालत को यह जांचना होगा कि महिला की सहमति वास्तव में शादी के झूठे वादे से प्रभावित हुई, या संबंध दोनों वयस्कों की स्वतंत्र सहमति से बने थे।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने दुष्कर्म और आपराधिक धमकी के आरोप में जेल में बंद एक व्यक्ति को नियमित जमानत देते हुए यह टिप्पणी की। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड...

लिव-इन रिलेशनशिप शादी जैसा ही, अपनी मर्ज़ी से साथ रहने वाले बालिग़ों को पुलिस सुरक्षा का अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप शादी के समान ही होते हैं, भले ही उन्हें कानूनी तौर पर शादी न माना गया हो। ऐसे रिश्तों में रहने वाले बालिग़ों को पुलिस सुरक्षा पाने का अधिकार है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों को भारत के संविधान के आर्टिकल 19 और 21 के तहत आज़ादी, जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार मिलते हैं।कोर्ट ने कहा कि अपनी मर्ज़ी से साथ रहने वाले बालिग़ों को अपना पार्टनर चुनने और उनके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का पूरा अधिकार है, जिसमें...

BNSS, UAPA के तहत हिरासत की अवधि को 90 दिनों तक सीमित नहीं करता: हाईकोर्ट का लाल किला बम धमाका आरोपी को डिफ़ॉल्ट ज़मानत देने से इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (18 अगस्त) को जसीर बिलाल वानी उर्फ़ दानिश को डिफ़ॉल्ट ज़मानत देने से इनकार किया। वह 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास हुई कार में धमाके के आरोपियों में से एक है, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी।'लेजिस्लेशन बाय रेफरेंस' (कानून के संदर्भ का सिद्धांत) को लागू करते हुए कोर्ट ने कहा कि UAPA की धारा 43(D)(2) पर लागू होने वाली CrPC की धारा 167 को BNSS की धारा 187 के तौर पर समझा जाना चाहिए।बता दें, UAPA की धारा 43D(2) के पहले प्रावधान के तहत हिरासत की अवधि को 180 दिनों तक...

AAP MLA कुलदीप कुमार की कथित गैर-कानूनी हिरासत का मामला दिल्ली हाईकोर्ट ने बंद किया, पुलिस ने कहा- उन्हें रिहा कर दिया गया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (18 अगस्त) को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार की कथित गैर-कानूनी हिरासत के मामले में दायर 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका को बंद कर दिया। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उन्हें उसी दिन पहले ही रिहा कर दिया गया।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने गौर किया कि कुमार को 18 अगस्त को दोपहर करीब 3:48 बजे रिहा कर दिया गया और कहा कि उनकी रिहाई के साथ ही इस याचिका का मकसद पूरा हो गया।इस मामले का ज़िक्र सीनियर एडवोकेट शादान फरासत...

JNU में 'डेप्रिवेशन पॉइंट्स' आधार पर PG एडमिशन रहेगा जारी: दिल्ली हाईकोर्ट ने दी इजाज़त
मंगलवार (18 अगस्त) को दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) को 'डेप्रिवेशन पॉइंट्स' के आधार पर पोस्ट-ग्रेजुएट एडमिशन जारी रखने की इजाज़त दी। कोर्ट ने पिछले हफ़्ते सिंगल जज के उस आदेश में बदलाव किया, जिसमें इस सिस्टम के आधार पर एडमिशन पर रोक लगाई थी।हालांकि, कोर्ट ने कहा कि एडमिशन सिंगल जज के पास लंबित याचिका के नतीजे पर निर्भर करेंगे।पिछले हफ़्ते दिए गए अपने आदेश में सिंगल जज ने कहा था कि ऐसे पॉइंट्स का इस्तेमाल करके यूनिवर्सिटी ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) परीक्षा में...

JNU में डिप्रिवेशन प्वाइंट्स के आधार पर PG एडमिशन पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक, कहा- प्रवेश परीक्षा के अंकों से छेड़छाड़ नहीं हो सकती
दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में डिप्रिवेशन प्वाइंट्स के आधार पर स्नातकोत्तर दाखिलों पर अंतरिम रोक लगाई।जस्टिस जसमीति सिंह ने प्रथम दृष्टया कहा कि इन अंकों के जरिए यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स द्वारा साझा विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET) में प्राप्त अंकों को बदल रहा है। कोर्ट ने कहा कि प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षा की पवित्रता को इस तरह प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मामला JNU के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने यूनिवर्सिटी के...

आबकारी नीति मामले में केजरीवाल-सिसोदिया को जवाब के लिए अंतिम मौका, 5 अक्टूबर से CBI की दलीलें सुनेगा दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में CBI की उस याचिका पर अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम मौका दिया, जिसमें निचली अदालत द्वारा उन्हें आरोपमुक्त किए जाने को चुनौती दी गई।अदालत ने मामले मे CBI की दलीलों की सुनवाई 5 अक्टूबर से शुरू करने का फैसला किया। जस्टिस मनोज जैन ने सोमवार को सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को CBI की ओर से दाखिल 103 पन्नों की अतिरिक्त लिखित दलीलों पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। अदालत ने...

स्टॉक मार्केट सलाहकार का इंस्टाग्राम अकाउंट बंद करने का आधार बताए मेटा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मेटा को निर्देश दिया कि वह उस सामग्री को रिकॉर्ड पर रखे जिसके आधार पर स्टॉक मार्केट सलाहकार आकांक्षा गुप्ता का इंस्टाग्राम अकाउंट बंद किया गया और उनके अन्य सोशल मीडिया खातों पर पाबंदियां लगाई गईं। अदालत ने हालांकि इस चरण पर गुप्ता को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया।जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने सोमवार को आकांक्षा गुप्ता की ओर से दाखिल मुकदमे पर सुनवाई करते हुए मेटा को यह निर्देश दिया।अदालत ने मुकदमे में समन जारी करने के साथ ही अंतरिम राहत की मांग वाली अर्जी पर भी नोटिस जारी...

प्राइवेट चैनल पर जारी रहेगा गोल्डन टेम्पल की गुरबानी का प्रसारण: दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगाने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने अमृतसर शहर के गोल्डन टेम्पल में गुरबानी के पाठ के प्रसारण से प्राइवेट चैनल को रोकने से इनकार किया।जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की याचिका पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार किया। SGPC ऐतिहासिक सिख पूजा स्थलों (गुरुद्वारों) का प्रबंधन करती है।SGPC का तर्क था कि गोल्डन टेम्पल में गुरबानी के पाठ का कॉपीराइट उसके पास है, जिसका प्रसारण उसके YouTube चैनल और एक अन्य TV चैनल पर लाइव किया जा रहा है।यह तर्क दिया गया कि गैलेक्टिक टेलीविज़न...

दोबारा नौकरी के लिए अप्लाई करने वाले रिटायर हो चुके आर्म्ड फोर्सेस के कर्मचारी एक्स-सर्विसमैन का दर्जा पाने के हकदार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस विनोद कुमार की डिवीज़न बेंच ने कहा कि रिटायर हो चुके आर्म्ड फोर्सेस के कर्मचारी, जो तय सर्विस पूरी करने के बाद दोबारा नौकरी के लिए अप्लाई करते हैं, वे एक्स-सर्विसमैन का दर्जा पाने के हकदार हैं। बाद में नए कारण बताकर उनकी योग्यता को नकारा नहीं जा सकता।मामले की पृष्ठभूमिरेस्पॉन्डेंट एक मेडिकल ऑफिसर थे, जिन्होंने इंडियन एयर फ़ोर्स में काम किया। वह 30 जून 2019 को रिटायर हुए। रिटायरमेंट से पहले उन्होंने ESIC मेडिकल कॉलेज में टीचिंग फैकल्टी प्रोफेसर के...

शराब नीति मामले में 500 पन्नों के आदेश को समझे बिना 4 घंटे में अपील: केजरीवाल-सिसोदिया ने CBI की याचिका खारिज करने की मांग की
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने कथित शराब नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में उन्हें आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका खारिज करने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।दोनों नेताओं ने CBI की आपराधिक पुनर्विचार याचिका में अपना जवाब दाखिल किया। यह याचिका जस्टिस मनोज जैन की एकल पीठ के समक्ष लंबित है। केजरीवाल और सिसोदिया ने शुरुआत में ही याचिका की सुनवाई योग्य होने पर आपत्ति जताई है।उनका कहना है कि निचली...

107 साल पुराने सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब की मान्यता रद्द करने और बेदखली के खिलाफ याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने 107 साल पुराने सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब की मान्यता वापस लेने और उसे परिसर से बेदखल करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को नोटिस जारी किया। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है और मामले में संक्षिप्त जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।क्लब की ओर से सीनियर एडवोकेट दीया कपूर और एडवोकेट नकुल गांधी पेश हुए। सुनवाई के दौरान दीया कपूर ने दलील दी कि क्लब की मान्यता वापस लेने का आदेश कानूनन गलत और मनमाना है। उन्होंने कहा कि आदेश पारित...

स्कूलों को बच्चों को बेचैनी या डर के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट ने टीचर की POCSO सज़ा बरकरार रखी
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्कूलों को बच्चों को ऐसे किसी भी व्यवहार के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए जिससे उन्हें बेचैनी या डर महसूस हो, और उन्हें अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए।जस्टिस मधु जैन ने कहा,"कोर्ट का मानना है कि शिक्षण संस्थानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में पता हो और उन्हें ऐसे किसी भी व्यवहार के बारे में बात करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए जिससे उन्हें डर, बेचैनी या असुरक्षा महसूस हो।" कोर्ट ने कहा कि...
