दिल्ली हाईकोर्ट
सार्वजनिक व्यक्तियों पर हर सामग्री हटाने योग्य नहीं, केवल आपत्तिजनक होने पर ही रोक संभव: अर्जुन कपूर मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर अर्जुन कपूर की पर्सनालिटी राइट्स याचिका पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के संबंध में प्रकाशित या प्रसारित हर सामग्री पर रोक नहीं लगाई जा सकती, जब तक वह मानहानिकारक या अपमानजनक न हो।अर्जुन कपूर ने अपनी छवि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित दुरुपयोग, डीपफेक और अश्लील सामग्री के खिलाफ व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट का रुख किया।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने मामले की सुनवाई करते हुए एक्टर की ओर से पेश...
अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने भी सुनवाई का किया बहिष्कार
मनीष सिसोदिया ने अरविंद केजरीवाल के बाद दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि वह सीबीआई के लिकर पॉलिसी मामले में आगे की सुनवाई में भाग नहीं लेंगे।अपने पत्र में सिसोदिया ने कहा कि वह महात्मा गांधी के सत्याग्रह के सिद्धांत को मानते हैं और उनका अंत:करण उन्हें इस मामले में आगे पेश होने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह फैसला केवल आबकारी नीति मामले तक सीमित है और इसे न्यायपालिका के प्रति किसी प्रकार के अविश्वास के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।जस्टिस...
दिल्ली हाईकोर्ट ने AITA के चुनाव नतीजों को घोषिथ करने की दी मंजूरी, नए खेल कानून के तहत नए चुनाव कराने का दिया आदेश
दिल्ली हाई कोर्ट ने सितंबर 2024 में हुए ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) के चुनाव नतीजों को घोषित करने की मंज़ूरी दी। कोर्ट ने नई चुनी गई संस्था को फेडरेशन के रोज़मर्रा के कामकाज को संभालने के लिए अंतरिम व्यवस्था के तौर पर काम करने की इजाज़त दी। साथ ही यह निर्देश भी दिया कि नए चुनाव 'नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट, 2025' और 'स्पोर्ट्स गवर्नेंस रूल्स, 2026' के मुताबिक कराए जाएं।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने AITA चुनावों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि याचिका...
₹1,000 की रिश्वत: दिल्ली हाईकोर्ट ने 32 साल पुराने मामले में पुलिस कांस्टेबल की सज़ा रखी बरकरार
दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पुलिस कांस्टेबल की सज़ा बरकरार रखी। कांस्टेबल पर 1994 में ₹1,000 की रिश्वत मांगने और लेने का आरोप था। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष ने गैर-कानूनी तरीके से पैसे मांगने और लेने, दोनों ही बातों को सफलतापूर्वक साबित किया था।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने आरोपी की अपील खारिज की, जिसमें उसने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत अपनी सज़ा और दोषसिद्धि को चुनौती दी थी।ट्रायल कोर्ट ने उसे हर आरोप के लिए एक साल की कठोर कारावास की सज़ा सुनाई थी।...
बीना मोदी को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, समझौते के बाद दर्ज हमला मामला हुआ रद्द
दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति बीना मोदी, सीनियर एडवोकेट ललित भसीन और सुरक्षा अधिकारी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द किया। यह मामला गोदफ्रे फिलिप्स इंडिया के कार्यकारी निदेशक समीर मोदी पर कथित हमले से जुड़ा था।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह आदेश तब पारित किया, जब अदालत को बताया गया कि पक्षकारों के बीच समझौता हो गया है और शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ली।समीर मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत को सूचित किया कि उन्होंने शिकायत वापस ले ली है। बीना मोदी भी वर्चुअल माध्यम से सुनवाई में...
अपनी खुद की शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत घोषणा करना RP Act की धारा 123(4) के तहत 'भ्रष्ट आचरण' नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि नामांकन हलफनामे में अपनी खुद की शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत घोषणा करना, Representation of the People Act, 1951 की धारा 123(4) के तहत "भ्रष्ट आचरण" नहीं माना जाएगा।जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनोद कुमार की एक डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वे 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में करोल बाग विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार के चुनाव को चुनौती देने वाली एक चुनाव याचिका से जुड़े एक संदर्भ का जवाब दे रहे थे।चुनाव याचिकाकर्ता ने चुने गए उम्मीदवार के चुनाव को इस...
नाबालिग सौतेली बेटियों से दुष्कर्म मामले में दोषी की सजा बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी
दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग सौतेली बेटियों से दुष्कर्म के मामले में व्यक्ति की दोषसिद्धि और 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा बरकरार रखी। अदालत ने कहा कि पीड़िताओं के बयानों में मामूली विरोधाभास अभियोजन के मामले को कमजोर नहीं करते।जस्टिस विमल कुमार यादव ने सुनवाई के दौरान पीड़िताओं की मां के आचरण पर भी गंभीर टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि मां ने बच्चियों के साथ हो रहे अत्याचार की जानकारी होने के बावजूद आवश्यक कदम नहीं उठाए।अदालत ने कहा,“प्रतीत होता है कि वह अत्यंत कठिन परिस्थिति में थी। उसने अपने पहले...
'इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में थे, जिहादी सामग्री फैलाई': दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA आरोपी को 12 साल हिरासत में रहने के बावजूद ज़मानत देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को UAPA मामले में आरोपी दो लोगों को ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि ये लोग न सिर्फ़ भारत में, बल्कि पाकिस्तान में भी इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में थे और जिहादी सामग्री फैलाते थे।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने कहा कि लगभग 12 साल से हिरासत में होने के बावजूद, उन्हें रिहा करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि यह लगातार खतरा बना हुआ है कि अगर उन्हें ज़मानत दी गई तो वे फिर से ऐसी ही गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।कोर्ट ने कहा,"अपील...
लॉरेंस ऑफ पंजाब सीरीज पर विवाद तेज, केंद्र की रोक सलाह के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी ZEE5
आगामी वेब सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। OTT मंच ZEE 5 ने केंद्र सरकार की उस सलाह को चुनौती देने का फैसला किया, जिसमें उसे इस सीरीज को जारी न करने को कहा गया है। कंपनी अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करेगी।यह जानकारी सीनियर एडवोकेट राजीव नायर ने जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव के समक्ष दी। अदालत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कुख्यात गैंगस्टर द्वारा अपने जीवन पर आधारित इस वेब सीरीज के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई।सुनवाई के दौरान बताया गया कि सूचना...
दिल्ली दंगा साजिश मामले में बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने इशरत जहां की जमानत रद्द करने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगा साजिश मामले में पूर्व पार्षद इशरत जहां को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की अपील खारिज की। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह जमानत आदेश में हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने कहा कि जमानत दिए हुए चार साल से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान इशरत जहां द्वारा किसी भी शर्त का उल्लंघन करने का कोई आरोप सामने नहीं आया।अदालत ने अपने आदेश में कहा,“हम यह स्पष्ट करते हैं कि हमने मामले के गुण-दोष पर कोई...
उत्तम नगर होली हिंसा: दिल्ली हाईकोर्ट ने मृतक के परिवार को दी पुलिस सुरक्षा
दिल्ली हाईकोर्ट ने 27 साल के तरुण बुटोलिया के परिवार वालों को पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया। तरुण की इस साल उत्तम नगर में होली के जश्न के दौरान हुई एक हिंसक झड़प में मौत हो गई थी।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने एडिशनल DCP से गुज़ारिश की कि वह संबंधित SHO को निर्देश दें कि वे अपना पर्सनल मोबाइल नंबर परिवार को दें, ताकि मुश्किल के समय वे उनसे संपर्क कर सकें।कोर्ट परिवार की उस अर्ज़ी पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने अपनी जान और आज़ादी को गंभीर खतरा बताते हुए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।...
दिल्ली हाईकोर्ट का Rapido को निर्देश: दृष्टिबाधित यूज़र्स के लिए पहुंच सुनिश्चित करें
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय राइड-हेलिंग सर्विस Rapido को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करे कि उसका एप्लिकेशन, जब तक भी वह चालू रहता है, अपने यूज़र्स के लिए हर तरह से 'दिव्यांग-अनुकूल' बना रहे।जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सर्विस देने वालों का यह सकारात्मक कर्तव्य है कि वे यह सुनिश्चित करें कि डिजिटल इंटरफ़ेस स्वाभाविक रूप से सुलभ हों। साथ ही सहायक तकनीकों के साथ संगत हों; इनमें स्क्रीन रीडर और दृष्टिबाधित व्यक्तियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले अन्य पहुंच उपकरण शामिल...
सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने BJP नेता गौरव भाटिया की याचिका पर X यूज़र से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए X (पूर्व में ट्विटर) यूज़र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। यह मामला भाटिया के टीवी डिबेट से जुड़े एक कथित अश्लील वीडियो पोस्ट को लेकर है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने रैंटिंग गोला नाम के यूज़र को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।भाटिया का आरोप है कि उक्त यूज़र ने 19 दिसंबर को वीडियो पोस्ट किया जो उनके द्वारा दायर मानहानि मामले में 25 सितंबर, 2025 को...
दिव्यांगों को 'पूर्ण सहयोग' देने में कोई कानूनी बाधा नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को पूर्ण सहयोग देने पर दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत कोई कानूनी रोक नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नियम न बनने का हवाला देकर वैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल रोका नहीं जा सकता।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की बेंच एक महिला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिनके 78 वर्षीय पति गंभीर बीमारियों जैसे उन्नत डिमेंशिया और अल्जाइमर से पीड़ित हैं और पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हैं।मामले में साकेत अदालत के प्रिंसिपल जिला एवं सेशन जज...
स्टूडेंट एक्टिविस्ट की हिरासत पर सख्त हाईकोर्ट, दिल्ली पुलिस को CBI जांच की चेतावनी
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्टूडेंट एक्टिविस्ट की कथित अवैध हिरासत और प्रताड़ना के मामले में दिल्ली पुलिस को कड़ी चेतावनी दी। अदालत ने संकेत दिया कि यदि संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जा सकती है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने कहा,“अब काफी हो चुका है, हम इसे यूं नहीं जाने देंगे। जरूरत पड़ी तो जांच CBI को सौंप देंगे।”अदालत ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस का अब तक का रवैया भरोसा पैदा नहीं करता।अदालत ने दिल्ली पुलिस द्वारा सीलबंद...
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की रिक्यूज़ल सुनवाई के वीडियो हटाने का आदेश, केजरीवाल को नोटिस: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए सोशल मीडिया से अदालत की कार्यवाही के वीडियो हटाने का निर्देश दिया, जो जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की रिक्यूज़ल (मामले से अलग होने) की सुनवाई से संबंधित थे। यह आदेश एक जनहित याचिका पर दिया गया, जिसमें अरविंद केजरीवाल समेत अन्य नेताओं और पत्रकार रवीश कुमार के खिलाफ अदालत की कार्यवाही को कथित रूप से “बिना अनुमति रिकॉर्ड और प्रसारित” करने पर अवमानना कार्रवाई की मांग की गई थी। जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की...
सोशल मीडिया पोस्ट विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस, मंत्री हरदीप पुरी की बेटी से जुड़ी सामग्री हटाने के आदेश पर सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी पुरी से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। अदालत ने इस मामले में हिमायनी पुरी से जवाब मांगा।जस्टिस मिनी पुष्करणा की सिंगल बेंच ने यह स्पष्ट किया कि वह याचिकाकर्ता की ओर से दायर आदेश निरस्तीकरण (वैकैशन) अर्जी और अंतरिम निषेधाज्ञा दोनों पर एक साथ सुनवाई करेंगी। मामले की अगली सुनवाई 7 मई को तय की गई।यह याचिका रायपुर के सोशल एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला ने दायर की। उनका कहना है कि पहले पारित आदेश...
दिल्ली हाईकोर्ट ने ₹22 करोड़ के 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम में ज़मानत देने से किया इनकार, कहा - इसका समाज पर बहुत बुरा असर पड़ता है
दिल्ली हाईकोर्ट ने ₹22 करोड़ के "डिजिटल अरेस्ट" साइबर धोखाधड़ी मामले में चार आरोपियों को ज़मानत देने से इनकार किया। यह मामला एक बुज़ुर्ग नागरिक से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराधों का समाज पर बहुत बुरा असर पड़ता है और इनसे सख्ती से निपटना ज़रूरी है।जस्टिस मनोज जैन ने दो आरोपियों की नियमित ज़मानत याचिकाएं और दो अन्य की अग्रिम ज़मानत याचिकाएं खारिज कीं। उन्होंने कहा कि इस समय अगर इन्हें रिहा किया गया तो चल रही जाँच में रुकावट आ सकती है।यह मामला 70 साल से ज़्यादा उम्र के एक बुज़ुर्ग के...
उन्नाव रेप केस: पीड़िता की अतिरिक्त सबूत पेश करने की मांग खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट ने की सख्त टिप्पणी
दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप मामले में पीड़िता की याचिका खारिज की, जिसमें उसने दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ अतिरिक्त सबूत पेश करने की अनुमति मांगी थी।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने सेंगर द्वारा 2020 में दायर अपील पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। सेंगर ने अपनी सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी।पीड़िता ने अपनी अर्जी में स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर जन्मतिथि समेत कुछ अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने और नए साक्ष्य दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने उपलब्ध...
यासीन मलिक के दावों पर NIA का दिल्ली हाईकोर्ट में जवाब: सहानुभूति पाने की कोशिश अपराध से कोई संबंध नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक के उन दावों को खारिज किया, जिनमें उन्होंने विभिन्न सरकारों के साथ कार्य संबंध होने की बात कही थी। एजेंसी ने कहा कि यह केवल जनसहानुभूति हासिल करने का प्रयास है और इससे उनके अपराध पर कोई असर नहीं पड़ता।NIA ने अपने जवाब में कहा,“सीनियर नेताओं, मीडिया कर्मियों और नौकरशाहों के नाम लेना केवल लोकप्रियता और सहानुभूति पाने के लिए है। इसका इस मामले के गुण-दोष से कोई लेना-देना नहीं है।” मलिक ने दावा किया कि वर्ष...



















