दिल्ली हाईकोर्ट

लिव-इन संबंध का सहारा लेकर झूठे शादी के वादे से नहीं बच सकता आरोपी: दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत
लिव-इन संबंध का सहारा लेकर झूठे शादी के वादे से नहीं बच सकता आरोपी: दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत

दिल्ली हाइकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई आरोपी यह कहकर खुद को बचा नहीं सकता कि वह पहले से किसी महिला के साथ केवल लिव-इन संबंध में था इसलिए उस पर झूठे शादी के वादे का आरोप लागू नहीं होता।जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा ने यह टिप्पणी करते हुए एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।मामला उस आरोप से जुड़ा है, जिसमें अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी ने विवाह का झूठा वादा कर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में पीड़िता को पता चला कि आरोपी पहले से ही एक अन्य महिला के साथ रह रहा था और उसके दो...

गौरव भाटिया के मानहानि मामले में हाईकोर्ट की सख्त, X यूजर को जारी किया नोटिस
गौरव भाटिया के मानहानि मामले में हाईकोर्ट की सख्त, 'X यूजर को जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने BJP नेता और सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोशल मीडिया मंच X के एक यूजर को नोटिस जारी किया। आरोप है कि उक्त यूजर ने अदालत के अंतरिम आदेश का उल्लंघन करते हुए आपत्तिजनक सामग्री शेयर की।जस्टिस मीनि पुष्करणा की अदालत ने मामले में यूजर रैन्टिंग गोला और एक्स से जवाब मांगा। याचिका में कहा गया कि सितंबर में पारित अंतरिम आदेश के बावजूद संबंधित यूजर लगातार वीडियो और पोस्ट डाल रही है।दरअसल, गौरव भाटिया ने पिछले वर्ष एक टीवी बहस के दौरान दिए गए बयान के बाद सोशल...

Molitics के फेसबुक पेज ब्लॉक करने पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और मेटा से मांगा जवाब
'Molitics' के फेसबुक पेज ब्लॉक करने पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और मेटा से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म मोलिटिक्स (Molitics) के फेसबुक पेज को ब्लॉक किए जाने के मामले में केंद्र सरकार और मेटा प्लेटफॉर्म्स सहित अन्य पक्षों से जवाब मांगा।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, दिल्ली पुलिस और मेटा को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आखिर किस प्रावधान के तहत यह कार्रवाई की गई।मामला 29 मार्च को मोलिटिक्स के फेसबुक पेज को भारत में ब्लॉक किए जाने से जुड़ा है। कंपनी ने याचिका दाखिल...

कोमा में सैनिक के शुक्राणु सुरक्षित रखने की अनुमति: दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व सहमति को माना पर्याप्त
कोमा में सैनिक के शुक्राणु सुरक्षित रखने की अनुमति: दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व सहमति को माना पर्याप्त

दिल्ली हाईकोर्ट ने संवेदनशील और महत्वपूर्ण फैसले में कोमा में पड़े सैनिक के शुक्राणु निकालकर संरक्षित (क्रायोप्रिजर्वेशन) करने की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि IVF प्रक्रिया के लिए पहले दी गई सहमति को ही वैध माना जाएगा।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने यह आदेश देते हुए कहा कि केवल इस आधार पर पत्नी को अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता कि पति की वर्तमान लिखित सहमति उपलब्ध नहीं है।मामले में याचिकाकर्ता पत्नी ने अदालत से अनुरोध किया कि उसके पति, जो जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान गंभीर मस्तिष्क चोट के...

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के नाम कैसे दर्ज हों? हाइकोर्ट करेगा अहम फैसला, कई दस्तावेजों पर पड़ेगा प्रभाव
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के नाम कैसे दर्ज हों? हाइकोर्ट करेगा अहम फैसला, कई दस्तावेजों पर पड़ेगा प्रभाव

दिल्ली हाईकोर्ट अब यह तय करेगा कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के नाम शैक्षणिक और आधिकारिक अभिलेखों में किस प्रकार दर्ज किए जाएं। अदालत ने माना कि यह मुद्दा केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि पासपोर्ट आधार जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे कई दस्तावेजों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। यह मामला उन याचिकाओं से जुड़ा है, जिनमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई।सुनवाई के...

दिल्ली हाईकोर्ट में केजरीवाल व आप नेताओं के खिलाफ शिकायत, कोर्ट कार्यवाही के कथित अनधिकृत प्रसारण पर विवाद
दिल्ली हाईकोर्ट में केजरीवाल व आप नेताओं के खिलाफ शिकायत, कोर्ट कार्यवाही के कथित अनधिकृत प्रसारण पर विवाद

दिल्ली हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल पार्टी के कई नेताओं और पत्रकार रवीश कुमार के खिलाफ शिकायत दायर की गई। आरोप है कि इन्होंने न्यायालय की कार्यवाही का कथित रूप से अनधिकृत रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।यह शिकायत एडवोकेट वैभव सिंह द्वारा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष दायर की गई। शिकायत में कहा गया कि 13 अप्रैल को जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान जब केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जस्टिस से खुद को मामले से अलग करने की...

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से हटने का मामला: केजरीवाल ने दायर किया नया हलफनामा, कहा- जज का बेटा और बेटी केंद्र के पैनल वकील
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से हटने का मामला: केजरीवाल ने दायर किया नया हलफनामा, कहा- जज का बेटा और बेटी केंद्र के पैनल वकील

शराब नीति मामले की सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग वाली अपनी याचिका में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अतिरिक्त हलफनामा दायर किया। इसमें उन्होंने कहा है कि जस्टिस शर्मा के बेटे और बेटी, दोनों ही केंद्र सरकार के वकील के तौर पर पैनल में शामिल हैं।केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस शर्मा के बच्चों को काम सॉलिसिटर जनरल द्वारा सौंपा जाता है, जो जस्टिस शर्मा के सामने CBI की तरफ से पेश हुए। उनके अनुसार, इससे जस्टिस शर्मा की ओर से पक्षपात की एक उचित आशंका पैदा होती...

कोर्ट के धारा 73 के तहत कार्रवाई का खुलासा न करने पर हस्तलेखन का सैंपल देने से मना करने पर कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
कोर्ट के धारा 73 के तहत कार्रवाई का खुलासा न करने पर हस्तलेखन का सैंपल देने से मना करने पर कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि किसी पक्ष के खिलाफ हस्तलेखन सैंपल देने से मना करने पर कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, अगर कोर्ट ने यह खुलासा न किया हो कि ऐसा नमूना भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 73 के तहत तुलना के लिए मांगा जा रहा है।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब उन्होंने एक फैमिली कोर्ट द्वारा क्रूरता के आधार पर दी गई तलाक की डिक्री रद्द की।अपीलकर्ता-पत्नी ने कथित तौर पर वैवाहिक घर में कागज़/पर्ची फेंक दी थी, जिसमें मनमानी...

क्या बिना एडमिशन/डिनायल एफिडेविट के लिखित बयान नॉन-एस्ट (अमान्य) है? दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ी बेंच को सौंपा मामला
क्या बिना एडमिशन/डिनायल एफिडेविट के लिखित बयान 'नॉन-एस्ट' (अमान्य) है? दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ी बेंच को सौंपा मामला

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट (ओरिजिनल साइड) रूल्स, 2018 के तहत लिखित बयान दाखिल करने से जुड़े एक मुद्दे को एक बड़ी बेंच के पास भेजा।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने इस संदर्भ के लिए निम्नलिखित प्रश्न तैयार किया:“क्या दिल्ली हाईकोर्ट (ओरिजिनल साइड) रूल्स, 2018 के तहत तय कानूनी समय सीमा के भीतर लिखित बयान दाखिल करना—लेकिन साथ में दस्तावेजों के एडमिशन/डिनायल (स्वीकृति/अस्वीकृति) का एफिडेविट न होना—कानून की नज़र में उस फाइलिंग को 'नॉन-एस्ट' (अमान्य) बना देता है? या फिर, क्या ऐसे एफिडेविट का न होना...

गांजे के पत्ते और डंठल गांजा नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने NDPS केस में ज़मानत दी, कमर्शियल मात्रा पर संदेह जताया
गांजे के पत्ते और डंठल 'गांजा' नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने NDPS केस में ज़मानत दी, कमर्शियल मात्रा पर संदेह जताया

दिल्ली हाईकोर्ट ने ड्रग्स के एक मामले में आरोपी को ज़मानत दी। कोर्ट ने कहा कि गांजे के पत्तों और डंठलों को कमर्शियल मात्रा (व्यावसायिक मात्रा) तय करने के लिए 'गांजा' नहीं माना जा सकता। इस तरह, कोर्ट ने इस बात पर संदेह जताया कि क्या ज़ब्त की गई चीज़ें NDPS Act की धारा 37 के तहत तय की गई सख्त सीमा के दायरे में आती हैं।कोर्ट ने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 (NDPS Act) के तहत 'गांजा' की परिभाषा में खास तौर पर सिर्फ गांजे के पौधे के फूल वाले या फल वाले ऊपरी हिस्से ही...

बालिग होने पर पीड़िता से निकाह करना बलात्कार के अपराध को खत्म नहीं करता: दिल्ली हाईकोर्ट
बालिग होने पर पीड़िता से निकाह करना बलात्कार के अपराध को खत्म नहीं करता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा कि यदि किसी अभियुक्त ने नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार जैसा जघन्य अपराध किया है तो लड़की के बालिग होने के बाद उससे शादी या निकाह कर लेने से अभियुक्त का आपराधिक दायित्व समाप्त नहीं हो जाता।अदालत ने स्पष्ट किया कि बाद में की गई शादी उस समय किए गए अपराध को नहीं मिटा सकती, जब पीड़िता नाबालिग है।भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दर्ज मामले में जमानत याचिका खारिज करते हुए जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कड़ी टिप्पणी की।उन्होंने...

नाबालिग की अश्लील सामग्री ऑनलाइन डालना गंभीर अपराध, नुकसान सजा से कहीं अधिक: दिल्ली हाईकोर्ट
नाबालिग की अश्लील सामग्री ऑनलाइन डालना गंभीर अपराध, नुकसान सजा से कहीं अधिक: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि नाबालिग की अश्लील तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डालना बेहद गंभीर अपराध है, जिसका प्रभाव केवल कानूनी सजा तक सीमित नहीं रहता बल्कि पीड़िता के जीवन पर गहरा और स्थायी असर डालता है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में एक बार ऐसी सामग्री इंटरनेट पर अपलोड हो जाए तो वह तेजी से फैल जाती है और उस पर नियंत्रण पाना लगभग असंभव हो जाता है।अदालत ने कहा,“ऐसी हरकतों...

मंत्रियों को रोज़ जनता से वीडियो के ज़रिए मिलने का आदेश नहीं दे सकता कोर्ट: दिल्ली हाईकोर्ट
मंत्रियों को रोज़ जनता से वीडियो के ज़रिए मिलने का आदेश नहीं दे सकता कोर्ट: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को यह निर्देश देने से इनकार किया कि सभी केंद्रीय मंत्री रोज़ाना कम-से-कम दो घंटे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनता की शिकायतें सुनें। अदालत ने कहा कि ऐसी नीति बनाना कार्यपालिका का अधिकार क्षेत्र है और इसे अदालत के आदेश से लागू नहीं कराया जा सकता।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता की मांग सीधे तौर पर नीति निर्माण से जुड़ी है जो पूरी तरह सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।अदालत ने कहा,“नीतियां बनाना, प्रशासनिक...

1/3 सजा पूरी करने वाले अंडरट्रायल को रिहाई दें: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
1/3 सजा पूरी करने वाले अंडरट्रायल को रिहाई दें: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का आदेश देते हुए कहा कि जिन अंडरट्रायल कैदियों ने संभावित अधिकतम सजा का एक-तिहाई या आधा हिस्सा पूरा कर लिया है, उन्हें राहत दी जानी चाहिए।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने यह निर्देश धोखाधड़ी और प्रतिरूपण के मामले में आरोपी को जमानत देते हुए दिया।अदालत ने आदेश की प्रति जिला एवं सेशन जजों, जेल महानिदेशक, दिल्ली हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति और दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश भी दिए।मामले में आरोपी पर खुद को...

प्रतिकूल आदेश जज पर पक्षपात का आरोप लगाने या केस ट्रांसफर की मांग करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
प्रतिकूल आदेश जज पर पक्षपात का आरोप लगाने या केस ट्रांसफर की मांग करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि सिर्फ़ कोई प्रतिकूल आदेश पारित हो जाने भर से अपने आप में किसी जज पर पूर्वाग्रह और पक्षपात का आरोप लगाने और केस ट्रांसफर की मांग करने का कोई आधार नहीं बन जाता।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने एक महिला द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें जज पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए आपराधिक वैवाहिक मामले को 'महिला कोर्ट' से किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की गई थी।शुरुआत में ही, कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता एक बार फिर उन्हीं मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रही थी, जिन्हें...

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने का मामला: CBI का तर्क- अरविंद केजरीवाल की खुद को सुनवाई से हटाने की अर्जी मानना​ गलत मिसाल कायम करेगा
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने का मामला: CBI का तर्क- अरविंद केजरीवाल की खुद को सुनवाई से हटाने की अर्जी मानना​ गलत मिसाल कायम करेगा

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने सोमवार (13 अप्रैल) को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों द्वारा दायर उन अर्जियों को स्वीकार करना, जिनमें शराब नीति मामले की सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की मांग की गई, एक गलत मिसाल कायम करेगा।इससे पहले दिन में केजरीवाल ने खुद बहस करते हुए दावा किया कि उनके मन में यह वाजिब आशंका है कि उन्हें निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी। वह CBI की उस पुनर्विचार याचिका की सुनवाई से जस्टिस शर्मा को हटाने की मांग कर रहे हैं,...

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को केस से हटने की मांग: केजरीवाल ने दिया सत्येंद्र जैन के केस में जज बदलने की ED की अर्ज़ी मंज़ूर का हवाला
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को केस से हटने की मांग: केजरीवाल ने दिया सत्येंद्र जैन के केस में जज बदलने की ED की अर्ज़ी मंज़ूर का हवाला

शराब नीति केस की सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के 2022 के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस अर्ज़ी को मंज़ूर किया गया, जिसमें AAP नेता सत्येंद्र जैन के केस में ट्रायल जज को बदलने की मांग की गई।केजरीवाल ने दावा किया कि उनका केस जैन के केस की सुनवाई कर रहे जज को हटाने की ED की अर्ज़ी से ज़्यादा मज़बूत है। वह CBI की उस रिवीज़न पिटीशन की सुनवाई से जस्टिस शर्मा के हटने की मांग कर...

राणा अय्यूब के ट्वीट नहीं हटाने पर X को झटका, सुरक्षित छूट हो सकती है खत्म: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
राणा अय्यूब के ट्वीट नहीं हटाने पर X को झटका, सुरक्षित छूट हो सकती है खत्म: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा

दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने बड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पत्रकार राणा अय्यूब के कथित आपत्तिजनक ट्वीट्स को न हटाने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' अपनी सेफ हार्बर यानी कानूनी संरक्षण खो सकता है। केंद्र ने अदालत को बताया कि न्यायिक आदेश और पुलिस नोटिस के बावजूद सामग्री न हटाना कानून के उल्लंघन के समान है।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव के समक्ष दाखिल हलफनामे में केंद्र ने कहा कि जब किसी मंच को अवैध सामग्री की वास्तविक जानकारी मिल जाती है तब उसे तुरंत कार्रवाई करनी होती है। ऐसा न करना नियमों के...

सिर्फ दुर्व्यवहार से नहीं बनता SC-ST Act का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने DU प्रोफेसर के खिलाफ FIR रद्द की
सिर्फ दुर्व्यवहार से नहीं बनता SC-ST Act का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने DU प्रोफेसर के खिलाफ FIR रद्द की

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि केवल किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार करना अपने आप में SC-ST अत्याचार निवारण कानून के तहत अपराध नहीं बनता। इसके लिए यह साबित होना आवश्यक है कि आरोपी ने जाति के आधार पर अपमान करने की मंशा से कार्य किया हो।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा,“SC-ST कानून की धारा 3 के तहत अपराध तभी बनता है जब यह स्पष्ट हो कि कथित कृत्य पीड़ित को उसकी जाति के कारण अपमानित करने की मंशा से किया गया हो। केवल यह पर्याप्त नहीं है कि शिकायतकर्ता अनुसूचित...

अतिक्रमणकारियों को सार्वजनिक हित के आगे झुकना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट ने सड़क चौड़ीकरण को दी मंजूरी
अतिक्रमणकारियों को सार्वजनिक हित के आगे झुकना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट ने सड़क चौड़ीकरण को दी मंजूरी

दिल्ली हाईकोर्ट ने शालीमार बाग इलाके में सड़क चौड़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वालों के निजी हित, बड़े सार्वजनिक हित के सामने टिक नहीं सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सड़क का विस्तार जरूरी है।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाने की योजना को मंजूरी देते हुए कहा कि अस्पताल, स्कूल और आपातकालीन सेवाओं तक सुगम पहुंच के लिए इस परियोजना में देरी नहीं की जा सकती।अदालत...