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भाजपा विधायक नितेश राणे ने हत्या के प्रयास में अग्रिम जमानत की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक नितेश राणे ने महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में हत्या के कथित प्रयास के एक मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।एक सत्र अदालत ने पिछले हफ्ते विधायक और एक सह-आरोपी संदेश सावंत को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। कंकावली पुलिस ने उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307, 120 (बी) सहपठित धारा 34 के तहत मामला दर्ज किया है।राणे के खिलाफ मामला संतोष परब (44) की...
कर्नाटक के एडवोकेट जनरल प्रभुलिंग के नवदगी ने बेंगलुरु में ई-फाइलिंग केंद्र का उद्घाटन किया
कर्नाटक के एडवोकेट जनरल प्रभुलिंग के नवदगी ने सोमवार को डिजिटल फाइलिंग की सुविधा के लिए बेंगलुरु में हाईकोर्ट बिल्डिंग के बगल में पुराने के.जी.आई.डी कार्यालय में ई-फाइलिंग केंद्र का उद्घाटन किया।सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना में कहा गया था कि एक जनवरी, 2022 से केंद्र और राज्य सरकार के सभी विभागों और उसके संबद्ध कार्यालयों को इलेट्रोनिक माध्यम से अपने मामले/याचिकाएं और दस्तावेज दर्ज करने की आवश्यकता है। इसके लिए...
तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य में फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
तेलंगाना हाईकोर्ट ने तेलंगाना राज्य में फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (Facial Recognition Technology) के इस्तेमाल को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) याचिका में तेलंगाना राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति अभिनंद कुमार शाविली की पीठ द्वारा हैदराबाद के एक सामाजिक कार्यकर्ता एसक्यू मसूद द्वारा दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया गया है।याचिका में तर्क दिया गया है कि फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी कानून द्वारा समर्थित नहीं है और अनावश्यक, अनुपातहीन है। इसके...
लखीमपुर खीरी हिंसा: यूपी पुलिस ने स्थानीय अदालत में आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद करते हुए चार्जशीट दाखिल की
उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी के रूप में नामित करते हुए लखीमपुर की एक स्थानीय अदालत के समक्ष आरोप पत्र दायर किया।लोक अभियोजक एसपी यादव ने बताया कि 5,000 पन्नों की चार्जशीट में मामले में केंद्रीय मंत्री का नाम आरोपी के तौर पर नहीं है, लेकिन आशीष मिश्रा के रिश्तेदार वीरेंद्र शुक्ला का नाम आरोपी के तौर पर जोड़ा गया है।अगर कोर्ट यूपी पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट को स्वीकार कर लेती है तो हिंसा मामले में सुनवाई शुरू हो...
केरल हाईकोर्ट ने केईएएम के तहत पशु चिकित्सा और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10% आरक्षण बरकरार रखा
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में केरल इंजीनियरिंग आर्किटेक्चर एंड मेडिकल (केईएएम) के तहत पशु चिकित्सा और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए निर्धारित 10% आरक्षण को बरकरार रखा है।न्यायमूर्ति पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने यह देखते हुए रिट याचिका को बंद कर दिया कि एक सरकारी आदेश दिनांक 20.03.2020 ने उक्त आरक्षण को स्थापित किया और सरकारी प्लीडर के समर्थन के बाद कि यह राज्य का एक नीतिगत निर्णय था।चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने अदालत के निर्देशों के अनुसार एक हलफनामा भी...
वकीलों की हड़ताल- बार के सदस्य किसी के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए बैठक कर सकते हैं, लेकिन कोर्ट के कामकाज में बाधा डालने का अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि बार के सदस्य किसी भी सदस्य या किसी अन्य के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए बैठक करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन उन्हें न्यायालयों के कामकाज में बाधा डालने का अधिकार नहीं है।न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की खंडपीठ ने कमिश्नर कोर्ट बार एसोसिएशन, अयोध्या के अध्यक्ष और सचिव द्वारा बार-बार हड़ताल के लिए बिना शर्त माफी मांगने के लिए दायर हलफनामों पर विचार करते हुए यह टिप्पणी की।अनिवार्य रूप से बार-बार हड़ताल के कारण अतिरिक्त आयुक्त, फैजाबाद (प्रथम) अयोध्या डिवीजन,...
COVID-19 मामले: NCDRC चार जनवरी से 21 जनवरी, 2022 तक केवल वर्चुअल मोड से मामलों की सुनवाई करेगा
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने देश में हाल ही में COVID-19 मामलों में वृद्धि और विभिन्न सरकारों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के मद्देनजर चार जनवरी से 21 जनवरी, 2022 तक केवल वर्चुअल मोड से मामलों की सुनवाई करने का निर्णय लिया।आयोग के सदस्य राष्ट्रीय आयोग के परिसर से वर्चुअल कोर्ट की सुनवाई करेंगे। वहीं पक्षकारों को उनके मामलों में उपस्थित होने के लिए ऑनलाइन लिंक प्रदान किया जाएगा।संबंधित समाचारों में, COVID-19 मामलों में वृद्धि और ओमीक्रॉन वैरिएंट के कारण सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार से...
COVID-19 मामले: झारखंड हाईकोर्ट 14 जनवरी तक वर्चुअल मोड से सुनवाई करेगा
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य और राजधानी रांची में COVID-19 मामलों में उछाल को देखते हुए सोमवार यानी तीन जनवरी से वीसी मोड (वर्चुअल मोड) से कार्य करने का निर्णय लिया।इस संबंध में जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि न्यायालय ने मामलों को सूचीबद्ध करने के संबंध में मौजूदा व्यवस्था के अनुसार मामलों को केवल वर्चुअल मोड के माध्यम से लेने का निर्णय लिया। महापंजीयक और संयुक्त रजिस्ट्रार (न्यायिक) की लवाज़िमा अदालतें भी मामलों को केवल वर्चुअल मोड के माध्यम से ही लेंगी।इसके अलावा, कोर्ट-स्टाफ सहित संबंधित...
'जानकारी नहीं कि अतिक्रमण को रोकने के लिए विशेष कार्य बल का गठन किया गया या नहीं ': मद्रास हाईकोर्ट ने गलती करने वाले राज्य के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी
मद्रास हाईकोर्ट ने ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन की ओर से जारी लॉक एंड सील एंड डिमॉलिशन नोटिस के खिलाफ दायर एक रिट याचिका पर राज्य को याद दिलाया कि अदालत अतिक्रमण को रोकने के लिए एक स्थायी विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के गठन का आदेश पहले दे चुकी है।जस्टिस एस वैद्यनाथन और जस्टिस एए नक्कीरन की डिवीजन बेंच ने कहा कि 2016 की WP5076, 29 अप्रैल, 2019, में पारित आदेश में पहले ही सार्वजनिक भूमि के संरक्षण और रिकवरी के लिए गठित कर्नाटक टास्क फोर्स की तरह एसटीएफ के गठन का निर्देश सरकार को दिया गया है।अदालत के...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग पर नियमों की अधिसूचना जारी की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग, 2021 पर कर्नाटक हाईकोर्ट नियमों की अधिसूचना जारी की। उक्त नियम इसके पर्यवेक्षी अधिकार क्षेत्र वाले हाईकोर्ट और उन अदालतों और न्यायाधिकरणों पर एक जनवरी, 2022 से लागू होंगे। कोर्ट कार्यवाही में अधिक पारदर्शिता, समावेशिता और न्याय तक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए नियमों की अधिसूचना जारी की गई है।नियमों के अनुसार, "लाइव-स्ट्रीम या लाइव-स्ट्रीमिंग" का अर्थ इसमें एक लाइव टेलीविज़न लिंक, वेबकास्ट, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ऑडियो-वीडियो...
COVID-19 ओमिक्रॉन: बॉम्बे हाईकोर्ट हाइब्रिड मोड में सुनवाई करेगा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में COVID-19 के बढ़ते मामले और ओमिक्रॉन के कारण वकीलों और वादियों द्वारा अदालतों में भीड़ को कम करने के लिए मंगलवार से सुनवाई के लिए हाइब्रिड प्रणाली (वर्चुअल और फिजिकल) अपनाने का फैसला किया है।न्यायमूर्ति अमजद सैयद की अध्यक्षता में हुई बैठक में हाइब्रिड मोड में सुनवाई करने का निर्णय लिया गया। बैठक में महाराष्ट्र और नगर निकाय के विभिन्न बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।मुंबई में रविवार को 8000 से अधिक COVID-19 मामले दर्ज किए, जबकि पूरे राज्य में 50 ओमिक्रॉन...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायालय के काम के घंटे 30 मिनट बढ़ाने का फैसला किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फुल कोर्ट ने अपने समक्ष लंबित मामलों की विशाल संख्या से निपटने के प्रयास में अपने काम के घंटे 30 मिनट बढ़ाने का फैसला किया। इस आशय का मध्य प्रदेश हाईकोर्ट नियम, 2008 में संशोधन किया गया।इससे पहले हाईकोर्ट के कामकाज का समय सुबह 10.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक था। इसमें दोपहर 1.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक लंच टाइम था। संशोधनों के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट अब सुबह 10.15 बजे से शाम 4.30 बजे तक कार्य करेगा। इसमें अवकाश दोपहर 1.30 बजे से दोपहर 2.15 बजे तक रहेगा।हाईकोर्ट द्वारा जारी...
COVID-19 की तीसरी लहर: कलकत्ता हाईकोर्ट तीन जनवरी से वर्चुअल मोड से कार्य करेगा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने COVID-19 महामारी की आसन्न तीसरी लहर के खतरे और COVID-19 प्रभावित मामलों की संख्या में खतरनाक वृद्धि को देखते हुए तीन जनवरी से केवल वर्चुअल मोड से कार्य करने की अधिसूचना जारी की।कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव के एक आदेश के तहत इस आशय का एक नोटिस जारी किया गया।वर्चुअल मोड के साथ न्यायालय ने केवल जमानत से संबंधित मामलों में हाइब्रिड मोड से सुनवाई करने की अनुमति दी। जमानत मामलों में (पब्लिक प्रॉसीक्यूटर) सरकारी अभियोजकों को केस डायरी के साथ फिजिकल रूप से उपस्थित...
एक और मील का पत्थर: केरल हाईकोर्ट ने ई-फाइलिंग, पेपरलेस कोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ वर्चुअल ऑफिस की शुरूआत की
केरल हाईकोर्ट ने 1 जनवरी, 2022 को ई-फाइलिंग, पेपरलेस कोर्ट और ई-ऑफिस की सुविधाओं के साथ वर्चुअल ऑफिस परियोजना शुरू की है। यानी अब हाईकोर्ट में केस फाइलिंग इलेक्ट्रॉनिक मोड से होगी। हालांकि, इस आशय के एक नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वकीलों को अभी भी ई-फाइल किए गए मामलों की फिजिकल प्रतियों के दो सेट जमा करने होंगे। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि वकालत के मामले में स्कैन की हुई प्रति अपलोड की जानी चाहिए। दीवानी मामलों में मूल्यांकन मौजूदा प्रथाओं के अनुसार दिखाया जाएगा। सिविल...
COVID-19 की तीसरी लहर: इलाहाबाद हाईकोर्ट 3 जनवरी से मामलों की सुनवाई वर्चुअल मोड में करेगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य में COVID-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए मामलों की सुनवाई वर्चुअल मोड में करने का निर्णय लिया है।यह व्यवस्था कोर्ट के अगले आदेश तक लागू रहेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधा कांत ओझा और अवध बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार चौधरी ने लाइव लॉ से बात करते हुए पुष्टि की कि अदालत 3 जनवरी से अगले आदेश तक मामलों की सुनवाई वर्चुअल मोड में करेगी।गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति की मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता में हुई...
पूर्वाग्रह के आरोप के अभाव में सीआरपीसी की धारा 407 के तहत स्थानांतरण के मामले में हाईकोर्ट की शक्ति लागू नहीं की जानी चाहिए: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह कहा कि केवल मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर "पूर्वाग्रह" या "पूर्वाग्रह की संभावना" का अस्तित्व स्पष्ट होने जैसी असाधारण परिस्थितियों में ही हाईकोर्ट सीआरपीसी की धारा 407 के तहत अपनी विवेकाधीन शक्ति [मामलों और अपीलों को स्थानांतरित करने के लिए हाईकोर्ट की शक्ति] का प्रयोग कर सकता है।हाईकोर्ट ने इसके अलावा, जोर देकर कहा कि सीआरपीसी की धारा 407 निष्पक्ष सुनवाई का आश्वासन है।जस्टिस शील नागू और जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की खंडपीठ ने यह भी कहा कि एक वादी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ईयरली डाइजेस्ट 2021 पार्ट 3 : लिव इन रिलेशनशिप, तलाक, गैगस्टर मामलों पर महत्वपूर्ण निर्णय/आदेश
साल 2021 के बीतने के साथ लाइव लॉ आपके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण अपडेट का ईयरली राउंड-अप लेकर आया है। इस ईयरली डाइजेस्ट में 250 आदेश और निर्णय शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न विषय में विभाजित किया गया है। इसका पहला और दूसरा पार्ट प्रकाशित हो चुका है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ईयरली राउंड-अप का तीसरा भाग यहां पेश है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ईयरली डाइजेस्ट 2021 : प्रमुख ऑर्डर/जजमेंट पार्ट- 1इलाहाबाद हाईकोर्ट ईयरली डाइजेस्ट 2021 : प्रमुख ऑर्डर/जजमेंट पार्ट- 2एनएसए डिटेंशन/गुंडा एक्ट/गैंगस्टर एक्ट...
सुधार गृह से आरोपी लापता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने जेल अधिकारियों की रिपोर्ट से असंतुष्टी जताते हुए लापता व्यक्ति का पता लगाने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने विचाराधीन मामले में प्रेसीडेंसी सुधार गृह, पश्चिम बंगाल से लापता हुए आरोपी के संबंध में जेल अधीक्षक द्वारा दायर की गई प्रारंभिक रिपोर्ट से असंतुष्टी जाहिर की। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने गुरुवार को अधिकारियों को उस व्यक्ति का पता लगाने और मामले में एक और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।जस्टिस शंपा सरकार और जस्टिस बिभास रंजन डे की खंडपीठ बुद्धदेब भौमिक द्वारा दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें आरोप लगाया गया कि उसके पिता (आपराधिक मामले में एक आरोपी)...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ईयरली डाइजेस्ट 2021 : प्रमुख ऑर्डर/जजमेंट पार्ट- 2
साल 2021 के बीतने के साथ लाइव लॉ आपके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण अपडेट का ईयरली राउंड-अप लेकर आया है। इस ईयरली डाइजेस्ट में 250 आदेश और निर्णय शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न विषय में विभाजित किया गया है। इसका पहला पार्ट प्रकाशित हो चुका है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ईयरली राउंड-अप का दूसरा भाग यहां पेश है।इलाहाबाद हाईकोर्ट ईयरली डाइजेस्ट 2021 : प्रमुख ऑर्डर/जजमेंट पार्ट- 1संवैधानिक महत्व के मामले 1. विशेष विवाह अधिनियम के तहत भावी विवाह के नोटिस का प्रकाशन अनिवार्य करना निजता के अधिकार...
मुस्लिम पति को दूसरी महिला के साथ अपना कंसोर्टियम साझा करने के लिए पत्नी को मजबूर करने का कोई मौलिक अधिकार नहीं : गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में माना है कि मुस्लिम कानून के अनुसार, जैसा कि भारत में लागू है, एक पति को यह मौलिक अधिकार नहीं दिया गया है कि वह अपनी पत्नी को किसी अन्य महिला (पति की अन्य पत्नियों या अन्यथा) के साथ अपने कंसोर्टियम या संघ को सभी परिस्थितियों में साझा करने के लिए मजबूर कर सके। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस निराल मेहता की पीठ ने कहा कि वैवाहिक अधिकारों की बहाली के लिए पति द्वारा दायर एक मुकदमे में, एक महिला को अदालत की डिक्री के माध्यम से भी अपने पति के साथ रहने के लिए मजबूर नहीं...

















