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'सिंगल मदर्स की निजता के अधिकार का उल्लंघन': जन्म प्रमाण पत्र में पिता के नाम की आवश्यकता के नियम के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर
केरल हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई है,जिसमें केरल जन्म और मृत्यु पंजीकरण नियमों को चुनौती दी गई है क्योंकि इन नियमों के तहत बच्चे के जन्म को पंजीकृत करवाने के लिए पिता के नाम का उल्लेख करना अनिवार्य है। संक्षेप में मामला यह है कि इस तरह की शर्त एकल माताओं (सिंगल मदर्स) के लिए भेदभावपूर्ण है। याचिकाकर्ता कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से गर्भवती हुई है, जिसमें एक डोनर से शुक्राणु को स्वीकार करना शामिल है और उसकी पहचान को गोपनीय रखा जाना है। याचिकाकर्ता ने नियमानुसार बच्चे के जन्म/मृत्यु को...
'POCSO कोर्ट के जजों को तमिलनाडु स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी से ट्रेनिंग लेनी चाहिए': मद्रास हाईकोर्ट ने कहा, ट्रायल कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट को त्रुटिपूर्ण तरीके से लागू किया
मद्रास हाईकोर्ट ने 7 जुलाई के अपने हालिया फैसले में कहा है कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट) के तहत मामलों से निपटने वाली विशेष अदालतों की अध्यक्षता करने वाले न्यायाधीशों को अनिवार्य प्रशिक्षण लेना होगा और ऐसे संवेदनशील मामलों का न्यायिक निर्णय कैसे किया जाए,इस पर उन्हें संवेदीकरण बनाना होगा।न्यायमूर्ति पी वेलमुरुगन ने यह टिप्पणी उस समय की,जब अदालत के संज्ञान में लाया गया कि सत्र न्यायालय अपराध की तारीख यानी घटना के समय पीड़िता की 8 साल की उम्र पर विचार करने में...
'उन्हें पूछताछ का सामना करने में संकोच नहीं करना चाहिए': कर्नाटक हाईकोर्ट ने सीसीआई जांच के खिलाफ अमेजॉन और फ्लिपकार्ट की याचिका खारिज की
कर्नाटक हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने शुक्रवार को ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया। इस अपील में हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को उनकी प्रारंभिक जांच करने की अनुमति दी थी।न्यायमूर्ति सतीशचंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति नटराज रंगास्वामी की खंडपीठ ने कहा,"...इस अदालत की संबंधित राय में इस स्तर पर जांच को किसी भी हद तक कुचला नहीं जा सकता है। यदि अपीलकर्ता 2002 के अधिनियम के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन में शामिल...
सीएससी उपलब्ध होने पर वकीलों का अलग पैनल बनाने का उद्देश्य बताएं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक एजुकेशन के डीजी को तलब किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह वकीलों का एक अलग पैनल बनाने के फैसले को "अजीब" बताते हुए महानिदेशक, बेसिक एजुकेशन, यूपी, लखनऊ से इस पर जवाब मांगा। यह पैनल ऐसे समय में बनाया गया है जब विभाग का प्रतिनिधित्व मुख्य सरकारी वकील (सीएससी) द्वारा किया जा रहा है।न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की खंडपीठ संजय सिंह द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थीइस याचिका में सचिव बोर्ड ऑफ बेसिक एजुकेशन के पद से निलंबन को चुनौती दी गई है।महानिदेशक, बेसिक एजुकेशन, यूपी, लखनऊ को यह बताने के लिए कि उन्होंने किस...
"यूनिफॉर्म के रंग और निर्देशों पर कोई स्पष्टता नहीं": दिल्ली हाईकोर्ट ने यूनिफॉर्म नियमों के अनुपालन में ड्राइवरों के चालान काटने को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली मोटर वाहन नियम, 1993 के नियम सात को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस याचिका में ऑटो रिक्शा और टैक्सियों के चालकों पर यूनिफॉर्म नियमों का पालन न करने के कारण 20,000 रुपये तक भारी चालान काटने के आधार को चुनौती गई है।ट्रेड यूनियन ऑफ ड्राइवर्स और व्यक्तिगत ऑटोरिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि यूनिफॉर्म के एक समान रंग या विशिष्टताओं पर कोई स्पष्टता नहीं है।याचिका के अनुसार, यह माना गया है कि आक्षेपित नियम में यूनिफॉर्म का रंग...
अधिवक्ताओं को मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रैक्टिस करने का अधिकारः दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम की धारा 17 को एडवोकेट एक्ट की धारा 30 के समक्ष अधिकारातीत घोषित किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट, 2007 की धारा 17 को अधिकारातीत (Ultra vires) घोषित किया है, क्योंकि यह धारा वकीलों को मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के समक्ष चल रहे मामलों में पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने से रोकती है।यह आदेश इस साल अप्रैल में केरल हाईकोर्ट की एक दो सदस्यीय खंडपीठ द्वारा दिए गए फैसले के अनुरूप है, जिसमें कहा गया था कि यह प्रावधान अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 30 के अल्ट्रा-वायर्स हैं। केरल हाईकोर्ट के उक्त निर्णय पर भरोसा करते हुए...
पूरी तरह से वैक्सीनेशन करवा चुके व्यक्ति को केवल पहली डोज का वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र दिया गया?: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राधिकरण से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने पूरी तरह से टीकाकृत महिला को जारी किए गए COVID-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र में कथित विसंगति के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। याचिकाकर्ता- जे मंगलम नाम की दिल्ली की एक महिला का दावा है कि उसे कलावती सरन चिल्ड्रन हॉस्पिटल (केएससीएच) में वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने के बावजूद उसे सिर्फ टीकाकरण की पहली डोज के लिए एक प्रमाण पत्र जारी किया गया। इस प्रकार याचिकाकर्ता का मामला यह...
दिल्ली हाईकोर्ट 13 अगस्त तक वीसी मोड के माध्यम से केवल अति-आवश्यक मामलों पर सुनवाई करेगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने पूर्व के आदेश दिनांक 28 जून के क्रम में 13 अगस्त तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केवल अति-आवश्यक मामलों की सुनवाई करने का प्रस्ताव पास किया है। 22 जुलाई को रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, यह कहा गया है कि फुल कोर्ट ने इस तंत्र को जारी रखने के लिए यह प्रस्ताव पास किया है।28 जून के अपने पहले के आदेश में कोर्ट ने कहा था कि उसने न्यायिक अधिकारियों, अदालत के कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के जीवन के नुकसान को देखते हुए प्रतीक्षा और निगरानी नीति अपनाने का...
गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने फिजिकल सुनवाई फिर से शुरू न होने के कारण अदालत के सभी आधिकारिक कार्यों का बहिष्कार करने का फैसला किया
गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने फिजिकल सुनवाई फिर से शुरू न होने के कारण हाईकोर्ट के सभी आधिकारिक कार्यों/समारोह जैसे फुल बेंच रेफरेंस, किसी न्यायाधीश या मुख्य न्यायाधीश के शपथ समारोह (सिवाय उनके जिन्हें नामित न्यायाधीश द्वारा व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया जाता है) और लोक अदालतों का बहिष्कार करने का संकल्प लिया है। इस संबंध में एसोसिएशन द्वारा एक संकल्प/प्रस्ताव सार्वजनिक किया गया है,जिसमें कहा गया है कि, ''जीएचएए ने सर्वसम्मति से गुजरात हाईकोर्ट द्वारा आयोजित सभी आधिकारिक समारोहों...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई की एफआईआर रद्द करने की महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की याचिका को खारिज कर दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार की एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया।जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनजे जमादार की खंडपीठ ने 12 जुलाई, 2021 को एफआईआर रद्द करने की मांग वाली देशमुख की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया।सीबीआई ने देशमुख और अज्ञात अन्य के खिलाफ 21 अप्रैल, 2021 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात और आईपीसी की धारा 120बी के तहत सार्वजनिक कर्तव्य के अनुचित और बेईमान प्रदर्शन के लिए अनुचित लाभ...
"तारीख पर तारीख", न्याय में देरी से नाराज व्यक्ति ने कोर्ट रूम में चिल्लाते हुए तोड़फोड़ की
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि हाल ही में कड़कड़डूमा कोर्ट में एक असामान्य फिल्मी दृश्य देखा गया, जब दिल्ली के एक निवासी ने बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल का फेमस डायलॉग तारीख पर तारीख (फिल्म दामिनी से) चिल्लाना शुरू कर दिया।यह घटना कथित तौर पर 17 जुलाई को दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में कोर्ट रूम नंबर 66 में हुई। व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अदालत केवल सुनवाई के लिए तारीखें दे रही है, जिससे न्याय की प्रक्रिया में देरी हो रही है।पुलिस ने उस व्यक्ति की पहचान दिल्ली निवासी...
"गंभीर मामला": दिल्ली हाईकोर्ट ने आयकर विभाग द्वारा निर्धारिती फर्म को कथित रूप स्थगन संबंधित भेजे गए ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच के निर्देश दिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने आयकर विभाग द्वारा एक निर्धारिती फर्म को कथित रूप से भेजे गए स्थगन ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए सीबीआई जांच का निर्देश दिया और दोनों पक्षकारों में से जिसने यह गैर-कानूनी (जाली दस्तावेज बनाना) काम किया है उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी।पीठ ने देखा कि मामला गंभीर है क्योंकि किसी एक पक्ष ने या तो जाली दस्तावेज बनाए हैं या सच नहीं कह रहे हैं।न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने इस प्रकार कहा कि, "यह न्यायालय यह उल्लेख कर सकता है कि यह...
पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा : कलकत्ता हाईकोर्ट ने रेप आरोपों पर एनएचआरसी रिपोर्ट का ब्योरा देने की राज्य सरकार की मांग खारिज की
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल राज्य सरकार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की समिति द्वारा प्रस्तुत अंतिम रिपोर्ट पर जवाब देने के लिए 26 जुलाई तक का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को सुबह 11 बजे होनी है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल, जस्टिस आईपी मुखर्जी, जस्टिस हरीश टंडन, जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस सुब्रत तालुकदार की पांच जजों की बेंच ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार को एनएचआरसी रिपोर्ट के जवाब में अपना हलफनामा दाखिल करने का 'अंतिम अवसर' दिया जा रहा...
"कर्मचारियों को वेतन से वंचित करना संविधान के अनुच्छेद 21, 23, 300A का उल्लंघन": उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से परिवहन निगम के कर्मचारियों को वेतन देने को कहा
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार को राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन के भुगतान के मुद्दे को हल करने के लिए जल्द से जल्द एक बैठक बुलाने के लिए कहा। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों को वेतन से वंचित करना संविधान के अनुच्छेद 21, 23 और 300 ए के तहत उनके अधिकारों का उल्लंघन है।मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि, "इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि ये कर्मचारी निगम के उच्च पद से संबंधित नहीं हैं, केवल श्रमिक हैं, क्योंकि उनमें से...
दिल्ली हाईकोर्ट ने आईटी नियमों को चुनौती देने वाली नई याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थों और डिजिटल मीडिया आचार संहिता के लिए दिशानिर्देश) नियम, 2021 के अधिकार को चुनौती देने वाली एक नई याचिका पर नोटिस जारी किया।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जवाब मांगा। नोटिस को 13 सितंबर को वापस करने योग्य बनाया गया है।एडवोकेट उदय बेदी द्वारा दायर, याचिका आईटी नियमों के नियम तीन और चार को इसलिए चुनौती देती है कि यह सोशल मीडिया बिचौलियों को निजी व्यक्तियों...
फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल संदर्भ का उत्तर देते समय स्वत: अपने अधिकार क्षेत्र का उपयोग ऐसी राय देने के लिए नहीं कर सकता जो उससे मांगी नहीं गई है: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि विदेशी ट्रिब्यूनल असम में एक व्यक्ति के प्रवेश के संबंध में किए गए संदर्भ का उत्तर देते समय स्वत: अपने अधिकार क्षेत्र का उपयोग एक ऐसी राय देने के लिए नहीं कर सकता है जो उससे मांगी नहीं गई है।न्यायमूर्ति एन कोटेश्वर सिंह और न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया की खंडपीठ 29 नवंबर 2019 को फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल द्वारा पारित राय को चुनौती देने वाली एक याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें यह पाया गया कि याचिकाकर्ता अपनी नागरिकता साबित करने में सफल नहीं रही और वह अवैध रूप से 24...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने राज्य में कुष्ठ रोगियों के लिए रहने की उपलब्ध जगह की स्थिति, चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए समिति का गठन किया
उड़ीसा हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह राज्य में कुष्ठ कालोनियों में रहने वाले कुष्ठ रोगियों के रहने की स्थिति और चिकित्सा सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए तीन सदस्यीय अधिवक्ता समिति नियुक्त की थी।मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति एस.के. पाणिग्रही एक जनहित याचिका पर विचार कर रहे थे। इसमें राज्य के अधिकारियों को राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए निर्देश देने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति नियुक्त करने की मांग की गई थी, जिससे...
गुजरात हाईकोर्ट ने गर्भ धारण करने की इच्छा रखने वाली पत्नी की याचिका पर COVID-19 रोगी के शुक्राणु एकत्र करने के लिए अस्पताल को निर्देश दिए
गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को वडोदरा के एक अस्पताल को एक गंभीर COVID-19 रोगी के शरीर से सैंपल के संग्रह के लिए IVF / सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (ART) प्रक्रिया का संचालन करने के निर्देश दिए। दरअसल, पत्नी ने गर्भ धारण की इच्छा जताई है।इस आशय की एक याचिका दोपहर 2.30 बजे उल्लेख करते हुए दिन के दौरान सर्कुलेट की गई और न्यायमूर्ति आशुतोष जे शास्त्री की खंडपीठ ने पति की स्थिति की असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए याचिका को सर्कुलेट करने की अनुमति दी।याचिकाकर्ता- पत्नी और COVID रोगी (मृत्यु के कगार पर...
दिल्ली दंगा : 'उदासीन रवैया देखकर दुख हुआ' : मदीना मस्जिद जांच मामले में अदालत ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई
जांच एजेंसी की ओर से लापरवाही बरतने पर प्रथम दृष्टया राय बनाते हुए दिल्ली की एक अदालत ने मदीना मस्जिद तोड़फोड़ मामले में पहले से ही एक अलग एफआईआर दर्ज होने की जानकारी नहीं होने के कारण दिल्ली पुलिस के "उदासीन रवैये" के लिए उसकी खिंचाई की।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने दिल्ली पुलिस द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए एक अलग एफआईआर के खुलासे के मद्देनजर मामले की विस्तृत जांच के लिए मामले को एसीएमएम कोर्ट में वापस भेज दिया।यह मामला चोरी, संपत्ति को नष्ट करने और आगजनी का आरोप...
'पूरी तरह से वैक्सीनेशन करवा चुके लोगों को यात्रा प्रतिबंधों में छूट दी जाए, उन्हें लोकल ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति दें': बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर
बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) याचिका दायर की गई है, जिसमें यात्रा संबंधी सभी प्रतिबंधों से पूर्ण छूट की मांग की गई है। याचिका में मांग की गई है कि स्थानीय ट्रेन / उपनगरीय ट्रेन / मेट्रो में उन लोगों को यात्रा करने की अनुमति दी जाए, जिन्हें COVID-19 वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है।याचिका अधिवक्ता नीलाजा किरपेकर और अधिवक्ता शेखर भगत के माध्यम से एक चार्टर्ड एकाउंटेंट मोहन भिड़े द्वारा दायर की गई है। याचिका में महाराष्ट्र सरकार यह निर्देश देने की मांग की है कि COVID वैक्सीन प्रशासन के...



















