दिल्ली हाईकोर्ट

बालीग होने के बाद शादी करने से नाबालिग के साथ सेक्स को कानूनी नहीं माना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि महिला और आरोपी के बीच बालिग होने के बाद हुई शादी, उस सेक्सुअल इंटरकोर्स (यौन संबंध) को कानूनी नहीं बना सकती जो कथित तौर पर तब हुआ था, जब वह नाबालिग थी। कोर्ट ने कहा कि एक लंबे समय तक चलने वाला रिश्ता बाद में कानूनी सहमति नहीं दे सकता।जस्टिस संजीव नरूला ने यह बात एक व्यक्ति के खिलाफ POCSO मामला रद्द करने से इनकार करते हुए कही। उस व्यक्ति की पत्नी ने कार्यवाही खत्म करने की मांग की, क्योंकि उनकी शादी हो चुकी हैं, उनका एक बच्चा हैं और वे खुशी-खुशी साथ रह रहे हैं।जब महिला ने...

Digital Arrest Fraud: दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार, कही यह बात
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के मामलों में, ठगी के पैसे लेने, उसे आगे भेजने या ठिकाने लगाने वाले लोगों की पहचान करना उतना ही ज़रूरी है, जितना कि पीड़ित से सीधे बातचीत करने वालों की पहचान करना।जस्टिस संजीव नरूला ने यह बात 2.65 करोड़ रुपये के कथित डिजिटल-अरेस्ट फ्रॉड मामले में हिमांशु नाम के व्यक्ति की अग्रिम ज़मानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कही।कोर्ट ने कहा कि इस तरह के फ्रॉड आमतौर पर सरकारी अधिकारियों का रूप धरकर, लगातार मानसिक दबाव डालकर और कई अकाउंट्स के ज़रिए तेज़ी से...

प्राइवेट शिकायत पर संज्ञान लेने से पहले मजिस्ट्रेट को शिकायतकर्ता और गवाहों से पूछताछ करनी होगी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223(1) के तहत आरोपी को नोटिस जारी करने और संज्ञान लेने के मामले में उसकी बात सुनने का मौका देने से पहले, मजिस्ट्रेट को सबसे पहले शिकायतकर्ता और मौजूद गवाहों से शपथ पर पूछताछ करनी होगी, जब तक कि कानून में ऐसी पूछताछ से छूट न दी गई हो।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि औपचारिक रूप से संज्ञान लेने से पहले आरोपी की बात सुनना ज़रूरी है, लेकिन प्राइवेट शिकायत पेश होने पर, शिकायतकर्ता और गवाहों...

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक युवा वकील की अच्छी तैयारी के लिए तारीफ़ की, कहा- सीनियर वकीलों को जूनियर्स को बहस करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने केस की फ़ाइल और रिकॉर्ड की अच्छी जानकारी रखने के लिए एक युवा वकील की तारीफ़ की। कोर्ट ने कहा कि जूनियर वकीलों को मामलों पर बहस करने के लिए तैयार रहना चाहिए और सीनियर वकीलों को उन्हें केस पेश करने से नहीं रोकना चाहिए।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस निवेदिता अनिल शर्मा की डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वे ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) की एक याचिका खारिज कर रहे थे। AIIMS ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के उस आदेश को चुनौती दी, जो OBC-NCL कैटेगरी के तहत...

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करने में अधिकारियों की नाकामी से जनता परेशान: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी अधिकारियों द्वारा आवारा कुत्तों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को सख्ती से लागू न करने के कारण जनता को परेशानी हो रही है।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने यह टिप्पणी आदित्य विक्रम बोहरा की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। बोहरा ने अपने खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 के तहत दर्ज FIR रद्द करने की मांग की।यह प्रावधान किसी जानवर को मारकर, ज़हर देकर, अपंग बनाकर या बेकार करके नुकसान पहुंचाने के अपराध के लिए सज़ा का प्रावधान करता है।बोहरा के वकील ने कहा कि...
![[JEE Mains] IIT में एडमिशन के लिए तय योग्यता शर्तों की जगह सहानुभूति नहीं ले सकती: दिल्ली हाईकोर्ट [JEE Mains] IIT में एडमिशन के लिए तय योग्यता शर्तों की जगह सहानुभूति नहीं ले सकती: दिल्ली हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2025/09/24/500x300_622421-750x450598403-jee-mains-2025-delhi-hc.jpg)
[JEE Mains] IIT में एडमिशन के लिए तय योग्यता शर्तों की जगह सहानुभूति नहीं ले सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) में एडमिशन के लिए तय योग्यता शर्तों की जगह सहानुभूति या पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी संभावित मुश्किलों को नहीं रखा जा सकता।जस्टिस जसमीत सिंह ने JEE की उम्मीदवार की याचिका खारिज की। उम्मीदवार ने JEE मेन 2025 परीक्षा के मूल्यांकन में कथित गलतियों के आधार पर IIT दिल्ली में एडमिशन की मांग की थी।कोर्ट ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए हाईकोर्ट सिर्फ़ कथित मुश्किलों के आधार पर परीक्षा और...

प्रतिकूल आदेश या प्रक्रियात्मक अनियमितताओं के आधार पर ट्रायल ट्रांसफर करने के लिए न्यायिक पक्षपात साबित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिकूल न्यायिक आदेश और कथित प्रक्रियात्मक अनियमितताएं, अपने आपमें पक्षपात के आरोप पर आपराधिक ट्रायल को ट्रांसफर करने के लिए कानूनी रूप से मान्य आधार नहीं बन सकते।जस्टिस प्रतीक जालान एक शिकायतकर्ता की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें 2021 में दर्ज रेप केस को मौजूदा एडिशनल सेशन जज की अदालत से किसी दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की गई।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ट्रायल कोर्ट आरोपों को तय करने, उसकी गवाही दर्ज करने, न्यायिक निर्देशों का पालन करने और अतिरिक्त...

सिर्फ़ बैंक ट्रांज़ैक्शन को पति की महीने की खर्च-योग्य आय मानकर गुज़ारा-भत्ता तय नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी को दिए जाने वाले गुज़ारा-भत्ते (मेंटेनेंस) को तय करते समय पति के बैंक ट्रांज़ैक्शन को अपने-आप उसकी महीने की खर्च-योग्य आय के बराबर नहीं माना जा सकता।जस्टिस मधु जैन ने यह बात एक पत्नी की उस याचिका को खारिज करते हुए कही, जिसमें उसने फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम गुज़ारा-भत्ते की रकम बढ़ाने की मांग की थी।कोर्ट ने साफ़ किया कि कमाने वाले जीवनसाथी की आय का एक निश्चित प्रतिशत तय करके गुज़ारा-भत्ता तय नहीं किया जा सकता और कोर्ट को दोनों पक्षों की आर्थिक स्थिति और...

वैवाहिक घर में हर असंवेदनशील या आपत्तिजनक हरकत 'क्रूरता' नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक घर में होने वाली हर असंवेदनशील या आपत्तिजनक हरकत अपने आप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A के तहत 'क्रूरता' नहीं मानी जा सकती।जस्टिस मधु जैन ने यह टिप्पणी महिला की याचिका खारिज करते हुए की। महिला ने रिविजनल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसके ससुराल वालों को IPC की धारा 498A (क्रूरता) और 406 (भरोसे का आपराधिक उल्लंघन) के आरोपों से बरी कर दिया गया, जबकि उसके पति के खिलाफ क्रूरता का आरोप बरकरार रखा गया।कोर्ट ने कहा कि जब पति के कई रिश्तेदारों पर...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जश्न में फायरिंग से हुई मौत के मामले में बिहार के MLA राजू कुमार सिंह की सज़ा पर रोक लगाने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बिहार के MLA राजू कुमार सिंह की सज़ा पर रोक लगाने से इनकार किया। उन्हें नए साल की पूर्व संध्या पर एक पार्टी में जश्न के दौरान फायरिंग से हुई एक महिला की मौत के मामले में 'गैर-इरादतन हत्या' (Culpable Homicide not Amounting to Murder) के लिए चार साल की जेल की सज़ा सुनाई गई।जस्टिस मनोज जैन ने कहा कि मामले के "सतही विश्लेषण" से सबूतों को समझने में कोई स्पष्ट गड़बड़ी या बड़ी गलती नहीं दिखी, जिसके आधार पर सज़ा पर रोक लगाई जा सके।कोर्ट ने कहा,"और तो और, उनका पिछला रिकॉर्ड भी साफ़...

सिर्फ़ वीज़ा होने से किसी विदेशी को भारत में घुसने का बिना शर्त अधिकार नहीं मिलता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ वीज़ा होने से किसी विदेशी नागरिक को भारत में घुसने का बिना शर्त और पक्का अधिकार नहीं मिल जाता।जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि वीज़ा जारी करना, एंट्री से मना करना या इमिग्रेशन मंज़ूरी देना सरकार का एक संप्रभु काम है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और प्रशासनिक विवेक जैसे पहलुओं पर आधारित होता है।कोर्ट ने कहा,"कानूनी व्यवस्था के तहत इमिग्रेशन अधिकारी एंट्री के समय विदेशी के पासपोर्ट, यात्रा दस्तावेज़ और वीज़ा की जांच करते हैं। उन्हें ज़रूरी और उचित जानकारी मांगने का...

उत्तम नगर होली हिंसा मामले में आरोपी की मां को पुलिस सुरक्षा, हाईकोर्ट ने कहा- स्थिति गंभीर
दिल्ली हाईकोर्ट ने उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हिंसक झड़प में 27 वर्षीय तरुण बुटोलिया की हत्या के आरोपी की मां और उसके परिवार को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि बेटे के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई कानून के अनुसार अपना रास्ता लेगी, लेकिन उसकी मां को हिंसा के खतरे के बीच असुरक्षित नहीं छोड़ा जा सकता। अदालत ने मामले को गंभीर बताते हुए आरोपी की मां की याचिका स्वीकार कर ली। महिला ने स्थानीय पुलिस को तत्काल और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश देने की...

जंतर-मंतर पर E20 पेट्रोल पॉलिसी के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन की इजाज़त न मिलने को हाईकोर्ट में चुनौती
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें राजधानी के जंतर-मंतर पर E20 पेट्रोल-इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त न मिलने के फैसले को चुनौती दी गई।इस मामले की सुनवाई 29 सितंबर को जस्टिस अमित महाजन ने की।याचिकाकर्ताओं, रॉबिन माइकल और एक अन्य व्यक्ति ने 2 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की इजाज़त मांगी थी।उन्होंने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए इजाज़त न देने और दिल्ली पुलिस के इस फैसले को रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का...

बिना सुनवाई छात्रा को निकालना कानून के राज में मंजूर नहीं: हाईकोर्ट ने DU की कार्रवाई पर लगाई रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की एक छात्रा के निष्कासन के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि किसी शैक्षणिक संस्थान को अनुशासन बनाए रखने का अधिकार जरूर है लेकिन इस अधिकार के नाम पर छात्र को अपना पक्ष रखने के मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।जस्टिस जस्मीत सिंह ने कहा कि संस्थागत स्वायत्तता का मतलब मनमानी या असीमित अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि शिक्षण संस्थान अनुशासन बनाए रखने और साबित कदाचार के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन ऐसी कार्रवाई कानून और निष्पक्ष...

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली चुनाव पर हाईकोर्ट ने मांगे रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति के दस्तावेज
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) के आगामी चुनाव को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति और उनके कार्यकाल से जुड़े दस्तावेज अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।याचिका में 25 सितंबर को जारी उस सूचना को चुनौती दी गई, जिसके तहत बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के पदाधिकारियों और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के लिए उसके सदस्य प्रतिनिधि के चुनाव की तारीख 10 अक्टूबर तय की गई।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने वकील महमूद प्राचा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।प्राचा ने स्वयं अदालत में पेश होकर याचिका...

बिना भरण-पोषण मांगे भी बहू से घर खाली करा सकता है बुजुर्ग: दिल्ली हाईकोर्ट का अहम फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुजुर्गों के अधिकारों से जुड़े एक अहम फैसले में कहा कि किसी सीनियर सिटीजन को अपनी बहू के खिलाफ घर खाली कराने की कार्रवाई शुरू करने के लिए पहले भरण-पोषण की मांग करना जरूरी नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और उनकी संपत्ति से बेटे, बेटी या कानूनी उत्तराधिकारी को बेदखल करने की कार्यवाही अलग-अलग हैं।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि दिल्ली माता-पिता और सीनियर सिटीजन का भरण-पोषण एवं कल्याण नियम, 2009 के नियम...

पांच साल से जेल में बंद कथित ISIS मॉड्यूल के आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के मामले में आरोपी मोहम्मद शहजाद कमाल को जमानत दी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कमाल पर ISIS से जुड़े कथित संगठन हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम की गतिविधियों के लिए धन जुटाने और उसे पहुंचाने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। कमाल करीब पांच साल से जेल में बंद है। मामले में हाईकोर्ट का विस्तृत आदेश बाद में जारी होगा।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस अरुण भारद्वाज की खंडपीठ ने कमाल की अपील पर सुनवाई करते हुए उसे जमानत...

दिल्ली हाईकोर्ट ने DDA को फ्रीहोल्ड कन्वर्ज़न के पेंडिंग आवेदनों पर दो महीने में कार्रवाई करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) को निर्देश दिया कि वह राजधानी के निवासियों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए प्रॉपर्टी को लीज़होल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलने के सभी पेंडिंग आवेदनों पर दो महीने के अंदर कार्रवाई करे।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की डिवीज़न बेंच ने निर्देश दिया कि सभी पेंडिंग आवेदनों पर उसी पॉलिसी के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए जो आवेदन दाखिल करने की तारीख पर लागू थी।कोर्ट ने हाउसिंग और अर्बन अफेयर्स मिनिस्ट्री (MoHUA) और DDA को नए आवेदनों पर कार्रवाई...

ISIS से जुड़े टेरर मॉड्यूल को हथियार सप्लाई के आरोपी को 7.5 साल जेल में रहने के बाद मिली ज़मानत
दिल्ली हाईकोर्ट ने ISIS से जुड़े कथित टेरर मॉड्यूल को हथियार हासिल करने में मदद करने के आरोपी व्यक्ति को ज़मानत दी। कोर्ट ने यह देखते हुए ज़मानत दी कि वह साढ़े सात साल से ज़्यादा समय से हिरासत में है और निकट भविष्य में ट्रायल पूरा होने की कोई संभावना नहीं है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीज़न बेंच ने नईम नाम के व्यक्ति की याचिका को मंज़ूरी दी। नईम ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उसकी ज़मानत याचिका खारिज की गई। यह मामला नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने...

LPG सिलेंडर के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने को चुनौती, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
घरेलू LPG सिलेंडर रिफिल बुक करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका में दावा किया गया है कि 1 अक्टूबर से विनियमित कीमत पर घरेलू LPG रिफिल लेने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने के फैसले से करीब 3.16 करोड़ उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं, जिन्होंने अब तक प्रमाणीकरण पूरा नहीं किया।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार का पक्ष...
