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चालक के नशे में होने के कारण पुलिस अधिकारियों को वाहन जब्त करने का अधिकार नहीं: तेलंगाना हाईकोर्ट
चालक के नशे में होने के कारण पुलिस अधिकारियों को वाहन जब्त करने का अधिकार नहीं: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को इस आधार पर वाहनों को पकड़ने या जब्त करने का कोई अधिकार नहीं है कि गाड़ी चलाने वाला व्यक्ति नशे की हालत में पाया गया।न्यायमूर्ति के लक्ष्मण की पीठ नशे की हालत में रहने वाले चालक या सवार से वाहन को जब्त करने की पुलिस अधिकारियों की शक्ति से संबंधित कई याचिकाओं पर विचार कर रही थी।इस विषय पर विभिन्न वैधानिक प्रावधानों की व्याख्या करते हुए न्यायालय ने पुलिस अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश जारी किए:(ए) यदि वाहन का चालक/सवार शराब के नशे में पाया जाता...

कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव खोसला को महिला वकील से मारपीट करने का दोषी ठहराया
कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव खोसला को महिला वकील से मारपीट करने का दोषी ठहराया

दिल्ली की एक अदालत ने 27 साल से अधिक की अवधि के बाद दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव खोसला को वर्ष 1994 में एक महिला वकील से मारपीट करने का दोषी ठहराया है।मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गजेंद्र सिंह नागर की राय थी कि खोसला पर महिला वकील को बाल और बांहों से खींचे जाने के आरोप, महिला की गवाही और तीस हजारी कोर्ट से उसे प्रैक्टिस नहीं करने की अनुमति न देने की धमकी बिल्कुल सत्य और विश्वसनीय थे।अदालत ने कहा,"उनकी एकमात्र गवाही अदालत के मन में विश्वास प्रेरित करती है, इस प्रकार...

राज्य सरकार 11E स्केच पर जोर दिए बिना बिक्री विलेख अपलोड करने में सक्षम होने के लिए वेबसाइट में सुधार करे: कर्नाटक हाईकोर्ट
राज्य सरकार 11E स्केच पर जोर दिए बिना बिक्री विलेख अपलोड करने में सक्षम होने के लिए वेबसाइट में सुधार करे: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को वेबसाइट https://kaverionline.karnataka.gov.in में आवश्यक परिवर्तन/सुधार करने का निर्देश दिया है ताकि रजिस्ट्रेशन ऑफिसरों द्वारा '11E' स्केच के बिना भी सर्वेक्षण विभाग द्वारा जारी भूमि का सर्वेक्षण स्केच रजिस्टर्ड बिक्री विलेख अपलोड करने में वेबसाइट को सक्षम बनाया जा सके।न्यायमूर्ति एस आर कृष्ण कुमार की एकल पीठ ने वैशाली केशव कडाकोल की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा,"प्रतिवादी नंबर एक/कर्नाटक राज्य को भी वेबसाइट...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महिला की 15 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बावजूद उसके पति को ढूंढ़ने में नाकाम रहने पर राज्य को फटकार लगाई, 50 हजार रूपये का मुआवजे देने का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में पिछले 15 वर्षों से गुम अपने पति को खोजने की मांग करने वाली एक महिला द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas corpus) याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य मशीनरी के उसके पति का पता लगाने में विफल रहने पर सरकार को फटकार लगाई और उक्त महिला को 50,000/- रूपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति वी. के. जाधव और न्यायमूर्ति श्रीकांत डी. कुलकर्णी की खंडपीठ ने कहा कि यह बहुत दुखद है कि पिछले 15 वर्षों से मुकदमेबाजी करने के बावजूद महिला को अपने प्रयासों का फल नहीं मिला।कोर्ट...

नवजोत सिंह सिद्धू एडवोकेट जनरल ऑफिस के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं: पंजाब एजी एपीएस देओल
नवजोत सिंह सिद्धू एडवोकेट जनरल ऑफिस के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं: पंजाब एजी एपीएस देओल

पंजाब राज्य के एडवोकेट जनरल एपीएस देओल ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू एडवोकेट जनरल के ऑफिस के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं।बयान में सिद्धू पर "ड्रग्स मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के 'गंभीर प्रयासों' को पटरी से उतारने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।एजी देओल ने यह भी आरोप लगाया कि सिद्धू अपने राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब के महाधिवक्ता के संवैधानिक कार्यालय का राजनीतिकरण कर रहे हैं।पंजाब एजी के बयान में कहा,"नवजोत सिंह सिद्धू सरकार और...

न्यायपालिका के पास पैसे या तलवार की ताकत नहीं, यह जनता के भरोसे से ही जीवित रहती हैः केरल हाईकोर्ट
न्यायपालिका के पास पैसे या तलवार की ताकत नहीं, यह जनता के भरोसे से ही जीवित रहती हैः केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायिक स्वतंत्रता के महत्व पर विचार किया। जस्टिस पीबी सुरेश कुमार की पीठ ने ऐसी याचिकाओं का निस्तारण कर रहा था, जिनमें न्यायिक न्यायिक कदाचार का आरोप लगाया गया था।याचिकाओं में भारत के मुख्य न्यायाधीश और केरल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को केरल हाईकोर्ट के दो जजों के कथित न्यायिक कदाचार की जांच के लिए एक इन-हाउस कमेटी गठित करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।जस्टि‌स कुमार ने कहा,"न्यायपालिका के पास पैसे या तलवार की ताकत नहीं है। यह जनता...

दिल्ली हाईकोर्ट
किशोर न्याय अधिनियम: दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कानून का उल्लंघन करने वाले किशोरों' की 'आयु निर्धारण' को पूरा करने के लिए समय-सीमा जारी की

दिल्ली हाईकोर्ट ने कानून का उल्लंघन करने वाले किशोरों से संबंधित पूछताछ की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और सभी अधिकारियों द्वारा ईमानदारी से अनुपालन करने के निर्देश जारी किए हैं।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस अनूप जे भंभानी की पीठ ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं-(ए) कानून का उल्लंघन करने वाले किशोरों से संबंधित सभी मामलों में कथित अपराधों की प्रकृति की परवाह किए बिना, एक किशोर को जेजेबी के समक्ष पेश करने के बाद उसकी ओर से दिए गए निर्देशों पर मामले का जांच अधिकारी, ऐसे निर्देश जारी...

प्रतिभा एम सिंह कैम्ब्रिज एलएलएम स्कॉलरशिप 2021- अवार्ड सेरेमनी: अभी रजिस्ट्रेशन करें
प्रतिभा एम सिंह कैम्ब्रिज एलएलएम स्कॉलरशिप 2021- अवार्ड सेरेमनी: अभी रजिस्ट्रेशन करें

एनएलयू ओडिशा के आशीर्वाद नायक और एनएलएसआईयू बैंगलोर के निखिल पुरोहित दो छात्रों को इस साल प्रतिभा एम सिंह कैम्ब्रिज एलएलएम स्कॉलरशिप 2021 के लिए चुना गया है। इन छात्रों को सम्मानित करने के लिए सोमवार, आठ नवंबर को रात 8.30 बजे (IST) ज़ूम के माध्यम से एक वर्चुअल अवार्ड सेरेमनी का आयोजन किया जा रहा है।2013 में स्थापित स्कॉलरशिप "सरदार मनमोहन सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट" के तहत यह पहला प्रयास है, जो उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक मेधावी छात्रों का समर्थन करने के लिए स्थापित किया गया। स्कॉलरशिप का...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मोटर वाहन कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में मोटर वाहन कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग करने वाली एक जनहित याचिका में राज्य सरकार से जवाब मांगा।न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा ने कानून के छात्र हृषिकेश जायसवाल द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। कोर्ट ने प्रतिवादी अधिकारियों को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।मोटर वाहन कानूनों के कार्यान्वयन से संबंधित मुद्दों के संबंध में याचिका तीन प्रश्न उठाती है। पहला, वाहनों पर बोर्ड और नंबर प्लेट लगाना कानून के प्रावधानों...

दिल्ली हाईकोर्ट
"दिल्ली पुलिस में पत्नी की नौकरी लगने के बाद पति ने उसे कमाऊ गाय के रूप में देखा" : दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रूरता के आधार पर विवाह भंग किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रूरता के आधार पर तलाक के डिक्री पारित करके एक जोड़े के बीच विवाह भंग कर दिया। कोर्ट ने यह देखा कि पति ने दिल्ली पुलिस में नौकरी पाने वाली अपनी पत्नी को बिना किसी भावनात्मक संबंधों के एक कमाऊ गाय (कैश काऊ) के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह एक महिला द्वारा दायर एक अपील पर विचार कर रहे थे, जिसमें परिवार न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी, क्योंकि फैमेली कोर्ट द्वारा क्रूरता या परित्याग के किसी भी आधार को स्थापित नहीं किया...

आर्यन खान ड्रग मामले की जांच नहीं करेंगे समीर वानखेड़े, एनसीबी ने एसआईटी को छह मामले ट्रांसफर किए
आर्यन खान ड्रग मामले की जांच नहीं करेंगे समीर वानखेड़े, एनसीबी ने एसआईटी को छह मामले ट्रांसफर किए

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने क्रूज शिप ड्रग्स मामले की जांच को एनसीबी की मुंबई इकाई से विशेष जांच दल (एसआईटी) को स्थानांतरित कर दिए। क्रूज शिप मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को एक आरोपी के रूप में नामित किया गया है।एनसीबी के महानिदेशक (डीजी) एस एन प्रधान द्वारा मामलों के हस्तांतरण का आदेश जारी किया गया।आदेश में कहा गया,"नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुख्यालय की संचालन शाखा के अधिकारियों के शामिल वाला एक विशेष जांच दल (एसआईटी) एनसीबी के मुंबई क्षेत्रीय इकाई से कुल छह मामलों...

आधार लिंकेज की कमी खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ से इनकार करने का कोई कारण नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
आधार लिंकेज की कमी खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ से इनकार करने का कोई कारण नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने दीवाली का बेसब्री से इंतजार कर रहे कई आदिवासियों को उनके आधार कार्ड के लिंक न होने के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आपूर्ति से वंचित करने का दुखद बताते हुए मुरबाद के तहसीलदार को चार नवंबर तक लगभग 90 आदिवासियों को राशन की आपूर्ति वितरित करने का आदेश दिया।जस्टिस प्रसन्ना वराले और जस्टिस माधव जामदार ने एक अंतरिम आदेश में कहा कि कुछ तकनीकी आधारों पर आदिवासियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के तहत खाद्यान्न वितरण के लाभों से इनकार नहीं किया जा सकता।अदालत...

50 वर्षीय विवाहिता 30 वर्षीय युवक के साथ लिव-इन रिलेशन में: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों के खतरे के आकलन का आदेश दिया
50 वर्षीय विवाहिता 30 वर्षीय युवक के साथ लिव-इन रिलेशन में: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों के खतरे के आकलन का आदेश दिया

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक 50 वर्षीय विवाहित महिला और उसके 30 वर्षीय लिव-इन पार्टनर की सुरक्षा का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि हर व्यक्ति को, व‌िशेषकर एक वयस्क को, किसी भी ‌स्‍थ‌िति में अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने का अधिकार है।जस्टिस विकास बहल की खंडपीठ ने जोर देकर कहा कि जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा भारत के संविधान की बुनियादी विशेषता है।उन्होंने कहा, "प्रत्येक व्यक्ति विशेष रूप से एक वयस्क को किसी भी स्‍थ‌िति में अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ अपना जीवन जीने का अधिकार...

14 साल की कैद के बाद छूट के मामलों का पुनर्मूल्यांकन करें, भले ही अपील हाईकोर्ट में लंबित हो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से कहा
14 साल की कैद के बाद छूट के मामलों का पुनर्मूल्यांकन करें, भले ही अपील हाईकोर्ट में लंबित हो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश देने के लिए कहा है कि वे 14 साल की कैद के बाद छूट के मामलों का पुनर्मूल्यांकन करें, भले ही ऐसे मामलों में अपील हाईकोर्ट में लंबित हों। जस्टिस डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और जस्टिस अजय त्यागी की खंडपीठ बलात्कार के एक दोषी की अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायालय (डकैती प्रभावित क्षेत्र), जिला कानपुर देहात द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को चुनौती दी थी।अदालत ने बलात्कार के दोषी की अपील को...

सेवा मामलों में जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं : केरल उच्च न्यायालय ने दोहराया
सेवा मामलों में जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं : केरल उच्च न्यायालय ने दोहराया

केरल हाईकोर्ट ने एक रिट याचिका को खारिज करते हुए हाल ही में दोहराया कि सेवा मामलों में जनहित याचिका (PIL) सुनवाई करने योग्य नहीं हैं।मुख्य न्यायाधीश एस. मणिकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी. शैली की खंडपीठ ने जिला चिकित्सा अधिकारी (स्वास्थ्य) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक को निर्देश देने की मांग करने वाली याचिका पर फैसला सुनाते यह टिप्पणी की।याचिकाकर्ता ने यह दिखाने के लिए कुछ दस्तावेज पेश किए कि उक्त स्वास्थ्य निरीक्षक द्वारा कर्तव्य की उपेक्षा के कारण एक नवजात की मृत्यु...

एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत नोटिस में यह निर्दिष्ट होना चाहिए कि आरोपी के पास कौन-से अधिकार हैं; केवल आरोपी को यह बताना कि उसके पास अधिकार हैं, पर्याप्त नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत नोटिस में यह निर्दिष्ट होना चाहिए कि आरोपी के पास कौन-से अधिकार हैं; केवल आरोपी को यह बताना कि उसके पास अधिकार हैं, पर्याप्त नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 50 के तहत एक नोटिस में यह निर्दिष्ट होना चाहिए कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत आरोपी के पास कौन-से अधिकार हैं।न्यायमूर्ति बी.एस. वालिया ने कहा कि यह निर्दिष्ट किए बिना कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत आरोपी के पास कौन से अधिकार हैं, केवल आरोपी को यह बताना कि उसके पास एनडीपीएस अधिनियम के तहत अधिकार हैं, अनिवार्य आवश्यकता का अनुपालन नहीं है।जमानत याचिका में आरोपी ने तर्क दिया कि यदि वह चाहे तो उसे राजपत्रित...

त्रिपुरा पुलिस ने ‌दिल्ली के दो वकीलों के खिलाफ यूएपीए के तहत केस दर्ज किया, दोनों सांप्रदायिक हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी करने वाली टीम का हिस्‍सा थे
त्रिपुरा पुलिस ने ‌दिल्ली के दो वकीलों के खिलाफ यूएपीए के तहत केस दर्ज किया, दोनों सांप्रदायिक हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी करने वाली टीम का हिस्‍सा थे

त्रिपुरा पुलिस ने दो वकीलों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों वकील त्रिपुरा में हाल ही में हुई में सांप्रदायिक हिंसा पर एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट प्रकाशित करने वाली टीम का हिस्‍सा थे। पश्चिम अगरतला पुलिस ने पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज के मुकेश और नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स के अंसार इंदौरी को नोटिस भेजा है। ये दोनों वकील दिल्ले में रहते हैं। नोटिस में बताया गया है कि उनकी सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों पर उनके खिलाफ यूएपीए की धारा 13 (गैरकानूनी गतिविधियों के लिए...

गुजरात हाईकोर्ट में कंपनी अधिनियम, 2013 में एनसीएलटी नियुक्तियों के लिए न्यूनतम आयु मानदंड को चुनौती देते हुए याचिका दायर
गुजरात हाईकोर्ट में कंपनी अधिनियम, 2013 में एनसीएलटी नियुक्तियों के लिए न्यूनतम आयु मानदंड को चुनौती देते हुए याचिका दायर

गुजरात हाईकोर्ट में कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 413(2) के अधिकार को चुनौती देते हुए एक जनहित याचिका दायर की गई है। कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 413(2) राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरणों में न्यायिक सदस्यों के रूप में नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु सीमा '50 वर्ष से कम नहीं' निर्धारित करती है।गुजरात हाईकोर्ट द्वारा सुनी जाने वाली याचिका में विज्ञापन संख्या: ए-12023/1/2021-विज्ञापन IV, दिनांक 13.10.2021, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा अन्य अनियमितताओं का भी आरोप लगाया गया है।आरटीआई एक्टिविस्ट...

पटाखों की बिक्री के लिए सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान करना प्रशासन की जिम्मेदारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
पटाखों की बिक्री के लिए सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान करना प्रशासन की जिम्मेदारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान करे जहां पटाखों की बिक्री की अनुमति होगी।न्यायमूर्ति अजय भनोट की खंडपीठ मनोज मित्तल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता के पटाखों के भंडारण और बिक्री के संबंध में लाइसेंस के नवीनीकरण के आवेदन को सहारनपुर जिला प्रशासन ने इस साल की शुरुआत में खारिज कर दिया था।याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा कि आवेदन को खारिज करते समय विस्फोटक नियम, 2008 की धारा 118 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं...