मुख्य सुर्खियां
'छात्रों को नुकसान नहीं होना चाहिए': कलकत्ता हाईकोर्ट ने फीस जमा न होने पर छात्रों के प्रवेश पत्र रोके जाने पर कहा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2020-2021 के लिए स्कूल फीस का भुगतान न करने के संबंध में लंबित मुकदमे के बावजूद संबंधित छात्रों को नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने दिया जाना चाहिए।कोर्ट ने यह भी कहा कि फीस का भुगतान न करने के आधार पर किसी भी छात्र को निष्कासित नहीं किया जाना चाहिए। इन आधारों पर छात्रों के प्रवेश पत्र और परिणाम को रोका नहीं जाना चाहिए।न्यायमूर्ति आईपी मुखर्जी और न्यायमूर्ति मौसमी भट्टाचार्य की एक खंडपीठ पीड़ित अभिभावकों द्वारा...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और अन्य कार्यालयों के लिए होने वाले चुनावों पर रोक लगाई
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कार्यकारी सदस्यों के ऑफिस के लिए होने वाले चुनाव के लिए 4 दिसंबर या किसी अन्य स्थगित तिथि पर चुनाव कराने पर रोक लगाते हुए एक अंतरिम आदेश पारित किया।हाईकोर्ट ने कर्नाटक राज्य बार काउंसिल के बीसीआई के सदस्य एडवोकेट सदाशिव रेड्डी वाईआर की एक रिट याचिका में आदेश पारित किया, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कार्यकारी के कार्यालयों के चुनाव के लिए 19 नवंबर के बीसीआई प्रस्ताव को चुनौती दी गई थी।याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जयकुमार...
बैंक गारंटी के आह्वान को कौन से आधारों पर रोका जा सकता है? कलकत्ता हाईकोर्ट ने बताया
कलकत्ता हाईकोर्ट को हाल ही में इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने का अवसर मिला कि कौन से आधार पर बैंक गारंटी के आह्वान को रोका जा सकता है।न्यायमूर्ति मौसमी भट्टाचार्य की बेंच मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (अधिनियम) की धारा नौ के तहत दायर एक आवेदन पर फैसला सुना रही थी। वर्तमान मामले में 10 मई, 2021 के एक आदेश के माध्यम से एकल न्यायाधीश ने प्रतिवादी नंबर दो को प्रतिवादी नंबर एक द्वारा लागू की गई बैंक गारंटी के तहत कोई भुगतान करने से रोक दिया था।इसके बाद आदेश 18 मई, 2021 को संशोधित किया गया था। एक...
बैंक गारंटी के नकदीकरण के लिए आदेश पारित नहीं कर सकते जो आज तक जीवित नहीं हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने आज वर्ष 2013 में जारी बैंक गारंटियों को भुनाने की मांग वाली एक अपील खारिज कर दिया, जो 2016 में समाप्त हो गई थी।चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की खंडपीट ने मौखिक रूप से कहा, " बैंक गारंटी जो आज जीवित नहीं हैं, उन्हें भुनाया नहीं जा सकता है। यह एक साधारण कागज का टुकड़ा है, बस। बेहतर यह है कि पीड़ित पक्ष वसूली या नुकसान के लिए मुकदमा दायर कर सकता है। "अपने आदेश में बेंच ने कहा,"एक बार जब बैंक गारंटी की अवधि समाप्त हो जाती है तो उसे न तो भुनाया जा सकता है और न ही उसे...
गांजा बरामदगी मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनडीपीएस मामले में दुर्भावनापूर्ण तरीके से मुकदमा चलाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस कर्मियों को 29 किलोग्राम गांजा (भांग) बरामद मामले में एक व्यक्ति को आधी रात को उसके घर से उठाने और एनडीपीएस मामले में दुर्भावनापूर्ण रूप से मुकदमा चलाने के लिए भारी फटकार लगाई।न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।कोर्ट के समक्ष मामलाअदालत के समक्ष जमानत आवेदक पर यूपी पुलिस द्वारा एनडीपीएस [नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस] अधिनियम...
ईपीएफ विभाग के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित होने वाले अधिकारी एक ही मामले में जांच अधिकारी/निर्णायक प्राधिकारी नहीं हो सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को यह ध्यान रखने का निर्देश दिया कि विभाग के प्रतिनिधि के रूप में पेश होने वाले अधिकारियों को एक ही मामले में जांच अधिकारी या न्यायनिर्णायक प्राधिकारी नहीं बनाया जा सकता।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने निर्देशित किया,"भविष्य में ईपीएफओ इस बात को ध्यान में रखेगा कि जो अधिकारी विभाग के प्रतिनिधि के रूप में पेश होते हैं या एक जांच अधिकारी के समक्ष विभाग की ओर से सबमिशन करते हैं, उन्हें उसी मामले के संबंध में जांच अधिकारी या न्यायनिर्णायक...
समलैंगिक विवाह का पंजीकरण या तो धर्म-तटस्थ या केवल धर्मनिरपेक्ष कानून के तहत हो: दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
हिंदू विवाह अधिनियम, 1956 के तहत LGBTQIA जोड़े के विवाह के पंजीकरण के लिए दायर एक याचिका में हस्तक्षेप के लिए सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन नामक एक एनजीओ ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एडवोकेट शशांक शेखर झा के माध्यम से दायर आवेदन में कहा गया है कि समलैंगिक विवाह के संबंध में हिंदू विवाह अधिनियम के तहत अनुमोदन, और भारत में मौजूद अन्य धर्मों के व्यक्तिगत कानूनों में ऐसा नहीं करना, एलजीबीटी कम्यूनिटी के साथ भेदभाव होगा।याचिका में प्रार्थना की गई है कि विवाह को या तो धर्मनिरपेक्ष कानून, जैसे...
बैंक गारंटी के नकदीकरण के लिए आदेश पारित नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वर्ष 2013 में जारी बैंक गारंटियों को भुनाने की मांग करने वाली एक अपील खारिज कर दी। उक्त गारंटी 2016 में समाप्त हो गई थी।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल की डिवीजन बेंच ने कहा,"आज तक जीवित न रहने वाली बैंक गारंटी को भुनाया नहीं जा सकता है। यह एक साधारण कागज का टुकड़ा है, बस। सबसे अच्छा पीड़ित पक्ष वसूली या नुकसान के लिए मुकदमा दायर कर सकता है।"न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने मौखिक रूप से अवलोकन किया।अपने आदेश में बेंच ने इस प्रकार कहा:"एक बार जब बैंक गारंटी की अवधि समाप्त हो...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ अभिषेक बनर्जी के मानहानि के मुकदमे को बर्दवान से कोलकाता ट्रांसफर किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा भाजपा विधायक और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे को बर्दवान कोर्ट से कोलकाता की एक अदालत में ट्रांसफर करने का आदेश दिया।अधिकारी ने सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) की धारा 24 के तहत एक आवेदन दायर किया था, जिसमें सिविल जज (सीनियर डिवीजन), बर्दवान में प्रथम अतिरिक्त न्यायालय की अदालत में लंबित मुकदमे को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कोंटाई, पुरबा मेदिनीपुर की...
'वरिष्ठ नागरिकों के पास समय की लग्जरी नहीं है': बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना भरण-पोषण न्यायाधिकरण के पास बेदखली का आदेश पारित करने की शक्ति है
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत भरण-पोषण न्यायाधिकरण वरिष्ठ नागरिक की संपत्ति से किसी व्यक्ति को बेदखल का आदेश पारित कर सकता है। जस्टिस गौतम पटेल और जस्टिस माधव जे जामदार की खंडपीठ ने सनी पॉल बनाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली राज्य में दिल्ली हाईकोर्ट के नजरिए से सहमति व्यक्त की, जिसमें यह निर्धारित किया गया था कि भरण-पोषण ट्रिब्यूनल बेदखली का आदेश पारित कर सकते हैं।खंडपीठ ने दत्तात्रेय शिवाजी माने बनाम लीलाबाई शिवाजी...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महिला के शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर उसके जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के आदेश दिए
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को सीबीएसई द्वारा जारी किए गए शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर एक महिला (अदालत के समक्ष याचिकाकर्ता) के जन्म प्रमाण पत्र में सुधार करने का आदेश दिया।न्यायमूर्ति राज मोहन सिंह की खंडपीठ का यह निर्देश ज्योति बजाज की याचिका पर आया, जिसने प्रतिवादियों को अपने जन्म प्रमाण पत्र में 19 दिसंबर, 1982 की जगह 17 दिसंबर, 1982 की जन्मतिथि लिखकर सही करने के लिए निर्देश देने की मांग की थी।पूरा मामलायाचिकाकर्ता की सभी शैक्षिक प्रमाणपत्रों, सेवा पुस्तिका, आधार कार्ड, पैन...
दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस प्रतिभा एम सिंह 2021 के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल
दिल्ली हाईकोर्ट की जज न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह को आईपी (Most Influential People) 2021 न्यायाधीशों की सूची में 50 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया गया है।आईपी की वर्ष 2021 की लिस्ट में बौद्धिक संपदा कानून, नीति और व्यवसाय को संचालित करने वाले लोगों को शामिल किया गया है। लिस्ट में 21 इंडस्ट्री लीडर, नौ सार्वजनिक अधिकारियों, नौ न्यायाधीशों, छह आईपी अधिकारियों और पांच उल्लेखनीय व्यक्तियों सहित 5 विभिन्न श्रेणियों के लोग शामिल हैं।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह लिस्ट में शामिल नौ न्यायाधीशों में से एक...
केरल हाईकोर्ट ने COVISHIELD डोज के अंतराल को कम करने के एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ केंद्र की अपील को अनुमति दी
केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में शुक्रवार को केंद्र सरकार द्वारा एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ दायर अपील को 84 दिनों के निर्धारित अंतराल से पहले COVISHIELD की दूसरी डोज देने करने की अनुमति दी है।मुख्य न्यायाधीश एस मणिकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी शैली की खंडपीठ केंद्र सरकार द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी। इसमें आरोप लगाया गया कि वैक्सीन के जल्द प्रशासन की अनुमति देकर एकल न्यायाधीश ने सरकार की वैक्सीन नीति में हस्तक्षेप किया है।पूर्वोक्त निर्णय के द्वारा एकल पीठ ने अपीलकर्ताओं...
पीड़ितों को त्वरित निवारण प्रदान करने के लिए जीरो एफआईआर का प्रावधान, यह वारदात की जगह पर ध्यान दिए बगैर किसी भी पुलिस थाने में दर्ज की जा सकती हैः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में बलात्कार के मामले में एफआईआर दर्ज करने में दिल्ली पुलिस की विफलता और मामले में जांच को अवैध रूप से दूसरे पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित करने पर नाराजगी जाहिर की।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, "इस अदालत को यह दुर्भाग्यपूर्ण लगता है कि आम नागरिकों के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा करने वाली संस्थाएं अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए तत्पर हैं। यह इन जांच एजेंसियों पर आम नागरिकों के भरोसे को कमजोर करता है।"पीठ गाजियाबाद की एक महिला की याचिका पर विचार कर रही थी, जिसने यौन...
क्या 'फैमिली कोर्ट एक्ट' के प्रावधान हिमाचल प्रदेश में लागू किए गए हैं?: हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इस सप्ताह केंद्र सरकार से पूछा कि क्या फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 के प्रावधानों को हिमाचल प्रदेश राज्य के लिए एक वैधानिक अधिसूचना जारी करने के माध्यम से लागू किया गया है या नहीं।न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की खंडपीठ एक आपराधिक पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता के वकील ने फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 की धारा एक पर अदालत का ध्यान आकर्षित किया और उपधारा (3) के आधार पर उन्होंने प्रस्तुत किया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य में इस अधिनियम को लागू करने के लिए...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की सिफारिश पर रिश्वत लेने के दोषी जज को सेवा से बर्खास्त किया
हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक न्यायिक अधिकारी को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की सिफारिश पर सेवा से बर्खास्त कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने सिविल जज सह अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) गौरव शर्मा को बर्खास्त करने का आदेश पारित किया। जज को एक स्थानीय निवासी से 40,000 रुपये की रिश्वत लेने का दोषी पाया गया था।अधिसूचना में कहा गया कि"राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश ने हाईकोर्ट की सिफारिशों पर विचार किया और सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के नियम 11 के खंड (ix) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए...
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीआईसी को 8 सप्ताह के भीतर राज्य प्रायोजित इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की सांख्यिकीय जानकारी मांगने वाले आरटीआई आवेदन पर निर्णय लेने के निर्देश दिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन के संस्थापक अपार गुप्ता द्वारा राज्य प्रायोजित इलेक्ट्रॉनिक निगरानी पर सांख्यिकीय जानकारी मांगने वाले उनके आरटीआई आवेदनों को खारिज करने के खिलाफ दायर अपील पर 8 सप्ताह के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने कहा,"इस अदालत ने सीआईसी के लिए पेश होने वाले वकील से एक समय सीमा प्रस्तुत करने का अनुरोध किया, जिसके भीतर आयोग के लिए अपीलों का फैसला करना संभव होगा। वकील का कहना है कि लंबित अपीलों को 8 सप्ताह के...
"आप 1986 में हुई एक नियुक्ति को चुनौती दे रहे हैं? महिला 2021 में सेवानिवृत्त हो गई': दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया
"एक महिला जो 1986 में नियुक्त हुई, 2021 में सेवानिवृत्त हो गई। आप उसकी नियुक्ति को चुनौती दे रहे हैं?" दिल्ली हाईकोर्ट ने आज एक मामले की सुनवाई में कड़ी टिप्पणी की और अपीलकर्ता पर 15,000 रुपए का जुर्माना लगा दिया।चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की खंडपीट ने कहा कि न केवल याचिका बहुत विलंब से दायर की गई है, लेकिन यह प्रेरित भी लग रहा है।अपीलकर्ता, प्रतिवादी संख्या 6 के भतीजे कमलेश तिवारी, ने रेलवे में कार्यालय अधीक्षक (चतुर्थ श्रेणी) के पद पर बाद की नियुक्ति के खिलाफ एक याचिका पर विचार...
(अगस्टा वेस्टलैंड केस) 'भारत में गहरी जड़ें नहीं होने के कारण जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता': क्रिश्चियन मिशेल ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
जमानत की कोशिश कर रहे अगस्ता वेस्टलैंड मामले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा है कि भारत में गहरे संबंध नहीं होना ट्रायल कोर्ट के लिए उसे जमानत से इनकार करने का आधार नहीं हो सकता। जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने मिशेल की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं।मिशेल की ओर से पेश अधिवक्ता अल्जो के जोसेफ ने अदालत के समक्ष दलील दी कि मामले में गिरफ्तार अन्य सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है, केवल उन्हें जमानत देने से इनकार किया गया है कारण केवह यह कि उनकी वह एक भारतीय...
'शैक्षणिक संस्थानों को महामारी के बाद स्थितियों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए': पटना हाईकोर्ट ने CNLU की 'लाइब्रेरी शुल्क' और 'परीक्षा शुल्क' की मांग खारिज की
पटना हाईकोर्ट ने कहा है कि चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU) की शैक्षणिक वर्ष 2020-2021 के लिए सुविधा शुल्क और परीक्षा शुल्क की मांग मनमाना और अवैध है। कोर्ट ने कहा है कि बीते साल छात्रों ने कक्षाओं में भाग नहीं लिया था और COVID-19 के कारण सुविधाओं का लाभ नहीं उठाया था।जस्टिस पीबी बजंथरी ने कहा," छात्रों ने COVID-19 महामारी के दौरान कक्षाओं में भाग नहीं लिया है, इसलिए, सुविधा शुल्क और लाइब्रेरी शुल्क के भुगतान की विश्वविद्यालय की मांग इस कारण से मनमानी और अवैध है कि जब याचिकाकर्ता...


















