मुख्य सुर्खियां

जांच एजेंसी के खिलाफ कोई प्रतिकूल धारणा नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने वकीलों चैम्बर्स पर तलाशी और जब्ती को रेगुलेट करने की मांग वाली याचिका खारिज की
जांच एजेंसी के खिलाफ कोई प्रतिकूल धारणा नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने वकीलों चैम्बर्स पर तलाशी और जब्ती को रेगुलेट करने की मांग वाली याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक वकील के परिसर में तलाशी और जब्ती अभियान चलाते समय पुलिस या जांच अधिकारियों द्वारा पालन किए जाने वाले दिशा-निर्देश जारी करने की मांग करने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कहा,"सीआरपीसी के तहत परिसर में तलाशी और जब्ती के तरीके के बारे में पर्याप्त प्रावधान हैं।"बेंच आपराधिक प्रक्रिया संहिता के अध्याय VII का जिक्र करते हुए किसी भी व्यक्ति के परिसर में तलाशी लेने की प्रक्रिया का विस्तार से उल्लेख किया...

चंद्रशेखर आजाद पार्क में निर्मित मस्जिद, मजार सहित सभी अवैध अतिक्रमणों को तीन दिन के भीतर हटाया जाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिए
चंद्रशेखर आजाद पार्क में निर्मित मस्जिद, मजार सहित सभी अवैध अतिक्रमणों को तीन दिन के भीतर हटाया जाए: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क (प्रयागराज में) के नाम से लोकप्रिय अल्फ्रेड पार्क के क्षेत्र में निर्मित कब्रों, मजारों या मस्जिद सहित सभी अवैध अतिक्रमणों को तीन दिनों के भीतर हटाने का निर्देश दिया।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने इलाहाबाद लेडीज क्लब बनाम जितेंद्र नाथ सिंह और अन्य (2007) 11 एससीसी 609 में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि पार्क...

फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी को डीएनए टेस्ट किट की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना राज्य का प्राथमिक कर्तव्य: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी को डीएनए टेस्ट किट की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना राज्य का प्राथमिक कर्तव्य: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी को उपभोग्य और मानक किट की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है ताकि डीएनए टेस्ट बिना किसी कठिनाई के किया जा सके।न्यायमूर्ति गुरपाल सिंह अहलूवालिया की खंडपीठ ने बलात्कार के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आरोपी द्वारा जमानत याचिका में कहा दावा किया गया है कि चूंकि अभियोजक मुकर गया और अभियोजन पक्ष का समर्थन करने के लिए कुछ भी नहीं किया है। इसलिए वह जमानत का हकदार है।महत्वपूर्ण रूप से, तीन मौकों...

यूनिवर्सिटी नियुक्तियों में कम्यूनल रिजर्वेशन: हाईकोर्ट ने केरल यूनिवर्सिटी अधिनियम में संशोधन को बरकरार रखा
यूनिवर्सिटी नियुक्तियों में कम्यूनल रिजर्वेशन: हाईकोर्ट ने केरल यूनिवर्सिटी अधिनियम में संशोधन को बरकरार रखा

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को एक एकल न्यायाधीश के फैसले को रद्द कर दिया। इस आदेश में केरल यूनिवर्सिटी द्वारा जारी एक अधिसूचना को रद्द कर दिया गया था, जिसमें 58 शिक्षकों की नियुक्ति यूनिवर्सिटी के विभिन्न शिक्षण विभागों में प्रोफेसरों/एसोसिएट प्रोफेसरों/सहायक प्रोफेसरों की सामुदायिक आरक्षण के प्रयोजनों के लिए एक श्रेणी में सभी पदों के रूप में की गई थी।न्यायमूर्ति एके जयशंकरन नांबियार और न्यायमूर्ति मोहम्मद नियास सी.पी की खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ केरल यूनिवर्सिटी और राज्य सरकार...

ऐच्छि‌क यौन संबंध के ज‌रिए यौन स्वायत्तता का प्रयोग कर रही महिला के बारे में यह नहीं माना जा सकता है कि उसने प्रजनन अधिकारों के उल्लंघन के लिए सहमति दी हैः ‌दिल्‍ली कोर्ट
ऐच्छि‌क यौन संबंध के ज‌रिए यौन स्वायत्तता का प्रयोग कर रही महिला के बारे में यह नहीं माना जा सकता है कि उसने प्रजनन अधिकारों के उल्लंघन के लिए सहमति दी हैः ‌दिल्‍ली कोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि एक महिला अपने सा‌‌‌थी के साथ ऐच्छ‌िक यौन संबंध के ज‌रिए अपनी यौन स्वायत्तता का प्रयोग करती है, यह नहीं माना जा सकता है कि उसने प्रजनन अधिकारों के उल्लंघन के लिए अपनी सहमति दी है।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि एक महिला का यौन विकल्पों का प्रयोग करना उसके साथी को उसका यौन शोषण करने का अधिकार नहीं देता और जब वह अपने साथी के साथ यौन संबंध में प्रवेश करती है तो वह प्रजनन अधिकारों सहित अपने अधिकारों का त्याग नहीं करती है।कोर्ट ने उक्त टिप्पण‌ियों के साथ...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के लव जिहाद विरोधी कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं को निर्धारित समय के अनुसार सूचीबद्ध नहीं करने पर रजिस्ट्री को फटकार लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के 'लव जिहाद विरोधी' कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं को निर्धारित समय के अनुसार सूचीबद्ध नहीं करने पर रजिस्ट्री को फटकार लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के 'लव जिहाद विरोधी' कानून को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं को निर्धारित समय के अनुसार सूचीबद्ध नहीं करने पर रजिस्ट्री को फटकार लगाई।कोर्ट सौरभ कुमार नाम के एक व्यक्ति द्वारा कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ ने कहा कि दो अन्य याचिकाओं को निर्धारित समय के अनुसार सूचीबद्ध नहीं किया गया।इस प्रकार, अदालत ने 22 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सभी तीन याचिकाओं को सूचीबद्ध...

कोर्ट ने सुनवाई में देरी से बचने के लिए अभियोजन पक्ष, वकीलों से दिल्ली दंगों के मामलों को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया
कोर्ट ने सुनवाई में देरी से बचने के लिए अभियोजन पक्ष, वकीलों से दिल्ली दंगों के मामलों को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को विशेष लोक अभियोजकों और वकीलों से उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित मामलों की सुनवाई को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया, ताकि सुनवाई में देरी से बचा जा सके।मौखिक टिप्पणी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत की ओर से आई, जब अदालत दंगों के एक मामले में शरजील इमाम की जमानत याचिका पर सुनवाई करने वाली थी।न्यायाधीश ने कहा, "एफआईआर 59/2020 में मैंने काउंसल को भी सुझाव दिया कि जमानत याचिकाओं को नियमित आधार पर एक-एक करके लिया जाए, लेकिन कोई भी सहमत नहीं है। हर कोई जल्दी...

राज्य एक धार्मिक संप्रदाय की आंत‌रिक लड़ाई में मदद कर रहा है: गुजरात हाईकोर्ट ने पुजारियों के खिलाफ पारित निर्वासन आदेश को रद्द किया
राज्य एक धार्मिक संप्रदाय की आंत‌रिक लड़ाई में मदद कर रहा है: गुजरात हाईकोर्ट ने पुजारियों के खिलाफ पारित निर्वासन आदेश को रद्द किया

गुजरात हाईकोर्ट ने एक धार्मिक संप्रदाय की आंतरिक लड़ाई में सहयोग करने पर राज्य सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने मंदिर ट्रस्ट चुनावों के संबंध में स्वामीनारायण संप्रदाय के आंतरिक विवाद के कारण गधाड़ा मंदिर के दो पुजारियों के खिलाफ पारित निर्वासन आदेश को रद्द कर दिया।जस्टिस परेश उपाध्याय की खंडपीठ मंदिर के दो पुजारियों स्वामी सत्यप्रकाशदासजी और स्वामी घनश्यामवल्लभदासजी की ओर से दायर दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने बोटाद जिला अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ पारित किए गए निर्वासन आदेश को चुनौती...

एमडीटी 23 टाइगर को मारने की कोई योजना नहीं: मद्रास हाईकोर्ट में तमिलनाडु वन अधिकारियों ने बताया
'एमडीटी 23' टाइगर को मारने की कोई योजना नहीं: मद्रास हाईकोर्ट में तमिलनाडु वन अधिकारियों ने बताया

मद्रास हाईकोर्ट में तमिलनाडु के प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने मंगलवार को बताया कि 'एमडीटी 23' टाइगर को मारने या अपंग करने की कोई योजना नहीं है। 'एमडीटी 23' टाइगर के चलते नीलगिरी जिले के गुडलुर डिवीजन में कथित तौर पर मनुष्यों और पशुओं को मारने के लिए दहशत पैदा हो गई।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति पीडी औदिकेसवालु की पीठ ने कहा,"प्रधान मुख्य वन संरक्षक यह सुनिश्चित करने के लिए अपने सबसे अच्छे विवेक का उपयोग करेंगे कि किसी भी जंगल में कम से कम व्यक्ति घुसपैठ करें, क्योंकि जब मनुष्यों की एक...

दिल्ली हाईकोर्ट
बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ ले जाने वाले उच्च शिक्षित व्यक्तियों के खिलाफ अधिक अनुमान: दिल्ली हाईकोर्ट ने एनडीपीएस मामले में जमानत से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक एक्ट से संबंधित एक मामले में एक महिला को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि एक बड़ा अनुमान है कि एक शिक्षित व्यक्ति होने के नाते बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ ले जाना एक अपराध है।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, "एक अशिक्षित व्यक्ति अपने पास पाए गए पदार्थ के बारे में कोई जानकारी नहीं होने का दावा कर सकता है और पदार्थ के सबंध में उन पर लगाए जा रहे आरोप पर अपना बचाव कर सकता है, लेकिन एक उच्च शिक्षित व्यक्ति होने के नाते,...

एक छात्र को फटकारना उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के समान नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की
एक छात्र को फटकारना उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के समान नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुशासनहीनता के लिए किसी छात्र को फटकारन उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के समान नहीं होगा।जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने एक शिक्षक के खिलाफ आपराधिक मामले को खारिज करते हुए कहा, "यदि किसी छात्र को अनुशासनहीनता के के लिए एक शिक्षक ने केवल फटकार लगाई और लगातार हो रही अनुशासनहीनता के कृत्यों को प्रधानाचार्य के ध्यान में लाया, जिसने स्कूल के अनुशासन और बच्चे को सुधारने के उद्देश्य से छात्र के माता-पिता को अवगत कराया, कोई भी छात्र जो बहुत भावुक है,...

शिकायतों के संग्रह के विश्लेषण से पता चलता है कि आगजनी का कोई आरोप नहीं: दिल्ली की अदालत ने दंगों के तीन मामलों में आठ लोगों को गंभीर अपराध से बरी किया
"शिकायतों के संग्रह के विश्लेषण से पता चलता है कि आगजनी का कोई आरोप नहीं": दिल्ली की अदालत ने दंगों के तीन मामलों में आठ लोगों को गंभीर अपराध से बरी किया

दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित तीन अलग-अलग मामलों यह देखने के बाद कि विभिन्न शिकायतों के संग्रह के विश्लेषण से पता चलता है कि उनके खिलाफ आगजनी का कोई आरोप नहीं है, कुल आठ लोगों को डिस्चार्ज कर दिया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने दो अलग-अलग एफआईआर में आरोपी नीरज और मनीष और एक अन्य एफआईआर में अमित गोस्वामी, श्याम पटेल, सोनू, सुनील शर्मा, राकेश और मुकेश सहित अन्य को डिस्चार्ज (विमोचन) कर दिया।सभी आरोपी व्यक्तियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 436 के तहत...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कानूनी पेशे के सदस्यों की पहचान और सुरक्षा के लिए आरएफआईडी कार्ड के लिए एसओपी जारी किए

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नई दिल्ली में रोहिणी ट्रायल कोर्ट में एक विचाराधीन कैदी पर हालिया हमले के आलोक में कानूनी पेशे के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की।एसओपी ने न्यायालयों की सुरक्षा को एक अनुप्रास वाक्यांश में 3पी के रूप में वर्णित किया है। इसमें- परिधि, समीपस्थ और व्यक्तिगत शामिल हैं।परिधि सुरक्षा पहले चरण से संबंधित है, जहां संभावित हमलावर अदालत परिसर में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा है। समीपस्थ सुरक्षा दूसरा चरण है, जहां हमलावर ने पहले चरण का...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
अगर सुरक्षा कारणों से बाहर से पानी की बोतलें नहीं ले जा सकते तो सिनेमा हॉल को मुफ्त पीने का पानी उपलब्ध कराना चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अगर लोगों को सुरक्षा कारणों से सिनेमा हॉल में पानी की बोतलें ले जाने से प्रतिबंधित किया जाता है तो सिनेमा हॉल को वाटर कूलर के माध्यम से मुफ्त पीने योग्य और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना चाहिए।न्यायमूर्ति एसएम सुब्रमण्यम ने कहा,"एक सिनेमा हॉल अगर सुरक्षा कारणों से सिनेमा हॉल के अंदर पीने के पानी को ले जाने पर रोक लगाने का प्रयास करता है, उसे सिनेमा हॉल के अंदर स्थापित वाटर कूलर के माध्यम से मुफ्त पीने योग्य और शुद्ध पेयजल प्रदान करना चाहिए। इससे पहले कि इस तरह का...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने विचाराधीन कैदियों को प्राथमिकी, चार्जशीट, सबूत या अन्य ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड की प्रति तक आसान पहुंच की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) को एक याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें विचाराधीन कैदियों को प्राथमिकी, चार्जशीट, सबूत या अन्य ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड की प्रति तक आसान पहुंच की मांग की गई है।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने मामले को 29 नवंबर को सुनवाई के लिए रखा है।यह याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के पैनल वकील और वर्तमान में केंद्रीय जेल नंबर 7, तिहाड़ के जेल विजिटिंग एडवोकेट के रूप में कार्यरत...

यह दावा कि अज्ञात बदमाशों ने कॉर्पस का अपहरण किया है, बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट को लागू करने के लिए पर्याप्त नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
यह दावा कि अज्ञात बदमाशों ने कॉर्पस का अपहरण किया है, बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट को लागू करने के लिए पर्याप्त नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि केवल एक दावा है कि कॉर्पस का अज्ञात शरारती तत्वों ने अपहरण किया है, बंदी प्रत्यक्षीकरण की रिट जारी करने की मांग के लिए पर्याप्त नहीं है। जस्टिस एसए धर्माधिकारी की खंडपीठ ने कहा कि बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट स्थापित करने के लिए पूर्व शर्त यह है कि जिस व्यक्ति की रिहाई के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण की रिट मांगी गई है, वह हिरासत में होना चाहिए और उसे अधिकारियों या किसी न‌ीजि व्यक्ति द्वारा हिरासत में रखा जाना चाहिए।संक्षेप में मामलाछाया गुर्जर ने हाईकोर्ट...

जीवन के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन: उड़ीसा हाईकोर्ट ने आंगनवाड़ी केंद्र में 2 लड़कियों की मौत के मामले में 20 लाख रूपये मुआवजे के रूप में देने के आदेश दिए
"जीवन के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन": उड़ीसा हाईकोर्ट ने आंगनवाड़ी केंद्र में 2 लड़कियों की मौत के मामले में 20 लाख रूपये मुआवजे के रूप में देने के आदेश दिए

उड़ीसा हाईकोर्ट ने एक सरकारी स्कूल के परिसर में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र (एडब्ल्यूसी) में वर्ष 2012 में मरने वाली दो युवा लड़कियों (दोनों 4 वर्षीय) के परिवारों को 20 लाख रूपये का मुआवजा (प्रत्येक में दस लाख) देने का आदेश दिया।महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों बच्चों के शव स्कूल परिसर में खोदे गए पानी से भरे गड्ढों में मिले और जब शवों को स्थानीय नर्सिंग होम भेजा गया तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।मुख्य न्यायाधीश डॉ. एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति बी.पी. राउत्रे की खंडपीठ ने जोर देकर कहा कि दो...

अटार्नी जनरल ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव पर आपराधिक अवमानना ​​की कार्रवाई शुरू करने के लिए सहमति देने से इनकार किया
अटार्नी जनरल ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव पर आपराधिक अवमानना ​​की कार्रवाई शुरू करने के लिए सहमति देने से इनकार किया

भारत के अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पिछले हफ्ते त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव पर कथित तौर पर न्यायपालिका के खिलाफ की गई टिप्पणियों के लिए आपराधिक अवमानना ​​की कार्रवाई शुरू करने के लिए सहमति देने से इनकार कर दिया।एजी सुप्रीम कोर्ट के वकील अबू सोहेल द्वारा भेजे गए एक पत्र पर विचार कर रहे थे, जिसमें उनसे अदालत की अवमानना ​​अधिनियम, 1971 की धारा 15 (1) (बी) के तहत मुख्यमंत्री के खिलाफ अवमानना ​​​​कार्यवाही शुरू करने के लिए सहमति देने का अनुरोध किया गया था।एजी ने कहा कि सीएम बिप्लब...

गुवाहाटी हाईकोर्ट
अवैध हिरासत के संदेह के बिना गुमशुदगी का मामला बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के दायरे में नहीं आ सकता: गुवाहाटी उच्च न्यायालय

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि लापता व्यक्तियों के मामले(अवैध रूप से हिरासत के संदेह के बिना) बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के दायरे नहीं आते हैं, हालांकि इस प्रकार के मामलों को भारतीय दंड संहिता की नियमित प्रावधानों के तहत पंजीकृत करना आवश्यक है। जस्टिस कल्याण राय सुराणा की पीठ ममोनी काकोटी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसके बेटे भास्कर ज्योति काकोटी को बरामद करने का निर्देश देने की प्रार्थना की गई थी, जो सितंबर 2016 से लापता है।संक्षेप में...