मुख्य सुर्खियां

नागालैंड में आम नागरिकों की मौत: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया; केंद्र, नागालैंड सरकार से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी
नागालैंड में आम नागरिकों की मौत: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया; केंद्र, नागालैंड सरकार से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग(NHRC), भारत ने सशस्त्र बलों की कार्रवाई के परिणामस्वरूप शनिवार शाम को नागालैंड [सोम जिले के ओटिंग गांव] में कम से कम 14 आम नागरिकों की मौत पर मीडिया रिपोर्टों का स्वत: संज्ञान लिया है।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नागालैंड के मोन जिले में शनिवार की देर रात 4 दिसंबर, 2021 को सेना के पैरा कमांडो द्वारा कथित रूप से विफल अभियान में उनके वाहन पर गोली चलाने से आम नागरिकों की जानें गईं।एनएचआरसी ने उल्लेख किया है कि इस घटना ने आगजनी, दंगा, और सैनिकों और असम राइफल्स शिविर पर हमले...

मुंबई की डॉक्टर आईआईटी बीएचयू में इलाहाबाद हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद प्रवेश पाने वाली छात्रा की पढ़ाई का खर्च उठाएगी
मुंबई की डॉक्टर आईआईटी बीएचयू में इलाहाबाद हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद प्रवेश पाने वाली छात्रा की पढ़ाई का खर्च उठाएगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आईआईटी बीएचयू में प्रवेश पाने वाली दलित छात्रा की पढ़ाई को प्रायोजित करने के लिए मुंबई की एक डॉक्टर ने पहलकदमी की है।अनिवार्य रूप से, हस्तक्षेप के लिए एक आवेदन दाखिल करते हुए डॉ सोनल चौहान [कंसल्टेंट एमडी, डीएमआरई, एमबीबीएस, वाडिया चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, मुंबई] ने जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि वह दलित छात्रा संस्कृति रंजन की पूरी पढ़ाई [5 साल, बैचलर और मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (दोहरी डिग्री] को प्रायोजित करना चाहती हैं।उल्लेखनीय है कि...

ओलंपियन होने से कुछ नहीं बदलता, पुलिस को जांच करने दें: केरल हाईकोर्ट ने मयूखा जॉनी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
'ओलंपियन होने से कुछ नहीं बदलता, पुलिस को जांच करने दें': केरल हाईकोर्ट ने मयूखा जॉनी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को ओलंपियन मयूखा जॉनी की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कथित तौर पर बलात्कार के झूठे आरोप लगाने पर उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई थी।जब याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता एक ओलंपियन है तो न्यायमूर्ति के हरिपाल ने मौखिक रूप से टिप्पणी की:"यह मामले से कैसे संबंधित है? इससे कुछ भी नहीं बदलता है। पुलिस को आरोपों की जांच करने दें।"याचिकाकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट पी.ए. अयूब खान ने तर्क दिया कि जॉनसन द्वारा बलात्कार के शिकार एक दोस्त से...

दिल्ली कोर्ट ने हर्जाने के रूप में 13 हजार रुपये की वसूली के लिए दायर 30 साल पुराने सिविल मामले को खारिज किया
दिल्ली कोर्ट ने हर्जाने के रूप में 13 हजार रुपये की वसूली के लिए दायर 30 साल पुराने सिविल मामले को खारिज किया

दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में 13 हजार रुपये की वसूली के लिए दायर 30 साल पुराने दीवानी मुकदमे को खारिज कर दिया। एक परिसर पर कब्जे को लेकर वादी और प्रतिवादी के बीच विवाद था, जिसके नुकसान के रूप में उक्त राशि मांगी गई थी।अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल जज अजय कुमार मलिक ने नौ नवंबर को फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले को सबूतों के अभाव में खारिज किया जाता है। वादी ने किसी भी गवाह से पूछताछ नहीं की। इसलिए प्रतिवादी को कभी भी गवाहों से जिरह करने का अवसर नहीं मिला।वादी रतन सिंह द्वारा दायर मामले के अनुसार, जयंती...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से आगे नहीं जा सकते: कर्नाटक हाईकोर्ट शिवराम कारंथ लेआउट विकसित करने के लिए जारी बीडीए अधिसूचना के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने 3546 एकड़ 12 गुंटा एकड़ भूमि पर डॉ के शिवराम कारंत लेआउट के गठन के लिए अक्टूबर 2018 में बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) द्वारा जारी अंतिम अधिसूचना की वैधता के खिलाफ दायर याचिकाओं के एक बैच को खारिज कर दिया है।जस्टिस एसआर कृष्ण कुमार ने बीडीए की प्रारंभिक अधिसूचना और अधिग्रहण की कार्यवाही को बहाल करने और तीन महीने के भीतर अंतिम अधिसूचना जारी करने का निर्देश देते हुए सुप्रीम कोर्ट के तीन अगस्‍त 2018 के आदेश पर ध्यान दिया।हाईकोर्ट ने कहा, "यह अच्छी तरह से तय है कि यह न्यायालय...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे में समीर ठक्कर के खिलाफ दर्ज एफआईआर में अग्रिम जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे में समीर ठक्कर के खिलाफ दर्ज एफआईआर में अग्रिम जमानत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को नासिक निवासी समीर ठक्कर को महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्रियों और राकांपा नेता नवाब मलिक और जितेंद्र अवध के खिलाफ उनके कथित मानहानिकारक ट्वीट के लिए ठाणे में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में अग्रिम जमानत दी।न्यायमूर्ति नितिन साम्ब्रे ने कहा कि ठक्कर की हिरासत की आवश्यकता नहीं थी, अदालत ने उसे उसके ट्वीट के लिए चेतावनी दी और भविष्य में इसी तरह के ट्वीट पोस्ट नहीं करने का वचन दिया।ठक्कर के वकील हृषिकेश मुदर्गी ने एक मौखिक हलफनामा दाखिल किया, जिसके बाद अदालत ने उसे अग्रिम जमानत...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य को रायचूर में नए जिला न्यायालय भवन के निर्माण के लिए फंड का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रमुख सचिव (कानून विभाग) को रायचूर में एक नए जिला न्यायालय भवन के निर्माण के लिए फंड जारी करने के लिए संबंधित सरकारी अधिकारियों को अवगत कराने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी और न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की खंडपीठ ने कहा,"हम राज्य सरकार को प्रमुख सचिव (कानून) के माध्यम से संबंधित सरकारी अधिकारियों को मामले में तात्कालिकता से अवगत कराने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं कि फंड की व्यवस्था की जाए ताकि नए अदालत परिसर के निर्माण का काम बिना...

बिहार में लिकर सिंडिकेट- पटना हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई, कई निर्देश जारी किए
बिहार में लिकर सिंडिकेट- पटना हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई, कई निर्देश जारी किए

पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में बिहार में फल-फूल रहे लिकर सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस की निष्क्रियता पर नाराजगी जाहिर की है। साथ ही कोर्ट ने इस संबंध में कई दिशानिर्देश जारी किए हैं। ज‌स्टिस संदीप कुमार की खंडपीठ तीन जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की कि सभी मामलों में भारी मात्रा में अवैध शराब और स्प्रिट बरामद की गई है, फिर भी स्थानीय पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने में रुचि नहीं ली है।पीठ ने कहा,"कोर्ट राय में, ये मामले बिहार में फल-फूल रहे लिकर सिंडिकेट से जुड़े हैं। इस प्रकार के...

डेंगू का प्रकोप: दिल्ली हाईकोर्ट ने मच्छर प्रजनन के मुद्दे की बारीकी से निगरानी के लिए एडवोकेट रजत अनेजा को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया
डेंगू का प्रकोप: दिल्ली हाईकोर्ट ने मच्छर प्रजनन के मुद्दे की बारीकी से निगरानी के लिए एडवोकेट रजत अनेजा को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने एडवोकेट रजत अनेजा को शहर में मच्छरों के बड़े पैमाने पर प्रजनन के खतरे के मुद्दे पर सहायता करने के लिए एमिकस क्यूरी के रूप में नियुक्त किया है, जिसके परिणामस्वरूप हर साल मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू जैसी वेक्टर जनित बीमारियां होती हैं।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने निम्नलिखित आदेश पारित किए,"हमारे विचार में यह आवश्यक है कि मच्छरों के प्रजनन के संबंध में उक्त मुद्दे की न्यायालय द्वारा बारीकी से निगरानी की जाए ताकि तीनों निगमों, नई दिल्ली नगर परिषद, दिल्ली...

दिल्ली दंगा मामले में पहली सजा: अदालत ने एक आरोपी को विधि विरुद्ध भीड़ में शामिल होने, तोड़फोड़ करने और घर में आग लगाने का दोषी ठहराया
दिल्ली दंगा मामले में पहली सजा: अदालत ने एक आरोपी को विधि विरुद्ध भीड़ में शामिल होने, तोड़फोड़ करने और घर में आग लगाने का दोषी ठहराया

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में पहली सजा सुनाते हुए आरोपी दिनेश यादव दोषी ठहराया। इन दंगों ने पिछले साल राष्ट्रीय राजधानी को हिलाकर रख दिया था। (गोकलपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 141/2020)दिनेश यादव पर दंगाइयों की भीड़ का सक्रिय सदस्य होने का आरोप लगाया गया था। भीड़ में शामिल लोगों के शिकायतकर्ता मनोरी के घर में तोड़फोड़ और आग लगाने में सक्रिय भाग लिया था।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने यादव को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 143, 147,...

मद्रास हाईकोर्ट ने स्पाइसजेट लिमिटेड को बंद करने का आदेश दिया, कंपनी की संपत्ति का अधिग्रहण करने के लिए आधिकारिकारियों को निर्देश जारी किये
मद्रास हाईकोर्ट ने स्पाइसजेट लिमिटेड को बंद करने का आदेश दिया, कंपनी की संपत्ति का अधिग्रहण करने के लिए आधिकारिकारियों को निर्देश जारी किये

मद्रास हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि स्पाइसजेट लिमिटेड को बंद किया जाना चाहिए और संपत्ति को आधिकारिक परिसमापक (Liquidator) द्वारा एयरलाइंस का ऋण को चुकाने के लिए अपने अधिकार में लेना चाहिए। न्यायमूर्ति आर. सुब्रमण्यम क्रेडिट सुइस एजी, स्विट्जरलैंड स्थित स्टॉक कॉरपोरेशन और एक लेनदार द्वारा दायर एक कंपनी याचिका पर निर्णय दे रहे थे। इन्होंने पूर्व में बकाया ऋणों का भुगतान करने के लिए प्रतिवादी एयरलाइंस की ओर से असमर्थ होने की बात कही थी।कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 433 (ई) और (एफ) आर/डब्ल्यू...

दिल्ली कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों से संवेदनशील होकर दंगों के मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने का निर्देश किया
दिल्ली कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों से संवेदनशील होकर दंगों के मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने का निर्देश किया

दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में शहर की पुलिस को अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील बनाने और उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।कड़कड़डूमा कोर्ट के उत्तर पूर्व जिले के प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश, रमेश कुमार ने सीएमएम द्वारा पारित एक आदेश को रद्द करते हुए आदेश पारित किया। इसमें दिल्ली पुलिस पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।सीएमएम ने पाया था कि दंगों के एक मामले में शिकायत को अलग करने के संबंध में एक आवेदन को स्थानांतरित करने...

केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में दो न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचिना जारी की
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में दो न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचिना जारी की

केंद्र सरकार ने सोमवार को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में एक वकील और एक न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति की अधिसूचिना जारी की।नियुक्त किए गए न्यायाधीश डॉ के मनमाधा राव (वकील) और बीएस भानुमति (न्यायिक अधिकारी) हैं।इस संबंध में जारी की गई अधिसूचना में कहा गया,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति ने 1) डॉ. कुंभाजदला मनमाधा राव और (2) कुमारी बोद्दुपल्ली श्री भानुमति को वरिष्ठता के उस क्रम में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का न्यायाधीश...

ज्ञानदेव वानखेड़े ने मलिक द्वारा कोर्ट में अंडरटेकिंग देने के बावजूद मानहानिकारक बयान देने का आरोप लगाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
ज्ञानदेव वानखेड़े ने मलिक द्वारा कोर्ट में अंडरटेकिंग देने के बावजूद मानहानिकारक बयान देने का आरोप लगाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल चीफ समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव ने बॉम्बेहाई कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि राकांपा नेता नवाब मलिक कोर्ट को अंडरटेकिंग देने के बावजूद वानखेड़े के खिलाफ मानहानिकारक बयान दे रहे हैं।समीर के पिता ज्ञानदेव के आवेदन में मानहानि के अतिरिक्त मामले दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका के मुताबित कथित तौर पर टीवी9 मराठी और सकल को क्रमश: 2 दिसंबर, 2021 और 4 दिसंबर, 2021 को बयान दिए गए थे।न्यायमूर्ति एसजे कथावाला और न्यायमूर्ति मिलिंद...

मद्रास हाईकोर्ट में क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका दायर
मद्रास हाईकोर्ट में क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका दायर

मद्रास हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई, जिसमें सभी मीडिया प्लेटफार्मों पर क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है जब तक कि सरकार क्रिप्टो ट्रेडिंग के लिए उचित नियम और कानून नहीं बनाती।याचिका में क्रिप्टो ट्रेडिंग के विज्ञापनों को रोकने के लिए वित्त सचिव, कैबिनेट सचिव और सूचना और प्रसारण मंत्रालय को प्रतिवादी बनाया गया है। एडवोकेट अय्या की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि क्रिप्टोकरेंसी में अवैध व्यापार ने मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवादी वित्तपोषण और जबरन...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी को अनिल देशमुख की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश देने से रोका
बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी को अनिल देशमुख की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश देने से रोका

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की संपत्ति को कुर्क करने का 14 जनवरी तक आदेश पारित करने से रोक दिया।न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति माधव जामदार की खंडपीठ ने अनिल देशमुख की पत्नी - आरती की याचिका पर सुनवाई की जिसमें प्रवर्तन निदेशालय द्वारा परिवार की 4.2 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने और और साथ ही कुर्क की पुष्टि करने के लिए निर्णायक प्राधिकरण के समक्ष कार्यवाही को चुनौती दी गई थी।आरती...

भरण-पोषणः राजस्‍थान हाईकोर्ट का निर्णय, मजिस्ट्रेट को सीआरपीसी की धारा 125 के तहत हर महीने की चूक के लिए एक महीने तक की कैद अलग-अलग सजा सुनाने का अधिकार
भरण-पोषणः राजस्‍थान हाईकोर्ट का निर्णय, मजिस्ट्रेट को सीआरपीसी की धारा 125 के तहत हर महीने की चूक के लिए एक महीने तक की कैद अलग-अलग सजा सुनाने का अधिकार

राजस्थान हाईकोर्ट ने माना है कि एक मजिस्ट्रेट को सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण के आदेश का पालन न करने पर अलग-अलग सजा सुनाने का अधिकार है, और इस तरह की सजा हर महीने की चूक के लिए एक-एक महीने की कैद तक हो सकती है।जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की खंडपीठ ने कहा,"हमें यह मानने में कोई संकोच नहीं है कि जहां चूककर्ता बार-बार धारा 125 सीआरपीसी के तहत भरणपोषण के आदेश का उल्लंघन करता है, अदालत हर महीने की बकाया राशि की वसूली के लिए अलग-अलग वारंट जारी करके अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर...

कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रायोजित स्कूलों में गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति में अनियमितताओं की सीबीआई जांच पर एकल पीठ के आदेश को रद्द किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को एकल पीठ के एक फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग (WBSSC) की कथित सिफारिश पर पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (WBBSE) के तहत प्रायोजित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 'ग्रुप-डी' (गैर-शिक्षण कर्मचारी) की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं की CBI जांच का आदेश दिया गया था।जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने सीबीआई को इस संबंध में 21 दिसंबर तक प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।23 नवंबर को पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
अदालत दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 561-ए के तहत अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारा 164ए के तहत दर्ज बयान का आलोचनात्मक मूल्यांकन नहीं कर सकतीः जम्मू, कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू, कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि वह दंड प्रक्रिया संहिता, 1989 की धारा 561-ए (अब 482) के तहत अदालत की अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए संहिता की धारा 164ए के तहत दर्ज अभियोक्ता के बयान का आलोचनात्मक मूल्यांकन नहीं कर सकता है।राजीव कौरव बनाम बाई साहब (2020) में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भरोसा करते हुए जस्टिस रजनीश ओसवाल ने कहा कि रणबीर संहिता की धारा 376 के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका को कायम नहीं रखा जा सकता है, "मैंने आवेदन की सामग्री के साथ-साथ धारा...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत शिकायत आकस्मिक दौरे के स्थानों पर दायर नहीं की जा सकती, इन्हें अस्थायी या स्थायी निवास के स्थान पर दायर किया जाना चाहिएः बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि घरेलू हिंसा की शिकायत उस स्थान पर दर्ज नहीं की जा सकती है, जहां महिला केवल आकस्मिक (कभी-कभी) रूप से आती-जाती है और घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 27 के तहत कार्यवाही उसके अस्थायी या स्थायी निवास के स्थान पर ही शुरू की जानी चाहिए। अदालत ने 'अस्थायी निवास' की व्याख्या की है, जिसके अर्थ में एक ऐसा स्थान जहां एक पीड़ित व्यक्ति ने अस्थायी रूप से अपना घर बनाने का फैसला किया है न कि एक लॉज या गेस्ट हाउस, जहां छोटी यात्राओं के दौरान निवास किया जाता है। न्यायमूर्ति एसके शिंदे...