मुख्य सुर्खियां
बिहार में जिला जज पर हमला: बिहार के डीजीपी ने सीलबंद लिफाफे में पटना हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपी
मधुबनी के एक अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश पर पुलिसकर्मी द्वारा हमला के मामले में बिहार के पुलिस महानिदेशक पटना हाईकोर्ट के समक्ष पेश हुए। उनके हस्ताक्षर वाली रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को सौंपी गई।न्यायमूर्ति राजन गुप्ता ने रिपोर्ट खोलकर पढ़ी और घटना के बारे में विवरण देखा और आदेश दिया कि रिपोर्ट रजिस्ट्रार न्यायिक की सुरक्षित हिरासत में रखी जाए। इसके अतिरिक्त कार्यवाही के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मृगांक मौली को अदालत की सहायता के लिए एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया गया है। बिहार...
केवल वाहनों पर राजनीतिक दल के झंडे और प्रतीक प्रदर्शित करने पर आईपीसी की धारा 171H लागू नहीं की जा सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जुड़े तीन व्यक्तियों के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को यह कहते हुए रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 171H जो एक चुनाव के संबंध में अवैध भुगतान से संबंधित है, उसे तब लागू नहीं किया जा सकता जब केवल किसी ने अपने वाहन पर पार्टी के झंडे और प्रतीक का प्रदर्शन किया।कलबुर्गी बेंच में बैठे जस्टिस एचपी संदेश ने कहा,"मामले में याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आरोप यह है कि वे अपने वाहनों...
'टमाटर की बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए अंतरिम उपाय जरूरी': मद्रास हाईकोर्ट ने कोयम्बेडु बाजार के व्यापारियों के लिए अस्थायी पार्किंग की अनुमति दी
मद्रास हाईकोर्ट ने कोयम्बेडु मार्केट मैनेजमेंट कमेटी और चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीएमडीए) को लाइसेंस प्राप्त टमाटर व्यापारियों के लिए एक विशिष्ट क्षेत्र निर्धारित करने का निर्देश दिया है, ताकि वे बाजार के भीतर ट्रकों के माध्यम से परिवहन किए जाने वाले खराब होने वाले सामानों को लोड/अनलोड कर सकें।न्यायमूर्ति आर सुरेश कुमार ने प्रतिवादी अधिकारियों को उन व्यापारियों की निगरानी करने की भी अनुमति दी जो ट्रकों को खाली जमीन पर उतारने के लिए लाते हैं। उन्होंने कहा कि और यह सुनिश्चित करते हैं...
लखीमपुर खीरी हिंसा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर यूपी सरकार से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार से 10 दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा।जस्टिस करुणेश सिंह पवार की बेंच ने दलीलें सुनने के बाद यूपी सरकार को जमानत अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करने और सभी गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए 10 दिन का समय दिया।मिश्रा के वकीलों ने तर्क दिया कि जांच में मिश्रा की भूमिका सामने नहीं आई है।संबंधित समाचार में, लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) की एक अदालत ने इस महीने की शुरुआत में लखीमपुर खीरी हिंसा की...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य में नगरपालिका चुनाव कराने की भाजपा नेता की याचिका पर एक दिसंबर तक सुनवाई स्थगित की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रताप बनर्जी द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को एक चरण में राज्य में नगरपालिका चुनाव कराने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई एक दिसंबर के लिए स्थगित कर दी।मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की पीठ के समक्ष सुनवाई की पिछली तारीख पर याचिकाकर्ता ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई करने की मांग की थी। इसमें कहा गया था कि राज्य सरकार कोलकाता और हावड़ा के नगर निगमों...
माता-पिता के प्रतिस्पर्धी अधिकार बच्चे के हित के अधीन : दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित पिता को बच्चे से रोजाना मिलने के आदेश पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैमिली कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें ढाई साल के बच्चे के कथित पिता को रोजाना मुलाकात का अधिकार दिया गया था।जस्टिस यशवंत वर्मा ने कहा,"पारित आदेश के तहत अंततः ढाई साल के प्रतिवादी को नाबालिग बच्चे को रोजाना 2 घंटे के लिए घर से बाहर ले जाना पड़ेगा। प्रधान न्यायाधीश स्पष्ट रूप से इससे पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव पर विचार करने में विफल रहे हैं।"बेंच ने कहा, "यह स्पष्ट है कि अदालत माता-पिता के प्रतिस्पर्धी अधिकारों पर विचार करने और मूल्यांकन करने के लिए गलत...
'शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट एक्ट' के तहत शैक्षणिक संस्थान 'एस्टैब्लिशमेंट' नहीं: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक शैक्षणिक संस्थान 'एस्टैब्लिशमेंट' के अर्थ और परिभाषा के दायरे में नहीं आता है, जैसा कि तेलंगाना शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट एक्ट, 1988 की धारा 2(10) के तहत परिभाषित किया गया है।मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति बी विजयसेन रेड्डी की खंडपीठ ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए सुप्रीम कोर्ट और केरल हाईकोर्ट के फैसलों को ध्यान में रखा।मामले की पृष्ठभूमिअपीलकर्ता संस्थान एक शैक्षणिक संस्थान है और प्रतिवादी नंबर तीन/कर्मचारी को वर्ष 1985 में पोषण...
"इस तरह के अपराध ने सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त कर दिया": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चचेरी बहन से बलात्कार के दोषी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में अपनी चचेरी बहन (जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई और एक बच्चे को जन्म दिया) पर बलात्कार करने के दोषी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया।हाईकोर्ट ने अपराधी को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि इस तरह के अपराध ने सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त कर दिया।न्यायमूर्ति अनिल कुमार ओझा की खंडपीठ ने मामले की स्वीकृत स्थिति को ध्यान में रखा कि अपीलकर्ता (जमानत आवेदक) और बलात्कार पीड़िता भाई-बहन (चचेरे भाई और बहन) हैं और यह भी नोट किया कि बच्चे का डीएनए अपीलकर्ता से मेल...
'सीडब्ल्यूसी ने किशोर न्याय अधिनियम के दायरे से परे काम किया': मद्रास हाईकोर्ट ने दत्तक माता को बच्ची की कस्टडी लौटाई
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में गोद लेने वाली मां और जैविक मां के बीच कस्टडी की लड़ाई में बच्चे को रिसेप्शन होम में रखने के चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि बच्चियों को इस रूप में नहीं दिखाया जा सकता है कि उन्हें 'देखभाल और सुरक्षा की जरूरत' है, खासकर जब 'दो माताएं उसे देखभाल और सुरक्षा देने के लिए एक-दूसरे से लड़ रही हों' ।जस्टिस पीएन प्रकाश और जस्टिस आर हेमलता दो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थीं, जिन्हें जैविक मां और दत्तक मां ने दायर...
सेक्शन 138 एनआई एक्ट के तहत जुर्माने की सजा शिकायतकर्ता को मुआवजा देने के लिए पर्याप्त होनी चाहिए: जम्मू, कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने तय किए मार्गदर्शक कारक
जम्मू, कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में मजिस्ट्रेटों के लिए कुछ मार्गदर्शक कारक जारी किए, जिन पर उन्हें परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत दोषसिद्धि आदेश परित करते समय विचार करने के लिए कहा गया।जस्टिस संजीव कुमार की खंडपीठ ने जोर देकर कहा कि एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत आरोपी को दोषी ठहराए जाने पर आपराधिक न्यायालय द्वारा लगाए गए जुर्माना की सजा शिकायतकर्ता को मुआवजा देने के लिए पर्याप्त होनी चाहिए ।मामला24 जनवरी, 2020 को विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने एक व्यक्ति को एक...
[एक व्यक्ति पर 23 वर्षों पर 'गलत तरीके से' 49 आपराधिक मामले लगाए गए] "यूपी पुलिस से ऐसी उम्मीद नहीं": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी को तलब किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति से संबंधित एक मामले पर ध्यान दिया। उक्त व्यक्ति के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने 23 वर्षों में 49 मामले दर्ज किए। इसे देखते हुए अदालत के समक्ष पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश की उपस्थिति का निर्देश दिया गया।न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की खंडपीठ ने यह देखते हुए कि यूपी पुलिस से इसकी उम्मीद नहीं है, कहा कि अनुशासित बल के अधिकारियों से इस तरह की कठोर कार्रवाई की कल्पना नहीं की जा सकती।मामले की पृष्ठभूमिकोर्ट गौरव उर्फ गौरा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सीआईसी को आरटीआई के जवाब में पीएमओ द्वारा पीएम केयर्स फंड से संबंधित जानकारी देने से इनकार करने के खिलाफ अपील पर निर्णय लेने के लिए नोटिस जारी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में मुख्य सूचना आयोग को पीएम केयर्स फंड के संबंध में याचिकाकर्ता-अधिवक्ता नितिन मित्तू द्वारा मांगी गई जानकारी से इनकार करने के आदेश के खिलाफ दूसरी अपील पर निर्णय लेने में विफल रहने के लिए एक नोटिस जारी किया।जस्टिस एचएस मदान की बेंच ने सीआईसी और पीएमओ को नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई 6 जनवरी 2022 तय की।मामले की पृष्ठभूमियाचिकाकर्ता ने 7 जून, 2020 को सरकार द्वारा विकसित ऑनलाइन पोर्टल (आरटीआई ऑनलाइन) के माध्यम से पीएम केयर्स फंड के संबंध में प्रतिवादी...
'पीड़िता सुबह-सुबह आरोपी को वीडियो कॉल करती थी,यह तथ्य उसकी सहमति दर्शाता है': कर्नाटक हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को जमानत दी
कर्नाटक हाईकोर्ट (धारवाड़ बेंच) ने एक बलात्कार के आरोपी को यह कहते हुए जमानत दे दी है कि पीड़िता, एक विवाहित महिला है,जो खुद आरोपी को सुबह-सुबह वीडियो कॉल करती थी और इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उसके निजी अंगों के स्क्रीनशॉट लिए थे। जस्टिस शिवशंकर अमरणावर ने आरोपी बसनगौड़ा उर्फ बसवराज को सशर्त जमानत देते हुए कहा कि, ''पीड़िता याचिकाकर्ता को वीडियो कॉल करने के लिए अपने पति के मोबाइल फोन का उपयोग कर रही थी। सच यह है कि पीड़िता याचिकाकर्ता को सुबह 4 से 5 बजे के बीच वीडियो कॉल करती थी और यह तथ्य उक्त...
पत्नी के परिवार में उसके साथ कोर्ट आने के लिए किसी का उपलब्ध न होना, वैवाहिक मामले के स्थानांतरण के लिए अच्छा आधारः इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ने हाल ही में तलाक के मामले की कार्यवाही को स्थानांतरित (ट्रांसफर) करने की मांग करने वाले एक महिला की तरफ से दायर स्थानांतरण आवेदन को अनुमति देते हुए कहा है कि आवेदक-पत्नी के परिवार में ऐसा कोई भी नहीं है जो उसके साथ कोर्ट आ सके,इसलिए यह केस को ट्रांसफर करने का एक अच्छा आधार है। न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने पत्नी के आवेदन को यह कहते हुए स्वीकार कर लिया कि वैवाहिक मामलों में, पत्नी की सुविधा एक मामले के हस्तांतरण को सही ठहराने के लिए प्रमुख कारक है। संक्षेप...
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को कथित रूप से अपहरण करके बांग्लादेश ले जायी गई 16 वर्षीय लड़की को बरामद करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की एक नाबालिग युवती (16 वर्षीय) की बरामदगी के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर विचार करते हुए राज्य पुलिस विभाग को उसकी जल्द से जल्द बरामदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।इस नाबालिग लड़की को कथित तौर पर अपहरण कर बांग्लादेश ले जाया गया है। लड़की के पिता ने कोर्ट में हैबियस कार्पस पिटिशन दायर की थी।मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति एसजी चट्टोपाध्याय की खंडपीठ ने पुलिस अधिकारियों को बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग से संबंधित पुलिस स्टेशन के साथ आगे...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्थानीय पुलिस, सीडब्ल्यूसी को POCSO मामलों में पीड़ितों के अधिकारों पर 'जुनैद केस' में दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा है कि पॉक्सो अधिनियम (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) से संबंधित सभी मामलों में, हाईकोर्ट द्वारा (जुनैद बनाम यू.पी. राज्य व अन्य के मामले में) जारी निर्देशों का अनुपालन स्थानीय पुलिस के साथ-साथ संबंधित जिले के सीडब्ल्यूसी ने भी नहीं किया है।यह ध्यान दिया जा सकता है कि जुनैद के मामले में, हाईकोर्ट ने अन्य बातों के साथ, पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत जमानत आवेदनों के निपटान के लिए निर्देश और समयसीमा जारी की थी। अदालत ने पुलिस और बाल कल्याण समिति को भी...
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के ट्रांसफर की व्यवस्था खत्म हो: जस्टिस मदन लोकुर
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने जस्टिस मदन बी लोकुर ने कहा, 'आइडिया ऑफ इंडिया' की रक्षा के लिए एक स्वतंत्र न्यायपालिका जरूरी है।" संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में जस्टिस मदन बी लोकुर ने कहा कि जब तक हमारे पास एक ऐसी न्यायपालिका नहीं होगी जो खड़ी हो सके, बोल सके और आत्मनिरीक्षण कर सके, हमारा संविधान एक दस्तावेज बन कर रह जाएगा, जिस पर हम 26 नवंबर को चर्चा करेंगे। जस्टिस लोकुर द लीफलेट द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जिसका शीर्षक था 'अंडरमाइनिंग द आइडिया ऑफ इंडिया:...
दिल्ली हाईकोर्ट में जिला न्यायालयों में सिविल न्यायाधीशों के आर्थिक क्षेत्राधिकार को बढ़ाने की मांग को लेकर याचिका दायर
दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष मूल मुकदमों के निर्णय के लिए शहर के सभी जिला न्यायालयों में तैनात सिविल जजों के आर्थिक क्षेत्राधिकार को तर्कसंगत वितरण और बढ़ाने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की गई।सिविल जजों का वर्तमान अधिकतम आर्थिक क्षेत्राधिकार रु. तीन लाख है।अधिवक्ता अमित साहनी द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि वर्तमान सिविल जजों को सौंपे गए आर्थिक मूल्य रु. तीन लाख बेहद कम हैं। इससे जजों को "मुश्किल का सामना" पड़ता है, जिन्हें तीन लाख रुपये तक की वसूली के लिए निषेधाज्ञा मुकदमा और पेटीएम मुकदमा का...
'बौद्धिक स्वतंत्रता को केवल इसलिए नहीं दबाया जा सकता कि व्यक्त किए गए विचारों से कुछ लोग असहमत हैं': दिल्ली हाईकोर्ट सलमान खुर्शीद की किताब पर प्रतिबंध लगाने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद द्वारा लिखित "सनराइज ओवर अयोध्या" पुस्तक के प्रकाशन और बिक्री को रोकने के निर्देश की मांग वाली याचिका को खारिज करते कर दिया।हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हु"विचारों और विचारों को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने की स्वतंत्रता को गैर-अनुरूपता के विरोध के चलते प्रतिबंधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।"न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने आगे कहा कि समसामयिक मामलों या ऐतिहासिक घटनाओं के संबंध में असहमति या विरोध का अधिकार और व्यक्त...
विधायिका अपने बनाए कानूनों के प्रभाव का आकलन नहीं करती है; यह बड़े मुद्दों की ओर ले जाता है: सीजेआई एनवी रमाना
भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमाना ने संविधान दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में समापन समारोह में विधायिका द्वारा पारित कानूनों के प्रभाव का आकलन करने के लिए अध्ययन नहीं करने का मुद्दा उठाया। सीजेआई ने कहा कि इससे 'बड़े मुद्दे' पैदा होते हैं।उन्होंने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 का उदाहरण दिया, जिसके लागू होने से मजिस्ट्रेट अदालतों का बोझ बढ़ गया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मौजूदा न्यायालयों को वाणिज्यिक न्यायालयों के रूप में री-ब्रांडिंग करने से लंबित मामलों की समस्या...









![[एक व्यक्ति पर 23 वर्षों पर गलत तरीके से 49 आपराधिक मामले लगाए गए] यूपी पुलिस से ऐसी उम्मीद नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी को तलब किया [एक व्यक्ति पर 23 वर्षों पर गलत तरीके से 49 आपराधिक मामले लगाए गए] यूपी पुलिस से ऐसी उम्मीद नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी को तलब किया](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/10/11/500x300_402266-uppoliceandallahabadhc.jpg)







