मुख्य सुर्खियां
मानसिक रूप से विकलांग यौन शोषण पीड़िता को हरियाणा विधिक सेवा प्राधिकरण ने तत्काल सहायता प्रदान की
यमुनानगर की कॉलोनी में एक चौंकाने वाली घटना घटित हुई है, जिसमें एक मानसिक रूप से विकलांग नाबालिग लड़की का एक किशोर द्वारा कथित रूप से यौन शोषण किया गया। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज न्यायमूर्ति और एचएएलएसए के एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन राजन गुप्ता ने घटना पर संज्ञान लेते हुए, परिवार के सदस्यों से संपर्क करने और चिकित्सा के लिए आवश्यक सहायता, सामाजिक कानूनी परामर्श और पीड़ित के पुनर्वास के लिए अंतरिम मुआवजा प्रदान करने के लिए तुरंत यमुनानगर के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश जारी...
"यह गंभीर सुरक्षा चिंताएं पैदा करता है", पटना हाईकोर्ट ने शताब्दी भवन के निकट स्थित 'विशाल संरचना' का न्यायिक नोटिस लिया
पटना उच्च न्यायालय ने सोमवार (01 मार्च) को पटना उच्च न्यायालय के नवनिर्मित शताब्दी भवन के समीप उत्तर दिशा में स्थित एक 'विशाल संरचना'/बिल्डिंग का न्यायिक नोटिस लिया। न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार सिंह, न्यायमूर्ति विकाश जैन, न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह की पूर्ण पीठ ने एक मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए यह न्यायिक नोटिस लिया। दिलचस्प बात यह है कि यह नोटिस, पटना हाईकोर्ट के शताब्दी भवन, जिसका उद्घाटन 27...
'आगे की जांच के लिए कोर्ट की अनुमति अनिवार्य नहीं, लेकिन अनुमित लेना एक बेहतर लॉ प्रैक्टिस के रूप में मान्य': केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने (मंगलवार) एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (Criminal revision Petition) पर फैसला सुनाते हुए देखा कि क्या आगे की जांच के लिए अदालत की अनुमति अनिवार्य है या क्या इस तरह की जांच शुरू करने से पहले जरूरी सबूत इकट्ठे किए जाने चाहिए।न्यायमूर्ति आर नारायण पिशराडी की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के तहत आगे की जांच की अनुमति अनिवार्य नहीं है, यह शिष्टाचार और स्वामित्व के सिद्धांतों पर आधारित एक अच्छी तरह से स्वीकृत कानूनी नियम है।तथ्यविजिलेंस एंड एंटी करप्शन...
'सौ खरगोश से आप एक घोड़ा नहीं बना सकते, इसी तरह सौ शक मिलकर सबूत नहीं बन सकते': दिल्ली कोर्ट ने दिल्ली दंगे मामले के दो अभियुक्तों को डिस्चार्ज किया
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने दिल्ली दंगे मामले में हथियार या गोला-बारूद का उपयोग कर हत्या करने का प्रयास के मामले में दो अभियुक्तों को डिस्चार्ज किया और फ्योदोर दोस्तोवस्की की किताब "क्राइम एंड पनिशमेंट" की लाइनें को कोट करते हुए कहा कि, "सौ खरगोशों से आप एक घोड़ा नहीं बना सकते, इसी तरह सौ शक मिलकर सबूत नहीं बन सकते हैं।"इमरान और बाबू, दोनों अभियुक्त पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 143, धारा 144, धारा 147, धारा 148, धारा 149, धारा 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत मुकदमा दर्ज...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सड़क गड्ढों की समस्या के समाधान के लिए बीबीएमपी अधिकारियों को पेश होने के लिए कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को शहर में गड्ढों युक्त खराब सड़कों और फुटपाथों की मरम्मत के लिए एक कार्ययोजना के साथ आने से पहले कर्नाटक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (KSLSA) द्वारा तैयार रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए बृहत बेंगलुरु महानगर पालिक (BBMP) को उपस्थित होने का निर्देश दिया। 10 फरवरी को अदालत ने बीबीएमपी को बेंगलुरू शहर में प्राथमिकता के आधार पर गड्ढों को हटाने के लिए एक कार्य योजना प्रस्तुत करने के लिए कहा था और उस समय-सीमा को बताने के लिए कहा था जिसके भीतर इस कार्य योजना को लागू किया...
"याचिकाकर्ता के लिए स्टोन ऐज में जीने का रास्ता खुला है, कोर्ट नहीं बता सकते कि मीडिया और सोशल मीडिया कैसे काम करेंगे": मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने उत्तरदाताओं (भारत संघ सहित) को निर्देश देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सोशल प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण और निगरानी रखने और इसके साथ ही इसके लिए आवश्यक सेंसर सदस्यों का पैनल बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई थी।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति आर. हेमलता की खंडपीठ इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका द्वारा एस उमामहेश्वरन ने अदालत के समक्ष भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 क्षेत्राधिकार का उपयोग करके सेंसर बोर्ड की भूमिका निभाते हुए सोशल मीडिया...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति की हत्या की आरोपी मां को बेटी की कस्टडी सौंपने से इनकार किया, बरी होने पर दोबारा कस्टडी मांगने की आज़ादी दी
एक महत्वपूर्ण फैसले में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते याचिकाकर्ता महिला को दो साल की बेटी की कस्टडी सौंपने से इनकार कर दिया। महिला पर अपने पति (यानी बच्चे के पिता) की हत्या का आरोप है। जस्टिस जेजे मुनीर की खंडपीठ ने हालांकि, मां को यह आजादी दी कि यदि वह संदेह या अन्यथा के आधार पर हत्या के आरोप से बरी हो जाती है तो बेटी की कस्टडी के लिए दोबारा अपील कर सकती है।मामलायाचिकाकर्ता / मां (ज्ञानमती कुशवाहा) ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की थी, जिसमें कहा गया था कि उसकी नाबालिग बेटी को अदालत में...
इलाहाबाद हाईकोर्ट गुरुवार को लखनऊ में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना को लेकर अवध बार एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करेगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ अवध बार एसोसिएशन द्वारा सरकारी अधिकारियों से लखनऊ में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना की मांग को लेकर दायर एक रिट याचिका पर कल यानी गुरुवार को सुनवाई करेगी। अवध बार एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत किए जाने पर कि इस मामले में "अत्यधिक आग्रह" है, जस्टिस रितु राज अवस्थी और जस्टिस मनीष माथुर की एक डिवीजन बेंच ने भारत संघ के लिए उपस्थित होने वाले वकील को जीएसटी परिषद; यूपी सरकार और कमिश्नर, वाणिज्यिक कर, यूपी से मामले में निर्देश लेने के लिए एक दिन का समय दिया है।इस...
'यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा': कर्नाटक हाईकोर्ट ने दो गटर सफ़ाई कर्मियों की मौत और हाथ से गटर साफ़ करने के बाद क्लीनर की आत्महत्या पर टिप्पणी की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने दो गटर सफाई कर्मचारियों की हाल ही में हुई मौतों और एक सफाईकर्मी के आत्महत्या करने की एक अन्य घटना पर गंभीर रूप से चिंता व्यक्त की है। इस सफाईकर्मी को गटर साफ करने के लिए मजबूर किया गया था।मुख्य न्यायाधीश एएस ओका की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने सोमवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि कर्नाटक में मद्दुर टाउन नगर पालिका के पुरूरमिका की मैनहोल को बिना सुरक्षा उपकरणों के साफ करने की घटना की निष्पक्ष और उचित जांच सुनिश्चित करने के लिए एक हफलनामा दायर कर जवाब दें।याचिकाकर्ता ऑल...
क्या दिल्ली सरकार की तरह वकीलों के लिए बीमा योजना बनाई जा सकती है? कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार को सुझाव दिया कि वह न्यू इंडियन इंश्योरेंस कंपनी सहित बार एसोसिएशन, राज्य सरकार के अधिकारियों, एलआईसी और चार सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के अधिकारियों की एक बैठक बुलाए ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या दिल्ली सरकार की तरह राज्य में भी वकीलों के लिए बीमा योजना बनाई जा सकती है।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की खंडपीठ ने राज्य सरकार से मौखिक रूप से पूछा,"क्या दिल्ली सरकार की तर्ज पर भारतीय जीवन बीमा निगम या किसी अन्य बीमा कंपनी...
बालिग और नाबालिग दंगा पीड़ितों के मुआवजे में भेदभाव के विरुद्ध याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का सरकार से जवाब तलब
दिल्ली हाईकोर्ट की एक एकल पीठ ने दंगा पीड़ितों के मुआवजे की भेदभावपूर्ण योजना को लेकर दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया है। इस योजना के तहत बालिग और नाबालिग दंगा पीड़ितों के परिजनों को दी जाने वाली अलग-अलग मुआवजा राशि के निर्णय को भेदभावपूर्ण बताया गया है।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की एकल पीठ ने एक नाबालिग पीड़ित के पिता राम सुगारथ, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता बृंदा करात एवं अन्य की ओर से दायर याचिका पर सीलमपुर और यमुना विहार के सब - डिविजनल मजिस्ट्रेट को नोटिस भी जारी किये। दंगा...
किसान आत्महत्याः कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, राज्य सरकार की केवल बैंकों से कर्ज लेने वाले किसानों को मुआवजा देने की नीति भेदभावपूर्ण
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य के मुख्य सचिव को स्पष्ट स्टैंड रखने का निर्देश दिया कि क्या निजी उधारदाताओं से उधार लेने के बाद आत्महत्या कर चुके किसानों के परिजनों को 5 लाख रुपए की सरकारी सहायता से बाहर रखा जाएगा।चीफ जस्टिस अभय ओका और जस्टिस एस विश्वजीत शेट्टी की खंडपीठ ने राज्य सरकार के वर्गीकरण पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें केवल उन किसानों के परिजनों को वित्तीय सहायता दी जाती है, जिन्होंने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से उधार लेने के बाद आत्महत्या कर ली थी।पीठ ने मौखिक रूप से कहा, "प्रथम...
बॉम्बे हाईकोर्ट की एक अन्य बेंच ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियम फॉलो न करने पर चिंता जताई
बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम पटेल ने सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का पालन नहीं करने पर वर्चुअल सुनवाई को फिर से शुरू करने की चेतावनी देने के एक महीने से भी कम समय के अंदर जस्टिस एसएस शिंदे की अध्यक्षता वाली एक अन्य डिवीजन बेंच ने फिर से वही चेतावनी जारी की है।सोमवार को आपराधिक मामलों की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने अदालत कक्ष में अधिक भीड़ को लेकर चिंता जताई और अदालत के बाहर अपनी बारी का इंतजार करने वाले अधिवक्ताओं और वादकारियों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने का निर्देश...
उन लोगों के लिए एक नीति तैयार करें जिनके पास पीने योग्य और आर्सेनिक मुक्त पीने के लिए पानी तक आसान पहुंच नहीं है: मेघालय हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया
मेघालय उच्च न्यायालय ने हाल ही में मेघालय राज्य को यह निर्देश दिया कि राज्य में रहने वाले उन लोगों के लिए एक रोडमैप और नीति तैयार की जाए, जिनके पास आज तक पीने योग्य और आर्सेनिक मुक्त पीने के पानी तक आसान पहुँच नहीं है। न्यायमूर्ति एचएस थंगख्वी और न्यायमूर्ति बिश्वनाथ सोमदर की खंडपीठ ने यह आदेश तब दिया जब अदालत ने यह पाया कि मेघालय राज्य की अपनी कोई योजना/नीति नहीं है, जो यह सुनिश्चित कर सके कि मेघालय राज्य के प्रत्येक गाँव तक पीने योग्य और आर्सेनिक मुक्त पीने के पानी तक आसान पहुँच...
'पीड़िता की गवाही विश्वसनीय नहीं': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 20 साल जेल में बिताने वाले आरोपी को बलात्कार के मामले में बरी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट हाल ही में उस व्यक्ति के बचाव में आया है,जिसने झूठे बलात्कार के मामले में बीस साल जेल में बिता दिए हैं। कथित तौर पर एक भूमि विवाद के कारण एक महिला ने उसके खिलाफ झूठा बलात्कार का केस दायर किया था। न्यायमूर्ति डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और न्यायमूर्ति गौतम चैधरी की खंडपीठ ने एक विष्णु की रिहाई का आदेश पारित करते हुए,वर्ष 2003 में एक ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित आदेश को रद्द कर दिया है। ट्रायल कोर्ट ने आईपीसी की धारा 376 और 506 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक)...
"किसी व्यक्ति को अतिक्रमित भूमि पर कब्जा करने का अधिकार नहीं है": गुजरात हाईकोर्ट ने झुग्गी में रहने वालों को राहत देने से इनकार किया; राज्य को भूमि आवंटन नीति बनाने का निर्देश
गुजरात हाईकोर्ट ने झुग्गीवासियों के आश्रय के अधिकार (Right To Shelter) और भूमि अतिक्रमण के खतरे को देखते हुए कहा कि,"आश्रय का अधिकार एक मौलिक अधिकार है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ई) के तहत प्रत्येक नागरिक को भारतीय राज्य क्षेत्र के किसी भी भाग में निवास करने व बसने का अधिकार और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार में निहित है। यह राज्य का संवैधानिक कर्तव्य है कि वह गरीबों को घर प्रदान करे।"हालांकि, "किसी भी व्यक्ति को संरचनाओं का अतिक्रमण करने और फुटपाथ या सार्वजनिक...
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अर्ह दोषियों की सजा को कम करने/छूट देने पर विचार करने में विफल रहने पर उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में सीआरपीसी की धारा 432 के आदेश (सजा को निलंबित करने या छूट देने की शक्ति) और धारा 433 (सजा को कम करने की शक्ति) के अनुपालन में विफलता के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है।जस्टिस डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और जस्टिस गौतम चौधरी की एक खंडपीठ ने कहा कि प्रावधान अनिवार्य प्रकृति के हैं और सरकार के पास धारा 432 के तहत छूट पर विचार करने और सजा के 14 साल बाद धारा 433 और 434 के तहत सजा को कम करने का बाध्यकारी कर्तव्य है।पीठ ने कहा, "हमने पाया है कि 14 साल के कारावास के...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामलों के विवरण को आसान बनाने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन और पेजिनेशन सिस्टम लांच किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक ने सोमवार (1 मार्च) को उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, एडवोकेट जनरल और हाईकोर्ट के इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर की खंडपीठ के विभिन्न बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और सहायक सॉलिसिटर जनरल की उपस्थिति में उच्च न्यायालय का मोबाइल एप्लिकेशन और पेजिनेशन सिस्टम की ऑनलाइन शुरुआत की।मोबाइल एप्लिकेशन एंड्रॉइड ओएस और एप्पल आईओएस (ऑपरेटिंग सिस्टम) दोनों के साथ संगत है। मोबाइल एप्लिकेशन के लॉन्च होने के दो घंटे के भीतर, 1000 से अधिक उपयोगकर्ताओं को एप्लिकेशन के साथ...
'यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशों का सख्ती से पालन करें कि गाय सहित अन्य मवेशियों का अनधिकृत और अनियंत्रित वध न हो': कलकत्ता हाईकोर्ट का नगर निगम को निर्देश
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गाय सहित मवेशियों के वध और वध के बाद, इन मवेशियों के मांस की बिक्री या मवेशियों का मांस बेचने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें।मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने निगम को अपने शपथ पत्र (न्यायालय के समक्ष दायर) में उल्लिखित उपायों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया, ताकि गाय सहित मवेशियों का कोई अनधिकृत या अनियंत्रित वध न हो।न्यायालय के समक्ष मामलाअदालत के समक्ष एक जनहित...
दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगे मामले में मीडिया लीकेज जांच पर दिल्ली पुलिस को तलाड़ लगाई, कहाः यह 'छोटी चोरी के मामलों में पूछताछ से भी बदतर
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की एकल पीठ ने सोमवार को दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में सुनवाई करते हुए आसिफ इकबाल तनहा की रिट याचिका पर उनके मीडिया ट्रायल के खिलाफ दिल्ली पुलिस के सतर्कता विभाग को जमकर तलाड़ लगाई। पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि,"यह जांच छोटी-मोटी चोरी के मामले से भी बदतर है।"सतर्कता पूछताछ के लीक होने के स्रोत को स्थापित करने में विफल होने के कारण अधिकारियों को कठोर आदेशों की चेतावनी देते हुए अदालत ने यह भी कहा कि सुनवाई की अगली तारीख पर विशेष पुलिस आयुक्त...


















